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अक्षरा सिंह ग्लैमरस अवतार में आई नज़र, तस्वीरें से नजरें हटाना हुआ मुश्किल

भोजपुरी एक्ट्रेस अक्षरा सिंह (Akshara Singh) अक्सर अपने ग्लैमरस अवतार को लेकर मीडिया में सुर्खियां बटोरती रहती हैं. हाल ही में अक्षरा पटना पहुंची जहां एक बार फिर उनका फैशनेबल स्टाइल देखने को मिला है. उन्होंने इसकी कुछ तस्वीरें फैन्स के साथ भी शेयर की हैं. आप भी डालिए इन तस्वीरों पर एक नजर….

Coronavirus India Update: देश में बीते 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 2022 नए मामले दर्ज, 46 लोगों की मौत

भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस संक्रमण के 2022 नए मामले सामने आए और 46 लोगों की मौत हुई है. इस दौरान 2,099 लोग डिस्चार्ज भी हुए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक़ देश में अब तक कुल 5 लाख 24 हजार 459 कोरोना संक्रमित मरीजों की मौत हो चुकी है. वहीं एक्टिव मामलों की संख्या घटकर 14 हजार 832 पर पहुंच गई. एक्टिव मामले कुल संक्रमण का 0.03 फीसदी हैं. कुल पॉजिटिविटि रेट 0.69 फीसदी है.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आकड़ों के अनुसार, देश में अब तक कुल 4 करोड़ 25 लाख 99 हजार 102 कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं. वहीं देश में कोरोना की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे वैक्सीनेशन अभियान के तहत अब तक वैक्सीनेशन का आंकड़ा 192 करोड़ 38 लाख 45 हजार 615 तक पहुंच गया है. बीते 24 घंटे में देश में वैक्सीन की कुल 8 लाख 81 हजार 668 डोज लगाई गई.

बता दें कि देश में सात अगस्त 2020 को कोरोना वायरस संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी. संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर 2020 को 90 लाख के पार चले गए थे. 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ से अधिक हो गए थे. पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी. इस साल 26 जनवरी को मामले चार करोड़ के पार हो गए थे.

Ration Card in UP: राशन कार्ड सरेंडर करने और रिकवरी को लेकर योगी सरकार का बड़ा ऐलान, जानिए पूरा सच

उत्तर प्रदेश सरकार ने रविवार को स्पष्ट किया कि राज्य में राशन कार्ड सरेंडर करने या रद्द करने के संबंध में कोई नया आदेश जारी नहीं किया गया है. मीडिया के कुछ वर्गो में इस संबंध में प्रसारित ‘भ्रामक और झूठी रिपोर्टों’ का खंडन करते हुए राज्य के खाद्य आयुक्त सौरव बाबू ने कोहा कि राशनकार्ड सत्यापन एक सामान्य प्रक्रिया है जो समय समय पर चलती है और राशन कार्ड सरेंडर करने और नई पात्रता शर्तो के संबंध में निराधार रिपोर्ट प्रसारित की जा रही हैं.

उन्होंने आगे स्पष्ट किया कि घरेलू राशन कार्डो की पात्रता/अपात्रता मानदंड 2014 में निर्धारित किया गया था और तब से कोई नया परिवर्तन नहीं किया गया है. उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी कार्ड धारक को सरकारी योजना के तहत पक्का घर होने, बिजली कनेक्शन या एकमात्र हथियार लाइसेंस धारक या मोटर साइकिल मालिक होने और मुर्गी पालन/गाय पालन में लगे होने के आधार पर अपात्र घोषित नहीं किया जा सकता.

इसके अलावा रिकवरी के दावों पर भी सरकार ने स्पष्टीकरण जारी किया. यूपी सरकार के ट्विटर अकाउंट पर इस बाबत जानकारी दी गई. सरकार ने कहा- राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 तथा प्रचलित शासनादेशों में अपात्र राशन कार्डधारकों से वसूली जैसी कोई व्यवस्था भी निर्धारित नहीं की गई है और रिकवरी के सम्बन्ध में शासन स्तर से अथवा खाद्य आयुक्त कार्यालय से कोई भी निर्देश निर्गत नहीं किए गए हैं.

सरकार ने कहा- विभाग सदैव पात्र कार्डधारकों को नियमानुसार उनकी पात्रता के अनुरूप नवीन राशन कार्ड निर्गमित करता है. एक अप्रैल, 2020 से अब तक प्रदेश में कुल 29.53 लाख नवीन राशनकार्ड विभाग द्वारा पात्र लाभार्थियों को जारी किए गए हैं. 

Source : ABP News

सुप्रीम कोर्ट ने बीमा कंपनियों को लगाई फटकार, कहा – मामूली वजहों से क्लेम से इनकार नहीं कर सकती बीमा कंपनी

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सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बीमा कंपनियों (Insurance companies) द्वारा मामूली और काल्पनिक आधार पर इंश्योरेंस क्लेम (Insurance Claim) खारिज करने को लेकर फटकार लगाई है. शीर्ष अदालत ने शुक्रवार को कहा कि बीमा कंपनियां कई मामलों में दावों को मामूली आधार पर मना कर रही हैं. उन्हें दावों का निपटारा करते समय बहुत तकनीकी रवैया नहीं अपनाना चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बीमा कंपनियों को ऐसे दस्तावेज नहीं मांगने चाहिए, जिन्हें बीमाधारक हालातों के कारण पेश कर पाने की स्थिति में न हों.शीर्ष अदालत ने 2013 में चोरी हुए ट्रक के लिए बीमा पॉलिसी के तहत दावे के संबंध में यह टिप्पणी की. न्यायालय ने इस मामले में राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के पिछले साल अगस्त में आए आदेश को खारिज कर दिया.

पीठ ने कहा कि ट्रक के मालिक अपीलकर्ता को गलत तरीके से बीमा दावे से वंचित कर दिया गया और बीमा कंपनी दावे का निपटारा करते समय बहुत तकनीकी हो गई और उसने मनमाने ढंग से काम किया. पीठ ने अपने आदेश में कहा, इसलिए मामले के तथ्यों और परिस्थितियों के मद्देजनर, जब अपीलकर्ता ने पंजीकरण के प्रमाणपत्र की फोटोकॉपी और आरटीओ द्वारा दिए गए पंजीकरण विवरण पेश किए, तो केवल इस आधार पर कि पंजीकरण का मूल प्रमाण पत्र (जो चोरी हो गया है) पेश नहीं किया गया, दावे का निपटारा नहीं करने को सेवा में कमी कहा जा सकता है.

इस बीमा दावे का निपटारा मुख्य रूप से इस आधार पर नकार दिया गया था कि अपीलकर्ता ने पंजीकरण का मूल प्रमाण पत्र या आरटीओ द्वारा जारी पंजीकरण प्रमाण पत्र की प्रमाणित नकल भी प्रस्तुत नहीं की थी. पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता को ऐसे दस्तावेज देने के लिए कहा गया, जिन्हें प्रस्तुत करना उसके नियंत्रण के बाहर था. अदालत ने कहा कि वैध बीमा होने और ट्रक चोरी हो जाने के बाद, बीमा कंपनी को बहुत अधिक तकनीकी नहीं बनना चाहिए. कई मामलों में यह पाया गया है कि बीमा कंपनियां मामूली आधार और तकनीकी आधार पर दावे को खारिज कर रही हैं.

बीमा कंपनी को बहुत अधिक तकनीकी दांवपेंचों के सहारे बीमाधारक को क्लेम से वंचित नहीं करना चाहिए. कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के दुर्ग में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग द्वारा अपीलकर्ता की शिकायत को खारिज के आदेश को रद्द कर दिया.  राज्य आयोग और एनसीडीआरसी द्वारा पारित आदेश को भी खारिज कर दिया. पीठ ने कहा कि अपीलकर्ता को दावा करने की तारीख से 7 प्रतिशत ब्याज के साथ 12 लाख रुपये की बीमा राशि मिलनी चाहिए.

Uttar Pradesh: प्रदेश में बढ़ते बाल अपराध पर अखिलेश यादव का हल्ला बोल, कहा – हाथ पर हाथ धरे बैठी है सरकार

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने शुक्रवार को सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर अपराध नियंत्रण में विफल होने का आरोप लगाते हुए दावा किया कि भाजपा राज में बाल अपराध के नए कीर्तिमान रचे जा रहे हैं.

शुक्रवार को सपा मुख्यालय से जारी एक बयान में अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा राज में बाल अपराध के नए कीर्तिमान रचे जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि एक जनवरी 2022 से 30 अप्रैल 2022 तक चार जिलों में कुल 82 मासूम लापता हो गए, जिनमें 35 बच्चे और 47 बच्चियां शामिल हैं.

आंकड़े गिनाते हुए यादव ने कहा कि देवरिया में सात बच्चे व 16 बच्चियां लापता हैं जबकि गोरखपुर में 10 बच्चे व छह बच्चियां तथा कुशीनगर में 15 बच्चे और 16 बच्चियां गायब हैं. सपा प्रमुख ने कहा कि महाराजगंज में तीन बच्चे और 12 बच्चियां लापता हैं. उन्होंने दावा किया कि इस तरह कुल 82 बच्चे गायब हुए हैं, जिनमें से 79 का कोई सुराग नहीं लगा है.

सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि अपहरण के मामले भी समय से दर्ज नहीं हुए हैं और भाजपा सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है.यादव ने कहा, “उत्तर प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में अराजकता और अव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है. भाजपा के नेता तो अहंकार में डूबे ही हैं और स्थानीय प्रशासन भी सत्तारूढ़ भाजपा के दबाव में असल गुनाहगारों को बचाने में लगा है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि कन्नौज के सौरिख में भाजपा कार्यकर्ता ने एक दलित बालिका की बलात्कार के बाद हत्या कर दी. एक अन्य घटना का जिक्र करते हुए सपा नेता ने कहा कि झांसी में टोल प्लाजा पर भाजपा समर्थकों ने खूब हंगामा किया. उन्होंने कई और घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि अपराधियों, भाजपाइयों और पुलिस की तिकड़ी जुगलबंदी से लोगों को और खासकर बहन-बेटियों को कैसे बचाया जाए?

राजनीति में वंशवाद ‘सबसे घातक’, कुछ दलों का ‘इकोसिस्टम’ असल मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकासवाद की राजनीति पर बल देते हुए शुक्रवार को आरोप लगाया कि कुछ पार्टियों का ‘‘इकोसिस्टम’’ पूरी शक्ति से देश के विकास से जुड़े मुख्य मुद्दों से ध्यान भटकाने में लगा हुआ है, लिहाजा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेताओं व कार्यकर्ताओं को ऐसी पार्टियों के जाल में ना फंसते हुए विकास और राष्ट्रीय हित से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए.

उन्होंने वंशवाद और परिवारवाद के मुद्दे पर भी कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी पार्टियों पर करारा हमला किया और इस ‘‘परंपरा’’ को लोकतंत्र के लिए ‘‘सबसे घातक’’ करार देते हुए पार्टी कार्यकर्ताओं से इसके खिलाफ ‘‘अनवरत संघर्ष’’ करने का आह्वान किया.

भाजपा के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की तीन दिवसीय बैठक के उद्घाटन सत्र को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर यह आरोप भी लगाया कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए वह तनाव की छोटी-मोटी घटनाओं को ढूंढ-ढूंढकर समाज में जहर बो रहे हैं और कभी जाति तो कभी क्षेत्रवाद के नाम पर लोगों को भड़का रहे हैं.

मोदी ने कहा कि आजादी के बाद से ही वंशवाद और परिवारवाद ने देश का भीषण नुकसान किया है और परिवारवादी पार्टियों ने भ्रष्टाचार, धांधली और भाई-भतीजावाद को आधार बनाकर देश का बहुत मूल्यवान समय बर्बाद किया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि आज भी ये परिवारवादी पार्टियां देश को पीछे ले जाने पर तुली हुई हैं.

मालूम हो कि पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री ने वंशवाद के मुद्दे पर कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर लगातार निशाना साधा है. भाजपा के स्थापना दिवस पर भी वह परिवारवादी पार्टियों पर जमकर बरसे थे.

उन्होंने कहा कि इनका, ‘‘सार्वजनिक जीवन परिवार से शुरू होता है, परिवार के लिए चलता है, परिवार की खातिर ही आगे बढ़ता है.’’

मोदी ने परिवारवाद को ‘‘लोकतंत्र के लिए सबसे घातक परंपरा’’ करार देते हुए कहा कि अगर लोकतंत्र को बचाना है और उसे सामर्थ्यवान व मूल्यनिष्ठ बनाना है तो भाजपा को वंशवाद व परिवारवाद की राजनीति के खिलाफ अनवरत संघर्ष करना ही है.

उन्होंने कहा, ‘‘इस अमृत काल में हमारा यह भी संकल्प होना चाहिए कि देश को लोकतांत्रिक मूल्यों से जरा भी कटने नहीं देंगे, लोकतंत्र की रक्षा करेंगे और हम देश की जनता का विश्वास जीतेंगे ताकि वंशवादी व परिवारवादी शक्तियों को देश की जनता निकाल दे.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा में लोकतांत्रिक मूल्यों की एक मजबूत परंपरा रही है और उसे निरंतर मजबूत करते रहना है.

उन्होंने कहा, ‘‘यह भाजपा है, ठहरा हुआ पानी नहीं है. भाजपा निरंतर प्रवाहमान है. हमने दल के रूप में खुद को लगातार विकसित किया है. वंशवाद और परिवारवाद के कीचड़ में भी हमने कमल को खिलाया है, जो लोकतंत्र की मूलभूत पंखुड़ियों को प्रदर्शित करता है. परिवारवाद की राजनीति से विश्वासघात पाने वाले देश के युवाओं का विश्वास सिर्फ भाजपा ही लौटा सकती है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा ने विकासवाद की राजनीति को देश की राजनीति की मुख्यधारा बना दिया है और यही वजह है कि चुनावों में विरोधी दल भी इस विषय पर बात करने को मजबूर हो जाते है.

उन्होंने कहा, ‘‘समाज को तोड़ने वाली राजनीति करने वाले हों या शॉर्टकट नुस्खे अपनाकर सत्ता पाने की चाह रखने वाले हों, ना चाहते हुए भी चुनाव में हर किसी को विकास पर बात करनी ही पड़ती है.’’

मोदी ने आरोप लगाया कि विपक्षी दलों ने राजनीति में विकासवाद को भी विकृति की दिशा में धकेल दिया है और तात्कालिक लाभ के लिए वह देश के उज्जवल भविष्य के साथ और देश की युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ करते हैं, उसे खोखला करने का भी काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘यह राजनीतिक दल अपने स्वार्थ के लिए समाज में जो छोटे-मोटे तनाव होते हैं… कुछ कमजोरियां होती हैं… उसे ढूंढ-ढूंढकर… उसमें जहर डालने का काम करते रहते हैं। उन कमजोरियों पर ही खेलते रहते हैं। वे कभी जाति के नाम पर, कभी क्षेत्रवाद के नाम पर लोगों को भड़का रहे हैं.’’

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से इन सबसे सावधान व सचेत रहने को कहा.प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि आजकल कुछ पार्टियों का इकोसिस्टम पूरी शक्ति से देश को मुख्य मुद्दों से भटकाने में लगा हुआ है.

उन्होंने कहा, ‘‘यह इकोसिस्टम विकास के मुद्दों पर आगे नहीं बढ़ने देगा… लेकिन इन सबके बावजूद हमें कभी ऐसी पार्टियों के जाल में नहीं फंसना है। हमें अपने मार्ग पर डटे रहना है। विकास के मुद्दों पर टिके रहना है। देश हित के मुद्दों पर टिके रहना है.’’

इससे पहले, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि कहा कि केंद्र की राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के आठ वर्ष देश के संतुलित विकास, सामाजिक न्याय और सुरक्षा को समर्पित रहे हैं और इस दौरान किसानों, श्रमिकों और मध्यम वर्ग की अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिशें हुईं.

उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया में भारत के प्रति ‘‘एक विशेष भावना’’ जागृत हुई है और वह देश की ओर बहुत उम्मीदों से देख रही है, ठीक इसी प्रकार देश की जनता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रति ‘‘एक विशेष स्नेह’’ रखती है और उसकी ओर बहुत उम्मीदों से देख रही है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा भले ही अभी तक की अपनी राजनीतिक यात्रा के शिखर पर हो लेकिन उसका मूल लक्ष्य भारत को उस ऊंचाई पर पहुंचाना है, जिसका सपना देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों ने देखा था.

मालूम हो कि प्रधानमंत्री मोदी की अगुवाई में भाजपा-नीत केंद्र सरकार आगामी 30 मई को केंद्र की सत्ता में आठ साल पूरे कर रही है.

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वह देश भर में अभियान चलाएं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से कोई भी पात्र लाभार्थी वंचित ना रह जाए.

मोदी ने कहा, ‘‘दुनिया में भारत के प्रति किस तरह की विशेष भावना जागृत हुई है, यह हम सब देख रहे हैं. दुनिया आज भारत को बहुत उम्मीदों से देख रही है. ठीक वैसे ही भारत में भाजपा के प्रति जनता का एक विशेष स्नेह अनुभव हो रहा है। देश की जनता को भाजपा पर बहुत विश्वास है. वह बहुत उम्मीद से भाजपा की ओर देख रही है।’’

आजादी की 100वीं वर्षगांठ के लिए बचे 25 सालों का उल्लेख करते हुए मोदी ने कहा कि इस ‘‘अमृत काल’’ में देश ने अपने लिए लक्ष्य तय किए हैं और भाजपा के लिए यह समय इन लक्ष्यों के लिए निरंतर काम करने का है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि 2014 से पहले देश के लोगों में निराशा का माहौल था और सरकारों से उनकी उम्मीदें समाप्त हो गई थीं लेकिन 2014 में हुए आम चुनाव में देश की जनता ने एक नया इतिहास लिखने का फैसला किया.

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीतिक नफा नुकसान से अलग, मैं इसे जनमानस में आया बहुत बड़ा सकारात्मक परिवर्तन मानता हूं.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज 18 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, 1300 से ज्यादा विधायक, 400 से अधिक उसके सांसद हैं और राज्यसभा में भी वर्षों के बाद वह 100 के आंकड़े को छूने जा रही है ‘‘लेकिन इसके बावजूद चैन से बैठने का हमारा कोई हक नहीं है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘हमें सत्ता भोग ही करना होता तो भारत जैसे विशाल देश में कोई भी सोच सकता है, अरे इतना सारा मिल गया… अब तो बैठो… आराम करो …जी नहीं, यह रास्ता हमारे लिए नहीं है. यह रास्ता हमें मंजूर ही नहीं है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘इतनी अच्छी विजय पताका फहर रही है लेकिन आज भी, हम अधीर और बेचैन हैं, क्योंकि हमारा मूल लक्ष्य भारत को उस ऊंचाई पर पहुंचाना है, जिसका सपना देश की आजादी के लिए मर मिटने वालों ने देखा था.’’

Coronavirus India Update: 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 2323 नए मामले दर्ज, सक्रिय मामलों की संख्या घटकर हुई 15 हजार से कम

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना संक्रमण के 2323 नए मामले दर्ज किए गए हैं. तो वहीं 25 संक्रमितों की मौत हुई है. हालाँकि इस दौरान 2346 लोग कोरोना से ठीक भी हुए हैं. जिसके चलते कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या घटकर 15 हजार से कम रह गई है.

आपको बता दें कि कोरोना महामारी की शुरुआत से लेकर अबतक कुल चार करोड़ 31 लाख 34 हजार 145 लोग संक्रमित हुए हैं. इनमें से 5 लाख 24 हजार 348 लोगों की मौत हो चुकी है. अबतक 4 करोड़ 25 लाख 94 हजार लोग ठीक भी हुए हैं. देश में कोरोना एक्टिव केस की संख्या 14996 है. यानी इतने लोग अभी भी कोरोना वायरस से संक्रमित हैं, जिनका इलाज चल रहा है. 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया, 20 मई 2022 तक देशभर में 192 करोड़ 12 लाख 96 हजार कोरोना वैक्सीन के डोज दिए जा चुके हैं. बीते दिन 15.32 लाख टीके लगाए गए. वहीं भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार, अबतक करीब 84.63 करोड़ कोरोना टेस्ट किए जा चुके हैं. बीते दिन 4.99 लाख कोरोना सैंपल टेस्ट किए गए.

ग़ौरतलब है कि देश में कोरोना से मृत्यु दर 1.22 फीसदी है जबकि रिकवरी रेट 98.75 फीसदी है. एक्टिव केस 0.03 फीसदी हैं. कोरोना एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत अब 58वें स्थान पर है. कुल संक्रमितों की संख्या के मामले में भारत दूसरे स्थान पर है. जबकि अमेरिका और ब्राजील के बाद सबसे ज्यादा मौत भारत में हुई है.

Harphoul Mohini: सुदेश बेरी ने शुरू होने से पहले छोड़ा शो, तेज सप्रू बलवंत चौधरी के किरदार में आएंगे नज़र

हरफूल मोहिनी शो शुरू होने से पहले ही चर्चा में आ गया है. सुदेश बेरी ने शो शुरू होने से पहले ही शो से दूरी बना ली है, अब तेज सप्रू बलवंत चौधरी के किरदार में नज़र आएंगे. सुदेश बेरी ने अपने अंतरात्मा की आवाज सुनी है ऐसा बयां सामने आया है. टीवी सीरियल हरफूल मोहिनी जल्दी टेलीविजन पर दस्तक देने वाला है. शो का प्रोमो कुछ दिनों से सुर्खियां बटोर रहा है, अब शो से जुड़ी एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है शो शुरू होने के पहले से ही सुदेश बेरी जो इस शो का अहम हिस्सा थे उन्होंने शो को छोड़ दिया है. 


एक इंटरटेनमेंट अखबार को दिए गए इंटरव्यू में सुदेश बेरी ने बताया कि उन्होंने यह शो क्यों छोड़ा है दरअसल उन्हें बलवंत चौधरी का किरदार निभाना था जो हरियाणा के रहने वाले हैं और हरियाणवी एक्सेंट में हिंदी बात करते हैं सुदेश बेरी ने बताया कि वह हरियाणवी एक्सेंट में बात करने में सहज महसूस नहीं कर रहे थे ऐसे में उन्हें लगा कि वह अपने किरदार के साथ न्याय नहीं कर पाएंगे और यह बात उन्होंने शो मेकर्स को बताई और शो से दूरी बनाने का मन बना लिया.


अब सुदेश बेरी की जगह बलवंत चौधरी के किरदार में तेज सप्रू नजर आएंगे सुदेश बेरी ने बताया कि कई लोगों ने मुझे यह भी सलाह दी कि एक एक्टर को हर किरदार स्वीकारना चाहिए क्योंकि यह उनके लिए चुनौती होती है तब सुदेश बेरी ने यह जवाब दिया है कि किरदारों की चुनौती को स्वीकार करना बेशक कलाकार का धर्म होता है, लेकिन जब वह कोशिश करके भी अपने किरदार के साथ न्याय ना कर सके तो उसे उस किरदार से दूरी बना लेनी चाहिए, क्योंकि जब कोई यह कहेगा कि आपकी उस किरदार को देख कर मजा नहीं आया तब आप अपने मन के कलाकार को क्या जवाब देंगे? मैंने टीवी और फिल्मों में काफी काम किया है ऐसे में मैं अपने करियर में इस मुकाम पर धब्बा नहीं लगवाना चाहता हूं. सुदेश बेरी ने शो से दूरी बना ली है और अब उनकी जगह हरपुर मोहिनी में बलवंत चौधरी के किरदार में तेज सप्रू नजर आएंगे.  

Delhi: उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में फैक्टरी में आग लगने से 1 व्यक्ति की मौत, 6 अन्य घायल

उत्तर पूर्वी दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके में एक फैक्टरी में बृहस्पतिवार को आग लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि छह अन्य घायल हो गए. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अधिकारियों ने बताया कि आग लगने की सूचना दोपहर बाद करीब 12:17 बजे मिली और इसके तुरंत बाद आग बुझाने के लिये सात दमकल गाड़ियों को मौके पर भेजा गया.

दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि करीब एक बजे आग पर काबू पा लिया गया. उन्होंने बताया, ‘‘यह आग बिजली के उपकरण बनाने की फैक्टरी की पहली मंजिल पर लगी, जिसमें सात लोग घायल हो गए और उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया.

विभाग के निदेशक अतुल गर्ग ने बताया, ‘‘घायलों में से एक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. एक अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है. आग जिस इमारत में लगी वह करीब 200 गज में बनी हुई थी.’’

Good News: AIIMS में 300 रुपये कीमत तक के मेडिकल जांच पर नहीं लगेगा शुल्क

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences -AIIMS) ने खून जांच और एक्स-रे सहित 300 रुपये तक के मेडिकल जांच को बृहस्पतिवार से नि:शुक्ल करने की घोषणा की है.

अधिकारियों ने बताया कि इन मेडिकल जांच को नि:शुल्क करने के बाद हुए राजस्व के नुकसान की भरपाई के लिए एम्स के प्राइवेट वार्ड में कमरों की दरें बढ़ा दी गई हैं.

एम्स के चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर डी. के. शर्मा के हस्ताक्षर से जारी आदेश के अनुसार, ‘‘अधोहस्ताक्षरी को यह अधिसूचित करने का निर्देश दिया जाता है कि एम्स के अध्यक्ष ने एम्स के अस्पतालों और सभी केन्द्रों में 300 रुपये तक के सभी मेडिकल जांच को तत्काल प्रभाव से नि:शुक्ल करने को मंजूरी दे दी है.’’

एक अन्य आदेश के अनुसार, एम्स के प्राइवेट वार्ड में स्थित ए-क्लास या डिलक्स कमरों के शुल्क को 3,000 रुपये से बढ़ाकर 6,000 रुपये कर दिया गया है और बी-क्लास या सामान्य कमरों के शुल्क को 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है.

आदेश के अनुसार, भोजन के लिए लगने वाले शुल्क को 200 रुपये प्रतिदिन से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है.