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Omicron Cases: दुनिया के कई देशों में कोरोना वायरस के नए स्वरूप के मामले सामने आए

दुनिया के कई और देशों में Covid-19 के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’ के मामले सामने आने के बाद कई सरकारों ने अपने-अपने देश की सीमा बंद करने जैसे कदम उठाए हैं जबकि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वायरस का यह स्वरूप पहले सामने आए स्वरूपों से ज्यादा खतरनाक है या नहीं.

नए स्वरूप की पहचान दक्षिण अफ्रीका के अनुसंधानकर्ताओं ने कुछ दिन पहले की थी और अभी तक इसके ज्यादा संक्रामक होने या इससे मरीज के गंभीर रूप से बीमार पड़ने या इसके टीके के असर को नकारने जैसी जानकारियां उपलब्ध नहीं हो पाई हैं. लेकिन कई देशों ने एहतियाती कदम उठाए हैं. कोविड-19 महामारी की वजह से दुनिया भर में 50 लाख से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है.

इजराइल ने विदेशी लोगों के प्रवेश पर पाबंदी लगाने का निर्णय लिया है. वहीं मोरक्को ने कहा है कि वह सोमवार से अगले दो सप्ताह तक आनेवाली सभी उड़ानों को निलंबित करेगा. हांगकांग से यूरोप और उत्तरी अमेरिका तक कई जगहों के वैज्ञानिकों ने इस स्वरूप की मौजूदगी की पहचान की है.

नीदरलैंड में रविवार को ओमीक्रोन के 13 मामले सामने आए. इसके बाद कनाडा और ऑस्ट्रेलिया से दो-दो मामले सामने आए. कई देशों में नए स्वरूप के मामले सामने आने और सीमा बंद करने जैसे कदम के सीमित प्रभाव के मद्देनजर विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने सीमाएं बंद नहीं करने का सुझाव दिया है.

अमेरिका में राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के निदेशक डॉक्टर फ्रांसिस कॉलिन्स ने इस बात पर जोर दिया है कि अभी ऐसी जानकारियां उपलब्ध नहीं हैं कि ओमीक्रोन कोविड-19 के पहले के स्वरूपों से ज्यादा खतरनाक है.

कॉलिन्स ने ‘सीएनएन’ चैनल को बताया कि वह दक्षिण अफ्रीका के विभिन्न जिलों में तेजी से फैले इस स्वरूप के मामलों के मद्देनजर यह तो सोचते हैं कि यह ज्यादा संक्रामक है, लेकिन अभी यह पता नहीं है कि क्या यह वायरस के डेल्टा स्वरूप जितना खरतनाक है.

जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा ने कहा कि जापान सीमा पर नियंत्रण को बढ़ाने के उपाय पर विचार कर रहे हैं. किशिदा ने संवाददाताओं को बताया कि उनकी योजना दक्षिण अफ्रीका और पास के आठ अन्य देशों से आने वाले यात्रियों के लिए 10 दिन तक अनिवार्य पृथक-वास के अलावा अन्य नए कदमों की घोषणा करने की है. जापान ने अब भी किसी अन्य देश के पर्यटकों के यहां आने पर पाबंदी लगाई हुई है.

अमेरिका की योजना सोमवार से दक्षिण अफ्रीका और सात अन्य दक्षिण अफ्रीकी देशों पर यात्रा प्रतिबंध लगाने की है. अमेरिका के शीर्ष संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एंथनी फाउची ने ‘एबीसी’ के ‘दिस वीक’ को बताया कि इससे तैयारियां बढ़ाने का अवसर मिलेगा.

दक्षिण अफ्रीका की सरकार ने यात्रा प्रतिबंधों पर आपत्ति जताई है. डब्ल्यूएचओ ने एक बयान में कहा कि वह ‘अफ्रीकी देशों के साथ खड़ा’ है. शीर्ष स्वास्थ्य संगठन ने कहा कि यात्रा प्रतिबंध भले ही कोविड-19 के प्रसार को आंशिक तौर पर धीमा करने में भूमिका निभाते हों, लेकिन इससे लोगों और उनकी आजीविका पर बड़ा असर पड़ता है.

Bihar : कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप को लेकर नीतीश कुमार ने बिहार के स्वास्थ्य अधिकारियों को किया आगाह

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के मद्देनजर राज्य के स्वास्थ्य अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं.

नीतीश कुमार ने रविवार को एक बैठक में स्वास्थ्य विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान कोरोना वायरस के नए स्वरूप को लेकर चर्चा की और अपने विचार साझा किए.

उन्होंने अधिकारियों को विदेश से राज्य में आने वाले लोगों पर कड़ी नजर रखने और किसी में भी लक्षण दिखने पर नमूनों की त्वरित जांच करने के निर्देश दिए.

कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप के मामले प्रमुख रूप से दक्षिण अफ्रीका के अलावा ब्रिटेन और बेल्जियम में सामने आए हैं.

मुख्यमंत्री ने लोगों के कोविड-19 रोधी टीकाकरण पर जोर देते हुए कहा कि महामारी अभी खत्म नहीं हुई है, इसलिए लोगों को कोविड संबंधी मानदंडों और नियमों का पालन करना चाहिए.

Covid-19 : तीन विदेशी पर्यटक पाए गए कोरोना पॉजिटिव, नए वेरिएंट को लेकर अलर्ट

उत्तर प्रदेश के वृंदावन में यात्रा पर आये तीन विदेशी कोरोना वायरस से संक्रमित हो गये हैं. अधिकारियों ने रविवार को बताया कि मारिया देसम परादोस, डुमोलिन फ्रेडरिक आर्मंड और उगने दौकाइट पंद्रह दिन की यात्रा पर वृंदानवन आये थे और वापसी से पहले उन्होंने कोविड-19 जांच करवायी. तीनों किस देश के हैं, उसका तत्काल पता नहीं चल पाया है.

उन्होंने बताया कि उनमें से एक व्यक्ति शनिवार को और दो रविवार को संक्रमित पाये गये. इन तीनों के संपर्क में आये 44 लोगों के नमूने जांच के लिए लिये गये हैं.

पाबंदियों में छूट देने पर चीन Covid-19 महामारी के ‘भंयकर प्रकोप’ का सामना कर सकता है: स्टडी रिपोर्ट

चीन के अधिकतर हिस्सों को दुनिया के लिए बंद रखा गया है क्योंकि एक नये अध्ययन में चेतावनी दी गई है कि अगर पाबंदियों को हटा दिया जाता है तो उसे महामारी के ‘भंयकर प्रकोप’ का सामना करना पड़ेगा और रोजाना संक्रमण के 6.30 लाख से अधिक मामले सामने आ सकते हैं.

पेकिंग विश्वविद्यालय के गणितज्ञों की रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर चीन अन्य देशों की तरह यात्रा प्रतिबंध को हटा देता है और कोराना वायरस संक्रमण के प्रसार को कतई बर्दाश्त नहीं करने के रुख को छोड़ देता है तो देश में रोजाना 6,30,000 से अधिक मामले सामने आ सकते हैं.

रिपोर्ट में कहा गया, ‘‘आकलन में खुलासा हुआ है कि भंयकर प्रकोप की संभावना है जिसका बोझ चिकित्सा प्रणाली नहीं उठा सकती.’’

चीन में शनिवार को कोविड-19 के 23 नये मामले सामने आए जिनमें से 20 मामले अन्य देशों से आए और बीजिंग सहित अन्य शहरों में संक्रमण के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है. दुनिया के लिए महामारी शुरू होने से पहले चीन के वुहान शहर में वर्ष 2019 के अंत में कोविड का पहला मामला आया था. चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के मुताबिक चीन में अबतक कोविड-19 के 98,631 मामले आए हैं जबकि 4,636 मरीजों की मौत हुई है. इस समय 785 मरीज उपचाराधीन हैं.

चीन के रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र द्वारा चाइना सीडीसी साप्ताहिक में प्रकाशित खबर के मुताबिक पेकिंग विश्वविद्यालय के चार गणितज्ञों ने कहा है कि चीन बिना प्रभावी टीकाकरण और विशेष इलाज के सभी आने जाने वालों के लिए पृथकवास की व्यवस्था करने के लिए तैयार नहीं है.

मौजूदा समय में विदेश से चीन आने वालों को निर्धारित होटलों में 21 दिनों तक पृथकवास में रहना पड़ता है. अमेरिका, ब्रिटेन, इजराइल, स्पेन और फ्रांस के अगस्त से अबतक के आंकड़ों का विश्लेषण कर वैज्ञानिकों ने आकलन करने की कोशिश की कि चीन अगर इन देशों की तरह रणनीति अपनाए तो क्या प्रभाव पड़ेगा. अगस्त में इन सभी देशों में टीकाकरण की दर चीन से अधिक थी, साथ ही उच्च प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता के साथ-साथ चीन के मुकाबले कम जनसंख्या घनत्व था.

अनुसंधानकर्ताओं का आकलन है कि अगर चीन भी अमेरिका की रणनीति को महामारी से निपटने में अपनाता है तो दैनिक मामलों की संख्या 6,37,155 हो सकती है, जबकि अगस्त में 1,50,098 मामले रोजाना आ रहे थे.

अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि अगर चीन ब्रिटेन और फ्रांस की रणनीति का अनुकरण करता है तो रोजाना क्रमश: 2,75,793 और 4,54,198 नए संक्रमण के मामले आ सकते हैं. हालांकि, अध्ययन में स्वीकार किया गया कि यह गणितीय गणना पर आधारित है और यात्रा प्रतिबंध हटाने के प्रभावों का आकलन करने के लिए कहीं जटिल और गतिशील मॉडल की जरूरत है.

सहकारी मॉडल ही भारत में सर्वांगीण और समावेशी विकास हासिल करने में उपयोगी : अमित शाह

केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आर्थिक विकास का सहकारी मॉडल ही भारत की 130 करोड़ आबादी के सर्वांगीण और समावेशी विकास हासिल करने में उपयोगी साबित होगा.

गुजरात कोऑपरेटिंग मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन की विभिन्न परियोजनाओं का यहां उद्घाटन करने के बाद शाह ने कहा कि सहकारी मॉडल में हर किसी को समृद्ध बनाने की क्षमता है और अमूल इसका जीता जागता उदाहरण है.

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए देश की 130 करोड़ की आबादी के लिए सहकारी मॉडल को सबसे अच्छा आर्थिक मॉडल बताया था.

शाह ने कहा कि सभी का विकास करना और 130 करोड़ की आबादी वाले देश में इसे आगे ले जाना एक मुश्किल काम है जबकि भारत से कहीं कम आबादी वाले देशों के लिए कई अन्य आर्थिक मॉडल काम करते हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘कौन सा आर्थिक मॉडल इस देश की आवश्यकताओं के अनुसार उपयोगी सिद्ध होगा यह एक बड़ा मुद्दा है और कई पंडित (विद्वान) नाकाम भी हो चुके हैं. लेकिन 75 साल बाद देश ने कई नियमों को देखा, देश के प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए इस मॉडल को परखा और पाया कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश के सर्वांगीण, समावेशी विकास के लिए कोई आर्थिक मॉडल है, तो वह केवल सहकारी मॉडल है.’’

शाह ने कहा कि उनका मानना है कि सरकारिता के क्षेत्र में हर किसी को समृद्ध बनाने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि अमूल इसका जीता जागता उदाहरण है कि जब 36 लाख लोग एक साथ मिलकर काम करते हैं तो क्या कुछ हासिल किया जा सकता है. इस मॉडल ने महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण और सबसे सफल प्रयोग पेश किया.

भारत स्टार्ट-अप के क्षेत्र में दुनिया की अगुवाई कर रहा : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का युग स्टार्ट-अप का युग है और भारत इस क्षेत्र में दुनिया का नेतृत्व कर रहा है जहां 70 से अधिक स्टार्ट-अप एक अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन को पार कर गए हैं.

एक अरब डॉलर से अधिक के मूल्यांकन को पार करने वाली ‘स्टार्ट-अप’ इकाइयों को ‘यूनिकॉर्न’ कहा जाता है.

‘मन की बात’ में प्रधानमंत्री ने कहा कि बड़ी युवा आबादी वाले किसी भी देश में तीन चीजें – विचार एवं नवोन्मेष, जोखिम लेने का जुनून और ‘कर सकने’ की भावना बहुत महत्त्वपूर्ण होती हैं.

उन्होंने कहा कि जब ये तीन चीजें साथ आती हैं, अभूतपूर्व परिणाम हासिल होते हैं और करिश्मा होता है. मोदी ने कहा, “इन दिनों हम अपने चारों तरफ स्टार्ट-अप, स्टार्ट-अप, स्टार्ट-अप सुनते हैं. यह सच है कि यह स्टार्ट-अप का युग है और यह भी सच है कि स्टार्ट-अप के क्षेत्र में भारत एक तरह से दुनिया में अग्रणी है.”

उन्होंने कहा कि साल दर साल स्टार्ट-अप को रिकॉर्ड निवेश मिल रहा है और यह क्षेत्र तेज गति से विकास कर रहा है.

मोदी ने कहा, “देश के छोटे शहरों में भी स्टार्ट-अप की पहुंच बढ़ी है. यूनिकॉर्न शब्द आजकल काफी चर्चा में है. यूनिकॉर्न एक स्टार्ट-अप है जिसका मूल्यांकन एक अरब डॉलर, करीब 7,000 करोड़ रुपये है.”

उन्होंने कहा, “साल 2015 तक, देश में नौ से 10 यूनिकॉर्न थे, आपको जानकर बहुत खुशी होगी कि भारत अब यूनिकॉर्न की दुनिया में भी काफी ऊपर है. एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल एक बड़ा बदलाव आया है और महज 10 महीनों में, भारत में हर 10 दिन में एक यूनिकॉर्न बना है.”

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह एक बड़ी बात है क्योंकि भारत के युवाओं ने कोविड वैश्विक महामारी के बीच यह सफलता हासिल की है.

मोदी ने कहा, “आज भारत में 70 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं, यानी 70 से ज्यादा स्टार्ट-अप ने एक अरब डॉलर के मूल्यांकन को पार कर लिया है.”

अपने कार्यक्रम में, प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि दिसंबर के महीने में, नौसेना दिवस और सशस्त्र सेना झंडा दिवस मनाया जाता है, और 16 दिसंबर को, यह 1971 के युद्ध में जीत का स्वर्ण जयंती वर्ष होगा.

मोदी ने कहा, “इन सभी अवसरों पर मैं अपने सशस्त्र बलों, हमारे सैनिकों, विशेषकर उन वीर माताओं को याद करता हूं जिन्होंने इन योद्धाओं को जन्म दिया.”

FIFA World Cup 2022 : विश्व कप के मेजबान कतर ने CIA के पूर्व अधिकारी से करायी थी फीफा की जासूसी

एसोसिएटेड प्रेस की एक जांच में इसका खुलासा हुआ है कि कतर ने 2022 में होने वाले विश्व कप फुटबॉल की मेजबानी हासिल करने और उसे बनाये रखने के लिये विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था फीफा के अधिकारियों की जासूसी करने में सीआईए के एक पूर्व अधिकारी की मदद ली थी.

विश्व कप फुटबॉल दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल टूर्नामेंट हैं जिसकी मेजबानी करने से विश्व के सबसे धनी देशों में से एक कतर को विश्व पटल पर खुद को स्थापित करने का मौका मिलेगा.

एपी की जांच में पाया गया कि कतर ने मेजबानी की दौड़ में शामिल अन्य देशों तथा 2010 में मेजबान का चयन करने वाले प्रमुख फुटबॉल अधिकारियों की जासूसी करने के लिये सीआईए के पूर्व अधिकारी केविन चाल्कर की सेवाएं ली थी.

चाल्कर ने फुटबॉल जगत में देश के आलोचकों पर नजर रखने के लिये बाद के वर्षों में भी कतर के लिये काम किया.

एपी की जांच चाल्कर के पूर्व सहयोगियों से बातचीत के अलावा विभिन्न ठेकों, खरीदारी के बिलों, ईमेल और व्यावसायिक दस्तावेजों की समीक्षा पर आधारित है.

दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि जासूसी कार्य में प्रतिद्वंद्वी देशों की बोलियों पर निगरानी रखने के लिये किसी का फोटो पत्रकार बनना और फेसबुक पर आकर्षक महिला के रूप में पेश होकर लक्ष्य के करीब पहुंचना भी शामिल था.

कतर सरकार के किसी अधिकारी ने इस पर प्रतिक्रिया करने के आग्रह का जवाब नहीं दिया। फीफा ने भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.

Uttar Pradesh : महंत गिरि ‘भारी मानसिक तनाव’ में थे, मानहानि से बचने के लिए की आत्महत्या की : सीबीआई

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पूर्व अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि अपने शिष्य आनंद गिरि, पुजारी आद्या प्रसाद तिवारी, उनके बेटे संदीप तिवारी की वजह से ‘ भारी मानसिक तनाव’ में थे और उन्होंने समाज की नजरों में ‘‘ मानहानि और अपमान’’ से बचने के लिए जीवन लीला समाप्त कर ली थी. उनकी मौत की जांच कर रही सीबीआई ने अपने आरोप पत्र में यह दावा किया है.

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने वह वीडियो भी बरामद किया है जिसे महंत ने आत्महत्या करने से पहले कथित तौर पर रिकॉर्ड किया था. इसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि आनंद गिरि ‘ संपादित वीडियो’ जारी करने वाले थे जिसमें उन्हें महिला के साथ आपत्तिजनक स्थिति में दिखाया गया है.

एजेंसी ने 20 नवंबर को आरोप पत्र दाखिल किया है जिसमें प्रयागराज स्थित बड़े हनुमान मंदिर के पुजारी आनंद गिरि, आद्या प्रसाद तिवारी और संदीप तिवारी को आरोपी बनाया गया है और सभी इस समय आत्महत्या के लिए उकसाने, आपराधिक साजिश रचने के आरोप में न्यायिक हिरासत में हैं.

गौरतलब है कि नरेंद्र गिरि संतों के सबसे बड़े संगठन के अध्यक्ष थे और 20 सितंबर को प्रयागराज के बाघम्बरी मठ के कमरे में उनका शव फंदे से झूलता हुआ मिला था.

आरोप पत्र के मुताबिक नरेंद्र गिरि को भय था कि आनंद गिरि महिला के साथ उनका कथित संपादित वीडियो जारी कर सकते हैं ताकि उनकी छवि धूमिल की जा सके. एक अन्य वीडियो में वह अपने शिष्यों से दूसरे के चेहरे पर तस्वीर लगाकर वीडियो बनाने के बारे में पूछते नजर आ रहे हैं.(Agency Input)

Punjab : पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने Covid-19 से मरने वालों के परिजनों को चार लाख रुपये मुआवजा देने का आग्रह किया

पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि कोविड-19 से मरने वालों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये दिए जाने चाहिए.

उन्होंने कहा कि 50 हजार रुपये मुआवजा पर्याप्त नहीं है. चन्नी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा कि उनकी सरकार मुआवजे की राशि में 25 प्रतिशत योगदान देने को तैयार है.

चन्नी ने बुधवार को ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने पत्र में कहा कि एक कल्याणकारी राज्य होने के नाते यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम संकटग्रस्त नागरिकों की सहायता करें.

Coronavirus in Odisha: 53 स्कूली छात्राओं सहित 22 मेडिकल स्‍टूडेंट्स कोरोना संक्रमित, मचा हड़कंप

ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले में सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल की 53 छात्राएं और संबलपुर में वीर सुरेंद्र साईं आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान (वीआईएमएसएआर) बुर्ला के एमबीबीएस के 22 छात्र पिछले तीन दिनों के दौरान कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं.

इस बीच, ओडिशा में मंगलवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 212 नये मामले सामने आये, जिसके बाद प्रदेश में कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 10,47,386 हो गयी. नये संक्रमितों में 70 बच्चे भी शामिल हैं. अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में संक्रमण से दो और मरीजों की मौत हो गयी, जिसके बाद Covid-19 महामारी से मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 8,396 हो गयी है.

सेंट मैरी गर्ल्स स्कूल की संचालिका सिस्टर पेट्रिका ने कहा, ” कोरोना वायरस से संक्रमित पाईं गयी लड़कियों को पृथकवास में रखा गया है और उनके इलाज के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं. लड़कियों का स्वास्थ्य स्थिर है जबकि स्कूल को एक सप्ताह के लिए बंद कर दिया गया है.”

संक्रमित पाईं गयीं लड़कियां कक्षा 8वीं, 9वीं और 10वीं की छात्राएं हैं. वीआईएमएसएआर , बुर्ला के एमबीबीएस के 22 छात्रों को कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अधिकारियों को संदेह है कि संक्रमण हाल ही में आयोजित संस्थान के वार्षिक समारोह से फैला होगा. उन्होंने परिसर में मौजूदा स्थिति पर एक तत्काल बैठक बुलाई है.

खुर्दा जिले में सर्वाधिक 90 नये रोगी मिले, राजधानी भुवनेश्वर भी इसी जिले का हिस्सा है. इसके बाद सुंदरगढ़ में 39 जबकि मयूरभंज में संक्रमण के 13 नये मामले सामने आए. राज्य के 14 जिलों में बीते 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण का एक भी नया मामला सामने नहीं आया.

खुर्दा जिले में ही कोविड-19 के कारण दो लोगों की मौत हुई. राज्य में अब तक रिकॉर्ड 2.33 करोड़ से अधिक नमूनों की कोविड-19 जांच हो चुकी है, जिसमें से 48,143 नमूनों की जांच रविवार को हुई. संक्रमण की दर 4.48 प्रतिशत हो गयी है.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में अभी 2,191 मरीज उपचाराधीन हैं जबकि अब तक 10,36,746 लोग संक्रमण से मुक्त हो चुके हैं. प्रदेश में बीते 24 घंटे के दौरान 245 मरीज ठीक हुये हैं. ओडिशा में अब तक 1.45 करोड़ लोग कोविड-19 रोधी टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं.