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मामा भांजे ने युवती को अगवा कर 19 महीने किया दुष्कर्म

लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र में दरिंदगी का एक सनसनीखेज मामला उजागर हुआ है। दो दरिंदों (मामा भांजे) ने एक 20 साल की युवती को पहले तो अगवा किया और फिर अपनी एक महिला सहयोगी के साथ मिलकर पीड़ित युवती को 19 महीनों तक बंधक बना लगातार दुष्कर्म  करते रहे हैं। पेश है “भारतीय समाचार” की पड़ताल…

सरकारों एवं कानून की लाख बन्दिशों के बावजूद महिलाओं के प्रति अपराधों में लगातार बढ़ोत्तरी हो रही है। मामला प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम थाना क्षेत्र का है। यहॉ की रहने वाली एक 20 वर्षीय युवती के साथ जो कुछ हुआ, उसे सुनकर हर कोई दंग रह जायेगा। जानकारी के मुताबिक पड़ोस के ही एक युवक ने अपने मामा के सहयोग से पहले तो इस युवती का अपहरण किया और उसे 19 माह तक बंधक बनाकर रखा । इस दौरान मामा और भांजे उसके साथ लगातार बलात्कार करते रहे ।

गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करने के बाद भी पुलिस युवती को नहीं खोजी :-

मिली जानकारी अनुसार  फरवरी 2017 में पीड़ित युवती संदिग्ध तरीके से लापता हो गई थी। युवती के परिजनों ने जानकीपुरम थाने में शिकायत की तो पुलिस ने गुमशुदगी की रिपोर्ट तो दर्ज कर ली, लेकिन युवती की तलाश करना उचित नहीं समझा। जिससे आरोपी भी अपने मंसूबे में लगातार 19 महीने तक कामयाब  रहे। बीते दिनों किसी तरह युवती उन दरिंदों के चंगुल से भाग निकली और परिजनों व पुलिस को आप बीती बताई। लेकिन अब भी यह हैरान करने वाली ही बात है कि जानकीपुरम थाना पुलिस ने एक माह बीत जाने के बावजूद भी आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया है।

पीड़िता की दर्द भरी दास्तां:-

पीड़ित युवती के मुताबिक कि 17 फरवरी 2017 को वह अपने घर से थोड़ी ही दूरी पर कूड़ा फेंकने गई थी। इस दौरान पड़ोस के ही रहने वाले प्रवेश व उसके मामा अरविंद ने उसे अगवा कर लिया। इसके बाद दोनों उसे बख्शी का तालाब इलाके के एक घर में ले गए।  वहॉ एक महिला सहयोगी के साथ मिलकर उन्होंने युवती को बंधक बनाये रखा। बकौल पीड़िता, दोनों मामा-भांजे उसके साथ रोजाना हैवानियत करते थे। विरोध करने पर वे उसकी पिटाई की जाती और तरह तरह की यातनाएं भी उसे भुगतनी पड़ती थी। यहाँ तक की युवती को चारपाई में बांध दिया जाता था और  भूखा प्यासा भी रखा जाता था। वहीँ सहयोगी महिला दोनों आरोपियों का बलात्कार करने और यातनाएं देने में पूरा साथ देती थी।

आरोपी युवती को जान से मारने की देते रहे धमकी:-

पीड़ित युवती  का कहना है कि 31 अगस्त 2018 को वह महिला उसे छठा मील छोड़ गई और किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी। जिसके बाद पीड़िता ने एक अनजान शख्स से फोन लेकर अपने भाई को फोन कर  मामले की जानकारी दी। आरोप है कि भाई ने जानकीपुरम पुलिस को बताया तो पुलिस ने उसके साथ जाने से मना भी कर दिया, जिसके बाद वह अकेला ही बहन को लेने गया और सीधे उसे लेकर जानकीपुरम थाने पहुंचा। थाने पहुंची पीड़िता ने पूरी दास्तां मुकामी पुलिस समेत अपने परिजनों को बताई। युवती की दर्दनाक कहानी सुनकर परिजनों के होश उड़ गए।

सभी से लगाई न्याय की गुहार:-

वहीँ पीड़िता के भाई का कहना है कि पहले तो बहन की तलाश के लिए उसने मुकामी थाना से लेकर सीएम दफ्तर और तमाम अफसरों समेत क्षेत्रीय विधायक और सांसद तक से अपनी बहन को न्याय दिलाने की गुहार लगाई। लेकिन किसी ने साथ नहीं दिया, बल्कि सबने सिर्फ आश्वासनों की घुट्टी ही पिलाई। अब सच्चाई सामने आने के बाद भी वह तमाम अफसरों के चक्कर काट चुका है, लेकिन आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। एएसपी टीजी से लेकर एसएसपी लखनऊ व जिलाधिकारी तक से उसने लिखित शिकायत की है।

मिला सिर्फ कार्रवाई का कोरा आश्वासन:-

इस घटना के संबंध में इंस्पेक्टर जानकीपुरम ने बताया कि मामले के विवेचक का बीच में तबादला हो गया था, इस वजह से कार्रवाई में विलंब हुआ। हाल में ही विवेचना नए इंस्पेक्टर को सौंपकर जल्द कार्रवाई के निर्देश दिए गए है। वहीं जब सीओ अलीगंज से उनके सीयूजी नंबर पर उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई तो उनका फोन ही रिसीव नहीं हुआ। जबकि एएसपी टीजी हरेंद्र कुमार का कहना है कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।

डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रूपया, 74.06 के स्तर पर हुआ बंद

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का दौर लगातार जारी है। सोमवार को डॉलर के मुकाबले रूपया गिरकर अपने सबसे निचले स्तर 74.06 पर जा पहुंचा। वहीँ विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी के चलते सोमवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 14 पैसे गिरकर 73.90 पर खुला था। जबकि बीते  शुक्रवार को रुपया दिन में डॉलर के मुकाबले  74 के नीचे जाने के बाद अंत में 18 पैसे की गिरावट के साथ 73.76 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। 

मुद्रा बाजार के जानकारों के मुताबिक, चीन के केंद्रीय बैंक द्वारा घरेलू नीति को आसान बनाए जाने से अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर मजबूत हुआ है।जिससे रूपया भी प्रभावित  है। दरअसल चीन के केंद्रीय बैंक ने 15 अक्टूबर से आरक्षित आवश्यक अनुपात (आरआरआर) में एक फीसदी की कमी लाने का फैसला किया है। जिसके फलस्वरूप चीन की  बैंकिंग प्रणाली में 109.2 अरब डॉलर की अतिरिक्त राशि जुड़ेगी।

डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट का दौर बीते कुछ दिनों से लगातार जारी है। बीते शुक्रवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 18 पैसे टूटकर 73.76 पर बंद हुआ था। जबकि दिन में कारोबार के समय यह 74.23 के अपने सबसे  निचले स्तर पर पहुंच गया था। वहीँ दूसरी तरफ विदेशी निवेशकों द्वारा पिछले चार कारोबारी सत्र में बाजारों से 9,300 करोड़ रुपये निकाले जाने से शेयर बाजार में भी गिरावट देखने को मिल रही है। जिसके चलते सोमवार को सेंसेक्स में 301.37 और निफ्टी में 105.35 अंकों की  गिरावट दर्ज की गई।

योगी करेंगे मन्दिर में कलश की स्थापना, रखेंगे नौ दिन का अखण्ड व्रत

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर तथा हिन्दू युवा वाहिनी के मुख्य संरक्षक महंत योगी आदित्यनाथ शारदीय नवरात्र की प्रतिपदा को गोरखनाथ मन्दिर स्थित शक्ति मन्दिर में ब्राह्मणों की वैदिक मन्त्रोच्चार के बीच कलश की स्थापना करेंगे।

गोरखनाथ मन्दिर प्रबन्धन ने 10 अक्टूबर से शुरू हो रहे नवरात्र के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी हैं।मन्दिर से जुड़े सूत्रों मुताबिक खबर मिली है की इस दौरान गोरक्षपीठाधीश्वर शक्ति की उपासना के साथ नौ दिन का अखण्ड व्रत भी रखेंगे।व्रत दौरान योगी जी फलाहार रहेंगे,लेकिन पूरे नौ दिन वे सिर्फ फल और गौदुध का ही सेवन करेंगे।

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी नौ अक्टूबर की रात लखनऊ अपने कैम्प कार्यालय से वापस गोरखनाथ मन्दिर आ जाएंगे।मन्दिर की परम्परानुसार 10 अक्टूबर की शायं 5 बजे मन्दिर में कलश की शोभा यात्रा निकाली जाएगी। गोरक्षपीठाधीश्वर की अगुआई में मन्दिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ जी समेत गोरखनाथ मन्दिर के अन्य सभी पुजारी और वेद पाठक छात्र कलश यात्रा में पारम्परिक वेश भूषा में शामिल होंगे।वेद मंत्रों के उच्चारण के बीच निकाली जाने वाली यह शोभा यात्रा मुख्य मन्दिर से निकल कर मन्दिर परिसर स्थित भीम सरोवर तक जाएगी।जहां कलश में जल भरने के बाद कलश को शक्ति मन्दिर में वैदिक मंत्रों की एक एक ऋचाओं के बीच पूजा अर्चना कर स्थापित कर दिया जाएगा। अगले दिन गुरुवार (11/10/018) को मुख्यमंत्री मन्दिर से लखनऊ लौट जाएंगे।श्री योगी की गैर मौजूदगी में गोरखनाथ मन्दिर में नवरात्र की प्रतिपदा से नवमी तिथि तक “श्रीमद्देवीभागवत” कथा एवं “दुर्गा सप्तशती” का पाठ शायं 4 बजे से 6 बजे तक किया जाएगा।

16 को होगी महानिशा की पूजा:-

16 अक्टूबर की रात महानिशा की पूजा की जाएगी।अष्टमी तिथि 16 अक्टूबर की ही रात लग जाएगी।अन्य देवी भक्त अष्टमी की पूजन सूर्योदय बाद 17 अक्टूबर को करेंगे। लेकिन मन्दिर की पुरानी परम्परा मुताबिक हियुवा के मुख्य संरक्षक महंत श्री योगी 16 अक्टूबर की रात महानिशा पूजन एवं हवन शक्ति मन्दिर में ही करेंगे।इसके लिए वे 16 की देर शाम तक मन्दिर पहुंच जाएंगे,तथा 17 को भी मन्दिर में पूजन अर्चन करेंगे।

योगी करेंगे मन्दिर में कन्या पूजन :-

18 अक्टूबर को महानवमी पूरे श्रद्धा एवं आस्था के साथ मनाई जाएगी।इस दिन गोरक्षपीठाधीश्वर महंत श्री योगी जी शक्ति मन्दिर में अपराह्न करीब 12 बजे नौ कन्याओं का पाँव पखार कर पूजन – अर्चन करेंगे और अपनी हाथों से भोज कराएंगे।इसके बाद वस्त्र और दक्षिणा देकर सम्मान उनकी विदाई करेंगे।

योगी जी श्रीराम चन्द्र जी का राज्याभिषेक करेंगे:-

मानसरोवर स्थित रामलीला मैदान में होने वाले रामलीला कार्यक्रम में पहुंच कर योगी जी मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम चन्द्र जी का राज तिलक कर आरती उतारेंगे।रावण बध कार्यक्रम में शामिल होने के पश्चात शोभा यात्रा पुनः गोरखनाथ मन्दिर वापस लौट आएगी।शाम 7 बजे गोरखनाथ मन्दिर परिसर में साधु सन्तों , ब्राह्मणों एवं निर्धन नारायणों के साथ सहभोज कार्यक्रम में भी वे मौजूद रहेंगे।अगले दिन 20 अक्टूबर को मुख्यमंत्री लखनऊ लौट जाएंगे।

विजयादशमी को होगा श्रीनाथ जी का विशिष्ट पूजा:-

विजयादशमी (19 अक्टूबर) के दिन सुबह 9:25 बजे योगी जी गोरखनाथ मन्दिर में श्रीनाथ जी की पूजन अर्चन करेंगे।इस दिन नाथ सम्प्रदाय के साधु सन्त एवं भक्त श्रद्धालु तिलक हाल में योगी आदित्यनाथ जी का तिलक कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।तिलक कार्यक्रम अपराह्न 1 से 3 बजे तक चलेगा।उसके बाद योगी जी खुली जिप में सवार होकर अपराह्न 4 बजे श्री मानसरोवर मन्दिर जाएंगे।जहां देवाधिदेव महादेव भोलेनाथ समेत सभी देवी देवताओं की पारम्परिक पूजन अर्चन करेंगे।

(शिवरतन कुमार गुप्ता (राज़) की रिपोर्ट)

10 अक्टूबर से शारदीय नवरात्र प्रारम्भ, ऐसे करें मां दुर्गा की आराधना

इस वर्ष शारदीय नवरात्र का प्रारम्भ 10 अक्टूबर बुधवार से शुरू हो रहा है।चित्रा नक्षत्र एवं वैधृति योग में नवरात्र आरम्भ होने के कारण नवरात्र की कलश स्थापना अभिजीत मुहूर्त मध्याह्न 11 बजकर 36 मिनट से लेकर 12 बजकर 24 मिनट के बीच में किया जाएगा।

आदिशक्ति माँ जगदम्बा को समर्पित यह नवरात्र पर्व माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की विभिन्न मुद्राओं में पूजा पांडालों में प्रदर्शित किया जाएगा।महाष्टमी तिथि का व्रत 17 अक्टूबर बुधवार को किया जाएगा। महानवमी का व्रत एवं नवरात्र की अनुष्ठान की समाप्ति एवं हवन भी इसी दिन 18 अक्टूबर बृहसप्तिवार को किया जाएगा।हवन इत्यादि कार्यक्रम दिन में 2 बजकर 31 मिनट तक ही किए जाएंगे,चूंकि दिन में नवमी तिथि की समाप्ति हो रही है। इसलिए नवरात्र व्रत का पारण भी इसी दिन (18 अक्टूबर) को 2 बजकर 32 मिनट के उपरांत (दशमी तिथि में) किया जाएगा।विजयादशमी का पर्व 19 अक्टूबर शुक्रवार को मनाया जाएगा और इसी दिन अपनी परम्परानुसार दुर्गा प्रतिमाओं का विसर्जन भी क्षेत्र के प्रसिद्ध जलाशयों एवं नदियों में किया जाएगा।पक्षांत 24 अक्टूबर को स्वाति नक्षत्र का सूर्य रात को 12 बजकर 34 मिनट पर आएगा इसमें जहां तहां हल्की से मध्यम बारिश की सम्भावना है।

देवीभागवत पुराण के मुताबिक नवरात्र में विधि एवं विधान से हृदय में माँ जगत जननी को धारण कर मां भगवती की आराधना एवं पूजन-अर्चन व जप करने पर साधक तथा याचक के लिए कुछ भी अगम्य नहीं रहता है। माता दुर्गा के 9 रूपों का उल्लेख श्री दुर्गा-सप्तशती के कवच में है जिनकी साधना करने से विभिन्न फल की प्राप्ति होती हैं।

कई साधक अपनी – अपनी आवश्यकता मुताबिक अलग-अलग तिथियों को (जिस देवी की हैं) , उनकी साधना करते हैं। जैसा की इसका विस्तार से चर्चा हम “भारतीय समाचार” के द्वारा देवी भक्तों से करने की कोशिश करते हैं। प्रतिपदा से नवमी तक जानिए देवी के विभिन्न नौ स्वरूप एवं इनके मंत्र…

(1) माता शैलपुत्री : प्रतिपदा के दिन इनका पूजन-जप एवं अर्चन किया जाता है। मूलाधार में ध्यान कर इनके मंत्र को जपते हैं। धन-धान्य-ऐश्वर्य, सौभाग्य-आरोग्य तथा मोक्ष के देने वाली माता मानी गई हैं।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं शैलपुत्र्यै नम:’

(2) माता ब्रह्मचारिणी : स्वाधिष्ठान चक्र में ध्यान कर इनकी साधना की जाती है। संयम, तप, वैराग्य तथा विजय प्राप्ति की दायिका हैं।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नम:’

(3) माता चन्द्रघंटा : मणिपुर चक्र में इनका ध्यान किया जाता है। कष्टों से मुक्ति तथा मोक्ष प्राप्ति के लिए इन्हें भजा जाता है।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चन्द्रघंटायै नम:’

(4) माता कूष्मांडा : अनाहत चक्र में ध्यान कर इनकी साधना की जाती है। रोग, दोष, शोक की निवृत्ति तथा यश, बल व आयु की दात्री मानी गई हैं।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कूष्मांडायै नम:’

(5) माता स्कंदमाता : इनकी आराधना विशुद्ध चक्र में ध्यान कर की जाती है। सुख-शांति व मोक्ष की दायिनी हैं।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं स्कंदमातायै नम:’

(6) माता कात्यायनी : आज्ञा चक्र में ध्यान कर इनकी आराधना की जाती है। भय, रोग, शोक-संतापों से मुक्ति तथा मोक्ष की दात्री हैं।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कात्यायनायै नम:’

(7) माता कालरात्रि : ललाट में ध्यान किया जाता है। शत्रुओं का नाश, कृत्या बाधा दूर कर साधक को सुख-शांति प्रदान कर मोक्ष देती हैं।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं कालरात्र्यै नम:’

(8) माता महागौरी : मस्तिष्क में ध्यान कर इनको जपा जाता है। इनकी साधना से अलौकिक सिद्धियां प्राप्त होती हैं। असंभव से असंभव कार्य पूर्ण होते हैं।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं महागौर्ये नम:’

(9) माता सिद्धिदात्री : मध्य कपाल में इनका ध्यान किया जाता है। सभी सिद्धियां प्रदान करती हैं।

मंत्र- ‘ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्यै नम:’

पूजा विधान- कलश स्‍थापना, देवी का कोई भी चित्र संभव हो तो यंत्र प्राण-प्रतिष्ठायुक्त तथा यथाशक्ति पूजन सामग्री (जौ,काला तिल, नेवैद्य ,धूप,गूगल,कपूर,अगरबत्ती,कमल गट्टे का 108 दाना बीज,सुखा नारियल ,जलदार नारियल,लाल कपड़ा, इत्र,लाल फूल सम्भव हो तो गुड़हल का फूल,पिला या नारंगी गेंदा का फूल,तिल का तेल,केशर युक्त लाल चन्दन,पान एवं बिल्व पत्र,दुर्बा,आम्र पत्र,गन्ना का टुकड़ा,सिंदूर केवल महिलाओं के लिए,खड़ा सुपारी,पिसी हल्दी,खड़ी हल्दी,गरी गोला,ऋतुनुसार मौसमी फल,गौ दूध,गौदधि,चांदी सिक्का,मेवा,आरती) इत्यादि तथा रुद्राक्ष की माला से जप संकल्प आवश्यक है।

जप के पश्चात अपराध क्षमा स्तोत्र यदि संभव हो तो अथर्वशीर्ष, देवी सूक्त, रात्र‍ि सूक्त, कवच तथा कुंजिका स्तोत्र का पाठ पहले करें। गणेश पूजन आवश्यक है। ब्रह्मचर्य, सात्विक भोजन करने से सिद्धि सुगम हो जाती है।

नोट:- नवरात्र प्रारम्भ से अंतिम तिथि तक सम्भव हो तो चारपाई या तख्त पर न सोकर जमीनी आसनी पर सोएं तथा घर में लहसुन,प्याज वर्जित रखें।तेल , साबुन , खुश्बू निषेध माना जाता है। ब्रह्ममुहूर्त में स्नान एवं ध्यान का समय सर्वोत्तम माना गया है।

( शिवरतन कुमार गुप्ता, महराजगंज )

दालचीनी है गुणों की खान, हृदय की धमनियों को बनाती है मजबूत

दालचीनी लगभग हर किसी के घर के किचन में आसानी से मिल जाती है। दालचीनी का इस्तेमाल खाने को स्वादिष्ट बनाने के लिए ही किया जाता है और इसके इस्तेमाल करने से खाना भी स्वादिष्ट बनता है। दालचीनी अपने नाम के साथ कई औषधीय गुणों का भी भण्डार है,लेकिन लोग दालचीनी के औषधीय गुणों कर बारे में नहीं जानते है,तो आइए हम आपको बताते हैं इसके औषधीय गुण :-

1:- गर्म पानी के साथ दालचीनी का सेवन करने से शरीर को फायदे तो होते ही है साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है क्योंकि दालचीनी में ऐसे कई सारे गुण होते है जो शरीर के सेल्स को पोषण देने का काम करते है।

2:- दालचीनी में ऐसे कई सारे गुण होते है जो कब्ज़ की समस्या को भी दूर करते है. अगर आपको भी खाना खाने के बाद कब्ज़ की समस्या होती है तो भोजन के बाद दालचीनी पावडर का सेवन करे. ऐसा करने से कब्ज़ की समस्या दूर हो जाएगी।

3:- दांतों के दर्द को कम करने के लिए भी दालचीनी काफी फायदेमंद होता है बस दालचीनी को पीस कर पाउडर बना ले और अपने दांतो में भर ले ऐसा करने से दांतों का दर्द कम हो जायेगा।

4:- दालचीनी के अंदर कुछ ऐसे भी तत्व पाए जाते हैं जो कैंसर की कोशिकाओं को शरीर के अंदर बनने ही नहीं देते हैं।

5:- दालचीनी तथा एक चम्मच शहद मिलाकर उसे पीने से कब्ज और एसिडिटी जैसी परेशानियों से छुटकारा मिल जाता है।

6:- दालचीनी का उपयोग करने के लिए आपको दालचीनी का पाउडर शहद के साथ चाटना चाहिए इससे आपके हृदय की नसे (धमनियां) काफी मजबूत होती हैं। 

7:- दालचीनी पावडर मिले दूध को पीने से व्यक्ति की अनिद्रा जड़ से खत्म हो जाती है।

( शिवरतन कुमार गुप्ता )

5 राज्यों में विधानसभा चुनाव की तारीखों का हुआ ऐलान, 11 दिसंबर को होगी मतगणना

चुनाव आयोग ने 5 राज्‍यों छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। चुनाव आयोग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में 12 नवंबर और 20 नवंबर को दो चरणों में मतदान होगा। वहीँ मध्यप्रदेश और मिजोरम में 28 नवंबर, तेलंगाना और राजस्थान में  7 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। इन सभी राज्यों में वोटों की गिनती 11 दिसंबर को होगी। चुनाव आयोग की घोषणा के साथ ही इन पांचों राज्यों में चुनाव आचार संहिता लागू हो गई है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ओपी रावत ने जानकारी देते हुए बताया कि 15 दिसंबर से पहले चुनावी प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी। साथ ही उन्होंने चुनाव में आधुनिक ईवीएम व वीवीपैट का इस्तेमाल और मतदान की वीडियोग्राफी भी कराये जाने की बात कही।

चुनाव आयोग के मुताबिक छत्तीसगढ़ में पहले चरण के  तहत 18 विधानसभा सीटों पर होने वाले मतदान के लिए 16 अक्तूबर को अधिसूचना जारी होगी। जबकि नामांकन पत्र भरने की अंतिम तारीख 23 अक्तूबर होगी। वहीँ 26 अक्तूबर तक प्रत्याशी अपना नामांकन वापस ले सकेंगे। वही दुसरे चरण के तहत राज्य की 72 विधानसभा सीटों पर होने वाले मतदान के लिए चुनाव आयोग 26 अक्तूबर को अधिसूचना जारी करेगा। जिसके बाद 2 नवम्बर तक प्रत्याशी अपना नामांकन पत्र दायर कर सकेंगे, जबकि नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 5 नवम्बर होगी। 

वहीँ दूसरी तरफ मध्य प्रदेश की 230 विधानसभा सीटों पर 28 नवंबर को मतदान होगा। मध्यप्रदेश में नामांकन की अंतिम तारीख 9 नवम्बर निश्चित की गई है जबकि 14 नवम्बर तक नामांकन वापस लिए जा सकतें हैं। पूर्वोत्तर के राज्य मिजोरम में भी मध्य प्रदेश के साथ ही मतदान कराया जाएगा। 

200 गांव और 20 वार्डों में छाया अंधेरा, 48 घण्टे से ठप्प है बिजली सप्लाई

महराजगंज: बैकुण्ठपुर विद्युत उपकेन्द्र का बंसवार जलने से जिले के 200 गांव और 20 वार्डों में अधेरा छाया हुआ है। वहीँ विभागीय अधिकारियों ने जल्द से जल्द बंसवार ठीक होने की उम्मीद जताई है। दरअसल  बैकुण्ठपुर विद्युत उपकेन्द्र से महराजगंज जिला मुख्यालय की फीडर और जलकल फीडर के साथ देहात क्षेत्र के चेहरी,चौक,इमिलिया,शिकारपुर और मिठौरा फीडर को बिजली आपूर्ति होती है। जिससे इन फीडरों से नगर पालिका के करीब 20 वार्डों के साथ साथ 200 गांवों के लोग बिजली की रोशनी में खाना खाते हैं।

बताया जा रहा है कि 4 अक्तूबर की सुबह  बैकुण्ठपुर विद्युत उपकेन्द्र के इनकमिंग ब्रेकर में एक सांप और चूहे के प्रवेश करने से हुई स्पार्किंग से बंसवार में आग लग गई। लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता उससे पहले ही उपकेन्द्र के सभी केबल धू धू कर जल उठे। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक बंसवार के केबल ठीक करने में करीब अगले 24 घण्टे और लग सकते हैं।

विद्युत वितरण खण्ड प्रथम के एक्सईएन हरिशंकर के मुताबिक बैकुण्ठपुर विद्युत उपकेन्द्र के जले केबल ठीक होने में 24 घण्टे का वक्त लग सकता है।उम्मीद की जा रही है कि शुक्रवार देर शाम तक उपकेन्द्र से जुड़े सभी सात फीडरों को  बिजली आपूर्ति बहाल की जा सकेगी।

(शिवरतन कुमार गुप्ता (राज़) की रिपोर्ट )

मायावती ने कांग्रेस को दिया जोर का झटका, मध्य प्रदेश और राजस्थान में अकेले लड़ेंगी चुनाव 

बहुजन समाजपार्टी (बीएसपी) सुप्रीमो मायावती ने मध्य प्रदेश और राजस्थान के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस को बड़ा झटका दिया है। मायावती ने ऐलान करते हुए कहा है कि बीएसपी मध्य प्रदेश और राजस्थान में अपने दम पर चुनाव लड़ेगी। इसके साथ ही मायावती ने कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर लग रही अटकलों को भी ख़ारिज कर दिया है। 

जहाँ एक तरफ विपक्षी दल 2019 लोकसभा चुनावों में बीजेपी का मुकाबला करने करने के लिए ‘महागठबंधन’ पर जोर दे रहें हैं, वहीँ मायावती के ऐलान से महागठबंधन की उम्मीदें धराशायी होती दिख रहीं है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह पर हमलवार होते हुए मायावती ने कहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और सोनिया गांधी की  बीएसपी के साथ गठबंधन की मंशा इमानदार है, लेकिन कांग्रेस के कुछ नेता बीएसपी से गठबंधन के पक्ष में  नहीं हैं। 

दरअसल बीते दिनों दिग्विजय सिंह ने कहा था कि मायावती पर सीबीआई और ईडी का दबाव है, जिसकी वजह से मायावती कांग्रेस के साथ नहीं आ रही हैं। जिसके बाद बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने न सिर्फ गठबंधन से खुद को अलग किया, बल्कि दिग्विजय सिंह को बीजेपी का एजेंट तक करार दे दिया।  साथ ही कांग्रेस पर बीएसपी को ख़त्म करने का आरोप लगाते हुए मायावती ने कहा किअगर कांग्रेस पार्टी को लगता है कि वो बीजेपी को अकेले हरा देगी, तो यह उसकी भूल है। लोगों ने कांग्रेस को उसके भ्रष्टाचार के लिए अभी भी मांफ नहीं किया है। 

फ्रांसिस अर्नोल्ड, जॉर्ज पी स्मिथ और सर ग्रेगॅरी पी विंटर को मिला रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार

अमेरिकी  वैज्ञानिक  फ्रांसेस अर्नोल्ड, जार्ज स्मिथ और  ब्रिटेन के  ग्रेगरी विंटर को साल 2018 में  रसायन विज्ञान के नोबेल पुरस्कारों  के लिए चुना गया है। रॉयल स्वीडिश अकैडमी ऑफ साइंसेज के मुताबिक इन  हस्तियों ने एंजाइम्स और ऐंटीबॉडीज को विकसित करने के लिए क्रमिक विकास की शक्ति का इस्तेमाल किया है। जिससे नए फार्मास्युटिकल और बायोफ्युल का निर्माण हुआ है। 

कैलिफॉर्निया इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी की फ्रांसिस एच ऑर्नल्ड को एंजाइम्स के पहले निर्देशित विकास के लिए पुरस्कार  का आधा हिस्सा दिया गया है। उनके इस प्रयास से और अधिक पर्यावरण अनुकूल रसायनों का निर्माण हुआ है जिनमें ड्रग्स और नवीनीकृत ईंधन शामिल हैं।  जबकि  जॉर्ज स्मिथ और कैम्ब्रिज की एमआरसी लैबरेटरी एवं मॉलिक्यूलर बायॉलजी के सर ग्रेगॅरी पी विंटर को पुरस्कार का बाकी का हिस्सा दिया गया है। स्मिथ ने प्रोटीन के विकास के नए तरीके का ईजाद किया है, जबकि विंटर ने नई दवाइयों के उत्पादन को ध्यान में रखते हुए ऐंटीबॉडीज के विकास के सिद्धांत का इस्तेमाल किया। 

वहीँ इससे पहले अमेरिका के जेम्स एलिसन और जापान के तासुकू होन्जो को संयुक्त रूप से चिकित्सा के क्षेत्र में, अमेरिका के आर्थर अश्किन , फ्रांस के जेरार्ड मोउरो और कनाडा की डोना स्ट्रिकलैंड को संयुक्त रूप से भौतिक विज्ञान में नोबेल पुरस्कारों के लिए चुना गया है।
महान वैज्ञानिक अल्फ्रेड नोबेल की याद में नोबेल पुरस्कार शुरू किए गए थे।  हर साल नोबेल पुरस्कार  ‘रॉयल स्वीडिश एकेडमी ऑफ साइंसेस’, ‘द स्वीडिश एकेडमी’, ‘द कारोलिंस्का इंस्टीट्यूट’ और ‘द नॉर्वेजियन नोबेल कमिटी’ द्वारा उन   व्यक्तियों और संस्थाओं को दिया जाता है, जिन्होंने अर्थशास्त्र, भौतिकशास्त्र, रसायनशास्त्र, चिकित्साशास्त्र, साहित्य और शांति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया हो।

गीर में शेरों की मौत का सिलसिला लगातार जारी, 18 दिन में 21 की मौत

गुजरात के गीर में शेरों की मौत का सिलसिला लगातार जारी है। यहाँ बीते 18 दिनों में रहस्यमय तरीके से 21 शेरों की मौत के मामले सामने आये है। वन विभाग ने इसके पीछे आपसी संघर्ष और अज्ञात बीमारी की आशंका से इंकार नहीं किया है। वहीँ इसके पहले तंजानिया में एक वायरस की चपेट में आने से 1994 में 1000 शेरों की मौत हो गई थी। 

आंकड़ों  के मुताबिक बीते 2 सालों में गीर के जंगलों में  84 शेरों की मौत हो चुकी है। जिसके चलते केंद्र सरकार ने एक कमिटी का भी गठन किया है। बीते दिनों इसी मामले पर गुजरात हाईकोर्ट में एमिकस क्युरी ने गीर सेंचुरी को ज्यादा विस्तार देने पर जोर दिया था। साथ ही शेरों के अप्राकृतिक मौत के मामले में दर्ज हुए केस को फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाने की मांग की थी। रिपोर्टस  के मुताबिक , शेर के एक गुट को 260 स्क्वेयर मीटर विस्तार की जरूरत होती है।