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देश में एक दिन में Covid-19 के 67,597 नए मामले, 1,188 मरीजों की की हुई मौत

देश में एक दिन में कोविड-19 (Covid-19) के 67,597 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4,23,39,611 हो गई. वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या 27 दिन बाद 10 लाख से कम हैं. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ़ से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश में कोविड-19 से 1,188 और लोगों की मौत के बाद, संक्रमण से जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 5,04,062 हो गई.

दूसरी तरफ़ देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या घटकर 9,94,891 रह गई है, जो संक्रमण के कुल मामलों का 2.35 प्रतिशत है. पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या में 1,14,047 की कमी दर्ज की गयी. देश में मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 96.46 प्रतिशत है.

आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण की दैनिक दर 5.02 प्रतिशत और साप्ताहिक दर 8.30 प्रतिशत दर्ज की गई. देश में अभी तक कुल 4,08,40,658 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं और कोविड-19 से मृत्यु दर 1.19 प्रतिशत है.

वहीं, राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 170.21 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी हैं. देश में सात अगस्त 2020 को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त 2020 को 30 लाख और पांच सितंबर 2020 को 40 लाख से अधिक हो गई थी.

संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर 2020 को 50 लाख, 28 सितंबर 2020 को 60 लाख, 11 अक्टूबर 2020 को 70 लाख, 29 अक्टूबर 2020 को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे. देश में 19 दिसंबर 2020 को ये मामले एक करोड़ के पार हो गए थे. पिछले साल चार मई को संक्रमितों की संख्या दो करोड़ के पार और 23 जून 2021 को तीन करोड़ के पार पहुंच गई थी. इस साल 26 जनवरी को मामले चार करोड़ के पार पहुंच गए.

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : उत्तर प्रदेश की सरकार बदली तो पूरे होंगे गुंडों के सपने – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए सोमवार को आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में खुद जेल गए अपराधी उत्तर प्रदेश की जनता से हिसाब चुकता करने के लिए कई सालों से अगले विधानसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं और अगर चुनाव बाद राज्य की सरकार बदली तो गुंडों के सपने पूरे हो जाएंगे.

प्रधानमंत्री ने बिजनौर, मुरादाबाद और अमरोहा के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित जन चौपाल को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए सपा पर करारे हमने किए.

उन्होंने कहा, “आपने देखा है कि योगी जी के शासन में अपराधी खुद भागकर जेल गए और मांग करते रहे कि हमें बंद कर दो. वह सालों से इस चुनाव का इंतजार कर रहे हैं. उन्हें एक ही उम्मीद है कि जल्दी से जल्दी चुनाव आए, कैसे भी सरकार बदल जाए ताकि वह जेल से बाहर आ सकें.”

उन्होंने आरोप लगाया, “अपराधी मना रहे हैं कि किसी भी तरह पुरानी वाली माफिया राज वाली सरकार आ जाए. जो अपराधी यूपी छोड़कर भाग गए थे वह भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि सरकार बदले तो फिर से लौट कर आएं. यह अपराधी चाहते हैं कि लूट, डकैती छिनैती का जो धंधा पांच साल से ठप पड़ा है, यूपी की जनता से उसकी भरपाई करें. वह बदला लेने के मूड में हैं. यह लोग जात-पात के नाम पर बंटवारा करके भाजपा को रोकना चाहते हैं. मैं आपसे कहना चाहता हूं कि इस खेल से सावधान रहिए.”

प्रधानमंत्री ने कहा, “इस चुनाव में और कुछ नहीं देखना है. केवल कमल छाप देखना है. भाजपा आएगी तो आपकी सुरक्षा होगी, यह आएंगे तो गुंडों के सपने पूरे होंगे. जब आप वोट डालने जाएं तो यह जरूर याद रखें आप यूपी के लिए ही नहीं बल्कि देश के लिए भी वोट दे रहे हैं. यूपी के विकास के बिना देश का विकास नहीं हो सकता. यूपी के मतदाता हमेशा यह याद रखकर वोट देते हैं. आज भी आपका जोश बता रहा है कि एकजुट होकर आप सही फैसला लेने को तैयार हैं. यूपी ने भरी हुंकार, एक बार फिर योगी सरकार.”

प्रधानमंत्री मोदी को बिजनौर आकर चुनावी रैली को संबोधित करना था लेकिन खराब मौसम के कारण वह नहीं पहुंच सके और रैली को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया.

उन्होंने कवि दुष्यंत कुमार की दो पंक्तियों ‘यहां तक आते-आते सूख जाती हैं कई नदियां मुझे मालूम है पानी कहां ठहरा हुआ होगा’ का जिक्र किया और आरोप लगाया, “वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश में भी विकास की नदी का पानी ठहरा हुआ था. यह पानी नकली समाजवादियों के परिवार में उनके करीबियों में ठहरा हुआ था.”

उन्होंने सपा पर आरोप लगाया, “इन लोगों को सामान्य मानव की विकास और प्रगति की प्यास से और गरीबी से मुक्त होने की प्यास से कभी कोई मतलब नहीं रहा. वह सिर्फ अपनी, अपने करीबियों की और अपनी तिजोरियों की प्यास बुझाते रहे. अपना स्वार्थ सोचने वाली यही प्यास विकास की नदी के हर बहाव को सोख लेती है.” मोदी ने दावा किया, “भाजपा प्रदेश के हर व्यक्ति को अपना परिवार मानती है. हमारा मंत्र है सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सब का प्रयास. इसलिए भाजपा की सरकार में भाई भतीजावाद और तुष्टीकरण की कोई जगह नहीं है.”

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री आवास योजना में घर मिलता है तो हर गरीब को मिलता है. इसके लिए उसकी जाति, उसका पंथ, उसका क्षेत्र नहीं देखा जाता है. जब उज्ज्वला योजना से गैस का कनेक्शन मिलता है तो माताओं और बहनों की जाति और पंथ नहीं पूछा जाता. जब गन्ना किसानों का बकाया भुगतान किया जाता है, सिंचाई का पानी मिलता है, वह सभी को बराबरी से मिलता है. यह फर्क मेरे उत्तर प्रदेश के किसान और गरीब भाई-बहन और नौजवान कभी भूल नहीं सकते. जो लोग आज जात-पात के नाम पर वोट मांग रहे हैं, जाति का वास्ता दे रहे हैं, सत्ता में आने पर इन्हें केवल उनके परिवार का स्वार्थ ही याद रहता है.”

प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय लोक दल प्रमुख जयंत चौधरी पर कटाक्ष करते हुए आरोप लगाया, “जो लोग चौधरी चरण सिंह की विरासत की दुहाई देकर आप को बरगलाने की कोशिश कर रहे हैं उनसे यह जरूर पूछिएगा कि जब उनकी सरकार थी तब वह आपके गांव में कितनी बिजली देते थे. उन्होंने प्रदेश को अंधेरे में रखा ताकि अपराध बढ़े, हमने बिजली दी ताकि विकास बढ़े. पहले की सरकारों ने उत्तर प्रदेश का बहुत समय गंवा दिया है. अब उत्तर प्रदेश को उस नुकसान की भरपाई करते हुए और तेजी से आगे बढ़ना है. पहले की सरकारों का मॉडल समस्या पैदा करो फिर सहानुभूति के नाम पर सब समेट लो, का था. उनके इस मॉडल से किसान नौजवान गरीब शोषित दलित सब परेशान थे.”

मोदी ने कहा कि पिछली सरकारों के कार्यकाल के दौरान महिलाओं और बहनों बेटियों से छेड़छाड़ आम बात थी. हालात इतने खराब थे कि चेन लूटे जाने पर इस बात का शुक्र मनाया जाता था कि चलो जान तो बच गई. योगी सरकार ने बेटियों को उस भय से मुक्त करके दिखाया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब हमेशा से पिछली सरकारों के लिए राजनीति का माध्यम रहे. भाजपा सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए उनकी परेशानियां दूर कर रही है. पिछले पांच सालों में योगी सरकार का प्रयास रहा है कि विकास कुछ ही इलाकों तक सीमित नहीं रहना चाहिए. इसी सोच के साथ हमारी सरकार मुरादाबाद बिजनौर अमरोहा जैसे शहरों में भी कनेक्टिविटी बढ़ा रही है. करीब 500 किलोमीटर का दिल्ली-लखनऊ इकोनामिक कॉरिडोर भी मुरादाबाद से होकर ही गुजरेगा. अलीगढ़-मुरादाबाद कॉरिडोर का काम भी तेजी से पूरा किया जा रहा है. डबल इंजन की भाजपा सरकार में मुरादाबाद-बरेली कॉरिडोर भी पूरा होने जा रहा है. गंगा एक्सप्रेस वे के रूप में इस इलाके को बहुत बड़ी सौगात मिलने जा रही है. बिजनौर से मुरादाबाद तक के फोरलेन हाईवे पर भी तेजी से काम हो रहा है। इससे पूरा जिला आसपास के सभी प्रमुख स्थानों से जुड़ जाएगा.

अनंत में विलीन हुईं ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर, राजकीय सम्मान के साथ किया गया अंतिम संस्कार

देश के संगीत जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में शुमार और आठ दशकों तक अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरने वाली महान गायिका लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

भारत की ‘रत्न’ मंगेशकर ने अपने लगभग 25 हजार गीतों के जरिये देश के लोगों को मंत्रमुग्ध किये रखा।

लता मंगेशकर का रविवार को यहां के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन हो गया। वह 92 वर्ष की थीं।

लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने शिवाजी पार्क में नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी।

मंगेशकर ने राजनीति, खेल, फिल्म जगत समेत सभी क्षेत्रों के लोगों के दिलों में अपने गीतों के माध्यम से अहम स्थान बनाया। मंगेशकर के वैसे तो सभी गीत लोगों की पसंद रहे है लेकिन उनके गीत “रहें ना रहे हम, महका करेंगे’’, “ऐ मेरे वतन के लोगों” और “नाम गुम जाएगा” हमेशा लोगों की जुबां पर रहेंगे।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शाम को दादर इलाके के शिवाजी पार्क में उन्हें श्रद्धांजलि देने वाली राजनीति और मनोरंजन उद्योग से जुड़ी हस्तियों में शामिल थे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार, अभिनेता शाहरुख खान और आमिर खान, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे समेत कई लोग इस मौके पर मौजूद थे।

इससे पहले तिरंगे में लिपटे सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे एक ट्रक से अंतिम संस्कार के लिए रविवार शाम दक्षिण मुंबई में उनके आवास से दादर के शिवाजी पार्क ले जाया गया।

अभिनेता अमिताभ बच्चन, अनुपम खेर, गीतकार जावेद अख्तर और फिल्मकार संजय लीला भंसाली सहित अन्य ने दक्षिण मुंबई में पेड्डर रोड स्थित मंगेशकर के आवास पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहां से करीब आठ किलोमीटर दूर स्थित शिवाजी पार्क के लिए गायिका के पार्थिव शरीर को ले जाया गया।

गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे। उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था। वह दो सप्ताह से अधिक समय तक आईसीयू में रहीं। इसके बाद उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ था और 28 जनवरी को वेंटिलेटर हटा दिया गया था, लेकिन पांच फरवरी से उनका स्वास्थ्य फिर से बिगड़ने लगा, जिसके बाद उन्हें फिर से वेंटिलेटर पर रखा गया।

शहर के ब्रीच कैंडी अस्पताल में लता मंगेशकर का उपचार करने वाले डॉक्टर प्रतीत समदानी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के 28 दिन बाद लता दी का सुबह आठ बजकर 12 मिनट पर निधन हो गया। उनके कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था।’’

सरकार ने लता मंगेशकर के निधन पर दो दिवसीय ‘राजकीय शोक’ की घोषणा की है। लता मंगेशकर ने आठ दशक के अपने शानदार करियर में हिंदी, मराठी, तमिल, कन्नड़ और बंगाली समेत 36 भारतीय भाषाओं में शास्त्रीय समेत विभिन्न विधाओं के लगभग 25,000 गीत गाए।

छह फरवरी से सात फरवरी तक पूरे भारत में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा।

लता मंगेशकर का जन्म इंदौर में हुआ था। उनके भाई-बहनों में मीना, आशा, उषा और हृदयनाथ हैं।

मंगेशकर जब अपनी अंतिम यात्रा पर निकलीं तो बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उमड़ पड़े और काफिला आगे बढ़ता गया। पुलिस और सेना ने मंगेशकर को औपचारिक सलामी दी और एक बैंड ने राष्ट्रगान बजाया। इसके बाद मंगेशकर के पार्थिव शरीर को फूलों से सजे ट्रक में रखा गया और उसमें गायिका की एक विशाल तस्वीर भी रखी गई।

मंगेशकर के निधन पर देश-दुनिया के लाखों लोगों ने शोक जताया।

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि लता जी का निधन ‘‘मेरे लिए, दुनियाभर के लाखों लोगों के लिए हृदयविदारक है।’’

राष्ट्रपति भवन ने कोविंद के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘ लता दीदी जैसा कलाकार सदियों में एक बार पैदा होता है। वह एक असाधारण व्यक्ति थीं, जो उच्च कोटि के व्यवहार की धनी थीं।’’

प्रधानमंत्री मोदी ने महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने दुख को शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकते।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘लता दीदी ने अपने गीतों के जरिए विभिन्न भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने दशकों से भारतीय फिल्म जगत में आए बदलावों को नजदीक से देखा। फिल्मों से परे, वह भारत के विकास के लिए हमेशा उत्साही रहीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थीं।’’

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरीली आवाज अमर है, जो उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान, श्रीलंका के नेता महिंदा राजपक्षे और नेपाल की राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्होंने गायिका के निधन पर शोक व्यक्त किया।

मंगेशकर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’, पद्म विभूषण, पद्म भूषण, दादा साहब फाल्के पुरस्कार और कई राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।

मंगेशकर के निधन पर शोक जताते हुए प्रसिद्ध गीतकार गुलजार ने कहा कि वह एक चमत्कार हैं, जिन्हें शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।

‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में गीतकार ने कहा, ‘‘लताजी अपने-आप में करिश्मा हैं और यह करिश्मा हमेशा नहीं होता है और आज यह करिश्मा मुक्कमल हो गया। वह चली गईं। वह चमत्कारिक गायिका थीं, जिनकी आवाज में चमत्कार था। उनके लिए विशेषण खोजना कठिन है। हम उनके बारे में चाहे कितनी भी बातें कर लें, वह कम होगा। उन्हें शब्दों में नहीं बांधा जा सकता।’’

मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन ने मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उनकी आवाज को सदी की सबसे बेहतरीन आवाज करार दिया।

उन्होंने कहा, ‘वह हमें छोड़कर चली गईं…सदियों की सबसे बेहतरीन आवाज खामोश हो गई… उनकी आवाज अब स्वर्ग में गूंजती रहेगी। उनकी आत्मा की शांति की कामना करता हूं।’

मशहूर संगीतकार ए आर रहमान ने मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि वह बहुत भाग्यशाली हैं कि उन्होंने उनके साथ गाने रिकॉर्ड किए और उनके साथ गाया तथा उनसे रियाज का महत्व सीखा।

रहमान ने अपने यूट्यूब चैनल पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कहा कि वह बहुत भाग्यशाली हैं कि उन्होंने उनके साथ कुछ गाने रिकॉर्ड किए, उनके साथ गाने गाए तथा उनके शो का हिस्सा बने। संगीतकार ने कहा, ‘‘मुझे इनमें से एक सबसे महत्वपूर्ण चीज मंच पर प्रस्तुति के बारे में उनसे जानने को मिला।’’

मंगेशकर के साथ अपने दोस्ताना संबंधों को याद करते हुए अभिनेत्री वहीदा रहमान ने कहा कि वह महान गायिका को अक्सर चॉकलेट, कबाब और बिरयानी भेजा करती थीं, जिसके बदले में अपने आशीर्वाद के रूप में लता उन्हें सुंदर साड़ियां भेजती थीं।

वहीदा ने कहा, ‘‘यह हर किसी के लिए विभिन्न तरह से सचमुच में एक नुकसान है। मेरे लिए, मैं नहीं जानती कि क्या कहना है, हम एक दूसरे से रोज बातचीत नहीं किया करते थे लेकिन हम दोनों ने एक दूसरे के साथ का बहुत अच्छा समय बिताया, हम एक दूसरे को बखूबी जानते थे। लेाग अक्सर सोचते हैं कि वह एक शर्मीली महिला थी लेकिन मैंने उन्हें चुटकुले सुनाते देखा। हमने जो वक्त साथ गुजारा है, वह मेरे साथ सदा रहेगा। ’’

मंगेशकर ने 1942 में वसंत जोगलेकर की मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ के लिए सदाशिवराव नेवरेकर द्वारा रचित एक मराठी गीत ‘नाचू या गाड़े, खेलो सारी मणि हौस भारी’ गाया था, लेकिन दुर्भाग्य से गीत को हटा दिया गया था। मास्टर विनायक ने मंगेशकर को एक मराठी फिल्म ‘पहिली मंगला गौर’’ में एक छोटी भूमिका की पेशकश की थी और उनसे ‘नताली चैत्रची नवलई’ गीत भी गवाया था। 1945 में जब मंगेशकर मुंबई चली आईं , तो उन्होंने संगीत की शिक्षा लेनी शुरू कर दी। मंगेशकर को 1945 में मास्टर विनायक की हिंदी भाषा की फिल्म ‘‘बड़ी मां’’ में अपनी छोटी बहन आशा भोसले के साथ एक छोटी भूमिका निभाने का अवसर मिला। फिल्म में, उन्होंने एक भजन ‘माता तेरे चरणों में’ भी गाया था।

संगीत निर्देशक गुलाम हैदर ने मंगेशकर को फिल्म मजबूर (1948) में पहला बड़ा ब्रेक गीतकार नाजिम पानीपति के गीत ‘‘दिल मेरा तोड़ा, मुझे कहीं का ना छोड़ा’’ गाने के साथ दिया जो उनकी पहली बड़ी सफलता वाली फिल्म थी। इसके बाद संगीत निर्देशक खेमचंद प्रकाश द्वारा रचित और अभिनेत्री मधुबाला पर फिल्माया गया फिल्म ‘महल’ (1949) का एक गीत ‘‘आयेगा आने वाला’’ गाया। इस गाने के बाद मंगेशकर को कभी पीछे पलटकर नहीं देखना पड़ा।

लता मंगेशकर की सुरीली आवाज हमेशा उनके प्रशंसकों के दिलों में गूंजती रहेगी: राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी सुरीली आवाज अमर है, जो उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी.

मंगेशकर का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया. 92 वर्षीय गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे. उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था.

गांधी ने ट्वीट किया, ‘लता मंगेशकर जी के निधन की दुखद खबर मिली. उनकी आवाज कई दशकों तक भारत में सबसे प्रिय रही.’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘उनकी सुरीली आवाज अमर है और उनके प्रशंसकों के दिलों में हमेशा गूंजती रहेगी। उनके परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों के प्रति मेरी संवेदनाएं.’

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा ने भी ट्विटर पर मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह भारतीय कला जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है.

उन्होंने लिखा, ‘भारतीय संगीत की बगिया में सुरों को चुन-चुनकर सजाने वाली सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी के निधन का दुखद समाचार मिला. उनके निधन से भारतीय कला जगत को एक अपूरणीय क्षति हुई है. ईश्वर लता जी को अपने श्री चरणों में स्थान दें और इस दुःख की घड़ी में परिजनों को कष्ट सहने का साहस प्रदान करें.’

वाद्रा ने अपनी दादी व पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के साथ मंगेशकर की एक तस्वीर भी साझा की.

लता मंगेशकर के निधन पर शोक की लहर, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, उपराष्ट्रपति एम. वैंकेया नायडू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विभिन्न हस्तियों ने रविवार को महान गायिका लता मंगेशकर के निधन पर शोक प्रकट किया।

मंगेशकर का रविवार को मुंबई स्थित एक अस्पताल में निधन हो गया। 92 वर्षीय गायिका कोरोना वायरस से संक्रमित पाई गई थीं और उन्हें बीमारी के मामूली लक्षण थे। उन्हें आठ जनवरी को ब्रीच कैंडी अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती कराया गया था, जहां डॉक्टर प्रतीत समदानी और उनकी टीम उनका इलाज कर रही थी।

जनवरी में मंगेशकर की तबीयत में सुधार हुआ था और वेंटिलेटर हटा दिया गया था लेकिन शनिवार को उनकी तबीयत बिगड़ गई। मंगेशकर के कई अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, जिसके बाद रविवार को उनका निधन हो गया।

राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने लता मंगेशकर के निधन पर शोक व्यक्त किया।

राष्ट्रपति कोविंद ने पार्श्व गायिका के साथ एक तस्वीर ट्विटर पर पोस्ट करते हुए लिखा, ‘लता जी का निधन मेरे लिए और दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए हृदयविदारक है। उनके गाए गीत भारत के सारतत्व और सुंदरता को प्रदर्शित करते हैं तथा पीढ़ियों ने इन्हें अपने अंतर्मन की अभिव्यक्ति के रूप में पाया है। भारत रत्न लता जी की उपलब्धियां अतुलनीय हैं।’

कोविंद ने उनसे मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि लता दीदी एक विलक्षण व्यक्तित्व थीं और उनके जैसे कलाकार सदियों में एक बार ही जन्म लेते हैं। उन्होंने कहा कि वह जब भी लता दीदी से मिले, उन्हें गर्मजोशी से भरा पाया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी मंगेशकर के साथ एक तस्वीर साझा की और कहा कि महान गायिका के निधन से ‘एक खालीपन पैदा हो गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता।’

मोदी ने कहा, ‘‘लता दीदी ने अपने गीतों के जरिए विभिन्न भावनाओं को व्यक्त किया। उन्होंने दशकों से भारतीय फिल्म जगत में आए बदलावों को नजदीक से देखा। फिल्मों से परे, वह भारत के विकास के लिए हमेशा उत्साही रहीं। वह हमेशा एक मजबूत और विकसित भारत देखना चाहती थीं।’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मैं अपना दुख शब्दों में व्यक्त नहीं कर सकता। दयालु और सबकी परवाह करने वाली लता दीदी हमें छोड़कर चली गईं। उनके निधन से देश में एक खालीपन पैदा गया है, जिसे भरा नहीं जा सकता। भावी पीढ़ियां उन्हें भारतीय संस्कृति की पुरोधा के रूप में याद रखेंगी, जिनकी सुरीली आवाज में लोगों को मोहित करने की अद्वितीय क्षमता थी।’’

मोदी ने कहा, ‘‘यह मेरे लिए सम्मान की बात है कि मुझे लता दीदी से हमेशा बहुत स्नेह मिला। मैं उनके साथ की गई बातों को हमेशा याद रखूंगा। मैं और देशवासी लता दीदी के निधन पर शोक व्यक्त करते हैं। मैंने उनके परिवार से बात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। ओम शांति।’’

उपराष्ट्रपति सचिवालय ने नायडू के हवाले से ट्वीट किया, ‘‘ भारतीय सिनेमा की सुर सम्राज्ञी लता मंगेशकर जी का निधन देश की और संगीत जगत की अपूरणीय क्षति है।’’

नायडू ने कहा, ‘‘ लता जी के निधन से आज भारत ने अपना वह स्वर खो दिया है जिसने हर अवसर पर राष्ट्र की भावना को भावपूर्ण अभिव्यक्ति दी।’’

उपराष्ट्रपति ने कहा कि उनके गीतों में देश की आशा और अभिलाषा झलकती थी। उन्होंने कहा कि लता जी का मधुर स्वर दशकों तक देश में फिल्म संगीत की पहचान रहा।

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शोक प्रकट करते हुए ट्वीट किया, ‘‘ देश की शान और संगीत जगत की सिरमौर स्वर कोकिला भारत रत्न लता मंगेशकर जी का निधन बहुत ही दुखद है। पुण्यात्मा को मेरी भावभीनी श्रद्धांजलि।’’

फिल्म जगत से अभिनेता अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री शबाना आज़मी, अभिनेता अक्षय कुमार, अजय देवगन और फिल्म निर्माता हंसल मेहता ने गायिका को श्रद्धांजलि दी।

बच्चन ने कहा, ‘‘वह हमें छोड़कर चली गईं…सदियों की सबसे बेहतरीन आवाज खामोश हो गई…।’’

वहीं, आजमी ने कहा, ‘‘उनकी आवाज ने हमारे जीवन को रोशन कर दिया, जब हम उदास होते हैं तो हमें उससे सांत्वना मिलती है, जब हम कमजोर होते हैं तो ताकत मिलती है।’’

कुमार ने ट्वीट किया, ‘मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद रहे… और ऐसी आवाज को कोई कैसे भूल सकता है। लता मंगेशकर जी के निधन से गहरा दुख हुआ, मेरी संवेदना और प्रार्थनाएं।’

देवगन ने लिखा, ‘एक महान हस्ती। मैं हमेशा उनके गीतों की विरासत को संजोकर रखूंगा। हम कितने भाग्यशाली हैं कि हम लता जी के गाने सुनकर बड़े हुए। ओम शांति। मंगेशकर परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं।’

मेहता ने कहा कि भारतीय कोकिला की संगति में ‘स्वर्ग भी धन्य हो गया है।’

उन्होंने ट्वीट किया, ‘कोकिला चली गई है। स्वर्ग धन्य हो गया है। लता जी जैसा कोई दूजा नहीं होगा। ओम शांति।’

क्रिकेट कमेंटेटर हर्षा भोगले ने कहा, ‘महानतम भारतीयों में से एक शख्सियत ने आज हमें अलविदा कह दिया।’

बायोकॉन की अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ ने भी ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की।

उन्होंने ट्वीट किया, ‘उनके निधन से हमारे जीवन में खामोशी सी पैदा हो गई है। ओम शांति।’

स्वर सम्राज्ञी के रूप से जानी जाने वाली लता मंगेशकर ने पांच साल की उम्र से गायन का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। उन्होंने 1942 में एक गायिका के रूप में अपना करियर शुरू किया था और सात दशकों से अधिक समय तक हिंदी, मराठी, तमिल, कन्नड़ और बंगाली समेत 36 भारतीय भाषाओं में लगभग 25,000 गीत गाए।

उन्होंने ‘ऐ मेरे वतन के लोगो’, ‘लग जा गले’, ‘मोहे पनघट पे’, ‘चलते चलते’, ‘सत्यम शिवम सुंदरम’, ‘अजीब दास्तां है’, ‘होठों में ऐसी बात’, ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘नीला आसमां सो गया’ और ‘पानी पानी रे’ जैसे कई गीतों को अपनी सुरीली आवाज देकर यादगार बना दिया।

भारतीय सिनेमा के सबसे महान पार्श्व गायकों में से एक मानी जाने वाली लता मंगेशकर को कई फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। उन्हें पद्म भूषण, पद्म विभूषण, दादा साहेब फाल्के पुरस्कार और कई अन्य भारतीय फिल्म पुरस्कारों से नवाजा गया। उन्हें 2001 में भारत का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान भारत रत्न भी मिला था।

India women’s tour of New Zealand 2022 : भारतीय महिला टीम की न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला अब 12 फरवरी से

भारतीय महिला क्रिकेट टीम की न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे श्रृंखला अब एक दिन बाद 12 फरवरी से शुरू होगी क्योंकि दोनों टीमों को मैचों के बीच अधिक समय देने के लिये मेजबान बोर्ड ने कार्यक्रम में बदलाव किया है.

भारतीय टीम को नौ फरवरी से न्यूजीलैंड के खिलाफ तीन स्थानों पर पांच वनडे और एक टी20 मैच खेलना था लेकिन न्यूजीलैंड क्रिकेट ने सारे मैच क्वींसटाउन में कराने का फैसला लिया ताकि कोरोना महामारी के बीच कम यात्रा करनी पड़े.

इसके साथ ही दोनों टीमों को मैचों के बीच अधिक समय देने के लिये कार्यक्रम में बदलाव किया गया है.

न्यूजीलैंड क्रिकेट ने कहा ,‘‘ भारतीय महिला टीम और न्यूजीलैंड महिला टीम के बीच मैचों के कार्यक्रम में बदलाव किया गया है. पहला केएफसी टी20 मैच उसी समय पर होगा लेकिन पांच मैचों की वनडे श्रृंखला के कार्यक्रम में बदलाव है.’’

मार्च अप्रैल में होने वाले विश्व कप की तैयारी के लिये अहम मानी जा रही इस श्रृंखला में वनडे मैच नौ फरवरी को ही खेला जायेगा.

वनडे श्रृंखला अब 12 फरवरी से होगी. दूसरा वनडे 14 फरवरी को , तीसरा 18 फरवरी को खेला जायेगा. आखिरी दोनों वनडे 22 और 24 फरवरी को ही होंगे.

Uttar Pradesh Election 2022 : योगी आदित्यनाथ ने 25 साल बाद उत्तर प्रदेश में कानून का राज स्थापित किया – अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ की सराहना करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री के तौर पर योगी आदित्यनाथ की बड़ी सफलता है कि 25 वर्ष बाद उन्होंने राज्य में कानून का राज स्थापित किया है.

विधानसभा चुनाव में योगी के गोरखपुर से नामांकन दाखिल करने से पहले यहां आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए शाह ने जनता से तेज आवाज में नारे लगाने का आह्वान करते हुए कहा,‘‘ योगी जी को आज नामांकन दाखिल करना है, यहां से सहारनपुर तक आवाज जानी चाहिए कि भाजपा 300 का आंकड़ा पार कर रही है.’’ उन्होंने कहा कि विपक्षी महागठबंधन पहले भी उत्तर प्रदेश में भाजपा से हार चुका है और आगे भी हारेगा.

शाह ने कहा कि गोरखपुर को एक जमाने में उत्तर प्रदेश-बिहार के माफियाओं के छिपने का स्थान माना जाता था लेकिन आज गोरखपुर का मतलब बदल गया है. इसे उन्‍होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि ‘जी’ से गंगा एक्सप्रेस, ‘ओ’ से ऑर्गेनिक खेती, ‘आर’ से रोड, ‘ए’ से एम्स, ‘केएच’ से खाद का कारखाना, ‘पीयू’ से पूर्वांचल एक्सप्रेस वे, और ‘आर’ से रीजनल रिसर्च सेंटर बनाने का काम योगी आदित्यनाथ ने किया है.

उन्होंने कहा, ‘‘आज मैं गृह मंत्री होने के नाते गर्व से कहता हूं कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश को माफियाओं से मुक्त कराने का कार्य किया है. अब राज्य में माफिया सिर्फ तीन जगह दिखाई देता है, या तो वह जेल में है, या तो वह प्रदेश से बाहर चला गया है और या तो वह सपा की विधानसभा सदस्यों की सूची में दिखाई देता है.’’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यों की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि कोरोना काल में मोदी ने हर गरीब के घर में प्रतिमाह पांच किलो अनाज, दो साल तक भेजने का निर्णय किया और योगी ने इसमें दलहन जोड़ा दिया, तेल और नमक भी जोड़ा और ये सारी योजना दो साल तक 15 करोड़ घरों में पहुंचाने का कार्य मोदी और योगी ने किया है.

शाह ने कहा कि ‘आज विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है, उनको तो लगता है कि कोरोना के कारण सभाएं सीमित हो गई हैं, लोगों के बीच जाना नहीं पड़ रहा है. मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भैया जो प्रचार करना है कर लो, उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा के साथ है, भाजपा को फिर से 300 के पार सीटें मिलने वाली हैं.’ विपक्षी दलों सपा और बसपा पर तंज के साथ माफिया पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा,‘‘ आज उप्र की जनता को कहने आया हूं कि आजम खान, अतीक अहमद, मुख्तार अंसारी सारे योगी के शासन में सलाखों के पीछे हैं और अखिलेश बाबू अब कोई संभावना नहीं है. प्रदेश की जनता कई वर्षों बाद इनके आतंक से बाहर आई है.’

शाह ने कहा, ‘‘ आज योगी के नामांकन दाखिल के साथ ही भाजपा 300 पार के संकल्प के साथ पूरे प्रदेश में आगे बढ़ रही है. आज मैं यहां आया हूं तो मुझे 2013 भी याद आता है. जब मुझे भाजपा का प्रभारी बनाया गया था तो विशेष कर दिल्‍ली के पत्रकार कहते थे कि आपको किस जगह भेज रहे हैं, जहां भाजपा दहाई में भी पहुंच नहीं पाएगी. खैर, मोदी के नेतृत्व का चमत्कार और ईश्वर की कृपा देखिए कि प्रदेश में भाजपा सहयोगियों संग 73 सीटें जीती.’’ मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारों के बीच अपने संबोधन में कहा कि राज्य में पांच वर्षों के दौरान भाजपा की डबल इंजन की सरकार ने प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और नेतृत्व में जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में जन आकांक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास किया और हर गरीब, किसान, नौजवान तक सरकारी योजनाओं को पहुंचाने के साथ ही विकास का कार्य किया.

उन्होंने कहा कि भाजपा नेतृत्व और सरकारों के बारे में आज कोई भी व्यक्ति नकारात्मक टिप्पणी नहीं कर सकता है.

सभा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और नगर विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल के अलावा सहयोगी अपना दल एस के कार्यवाहक अध्यक्ष आशीष सिंह पटेल और निषाद पार्टी के अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद समेत कई प्रमुख लोग उपस्थित थे.

Delhi Covid Rules : दिल्ली में स्कूल फिर से खुलेंगे, कारों में अकेले यात्रा करने वालों को मास्क पहनने से छूट

दिल्ली में नर्सरी से लेकर सभी कक्षाओं के लिये स्कूल फिर से खुलेंगे और कुछ प्रतिबंधों के साथ जिम को खोलने की अनुमति दी गई है. वहीं, कारों में अकेले यात्रा करने वाले ड्राइवरों को मास्क पहनने से छूट दी जाएगी. दिल्ली सरकार ने Covid-19 के मामलों में कमी के मद्देनजर शुक्रवार को कोविड प्रतिबंधों में ढील देने की घोषणा की.

दिल्ली में रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा, लेकिन अब कर्फ्यू का समय रात 10 बजे के बजाए रात 11 बजे से शुरू होगा. दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) ने राष्ट्रीय राजधानी में उच्च शिक्षण संस्थानों और कोचिंग सेंटर के साथ-साथ नौवीं से 12वीं कक्षा के लिए स्कूलों को सात फरवरी से फिर से खोलने का फैसला किया है.

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि समिति ने 14 फरवरी से नर्सरी से आठवीं तक की कक्षाएं फिर से शुरू करने का भी फैसला किया है. अधिकारियों ने बताया कि कुछ पाबंदियों के साथ जिम खोलने की भी अनुमति दी गई है.

उन्होंने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण निर्णय में डीडीएमए ने उन ड्राइवरों को मास्क पहनने से छूट दी है, जो वाहनों में अकेले होंगे और 100 प्रतिशत उपस्थिति के साथ कार्यालयों को फिर से शुरू करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. अधिकारियों ने कहा कि Covid-19 की संक्रमण दर और मामलों की संख्या में लगातार कमी के बीच विशेषज्ञों की सलाह के आधार पर ये निर्णय लिए गए.

अधिकारियों ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों और कोचिंग संस्थानों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और कोविड-उपयुक्त व्यवहार (CAB) के सख्त पालन की शर्तों के साथ खोलने की अनुमति दी जाएगी. उन्होंने बताया कि सात फरवरी से कक्षा 9-12 वीं तक चरणबद्ध तरीके से स्कूल खोले जाएंगे.

उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें कक्षाओं में जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी. अधिकारियों ने बताया कि उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान 15-18 आयु वर्ग के लोगों का टीकाकरण बढ़ाने पर जोर दिया गया.

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : यह चुनाव दंगाइयों, माफियाओं को पर्दे के पीछे से उत्तर प्रदेश की सत्ता हथियाने से रोकने का: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव ‘‘हिस्ट्रीशीटर्स’’ को बाहर रखने की ‘‘हिस्ट्री’’ बनाने के लिए और साथ ही दंगाइयों व माफियाओं को पर्दे के पीछे से सत्ता हथियाने से रोकने का है.

उत्तर प्रदेश के मेरठ, गाजियाबाद, अलीगढ़, हापुड़ और नोएडा के मतदाताओं को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यह चुनाव सुरक्षा, सम्मान और समृद्धि की पहचान को बनाए रखने के लिए है.

उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत राजा महेंद्र सिंह, चौधरी चरण सिंह और कल्याण सिंह के अलावा आजादी के आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुए कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोगों पर देशवासियों का गर्व है वे उन्हें प्रणाम करते हैं.

प्रधानमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद उत्तर प्रदेश ने अनेक चुनाव देखें और अनेक सरकारों को बनते-बिगड़ते देखा है, लेकिन यह चुनाव सबसे अलग है.

उन्होंने कहा, ‘‘यह चुनाव उत्तर प्रदेश में शांति के स्थायित्व के लिए है, विकास की निरंतरता के लिए है, प्रशासन में सुशासन के लिए है, उत्तर प्रदेश के लोगों के तेज विकास के लिए है. यह चुनाव सुरक्षा सम्मान और समृद्धि की पहचान को बनाए रखने के लिए है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह चुनाव हिस्ट्रीशीटर को बाहर रखने के लिए नई हिस्ट्री बनाने के लिए है.’’ प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि उत्तर प्रदेश के लोगों ने यह मन बना लिया है कि दंगाइयों को, माफियाओं को, पर्दे के पीछे रहकर उत्तर प्रदेश की सत्ता हथियाने नहीं देंगे.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के मतदाता अच्छी तरह से समझते हैं कि उद्योगों और व्यापार-कारोबार के लिए कानून व्यवस्था का राज होना कितना जरूरी है.

उन्होंने कहा, ‘‘कोई सोच नहीं सकता था कि उत्तर प्रदेश में कभी अपराधी और माफिया काबू में आएंगे. लेकिन योगी जी ने कानून का राज स्थापित किया. गुंडागर्दी करने वालों को यह समझ आ आया है कि 21वीं सदी में उत्तर प्रदेश को लगातार ऐसी सरकार चाहिए जो दोगुनी तेजी से काम करे और दोगुनी तेजी से विकास करे. यह काम ‘डबल इंजन’ की सरकार ही कर सकती है.’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका उत्तर प्रदेश का पहला दौरा मेरठ का ही हुआ था ओर मौसम खराब होने की वजह से उन्हें सड़क मार्ग से वहां पहुंचना पड़ा था.

उन्होंने कहा कि मेरठ एक्सप्रेस-वे की वजह से वह महज एक घंटे से भी कम समय में दिल्ली से मेरठ पहुंच गए थे.

केंद्र सरकार व राज्य सरकार की विभिन्न विकास व कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘यह सब साबित करते हैं कि भाजपा की सरकार जो कहती है, वह करके दिखाती है. जो काम शुरू करती है, उसे पूरा करके दिखाती है.’’

Rajasthan : दूसरे राज्य की महिला को शादी बाद सरकारी नौकरी में नहीं मिलेगा आरक्षण: राजस्थान हाई कोर्ट

राजस्थान हाई कोर्ट ने सरकारी नौकरी में आरक्षण को लेकर बेहद अहम फैसला सुनाया है. हाई कोर्ट के मुताबिक शादी के बाद किसी दूसरे राज्य से आने वाली महिला को एससी, एसटी या ओबीसी के आधार पर प्रदेश में सरकारी नौकरी में आरक्षण नहीं दिया जाएगा. हालांकि कोर्ट ने कहा है कि आरक्षित श्रेणी में आने के चलते उन्हें अन्य सभी तरह की सुविधाओं का फायदा मिलता रहेगा.

लाइव लॉ वेबसाइट के मुताबिक हाई कोर्ट ने ये बातें हनुमानगढ़ के नोहर में रहने वाली एक महिला सुनीता रानी की याचिका पर सुनवाई के दौरान कही. सुनीता पंजाब की रहने वाली है. वो रेगर समुदाय से ताल्लुक रखती है. रेगर एससी कैटेगरी में आते है. उनकी शादी राजस्थान में हुई.उन्होंने एससी जाति प्रमाण पत्र के लिए नोहर तहसीलदार के पास आवेदन किया. लेकिन उनका आवेदन खारिज कर दिया गया. उन्हें कहा गया कि वो राजस्थान की मूल निवासी नहीं है. इसके बाद उन्होंने इस फैसले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी.

जज दिनेश मेहता ने राजस्थान हाईकोर्ट के साल 2018 और 2020 में इसी तरह के मामलों का ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि शादी करने के बाद कोई महिला राजस्थान में नौकरी में आरक्षण की हकदार नहीं हो सकती है. हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि ऐसी महिलाएं जाति प्रमाण पत्र की हकदार हैं. जिससे इसके आधार पर नौकरी के अलावा वो राज्य सरकार की ओर से चलाई जा रही अलग-अलग योजनाओं का फायदा ले सके.

हाईकोर्ट की बेंच ने आगे कहा, ‘हम इसे एक बार फिर स्पष्ट करते हैं कि सरकारी रोजगार और आरक्षण के लाभ का मुद्दा सर्वोच्च न्यायालय द्वारा तय किया गया है और इस प्रकार हमारे वर्तमान आदेश को आरक्षण के लाभ के लिए किसी को सक्षम करने के रूप में गलत नहीं माना जाएगा. वर्तमान आदेश केवल आवेदन किए गए प्रमाण पत्र को जारी करने से संबंधित है.