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ICC Women’s World Cup 2022 : आईसीसी महिला विश्व कप विजेता को मिलेगी 13 लाख 20 हजार डॉलर की पुरस्कार राशि

न्यूजीलैंड में होने वाले आगामी आईसीसी महिला विश्व कप के विजेता को 13 लाख 20 हजार डॉलर की इनामी राशि मिलेगी जो इंग्लैंड में 2017 में हुए विश्व कप की विजेता को मिली राशि से दोगुनी है.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने कहा कि टूर्नामेंट की कुल इनामी राशि में 75 प्रतिशत का इजाफा हुआ है. आठ टीम के बीच 35 लाख डॉलर की इनामी राशि बांटी जाएगी जो पिछले टूर्नामेंट की तुलना में 15 लाख डॉलर अधिक है.

टूर्नामेंट के उप विजेता को छह लाख डॉलर की इनामी राशि मिलेगी जो 2017 के उप विजेता भारत को मिली राशि से दो लाख 70,000 हजार डॉलर अधिक है.

सेमीफाइनल में हारने वाली दोनों टीम में से प्रत्येक को तीन लाख डॉलर मिलेंगे जबकि ग्रुप चरण से बाहर होने वाले चार टीम में से प्रत्येक को 70 हजार डॉलर की राशि मिलेगी जो पिछले टूर्नामेंट के 30 हजार डॉलर की तुलना में दोगुने से भी अधिक है.

ग्रुप चरण में जीत दर्ज करने वाली प्रत्येक टीम को सात लाख डॉलर की राशि में से प्रत्येक जीत के लिए 25 हजार डॉलर मिलेंगे.

इंग्लैंड को पिछले विश्व कप में भारत को नौ रन से हराकर चौथी बार खिताब जीतने के लिए छह लाख 60 हजार डॉलर की राशि मिली थी.

इस साल होने वाले विश्व कप में कुल 28 ग्रुप मुकाबले होंगे जो राउंड रोबिन प्रारूप में खेले जाएंगे. प्रत्येक टीम को एक दूसरे के खिलाफ एक बार खेलने का मौका मिलेगा. अंक तालिका की शीर्ष चार टीम सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी. जीत दर्ज करने पर विजेता टीम को दो अंक जबकि टाई या नतीजा नहीं निकलने की स्थिति में दोनों टीम को एक-एक अंक मिलेगा.

मैच का आयोजन छह स्थलों पर किया जाएगा. टूर्नामेंट का पहला मुकाबला मेजबान न्यूजीलैंड और वेस्टइंडीज के बीच चार मार्च को माउंट मोनगानुई के बे ओवल में खेला जाएगा. फाइनल तीन अप्रैल को क्राइस्टचर्च के हेगले ओवल में होगा.

Fodder Scam Case : सीबीआई अदालत ने डोरंडा कोषागार मामले में लालू प्रसाद को दोषी ठहराया

सीबीआई की विशेष अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) सुप्रीमो और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को 139.5 करोड़ रुपये के डोरंडा कोषागार गबन मामले में दोषी ठहराया है. इससे पहले 29 जनवरी को मामले में दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था. प्रसाद को इससे पहले चारा घोटाला के चार अन्य मामलों में 14 साल जेल की सजा सुनाई जा चुकी है.

सीबीआई के वकील ने कहा, ‘‘लालू प्रसाद को दोषी ठहराया गया है. सजा 18 फरवरी को सुनाई जाएगी.’’ विशेष सीबीआई के न्यायाधीश एस के शशि की अदालत ने प्रसाद सहित 99 आरोपियों के खिलाफ सुनवाई पूरी की थी, जो पिछले साल फरवरी से चल रही थी. अंतिम आरोपी डॉ शैलेंद्र कुमार की ओर से बहस 29 जनवरी को पूरी हुई. सभी आरोपियों को फैसले के दिन अदालत में प्रत्यक्ष उपस्थित होने का आदेश दिया गया था.

मामले के मूल 170 आरोपियों में से 55 की मौत हो चुकी है, सात सरकारी गवाह बन चुके हैं, दो ने अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार कर लिए हैं और छह फरार हैं. प्रसाद के अलावा पूर्व सांसद जगदीश शर्मा, तत्कालीन लोक लेखा समिति (पीएसी) के अध्यक्ष ध्रुव भगत, पशुपालन सचिव बेक जूलियस और पशुपालन सहायक निदेशक डॉ के एम प्रसाद मुख्य आरोपी हैं.

ग़ौरतलब है कि 950 करोड़ रुपये का यह घोटाला अविभाजित बिहार के विभिन्न जिलों में धोखाधड़ी कर सरकारी खजाने से सार्वजनिक धन की निकासी से संबंधित है. राजद सुप्रीमो को चारा घोटाला मामले में 14 साल जेल की सजा सुनाई गई है और कुल 60 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है. उन्हें दुमका, देवघर और चाईबासा कोषागार से जुड़े चार मामलों में जमानत मिल गई है.

दरअसल चारा घोटाला मामला जनवरी 1996 में पशुपालन विभाग में छापेमारी के बाद सामने आया. सीबीआई ने जून 1997 में प्रसाद को एक आरोपी के रूप में नामित किया. एजेंसी ने प्रसाद और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्रा के खिलाफ आरोप तय किए. सितंबर 2013 में निचली अदालत ने चारा घोटाले से जुड़े एक मामले में प्रसाद, मिश्रा और 45 अन्य को दोषी ठहराया और प्रसाद को रांची जेल भेज दिया गया.

तो वहीं दिसंबर 2013 में उच्चतम न्यायालय ने मामले में प्रसाद को जमानत दे दी, जबकि दिसंबर 2017 में सीबीआई अदालत ने उन्हें और 15 अन्य को दोषी पाया और उन्हें बिरसा मुंडा जेल भेज दिया. झारखंड उच्च न्यायालय ने प्रसाद को अप्रैल 2021 में जमानत दे दी थी.

UP Election 2022 : कानपुर रैली में समाजवादी पार्टी बरसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, बोले – जो हर चुनावों में बदलते हैं साथी वो आपका साथ देंगे क्या ?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कानपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर निशाना साधा और परिवारवाद का आरोप लगाते हुए कहा कि लूट के उद्देश्य से इन दलों ने अपने परिवार के सदस्यों को क्षेत्र वितरित किए थे.

प्रधानमंत्री ने चुनावी रैली को संबोधित करते हुए गोवा चुनाव मैदान में उतरी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर हमला बोला और कहा कि टीएमसी गोवा में हिन्दू वोटों को बांटने के लिए चुनाव लड़ रही है.

प्रधानमंत्री ने किसी पार्टी का नाम लिए बिना कहा,’ पहले की सरकारों ने राज्य के साथ इंसाफ नहीं किया,राज्य को दिन रात लूटा और यहां के लोगों को अपराधियों, दंगाईयों, और माफिया के हवाले कर दिया. इन लोगों ने लूट के लिए परिवार के हर सदस्य को अलग-अलग इलाका बांटा।’’

प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘ इन लोगों का बस चलता तो यह कानपुर और कानपुर की तरह राज्य के अन्य शहरों में एक एक मोहल्ला माफियागंज के नाम से बना देते. हर शहर में क्या माफियागंज मोहल्ला चाहिए ? ‘

मोदी ने कहा,’ पहले गरीब, मध्यम वर्ग, व्यापारियों के घरों पर अवैध कब्जा हो जाता था मगर योगी की सरकार ने इन भू माफिया पर ऐसी सख्ती दिखाई कि उनकी माफियागिरी आखिरी सांसे गिन रही हैं. अब अगर उन्हें सपा जैसा डाक्टर मिल गया तो फिर से सांसे दौड़ने लगेगी.’’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस गोवा में हिन्दू वोटों को बांटने के लिए चुनाव लड़ रही है. उन्होंने कहा, ‘ गोवा में चुनाव चल रहा है, मैं सभी मतदाताओं को एक बात बताना चाहता हूं कि मैंने कल गोवा के एक अखबार में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के एक नेता का साक्षात्कार देखा और तृणमूल नेता ने जो कहा उस पर चुनाव आयोग और मतदाताओं को गौर करना चाहिए.’’

प्रधानमंत्री के अनुसार, तृणमूल नेता ने कहा, ‘‘हमने तो इस पार्टी से इसलिए गठबंधन किया है क्योंकि हम गोवा में हिन्दू वोटों को बांटना चाहते हैं.’’ मोदी ने कहा,‘‘ यह हिम्मत…. , क्या यह लोकतंत्र है कि आप खुले आम कहें कि आप हिन्दू वोटों को बांटना चाहते हैं…. , तो आप किसके वोट इकठ्ठा करना चाहते हैं ? यह भेदभाव, क्या यह भाषा लोकतंत्र की है ? मैं गोवा के मतदाताओं से कहना चाहता हूं कि यह मौका है इस प्रकार की राजनीति को दफना देने का.’

उन्होंने समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय लोकदल गठबंधन का बिना नाम लिए कहा,’हर बार यह लोग चुनाव में नया साथी लेकर आते हैं. आप लोग ऐसे लोगों पर विश्वास करेंगे जो हर चुनाव में जिस साथी को लाते हैं, उसे भी धक्का मारकर निकाल देते हैं. दूसरे चुनाव में दूसरा साथी लाते हैं, तीसरे चुनाव में तीसरा साथी लाते हैं. जो साथी बदलते हैं वह क्या आपका साथ देंगे ? जो सिर्फ परिवार का भला करना चाहते हैं वह क्या कभी युवाओं का भला करेंगे ? यहां की माताओं, बहनों, बेटियों का भला करेंगे क्या ? ’’

प्रधानमंत्री ने कहा,‘‘ दूसरे चरण का जो रुझान आया है, और पहले चरण की जो वोटिंग हुई है. इसने चार बातें बहुत साफ कर दी हैं, पहला, भाजपा की सरकार, योगी की सरकार फिर से आ रही हैं, जोरशोर से आ रही हैं, गाजेबाजे के साथ आ रही है.

दूसरा, हर जाति, हर बिरादरी के लोगों, गांव और शहर के लोगों ने बिना बंटे, बिना किसी भ्रम में पड़े एकजुट होकर उप्र के तेज विकास के लिए मतदान करके पहले चरण में भाजपा को बहुत आगे बढ़ा दिया है और दूसरे चरण में भी बढ़ा रही है.

तीसरी बात, हमारी माताओं-बहनों ने बेटियों ने भाजपा की जीत का झंडा खुद उठा लिया है. माताओं-बहनों ने सुरक्षा के नाम पर, सम्मान के नाम पर भाजपा को जिताने का झंडा उठा लिया हैं. चौथा, मेरी मुस्लिम बहनें चुपचाप बिना किसी शोर शराबे के मन बनाकर मोदी को आशीर्वाद देने के लिए घर से निकल रही हैं.’’ मोदी ने कहा कि इस बार रंगों की होली दस दिन पहले, दस मार्च (मतगणना वाले दिन) को हो जाएगी.

कप्तान और खिलाड़ी मैच जीतते और हारते हैं, कोच नहीं: इयान चैपल

आस्ट्रेलिया के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर इयान चैपल (Former Australia skipper Ian Chappell) जस्टिन लैंगर (Justin Langer) के इस्तीफे को लेकर मचे बवाल को समझ नहीं कर पा रहे हैं और उनका कहना है मुकाबले को खिलाड़ी हारते और जीतते हैं, कोच नहीं.

चैपल ने साथ ही कोच के पद को मैनजर से बदलने की वकालत की. दरअसल कोचिंग शैली की महीनों से शिकायत होने के बाद लैंगर ने मुख्य कोच के पद से इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद पूर्व खिलाड़ियों ने पैट कमिंस (Pat Cummin) की आलोचना की कि कप्तान और टीम के उनके साथियों ने सार्वजनिक तौर पर उनका समर्थन नहीं किया.

चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो’ पर अपने कॉलम में लिखा, ‘‘जस्टिन लैंगर के हटने के बाद अजीब सी मजाकिया स्थिति पैदा हो गई है जहां कोई कह रहा है कि वह आस्ट्रेलियाई कोच नहीं है, वह काफी शरारती लड़का है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्रिकेट प्रशंसक इस बात पर अधिक ध्यान देते हैं कि कोच कौन है और कौन नहीं जबकि उन्हें अधिक महत्वपूर्ण चीज पर ध्यान देना चाहिए कि किसे कप्तान नियुक्त किया गया है. पैट कमिंस और उनके साथी विकेट लेते हैं, रन बनाते हैं और कैच पकड़ते हैं. यह वे हैं जो पाकिस्तान के खिलाफ आगामी श्रृंखला में जीतेंगे या हारेंगे, कोच नहीं.’’

चैपल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को हर समय कोचिंग की जरूरत नहीं होती और किसी भी तकनीकी खामी का सर्वश्रेष्ठ हल साथी खिलाड़ी निकाल सकते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘अगर किसी को लगता है कि अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी को 24 घंटे, हफ्ते में सातों दिन कोचिंग की जरूरत है जो फिर वह भ्रम में हैं. अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की तकनीक खराब नहीं हो जाती.’’

चैपल ने कहा, ‘‘खिलाड़ियों को समय के साथ समस्या का सामना करना पड़ सकता है लेकिन जो चीज गलत होती है वह संभवत: दिमाग में होती है. नेट पर टीम के सीनियर खिलाड़ी के साथ क्रिकेटर सही राह पर लौट सकता है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘साथी खिलाड़ी सर्वश्रेष्ठ अंतरराष्ट्रीय कोच क्यों होते हैं? सबसे पहले तो वे समान खिलाड़ियों के खिलाफ खेलते हैं. साथ ही वे अपने साथी खिलाड़ियों को नियमित रूप से देखते हैं और तकनीक तथा मानसिक रवैये में किसी भी बदलाव को काफी जल्दी समझ जाते हैं.’’

इयान चैपल का मानना है कि सार्वजनिक तौर पर कोच की वाहवाही से अधिक यह महत्वपूर्ण है कि विश्वसनीय चयनकर्ता सही टीम का चयन करे.

उन्होंने साथ ही कहा कि पद के लिए ‘मुख्य कोच’ का इस्तेमाल करना गलत है. टीम का मार्गदर्शन कर रहा व्यक्ति ‘मैनेजर’ होना चाहिए.

Madhya Pradesh: निर्माणाधीन सुरंग धंसने से बड़ा हादसा, नौ मजदूर दबे, सात को बचाया गया, बचाव अभियान जारी

मध्यप्रदेश में कटनी जिले के स्लीमनाबाद के नजदीक एक निर्माणाधीन सुरंग के अचानक धंसने से वहां काम कर रहे नौ मजदूर मलबे में दब गये, जिनमें से सात मजदूरों को रविवार सुबह तक सकुशल बाहर निकाल लिया गया है जबकि दो लोगों को बचाने के प्रयास जारी है.

यह घटना बरगी नहर परियोजना के अंतर्गत हो रहे भूमिगत नहर के कार्य के दौरान शनिवार देर रात को हुई.

मध्यप्रदेश गृह विभाग के अपर प्रमुख सचिव राजेश राजोरा ने बताया कि सात मजदूरों को अब तक सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है. उन्होंने कहा कि अब इस सुरंग में केवल दो मजदूर ही फंसे हुए हैं और उन्हें बचाने के लिए अभियान जारी है.

राजोरा ने बताया कि वह भोपाल स्थित वल्लभ भवन स्थिति कक्ष से बचाव कार्य की चौबीसों घंटे निगरानी कर रहे हैं. स्लीमनाबाद के सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) एस एम गौतम एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (स्लीमनाबाद) मोनिका तिवारी ने बताया कि फंसे हुए मजदूर भी जीवित हैं और उन्हें भी बचाने के लिए प्रयास किये जा रहे हैं.

राजोरा ने बताया कि राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) एवं बचाव दल के अन्य सदस्य सुरंग में फंसे हुए दो अन्य मजदूरों को बचाने के लिए जी जान से लगे हुए हैं.

Uttar Pradesh Assembly Elections 2022 Phase 2 : उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण की 55 सीटों के लिए मतदान जारी, 586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में पश्चिमी उत्तर प्रदेश और रुहेलखंड के नौ जिलों की 55 सीटों पर मतदान जारी है. इनमे सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, सम्भल, रामपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली और शाहजहांपुर की 55 विधानसभा सीटें शामिल हैं. ग़ौरतलब है कि राज्य में सात चरणों में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है.

निर्वाचन आयोग के अनुसार दूसरे चरण में कुल 586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं. इनमें प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना (शाहजहांपुर सदर), जल शक्ति राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख (बिलासपुर), नगर विकास राज्य मंत्री महेश चंद्र गुप्ता (बदायूं), माध्यमिक शिक्षा राज्य मंत्री गुलाब देवी (चंदौसी), आयुष राज्यमंत्री रहे और अब सपा के प्रत्याशी धर्म सिंह सैनी (नकुड़), वरिष्ठ सपा नेता आजम खान (रामपुर सदर) और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम (स्वार) प्रमुख हैं.

दूसरे चरण में होने वाले 55 सीटों में से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2017 में 38 सीटें जीती थीं जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को 15 और कांग्रेस को दो सीटें मिली थीं. सपा और कांग्रेस ने पिछला विधानसभा चुनाव गठबंधन में लड़ा था. सपा की जीती हुई 15 सीटों में 10 सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार विजयी हुए थे.

तो वहीं इस बार सपा, राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) समेत कई छोटे दलों के गठबंधन के साथ चुनाव मैदान में हैं और इस चरण को सपा गठबंधन के प्रभाव वाला इलाका माना जा रहा है. अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ब्रह्मदेव राम तिवारी के अनुसार प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की सुविधा और कोविड-19 से सुरक्षा की विशेष व्यवस्था करायी गयी हैं मतदाताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए वहां पर समुचित एवं आवश्यक व्यवस्थाएं कराने के लिए प्रशासन को जरूरी निर्देश दिए गए हैं.

दूसरे चरण के लिए शनिवार की शाम को चुनाव प्रचार समाप्त हो गया और सभी राजनीतिक दलों ने अपने अपने उम्मीदवारों के पक्ष में मतदाताओं से मतदान की अपील की है. दूसरे चरण के चुनाव के लिए प्रचार में सभी राजनीतिक दलों ने अपना पूरा जोर लगाया.

भाजपा की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रमुख रूप से मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी पर हमलावर रहे और उत्तर प्रदेश को दंगा मुक्त रखने के लिए भाजपा सरकार को जरूरी बताया. मोदी ने सहारनपुर में तीन तलाक का मुद्दा भी उठाया और दावा किया कि उनकी सरकार ने मुस्लिम बहनों को तीन तलाक के चंगुल से आजाद कराया है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं समेत विभिन्न स्थानों पर जाकर जनसभाएं की और विपक्षी दलों पर जमकर प्रहार किए.

दूसरी ओर, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने अपनी पार्टी के प्रचार अभियान की कमान संभाली. उन्होंने 100 से ज्यादा मामलों में करीब दो साल से जेल में बंद अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के पक्ष में रामपुर में वोट मांगे और कहा कि विश्वविद्यालय बनाने वाले आजम को जेल में डाल दिया गया और लखीमपुर खीरी के तिकोनिया में किसानों को अपनी जीप तले रौंदने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के बेटे को जमानत दे दी गई.

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) अध्यक्ष मायावती ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान सपा, भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की सरकार ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट-मुस्लिम भाईचारा समाप्त कर दिया. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने दूसरे चरण के तहत मतदान से पहले विभिन्न जिलों के अनेक विधानसभा क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रचार किया.

देश में निजी क्रिप्टोकरेंसी के भविष्य पर अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता : वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड

वित्त राज्य मंत्री डॉ. भागवत कराड ने कहा कि देश में चल रही निजी क्रिप्टोकरेंसी वैध नहीं है और भविष्य में इसकी वैधानिक स्थिति के बारे में फिलहाल कुछ भी नहीं कहा जा सकता.

कराड ने कहा,‘‘भारत में (निजी) क्रिप्टोकरेंसी को रिजर्व बैंक या सरकार की ओर से कोई मान्यता नहीं दी गई है. क्रिप्टोकरेंसी देश में फिलहाल वैध नहीं है.” 

वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि वह अभी नहीं बता सकते कि भविष्य में निजी क्रिप्टोकरेंसी को वैध किया जाएगा या नहीं? उन्होंने कहा कि इस सिलसिले में सरकार के शीर्ष स्तर पर चर्चा होने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा.

कराड ने कहा,‘‘ऐसी खबरें हैं कि कुछ लोगों ने (निजी) क्रिप्टोकरेंसी में निवेश किया है. लिहाजा क्रिप्टोकरेंसी के लेन-देन से अर्जित लाभ पर 30 प्रतिशत कर लगाने का प्रस्ताव हाल ही में पेश आम बजट में किया गया है.’’ 

वित्त राज्य मंत्री ने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया कि क्या वह जनता को आश्वस्त कर सकते हैं कि पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के बाद पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा नहीं होगा? 

उन्होंने कहा,‘‘नरेंद्र मोदी सरकार ने पिछले साल दीपावली पर पेट्रोल और डीजल पर केंद्रीय उत्पाद शुल्क की दरों में क्रमश: पांच और 10 रुपये प्रति लीटर की कटौती की थी. तब प्रधानमंत्री ने देश के तमाम मुख्यमंत्रियों से आह्वान किया था कि वे भी पेट्रोलियम पदार्थों पर राज्यों के कर घटाएं.’’ 

कराड ने भाजपा के विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया,‘‘जिन राज्यों में भाजपा की सरकार है, वहां तो (प्रधानमंत्री के आह्वान पर) पेट्रोल-डीजल पर कर घटा दिए गए. लेकिन गैर भाजपा शासित सूबों में पेट्रोलियम पदार्थों पर करों में कटौती नहीं की गई.’’ 

उन्होंने दावा किया कि भाजपा शासित मध्यप्रदेश की तुलना में महाराष्ट्र में पेट्रोल-डीजल के दाम “बहुत ज्यादा” हैं. गौरतलब है कि मध्यप्रदेश के पड़ोसी महाराष्ट्र में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और कांग्रेस की गठबंधन सरकार है.

कराड ने कहा कि केंद्र सरकार ने आम बजट में प्रावधान करते हुए चीन से छाते सरीखी वस्तुओं के आयात पर कर बढ़ा दिया है ताकि ‘‘वोकल फॉर लोकल’’ की परिकल्पना के तहत भारत के छोटे उद्यमों को प्रोत्साहित किया जा सके.

वित्त राज्य मंत्री ने कहा कि ‘‘आजादी के अमृत काल’’ में पेश बजट से देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी.

IPL Auction 2022 : युवराज सिंह के बाद दूसरे सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बने ईशान किशन

विकेटकीपर बल्लेबाज ईशान किशन इंडियन प्रीमियर लीग नीलामी के इतिहास में युवराज सिंह के बाद दूसरे सबसे महंगे भारतीय खिलाड़ी बन गए जिन्हें मुंबई इंडियंस ने सनराइजर्स हैदराबाद से लंबी होड़ के बाद 15 करोड़ 25 लाख रूपये में फिर खरीदा.

भारत के इस युवा खिलाड़ी के लिये मुंबई और हैदराबाद के बीच जबर्दस्त होड़ लगी जिसमें मुंबई ने बाजी मारी.

युवराज को दिल्ली डेयरडेविल्स (अब दिल्ली कैपिटल्स) ने 2015 सत्र से पहले रिकॉर्ड 16 करोड़ रूपये में खरीदा था. इससे एक साल बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलोर ने उन्हें 14 करोड़ रूपये में खरीदा.

आईपीएल के इतिहास में सबसे महंगे खिलाड़ी दक्षिण अफ्रीका के हरफनमौला क्रिस मौरिस हैं जिन्हें 2021 में मिनी नीलामी में राजस्थान रॉयल्स ने 16 . 25 करोड़ रूपये में खरीदा था जबकि उनका बेसप्राइज 75 लाख रूपये था. मौरिस ने उस सत्र में 11 मैचों में 15 विकेट लिये लेकिन बल्ले से कमाल नहीं कर सके.

आस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज पैट कमिंस को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 2020 में 15 . 5 करोड़ रूपये में खरीदा था जिसे इस नीलामी में साढे सात करोड़ रूपये में फिर खरीदा. न्यूजीलैंड के काइल जैमीसन को आरसीबी ने 2021 में 15 करोड़ रूपये में और इंग्लैंड के हरफनमौला बेन स्टोक्स को राइजिंग पुणे सुपरजाइंट्स ने 2017 में 14.5 करोड़ रूपये में खरीदा था.

अरुणाचल हिमस्खलन में शहीद सात जवानों के पार्थिव शरीर पैतृक गांव भेजे गये

अरुणाचल प्रदेश में हिमस्खलन में शहीद हुए सेना के सात जवानों के पार्थिव शरीर असम के सोनितपुर जिले में स्थित तेजपुर वायुसेना स्टेशन से शनिवार को उनके संबंधित पैतृक गांव भेज दिये गये.

सेना के प्रवक्ता ने बताया कि गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल रवीन खोसला और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने उन्हें एक समारोह में अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की.

उन्होंने बताया कि समारोह के बाद उन पार्थिव शरीरों को जम्मू-कश्मीर में अखनूर, कठुआ और खुर, पंजाब के बटाला एवं धारकलां तथा हिमाचल प्रदेश के बाजीनाथ, कांगड़ा और घमारवीं स्थित पैतृक गांव भेज दिये गये. 

हवलदार जुगल किशोर, गनर (टीए) गुरबाज सिंह और राइफलमैन अरुण कट्टल, अक्षय पठानिया, विशाल शर्मा, राकेश सिंह और अंकेश भारद्वाज एक गश्ती दल का हिस्सा थे. वे अरुणाचल प्रदेश के कामेंग सेक्टर में एक ऊंचाई वाले इलाके में छह फरवरी को हिमस्खलन में शहीद हो गये थे.

इस घटना के बाद तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया गया. बचाव दल ने आठ फरवरी को समुद्र तल से 14,500 फीट की ऊंचाई पर इनके शव बरामद किए.

Uttar Pradesh Assembly elections: Phase 1 | उत्तर प्रदेश में पहले चरण का मतदान शुरू : कई मंत्रियों समेत 623 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पहले चरण के तहत राज्य के 11 जिलों की 58 विधानसभा सीटों के लिये मतदान बृहस्पतिवार सुबह सात बजे शुरू हो गया.

निर्वाचन आयोग कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक पहले चरण के चुनाव के लिए मतदान कार्य कोविड प्रोटोकॉल के तहत सुबह सात बजे शुरू हो गया जो शाम छह बजे तक चलेगा. मतदान शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा है और कहीं से किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं है.

इस चरण में शामली, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर, मुजफ्फरनगर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा तथा आगरा जिलों में मतदान हो रहा है.

पहले चरण का चुनाव जाट बहुल क्षेत्र में हो रहा है. इस चरण में प्रदेश सरकार के मंत्रियों श्रीकांत शर्मा, सुरेश राणा, संदीप सिंह, कपिल देव अग्रवाल, अतुल गर्ग और चौधरी लक्ष्मी नारायण समेत कुल 623 उम्मीदवारों के सियासी भाग्य का फैसला होगा. इनमें 73 महिला प्रत्याशी भी शामिल हैं.

राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी अजय कुमार शुक्ला ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष, सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण ढंग से चुनाव कराने के लिये व्यापक इंतजाम एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की है. कोविड-19 के मद्देनजर मतदान केंद्रों पर थर्मल स्कैनर, सैनीटाइजर, ग्लव्स, फेस मास्क, फेस शील्ड, पीपीई किट, साबुन, पानी की पर्याप्त मात्रा में व्यवस्था की गई है.

उन्होंने बताया कि पहले चरण में होने वाले मतदान में 2.28 करोड़ योग्य मतदाता हैं. इनमें 1.24 करोड़ पुरूष, 1.04 करोड़ महिला तथा 1448 ट्रांसजेंडर मतदाता हैं. मतदान पर सतर्क दृष्टि रखने के लिए 48 सामान्य प्रेक्षक, आठ पुलिस प्रेक्षक तथा 19 व्यय प्रेक्षक भी तैनात किये गये हैं. इसके अतिरिक्त 2175 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 284 जोनल मजिस्ट्रेट, 368 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा 2718 माइक्रो ऑब्जर्वर भी तैनात किये गये हैं.

उन्होंने बताया कि मतदाता पहचान पत्र नहीं होने पर आधार कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस समेत 12 विकल्पों का इस्तेमाल कर वोट डाला जा सकेगा.

वर्ष 2017 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पहले चरण की 58 में से 53 सीटों पर जीत हासिल की थी जबकि समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी को दो-दो सीटें मिली थी। इसके अलावा राष्ट्रीय लोकदल का भी एक प्रत्याशी जीता था.