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PM Modi’s Europe Visit : प्रधानमंत्री की तीन देशों की यात्रा में ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक संबंध चर्चा के महत्वपूर्ण मुद्दे होंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे और इस दौरान ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक संबंध, टिकाऊ विकास, जलवायु एवं हरित ऊर्जा सहित विविध क्षेत्रों में विस्तृत चर्चा होगी.

विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के दौरान इन देशों के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और गहरा बनाने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि बातचीत के दौरान यूक्रेन का मुद्दा भी चर्चा में उठेगा.

क्वात्रा ने कहा कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों की पृष्ठभूमि में ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा महत्वपूर्ण है और यूरोपीय देशों के नेताओं के साथ बैठक में यह विषय चर्चा के लिए आएगा.

यूक्रेन संघर्ष को लेकर एक सवाल के जवाब में क्वात्रा ने कहा, ‘‘इस विषय पर हमारा रुख स्पष्ट है और अनेक मंचों पर इसे व्यक्त किया गया है कि युद्ध समाप्त होना चाहिए तथा इसका समाधान बातचीत एवं कूटनीति के जरिये निकाला जाना चाहिए.’’

विदेश सचिव ने कहा, ‘‘ मेरा ख्याल है कि यह बात हमारे यूरोपीय सहयोगी तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हमारे सहयोगियों के समक्ष पूर्ण रूप से स्पष्ट है. मुझे नहीं लगता कि इस बारे में उन्हें कोई शंका होगी.’’

वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जर्मनी, डेनमार्क, फ्रांस की यात्रा से पहले अपने बयान में कहा, ‘‘ मेरी यूरोप यात्रा ऐसे समय हो रही है जब इस क्षेत्र को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ मैं अपनी यात्रा के माध्यम से यूरोपीय भागीदारों के साथ सहयोग की भावना को मजबूत करना चाहता हूं. शांति और समृद्धि के लिए भारत की चाह में यूरोपीय भागीदार महत्वपूर्ण साथी हैं.’’

मोदी दो मई को जर्मनी, डेनमार्क और फ्रांस की तीन दिवसीय यात्रा पर रवाना होंगे. यह इस साल होने वाली उनकी पहली विदेश यात्रा है. उनकी यह यात्रा ऐसे समय होगी जब यूक्रेन संकट जारी है और रूस की कार्रवाई ने लगभग पूरे यूरोप को उसके विरुद्ध एकजुट कर दिया है.

प्रधानमंत्री पहले जर्मनी जाएंगे और उसके बाद डेनमार्क तथा फिर वापसी में कुछ समय के लिए पेरिस में रुकेंगे.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अदालतों में स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल पर जोर दिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अदालतों में स्थानीय भाषाओं के इस्तेमाल पर जोर देते हुए शनिवार को कहा कि इससे न्याय प्रणाली में आम नागरिकों का विश्वास बढ़ेगा और वे इससे अधिक जुड़ाव महसूस करेंगे.

मोदी ने यहां मुख्यमंत्रियों और उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के संयुक्त सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, ‘हमें अदालतों में स्थानीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत है. इससे न केवल आम नागरिकों का न्याय प्रणाली में विश्वास बढ़ेगा बल्कि वे इससे अधिक जुड़ाव भी महसूस करेंगे.’

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों से न्याय प्रदान करने को आसान बनाने के लिए पुराने कानूनों को निरस्त करने की भी अपील की.

उन्होंने कहा, ‘2015 में, हमने लगभग 1,800 कानूनों की पहचान की, जो अप्रासंगिक हो चुके थे.इनमें से, केंद्र के ऐसे 1,450 कानूनों को समाप्त कर दिया गया. लेकिन, राज्यों ने केवल 75 ऐसे कानूनों को समाप्त किया है.’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जब भारत स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ मना रहा है, तो एक ऐसी न्यायिक प्रणाली के निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए, जहां न्याय आसानी से उपलब्ध, त्वरित और सभी के लिए हो.

उन्होंने कहा, ‘हमारे देश में, जहां न्यायपालिका की भूमिका संविधान के संरक्षक की है, वहीं विधायिका नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है. मेरा मानना ​​​​है कि इन दोनों का संगम एक प्रभावी व समयबद्ध न्यायिक प्रणाली के लिए रोडमैप तैयार करेगा.’

श्रीलंका के राष्ट्रपति अपने भाई को प्रधानमंत्री पद से हटाने के लिए राजी : सांसद मैत्रीपाला सिरीसेना

श्रीलंका के राष्ट्रपति देश में दशकों के सबसे बड़े आर्थिक संकट के चलते पैदा हुए राजनीतिक गतिरोध का हल निकालने के लिए प्रस्तावित अंतरिम सरकार में प्रधानमंत्री के तौर पर अपने भाई की जगह किसी अन्य नेता को नियुक्त करने को राजी हो गये हैं.

सांसद मैत्रीपाला सिरीसेना ने राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद कहा कि राष्ट्रपति गोटाबाया राजपक्षे इस बात से सहमत हुए हैं कि एक नये प्रधाानमंत्री के नाम से एक राष्ट्रीय परिषद नियुक्त की जाएगी और मंत्रिमंडल में सभी राजनीतिक दलों के सांसद शामिल होंगे.

सिरीसेना, राजपक्षे से पहले राष्ट्रपति थे. वह इस महीने की शुरूआत में करीब 40 अन्य सांसदों के साथ दलबदल करने से पहले सत्तारूढ़ दल के सांसद थे.

श्रीलंका दिवालिया होने के कगार पर पहुंच गया है और इस द्वीपीय देश ने घोषणा की है कि वह अपने विदेशी रिण की अदायगी स्थगित कर रहा है. उसे इस साल विदेशी रिण के रूप में सात अरब डॉलर, और 2026 तक 25 अरब डॉलर अदा करना है. उसका विदेशी मुद्रा भंडार घट कर एक अरब डॉलर से भी कम रह गया है.

विदेशी मुद्रा की कमी ने आयात को बुरी तरह से प्रभावित किया है, लोगों को खाने-पीने की चीजें, ईंधन, रसोई गैस और दवा के लिए घंटों कतार में इंतजार करना पड़ रहा है.

प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे सहित गोटाबाया और उनके परिवार का पिछले 20 वर्षों से श्रीलंका के लगभग हर क्षेत्र में वर्चस्व रहा है. मार्च से सड़कों पर उतर कर प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मौजूदा संकट के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराया है.

भारत के पास दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला स्टार्ट-अप इको-सिस्टम है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि भारत एक मजबूत अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है और देश में अर्ध-चालकों (सेमी-कंडक्टर) की खपत 2030 तक 110 अरब अमरीकी डॉलर को पार करने की उम्मीद है और यह दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता स्टार्ट-अप ‘इको-सिस्टम’ है.

उन्होंने कहा कि भारत अगली प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व करने के लिए तैयार है और अन्य चीजों के साथ ही 5जी में क्षमताओं को विकसित करने में निवेश किया जा रहा है.

यहां सेमीकॉन इंडिया-2022 सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में मोदी ने कहा, “हम भारत के लिए अगली प्रौद्योगिकी क्रांति का नेतृत्व करने का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं. हम छह लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने की राह पर हैं. हम 5जी, इंटरनेट ऑफ थिंग्स और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों में क्षमताओं के विकास में निवेश कर रहे हैं.”

उन्होंने कहा, “भारत में अर्धचालकों की खपत 2026 तक 80 अरब डॉलर और 2030 तक 110 अरब डॉलर को पार करने की उम्मीद है.” देश के आर्थिक स्वास्थ्य के बारे में प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते स्टार्टअप इको-सिस्टम के साथ मजबूत आर्थिक विकास की ओर अग्रसर है, जहां हर कुछ हफ्तों में नए यूनिकॉर्न (एक अरब डॉलर वाला स्टार्टअप) सामने आ रहे हैं.

मोदी ने उद्योग जगत से भारत को वैश्विक सेमी-कंडक्टर आपूर्ति श्रृंखलाओं में प्रमुख भागीदारों में से एक के रूप में स्थापित करने और हाई-टेक, उच्च गुणवत्ता और उच्च विश्वसनीयता के सिद्धांत के आधार पर इस दिशा में काम करने का आह्वान किया.

भारत के सेमी-कंडक्टर प्रौद्योगिकियों के लिए एक आकर्षक निवेश गंतव्य बनने के कारणों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम 1.3 अरब से अधिक भारतीयों को जोड़ने के लिए डिजिटल बुनियादी ढांचे का निर्माण कर रहे हैं और यूपीआई आज भुगतान के लिये दुनिया का सबसे कुशल बुनियादी ढांचा है.”

मोदी ने यह भी कहा कि देश स्वास्थ्य और कल्याण से लेकर समावेश और सशक्तिकरण तक शासन के सभी क्षेत्रों में जीवन को बदलने के लिए डिजिटल तकनीक का उपयोग कर रहा है.

प्रधानमंत्री ने यह भी रेखांकित किया कि देश 21वीं सदी की जरूरतों के लिए युवा भारतीयों के कौशल और प्रशिक्षण में भारी निवेश कर रहा है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हमारे पास एक असाधारण अर्धचालक डिजाइन प्रतिभा पूल है जो दुनिया के अर्धचालक डिजाइन इंजीनियर का 20 प्रतिशत है.”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारोबारियों से कहा, बैंकिंग में सुधार सुझाने के लिए उद्यमियों का दल बनाएं

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कारोबारी समुदाय से उद्यमियों और विशेषज्ञों का दल बनाने को कहा जो बैंकिंग तथा अन्य क्षेत्रों में सुधारों के बारे में सुझाव दे सकें और खामियों को उजागर कर सकें.

सूरत में तीन दिवसीय वैश्विक पाटीदार कारोबार सम्मेलन 2022 का डिजिटल तरीके से उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि देश में ऐसा माहौल बने कि सामान्य से सामान्य परिवार का युवा भी उद्यमी बने.

मोदी ने पाटीदार समुदाय के कारोबारी अगुवाओं से कहा, ‘‘मेरा आपसे अनुरोध है कि उद्यमियों और विशेषज्ञों का एक दल बनाएं जो बैंकिंग तथा अन्य क्षेत्रों में सुधारों और खामियों के बारे में बता सके और इन्हें बदलने के लिए सुझाव दे सके.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अपनी नीतियों, अपने कार्यों के माध्यम से सरकार का ये निरंतर प्रयास है कि देश में ऐसा माहौल बने कि सामान्य से सामान्य परिवार का युवा भी उद्यमी बने, उसके लिए सपने देखे, उद्यमिता पर गर्व करे.’’

Indian Railways:अयोध्‍या के ल‍िए हर रोज चलेगी अनर‍िजर्व स्‍पेशल पैसेंजर ट्रेन

रेलवे की ओर से यात्र‍ियों की सुव‍िधा के ल‍िए अयोध्‍या (Ayodhya) के ल‍िए अनर‍िजर्व स्‍पेशल ट्रेन (Unreserved Special Train) चलाने का न‍िर्णय ल‍िया है. आगामी 2 मई से शुरू हो रही यह अनर‍िजर्व कोच वाली ट्रेन गोरखपुर और अयोध्‍या के बीच दोनों द‍िशाओं में संचाल‍ित होगी. पूर्वोत्‍तर रेलवे (North Eastern Railway) द्वारा संचाल‍ित इस ट्रेन से लोगों का अयोध्‍या के ल‍िए आवागमन आसान और सुगम हो सकेगा. ट्रेन में सफर करने वाले सभी यात्र‍ियों को कोव‍िड-19 न‍ियमों को पालन करना अन‍िवार्य होगा. इसका बड़ा फायदा उन यात्र‍ियों को भी होगा जोक‍ि अयोध्‍या में भगवान श्रीराम मंद‍िर के दर्शनों के ल‍िए जाना चाहते हैं.

पूर्वोत्‍तर रेलवे के प्रवक्‍ता पंकज कुमार स‍िंह के मुताब‍िक 05425/05426 गोरखपुर-अयोध्या-गोरखपुर अनारक्षित स्‍पेशल पैसेंजर ट्रेन का संचलन 02 मई, 2022 से प्रतिदिन किया जाएगा.

प्रवक्‍ता के मुताब‍िक 05425 गोरखपुर-अयोध्या अनारक्षित स्‍पेशल पैसेंजर ट्रेन 02 मई, 2022 से गोरखपुर से 07.10 बजे प्रस्थान करेगी. मार्ग में यह ट्रेन डोमिनगढ़ से 07.27 बजे, जगतबेला से 07.39 बजे, सहजनवा से 07.50 बजे, सिहापार हाल्ट से 07.57 बजे, मगहर से 08.05 बजे, खलीलाबाद से 08.16 बजे, चुरेब से 08.26 बजे, मुण्डेरवा से 08.36 बजे, ओरवारा से 08.46 बजे, बस्ती से 09.03 बजे, गोविन्दनगर से 09.13 बजे, टिनिच से 09.24 बजे, गौर से 09.51 बजे, बभनान से 10.02 बजे, परसा तिवारी से 10.11 बजे, बभनजोतिया हाल्ट से 10.17 बजे, स्वामी नारायण छपिया से 10.24 बजे, मसकनवा से 10.43 बजे, लाखपत नगर से 10.56 बजे, मनकापुर जं. से 11.25 बजे, टिकरी से 11.43 बजे, नवाबगंज से 11.54 बजे, कटरा से 12.30 बजे तथा रामघाट हाल्ट से 12.39 बजे छूटकर अयोध्या 13.35 बजे पहुंचेगी.

वापसी यात्रा में 05426 अयोध्या-गोरखपुर अनारक्षितस्‍पेशल पैसेंजर ट्रेन 02 मई, 2022 से अयोध्या से 13.45 बजे प्रस्थान कर रामघाट हाल्ट से 13.57 बजे, कटरा से 14.07 बजे, नवाबगंज से 14.19 बजे, टिकरी से 14.30 बजे, मनकापुर जं. से 14.50 बजे, लाखपत नगर से 14.59 बजे, मसकनवा से 15.10 बजे, स्वामी नारायण छपिया से 15.18 बजे, बभनजोतिया हाल्ट से 15.24 बजे, परसा तिवारी से 15.31 बजे, बभनान से 15.40 बजे, गौर से 15.50 बजे, टिनिच से 16.00 बजे, गोविन्दनगर से 16.11 बजे, बस्ती से 16.28 बजे, ओरवारा से 16.38 बजे, मुण्डेरवा से 16.48 बजे, चुरेब से 16.58 बजे, खलीलाबाद से 17.08 बजे, मगहर से 17.19 बजे, सिहापार हाल्ट से 17.26 बजे, सहजनवा से 17.36 बजे, जगतबेला से 18.02 बजे तथा डोमिनगढ़ से 18.23 बजे छूटकर गोरखपुर 19.15 बजे पहुंचेगी. इस ट्रेन में एस.एल.आर.डी के 02 तथा साधारण द्वितीय श्रेणी के 10 कोच सहित कुल 12 कोच लगाए जाएंगे.

बताते चलें क‍ि पिछले दो सालों से गोरखपुर-अयोध्या पैसेंजर ट्रेन कोरोना संक्रमण के चलते निरस्त चल रही थी. इस समय अधिकांश रूटों पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन एक बार फिर से रेल मंत्रालय की ओर से शुरू किया जा चुका है. लेकिन गोरखपुर-अयोध्या पैसेंजर ट्रेन चालू नहीं की गई थी. इसको लेकर स्थानीय लोगों ने पैसेंजर ट्रेन को चालू कराए जाने की मांग भी की थी. अब इसको पुन: 2 मई से शुरू क‍िया जा रहा है.

Source : News18

Maharashtra: फर्जी डॉक्यूमेंट्स के आधार पर लिया 11 करोड़ का मुआवजा, पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में भूमि अधिग्रहण के लिए 11.66 करोड़ रुपये का मुआवजा लेने के लिए फर्जी दस्तावेज जमा कराने के आरोप में पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करायी है. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. प्रस्तावित वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के लिए जमीन अधिग्रहरण की प्रक्रिया यहां चल रही है.

इस प्रक्रिया में राजस्व प्राधिकारियों ने ठाणे के भिवंडी तालुक में नंदिठाणे गांव के आठ लोगों की जमीन का अधिग्रहण किया है. शांति नगर पुलिस थाने के एक अधिकारी ने बताया कि बाद में सत्यापन के दौरान यह सामने आया कि कुछ लोगों ने आधार और पैन कार्ड की कथित तौर पर फर्जी प्रतियां दीं और 11 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा ले लिया.

उन्होंने बताया कि पुलिस ने संबंधित प्रावधानों के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मंगलवार को एक मामला दर्ज किया. अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है.

अखिलेश यादव ने आदित्यनाथ सरकार पर साधा निशाना, बोले – 18-20 घंटे क्या गांवो में चार घंटे भी बिजली नहीं आ रही

उत्तर प्रदेश में बिजली कटौती को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधा है.अखिलेश ने कहा है कि सरकार का 18-20 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा खोखला साबित हो रहा है औऱ गांवों में चार घंटे भी बिजली नहीं आ पा रही है. सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती से हाहाकार मचा हुआ है. गर्मी बढ़ती जा रही, लेकिन राज्य सरकार बिजली की पर्याप्त व्यवस्था नहीं कर पा रही है.

अखिलेश ने कहा कि भाजपा के दूसरे कार्यकाल में बिजली मंत्री बदल गये, लेकिन दुर्दशा नहीं बदली. यादव ने कहा कि सरकारी बयानों में ग्रामीण क्षेत्रों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है जबकि महज चार घंटे ही बिजली मिल रही है, कई स्थानों पर तो पूरी रात अंधेरा रहता है.

अखिलेश यादव ने कहा कि बिजली कटौती से बुनकरों का धंधा बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. संत कबीर नगर में बिजली नहीं मिलने से बिजली चालित हथकरघे ठप्प हो रहे हैं. इससे बुनकर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं. वे आधे अधूरे तैयार कपड़ों को लेकर परेशान हैं. बिजली संकट के चलते व्यापारिक गतिविधियां भी बुरी तरह प्रभावित हो रही है.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में न केवल ग्रामीण अपितु नगरीय क्षेत्रों में भी बिजली की जबरदस्त कटौती हो रही है. सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने बिजली उत्पादन के लिए कोई काम नहीं किया, एक भी नया बिजली संयंत्र स्थापित नहीं किया, बिजली का उत्पादन नहीं बढ़ाया.

उन्होंने आरोप लगाया कि पांच साल के शासन में भाजपा ने उत्तर प्रदेश की हालत इतनी जर्जर कर दी है कि बिजली उत्पादन की कई इकाइयां बंद पड़ी हैं. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा था कि गर्मी के मौसम में बिजली की सर्वाधिक आवश्यकता होती है, ऐसे में रोस्टर के अनुसार निर्बाध विद्युत आपूर्ति होनी चाहिए.

मुख्यमंत्री ने सोमवार को निर्देश दिया था कि इसके लिए जरूरी व्यवस्था तुरंत की जाए. बिजली की अबाधित आपूर्ति के लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बिजली की व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि ट्रांसफॉर्मर खराब होने अथवा तार आदि के टूटने की स्थिति में बिना देरी समस्या का समाधान किया जाए. मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा विभाग व पावर कॉरपोरेशन यह सुनिश्चित करें कि पूर्व निर्धारित रोस्टर के अनुरूप सभी क्षेत्रों में बिजली की आपूर्ति हो.

यूक्रेन में संघर्ष से निपटने का सर्वश्रेष्ठ तरीका लड़ाई रोकना और वार्ता करना होगा : विदेश मंत्री एस जयशंकर

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बुधवार को कहा कि यूक्रेन में संघर्ष से निपटने का सर्वश्रेष्ठ तरीका ‘‘लड़ाई रोकने और वार्ता करने पर’’ जोर देना होगा। साथ ही, संकट पर भारत का रुख इस तरह की किसी पहल को आगे बढ़ाना है.

भारत की विदेश नीति एवं भू-आर्थिक सम्मेलन ‘रायसीना डॉयलॉग’ में एक परिचर्चा सत्र में एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह कहा.

जयशंकर ने यूक्रेन में रूस की सैन्य कार्रवाई पर भारत के रुख की आलोचना का मंगलवार को विरोध करते हुए कहा था कि पश्चिमी शक्तियां पिछले साल अफगानिस्तान में हुए घटनाक्रम सहित एशिया की मुख्य चुनौतियों से बेपरवाह रही हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘हमने यूक्रेन मुद्दे पर कल काफी वक्त बिताया और मैंने न सिर्फ यह विस्तार से बताने की कोशिश की कि हमारे विचार क्या हैं, बल्कि यह भी स्पष्ट किया कि हमें लगता है कि आगे की सर्वश्रेष्ठ राह लड़ाई रोकने, वार्ता करने और आगे बढ़ने के रास्ते तलाशने पर जोर देना होगा. हमें लगता है कि हमारी सोच, हमारा रुख उस दिशा में आगे बढ़ने का सही तरीका है.’’

उल्लेखनीय है कि भारत ने यूक्रेन पर हुए हमले की अब तक सार्वजनिक रूप से निंदा नहीं की है और वार्ता एवं कूटनीति के जरिये संघर्ष का समाधान करने की अपील करता रहा है.

जयशंकर ने अपने संबोधन में भारत की आजादी के बाद के 75 वर्षों के संघर्ष के बारे में चर्चा की और इस बात को रेखांकित किया कि देश ने दक्षिण एशिया में लोकतंत्र को बढ़ावा देने में किस तरह से भूमिका निभाई है.

विदेश मंत्री ने मानव संसाधन और विनिर्माण पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिये जाने का जिक्र किया और कहा कि विदेश नीति के तहत बाहरी सुरक्षा खतरों पर शायद ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया.

जयशंकर ने इस सवाल पर कि अगले 25 वर्षों की प्राथमिकताएं क्या होनी चाहिए, कहा कि सभी संभावित क्षेत्रों में क्षमता निर्माण पर मुख्य रूप से जोर होना चाहिए.

विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘हम कौन हैं, इस बारे में हमें आश्वस्त रहना होगा. मुझे लगता है कि हम कौन हैं… इस आधार पर विश्व के देशों से बात करना बेहतर होगा.’’

उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत अपनी प्रतिबद्धताओं, जिम्मेदारियों और अगले 25 वर्षों में अपनी भूमिकाओं के संदर्भ में अत्यधिक अंतरराष्ट्रीय होगा.

कोरोना की चुनौती अभी टली नहीं, योग्य बच्चों का शीघ्र टीकाकरण प्राथमिकता: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि पिछले दो हफ्तों में कुछ राज्यों में जिस प्रकार से कोविड-19 महामारी के मामले बढ़े हैं, उससे स्पष्ट है कि कोरोना वायरस के संक्रमण की चुनौती अभी पूरी तरह टली नहीं है.

देशवासियों से सतर्क रहने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा चुनौतियों के मद्देनजर उनकी सरकार की प्राथमिकता सभी योग्य बच्चों का जल्द से जल्द टीकाकरण करना है.

उन्होंने राज्यों से आग्रह किया कि वे सभी योग्य बच्चों का यथाशीघ्र टीकाकरण सुनिश्चित करने के लिए स्कूलों में विशेष अभियान चलाएं. उन्होंने शिक्षकों और अभिभावकों से इसे लेकर जागरूक रहने की अपील की.

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों, केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपालों और प्रशासकों के साथ वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से कोविड महामारी की ताजा स्थिति की समीक्षा के बाद अपने संबोधन में यह बात कही.

उन्होंने कहा, ‘‘जिस तरह से पिछले दो हफ्तों में कुछ राज्यों में मामले बढ़े हैं उससे यह स्पष्ट है कि कोरोना की चुनौती अभी पूरी तरह टली नहीं है. ओमीक्रोन और उसके सब वैरिएंट्स किस तरह गम्भीर परिस्थिति पैदा कर सकते हैं, यह यूरोप के देशों में हम देख सकते हैं.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ महीनों में कुछ देशों में कोरोना के विभिन्न स्वरूपों की वजह से कुछ लहरें भी आईं लेकिन भारत ने कई देशों की तुलना में हालात पर काफी बेहतर नियंत्रण रखा है.

उन्होंने कहा, ‘‘इन सब के बावजूद पिछले दो हफ्ते से जिस तरह कुछ राज्यों में मामले बढ़ रहे हैं, उसे देख कर हमें सतर्क रहना है.’’

प्रधानमंत्री ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में टीकाकरण की ‘‘बहुत अहम भूमिका’’ का उल्लेख करते हुए, देश में लंबे समय के बाद स्कूलों के खुलने का जिक्र किया और कहा कि एक बार फिर से संक्रमण के बढ़ते मामलों ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है.

कुछ स्कूलों में बच्चों के संक्रमित होने की खबरों की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘सभी योग्य बच्चों का जल्द से जल्द टीकाकरण हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए पहले की तरह स्कूलों में विशेष अभियान चलाने की जरूरत भी होगी। शिक्षक और माता-पिता इसे लेकर जागरूक रहें.’’

उल्लेखनीय है कि इस साल मार्च में देश में 12-14 वर्ष के बच्चों के लिए टीकाकरण की शुरुआत की गई जबकि 26 अप्रैल से 6-12 वर्ष के बच्चों के लिए भी को-वैक्सीन टीके की अनुमति मिल गई है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के वैज्ञानिक और विशेषज्ञ राष्ट्रीय और वैश्विक परिस्थितियों की लगातार निगरानी कर रहे हैं और उनके सुझावों पर देश को अति सक्रियता और सामूहिक रुख अपनाते हुए कोविड महामारी के खिलाफ आगे की लड़ाई लड़नी है.

उन्होंने कहा, ‘‘संक्रमण को शुरुआत में ही रोकना हमारी प्राथमिकता पहले भी थी और आज भी हमारी प्राथमिकता यही होनी चाहिए.’’

उन्होंने मुख्यमंत्रियों को जांच करने, संक्रमण का पता लगाने और उपचार करने की रणनीति को प्रभावी तरीके से अपनाने का सुझाव दिया और कहा कि आज कोरोना की जो स्थिति है उसमें यह जरूरी है कि अस्पतालों में भर्ती मरीजों में जो गम्भीर इन्फ्लूएंजा के मामले हैं, उनकी शत प्रतिशत कोरोना जांच हो.

देश में कोरोना वायरस के संक्रमण की शुरुआत के बाद प्रधानमंत्री मोदी की सभी राज्यों के साथ यह 24वीं बैठक थी। इसमें पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित विपक्षी शासित राज्यों के मुख्यमंत्री भी शामिल हुए.

यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत में पिछले 24 घंटों में कोविड-19 के 2,927 नए मामले आए. इसके साथ ही देश में कोरोना वायरस से अब तक संक्रमित हो चुके लोगों की संख्या बढ़कर 4,30,65,496 हो गई.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से बुधवार को सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, भारत में संक्रमण से 32 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 5,23,654 हो गई है. देश में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 16,279 हो गई है, जो कुल मामलों का 0.04 प्रतिशत है.

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक संक्रमण की दैनिक दर 0.58 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 0.59 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से मृत्यु दर 1.22 प्रतिशत है.

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 188.19 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है.