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Happy New Year 2018: जश्न में डूबी दुनिया, यहाँ शुरू हुआ नये साल का जश्न

साल 2017 की विदाई के साथ ही पूरी दुनिया 2018 के स्वागत और जश्न में डूब गई है। वहीं भारत में नये साल के आगाज के लिए कुछ घंटो का समय है लेकिन दुनिया के कई देशों में नये साल 2018 का आगाज हो चुका है।

भारत में भी नये साल का जश्न मनाने के लिए लोगों ने पूरी तैयारी कर ली है। पूरी दुनिया में लोग नये साल का स्वागत आतिशाबाजी और पूरी उमंग के साथ करने को तैयार है।

सबसे पहले न्यूजीलैंड में लोगों ने नये साल का जश्न मनाना शुरू कर दिया है। वहां रात के 12 बजते ही ऑकलैंड में शानदार आतिशबाजी हुई जिसके बाद लोग पार्टी और जश्न मनाने में जुट गए।

न्यूजीलैंड के बाद ऑस्ट्रेलिया के सिडनी में आतिशबाजी के साथ नये साल 2018 का स्वागत किया गया है।

भारत में नये साल के दस्तक देने में अभी कुछ घंटो का समय बचा है।

इसलिए मुंबई में लोग मरीन ड्राइव पर बड़ी संख्या में पहुंचे और  2017 के आखिरी सूर्यास्त को अपनी यादों में हमेशा के लिए कैद कर लिया।

2018 में रफ्तार पकड़ेगा भारत का टेलिकॉम सेक्टर

साल 2017 में भारत ने मोबाइल डेटा इस्तेमाल में अमेरिका और चीन के कुल डेटा कंजंप्शन को भी पीछे छोड़ दिया। 2017 में टेलिकॉम सेक्टर की कहानी पूरी तरह बदल गई, कंपनियों में टैरिफ वॉर चली और कॉल दरें तो लगभग फ्री तक हो गईं। डेटा की बढ़ती मांग को देखते हुए 2018 में सेक्टर की ग्रोथ नई रफ्तार पकड़ेगी और अगले दो सालों में करीब 3 लाख करोड़ रुपये निवेश टेलिकॉम सेक्टर में होने का अनुमान है।भारत के टेलिकॉम सेक्टर में 2017 बदलाव वाला साल रहा और साल के अंत तक मार्केट में केवल तीन बड़े प्लेयर्स बचे। माहौल कुछ ऐसा बन गया है कि टेलिकॉम सेक्टर में केवल वही कंपनियां बची रह सकती हैं जो बड़ा पैसा इन्वेस्ट कर सकती हैं। एक तरफ टाटा ने अपना टेलिकॉम बिजनस भारती एयरटेल को बेच दिया वहीं पिछले साल मार्केट में एंट्री लेने वाली मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो ने छोटे भाई की कंपनी आरकॉम का वायरलेस नेटवर्क खरीदा। 

 
दूसरी तरफ वोडाफोन इंडिया और आइडिया सेलुलर ने एक होकर देश के सबसे बड़ा मोबाइल ऑपरेटर बनने का निर्णय लिया। एयरटेल ने टेलिनॉर की भारतीय कंपनी टेलिनॉर को खरीदने के अलावा तिकोना भी खरीदा। टेलिकॉम सेक्रटरी अरुणा सुंदराजन ने 2017 और 2018 में इंडस्ट्री के बारे में कहा, ‘2017 टेलिकॉम सेक्टर में कंपनियों के एक होने का रहा वहीं अगला साल सेक्टर की ग्रोथ का होगा।’ भारत का टेलिकॉम सेक्टर चीन के बाद दूसरे नंबर पर है। 

जियो की एंट्री से कॉल दरें जहां मुफ्त होने तक के स्तर तक नीचे आ गई वहीं ग्राहकों के एक बड़े वर्ग ने पहली बार सस्ती दरों पर 4जी डेटा, सस्ते 4जी मोबाइल हैंडसेट जैसे अनदेखे सपनों को पूरा होते देखा। विश्लेषकों का कहना है कि यह साल भारतीय टेलिकॉम सेक्टर और कस्टमर्स के बारे में कई मिथकों को तोड़ने वाला रहा। एक बड़ा मिथक तो यह टूटा कि फीचर फोन बहुल भारतीय बाजार नई टेक्नॉलजी को नहीं अपनाएगा।


रिपोर्ट के अनुसार इस समय 80 प्रतिशत भारतीय इंटरनेट का इस्तेमाल स्मार्टफोन के जरिए कर रहे हैं। अमेरिकी वेंचर कैपिटल फर्म केपीसीबी की पार्टनर मैरी मीकर ने अपनी ताजा रिपोर्ट में भारतीय टेलिकॉम इंडस्ट्री में ताजा बदलावों को रेखांकित किया है। इसके अनुसार ऐंड्रॉयड फोन पर बिताए जाने वाले समय के लिहाज से चीन को छोड दें तो भारत दुनिया में पहले स्थान पर है। देश में एक जीबी इंटरनेट डेटा की सालाना लागत 2014 की तुलना में घटकर लगभग आधी रह गई। किसी समय कहा जाता था कि वॉइस यानी फोन कॉल से होने वाली कमाई से ही चलता है लेकिन अब इसकी जगह डेटा ले चुका है। 

राज्य सभा में सचिन नहीं दे सके ‘डेब्यू’ भाषण

भारत रत्न और पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंडुलकर आज पहली बार संसद भवन में भाषण देने वाले थे, लेकिन संसद की कार्यवाही 22 दिसंबर को 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। उन्हें राज्य सभा में सचिन ‘राइट टू प्ले’ पर बोलना था, लेकिन वह भाषण की शुरुआत करते इससे पहले ही विपक्ष ने हंगामा शुरू कर दिया। विपक्ष लगातार मनमोहन सिंह के मुद्दे पर हंगामा कर रहा है।

हंगामे के बीच राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने लगातार विपक्ष से अपील की, जो व्यक्ति बोल रहा है वह भारत रत्न है। इसे पूरा देश देख रहा है। कृपया शांत हो जाइए। आपके चिल्लाने से कुछ होगा नहीं, लेकिन विपक्ष नहीं माना। अंत में कार्यवाही 1 दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। सचिन वाइफ अंजलि के साथ राज्य सभा पहुंचे थे।


सचिन को राज्य सभा में 2012 में सांसद मनोनीत किया गया था। उसके बाद से 348 दिनों की कार्यवाही में वह 23 दिनों तक सदन में रहे हैं। उनके और बॉलिवुड ऐक्ट्रेस रेखा की गैरमौजूदगी पर लगातार सवाल उठते रहे।  रेखा की सदन में मौजूदगी सचिन से भी कम है 18 दिन है।

100 इंटरनैशनल सेंचुरी का वर्ल्ड रेकॉर्ड अपने नाम रखने वाले सचिन को देश में खेल और खिलाड़ियों को लेकर व्यवस्था, ओलिंपिक की तैयारियों और किस तरह भारतीय खिलाड़ी दुनियाभर में अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं, सहित कई मुद्दों पर बोलना था।  सचिन ने राज्य सभा सांसद के तौर पर हाल ही में महाराष्ट्र के गांव दोंजा को गोद लिया है। उन्होंने हाल ही में इस गांव का दौरा भी किया था और गांव को सांसद निधि कोष से 4 करोड़ रुपये देने की घोषणा भी की थी। आदर्श सांसद ग्राम योजना के तहत यह सचिन का दूसरा गांव था।

जानें, चाबहार पोर्ट भारत के लिए क्यों है जरूरी?

ईरान के राष्ट्रपति चाबहार पोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करनेवाले हैं। इस दौरान भारतीय प्रतिनिधि भी वहां मौजूद रहेंगे। इस बंदरगाह के जरिए भारत-ईरान-अफगानिस्तान के बीच नए रणनीतिक ट्रांजिट रूट की शुरुआत होगी। आपको बताते हैं ऐसी वजहें जिनकी वजह से भारत के लिए यह बंदरगाह बेहद अहम है..

1. इस बंदरगाह के जरिए भारत अब बिना पाकिस्तान गए ही अफगानिस्तान और फिर उससे आगे रूस और यूरोप से जुड़ सकेगा। अभी तक भारत को अफगानिस्तान जाने के लिए पाकिस्तान होकर जाना पड़ता था।

2. कांडला एवं  चाबहार बंदरगाह के बीच दूरी, नई दिल्ली से मुंबई के बीच की दूरी से भी कम है। इसलिए इस समझौते से भारत पहले वस्तुएं ईरान तक तेजी से पहुंचाने और फिर नए रेल एवं सड़क मार्ग के जरिए अफगानिस्तान ले जाने में मदद मिलेगी। इस बंदरगाह के जरिए ट्रांसपोर्ट लागत और समय में कमी आएगी।

3. ईरान के दक्षिणी तट पर सिस्तान-बलुचिस्तान प्रांत में स्थित चाबहार बंदरगाह भारत के लिए रणनीतिक तौर पर उपयोगी है। यह फारस की खाड़ी के बाहर है और भारत के पश्चिम तट पर स्थित है और भारत के पश्चित तट से यहां आसानी से पहुंचा जा सकता है।

4. चाबहार पोर्ट का एक महत्व यह भी है कि यह पाकिस्तान में चीन द्वारा चलने वाले ग्वादर पोर्ट से करीब 100 किलोमीटर ही दूर है। चीन अपने 46 अरब डॉलर के के चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे कार्यक्रम के तहत ही इस पोर्ट को बनवा रहा है। चीन इस पोर्ट के जरिए एशिया में नए व्यापार और परिवहन मार्ग खोलना चाहता है।

5. ईरानी विदेश मंत्रालय के मुताबिक, यह बंदरगाह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके जरिए मध्य एशियाई देश ओमान और हिंद महासागर के रास्ते दुनिया के दूसरे देशों से जुड़ सकेंगे।

6. चाबहार बंदरगाह सहित अफगान की सीमा तक सड़क और रेलवे का विकास होने से अफगानिस्तान और पूरे मध्य एशिया में भारत की पहुंच सुनिश्चित होगी। भारत पहले ही ईरान-अफगान सीमा पर जरांग से दिलराम तक रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 200 किमी से ज्यादा लंबी सड़क बना चुका है।

7. चाबहार बंदरगाह ऐसा विदेशी बंदरगाह है जिसे विकसित करने में भारत की सीधी भागीदारी है।

सड़क से शादी तक पहुंचा फिल्म “पद्मावती” का विरोध- प्रदर्शन

फिल्म निर्देशक संजय लीला भंसाली की अपकमिंग फिल्म ‘पद्मावती’ की रिलीज जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, फिल्म का विरोध बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व राजघराने के सदस्यों और सर्वसमाज के संगठनों की ओर से इस फिल्म पर बैन लगाने की मांग को लेकर रोजाना विरोध प्रदर्शन का दौर जारी है। वहीं उदयपुर में एक अलग तरीके से विरोध जताया गया है। दरअसल, सुरेन्द्र सिंह पंवार नाम के  दुल्हे ने अपनी शादी के कार्डों में पद्मावती के सम्मान और फिल्म के बहिष्कार के स्लोगल लिखवाए हैं, जिनकी उदयपुर में खूब चर्चा हो रही है।

बताया जा रहा है कि उदयपुर के बीएन विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले युवा सुरेन्द्र सिंह पंवार की आगामी 23 नवम्बर को शादी होनी है और उससे पहले दूल्हे सुरेन्द्र द्वारा बांटे जा रहे निमंत्रण पत्र पर लिखे गए स्लोगन दोस्तों और रिश्तेदारों के बीच आकर्षण का विषय है। दुल्हे सुरेन्द्र पंवार का कहना  है कि रानी पद्मिनी का सम्मान पूरे देश का सम्मान है और केवल पैसे कमाने के उदे्श्य से मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास के साथ छेड़छाड़ करना कतई ठीक नही हैं।


सुरेन्द्र पंवार के अनुसार मेवाड़ में रानी पद्मावती को मां का दर्जा देकर बहुत ही सम्मान की नजर से देखा जाता है और ऐसे में भंसाली की फिल्म का विरोध जताने के लिए वे अनोखा विरोध दर्ज करवा रहे हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस फिल्म का बहिष्कार करें। वहीं सुरेन्द्र के मित्र भी इस पहल का स्वागत कर रहे हैं।

ममता चली हिंदुत्वा की राह,हिंदू परिवारों को गाय बांटेगी सरकार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर से सुर्ख़ियों में हैं। हमेशा विवादों से घिरी रहने वाली ममता बनर्जी  इस बार हिंदु परिवारों को खास तोहफा देने जा रही  है। ममता सरकार ने उन ग्रामीण इलाकों में हर परिवार को एक गाय देने का फैसला लिया है जहां अगले साल चुनाव होने हैं। पश्चिम बंगाल के पशु संसाधन विकास मंत्री स्वापन देबनाथ के मुताबिक सरकार यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों के परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लेकर आई है। उनका मानना है कि सरकार के इस फैसले से राज्य में दुग्ध उत्पादन में भी बढ़ोतरी होगी।

देबनाथ का कहना है कि ग्रामीण परिवारों में गाय वितरण की प्रक्रिया जल्द ही शुरू की जाएगी। गाय वितरण के इस कार्यक्रम को अगले वर्ष के शुरुआती महीनों में ही पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह गाय उन लोगों को दी जाएगी जो पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। हम इन तमाम परिवारों को आत्मनिर्भर बनाना चाहते हैं, यही वजह है कि हम इन्हे दुधारू जानवर बांट रहे हैं।

देबनाथ ने कहा कि देश में तृणमूल सरकार केे कार्यकाल में दुग्ध उत्पादन में 16 फीसदी की जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जबकि पूर्व की लेफ्ट सरकार पर नजर डालें तो यह बिल्कुल नहीं थी। हालांकि इस फैसले को हिंदु वोट के लिए किए जाने से उन्होंने इनकार किया है। देबनाथ ने कहा कि इस फैसले को पंचायत चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिएे, हम अपनी योजना के अनुसार ही लोगों को गाय देने का काम करने जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार पशु वितरण कार्यक्रम की शुरुआत बीरभूमि से की जाएगी, यहां सरकार की ओर से एक हजार गायों को बाटे जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

सऊदी प्रिंस ने विरोधियों को कुछ यूँ लगाया ठिकाने

सऊदी अरब में इनदिनों काफी उथलपुथल मची हुई है, हालाकिं सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा कि इस बात के संकेत यहां के कुछ लोगों को एक पत्र से पहले ही मिल गए थे। लेकिन उस समय किसी को इस बात का अहसास नहीं था कि कोई बड़ी कार्रवाई होने वाली है, जिसमें एक फाइव स्टार होटल की बड़ी भूमिका होगी।

बीते 4 नवंबर को रियाद के आलीशान होटल रिट्स कार्लटन में मौजूद मेहमानों को सूचना दी जाती है कि ‘स्थानीय प्रशासन द्वारा की गई अप्रत्याशित बुकिंग के कारण हम गेस्ट्स को ठहराने में असमर्थ हैं… जब तक कि सब सामान्य नहीं हो जाता।’ बताया गया कि इस बुकिंग की वजह से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था करनी पड़ेगी। जिस समय यह सूचना दी जा रही थी, कार्रवाई शुरू हो चुकी थी। कुछ ही घंटे के भीतर सुरक्षा बलों ने सऊदी अरब के कई बड़ी राजनीतिक और कारोबारी हस्तियों को अपने घेरे में ले लिया। इनमें से ज्यादातर राजधानी और तटीय शहर जेद्दा से थे। गिरफ्तार लोगों में 11 राजकुमारों के अलावा कई मंत्री और अमीर शख्स भी थे।

कुछ लोगों को मीटिंग के लिए बुलाया गया, जहां उन्हें हिरासत में ले लिया गया। अन्य लोगों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया गया और प्लेन से रियाद ले जाया गया। कुछ ही समय में आलीशान रिट्स कार्लटन होटल एक अस्थायी जेल में तब्दील हो चुका था।

शाहरुख, गौरी और करण जौहर को दिल्ली सरकार ने भेजा नोटिस

दिल्ली सरकार के हेल्थ डिपार्टमेंट ने फिल्म ‘इत्तेफाक’ के प्रड्यूसर करण जौहर, शाहरुख खान और गौरी खान को स्मोकिंग प्रमोट करने के आरोप में नोटिस भेजा है। हेल्थ डिपार्टमेंट ने कहा है कि इस फिल्म को लेकर जो पोस्टर जारी किया गया है, उस पोस्टर में एक कलाकार होठों में सिगरेट दबाए हुए है और उसके हाथ में जलता हुआ लाइटर है। यह दृश्य स्मोकिंग को बढ़ावा देने जैसा है।

सरकार का कहना है कि ‘सिगरेट ऐंड अदर टोबैको प्रॉडक्ट्स ऐक्ट 2003’ के सेक्शन 5 के तहत यह कानूनन अपराध है। नोटिस में कहा गया कि इस पोस्टर को तत्काल वापस लिया जाए, अन्यथा लीगल ऐक्शन लिया जाएगा। इस मामले में डिपार्टमेंट का कहना है कि किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थ का सेवन दिखाना अवैध है। अडिशनल डायरेक्टर डॉक्टर एसके अरोड़ा ने कहा कि पोस्टर तत्काल वापस न लिया गया तो सख्त ऐक्शन होगा।

सिद्धार्थ मल्होत्रा, सोनाक्षी और अक्षय खन्ना अभिनीत यह फिल्म 3 नवंबर को रिलीज हुई थी। यह फिल्म मर्डर मिस्ट्री पर आधारित है, जिसमें अक्षय खन्ना पुलिस अधिकारी के रूप में मर्डर मिस्ट्री सॉल्व करने की कोशिश करते हैं। इस फिल्म को शाहरुख खान, गौरी खान और करण जौहर ने प्रड्यूस किया है। 

3-4 साल में मोबाईल से बढ़ेगा लेनदेन, डेबिट और क्रेडिट कार्ड होंगे बेकार

नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने का कहना है कि अगले 3-4 साल में डेबिट, क्रेडिट कार्ड और एटीएम बेकार हो जाएंगे और लोग वित्तीय लेनदेन के लिए मोबाइल फोन्स का इस्तेमाल करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि भारत में 72 फीसदी जनसंख्या 32 वर्ष से कम आयु की है और यह डेमोग्राफिक डिविडेंट के मामले में अमेरिका और यूरोप के मुकाबले फायदा होगा।

एमिटी यूनिवर्सिटी की नोएडा कैंपस में डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजे गए कांत ने कहा, ‘भारत अगले 3-4 सालों में क्रेडिट-डेबिट कार्ड्स और एटीएम को तकनीकि रूप से अनावश्यक बना देगा। हम लेनदेन के लिए मोबाइल का इस्तेमाल करेंगे।’ क्योंकि भारत दुनिया का एकमात्र ऐसा देश है जहां एक अरब बायॉमीट्रिक और इतने ही मोबाइल फोन्स व बैंक अकाउंट हैं और इसलिए सिर्फ यह देश कई बदलाव लाएगा। मोबाइल से वित्तीय लेनदेन का ट्रेंड तेजी से बढ़ रहा है।

उन्होंने आगे कहा, ‘भारत करीब 7.5 फीसदी की गति से आगे बढ़ रहा है और दुनियाभर में बंजर आर्थिक परिदृश्य के बीच हरियाली है, लेकिन हमारी चुनौती और 9-10 फीसदी की गति से विकास हासिल करना है।’ उन्होंने कहा कि भारत एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है जो कि इतिहास में कभी-कभी ही होता है।

नीति आयोग के सीईओ के मुताबिक , ‘भारत की 72 फीसदी आबादी 32 साल से कम की है और 2040 तक हमारी जनसंख्या जवान और जवान होती जाएगी, जबकि अमेरिका और यूरोप की आबादी बूढ़ी और बूढ़ी होती जाएगी। हमें ऐसे समाज की जरूरत है जो हमेशा कुछ नया करे और यह बदलाव लाएगा।’

आडवाणी के जन्मदिन पर लालू ने दिया “ज्ञान”

बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के जन्मदिवस के मौके पर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने उन्हें शुभकामनाएं दीं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आडवानी को ट्वीट करके जन्मदिन की बधाई दी है। जबकि राहुल गाँधी ने आडवाणी को ट्वीट कर जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा, आडवाणी जी को जन्मदिन की बधाई। आपका दिन बेहतरीन हो। वहीँ  कुछ ही दिन पहले सोशल मीडिया में एक फोटो वायरल हुई थी जिसमें संसद के केंद्रीय कक्ष में बैठे कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल आडवाणी की बात को गंभीरता से सुन रहे हैं। 

आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बीजेपी के वरिष्ठ नेता को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने यह नसीहत भी दी कि यदि उनका कोई शिष्य बागी भी हो जाए तो उन्हें चिंता नहीं करनी चाहिए। लालू ने ट्वीट किया, ‘आडवाणीजी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं। यदि कोई शिष्य बागी भी हो जाए तो चिंता नहीं करनी चाहिए। ईश्वर आपके आगे का जीवन प्रसन्नतापूर्ण, स्वस्थ, सुदीर्घ और सफल बनाएं।’ 

 
वहीँ ममता बनर्जी ने इस अवसर पर ट्वीट कर कहा, लालकृष्ण आडवाणीजी को जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएं। उनका स्वस्थ एवं प्रसन्नतापूर्ण लंबा जीवन हो। पूर्व उपप्रधानमंत्री आडवाणी का आज 90वां जन्मदिन मना रहें है।