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IND vs PAK, Women’s World Cup 2022 : भारतीय महिला टीम ने पाकिस्तान को हराकर विश्व कप में जीत के साथ किया आगाज

भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को एकतरफा मुकाबले में 107 रन से हराकर आईसीसी महिला विश्व कप में जीत के साथ आगाज किया.

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का भारतीय कप्तान मिताली राज का फैसला सही साबित हुआ. फॉर्म में चल रही सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना, स्नेह राणा और पूजा वस्त्राकर के अर्धशतकों की मदद से भारत ने शुरूआती झटकों से उबरते हुए सात विकेट पर 244 रन बनाये.

जीत के लिये 245 रन के जवाब में पाकिस्तानी टीम 43 ओवर में 137 रन पर आउट हो गई. भारत के हाथों 50 ओवरों के प्रारूप में यह उसकी लगातार 11वीं हार थी.

भारत के लिये बायें हाथ की स्पिनर राजेश्वरी गायकवाड़ ने 10 ओवर में 31 रन देकर चार विकेट लिये. अनुभवी तेज गेंदबाज झूलन गोस्वामी ने 29 रन देकर दो और राणा ने 27 रन देकर दो विकेट चटकाये.

भारत की शुरूआत अच्छी नहीं रही और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा तीसरे ही ओवर में खाता खोले बिना आउट हो गई. मंधाना (75 गेंद में 52 रन) और दीप्ति शर्मा (57 गेंद में 40 रन) ने पारी को आगे बढाया.

पाकिस्तान ने कप्तान मिताली राज (9) और उपकप्तान हरमनप्रीत कौर (5) के विकेट जल्दी लेकर भारत पर दबाव बनाया.

सचिन तेंदुलकर और जावेद मियांदाद के बाद छह विश्व कप खेलने वाली तीसरी क्रिकेटर और पहली महिला क्रिकेटर बनी मिताली राज बल्ले से कोई कमाल नहीं कर सकी.

शेफाली के जल्दी आउट होने के बाद मंधाना और दीप्ति ने पारी को संभाला. इसके बाद राणा और वस्त्राकर टीम को 255 रन के पास ले गए.

राणा (नाबाद 53) और वस्त्राकर (67) ने 122 रन की साझेदारी की जो आईसीसी महिला विश्व कप में सातवें विकेट के लिये सबसे बड़ी साझेदारी है.

पाकिस्तान के गेंदबाजों ने भारत के चार विकेट 114 रन पर निकाल दिये थे लेकिन इसके बाद वस्त्राकर और राणा ने उन पर दबाव बना दिया.

मंधाना और दीप्ति एक के बाद एक आउट हो गए. दीप्ति स्वीप शॉट खेलने के प्रयास में चूकी और नशरा संधू ने उन्हें 40 के स्कोर पर बोल्ड कर दिया. इसके 13 गेंद बाद मंधाना ने अनम अमीन को रिटर्न कैच थमाया.

बाकी बल्लेबाज कोई उल्लेखनीय योगदान नहीं दे सके. मिताली, हरमनप्रीत और रिचा घोष अच्छी पारियां नहीं खेल सकीं.

पाकिस्तान के लिये स्पिनर निदा दर और संधू ने दो दो विकेट लिये. जवाब में पाकिस्तान ने पांच विकेट 78 रन पर गंवा दिये. जावेरिया खान 11वें ओवर में विकेट गंवा बैठी. इसके बाद भारतीय स्पिनरों ने उनकी रनगति पर अंकुश बनाये रखा. दीप्ति ने पाकिस्तानी कप्तान बिस्माह मारूफ को और राणा ने ओमैमा सोहेल को पवेलियन भेजा.

झूलन गोस्वामी ने सिदरा अमीन को विकेट के पीछे लपकवाया और अगले ओवर में दर को पवेलियन भेजा. पाकिस्तान की महिला विश्व कप मैचों में लक्ष्य का पीछा करते हुए यह 15वीं हार थी.

21वीं सदी के भारत की जरूरत है ‘Make in India’: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्योग जगत से आयात पर निर्भरता कम करने और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की अपील की. उन्होंन कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ 21वीं सदी के भारत की जरूरत है.

मोदी ने उद्योग जगत से कहा कि उन वस्तुओं के आयात में कटौती के प्रयास होने चाहिए जिनका उत्पादन भारत में हो सकता है.

उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) द्वारा ‘दुनिया के लिये भारत में विनिर्माण’ विषय पर आयोजित वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘आज दुनिया भारत को विनिर्माण शक्ति के रूप में देख रही है.’’

उन्होंने कहा कि बजट में आत्मनिर्भर भारत और ‘मेक इन इंडिया’ के लिए की गई घोषणाएं उद्योग जगत एवं भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं.

मोदी ने कहा कि ‘मेक इन इंडिया’ अभियान 21वीं सदी के भारत की जरूरत है और यह हमें हमारी क्षमता दिखाने का अवसर देता है. उन्होंने कहा, ‘‘हमें एक मजबूत विनिर्माण आधार बनाने के लिए पूरी शक्ति के साथ काम करना चाहिए.’’

बजट में ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ के लिए किए गए महत्वपूर्ण प्रावधानो का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह स्वीकार्य नहीं है कि भारत जैसा देश केवल एक बाजार बनकर रह जाए. उद्योग को वैश्विक मानकों का पालन करना होगा और प्रतिस्पर्धी बनना पड़ेगा.

प्रधानमंत्री ने महामारी और अन्य अनिश्चितताओं के दौरान आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान का जिक्र करते हुए कहा कि युवा और प्रतिभाशाली आबादी से जुड़े लाभ, लोकतांत्रिक व्यवस्था, प्राकृतिक संसाधन हमें ‘मेक इन इंडिया’ की ओर बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.

उन्होंने ‘जीरो डिफेक्ट-जीरो इफेक्ट’ निर्माण के अपने आह्वान का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय उत्पादों में किसी प्रकार की खामी नहीं होनी चाहिए और इस प्रतिस्पर्धी दुनिया में गुणवत्ता महत्वपूर्ण है.

मोदी ने कहा कि अगर हम राष्ट्रीय सुरक्षा के परिदृश्य में देखें तो आत्मनिर्भर भारत और भी महत्वपूर्ण है.

प्रधानमंत्री ने सेमी-कंडक्टर और इलेक्ट्रिक वाहन जैसे क्षेत्रों में नई मांग और अवसरों का उदाहरण दिया, जहां निर्माताओं को विदेशी स्रोतों पर निर्भरता को दूर करने की भावना के साथ आगे बढ़ना चाहिए. इसी तरह इस्पात और चिकित्सा उपकरणों जैसे क्षेत्रों में भी स्वदेशी विनिर्माण के लिए ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है.

उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रिक वाहनों, विशेष इस्पात और चिकित्सा उपकरणों जैसे क्षेत्रों में ‘मेक इन इंडिया’ समय की जरूरत है और कोयला, खनन तथा रक्षा क्षेत्रों को खोलने से उद्योगों के लिए अपार अवसरों के मार्ग खुले हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योगों को अपने उत्पादों के विज्ञापनों में ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘मेक इन इंडिया’ के बारे में बात करनी चाहिए. भारत में बड़ी संख्या में युवा प्रतिभाएं और कुशल मानव संसाधन हैं और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए इनका इस्तेमाल किया जा सकता है.

उन्होंने कहा कि निर्यात को प्रोत्साहित करने और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए एसईजेड कानून में सुधार किए गए हैं.

प्रधानमंत्री ने बाजार में उत्पाद की उपलब्धता और उसकी तुलना में भारत में बने उत्पाद के बीच के अंतर का उल्लेख किया और अपनी निराशा जताते हुए कहा कि भारत के विभिन्न त्योहारों के दौरान विदेशों में बने सामग्रियों की आपूर्ति की जाती है जबकि स्थानीय विनिर्माता आसानी से इसे प्रदान कर सकते हैं.

उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि ‘वोकल फॉर लोकल’ का दायरा दिवाली पर ‘दीया’ खरीदने से कहीं आगे जाता है. उन्होंने निजी क्षेत्र से अपने ‘मार्केटिंग’ और ‘ब्रांडिंग’ प्रयासों में वोकल फॉर लोकल’ और आत्मनिर्भर भारत जैसे कारकों को आगे बढ़ाने के लिए कहा.

उन्होंने कहा, ‘‘अपनी कंपनी के उत्पादों पर गर्व करें और अपने भारतीय ग्राहकों में भी गर्व की भावना पैदा करें. इसके लिए कुछ साझा ब्रांडिंग पर भी विचार किया जा सकता है.’’

प्रधानमंत्री ने विनिर्माण क्षेत्र की हस्तियों से कुछ क्षेत्रों को अपने हाथ में लेकर उसमें विदेशी निर्भरता को दूर करने के लिए काम करने का आह्वान किया.

उन्होंने दोहराया कि इस तरह के वेबिनार बजट प्रावधानों के बेहतर परिणामों के लिए उचित, समय पर और निर्बाध कार्यान्वयन के लिए नीतियों को लागू करने में हितधारकों की आवाज को शामिल करने और एक सामूहिक दृष्टिकोण विकसित करने की दिशा में सरकार का एक अभूतपूर्व कदम है.

नरेंद्र मोदी पर बरसे राहुल गांधी, कहा- बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक अशांति प्रमुख मुद्दे, प्रधानमंत्री इन पर बात तक नहीं करते

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा समय में बेरोजगारी, महंगाई और सामाजिक अशांति प्रमुख मुद्दे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समाधान तो दूर, इनके बारे में बात तक नहीं करते.

उन्होंने उत्तर प्रदेश के कुछ युवाओं का वीडियो साझा करते हुए ट्वीट किया, ‘‘देश के सामने आज बेरोज़गारी, महंगाई और सामाजिक अशांति अहम मुद्दे हैं. इसके चलते युवा वर्ग में बेचैनी और गुस्सा बढ़ रहा है जो अपने आप में एक बड़ी समस्या है। समाधान तो दूर, प्रधानमंत्री इनके बारे में बात तक नहीं करते.’’

राहुल गांधी ने जो वीडियो साझा किया, उसमें कुछ युवक बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों को लेकर नाराजगी जाहिर कर रहे हैं.

Ukraine Crisis : भारतीय वायु सेना के चार विमान 798 भारतीयों को लेकर स्वदेश लौटे

भारतीय वायु सेना ने बताया कि उसके चार विमान यूक्रेन में फंसे 798 भारतीयों को रोमानिया की राजधानी बुखारेस्ट, हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट और पोलैंड के शहर ज़ेज़ॉ से लेकर बृहस्पतिवार को हिंडन वायुसैनिक अड्डे पहुंचे.

वायु सेना ने बताया कि भारतीय वायु सेना का पहला विमान बुखारेस्ट से 200 यात्रियों को लेकर बुधवार देर रात करीब डेढ़ बजे हिंडन वायुसैनिक अड्डे पहुंचा. दूसरा विमान बुडापेस्ट से 210 भारतीयों को लेकर बृहस्पतिवार सुबह हिंडन वायुसैनिक अड्डे पर उतारा. इसके थोड़ी देर बाद ही, तीसरा विमान 208 नागरिकों के साथ ज़ेज़ॉ से यहां पहुंचा.

भारतीय वायुसेना ने एक बयान में कहा, ‘‘ भारतीय वायु सेना का चौथा सी-17 विमान सुबह करीब सवा आठ बजे गाजियाबाद स्थित हिंडन वायुसैनिक अड्डे पहुंचा. उसमें कम से कम 180 यात्री सवार थे, जिनमें से अधिकतर छात्र थे.’’

निकासी अभियान में भारतीय वायु सेना अपने ‘सी-17’ सैन्य परिवहन विमान का इस्तेमाल कर रही है. बयान में कहा गया, ‘‘ आज, यूक्रेन के पड़ोसी देशों से भारतीय वायुसेना के तीन और विमानों का संचालन किया जाएगा.’’

भारत, रूस के यूक्रेन पर हमला करने के बाद से युद्धग्रस्त देश में फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी और पोलैंड जैसे यूक्रेन के पड़ोसी देशों के रास्ते स्वदेश ला रहा है.

भारतीय वायुसेना ने कहा, ‘‘ भारतीय वायुसेना के सी-17 परिवहन विमान का उपयोग हाल के दिनों में कई जगह, खासकर अफगानिस्तान में फंसे हुए भारतीय नागरिकों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर किया गया है.’’

बयान में कहा गया, ‘‘ इन विमानों का उपयोग पिछले साल कोविड-19 के प्रकोप के दौरान ‘ऑक्सीजन कंटेनरों’ के परिवहन के लिए भी किया गया था.’’

युद्धग्रस्त देश में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए विशेष दूत के तौर पर केन्द्रीय मंत्री किरेन रिजिजू को स्लोवाकिया, ज्योतिरादित्य सिंधिया को रोमानिया, हरदीप पुरी को हंगरी और वी के सिंह को पोलैंड भेजा गया है. उन्हें भारतीयों के निकासी संबंधी मिशन के लिए समन्वय कायम करने और छात्रों की मदद करने के लिए भेजा गया है.

यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों के मुद्दे पर कांग्रेस का हल्ला बोल,कहा -‘आत्मनिर्भर’ बनने की सलाह दे रही है सरकार

कांग्रेस ने यूक्रेन स्थित भारत के दूतावास द्वारा भारतीय नागरिकों को तत्काल कीव छोड़ने की सलाह दिए जाने के बाद मंगलवार को केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युद्धग्रस्त देश में फंसे हजारों भारतीय नागरिकों की मदद करने के बजाय उन्हें ‘आत्मनिर्भर’ बनने की सलाह दी जा रही है.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट किया, ‘‘जिंदगी और मौत के बीच हज़ारों भारतीयों को, उनकी ‘सहायता’ करने के बजाय केवल ‘आत्मनिर्भर बनने की सलाह’? बीते 5 दिनों से मोदी सरकार यूक्रेन में हज़ारों बच्चों को बस यहां से वहां भगा रही है? तबाही के मंज़र में भला बाहर कैसे निकलें, दूरी कैसे तय करें और कहां जायें ? बच्चों की ज़िन्दगी से खिलवाड़ कब तक ?’’

गौरतलब है कि यूक्रेन में भारतीय दूतावास ने मंगलवार को छात्रों सहित सभी भारतीय नागरिकों को उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य माध्यम से तत्काल कीव छोड़ने का सुझाव दिया है.

दूतावास ने ट्वीट किया, ‘‘ कीव में भारतीयों के लिये परामर्श…छात्रों सहित सभी भारतीयों को सलाह दी जाती है कि वे आज तत्काल कीव छोड़ दें. उपलब्ध ट्रेन या किसी अन्य उपलब्ध माध्यम के जरिये. ’’

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद युद्धग्रस्त देश का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया से लगी उसकी (यू्क्रेन की) सीमा चौकियों के जरिए वहां से बाहर निकाल रहा है.

PAK vs AUS : सिर में लगी चोट से उबरे आस्ट्रेलिया के उपकप्तान, पाकिस्तान के खिलाफ टेस्ट श्रृंखला के लिये तैयार

आस्ट्रेलिया के उपकप्तान स्टीव स्मिथ ने कहा है कि वह पिछले महीने सिर में लगी चोट (कनकशन) से पूरी तरह से उबर चुके हैं और उन्हें 1998 के बाद पाकिस्तान के खिलाफ पहली टेस्ट श्रृंखला का इंतजार है.

स्मिथ को श्रीलंका के खिलाफ सिडनी में एक टी20 मैच के दौरान छक्का बचाने के प्रयास में सिर में चोट लगी थी. वह श्रीलंका के खिलाफ आखिरी तीन टी20 मैच नहीं खेल सके.

उन्होंने एक आनलाइन प्रेस कांफ्रेंस में कहा ,‘‘ अब ठीक लग रहा है. पिछले कुछ दिन से मैं बेहतर महसूस कर रहा हूं. आज के अभ्यास सत्र के बाद और अच्छा लग रहा है.’’

आस्ट्रेलियाई टीम ने पिंडी क्रिकेट स्टेडियम पर अभ्यास किया जहां पहला टेस्ट खेला जाना है. दूसरा टेस्ट 12 से 16 मार्च तक कराची में और तीसरा 21 से 25 मार्च तक लाहौर में खेला जायेगा.

स्मिथ ने कहा ,‘‘ हालात के अनुकूल ढलना अहम है. इतने समय बाद पाकिस्तान फिर आकर अच्छा लग रहा है. हमें पता है कि यहां के लोग क्रिकेट के कितने शौकीन हैं.’’

उन्होंने यह भी कहा कि टीम पाकिस्तान में सुरक्षित महसूस कर रही है. आस्ट्रेलियाई स्पिनर एश्टोन एगर की पत्नी को सोशल मीडिया पर जान से मारने की धमकी की जांच कराई गई और पाकिस्तान तथा आस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड दोनों ने जांच के बाद कहा कि यह धमकी विश्वसनीय नहीं थी.

Ukraine Crisis : प्रधानमंत्री ने भारतीयों के निकासी अभियान में वायुसेना को लगाया मोर्चे पर

यूक्रेन के खिलाफ रूस की आक्रामक सैन्य कार्रवाई के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वी यूरोपीय देश में फंसे भारतीयों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए वायुसेना को मोर्चे पर जुट जाने को कहा है.

उन्होंने बताया कि भारतीय वायुसेना, यूक्रन में फंसे भारतीयों को निकालने के लिए चलाए जा रहे ‘‘आपरेशन गंगा’’ नामक इस अभियान के तहत, कई सी-17 विमान तैनात कर सकती है.

गौरतलब है कि 24 फरवरी को रूस द्वारा हमला करने के बाद यूक्रेन का हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण भारत वहां फंसे अपने नागरिकों को रोमानिया, हंगरी, पोलैंड और स्लोवाकिया से लगी उसकी (यू्क्रेन की) सीमा चौकियों के जरिए वहां से बाहर निकाल रहा है.

यूक्रेन से भारतीयों को वापस लाने के लिए सरकार की ओर से ‘‘ऑपरेशन गंगा’’ चलाया जा रहा है. सूत्रों ने बताया कि निकासी अभियान में तेजी लाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय वायुसेना से इस अभियान का हिस्सा बनने को कहा है.

संकट के मद्देनजर लोगों को निकालने के साथ-साथ, भारतीय वायुसेना के विमान मानवीय सहायता संबंधी सामान पहुंचाने के लिए भी काम करेंगे.

प्रधानमंत्री मोदी ने चार केंद्रीय मंत्रियों को यूक्रेन के पड़ोसी देशों में पहुंच कर भारतीयों को सुरक्षित एवं सुगम तरीके से निकालने में समन्वय करने की जिम्मेदारी दी है. इसके तहत, केंद्रीय मंत्री वी के सिंह पोलैंड में, किरेन रिजिजू स्लोवाकिया में, हरदीप पुरी हंगरी में जबकि ज्योतिरादित्य सिंधिया रोमानिया और माल्डोवा में समन्वय करेंगे.

Ukraine Evacuation : यूक्रेन से अभी तक 2,000 भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया

युद्धग्रस्त यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं उनकी सकुशल वापसी को लेकर सरकार लगातार प्रयासरत है.

विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा कि भारत ने जिनेवा स्थित इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस (आईसीआरसी) से भी संपर्क कर भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उनकी यूक्रेन से निकासी में मदद का अनुरोध किया है.

श्रृंगला ने बताया कि भारत ने यूक्रेन से अपने करीब 2,000 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है और उनमें से 1,000 लोगों को हंगरी और रोमानिया के रास्ते चार्टर्ड विमानों से घर लाया जा चुका है. उनका कहना है कि उन्होंने रूस और यूक्रेन के राजदूतों से अलग-अलग बातचीत की और यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा संबंधी चिंताओं से उन्हें अवगत कराया.

उन्होंने कहा, ‘‘विदेश मंत्री की प्रत्यक्ष निगरानी और प्रधानमंत्री के निर्देशानुसार विदेश मंत्रालय यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है.’’

वहीँ विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने मोल्दोवियन समकक्ष निकु पोपेस्कु से बातचीत की और यूक्रेन-मोल्दोवा सीमा के रास्ते भारतीयों की सुरक्षित वापसी में सहयोग मांगा.

जयशंकर ने एक ट्वीट में कहा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की एक टीम सोमवार को वहां पहुंचेगी.

वहीं, भारत में पोलैंड के राजदूत एडम बुराकोव्स्की ने कहा कि उनकी सरकार यूक्रेन पर रूसी हमले से बाद वहां से बचकर निकलने वाले भारतीयों के पोलैंड में प्रवेश के लिए वीजा अनिवार्यता को समाप्त कर रही है.

यूक्रेन और रूस के राजदूतों के साथ अपनी बैठक पर श्रृंगला ने कहा कि उन्होंने ‘‘अपने नागरिकों, खास तौर से छात्रों की सुरक्षा को लेकर भारत की गहरी चिंता से उन्हें अवगत कराया.’’

Russia Ukraine War : UNSC में प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा न लेकर संबंधित पक्षों तक पहुंचने का विकल्प खुला रखा – भारत

यूक्रेन संकट पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में रूस की निंदा वाले प्रस्ताव पर भारत ने मतदान नहीं करके बीच का कोई रास्ता निकालने तथा बातचीत और कूटनीति को बढ़ावा देने के लिए सभी संबंधित पक्षों तक पहुंचने का विकल्प खुला रखा है.

दरअसल यूक्रेन के खिलाफ रूस के ‘आक्रामक बर्ताव’ की ‘कड़े शब्दों में निंदा’ करने वाले एक प्रस्ताव पर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मतदान हुआ, जिसमें भारत ने हिस्सा नहीं लिया. सुरक्षा परिषद में यह प्रस्ताव अमेरिका की तरफ से पेश किया गया था.

यह प्रस्ताव सुरक्षा परिषद में पारित नहीं हो सका क्योंकि परिषद के स्थायी सदस्य रूस ने इस पर वीटो किया.

सूत्रों ने कहा कि भारत यूक्रेन में हुए हालिया घटनाक्रम से बेहद चिंतित है और वह मतभेदों का एकमात्र हल बातचीत के जरिए संभव है के अपने ‘‘सतत और संतुलित’’ रुख पर कायम है.

प्रस्ताव पर मतदान में हिस्सा नहीं लेने पर भारत ने ‘एक्सप्लनेशन ऑफ वोट’ जारी किया जिसमें उसने ‘‘ कूटनीति के रास्ते पर वापस लौटने’’ की अपील की.

सूत्रों ने बताया कि भारत ने देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने की बात कही, साथ ही हिंसा और युद्ध को तत्काल रोकने की मांग की,जैसा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच हुई बातचीत में मोदी ने पुतिन से कहा था.

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूक्रेन पर रूस के हमले से पैदा हुई स्थिति के मद्देनजर बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से बात की और तत्काल हिंसा रोकने की अपील करते हुए सभी पक्षों से कूटनीतिक बातचीत और संवाद की राह पर लौटने के ठोस प्रयास करने का आह्वान किया था.

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव पर सूत्रों ने बताया कि भारत ने सभी सदस्य देशों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर, अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की मांग की ,क्योंकि ये रचनात्मक मार्ग मुहैया कराते हैं.

IPL 2022 : आदित्य ठाकरे ने वानखेड़े स्टेडियम का दौरा किया, आईपीएल तैयारियों का जायजा लिया

महाराष्ट्र के पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम का दौरा किया और अगले महीने शुरू होने वाली इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की तैयारियों की समीक्षा की.

आईपीएल के मुकाबलों का आयोजन महाराष्ट्र के दो शहरों मुंबई और पुणे के चार स्टेडियम में 26 मार्च से किया जाएगा.

मुंबई क्रिकेट संघ (MCA) की शीर्ष परिषद के एक सदस्य ने कहा, “आज माननीय मंत्री आदित्य ठाकरे ने वानखेड़े स्टेडियम और मुंबई क्रिकेट संघ/भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) के कार्यालय का दौरा किया और आगामी आईपीएल 2022 के इंतजाम का जायजा लिया.”

बीसीसीआई सीईओ और आईपीएल सीईओ हेमांग अमीन, मुंबई टी20 लीग के चेयरमैन मिलिंद नार्वेकर और एमसीए शीर्ष परिषद के सदस्य अजिंक्य नाईक और नदीम मेमन आदित्य के साथ चर्चा के लिए मौजूद थे जो महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बेटे हैं.