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Uttar Pradesh : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बड़ा फैसला, अब शादी समारोह में 50 की जगह 100 लोग हो सकेंगे शामिल

उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने बड़ा फ़ैसला लेते हुए शादी समारोह में अब 100 मेहमानों के शामिल होने की अनुमति दे दी है. साथ ही रात्रिकालीन कर्फ्यू में भी 1 घंटे की छूट दी गई है.

अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने निर्देश जारी किया है. अब किसी भी शादी समाराेह में 50 की जगह 100 लोग शामिल हो सकेंगे. अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने अपील करते हुए कहा कि टीकाकरण के साथ कोविड प्रोटोकॉल का पालन अवश्य करें.

हालांकि, आदेश में कहा गया है कि आयोजन स्थल पर सैनिटाइजर जरूर रखा जाए साथ ही दो गज की दूरी का भी पालन किया जाए. बता दें कि इसके पहले जारी किए गए आदेशों में दुकानों व रेस्टोरेंट के रात 11 बजे तक खुलने की अनुमति दी गई थी. इसके साथ ही कहा गया है कि स्थानीय प्रशासन कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाए.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में शनिवार को कोरोना के 9 मरीज मिले हैं. अब प्रदेश में एक्टिव केस 193 रह गए हैं. प्रदेश में कोविड मरीजों की संख्या में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. अब सिर्फ 41 जिलों में एक्टिव केस हैं. बाकी जिले संक्रमण मुक्त हो चुके हैं.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 3टी ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट अभियान के अभिनव प्रयास से प्रदेश में कोरोना संक्रमण नियंत्रित है. इसी के चलते एक्टिव मामले 3,10,783 से घटकर मात्र 193 हो गये हैं तथा 30 अप्रैल के प्रतिदिन कोविड केस 38 हजार से घटकर 09 हो गये हैं. प्रदेश के कई जनपदों में कोई कोविड एक्टिव केस नहीं है. सर्विलांस के माध्यम से सरकारी मशीनरी द्वारा प्रदेश की 24 करोड़ की जनसंख्या में से अब तक लगभग 17.24 करोड़ से अधिक लोगों से उनका हालचाल जाना जा रहा है.

Jharkhand : लातेहार में दर्दनाक हादसा, ‘करमा विसर्जन’ करने गई सात लड़कियों की डूबने से मौत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

झारखंड के लातेहार जिले में आदिवासी पर्व करमा पूजन के बाद ‘डाली’ का विसर्जन करने गई 10 लड़कियों की टोली में से सात लड़कियों की शनिवार को तलाब में डूबने से मौत हो गई. इनमें से छह बच्चियां एक ही परिवार की थीं. यह जानकारी लातेहार के उपायुक्त अबू इमरान ने दी. वहीं, इस घटना पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास ने शोक व्यक्त किया है. 

राष्ट्रपति ने ट्वीट करते हुए कहा, “लातेहार, झारखंड में करम डाली विसर्जन के दौरान हुए दर्दनाक हादसे में कई बच्चियों की मृत्यु का समाचार सुनकर बेहद व्यथित हूँ. दुःख की इस घड़ी में, शोकाकुल परिवारजनों के प्रति मैं गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.” 

वहीं पीएमओ ने ट्वीट किया, “झारखंड के लातेहार जिले में डूबने से हुई मौत से सदमे में हूं. दुख की इस घड़ी में शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना.”

लातेहार के उपायुक्त अबू इमरान ने बताया कि घटना शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे के करीब ज़िले के बालूमाथ प्रखंड में शेरागड़ा पंचायत के बुकरू गांव के मननडीह में घटी. उन्होंने बताया कि सभी मृत लड़कियों के शव तालाब से निकाल लिये गये हैं और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है. मृत सभी लड़कियों की उम्र 12 से 20 साल के बीच है.

उपायुक्त ने बताया कि मौके पर राहत एवं बचाव कार्य के बाद मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दे दिये गये हैं और पूरी घटना की जांच उप उपायुक्त सुरेन्द्र वर्मा करेंगे. उन्होंने बताया कि गांव की 10 बच्चियों की टोली करम डाली को लेकर गांव में ही रेलवे लाइन के समीप बने तालाब में विसर्जन करने गई थी. वृक्षों के पत्तों एवं डालियों से बनी पूजा की डाली का विसर्जन हो ही रहा था कि अचानक दो बच्चियां गहरे पानी में चली गईं और डूबने लगी, उन्हें बचाने के लिए बाकी की पांच लड़कियां भी गईं और सातों लड़किया डूब गईं.

इमरान ने बताया कि किनारे खड़ी तीन लड़कियों के शोर मचाने पर मौके पर पहुंचे ग्रामीण तालाब में उतरे और लड़कियों को निकाला लेकिन तब तक चार लड़कियों की मौत हो चुकी थी. उन्होंने बताया कि तीन लड़कियों की मौत बालूमाथ स्वास्थ्य केन्द्र (सीएचसी) ले जाने के दौरान हुई. उन्होंने बताया कि मृत लड़कियों की पहचान, रेखा कुमारी (18), रीना कुमारी (16), लक्ष्मी कुमारी (12 वर्ष) तीनों सगी बहने हैं, सुषमा कुमारी (12), पिंकी कुमारी (18), सुनीता कुमारी (20) और बसन्ती कुमारी (12) के तौर पर की गई है.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने घटना दुःख व्यक्त किया है. मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर परमात्मा से दिवंगत आत्माओं को शांति प्रदान कर शोक संतप्त परिवारों को दुःख की घड़ी को सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना की है. बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवर दास एवं प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने घटना पर शोक प्रकट करते हुए मृत लड़कियों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की सहायता राशि देने की मांग की है.

Covid-19 : कोरोना वायरस के खिलाफ मुंबई की 86 प्रतिशत से ज्यादा आबादी में एंटबॉडी विकसित – सर्वेक्षण

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने दावा किया कि नवीनतम सीरो-सर्वेक्षण के अनुसार मुंबई की 86.64 प्रतिशत आबादी में कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी है.

महानगरपालिका की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार महामारी के बाद से इस तरह का यह पांचवा सर्वेक्षण है और यह 12 अगस्त से नौ सितंबर, 2021 के बीच किया गया. विज्ञप्ति में बताया गया कि झुग्गियों में 87.02 फीसदी आबादी में एंटीबॉडी है जबकि अन्य इलाकों में यह 86.22 फीसदी है.

बीएमसी ने बताया, ‘‘ग्रेटर मुंबई शहर में झुग्गी और गैर झुग्गी बस्तियों में कुल मिलाकर पिछले सर्वेक्षण की तुलना में एंटीबॉडी कहीं ज्यादा है.” बीएमसी ने कहा कि मुंबई ‘द्वीप शहर’ और उपनगरों में एंटीबॉडी में उल्लेखनीय अंतर नहीं है. टीके की दोनों खुराक या एक खुराक लेने वाली 90.26 प्रतिशत आबादी में एंटीबॉडी मिले जबकि टीके की खुराक नहीं लेने वालों में यह 79.86 फीसदी था. 

वहीं लैंगिक तुलना के संबंध में 88.29 प्रतिशत महिलाओं में जबकि 85.07 फीसदी पुरुषों में एंटीबॉडी मिला. सर्वेक्षण में 8,674 नमूनों की जांच की गई, जिनमें से 20 फीसदी नमूने स्वास्थ्य कर्मियों के थे.

Uttar Pradesh : मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, कहा- जो एक्सीडेंटल हिंदू होगा तो यही होगा

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने शनिवार को बिना नाम लिए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि ”देश में आपदा के समय एक पार्टी के लोग इटली भाग जाते हैं, देवी-देवताओं पर टिप्पणी करना, राम-कृष्ण को नकारना उनकी प्रवृत्ति का हिस्सा है, जो एक्सीडेंटल हिन्दू होगा तो यही होगा.” शनिवार को लखनऊ महानगर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा आयोजित प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन को संबोधित करते हुए योगी ने कहा, ” निर्दोष लोगों की संपत्ति एवं सरकारी संपत्ति पर अवैध कब्जा करने वालों का एक ही उपचार है -बुलडोजर.” उन्होंने कहा कि पहले डीजीपी आवास के पास एक शत्रु संपत्ति पर अवैध कब्जा था, मैंने कहा कि इसका एक ही उपचार है- बुल्डोजर. कभी-कभी ज्यादा पंचायत न करके सीधे जवाब देने की जरूरत होती है.”

समाजवादी पार्टी (सपा) पर हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ”पिछली सरकार में पूर्वी उत्तर प्रदेश के लोग बाढ़ में डूबे रहते थे, बच्चे एवं नागरिक इंसेफेलाइटिस और डेंगू की चपेट में आकर तड़पते थे. उस समय, जिम्मेदार लोग सैफई में फिल्मी हस्तियों के नृत्य का आनंद लेने में व्यस्त रहते थे. मुझे समझ में नहीं आता कि स्वार्थ में लोग राष्ट्र व समाज हित कैसे भूल जाते हैं.” योगी ने कहा कि देश कमजोर होगा तो कोई व्यक्ति मजबूत होकर भी कुछ नहीं कर सकता. अगर देश मजबूत होगा तो सब एक साथ मजबूत होंगे.” 

योगी ने प्रबुद्ध वर्ग को आगाह करते हुए कहा, ”हम सबकी व्यक्तिगत इच्छा, उपासना विधि, मत-मजहब की स्वतंत्रता, राष्ट्र धर्म के समक्ष गौड़ है. जब भी प्रबुद्ध समाज का चिंतन अवरुद्ध हुआ है, प्रदेश के सामने संकट आया है, पूरा देश आत्मविस्मृत स्थिति पर पहुंचा है.” योगी ने कहा कि आत्मविस्मृत समाज अपनी स्वाधीनता की रक्षा कभी नहीं कर पाता. उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि आप सभी समाज को सही दृष्टि और विचार प्रदान करते हैं और सही राह दिखाते हैं, यह आपको तय करना है कि उत्तर प्रदेश में आपको दंगा युक्त,और माफियाओं की सरकार चाहिए या राम राज्य की सरकार.

पिछली सरकारों पर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ”उत्तर प्रदेश पहले दंगों का प्रदेश हुआ करता था, लोगों को कर्फ्यू का सामना करना पड़ता था, वे कोई भी त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से नहीं मना सकते थे . उत्तर प्रदेश की छवि ऐसी हो गई थी उत्तर प्रदेश का नौजवान कभी उत्तर प्रदेश के बाहर जाता था उसको लोग किस नजर से देखते थे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी की सरकार आने के बाद पिछले साढे चार वर्ष में एक भी दंगा उत्तर प्रदेश में नहीं हुआ है.”

Punjab : अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा देने के बाद कहा, ”सिद्धू CM बने तो पंजाब का बेड़ा गर्क कर देंगे”

पंजाब के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद अमरिंदर सिंह  ने इस पद के लिए नवजोत सिंह सिद्धू  के नाम की संभावना का विरोध करते हुए शनिवार को कहा कि जो एक मंत्रालय ठीक से नहीं चला सके, वो भला राज्य क्या चलाएंगे. अमरिंदर सिंह ने एक निजी चैनल के साथ बातचीत में यह दावा भी किया कि अगर सिद्धू को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो वह पंजाब का बेड़ा गर्ग कर देंगे.

उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे वक्त की है, जब चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हो रही है. इस बैठक में नये नेता के बारे में फैसला होने की संभावना है.

यह पूछे जाने पर कि क्या सिद्धू मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें स्वीकार होंगे, तो अमरिंदर सिंह ने इसका ना में जवाब दिया.
उन्होंने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘एक मंत्रालय तो चला नहीं सके, राज्य क्या चलाएंगे. सब बर्बाद कर देंगे. उनकी कुव्वत नहीं है. पूरे राज्य का बेड़ा गर्क कर देंगे.”

उन्होंने यह टिप्पणी ऐसे वक्त की है, जब चंडीगढ़ में कांग्रेस विधायक दल की बैठक हो रही है. इस बैठक में नये नेता के बारे में फैसला होने की संभावना है.

यह पूछे जाने पर कि क्या सिद्धू मुख्यमंत्री के रूप में उन्हें स्वीकार होंगे, तो अमरिंदर सिंह ने इसका ना में जवाब दिया.
उन्होंने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘एक मंत्रालय तो चला नहीं सके, राज्य क्या चलाएंगे. सब बर्बाद कर देंगे. उनकी कुव्वत नहीं है. पूरे राज्य का बेड़ा गर्क कर देंगे.”

Uttar Pradesh : मुख्‍यमंत्री योगी के पिता पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर सपा एमएलसी और एक अन्‍य नेता पर मामला दर्ज

पीलीभीत जिले के सुनगढ़ी कोतवाली में समाजवादी पार्टी पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधान परिषद सदस्य राजपाल कश्यप और पार्टी के जिला महासचिव युसूफ कादरी के खिलाफ उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ के पिता के बारे में आपत्तिजनक बयान देने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है. पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार पी ने पत्रकारों को बताया कि भाजपा के जिला महामंत्री महादेव की तहरीर पर शहर के सुनगढ़ी थाना कोतवाली में सपा नेताओं के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और इसकी जांच की जा रही है. 

पुलिस के अनुसार बुधवार को पीलीभीत में आयोजित पिछड़ा वर्ग सम्मेलन में कश्यप ने मुख्यमंत्री के ”अब्बाजान” के बयान पर पलटवार करते हुए योगी के पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी. सपा की सामाजिक न्‍याय यात्रा 15 सितंबर को पीलीभीत पहुंची, जहां आयोजित सभा में कश्‍यप ने मुख्यमंत्री के पिता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और चेतावनी दी कि अगर योगी आदित्यनाथ उनकी पार्टी के नेता मुलायम सिंह यादव के खिलाफ टिप्पणी करेंगे तो वह भी चुप नहीं रहेंगे. उन्होंने योगी आदित्यनाथ की कार्रवाई से नहीं डरने की बात भी भरे मंच से की थी. पुलिस के अनुसार सम्मेलन के दौरान मौजूद भीड़ में शामिल लोग कोविड-19 प्रोटोकॉल के नियमों का भी उल्लंघन कर रहे थे,इसलिए नेताओं के खिलाफ कोविड महामारी अधिनियम की धारा में भी मामला दर्ज किया गया है.

गौरतलब है कि 12 सितंबर को कुशीनगर की एक सभा में उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने समाजवादी पार्टी के प्रमुख का नाम लिए बिना कहा था, ””अब्बा जान कहने वाले गरीबों की नौकरी पर डकैती डाल देते थे, पूरा परिवार झोला लेकर वसूली के लिए निकल पड़ता था, अब्बाजान कहने वाले राशन हजम कर जाते थे, राशन नेपाल और बांग्लादेश पहुंच जाता था, लेकिन आज जो गरीबों का राशन निगलेगा वह जेल चला जाएगा.” योगी के इस बयान पर राजनीतिक दलों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने बुधवार को लखनऊ में एक निजी चैनल के कार्यक्रम में कहा “अब्बा जान शब्द का प्रयोग योगी जी का संस्कार है. मैं भी कुछ कह सकता हूं लेकिन नेताजी मुलायम सिंह यादव ने मुझे संस्कार दिए हैं, इसलिए मैं ऐसी भाषा का इस्तेमाल नहीं करता.” हालांकि इसी कार्यक्रम के एक सत्र में हिस्सा लेने वाली केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को योगी के बयान में कुछ भी आपत्तिजनक नहीं लगा. उन्होंने दलील दी, ” अगर आप मानते हैं कि मुख्यमंत्री को संविधान के दायरे में रहते हुए अपने संवैधानिक हक का इस्तेमाल करके बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए काम करने का अधिकार है तो आप इसे रोकना क्यों चाहते हैं.”

Covid-19 Vaccination: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर बना रिकॉर्ड, लगाई गई 2.50 करोड़ से अधिक कोरोना वैक्सीन

भारत ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर टीकाकरण अभियान को बड़ा प्रोत्साहन देते हुए कोविड-19 टीके की 2.50 करोड़ से अधिक खुराक देकर एक रिकॉर्ड बनाया. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने इसे विश्व इतिहास का सुनहरा अध्याय बताया है.

को-विन पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक देश में अब तक दी गई कुल खुराक मध्यरात्रि 12 बजे 79.33 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई. विभिन्न खबरों के अनुसार इससे पहले दैनिक खुराक का रिकॉर्ड चीन ने बनाया था, जहां जून में 2.47 करोड़ टीके लगाए गए थे.

मांडविया ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘भारत को बधाई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर भारत ने आज इतिहास रच दिया है. 2.50 करोड़ से अधिक टीके लगा कर देश और विश्व के इतिहास में स्वर्णिम अध्याय लिखा है. आज का दिन स्वास्थ्यकर्मियों के नाम रहा.’

इससे पहले प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया था, ‘‘हर भारतीय आज रिकार्ड संख्या में किये गये टीकाकरण को लेकर गौरवान्वित होगा. मैं टीकाकरण अभियान को सफल बनाने के लिए हमारे चिकित्सकों, नवोन्मेषकों , प्रशासकों, नर्सों, स्वास्थ्य सेवा और अग्रिम मोर्चे के सभी कर्मियों की सराहना करता हूं. कोविड-19 को हराने के लिए टीकाकरण को बढ़ावा देते रहें.’’

Coronavirus Update :कोरोना का कोई नया वेरिएंट नहीं आया तो दूसरी लहर जैसी भयावह नहीं होगी तीसरी लहर- टॉप वायरोलॉजिस्ट का दावा

मशहूर वायरोलॉजिस्ट गगनदीप कांग का कहना गई कि कोरोना वायरस के किसी नये स्वरूप के नहीं आने पर महामारी की तीसरी लहर दूसरी लहर जैसी भयावह नहीं होगी. उन्होंने वायरस के नये स्वरूपों से निपट सकने वाले बेहतर वैक्सीन विकसित करने की जरूरत और नियामक तंत्र को मजबूत करने पर जोर दिया.

कांग ने कहा, ‘‘जब तक नया स्वरूप नहीं आएगा, तीसरी लहर उतनी भयावह नहीं होगी जितना कि हमने दूसरी लहर के दौरान सामना किया था.’’ देश में मार्च और मई के बीच महामारी की दूसरी लहर के दौरान हजारों लोग मारे गये थे और लाखों लोग संक्रमित हुए थे और स्वास्थ्य ढांचा चरमरा गया था. 

कांग ने कहा, ‘‘क्या हम कोविड से निपट चुके हैं? नहीं, हम नहीं निपट सके हैं. क्या हम कोविड से निजात पाने जा रहे है? निकट भविष्य में नहीं.’’ क्रिश्चन मेडिकल कॉलेज, वेल्लोर में प्राध्यापक कांग ने सीआईआई लाइफसाइंसेज कॉनक्लेव को डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रही थीं.

गौरतलब है कि देश में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि का अनुमान लगाने की जिम्मेदारी विशेषज्ञों की जिस तीन सदस्यीय टीम को सौंपी गई है, उसमें शामिल भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-कानपुर के वैज्ञानिक मनींद्र अग्रवाल ने कहा था कि सितंबर तक कारोना वायरस का कहीं भी अधिक प्रसार करने वाला वायरस सामने आने पर देश में अक्टूबर-नवंबर के बीच तीसरी लहर चरम पर पहुंच सकती है.

कांग ने कहा कि भारतीय वैक्सीन इंडस्ट्री ने महामारी से निपटने में पूरी तरह अभूतपूर्व रूप से काम किया है लेकिन इसे अभी भी काफी सफर तय करना है.

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन मैं (नियामक प्रणाली के बारे में) यहीं चीज नहीं कह सकती क्योंकि लोग हमारी नियामक प्रणाली के बारे में जानते हैं. लेकिन यह कुछ ऐसी चीज है जिसका हमें भविष्य के लिए एक सबक के तौर पर उपयोग करना चाहिए क्योंकि हमें सचमुच में जानकारी रखने वाले, मजबूत नियामकों की जरूरत है, जो जरूरत के अनुसार उद्योगों के साथ काम कर सके.’’

Uttar Pradesh Assembly Election 2022 : सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बताया ‘M-Y’ फॉर्मूले का नया मतलब, कहा- अब हम जातिवाद से बंधे नहीं हैं

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की नई टैग लाइन ‘नई हवा है, नया सपना है’ है. इसका मुकाबला करने के लिए, पार्टी अपने (मुस्लिम-यादव) फॉर्मूले को एक नया अर्थ दे रही है, जिसने उसे उत्तर प्रदेश में एक से अधिक बार सत्ता में पहुंचाया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, “नई सपा में एम-वाई का मतलब महिला और युवा है. हम अब बड़े परिप्रेक्ष्य में मुद्दों को संबोधित कर रहे हैं और जातिवाद से बंधे नहीं हैं.”

अखिलेश ने कहा कि समाजवादी पार्टी जाहिर तौर पर, जाति की रेखाओं से ऊपर उठकर महिलाओं और युवाओं को एक समुदाय के रूप में संबोधित करना चाहती है. उन्होंने कहा कि बीजेपी ने किसानों के मुद्दों को पूरी तरह से नजरअंदाज किया है और युवाओं को रोजगार से वंचित रखा गया है. उन्होंने कहा, “ये मुद्दे आगामी चुनावों में चुनावी मुद्दा होंगे.”

महिलाओं के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों ने साबित कर दिया कि वे इस शासन में सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने कहा, “हमने महिलाओं के लिए हेल्पलाइन स्थापित की थी, लेकिन इस सरकार ने उन्हें अप्रभावी बना दिया. महिलाओं के बारे में सारी बातें कागजों पर होती हैं, हकीकत में नहीं.” उन्होंने दावा किया कि जनता भारतीय जनता पार्टी सरकार से निराश है और सपा को सत्ता में वापस लाएगी. उन्होंने कहा, ‘सपा पार्टी संरक्षक मुलायम सिंह यादव की विचारधारा और नई रणनीतियों के साथ सरकार बनाएगी.’

अखिलेश ने अपनी पार्टी के खिलाफ भाई-भतीजावाद के आरोपों का जोरदार खंडन किया और कहा कि सपा के पास हमेशा हर मेहनती, समाजवादी और उत्साही कार्यकर्ता के लिए जगह थी. उन्होंने कहा, “इसके बजाय, यह बीजेपी है जिसे अपने कार्यकर्ताओं के लिए कोई सम्मान नहीं है. जिन्होंने पार्टी के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया है, उन्हें किनारे कर दिया गया है, जबकि दल बदलुओं को मंत्री पदों से पुरस्कृत किया गया है.

अपने चाचा और प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया के प्रमुख शिवपाल यादव के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि एक ही विचारधारा वाले सभी दलों के साथ गठबंधन संभव है, लेकिन सपा बड़ी पार्टियों से हाथ नहीं मिलाएगी क्योंकि उनके साथ अनुभव बहुत अच्छा नहीं रहा है. उन्होंने आगे कहा कि सपा शासन के दौरान रणनीतिक विकास कार्यों का श्रेय बीजेपी ले रही है.

Covid-19 Vaccine : समय के साथ कम होता है टीके का असर, लेकिन गंभीर बीमारी और मौत से करता है बचाव

ब्रिटेन सहित कई देश वक्त के साथ कोरोना वायरस संक्रमण रोधी टीकों के कम प्रभावी होने संबंधी खबरों के बीच टीके की तीसरी खुराक देने की बात कर रहे हैं. पर क्या इन देशों को व्यापक बूस्टर अभियान चलाने की आवश्यकता है?

एक अध्ययन में कहा गया है कि फाइजर के टीके की दूसरी खुराक लेने के चार माह बाद यह टीका संक्रमण से बचाने में कोई खास मददगार नहीं है. इसमें सुरक्षा का प्रतिशत 96 से घटकर 84 प्रतिशत पाया गया. हालांकि यह अनुसंधान का शुरुआती चरण है और इसके निष्कर्षों की वैज्ञानिकों द्वारा ठीक से समीक्षा की जानी बाकी है.

इसी प्रकार से इजरायल से प्राप्त आंकडे़ दिखाते हैं कि 60 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के ऐसे लोग जिन्हें मार्च 2021 में फाइजर के टीके की दूसरी खुराक दी जा चुकी है, वे संक्रमण की चपेट में आने से उन लोगों की तुलना में 1.6 गुना अधिक सुरक्षित हैं, जिन्हें इनसे दो माह पहले टीके की दूसरी खुराक दी गई थी. हालांकि ये आंकडे़ भी स्पष्ट नहीं हैं खासतौर पर यदि इन्हें विभिन्न आयु वर्गों के संदर्भ में देखा जाए तो.

मॉडर्ना के टीकों के आंकड़े बताते हैं कि क्रियाशील एंटीबॉडीज (वायरस को कोशिकाओं में फैलने से रोकने में सहायक) टीकाकरण के बाद अधिकतर लोगों में छह माह तक रहती हैं. लेकिन अध्ययन में पाया गया कि वायरस के बीटा स्वरूप के मामले में इनके प्रभावी होने का स्तर कम हुआ है. साथ ही इस अध्ययन में अधिक संक्रामक डेल्टा स्वरूप और टीकों का आकलन भी नहीं किया गया.

वहीं, डेल्टा स्वरूप से बचाने में टीके के प्रभावी होने के संबंध में एक अन्य अध्ययन किया गया और उसमें पाया गया कि ऑक्सफोर्ड का एस्ट्राजेनेका तथा फाइजर दोनों ही टीके संक्रमण के इस स्वरूप से बचाव में कोई खास मददगार नहीं हैं. कुछ इसी प्रकार का निष्कर्ष अमेरिका के रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र ने भी निकाला था.

एक अच्छा टीका पूरी तरह से संक्रमण से सुरक्षित रखता है और इस प्रकार से लोगों को संक्रमित होने और आगे संक्रमण फैलाने से रोकता है. महामारी की शुरुआत में ऐसी खबरें आई थीं कि लोग दोबारा भी संक्रमित हो रहे हैं और एंटीबॉडीज की संख्या भी कम हुई है. शुरुआत में माना जा रहा था कि एंटीबॉडीज की अधिक मात्रा संक्रमण से सुरक्षित रखने के लिए जरूरी हैं. इस बात को लेकर संदेह रहा है कि ऐसा टीका बनाना जो संक्रमण को पूरी तरह से रोक दे, संभव नहीं है.

देखा जाए तो एंटीबॉडीज प्रभावी प्रतिरोधी प्रतिक्रिया का एक संकेतक मात्र है. हमें ‘टी’ लिम्फोसाइट्स भी चाहिए जो वायरस को मारते हैं. साथ ही ऐसी प्रतिरोधी यादाश्त भी चाहिए जो शीघ्रता के साथ इन टी कोशिकाओं और एंटीबॉडी बनाने वाली ‘बी’ कोशिकाओं का निर्माण करने में मदद करे.

टीकाकरण के कई महीनों बाद भी गंभीर बीमारी से बचने की संभावना काफी अधिक होने के बावजूद, कई सरकारों ने टीका बूस्टर कार्यक्रम शुरू करने का विकल्प चुना है. ब्रिटेन और अन्य सरकारों द्वारा शुरू की जा रही तीसरी खुराक क्या सबसे कमजोर लोगों में दीर्घकालिक और उससे भी अधिक सुरक्षात्मक प्रतिरक्षा प्रदान करने के लिए पर्याप्त होगी? सच्चाई तो यह है कि हम अभी इसके बारे में कुछ नहीं जानते.

हमें यह याद रखना चाहिए कि टीकाकरण केवल एक तरीका है जिससे हम खुद को संक्रमण से बचा सकते हैं, इसके अलावा अन्य उपाय, जैसे कि मास्क पहनना आदि भी जरूरी है. बूस्टर खुराक के साथ ही ब्रिटेन की सरकार घर के कामकाज फिर से शुरू करने के साथ ही सर्दियों में लोगों को मास्क पहनने के लिए प्रेरित करने की योजना बना रही है.