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Kerala Rain : केरल में बारिश से बिगड़े हालात, 6 की मौत, करीब 12 लापता, राज्य सरकार ने मांगी सेना से मदद

केरल के दक्षिण और मध्य हिस्से में शनिवार को भारी बारिश की वजह से कई स्थानों पर अचानक आई बाढ़ और कई स्थानों पर भूस्खलन से कम से कम छह लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब एक दर्जन लोग लापता हैं. बारिश के कारण भयावह हुई स्थिति के मद्देनजर राज्य सरकार को राहत और बचाव कार्य के लिए सेना से मदद का अनुरोध करना पड़ा है. देश के इस दक्षिणी राज्य में बारिश जनित घटनाओं की वजह से कई लोग घायल हुए हैं, जबकि कई विस्थापित हुए हैं. राज्य के अधिकतर बांध अपनी पूरी क्षमता से भर चुके हैं और भूस्खलन की वजह से पहाड़ों में बसे कई छोटे कस्बे और गांव शेष दुनिया से कट गए हैं.

कोट्टयम, इडुकी और पथनमथिट्टा जिलों के पहाड़ी इलाकों में कुछ ऐसी ही स्थिति उत्पन्न हो गई है जैसी स्थिति वर्ष 2018 और 2019 की विनाशकारी बाढ़ के दौरान उत्पन्न हुई थी. हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और भयभीत होने की जरूरत नहीं है. दावे के बावजूद राज्य पुलिस और दमकल विभाग की राहत टीम बाढ़ और खराब मौसम की वजह से प्रभावित इलाकों तक नहीं पहुंच पा रही है. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा कि स्थिति गंभीर है. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि नवीनतम मौसम पूर्वानुमान संकेत दे रहा है कि हालात अब इससे अधिक खराब नहीं होंगे.

अधिकारियों ने बताया कि थलसेना, वायुसेना और नौसेना के जवान कोट्टयम के कूट्टीकल और इडुकी के पेरुवनथानम पहाड़ी गांव पहुंच रहें हैं जहां पर नदी कई घरों को बहा ले गई है और कई लोग विस्थापित हुए हैं. भूस्खलन प्रभावित इन गांवों के पड़ोस में पहुंचे राज्य के सहकारिता मंत्री वीएन वासन ने बताया कि दो महिलाओं और एक बच्चे का शव तलाशी अभियान के दौरान निकाला गया है, जबकि घटना में मारे गए एक पुरुष के शव की तलाश की जा रही है. उन्होंने बताया कि इन गांवों से 12 लोग लापता हैं. पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में इडुकी जिले के कंजर में कार के बाढ़ में बह जाने से उसमें सवार 30 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई. उसका शव बरामद कर लिया गया है.

रक्षा प्रवक्ता ने कहा, “आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए एमआई- 17 और सारंग हेलीकॉप्टर पहले ही तैयार रखे गए हैं. केरल में मौसम की स्थिति को देखते हुए वायुसेना की दक्षिणी कमान के सभी अड्डों को हाई अलर्ट पर रखा गया है.” प्रवक्ता ने बताया, “भारतीय थलसेना पहले ही बाढ़ प्रभावित इलाकों में सैनिकों की तैनाती कर चुकी है.

एक टुकड़ी को पैंगोड सैन्य ठिकाने से कोट्टयम जिले के कांजीरपनल्ली भेजा गया है जिनमें एक अधिकारी, दो जेसीओ और 30 अन्य जवान शामिल हैं.” भारतीय नौसेना के दक्षिणी कमान ने कहा कि वह बचाव एवं राहत अभियान मे स्थानीय प्रशासन की मदद के लिए पूरी तरह से तैयार है. नौसेना ने ट्वीट किया, “गोताखोर और बचाव टीम सूचना मिलते ही तैनाती के लिए तैयार है. एक बार मौसम अनुकूल हो तो हेलीकॉप्टर से मदद शुरू करने के लिए तैयार हैं.”

इससे पहले सहकारिता एवं पंजीकरण मंत्री वी. एन. वासवन ने कहा कि कोट्टयम जिले में कम से कम तीन घर बह गए और दस लोगों के लापता होने की आशंका है. मंत्री ने कहा, “कोट्टयम जिले के विभिन्न हिस्सों से कम से कम चार भूस्खलन की घटनाओं की सूचना है. हमने वायुसेना से सहयोग मांगा है ताकि कोट्टीकल इलाके में फंसे लोगों को बचाया जा सके. हमें कुछ लोगों के लापता होने की सूचना है और 60 से अधिक लोग बचाव कार्य का इंतजार कर रहे हैं क्योंकि पानी घरों में घुस गया है.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की ओर से दी गयी नवीनतम जानकारी के मुताबिक पथनमथिट्टा, कोट्टयम, एर्णाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जिलों के लिए ‘रेड अलर्ट’ जारी किया गया है. कोट्टयम और पथनमथिट्टा जिला बारिश से सबसे अधिक प्रभावित है जहां पर शुक्रवार रात से ही बारिश हो रही है. सोशल मीडिया पर कोट्टयम जिले की कई तस्वीरें वायरल हुई है जिनमें बाढ़ के पानी में फंसी केएसआरटीसी की बस और स्थानीय लोगों द्वारा बस में सवार यात्रियों को बचाने की तस्वीर शामिल है.

मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने बारिश की स्थिति की समीक्षा करने के लिए शनिवार शाम को उच्च स्तरीय बैठक की और प्रभावित इलाकों में बचाव कार्य और तेज करने का फैसला किया। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान में कहा गया कि सभी सरकारी एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि वे प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को बचाने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए और उन इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजे जहां पर बाढ़ या भूस्खलन का खतरा है. विजयन ने जिलाधिकारियों को भी प्रभावित और विस्थापित किए गए लोगों के लिए राहत शिविर खोलने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि इन शिविरों का परिचालन कोविड-19 नियमों का कड़ाई से पालन करते हुए किया जाना चाहिए.

मौसम विभाग द्वारा 19 अक्टूबर तक बारिश की चेतावनी दिए जाने के मद्देनजर बैठक में यह भी फैसला किया गया कि 18 अक्टूबर तक पथनमथिट्टा के घने जंगलों में स्थित सबरीमाला अयप्पा मंदिर में किसी भी तीर्थयात्री को जाने की अनुमति नहीं दी जाए. इस मंदिर को शनिवार को ही शाम पांच बजे ‘थुला मसम’ पूजा के लिए खोला गया है. बयान में कहा गया कि उच्च शिक्षण संस्थान जिन्हें 18 अक्टूबर से खोला जाना था अब 20 अक्टूबर से शुरू होंगे.

विजयन ने राज्य के लोगों से अगले 24 घंटे के दौरान अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील करते हुए एक फेसबुक पोस्ट में कहा कि दक्षिण और मध्य जिलों में बारिश पहले ही शुरू हो चुकी है तथा मौसम पूर्वानुमान के अनुसार शाम तक उत्तरी जिलों में भी बारिश तेज हो जाएगी. उन्होंने कहा कि भारी बारिश के परिणामस्वरूप कुछ नदियों में जल स्तर बढ़ने की आशंका है तथा कुछ बांधों के गेट खोले जाने की भी आशंका है. उन्होंने नदियों और बांधों के आस-पास के क्षेत्रों में रहने वालों को अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने के लिए तैयार रहने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने कहा कि पथनमथिट्टा स्थित कक्की बांध, त्रिशूर स्थित शोलयार बांध और इडुकी स्थित कुंडाना और कल्लारकुट्टी सहित केएसईबी के तहत बांधों के लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है.

इस बीच, तिरुवनंतपुरम के चेम्पकमंगलम में शुक्रवार रात को बारिश की वजह से दीवार का हिस्सा गिरने पर दो बच्चे चमत्कारिक रूप से बच गए. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि जब दीवार गिरी तो बच्चे सो रहे थे, लेकिन वे बच गए और उन्हें हल्की चोंटे आई हैं. सरकारी अधिकारियों ने बारिश के चलते लोगों को पर्यटक स्थलों और नदियों के किनारे नहीं जाने की सलाह दी है.

भारी बारिश के कारण कोल्लम और कोट्टयम जिलों सहित कई स्थानों पर सड़कों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है, जबकि कुट्टनाड क्षेत्र में भीषण जलभराव ने जनजीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है. त्रिशूर के जिला प्रशासन ने लोगों से निचले इलाको और बाढ़ संभावित क्षेत्रो से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है.

Covid-19 : रूस में कोरोना से हाहाकार, 5 दिनों में 5 हजार मौतें, फिर भी लोग नहीं लगवा रहे वैक्सीन

रूस में पहली बार कोरोना से एक दिन में मरने वालों की संख्या एक हजार के आंकड़े को पार कर गई. देश में संक्रमण के मामलों में भी वृद्धि हुई है. अगर बीते पांच दिन का हिसाब लगाएं तो अब तक 5000 माैतें हो चुकी हैं.

राष्ट्रीय कोरोना वायरस कार्य बल ने शनिवार को बताया कि 1002 लोगों की मौत हुई, जो शुक्रवार को बताए गए आंकड़े 999 से ज्यादा है. वहीं 33,208 नए मामलों की भी पुष्टि हुई है, जो कि एक दिन पहले के आंकड़े से 1,000 ज्यादा है.

रूस में पिछले कुछ सप्ताह में संक्रमण से हर दिन होने वाली मौतों का रिकॉर्ड कई बार टूटा है, लेकिन सरकार अब भी कड़े प्रतिबंधों को लेकर कतरा रही है. अधिकारियों ने टीकाकरण की गति लॉटरी, बोनस और अन्य फायदे देकर बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन टीकाकरण को लेकर लोगों के मन में कई तरह की आशंकाएं है जो अब भी अधिकारियों की कोशिश में बाधा डाल रही है.

सरकार ने इस सप्ताह बताया था कि देश की 14.6 करोड़ आबादी में से करीब 29 प्रतिशत आबादी (करीब 4.3 करोड़) का टीकाकरण पूरा हो चुका है.

Maharashtra : OBC, मराठा आरक्षण और गन्ना मजदूरों के लिये लड़ाई लड़ती रहूंगी – पंकजा मुंडे

पूर्व विधायक मुंडे ने कहा कि वह गन्ना मजदूरों के अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखेंगी और दिल्ली, पुणे, नवी मुंबई और नासिक का दौरा पूरा करने के बाद 12 दिसंबर से उनसे मुलाकात करेंगी.

महाराष्ट्र भाजपा की नेता पंकजा मुंडे ने कहा कि वह ओबीसी तथा मराठा आरक्षण का मुद्दा सुलझने तक न तो पगड़ी पहनेंगी और न ही मालाएं स्वीकार करेंगी. मुंडे यहां सावरगांव घाट में दशहरा रैली को संबोधित कर रही थीं.

पूर्व विधायक मुंडे ने कहा कि वह गन्ना मजदूरों के अधिकारों के लिए लड़ना जारी रखेंगी और दिल्ली, पुणे, नवी मुंबई और नासिक का दौरा पूरा करने के बाद 12 दिसंबर से उनसे मुलाकात करेंगी.

उन्होंने कहा, जब तक ओबीसी और मराठा आरक्षण का मामला सुलझ नहीं जाता तब तक मैं पगड़ी नहीं पहनूंगी और न ही मालाएं स्वीकार करूंगी. मैं गन्ने की कटाई में शामिल मजदूरों के लिए आवाज उठाना जारी रखूंगी. मैंने सरकार से दशहरे से पहले उन्हें सहायता देने के लिए कहा था और ऐसा हुआ है.

Uttar Pradesh : झांसी में भीषण सड़क हादसा,श्रद्धालुओं को ले जा रही ट्रैक्टर ट्राली पलटने से चार बच्चों समेत 11 लोगों की मौत

उत्तर प्रदेश के झांसी जिले के चिरगांव क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर श्रद्धालुओं को ले जा रही एक ट्रैक्टर ट्रॉली अचानक सामने आए जानवर को बचाने के प्रयास में पलट गई जिससे चार बच्चों सहित 11 लोगों की मौत हो गई जबकि करीब छह लोग घायल हो गए.

झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शिवहरी मीणा ने बताया कि दोपहर बाद मध्यप्रदेश के पंडोखर से 30 से अधिक ग्रामीण जवारे लेकर एरच की ओर जा रहे थे तभी निधि, चिरगांव के पास अचानक एक जानवर को बचाने के प्रयास में ट्रैक्टर ट्रॉली पलट गई. इससे एक से 10 साल की उम्र के चार बच्चों व सात महिलाओं की ट्रैक्टर ट्रॉली से दबकर मौत हो गई तथा कई लोग घायल हुए हैं जिन्हें चिकित्सालय भेजा गया है.

पुलिस के अनुसार हादसे में मरने वालों में पुष्पा देवी (40), मुन्नी देवी (40), सुनीता बाई (35), पूजा देवी (25), रज्‍जो बाई (45), प्रेमवती (50), कुसमा (55), सहित 10 वर्षीय कृष्णा, एक वर्षीय कुमारी परी, चार वर्षीय अनुष्का एवं दो वर्षीय अवी शामिल हैं.

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने चिरगांव थाना क्षेत्र में हुए हादसे में लोगों की मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त किया है. उन्होंने दिवंगतों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है. मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को राहत व बचाव कार्य पूरी तेजी से संचालित करने के निर्देश देते हुए कहा कि दुर्घटना में घायल लोगों के उपचार की समुचित व्यवस्था की जाए.

अर्पणा सेन की ‘द रेपिस्ट’ ने बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में जीता किम जिसियोक पुरस्कार

निर्देशक अर्पणा सेन की फीचर फिल्म ‘द रेपिस्ट’ ने बुसान अंतरराष्ट्रीय फिल्मोत्सव में प्रतिष्ठित किम जिसियोक पुरस्कार अपने नाम किया. इस फिल्म में कोंकणा सेन शर्मा, अर्जुन रामपाल और तन्मय धनानिया ने अभिनय किया है.

इसका हाल में ‘ए विंडो ऑन एशियन सिनेमा’ वर्ग के तहत उत्सव में वर्ल्ड प्रीमियर हुआ था. दिवंगत कार्यक्रम निर्देशक किम जिसियोक की याद में 2017 में शुरू किए गए इस पुरस्कार के लिए ‘द रेपिस्ट’ के सामने नवाजुद्दीन सिद्दीकी अभिनीत ‘नो लैंड्स मैन’ समेत छह अन्य फिल्मों की चुनौती थी.

75 वर्षीय सेन ने कहा कि उनके निर्देशन में बनी फिल्म के पुस्कार जीतने पर वह अभिभूत हैं. उन्होंने कहा, ‘‘यह पुरस्कार मेरे लिए बहुत मायने रखता है, क्योंकि मैं कई साल पहले निर्णायक मंडल के सदस्य के रूप में बुसान में थी और मुझे किम से मिलने का सौभाग्य मिला था. मैं जानती हूं कि किम ने दुनियाभर में एशियाई सिनेमा को प्रोत्साहित करने के लिए जीवन भर अथक काम किया.’’

‘क्वेस्ट फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड’ के सहयोग से ‘अप्लॉज एंटरटेनमेंट’ द्वारा निर्मित ‘द रेपिस्ट’ में फिल्म के तीन चरित्रों की कहानी दिखाई गई है, जिनका जीवन एक भयानक घटना के कारण आपस में जुड़ जाता है.

नवजोत सिंह सिद्धू ने राहुल गांधी से की मुलाकात, बने रहेंगे कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष

कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने शुक्रवार को पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की, जिसके बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस लेने और अध्यक्ष पद पर बने रहने का फैसला किया.

राहुल गांधी से मुलाकात के बाद सिद्धू ने कहा कि सभी मुद्दों का समाधान निकाल लिया गया है। बैठक में कांग्रेस महासचिव और पंजाब प्रभारी हरीश रावत भी मौजूद थे.

सिद्धू ने कहा, ‘‘मैंने अपनी चिंताओं से राहुल गांधी जी को अवगत कराया. सारे मुद्दों को हल कर लिया गया है. ’’ रावत ने कहा कि सिद्धू ने अपना इस्तीफा वापस लेने और प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष का कामकाज फिर से संभालने का विश्वास दिलाया।

उन्होंने कहा, ‘‘हमने सिद्धू जी से कहा है कि उनकी चिंताओं पर ध्यान दिया जाएगा.’’ इससे एक दिन ही पहले ही, सिद्धू ने कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल तथा हरीश रावत से मुलाकात की थी तथा उन मुद्दों से वरिष्ठ नेताओं को अवगत कराया, जिनको लेकर उन्होंने पिछले दिनों पद छोड़ा था.

नवजोत सिंह सिद्धू ने 28 सितंबर को कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था. कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिद्धू ने कहा था कि वह पार्टी की सेवा करना जारी रखेंगे. उन्होंने पत्र में लिखा था, ‘‘किसी भी व्यक्ति के व्यक्तित्व में गिरावट समझौते से शुरू होती है. मैं पंजाब के भविष्य और पंजाब के कल्याण के एजेंडे को लेकर कोई समझौता नहीं कर सकता हूं.

Covid-19 Update : महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 2,149, कर्नाटक में 470 और तेलंगाना में 104 मामले सामने आए

महाराष्ट्र में शुक्रवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 2,149 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 65,88,429 हो गई.इसके अलावा 29 और रोगियों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 1,39,734 तक पहुंच गई है.

वहीं, कर्नाटक में कोरोना वायरस संक्रमण के 470 जबकि तेलंगाना में 104 नए मामले सामने आए. महाराष्ट्र के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकरी ने बताया कि शुक्रवार को 1,898 लोगों के संक्रमण से उबरने के बाद ठीक हो चुके लोगों की कुल संख्या 64,15,316 हो गई. उपचाराधीन रोगियों की संख्या 29,782 है. संक्रमण से उबरने की दर 97.37 प्रतिशत जबकि मृत्युदर 2.12 प्रतिशत है.

कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि राज्य में संक्रमण के 470 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 29,82,869 जबकि नौ रोगियों की मौत के बाद मृतकों की तादाद 37,931 हो गई. विभाग के एक बुलेटिन में कहा गया है कि दिनभर में 368 लोगों के संक्रमण से उबरने के बाद ठीक हो चुके लोगों की संख्या 29,35,238 हो गई है. उपचाराधीन रोगियों की संख्या 9,671 है.

तेलंगाना सरकार के बुलेटिन के अनुसार राज्य में शुक्रवार को संक्रमण के 104 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 6,68,722 हो गई है. जबकि एक और रोगी की मौत के बाद मृतकों की तादाद 3,936 हो गई है.

बुलेटिन के अनुसार 218 और लोगों के संक्रमण से उबरने के बाद ठीक हो चुके लोगों की संख्या 6,60,730 हो गई है. उपचाराधीन रोगियों की संख्या 4,056 तक पहुंच गई है.

इस बीच, तमिलनाडु में कोरोना वायरस संक्रमण के 1,245 नए मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की संख्या 26,84,641 हो गई. इसके अलावा 16 रोगियों की मौत के साथ ही मृतकों की तादाद 35,869 तक पहुंच गई है. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार उपचाराधीन रोगियों की संख्या 15,238 है जबकि 26,33,534 लोग संक्रमण से उबर चुके हैं.

Covid-19 के कठिन दौर के बाद भारत की अर्थव्यवस्था की वापसी मजबूत रही है : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि Covid-19 महामारी के कठिन दौर के बाद भारत की अर्थव्यवस्था की वापसी मजबूत रही है.

वह यहां लड़कों के एक छात्रावास की आधारशिला रखने के बाद डिजिटल माध्यम से संबोधन कर रहे थे.

मोदी ने कहा, ‘‘कोरोना वायरस महामारी के कठिन दौर के बाद भारतीय अर्थव्यवस्था बहुत तेजी से उबरी है. अर्थव्यवस्था के इतनी तेजी से उबरने के कारण भारत को लेकर दुनिया आशावान है.’’

उन्होंने कहा कि एक अंतरराष्ट्रीय संगठन ने हाल में कहा था कि भारत फिर दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने जा रहा है.

मोदी स्पष्ट तौर पर अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष की ‘महामारी स्वास्थ्य चिंताओं, आपूर्ति बाधाओं और मूल्य दबावों के दौरान बहाली’ वाली रिपोर्ट का जिक्र कर रहे थे, जिसमें अनुमान जताया गया है कि मौजूदा वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत रहेगी. आईएमएफ के अनुमान के अनुसार, भारत दुनिया के बड़े देशों में से सबसे तेजी से उभरती अर्थव्यवस्था होगा.

आज, रक्षा क्षेत्र में पहले से कहीं अधिक पारदर्शिता एवं विश्वास है : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज, रक्षा क्षेत्र में पहले से कहीं अधिक पारदर्शिता एवं विश्वास है और भारत नए भविष्य के निर्माण के लिए नए संकल्प ले रहा है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने, विजयादशमी के अवसर पर सात नयी रक्षा कम्पनियां राष्ट्र को समर्पित करने के लिए रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम को ऑनलाइन संबोधित करते हुए कहा, ‘‘ आज, रक्षा क्षेत्र में पहले से कहीं अधिक पारदर्शिता एवं विश्वास है. आज, आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत देश को अपने दम पर दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य शक्ति बनाने का लक्ष्य है. रक्षा क्षेत्र में कई प्रमुख सुधार किए गए, अटकाने-लटकाने वाली नीतियों के बजाय ‘एकल खिड़की प्रणाली’ की व्यवस्था की गई.’’

प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘ पिछले सात वर्षों में, भारत ने ‘मेक इन इंडिया’ के मंत्र के साथ आधुनिक सैन्य उद्योग स्थापित करने के लिए काम किया. आज़ादी के बाद आयुध कारखानों को अद्यतन करने, नए जमाने की तकनीकों को अपनाने की जरूरत थी, लेकिन इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया.’

प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बृहस्पतिवार को सात नयी रक्षा कम्पनियों का जिक्र करते हुए कहा था कि सरकार ने देश की रक्षा तैयारियों में आत्मनिर्भरता में सुधार के कदम के तहत आयुध निर्माणी बोर्ड को एक विभाग से सरकार के पूर्ण स्वामित्व वाले सात निगमों में बदलने का निर्णय किया है. इस कदम से मजबूत कार्यात्मक स्वायत्तता एवं प्रभावशीलता आएगी तथा नयी वृद्धि क्षमता और नवोन्मेष की शुरुआत होगी.

पीएमओ के अनुसार, निगमित की गईं सात कम्पनियां-म्यूनिशंस इंडिया लिमिटेड (एमआईएल), आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (अवनी), एडवांस्ड वेपन्स एंड इक्विपमेंट इंडिया लिमिटेड (एडब्ल्यूई इंडिया), ट्रूप कम्फर्ट्स लिमिटेड (टीसीएल), यंत्र इंडिया लिमिटेड (वाईआईएल), इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (आईओएल) और ग्लाइडर्स इंडिया लिमिटेड (जीआईएल) हैं.

Uttar Pradesh : उत्तर प्रदेश के 20 लाख से ज़्यादा युवाओं को फ्री लैपटॉप देगी योगी आदित्यनाथ सरकार, जानिए कैसे करें अप्लाई

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार जल्द छात्र-छात्राओं को फ्री लैपटॉप देने जा रही है. दरअसल उत्तर प्रदेश सरकार ने फ्री लैपटॉप डिस्ट्रीब्यूशन स्कीम के तहत 20 लाख युवाओं को मुफ्त लैपटॉप वितरण का लक्ष्य रखा है. इस योजना का लाभ उठाने के लिए उम्मीदवारों को upcmo.up.nic.in पर विजिट करना होगा. ये योजना 10वीं और 12वीं के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं के लिए है.

किसे मिलेगा योजना का लाभ?

1. ये योजना केवल यूपी बोर्ड के विध्यार्थियों के लिए है. जिन्होंने अभी उत्तर प्रदेश बोर्ड से क्लास 12वीं पास की है. इस स्कीम का लाभ उठाने के लिए जरूरी है कि स्टूडेंट ने क्लास 12 में कम से कम 65 प्रतिशत या इससे ऊपर अंक प्राप्त किए हों.

2. उत्तर प्रदेश राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए.

3.यूपी लैपटॉप योजना ऑनलाइन फॉर्म उन छात्रों द्वारा भरा जाना चाहिए जो प्रतिष्ठित कॉलेजों / विश्वविद्यालयों में प्रवेश ले रहे हैं.

4.योजना का लाभ पाने के लिए छात्रों के पास आधार कार्ड निवास प्रमाण पत्र, 10वीं और 12वीं की मार्कशीट जैसे जरूरी दस्तावेज इसके अलावा पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर होना चाहिए.

जानिए कैसे करें आवेदन ?

1. यूपी फ्री लैपटॉप योजना का लाभ लेने के लिए सबसे पहले upcmo.up.nic.in के लिंक पर क्लिक करें.

2. उसके बाद ऑनलाइन फॉर्म लिंक क्लिक करें.

3. होम पेज पर Up Free Tablet Yojana Application Form लिंक पर क्लिक करें.

4. अब आपके सामने एक नई विंडो खुलेगी, जिसमें आपको आपना आवेदन फॉर्म भरना होगा.

5. फॉर्म सबमिट करने के बाद Up Free Tablet Yojana 2021 का प्रिंट आउट लेकर अपने पास रख लें.

(Source : AajTak)