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फ्लोरल बिकिनी में पूल किनारे इठलाती नजर आईं मोनालिसा,कातिलाना अंदाज देख मदहोश हुए फैंस

भोजपुरी क्वीन मोनालिसा इन दिनों सुर्ख़ियों में हैं. वजह हैं सोशल मीडिया में वायरल हो रही उनकी तस्वीरें. इन तस्वीरों को शेयर करते हुए मोनालिसा ने कैप्शन में लिखा कि- मेक सम वेव्स…

इन तस्वीरों में मोनालिसा की कातिलाना अदाएं फैंस के दिलों पर बिजलियाँ गिरा रही हैं.लेटेस्ट तस्वीर में मोनालिसा पूल के किनारे बैठे हुए फ्लोरल बिकिनी में अपने हुस्न का जलवा दिखाती दिखीं है.

आपको बता दें कि मोनालिसा इंस्टाग्राम पर अकसर अपनी तस्वीरें और विडियो शेयर करती रहती है. इंस्टाग्राम पर मोनालिसा के 4.9 मिलियन फ़ॉलोअर हैं.

सिर्फ कांग्रेस गरीबों, मध्यम वर्गीय परिवारों के कल्याण के लिए काम करती है : राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में वृद्धि को लेकर रविवार को सरकार पर हमला तेज करते हुए कहा कि केवल उन्हीं की पार्टी गरीबों और मध्यम वर्गीय परिवारों की भलाई के लिए काम करती है.

गौरतलब है कि शनिवार को रसोई गैस के दाम प्रति सिलेंडर 50 रुपये तक बढ़ गए, जो बीते छह हफ्तों से अधिक समय में कीमतों में दूसरी वृद्धि है.

राहुल ने एक ट्वीट में घरेलू सिलेंडर के दामों की तुलना की. उन्होंने बताया कि 2014 में कांग्रेस नीत सरकार में एलपीजी सिलेंडर की कीमत 827 रुपये की सब्सिडी के साथ 410 रुपये थी, जबकि 2022 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार के तहत इसकी कीमत 999 रुपये से अधिक है और ‘सब्सिडी’ भी ‘शून्य’ है.

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा, ‘‘तब के दो सिलेंडर की कीमत के बराबर आज एक सिलेंडर की कीमत है. केवल कांग्रेस गरीब और मध्यम वर्गीय भारतीय परिवारों की भलाई के लिए काम करती है. यह हमारी आर्थिक नीति का मूल है.’’

शनिवार को सिलेंडर की कीमतों में वृद्धि के बाद राहुल ने कहा था कि करोड़ों भारतीय परिवार ‘अत्यधिक महंगाई’, बेरोजगारी और ‘खराब शासन’ के खिलाफ मुश्किल जंग लड़ रहे हैं.

Jamshedpur Tata Steel Plant Blast : जमशेदपुर के टाटा स्टील प्लांट में भीषण आग, 3 घायल

जमशेदपुर की टाटा स्टील फैक्ट्री में एक कोक प्लांट में बैटरी में कथित विस्फोट के कारण भीषण आग लगने का मामला सामने आया है. मिली जानकारी के मुताबिक़ हादसे में 2 मजदूरों को गंभीर चोटें आई है. मौके पर दमकल की पांच गाड़ियां भेजी गई हैं. कंपनी ने बताया कि आग पर फिलहाल काबू पा लिया गया है.

टाटा स्टील ने एक बयान में कहा कि 2 अनुबंध कर्मचारियों को मामूली चोटें आईं और एक कर्मचारी ने सीने में दर्द की शिकायत की, उनकी हालत स्थिर है. हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है.

Madhya Pradesh : इंदौर की दो मंजिला मकान में भीषण आग, 7 लोग जिंदा जले, 9 बचाए गए; मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया मुआवजे का ऐलान

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की व्यावसायिक नगरी इंदौर (Indore) के स्वर्ण बाग कॉलोनी में एक भीषण अग्निकांड में सात लोग जिंदा जल गए. कॉलोनी की एक दो मंजिला मकान में आग लगने के बाद राहत और बचाव दल ने वहां से 9 लोगों को रेस्क्यू कर बचाया है. प्राथमिक जानकारी के मुताबिक जिस मकान में आग लगी है, वह अंसार पटेल का मकान है.

घटना की सूचना पाकर पुलिस कमिश्नर हरिनारायण चारी मिश्रा सहित कई अधिकारी पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं. घटना शनिवार की सुबह 4:00 से 5:00 के बीच की बताई जा रही है. मृतकों में दो महिलाएं भी शामिल हैं.

विजय नगर पुलिस थाने के प्रभारी तहजीब काजी के मुताबिक, आग से प्रभावित रिहायशी इमारत से पांच लोगों को मृत अवस्था में बाहर निकाला गया, जबकि 11 अन्य को घायल हालत में अस्पताल भेजा गया है. उन्होंने बताया कि आग बिजली के मीटर में शॉर्ट सर्किट के कारण लगी और इसने सबसे पहले इमारत की पार्किंग में खड़ी गाड़ियों को अपनी चपेट में लिया.

काजी के अनुसार, अग्निकांड में जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से ज्यादातर की जान धुएं से दम घुटने के कारण गई. उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है और मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना पर दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये मुआवजा देने का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री ने भी मामले की जांच के आदेश दिए हैं.

इमारत के मालिक अंसार पटेल को पुलिस ने हिरासत में लिया है और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 304ए के तहत लापरवाही से मौत का मामला दर्ज किया है क्योंकि इमारत में कोई अग्नि सुरक्षा उपकरण स्थापित नहीं किया गया था, जिसमें प्रत्येक मंजिल पर एक फ्लैट था. अंसार ने फ्लैट को किराए पर दे रखा था.

Source : NDTV

Pippali : कैंसर की नई दवा के लिए भारतीय पीपली महत्वपूर्ण – रिसर्च

भोजन को मसालेदार बनाने के लिए मशहूर भारतीय पीपली का उपयोग जल्द ही कैंसर के इलाज की प्रभावी दवा तैयार करने में किया जा सकता है.

जैव रसायन विज्ञान जर्नल में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार भारतीय पीपली में एक ऐसा रसायन पाया जाता है, जो आपके शरीर को उस एंजाइम को उत्पादित करने से रोकता है, जो सामान्यत: बड़ी संख्या में ट्यूमर में पाया जाता है.

यूटी दक्षिण-पश्चिम मेडिकल सेंटर के वैज्ञानिकों ने एक भारतीय मसाले (पीपली) के पौधे में कैंसर रोधी गुण का पता लगाया है. पीपली में पाया जाने वाला यह रसायन पिपरलोंगुमाइन (पीएल) कई प्रकार के कैंसर जैसे प्रोस्टेट, स्तन, फेफड़े, लिंफोमा, ल्यूकेमिया और प्राथमिक मस्तिष्क ट्यूमर और अमाशय के कैंसर में लाभकारी है.

जैव रसायन और विकिरण कैंसर के सहायक प्रोफेसर डाक्टर केनिथ वेस्टओवर ने कहा, ‘‘हम आशान्वित हैं कि हमारी संरचना अतिरिक्त दवा के विकास में मददगार होगी और इसका उपयोग विभिन्न प्रकार के कैंसर के उपचार के लिए किया जा सकेगा.’’

आयुर्वेद में पीपली के फायदे :

1. पीपल, पीपलामूल, चित्रक, चव्य, सौंठ का काढ़ा बना कर पीने से थाइराइड की बीमारी कुछ ही दिनों में ठीक हो जाती है.

2. स्त्रियों की माहवारी यदि कम हो तो पीपली + पीपलामूल (पीपली की जड़) डेढ़- डेढ़ ग्राम मिलाकर उसका काढ़ा बनाकर पीएं. ये लेने से दर्द भी कम होता है और माहवारी भी नियमित हो जाती हैं. यह थोड़ा गर्म होने की वजेह से गर्मी में कुछ कम मात्रा में लें.

3. पीपली का पावडर भूनकर नस्य लेने से सिरदर्द, नजला, जुकाम में आराम मिलता है.

4. कफ वाली हर दवाई में पीपली का प्रयोग होता है. एक ग्राम पीपली के पावडर को दूध के साथ रात को सोते समय लेने से नींद अच्छी आती है और कफ में भी आराम मिलता है. अस्थमा में दो ग्राम पीपली का पावडर शहद के साथ लेंने से कुछ ही समय में कफ बनना बंद हो जाता है.

5. पीपली को बारीक पीसकर उसमे देसी गौ का शुद्ध घी मिलाकर धूप की बत्ती की तरह बना लें और उसके धुआं को किसी मीती के बर्तन पर ले कर काजल बना लें उस काजल को रतौंधी के मरीज को लगाने से कुछ ही समय में रोग समाप्त हो जाता है और आंखें भी ठीक रहती हैं.

6. पीपली के पाउडर को शहद के साथ चाटने से स्वरभंग से छुटकारा मिलता है.

7. बच्चों का दांत निकलते समय पिपली घिसकर शहद के साथ चाटने से दांत आराम से निकल आते हैं.

Haryana : सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सिविल सेवा परीक्षा-2021 पर लगाई रोक

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने बुधवार को हरियाणा सिविल सेवा (न्यायिक शाखा)-2021 की छह मई से शुरू होने वाली मुख्य परीक्षाओं (mains examination of Haryana Civil Service (Judicial Branch) को स्थगित कर दिया क्योंकि इन्हीं तारीख में मध्य प्रदेश दीवानी न्यायाधीश, कनिष्ठ संभाग (प्रवेश स्तर) परीक्षा-2021 की प्रारंभिक परीक्षा होनी है.न्यायमूर्ति विनीत सरण और न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी की पीठ ने आंतरिक आदेश पारित किया और मामले में अगली सुनवाई के लिए 9 मई की तारीख तय की गई है. 

शीर्ष अदालत ने पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से परिवर्तित तिथियां बताने या तारीख तय करने में उसकी सहायता करने को कहा. राघव गुंबर और कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने अपनी याचिका में इस बात की ओर इशारा किया था कि हरियाणा की परीक्षा पहले 22 अप्रैल से 24 अप्रैल के बीच होनी थी. हालांकि दिल्ली न्यायिक सेवा परीक्षा की तारीखें भी उसके साथ पढ़ने के कारण इसे 6 से 8 मई के लिए स्थगित कर दिया गया.

मामले में वकील नमित सक्सेना ने मांग की कि उच्च न्यायालय को मध्य प्रदेश की परीक्षाओं की तारीखों को देखते हुए मौजूदा तिथियों को भी स्थगित करना चाहिए.

Loudspeaker Row: जब तक मस्जिदों पर बजेंगे लाउडस्पीकर, हनुमान चालीसा भी बजता रहेगा – राज ठाकरे

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने अपना उग्र तेवर जारी रखते हुए बुधवार को कहा कि जब तक मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर शांत नहीं होते, उनके पार्टी कार्यकर्ता भी तेज आवाज में हनुमान चालीसा बजाना जारी रखेंगे.

राज ठाकरे ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में महाराष्ट्र पुलिस पर निशाना साधते हुए कहा कि पुलिस उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को तो हिरासत में ले रही है, लेकिन कानून का पालन न करने वालों को ‘छोड़’ रही है.

मनसे प्रमुख ने दावा किया कि जब उन्होंने मस्जिदों के बाहर हनुमान चालीसा बजाने का आह्वान किया, तो 90 से 92 प्रतिशत मस्जिदों में सुबह की अज़ान के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल नहीं किया गया.

उन्होंने बुधवार से मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी थी.

राज ठाकरे ने दावा किया कि मुंबई में 1,104 मस्जिदें हैं, जिनमें से 135 ने बुधवार को सुबह की नमाज के दौरान लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया. उन्होंने पूछा कि आखिर इन मस्जिदों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जा रही है, जिन्होंने ‘कानून का उल्लंघन किया है.’

उन्होंने कहा, “हमारे कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई क्यों की जाती है जबकि कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कुछ नहीं किया जा रहा है? यह मामला सिर्फ सुबह की अजान तक ही सीमित नहीं है. अगर दिन में चार-पांच बार नमाज के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल किया जा रहा है, तो हमारे लोग भी दोगुनी आवाज में हनुमान चालीसा बजाते रहेंगे. यह (विरोध) केवल एक दिन के लिए नहीं है.’’ राज ठाकरे ने कहा कि अगर कोई मंदिर उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्धारित मानदंडों का उल्लंघन कर रहा है, तो उसे भी दिशानिर्देशों का पालन करना चाहिए. उन्होंने कहा कि यदि मस्जिदें लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करती हैं तो उन्हें उच्चतम न्यायालय की ओर से निर्धारित आवाज की सीमा का पालन करना चाहिए.

इससे पहले मुंबई पुलिस ने आज राज ठाकरे के आवास के बाहर एकत्रित हुए कई मनसे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया.

Water crisis in Delhi : दिल्ली में बढ़ सकता है जल संकट, हरियाणा को एक हफ्ते में दूसरा पत्र भेजा गया

दिल्ली में बढ़ती गर्मी के बीच पानी का संकट गहरा रहा है और यमुना में पानी के कम प्रवाह के कारण वजीराबाद तालाब में जलस्तर तेजी से घट रहा है.

अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली सरकार ने एक सप्ताह में दूसरी बार हरियाणा सिंचाई विभाग को पत्र लिखकर यमुना में अतिरिक्त जल छोड़ने को कहा है ताकि राजधानी में जलापूर्ति में अवरोध नहीं आए.

एक अधिकारी ने बताया कि वजीराबाद बैराज में जलस्तर बुधवार की सुबह चिंताजनक रूप से कम होकर 672.30 फुट के स्तर पर आ गया जबकि सामान्य स्तर 674.5 फुट है.

हरियाणा दो नहरों- कैरियर-लाइन्ड चैनल (सीएलसी) और दिल्ली उप-शाखा (डीएसबी) के माध्यम से दिल्ली को 61 करोड़ गैलन पानी की आपूर्ति करता है.

सीएलसी और डीएसबी को मुनक नहर और भाखरा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के माध्यम से हथिनी कुंड से पानी की आपूर्ति की जाती है.

इसके अलावा दिल्ली को ऊपरी गंगा नहर के माध्यम से उत्तर प्रदेश से 25.3 करोड़ गैलन प्रतिदिन पानी मिलता है. इनके अलावा 9 करोड़ गैलन पानी राजधानी में लगे कुओं और जलाशयों से मिलता है.

एक अन्य अधिकारी ने बताया कि वजीराबाद तालाब में पानी के कम स्तर और सीएलसी में कम प्रवाह की वजह से चंद्रावल, वजीराबाद, हैदरपुर, नांगलोई और द्वारका समेत कई जल शोधन संयंत्रों की परिचालन क्षमता कम हुई है.

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली को 2021 में 1,380 एमजीडी पानी की जरूरत थी जबकि दिल्ली जल बोर्ड करीब 950 एमजीडी पानी की आपूर्ति ही कर सका.

मोदी डेनमार्क पहुंचे, डेनिश प्रधानमंत्री से मिलेंगे और दूसरे भारत-नॉर्डिक सम्मेलन में भाग लेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में मंगलवार को डेनमार्क पहुंचे जहां वह डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेट्टे फ्रेडेरिक्सेन के साथ बातचीत करेंगे और दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे.

मोदी जर्मनी से यहां पहुंचे हैं. उन्होंने जर्मनी में चांसलर ओलाफ़ शोल्ज के साथ विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता की और भारत-जर्मनी अंतर-सरकारी परामर्श की सह-अध्यक्षता की.

यह प्रधानमंत्री की पहली डेनमार्क यात्रा है. उन्होंने अपने प्रस्थान वक्तव्य में कहा था, ‘‘मैं कोपेनहेगन की यात्रा करुंगा जहां प्रधानमंत्री फ्रेडेरिक्सेन के साथ द्विपक्षीय मुलाकात करुंगा. इससे डेनमार्क के साथ हमारी विशिष्ट ‘हरित रणनीतिक साझेदारी’ में प्रगति की समीक्षा का तथा हमारे द्विपक्षीय संबंधों के अन्य पहलुओं की भी समीक्षा का अवसर मिलेगा.’’

‘भारत-डेनमार्क: हरित रणनीतिक साझेदारी’ सितंबर 2020 में एक डिजिटल सम्मेलन के दौरान शुरू हुई थी. यह साझेदारी अक्टूबर 2021 में प्रधानमंत्री फ्रेडेरिक्सेन की भारत यात्रा के दौरान एक परिणामोन्मुखी पंचवर्षीय कार्ययोजना में बदली थी.

मोदी क्वीन मारग्रेथे द्वितीय से भी मिलेंगे. वह ‘‘भारत-डेनमार्क बिजनेस राउंडटेबल’’ में भाग लेंगे और डेनमार्क में रहने वाले भारतवंशी समुदाय के साथ भी चर्चा करेंगे.

भारत में डेनमार्क की 200 से अधिक कंपनियां ‘मेक इन इंडिया, जल जीवन मिशन, डिजिटल इंडिया और अन्य प्रमुख राष्ट्रीय मिशनों’ को आगे बढ़ाने में सक्रिय हैं.

डेनमार्क में 60 से अधिक भारतीय कंपनियां द्विपक्षीय कारोबारी संबंधों को मजबूत कर रही हैं जिनमें मुख्य रूप से आईटी क्षेत्र की कंपनियां शामिल हैं. डेनमार्क में भारतीय मूल के करीब 16,000 लोग रहते हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी डेनमार्क में द्विपक्षीय वार्ताओं के अलावा डेनमार्क, आइसलैंड, फिनलैंड, स्वीडन और नॉर्वे के प्रधानमंत्रियों के साथ दूसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे जहां वे 2018 में हुए पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद से हुए सहयोग की समीक्षा करेंगे.

मोदी ने कहा था, ‘‘इस शिखर सम्मेलन में महामारी के बाद अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने, जलवायु परिवर्तन, नवोन्मेष और प्रौद्योगिकी, अक्षय ऊर्जा, उभरते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तथा आर्कटिक क्षेत्र में भारत-नॉर्डिक सहयोग जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.’’

सम्मेलन में आर्थिक साझेदारी, हरित साझेदारी और आर्कटिक क्षेत्र में गतिशीलता एवं सहयोग पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा.

मोदी ने कहा था, ‘‘शिखर सम्मेलन से इतर मैं चार अन्य नॉर्डिक देशों के नेताओं से भी मुलाकात करुंगा और उनके साथ भारत के द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति की समीक्षा करुंगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘नॉर्डिक देश स्थिरता, अक्षय ऊर्जा, डिजिटलीकरण और नवोन्मेषिता के क्षेत्र में भारत के महत्वपूर्ण साझेदार हैं. यह यात्रा नॉर्डिक क्षेत्र के साथ हमारे बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ाने में मदद करेगी.’’

नॉर्डिक देशों के साथ भारत का व्यापार पांच अरब डॉलर से अधिक का है।

Coal Shortage: बिजली संकट गहराया, आपूर्ति में कमी 10.77 गीगावॉट पर पहुंची

कोयले की कमी की वजह से देश में बिजली संकट गहराने के बीच व्यस्त समय में बिजली कमी भी बढ़ी है. इस सप्ताह सोमवार को बिजली की कमी जहां 5.24 गीगावॉट थी, वही बृहस्पतिवार को यह बढ़कर 10.77 गीगावॉट हो गई.

राष्ट्रीय ग्रिड परिचालक, पावर सिस्टम ऑपरेशन कॉरपोरेशन (पीओएसओसीओ) के ताजा आंकड़ों से पता चला है कि रविवार को व्यस्त समय में बिजली की कमी सिर्फ 2.64 गीगावॉट थी, जो सोमवार को 5.24 गीगावॉट, मंगलवार को 8.22 गीगावॉट, बुधवार को 10.29 गीगावॉट और बृहस्पतिवार को 10.77 गीगावॉट हो गई.

आंकड़ों से यह भी पता चला है कि 29 अप्रैल, 2022 को अधिकतम पूरी की गई बिजली की मांग 207.11 गीगावॉट के सर्वकालिक उच्चस्तर को छू गई. इसके चलते शुक्रवार को बिजली की कमी घटकर 8.12 गीगावॉट रह गई.

दिलचस्प तथ्य यह है कि देशभर में तेज गर्मी के बीच इस सप्ताह में बिजली की आपूर्ति तीन बार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंची.

व्यस्त समय में अधिकतम पूरी गई बिजली की मांग मंगलवार को रिकॉर्ड 201.65 गीगावॉट पर पहुंच गई. यह सात जुलाई, 2021 को 200.53 गीगावॉट थी.

बृहस्पतिवार को बिजली की अधिकतम मांग 204.65 गीगावॉट के रिकॉर्ड स्तर पर थी और शुक्रवार को यह 207.11 गीगावॉट के सर्वकालिक उच्च को छू गई। बुधवार को यह 200.65 गीगावॉट थी.

इस सप्ताह की शुरुआत में सोमवार को अधिकतम पूरी गई बिजली मांग 199.34 गीगावॉट थी.

विशेषज्ञों का कहना है कि इन आंकड़ों से स्पष्ट पता चलता है कि बिजली की मांग में तेजी आई है और कुछ ही दिनों में इसकी वजह से देश में बिजली संकट गहरा गया है.

उनका कहना है कि केंद्र और राज्य सरकारों के नेतृत्व में सभी हितधारकों को ताप बिजलीघरों में कम कोयले के भंडार, परियोजनाओं पर रैक को तेजी से खाली करने और इनकी उपलब्धता बढ़ाने पर ध्यान देना होगा.

विशेषज्ञों ने कहा कि अभी गर्मी की शुरुआत में जब यह हाल है, तो मई और जून की स्थिति का अंदाजा ही लगाया जा सकता है.

बिजली मंत्रालय ने कहा था कि मई-जून 2022 में बिजली की मांग लगभग 215-220 गीगावॉट तक पहुंच सकती है.