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Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : SP और BSP पर मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने साधा निशाना, राशन हड़पने का लगाया आरोप

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने ‘अब्बाजान’ कहने वालों पर राशन हड़पने का आरोप लगाने के बाद सोमवार को कहा कि ‘क्या SP सरकार में राशन मिलता था, SP सरकार से पहले बहन जी की सरकार में तो हाथी का पेट इतना बड़ा था कि पता ही नहीं लगता था कि जनता का राशन कहां जा रहा है.’

जौनपुर में मुख्‍यमंत्री ने करोड़ों रुपये की परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करने के बाद मुंगराबादशाहपुर में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि ‘क्या SP सरकार में आपको राशन मिलता था, SP सरकार से पहले बहन जी (मायावती) की सरकार में तो हाथी का पेट इतना बड़ा था कि पता ही नहीं लगता था कि जनता का राशन कहां जा रहा है.’

गौरतलब है कि गत 12 सितंबर को कुशीनगर की एक जनसभा में योगी ने कहा था, ‘अब्बा जान कहने वाले गरीबों की नौकरी पर डकैती डाल देते थे. पूरा परिवार झोला लेकर वसूली के लिए निकल पड़ता था, अब्बाजान कहने वाले राशन हजम कर जाते थे और राशन नेपाल और बांग्लादेश पहुंच जाता था, लेकिन आज जो गरीबों का राशन निगलेगा वह जेल चला जाएगा.’ योगी के इस बयान के बाद विपक्ष ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी.

बीजेपी के आधिकारिक ट्विटर हैंडल के अनुसार जौनपुर की सभा में योगी ने कहा, ‘पहले न दुर्गा पूजा होती थी, न रामलीला का आयोजन होने दिया जाता था, न यज्ञ होने दिया जाता था और ऐसा लगता था कि मारीच और सुबाहु (मारीच का भाई) इन्हीं (विपक्षी दलों) के यहां पैदा हो गए हैं.’ उन्होंने कहा ‘पहले कोरोना नहीं था तो भी सरकारें यज्ञ और दुर्गा पूजा नहीं होने देती थीं, लेकिन इस बार दुर्गा पूजा की अनुमति दी जाएगी.’

योगी ने कहा, ‘अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण का कार्य क्या SP करती, क्या BSP करती, क्या आप कांग्रेस से उम्मीद करते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पहले मुख्‍यमंत्री होते ही मैं और मेरा खानदान, उससे बाहर कोई नहीं निकलता था, जब प्रदेश के लोग गंभीर बीमारियों की चपेट में होते थे, तब सैफई का परिवार सैफई में बड़ी-बड़ी हस्तियों को बुलाकर नाच-गाने का कार्यक्रम करता था, तब प्रदेश की जनता दिखाई नहीं देती थी.’

योगी ने कहा, ‘देश महत्वपूर्ण होता है और उसकी सुरक्षा अधिक महत्वपूर्ण है, ध्यान रखिए कांग्रेस के लोग भी आपके पास आएंगे और बड़ी-बड़ी घोषणाएं करेंगे, लेकिन याद रखिए चीन जब देश के अंदर घुसपैठ करता था तो यही लोग कहते थे कि चुप हो जाओ, चीन के खिलाफ कुछ बोलना मत.’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘ पहले सड़कें नहीं बनती थीं, जहां से गड्ढे शुरू हो जाएं, पता लगता था कि यूपी आ गया, जहां से अंधेरा प्रारंभ होता था, वहां से समझा जाता था कि यूपी आ गया, जहां बेटियों की इज्जत तार-तार होती थी, समझा जाता था कि यूपी आ गया और पहले जहां बड़े-बड़े दंगे होते थे, वो यूपी था.’

योगी ने कहा, ‘‘हमारी सरकार में साढ़े चार वर्ष में एक भी दंगा नहीं हुआ और हर क्षेत्र में विकास हुआ है.’’ इससे पहले गाजीपुर की सभा में मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार गुंडों और माफियाओं से अच्छी तरह निपटना जानती है और बीजेपी के शासन में उनपर बुलडोजर चल रहा है. मुख्‍यमंत्री ने सोमवार को गाजीपुर जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर दूर सैदपुर के टाउन नेशनल इंटर कॉलेज में कई योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया.

उन्होंने कहा, ‘‘पिछली सरकारों में गुंडों, माफियाओं को सरकारी संरक्षण मिलता था लेकिन अब उत्तर प्रदेश से माफियाओं का सफाया किया जा रहा है. बीजेपी ने सभी क्षेत्रों में व्यापक परिवर्तन करके दिखाया है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूरे देश में विकास हो रहा है.’’

योगी ने कहा कि उनकी सरकार ने बिना किसी की जाति पूछे लाखों युवाओं को रोजगार दिया है, युवाओं को नई पहचान दी है और युवा गर्व से कह सकते हैं कि वे उत्तर प्रदेश के हैं. उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार ने जाति, क्षेत्र, चेहरा नहीं देखा और इस सरकार में सभी वर्गों और समाज का विकास किया गया. मुख्यमंत्री ने योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए. उन्होंने कहा कि अब गाजीपुर में मेडिकल कॉलेज का नाम महर्षि विश्वामित्र के नाम पर होगा.

DU UG Cut-Off 2021: Latest Update On Schedule, First Cut-Off List एक हफ्ते बाद जारी हो सकती है पहली कट-ऑफ, जानिए लेटेस्ट अपडेट

दिल्ली विश्वविद्यालय के अधिकारी कट-ऑफ शेड्यूल को अंतिम रूप देने के लिए कॉलेज के प्राचार्यों के साथ कई बैठकें करेंगे, जो अगले सप्ताह तक जारी होने की संभावना है. इस बात की जानकारी अधिकारियों ने दी. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय सुधार या कंपार्टमेंट परीक्षा में बैठने वाले छात्रों को समायोजित करने के लिए 1 अक्टूबर को अपनी पहली कट-ऑफ जारी करने की योजना बना रहा है.

विश्वविद्यालय की प्रवेश समिति के अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा, “हम बहुत जल्द कट-ऑफ शेड्यूल को अंतिम रूप देंगे. 1 अक्टूबर पहली कट-ऑफ के लिए एक संभावित तारीख है. हम उस दिन कट-ऑफ जारी करने की योजना बना रहे हैं. हम कार्यक्रम को अंतिम रूप देने के लिए कॉलेज के प्राचार्यों और नोडल अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे.”

उन्होंने कहा कि उनकी योजना अगले सप्ताह तक कम से कम पांच कट-ऑफ के लिए कट-ऑफ शेड्यूल जारी करने की है. एक कॉलेज के प्रिंसिपल ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि उन्होंने कट-ऑफ ट्रेंड का विश्लेषण करने के लिए अपने स्तर पर बैठकें करना शुरू कर दिया है. एक अन्य प्राचार्य ने कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय से आवेदनों का डेटा अभी प्राप्त नहीं हुआ है और वे उसी के अनुसार निर्णय लेंगे.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की बोर्ड परीक्षाओं में इस साल 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले अधिक छात्रों के साथ, अधिकांश प्रिंसिपल यह कहने में एकमत थे कि कट-ऑफ इस बार अधिक होने जा रहा है.

दिल्ली विश्वविद्यालय के स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए 2.87 लाख से अधिक छात्रों ने आवेदन किया है, जो पिछले साल के 3.53 लाख आवेदनों से कम है, जिसमें सीबीएसई के अधिकतम उम्मीदवारों ने आवेदन किया है.

2.29 लाख से अधिक आवेदक सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों से हैं, इसके बाद बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (9,918), काउंसिल फॉर द इंडियन स्कूल सर्टिफिकेशन एग्जामिनेशन (9,659) और यूपी बोर्ड ऑफ हाई स्कूल एंड इंटरमीडिएट एजुकेशन (8,007) हैं.

Ghaziabad : Black Fungus के चलते गाजियाबाद में एक शख्स की किडनी, फेफड़े का हिस्सा संक्रमित, डॉक्टरों ने ऐसे बचाई जान

दिल्ली के एक निजी अस्पताल ने कोरोना वायरस से उबरने के बाद ब्लैक फंगस से पीड़ित हुए 34 वर्षीय शख्स का एक गुर्दा और एक फेफड़े का हिस्सा निकालकर उसे नई जिंदगी दी है. सर गंगाराम अस्पताल में यह जटिल सर्जरी की गई थी. अस्पताल ने सोमवार को दावा किया कि कोविड संक्रमण के बाद म्यूकोरमाइकोसिस (ब्लैक फंगस) का यह मामला दुनिया में अपनी तरह का पहला मामला है और इसे चिकित्सा जर्नल में प्रकाशित किया जा जा रहा है. इसमें गुर्दा, फेफड़ा और साइनस प्रभावित हुआ था.

अस्पताल ने एक बयान में बताया कि पड़ोसी गाजियाबाद के रहने वाले मरीज को कोविड के बाद की जटिलता की वजह से अस्पताल लाया गया था. बयान के मुताबिक, मरीज़ को सांस लेने में परेशानी थी, तेज़ बुखार था और बलगम में खून आ रहा था. उसने बताया कि म्यूकर (एक प्रकार का फंगस) न केवल नाक के अंदर तक घुस गया था बल्कि बाएं फेफड़े और दाएं गुर्दे को भी इसने प्रभावित किया था.

बयान में बताया गया कि फेफड़े का एक हिस्सा और गुर्दा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया तथा म्यूकर के और फैलने का अंदेशा था, लिहाज़ा म्यूकर से संक्रमित हिस्सों को निकालने की योजना बनाई गई. बता दें कि म्यूकोरमाइकोसिस या ब्लैक फंगस उन लोगों को हो जाता है जिनकी कोविड-19, मधुमेह, गुर्दे, व जिगर व दिल से संबंधित बीमारियों की वजह से रोग प्रतिरोधक क्षमता कम है.

अस्पताल ने बताया कि म्यूकर से अन्य अंगों के भी क्षतिग्रस्त होने की आंशका थी, इसलिए, तुरंत बाएं फेफड़े का एक हिस्सा, पूरा दायां गुर्दा निकाल दिया गया. उसने बताया कि सर्जरी जटिल थी और छह घंटे तक चली. उसने बताया कि फंगस की वजह से साइनस की भी सर्जरी की गई. अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि मरीज की जान बच गई है और उसे 45 दिन के उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है.

अस्पताल में वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट डॉ मनु गुप्ता ने बताया कि सर्जरी के दौरान पाया गया कि फंगस करीब करीब जिगर और बड़ी आंत तक पहुंच गया था. उन्होंने कहा कि आस-पास के अंगो को नुकसान पहुंचाए बिना बड़ी मुश्किल से संक्रमित गुर्दे को निकाला गया.

Uttarakhand : दलित को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पद पर देखना चाहता हूं – हरीश रावत

उत्तराखंड में कांग्रेस के प्रचार अभियान प्रभारी हरीश रावत ने कहा कि वह एक दलित को राज्य के मुख्यमंत्री के पद पर देखना चाहते हैं और उनकी पार्टी इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करेगी. पार्टी की परिवर्तन यात्रा के दौरान हरिद्वार जिले के लकसर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए रावत ने कहा कि कांग्रेस ने पंजाब में एक दलित को मुख्यमंत्री बनाकर इतिहास रचा है. रावत ने कहा, “आजीवन गाय के गोबर से कंडे बनाने वाली महिला के बेटे को मुख्यमंत्री बनाकर कांग्रेस ने ना केवल पंजाब में बल्कि पूरे उत्तर भारत में इतिहास रचा है.”

पंजाब कांग्रेस के एआईसीसी प्रभारी रावत ने कहा, “जब पंजाब के नए मुख्यमंत्री एक संवाददाता सम्मेलन में अपने गरीब परिवार के बारे में बता रहे थे तो हम सबकी आंखों में आंसू आ गए.” उन्होंने दलित के बेटे को पंजाब का मुख्यमंत्री बनाने के लिए सोनिया गांधी और राहुल गांधी को धन्यवाद दिया और कहा कि इतिहास में ऐसे मौके बेहद कम देखने को मिले हैं जब ऐसी नजीर पेश की गई.

रावत ने कहा, “मैं भगवान और मां गंगा से प्रार्थना करता हूं कि मुझे मेरे जीते जी एक दलित के बेटे को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के तौर पर देखने का अवसर मिले. हम इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए काम करेंगे.”

Odisha : जगन्नाथ मंदिर के खोए हुए खजाने के लिए एमार मठ में तलाशी अभियान शुरू

ओडिशा में पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर के दक्षिण-पूर्वी कोने में स्थित एमार मठ में खजाने की तलाश शुरू कर दी गयी है. मेटल डिटेक्टर से लैस पुरातत्वविदों की टीम 12वीं शताब्दी के मंदिर में दबे हुए खजाने की खोज कर रही हैं. मंदिर के उत्तर-पार्श्व मठ के महंत (प्रमुख) नारायण रामानुज दास के अनुरोध के बाद बृहस्पतिवार से ही खजाने की तलाश शुरू हो गयी है. रामानुज दास एमार मठ के प्रभारी भी हैं. मठ के अधिकारियों के साथ-साथ इतिहासकारों का भी यह मानना है कि मंदिर परिसर की जमीन के भीतर कीमती सामान का एक संग्रह दबा हुआ है. यह विश्वास कि एक गुप्त कोष को भूमिगत रूप से दबाया गया है, पहले मिले दो खजानों की खोज से और भी मजबूत हुआ है.

गौरतलब है कि 2011 में पुलिस को मठ के अंदर 18 टन वजनी चांदी की 522 सिल्लियों का खजाना मिला था, जिसकी कीमत उस समय लगभग 90 करोड़ रुपये थी. इससे पहले इस साल अप्रैल में मठ के अंदर लगभग 35 किलोग्राम वजन की चांदी की 45 और सिल्लियां मिली थीं. एमार मठ से चांदी की सिल्लियों के अलावा चांदी का पेड़ और चांदी के फूल, लगभग 16 प्राचीन तलवारें और गाय की कांसे की एक मूर्ति भी बरामद की गई थी. इस मठ की स्थापना रामानुजाचार्य ने 1050 ईसवीं में की थी, जब वह पुरी आए थे. राज्य पुरातत्व विभाग की एक विशेष टीम ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के अधिकारियों, पुरी के जिलाधिकारी समर्थ वर्मा, पुरी के पुलिस अधीक्षक के वी सिंह और एमार मठ के ट्रस्ट के सदस्यों की मौजूदगी में छिपे हुए खजाने का पता लगाने के लिए बृहस्पतिवार को एमार मठ के परिसर के अंदर तलाशी शुरू की.

पुरी के उप-जिलाधिकारी भाबतरन साहू ने कहा, ‘‘अभी तक बृहस्पतिवार के निरीक्षण के दौरान कोई सामग्री नहीं मिली है. परिसर को स्कैन करने वाली तकनीकी टीम की रिपोर्ट पर हम उचित कार्रवाई करेंगे.” मठ से पहले बरामद किए गए खजाने को अब पुरी में राज्य के खजाने में रखा गया है और सशस्त्र पुलिस द्वारा उसकी सुरक्षा की जाती है. रामानुजाचार्य द्वारा पुरी में रामानुज संप्रदाय से संबंधित 18 मठों की स्थापना की गई थी. ये सभी मठ श्री जगन्नाथ मंदिर से जुड़े हुए हैं और मंदिर से जुड़े अनुष्ठानों में शामिल होते हैं. उत्तर-पार्श्व मठ के महंत नारायण रामानुज दास की अध्यक्षता में चार सदस्यीय एक ट्रस्ट निकाय ने शुक्रवार को एमार मठ को अपने कब्जे में ले लिया था, और सभी क़ीमती सामान की सूची एक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में बनाई गई थी.

नारायण रामानुज दास ने कहा, ‘‘बृहस्पतिवार की मेटल डिटेक्टर खोज ने कुछ संकेत दिया है. लेकिन, हम यह नहीं कह सकते कि वे मूल्यवान धातु हैं या लोहा या कोई अन्य धातु. चूंकि मेटल डिटेक्टर जमीन की सतह के नीचे केवल डेढ़ फुट से दो फुट तक की सामग्री का ही पता लगा सकते हैं, इसलिए अब हमें एक बेहतर सर्वेक्षण की आवश्यकता है जोकि अधिक गहराई पर धातुओं का पता लगा सके.”

Maharashtra : कराड स्टेशन पर हिरासत में लिए गए BJP नेता किरीट सोमैया, मंत्री पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप

महाराष्ट्र में बीजेपी नेता किरीट सोमैया को सतारा जिले के कराड रेलवे स्टेशन पर हिरासत में लिया गया है. मुंबई पुलिस द्वारा सोमैया को कराड के सर्किट हाउस ले जाया जा रहा है. सोमैया के आज कोल्हापुर जाने की उम्मीद थी. हालांकि, उससे पहले ही उन्हें सतारा जिले में पुलिस ने हिरासत में ले लिया. कोल्हापुर के जिला कलेक्टर ने उनके खिलाफ निषेधाज्ञा जारी की थी और 20 और 21 सितंबर को सार्वजनिक सभा पर रोक लगाते हुए धारा 144 लागू की थी. सोमैया ने हाल ही में महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और एनसीपी नेता हसन मुशरिफ पर भ्रष्टाचार में शामिल होने का आरोप लगाया था. 

बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने रविवार को दावा किया था कि कोल्हापुर जिले के अधिकारियों ने उन्हें जिले में प्रवेश करने से रोक दिया है. सोमैया ने कहा कि उन्होंने महाराष्ट्र के मंत्री हसन मुशरिफ के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे, जिसके बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं और कानून-व्यवस्था का हवाला देते हुए यह कदम उठाया है. सोमैया ने ग्रामीण विकास मंत्री एवं कोल्हापुर जिले के कागल से विधायक मुशरिफ पर भ्रष्टाचार में संलिप्त रहने तथा रिश्तेदारों के नाम पर ‘बेनामी’ संपत्ति रखने का 13 सितंबर को आरोप लगाया था.

सोमैया का सोमवार को कोल्हापुर जाने का कार्यक्रम था. उन्होंने कोल्हापुर के जिलाधिकारी राहुल रेखवार की ओर से जारी 19 सितंबर का एक आदेश दिखाया, जिसमें कहा गया है कि सोमैया को भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत ‘‘उनकी जान को खतरा व उनके दौरे के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए” जिले में उनके प्रवेश पर रोक लगाई गई है. 

आदेश में यह भी कहा गया कि सोमैया को सुरक्षा मुहैया कराने की आवश्यकता है, लेकिन गणपति विसर्जन के कारण पुलिस की व्यस्तता को देखते हुए यह संभव नहीं होगा. 

मुंबई के नवघर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक सुनील कांबले ने भी सोमैया को नोटिस जारी कर उनसे कोल्हापुर प्रशासन के आदेश का पालन करने को कहा है. सोमैया का मुलंड स्थित आवास नवघर थाना क्षेत्र में आता है. सोमैया ने ट्वीट करके इसे उद्धव ठाकरे सरकार की ‘‘दादागिरी” बताया.

इस बीच, भाजपा की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने इस कदम को तानाशाही वाला बताया और कहा कि ठाकरे सरकार सोमैया की आवाज को दबा नहीं सकती. उन्होंने कहा कि भाजपा और सोमैया भ्रष्टाचार के इन मामलों को तार्किक परिणति तक पहुंचाएंगे.

Uttar Pradesh :शाहजहांपुर में प्रेमी युगल की हत्या, इलाके में दहशत

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर में प्रेमी युगल की हत्या के चलते इलाक़े में दहशत का माहौल है. जहां एक लड़की के परिवार ने कथित रूप से एक युवा जोड़े की हत्या कर दी. 25 वर्षीय आशीष सिंह और 22 वर्षीय बंटी की कथित तौर पर शुक्रवार को महिला के रिश्तेदारों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी और बाद में लड़की का शव उसके घर में उसके बिस्तर पर मिला. वहीं, आशीष नौघवा नरोत्तम गांव में लड़की के घर के पास मृत पाया गया. दोनों को सीने में पास से गोली मारी गई थी.

महिला के परिजन उनके रिश्ते के खिलाफ थे. उन्होंने बंटी को आशीष से बात न करने की चेतावनी दी थी. आशीष का परिवार, भी इस अफेयर के खिलाफ था. उन्होंने 2019 में उसकी शादी दूसरी लड़की से कर दी थी, लेकिन वह जल्द ही घर छोड़ कर नॉएडा में रहने लगा.

महिला के पिता, दो भाइयों, ग्राम प्रधान और एक दूर के रिश्तेदार के खिलाफ आईपीसी की धारा 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. दोनों भाई लापता हैं. दोनों परिवार के एक ही मोहल्ले में रहने के कारण गांव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है. आशीष के पिता सुखपाल ने आरोप लगाया कि उसके बेटे की हत्या बंटी के पिता कृष्णपाल और चार अन्य रिश्तेदारों ने की है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस. आनंद ने कहा, “हमने आशीष की जेब से एक खाली कारतूस और एक गोली बरामद की है. लेकिन शव के पास से कोई पिस्तौल बरामद नहीं हुई है. पुलिस ने आशीष के पिता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की है. महिला के परिवार के सदस्य दावा कर रहे हैं कि उनके बड़े भाई पिछले पांच दिनों से काम के सिलसिले में शहर से बाहर हैं. हम मामले की हर एंगल से जांच कर रहे हैं.

Covid-19 : शरीर में विटामिन डी की अच्छी मात्रा गंभीर कोरोना वायरस संक्रमण को रोक सकती है – स्टडी रिपोर्ट

एक अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार, शरीर में विटामिन डी की अच्छी मात्रा कोविड-19 संक्रमण, गंभीर बीमारी और असमय मौत को रोक सकती है. आयरलैंड में ट्रिनिटी कॉलेज, स्कॉटलैंड में एडिनबर्ग विश्वविद्यालय और चीन में झेजियांग विश्वविद्यालय की एक टीम ने पहली बार आनुवंशिक रूप से अनुमानित और विटामिन डी दोनों स्तरों को देखा है.

दो वेरिएबल की तुलना करते समय, शोधकतार्ओं ने पाया कि परिसंचरण में मापा विटामिन डी एकाग्रता के साथ सहसंबंध आनुवंशिक रूप से अनुमानित की तुलना में यूवीबी-अनुमानित विटामिन डी स्तर के लिए तीन गुना अधिक मजबूत था. जर्नल साइंटिफिक रिपोर्ट्स में प्रकाशित रिपोर्ट बताती है कि विटामिन डी गंभीर कोविड -19 बीमारी और मृत्यु से बचा सकता है.

अध्ययन पर एक शोधकर्ता डॉ जू ली झेजियांग ने कहा कि हमारा अध्ययन लॉकडाउन के दौरान न केवल हड्डी और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के रखरखाव के लिए विटामिन डी पूरकता की सिफारिश का समर्थन करता है, बल्कि कोविड -19 से सुरक्षा के संबंध में संभावित लाभ प्रदान करता है.

महामारी विज्ञान में एसोसिएट प्रोफेसर, ट्रिनिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन प्रोफेसर लीना जगागा ने कहा कि विटामिन डी सप्लीमेंट का एक ठीक से डिजाइन किया गया. कोविड -19 या²च्छिक नियंत्रित परीक्षण करना महत्वपूर्ण है. यह देखते हुए कि विटामिन डी सप्लीमेंट सुरक्षित और सस्ते हैं, निश्चित रूप से सप्लीमेंट लेना और विटामिन डी की कमी से बचाव करना उचित है.

इसके अलावा, कोविड -19 संक्रमण से पहले किसी व्यक्ति के निवास स्थान पर परिवेशी यूवीबी विकिरण दृढ़ता से और विपरीत रूप से अस्पताल में भर्ती और मृत्यु से जुड़ा हुआ पाया गया.

पिछले अध्ययनों ने विटामिन डी की कमी को वायरल और बैक्टीरियल श्वसन संक्रमणों की बढ़ती संवेदनशीलता के साथ जोड़ा है. इसी तरह, कई अवलोकन संबंधी अध्ययनों में विटामिन डी की कमी और कोविड -19 के बीच एक मजबूत संबंध पाया गया.

इजराइल के नाहरिया में बार-इलान विश्वविद्यालय के अजरीली फैकल्टी ऑफ मेडिसिन और नाहरिया में गैलीली मेडिकल सेंटर (जीएमसी) के शोधकतार्ओं द्वारा किए गए एक अध्ययन से पता चला है कि कम विटामिन डी के स्तर वाले लोगों में कोविड से मरने की संभावना कम से कम 20 प्रतिशत अधिक होती है. उन्होंने पाया कि कोविड -19 को अनुबंधित करने से पहले विटामिन डी की कमी होने से रोग की गंभीरता और मृत्यु दर पर सीधा प्रभाव पड़ता है. (IANS Input)

Gujarat : कच्छ में 3.1 तीव्रता का भूकंप, जानमाल का कोई नुकसान नहीं

गुजरात के कच्छ जिले में 3.1 तीव्रता का भूकंप आया. हालांकि इससे किसी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है.

गांधीनगर स्थित भूकंप विज्ञान अनुसंधान संस्थान (आईएसआर) ने कहा कि भूकंप सुबह करीब 8:38 बजे आया जो यह दुधई के 26 किलोमीटर उत्तर-उत्तर पूर्व में 9.3 किलोमीटर की गहराई पर केंद्रित था. कच्छ जिला आपदा प्रबंधन इकाई ने कहा कि इससे किसी तरह के जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

अहमदाबाद से 300 किलोमीटर से अधिक दूर ‘अत्यधिक उच्च भूकंपीय क्षेत्र’ में स्थित कच्छ में नियमित रूप से हल्का भूकंप आता रहता है. इससे पहले, इस साल 21 अगस्त को जिले में 4.1 एक तीव्रता का भूकंप आया था जिसका केंद्र धौलावीरा के निकट था.

गुजरात राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अनुसार साल 2001 में कच्छ में आया भूकंप बीती दो सदी में आया तीसरा सबसे बड़ा और भारत में सबसे विनाशकारी भूकंप था जिसमें हजारों लोग मारे गए थे.

Punjab : चरणजीत सिंह चन्नी होंगे पंजाब के अगले मुख्यमंत्री, निर्विरोध चुने गए कांग्रेस विधायक दल के नेता

पंजाब में कांग्रेस ने आखिरकार नए मुख्यमंत्री का नाम तय कर लिया. चरणजीत चन्नी पंजाब के अगले मुख्यमंत्री होंगे. चंडीगढ़ में हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में चरणजीत सिंह चन्नी को नेता चुन लिया गया.   मुख्यमंत्री पद के लिए चन्नी के नाम पर मोहर लग जाने के बाद वे कांग्रेस के पंजाब प्रभारी हरीश रावत के साथ राज्यपाल से मिलने के लिए राजभवन रवाना हो गए हैं.  

कांग्रेस ने रविवार की शाम को कहा कि दलित चेहरा और निवर्तमान तकनीकी शिक्षा मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के नए मुख्यमंत्री होंगे. कांग्रेस के विधायक दल के नेता और सरकार के प्रमुख के रूप में चन्नी के नाम  की पुष्टि कांग्रेस के राज्य प्रभारी हरीश रावत ने की. उन्होंने ट्वीट किया: “मुझे यह घोषणा करते हुए बहुत खुशी हो रही है कि चरणजीत सिंह चन्नी को चुना गया है. वे सर्वसम्मति से पंजाब के कांग्रेस विधायक दल के नेता चुने गए.”

चन्नी की नियुक्ति की खबर तब आई जब कुछ ही घंटे पहले सूत्रों ने पुष्टि की कि निवर्तमान मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को शीर्ष पद दिया जाएगा. हालांकि रंधावा के नाम पर कथित तौर पर पार्टी के कुछ विधायक सहमत नहीं थे. कांग्रेस आलाकमान यह सुनिश्चित करना चाहता था कि नए मुख्यमंत्री को अधिकतम आंतरिक समर्थन मिले, शायद इसलिए जल्द ही नया नाम तय कर लिया गया.

चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाए जाने का फैसला होने के बाद, इस पद के प्रबल दावेदार माने जा रहे सुखजिंदर रंधावा ने कहा कि वे पार्टी हाईकमान के फैसले को लेकर खुश हैं. उन्होंने कहा कि मैं सभी विधायकों का आभारी हूं, जिन्होंने मेरा समर्थन किया. चन्नी मेरे भाई हैं.

चरणजीत सिंह चन्नी को अगला मुख्यमंत्री बनाए जाने का निर्णय कांग्रेस विधायक दल की बैठक में लिया गया. बैठक को लेकर दोपहर बाद से हलचल तेज हो गई थी. जेडब्लू मेरियट में चरणजीत सिंह चन्नी और परगट सिंह समेत कांग्रेस के विधायक और नेता दोपगर पश्चात पहुंच गए थे. वहां हरीश रावत और अजय माकन पहले से मौजूद थे. 

सूत्रों के मुताबिक बैठक में सुखजिंदर रंधावा के नाम को लेकर आम राय बनाने की कवायद की जा रही है. लेकिन कुछ विधायक रंधावा का विरोध कर रहे थे. इसी बीच सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस विधायक दल की मुख्यमंत्री के चुनाव को लेकर बैठक टाल दी गई है, लेकिन कुछ ही देर पश्चात बैठक में लिया गया फैसला सामने आ गया और चन्नी को पंजाब कांग्रेस विधायक दल का नेता और राज्य का अगला मुख्यमंत्री चुन लिया गया. 

(Source : NDTV)