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Maharashtra : यवतमाल में बाढ़ के पानी में बही बस, 3 की मौत

महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में मंगलवार सुबह राज्य परिवहन की एक बस के बाढ़ के पानी में डूबे पुल को पार करते समय बह जाने से तीन लोगों की मौत हो गई. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. मराठवाड़ा और विदर्भ के कुछ हिस्सों में दिन में बहुत तेज बारिश हुई, जिससे कई जगहों पर बाढ़ आ गई.

घटना उमरखेड़ तहसील के दहागांव पुल पर सुबह करीब आठ बजे हुई. घटना के वक्त महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम (एमएसआरटीसी) की सेमी लग्जरी बस नागपुर से नांदेड़ जा रही थी. एक अधिकारी ने बताया कि बस बाढ़ के पानी में डूबे पुल से गुजरते समय बह गई और फिर पलट गई. इलाके में भारी बारिश के बाद वहां पानी भर गया था.

उमरखेड़ के तहसीलदार आनंद देओलगांवकर ने बताया कि बस में चालक और कंडक्टर के अलावा चार यात्री सवार थे. देर रात जारी विज्ञप्ति में जिला प्रशासन ने बताया कि मुसाफिर शरद फुलमाली (27) और सब्रमण्यम तोकला (48) को बचा लिया गया लेकिन हैदराबाद निवासी शेख सलीम उर्फ बाबू शेख इब्राहिम (50), जिले में पुसद निवासी इंदल महिंद्रे (35) और नागपुर निवासी व कंडक्टर भीमराव नागरिकर की मौत हो गई और उनके शव बरामद कर लिए गए हैं. विज्ञप्ति में बताया गया है कि बस चालक सुरेश सूरेवर अब भी लापता है और बचाव अभियान सुबह शुरू किया जाएगा.

Coronavirus Update : देश में Covid-19 के 18,795 नए मामले, 179 लोगों की मौत

देश में एक दिन में Covid-19 के 18,795 नए मामले सामने आने के बाद कोरोना वायरस ( Coronavirus) के कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,36,97,581 हो गई. देश में 201 दिन बाद 20 हजार से कम नए मामले सामने आए हैं. वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2,92,206 हो गई, जो 192 दिनों बाद सबसे कम है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 179 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,47,373 हो गई. संक्रमण से मौत के ये मामले 193 दिन में सबसे कम है. इससे पहले 19 मार्च को संक्रमण से मौत के 154 मामले सामने आए थे.

मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी 2,92,206 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.87 प्रतिशत है. यह दर मार्च 2020 के बाद से सबसे कम है. पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 7,414 की कमी दर्ज की गई. मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.81 प्रतिशत है. देश में पिछले 93 दिनों से 50 हजार से कम नए मामले ही सामने आ रहे हैं.

आंकड़ों के अनुसार, देश में अभी तक कुल 56,57,30,031 नमूनों की कोविड-19 संबंधी जांच की गई है, जिनमें से 13,21,780 नमूनों की जांच सोमवार को की गई. दैनिक संक्रमण दर 1.42 प्रतिशत है, जो पिछले 29 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है. वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.88 प्रतिशत है, जो पिछले 95 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है. अभी तक कुल 3,29,58,002 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है. राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 87 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है, जिनमें से एक करोड़ से अधिक खुराक सोमवार को दी गई.

देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी. वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे. देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे.

Covid-19 : भारत में कोरोना के 191 दिन में सबसे कम सक्रिय मामले, 26 हजार से अधिक नए केस, 276 मौत

भारत में एक दिन में कोविड-19 के 26,041 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 3,36,78,786 हो गई है. वहीं, उपचाराधीन मरीजों की संख्या कम होकर 2,99,620 हुई, जो 191 दिन में सबसे कम संख्या है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी किए गए अद्यतन आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 276 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,47,194 हो गई. देश में अभी 2,99,620 लोगों का कोरोना वायरस संक्रमण का इलाज चल रहा है, जो कुल मामलों का 0.89 प्रतिशत है. पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मरीजों की संख्या में कुल 3,856 की कमी दर्ज की गई. मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.78 प्रतिशत है.

दैनिक संक्रमण दर 28 दिनों से तीन प्रतिशत से कमआंकड़ों के अनुसार, पिछले 92 दिन से एक दिन में कोविड-19 के 50 हजार से कम नए मामले सामने आ रहे हैं. दैनिक संक्रमण दर 2.24 प्रतिशत है, जो पिछले 28 दिनों से तीन प्रतिशत से कम है. वहीं, साप्ताहिक संक्रमण दर 1.94 प्रतिशत है, जो पिछले 94 दिन से तीन प्रतिशत से कम बनी हुई है. अभी तक कुल 3,29,31,972, लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं, जबकि मृत्यु दर 1.33 प्रतिशत है.

राष्ट्रव्यापी टीकाकरण मुहिम के तहत अभी तक कोविड-19 रोधी टीकों की 86 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है. देश में पिछले साल सात अगस्त को संक्रमितों की संख्या 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख से अधिक हो गई थी. वहीं, संक्रमण के कुल मामले 16 सितंबर को 50 लाख, 28 सितंबर को 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख और 20 नवंबर को 90 लाख के पार चले गए थे। देश में 19 दिसंबर को ये मामले एक करोड़ के पार, इस साल चार मई को दो करोड़ के पार और 23 जून को तीन करोड़ के पार चले गए थे.

आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटे में जिन 276 लोगों की मौत संक्रमण से हुई, उनमें से केरल के 165 और महाराष्ट्र के 36 लोग थे. देश में संक्रमण से अभी तक कुल 4,47,194 लोगों की मौत हुई है, जिनमें से महाराष्ट्र के 1,38,870, कर्नाटक के 37,726, तमिलनाडु के 35,490 , दिल्ली के 25,085 , केरल के 24,603 , उत्तर प्रदेश के 22,890 और पश्चिम बंगाल के 18,736 लोग थे.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि अभी तक जिन लोगों की मौत हुई है, उनमें से 70 प्रतिशत से ज्यादा मरीजों को अन्य बीमारियां भी थीं.

Maharashtra : राज्यसभा उपचुनाव से भाजपा ने अपना उम्मीदवार वापस लिया, कांग्रेस के निर्विरोध जीत का रास्ता साफ

भाजपा ने सोमवार को महाराष्ट्र में राज्यसभा उपचुनाव से अपने उम्मीदवार संजय उपाध्याय का नाम वापस ले लिया, जिससे कांग्रेस उम्मीदवार रजनी पाटिल की निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हो गया.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने पार्टी सदस्यों से विचार-विमर्श किया और पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में इस मामले पर सामूहिक निर्णय लिया. मई में मौजूदा कांग्रेस सांसद राजीव सातव के निधन के बाद उपचुनाव कराना पड़ा है.

पिछले हफ्ते, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले और राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने विपक्षी नेता देवेंद्र फडणवीस से मुंबई में उनके आवास पर मुलाकात की थी और भाजपा उम्मीदवार की वापसी का अनुरोध किया था.जहां भाजपा ने अपने मुंबई महासचिव संजय उपाध्याय को मैदान में उतारा था, वहीं पूर्व सांसद रजनी पाटिल कांग्रेस के लिए मैदान में हैं, जिसने उन्हें महा विकास अघाड़ी (एमवीए) के उम्मीदवार के रूप में पेश किया है.

बता दें कि, राज्य विधानसभा में 288 सदस्य राज्यसभा चुनाव के लिए निर्वाचक मंडल का गठन करते हैं. संख्या के लिहाज से कांग्रेस (44), एनसीपी (54) और शिवसेना (56) के पास एक साथ 154 सदस्य हैं, जबकि भाजपा के पास केवल 105 हैं. शेष 29 सदस्य छोटे दलों और निर्दलीय का प्रतिनिधित्व करते हैं. इनमें से एमवीए 15 सदस्यों और भाजपा 14 सदस्यों के समर्थन का दावा करता है.”

डिजिटल लेनदेन से देश की अर्थव्यवस्था में स्वच्छता, पारदर्शिता आ रही है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि डिजिटल लेनदेन से देश की अर्थव्यवस्था में स्वच्छता और पारदर्शिता आ रही है तथा इसके कारण भ्रष्टाचार जैसी रुकावटों में बहुत कमी आई है.

आकाशवाणी के मासिक रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ की 81वीं कड़ी में देश और दुनिया के लोगों के साथ अपने विचार साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने नदियों को प्रदूषण से मुक्त करने, स्वच्छता अभियान को निरंतर जारी रखने और खादी तथा स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने पर बल दिया.

उन्होंने कहा कि जिस तरह घर-घर शौचालय निर्माण की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ने गरीबों की गरिमा बढ़ाई, वैसे ही आर्थिक स्वच्छता गरीबों के अधिकार सुनिश्चित करती है, उनका जीवन आसान बनाती है.

मोदी ने कहा कि जन-धन खातों के अभियान की वजह से आज गरीबों को उनके हक का पैसा सीधा उनके खाते में जा रहा है जिसके कारण भ्रष्टाचार जैसी रुकावटों में बहुत अधिक कमी आई है.

डिजिटल लेनदेन के बढ़ते प्रचलन का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आर्थिक स्वच्छता में प्रौद्योगिकी बहुत मदद कर सकती है.

उन्होंने कहा, ‘‘पिछले अगस्त महीने में यूपीआई से 355 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ. आज औसतन छह लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का डिजिटल भुगतान यूपीआई से हो रहा है. इससे देश की अर्थव्यवस्था में स्वच्छता और पारदर्शिता आ रही है.’’

स्वच्छ भारत अभियान का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार महात्मा गांधी ने स्वच्छता को स्वाधीनता के सपने के साथ जोड़ दिया था, उसी प्रकार इतने दशकों बाद स्वच्छता आंदोलन ने एक बार फिर देश को नए भारत के सपने के साथ जोड़ने का काम किया है.

उन्होंने कहा कि स्वच्छता का अभियान साल-दो साल या एक सरकार-दूसरी सरकार का विषय नहीं है, बल्कि पीढ़ी दर पीढ़ी स्वच्छता के संबंध में सजगता से लगातार बिना थके-बिना रुके बड़ी श्रद्धा के साथ जुड़े रहना है और स्वच्छता के अभियान को चलाए रखना है.

मोदी ने कहा, ‘‘स्वच्छता महात्मा गांधी को इस देश की बहुत बड़ी श्रद्धांजलि है और यह श्रद्धांजलि हमें हर बार देते रहना है, लगातार देते रहना है.’’

प्रधानमंत्री ने ‘विश्व नदी दिवस’ का उल्लेख करते हुए कहा कि नदियां सिर्फ भौतिक वस्तु नहीं हैं, बल्कि वे एक जीवंत इकाई हैं और इसलिए भारतवासी नदियों को मां कहते हैं.

उन्होंने कहा कि नदियों की सफाई और प्रदूषण से मुक्ति सभी के प्रयासों व सहयोग से ही संभव है.

मोदी ने कहा कि आज खादी और हैंडलूम का उत्पादन कई गुना बढ़ा है तथा उसकी मांग भी बढ़ी है. उन्होंने कहा कि इसका नमूना पिछले वर्ष देखने को मिला था जब दिल्ली के खादी शोरूम में एक दिन में एक करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार हुआ था.

उन्होंने खादी का सामान खरीदने की अपील करते हुए कहा, ‘‘दो अक्टूबर यानी गांधी जयंती पर हम सब फिर से एक बार एक नया रिकार्ड बनाएं.’’

Uttar Pradesh : सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे, लेकिन BJP ने उनकी जाति बदल दी – अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को सम्राट मिहिर भोज की जाति को लेकर उपजे विवाद में दखल देते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधा और कहा कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे लेकिन पार्टी के नेताओं ने उनकी जाति ही बदल दी, यह निंदनीय है. सपा प्रमुख ने रविवार को ट्वीट किया, ”इतिहास में पढ़ाया जाता रहा है कि सम्राट मिहिर भोज गुर्जर-प्रतिहार थे, पर भाजपाइयों ने उनकी जाति ही बदल दी है. निंदनीय!” यादव ने कहा, ‘‘छल वश भाजपा स्थापित ऐतिहासिक तथ्यों से जानबूझ कर छेड़छाड़ व सामाजिक विघटन कर किसी एक पक्ष को अपनी तरफ करती रही है. हम हर समाज के मान-सम्मान के साथ हैं!”

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 22 सितंबर को दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण के दौरान शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाने को लेकर शुक्रवार को गुर्जर समाज के लोग विरोध में उतर आए. दादरी के मिहिर भोज पीजी कॉलेज में सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा के अनावरण को लेकर गुर्जर और राजपूत (क्षत्रिय) समाज आमने सामने थे. हालांकि, मुख्यमंत्री के दौरे से पहले दोनों समुदाय के प्रतिनिधियों ने एक मंच पर आकर विवाद खत्म कर दिया था. इसके बाद प्रतिमा अनावरण के लिए लगने वाले शिलापट्ट पर गुर्जर शब्द को लेकर राजनीति शुरू हो गई.

मुख्यमंत्री योगी के जाने के बाद लोगों की भीड़ शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटा देखकर भड़क गई. आक्रोशित भीड़ ने जमकर हंगामा किया और दादरी विधायक तेजपाल नागर के खिलाफ नारेबाजी की. अब समुदाय के लोगों ने गुर्जर शब्द हटाने के विरोध में रविवार को महापंचायत का एलान किया है. अखिल भारतीय गुर्जर फ्रंट के अध्यक्ष नवीन भाटी ने बताया कि शिलापट्ट से गुर्जर शब्द हटाकर समुदाय के लोगों के साथ धोखा किया गया है.

UPSC Result 2020: शुभम कुमार ने हासिल किया शीर्ष स्थान, सिविल सर्विसेज परीक्षा में 761 उम्मीदवार उत्तीर्ण

शुभम कुमार ने प्रतिष्ठित सिविल सर्विसेज परीक्षा, 2020 में शीर्ष स्थान हासिल किया है. संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने परीक्षा के परिणाम शुक्रवार को जारी किए.

जागृति अवस्थी और अंकिता जैन ने क्रमश: दूसरा और तीसरा स्थान हासिल किया है.

2015 में सिविल सेवा परीक्षा की टॉपर रही टीना डाबी की बहन रिया डाबी ने सिविल सेवा परीक्षा में 15वां स्थान हासिल किया है. टीना डाबी आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में अपने कैडर राज्य राजस्थान में पदस्थ हैं.

कुमार ने आईआईटी बंबई से बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (सिविल इंजीनियरिंग) में स्नातक किया है और यूपीएससी परीक्षा के लिए उन्होंने मानव शास्त्र को वैकल्पिक विषय चुना था.

यूपीएससी द्वारा जारी बयान के मुताबिक, अवस्थी महिला उम्मीदवारों के बीच टॉपर हैं. अवस्थी ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय चुनकर परीक्षा दी थी. उन्होंने मौलाना आाजद नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बी. टेक किया है.

अंकिता जैन तीसरे स्थान पर रहीं. परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए हैं जिनमें 545 पुरुष और 216 महिलाएं हैं और आयोग ने विभिन्न सिविल सेवाओं के लिए उनके नामों की अनुशंसा की है.

सिविल सर्विसेज परीक्षाओं का आयोजन प्रति वर्ष यूपीएससी तीन चरणों में करता है जिनमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं. इन परीक्षाओं के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस), भारतीय विदेश सेवा (आईएफएस) और भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) सहित कई अन्य सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन होता है.

सिविल सर्विसेज प्रारंभिक परीक्षा, 2020 का आयोजन पिछले वर्ष चार अक्टूबर को हुआ था. बयान में बताया गया कि 10,40,060 उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए आवेदन दिया था जिनमें से 4,82,770 परीक्षा में बैठे. मुख्य परीक्षा के लिए 10,564 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए जिसका आयोजन जनवरी 2021 में हुआ. बयान में बताया गया कि इनमें से 2053 उम्मीदवार साक्षात्कार के लिए चुने गए.

761 उम्मीदवारों में से 25 दिव्यांग हैं.सफल उम्मीदवारों में से 263 सामान्य श्रेणी के, 86 आर्थिक रूप से पिछड़े वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के, 220 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के, 122 अनुसूचित जाति (एससी) से और 61 अनुसूचित जनजाति से हैं.

कुल 150 उम्मीदवारों को आरक्षित सूची में रखा गया है. परीक्षा का परिणाम यूपीएससी की वेबसाइट पर उपलब्ध होगा. आयोग ने कहा, ‘‘वेबसाइट पर अंक, परिणाम घोषित होने के 15 दिनों के अंदर उपलब्ध होंगे.’’

सेंसेक्स ने सिर्फ आठ महीनों में पूरा किया 50 हजार से 60 हजार का सफर

प्रमुख शेयर सूचकांक बीएसई सेंसेक्स को इस साल जनवरी में 50,000 से शुक्रवार को पहली बार 60,000 का आंकड़ा पार करने में सिर्फ आठ महीने लगे.

सेंसेक्स ने 21 जनवरी 2021 को पहली बार 50,000 अंक के आंकड़े को पार किया था.

स्वास्तिका इन्वेस्टमार्ट के अनुसंधान प्रमुख संतोष मीणा ने कहा, ‘‘सभी चिंताओं को पीछे छोड़ते हुए भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी का दौर जारी है, जहां सेंसेक्स ने 60,000 के स्तर को पार कर लिया. हम वर्ष 2003-2007 की तरह ही तेजी के बाजार में हैं, और इसके अगले 2-3 साल तक जारी रहने की संभावना है.’’

उन्होंने कहा कि हालांकि छोटी अवधि में सुधारात्मक गिरावट से इनकार नहीं किया जा सकता.

यह साल अब तक तेजड़ियों का रहा है, क्योंकि बाजारों ने कई ऐतिहासिक कीर्तिमान बनाए. इस साल अब तक सेंसेक्स 25 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है.

जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य बाजार रणनीतिकार आनंद जेम्स ने कहा कि एवरग्रैंड ऋण संकट को लेकर आशंकाएं कम होने के बाद सेंसेक्स ने 60 हजार अंक का आंकड़ा पार किया, हालांकि बाजार में दरों में बढ़ोतरी की संभावनाओं पर नजर बनाए रखनी चाहिए.

आईआईएफएल सिक्योरिटीज के सीईओ (रिटेल) संदीप भारद्वाज ने कहा कि अगले कुछ वर्षों में ठोस आर्थिक सुधार और लगातार वृद्धि की उम्मीदें तेजड़ियों को उत्साहित कर रही हैं.

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : भाजपा और निषाद पार्टी मिलकर लड़ेंगे विधानसभा का चुनाव – धर्मेंद्र प्रधान

उत्‍तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और निर्बल शोषित हमारा आम दल (निषाद) मिलकर लड़ेंगे.

केंद्रीय मंत्री और उत्तर प्रदेश भाजपा के चुनाव प्रभारी धर्मेंद्र प्रधान, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉक्टर संजय निषाद, भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह तथा प्रदेश सरकार के मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह की मौजूदगी में इसकी औपचारिक घोषणा की गई.

धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि 2022 के उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को हम (भाजपा-निषाद) साथ मिलकर लड़ेंगे और आज दोनों दलों के नेताओं ने इसकी औपचारिक घोषणा की है. उन्होंने कहा कि हमारे गठबंधन में अपना दल (सोनेलाल) भी जुड़ा है.

विधानसभा चुनाव किसके नेतृत्व में लड़ा जाएगा, यह पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़ा जाएगा. प्रधानमंत्री मोदी और लोकप्रिय मुख्यमंत्री योगी पर उत्तर प्रदेश की जनता का अटूट भरोसा है.

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह ने कहा ‘निषाद पार्टी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का हिस्सा है और लोकसभा चुनाव हम साथ लड़े थे और विधानसभा चुनाव में भी मोदी और योगी के नेतृत्व में हम मिलकर कमल खिलाएंगे.’