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महाराष्ट्र : मृतक की भूमि के फर्जी कागजात बनाने के आरोप में अधिकारी, दो अन्य गिरफ्तार

महाराष्ट्र के ठाणे जिले में एक मृत व्यक्ति के नाम पंजीकृत भूमि का फर्जी कागजात बनाने के आरोप में एक ग्राम राजस्व अधिकारी और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया है. उत्तन सगरी थाने के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को बताया कि ग्राम के राजस्व अधिकारी ने मृत व्यक्ति की भूमि को छद्म नाम का इस्तेमाल करते हुए कथित तौर पर किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित कर दिया था. उन्होंने बताया कि इस सिलसिले में राजस्व अधिकारी और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ शुरुआत में दो प्राथमिकी दर्ज की गई थीं.

सूत्रों ने बताया कि दो एफआईआर दर्ज कराई गई थीं, इसके बाद उक्त अधिकारी ने अदालत का रुख किया था, लेकिन उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी. उन्होंने बताया कि इसके बाद राजस्व अधिकारी और दो अन्य लोगों को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया गया.

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्‍यों को जुटाया जा रहा है. राजस्‍व अधिकारी ने जानबूझ कर फर्जी कागजात बनाए हैं, इस तरह का आरोप सिद्ध हो जाता है तो उनकी नौकरी जाना तय हो जाएगा, साथ ही उन्‍हें न्‍यायालय, कारावास की सजा सुना सकता है.

राजस्‍व विभाग के जानकार कहते हैं कि आम तौर पर ऐसा मामला सामने नहीं आता है. मृत व्‍यक्ति की जमीन के वारिसों को ही उसकी भूमि संपत्ति मिलती है. यदि राजस्‍व अधिकारी किसी कारणवश मृतक की भूमि किसी और के नाम हस्‍तांतरित करते हैं तो उसके लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाती है और इसके लिए वारिसों के साथ-साथ आम जनता को भी इसकी सूचना दे जाती है. ताकि यदि कोई आपत्ति आए तो उसका निराकरण करने के बाद ही भूमि का हस्‍तांतरण संभव होता है.

हैदराबाद : नाबालिग के यौन उत्पीड़न के जुर्म में महिला बाल संरक्षिका को 20 साल की कैद

हैदराबाद की एक अदालत ने नौ साल के लड़के के यौन उत्पीड़न को लेकर एक विद्यालय की एक महिला बाल संरक्षिका (केयरटेकर) को बृहस्पतिवार को 20 साल की कैद की सजा सुनायी. विशेषकर बाल यौन अपराध संरक्षण अधिनियम (पोक्सो) के तहत दर्ज मामलों की सुनवाई से संबंधित एक त्वरित विशेष अदालत ने पोक्सो एवं भादंसं की संबंधित धाराओं के तहत 27 वर्षीय इस महिला को दोषी पाया एवं उस पर 10000 रूपये का जुर्माना भी लगाया.

अभियोजन के अनुसार लड़कों के एक विद्यालय में इस महिला बाल संरक्षिका ने नवंबर 2017 में कई मौकों पर इस लड़के के साथ यौन दुर्व्‍यवहार किया था. इस लड़के के पिता ने जब उसके शरीर पर जलने के निशान देखे थे, तब उन्‍होंने इसका कारण पूछा था. लड़के के पिता ने जब इस मामले में पुलिस में एक दिसंबर 2017 में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्‍होंने पुलिस को बताया था कि उनके नाबालिग बेटे के साथ महिला बाल संरक्षिका (केयरटेकर) यौन दुर्व्‍यवहार करती थी.

बेटे ने अपने पिता को बताया था कि महिला बाल संरक्षिका (केयरटेकर) उसे मना करने के बावजूद जोर से पकड़ लेती थी. परेशान इस लड़के ने जब केयरटेकर से कहा कि वह इस दुर्व्‍यवहार के बारे में अपने माता-पिता को बता देगा तो केयरटेकर ने लड़के को धमकी दी थी और उसे जलती हुई सिगरेट और लाइटर से जला दिया था.

पुलिस को इस शिकायत के बाद मामला दर्ज करना पड़ा था. जांच करने पर नाबालिग के आरोप सही पाए गए थे. इस पर केयरटेकर को गिरफ्तार कर लिया गया था. मीडिया की सुर्खियों में रहे इस मामले को लेकर लोगों में उत्‍सुकता भी रही. करीब चार साल तक विभिन्‍न तर्कों के बाद अदालत ने पोक्सो एवं भादंसं की संबंधित धाराओं के तहत आरोपी केयरटेकर को कठोर कारावास की सजा सुनाई है

AAP नेता राघव चड्ढा ने सिद्धू को कहा, पंजाब की सियासत का राखी सावंत, कांग्रेस का पलटवार- महिलाओं के खिलाफ मानसिकता

आम आदमी पार्टी (आप) विधायक राघव चड्ढा ने शुक्रवार को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना पर ‘पंजाब की राजनीति का राखी सावंत’ कहा. इसके बाद इस टिप्पणी के खिलाफ सोशल मीडिया पर राघव की आलोचना होने लगी. कांग्रेस नेता अलका लांबा ने राघव के इस बयान की आलोचना करते हुए कहा कि इससे सत्ताधारी दल की मानसिकता दिखती है. उधर, सिद्धू ने भी वानरों का जिक्र कर राघव पर हमला बोला. उन्होंने राघव को घेरते हुए कहा कि आपने अब तक, कृषि कानूनों को आपकी सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने को लेकर किए गए मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया.

आप की पूर्व सदस्य और फिलहाल कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा कि चड्ढा की टिप्पणी महिलाओं के प्रति दिल्ली में सत्ताधारी आप की मानसिकता दर्शाती है और उन्होंने इसकी तुलना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सोच से की. सोशल मीडिया पर इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एक शख्स ने लिखा, ‘राखी सावंत- सबसे परिश्रमी जो अपने हर काम को शत प्रतिशत निष्ठा व प्रयास के साथ करती हैं, एक नीरस फ्लॉप शो को भी मनोरंजक बना देती हैं.’

इस बीच सिद्धू ने चड्ढा पर पलटवार करते हुए कहा कि आप नेता ने अब तक उनके सवाल का जवाब नहीं दिया है. उन्होंने कहा, ‘कहते हैं कि इंसान का विकास कपिमानवों और वानरों से हुआ है, आपके दिमाग को देखते हुए राघव चड्ढा मेरा मानना है कि आपका विकास अब भी हो रहा है. आपने अब तक, कृषि कानूनों को आपकी सरकार द्वारा अधिसूचित किए जाने को लेकर किए गए मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया.’

सिद्धू के ‘केंद्र के कृषि कानूनों को अधिसूचित’ करने के लिये दिल्ली सरकार (Delhi Government) की आलोचना वाले एक वीडियो को ट्विटर पर अपनी पोस्ट के साथ संलग्न करते हुए चड्ढा ने ट्वीट किया, ‘पंजाब की सियासत के राखी सावंत- नवजोत सिंह सिद्धू को कैप्टन के खिलाफ लगातार बोलने के लिये कांग्रेस आला कमान से डांट पड़ी है. इसलिए आज, बदलाव के लिये, वह अरविंद केजरीवाल के पीछे पड़ गए. कल तक इंतजार कीजिए क्योंकि वह फिर से जोश के साथ कैप्टन के खिलाफ आरोप वाले बयान देंगे.’

सिद्धू ने वीडियो में कहा था, ‘किसानों का शोषण और उन फसलों पर भी कम कीमतें जहां एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की घोषणा की गई है-अरविंद केजरीवाल आपने निजी मंडी के केंद्रीय काले कानून को अधिसूचित किया! क्या इस अधिसूचना को रद्द कर दिया गया है या बहाना अब भी चल रहा है?’ चड्ढा के ट्वीट के फौरन बाद माइक्रोब्लॉगिंग साइट पर राखी सावंत ‘ट्रेंड’ करने लगीं और ट्विटर पर उनके समर्थन में लोग आ गए और आप नेता की आलोचना करने लगे.

PAN को Aadhaar से लिंक कराने की डेडलाइन फिर बढ़ी, जानिए कब है आखिरी तारीख?

सरकार ने शुक्रवार को पैन को बायोमेट्रिक आईडी आधार से जोड़ने की समयसीमा छह महीने बढ़ाकर मार्च 2022 कर दी. केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने एक बयान में कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से विभिन्न हितधारकों के सामने आ रही समस्या को ध्यान में रखते हुए समयसीमा बढ़ा दी गयी है जिससे अनुपालन में आसानी होगी. सीबीडीटी ने कहा, “पैन को आधार से जोड़ने के लिए आयकर विभाग को आधार संख्या की सूचना देने की समयसीमा 30 सितंबर, 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 कर दी गयी है.”

साथ ही, आयकर अधिनियम के तहत जुर्माने की कार्यवाही पूरी करने की आखिरी तारीख भी 30 सितंबर, 2021 से बढ़ाकर 31 मार्च, 2022 कर दी गयी है.
इसके अलावा, बेनामी संपत्ति लेनदेन रोकथाम अधिनियम, 1988 के तहत न्याय निर्णायक प्राधिकरण द्वारा नोटिस जारी करने और आदेश पारित करने की समयसीमा भी मार्च 2022 तक बढ़ा दी गयी है.

बता दें कि अब अगर आप 31 मार्च 2022 तक अपने पैन कार्ड से आधार कार्ड को लिंक नहीं कराते हैं तो आप इसके बाद पैन कार्ड का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे. 31 मार्च 2022 के बाद आपका पैन कार्ड इनएक्टिव कर दिया जाएगा. साथ आपको सरकारी लाभ नहीं मिल पाएगा. इतना ही नहीं रद्द होने के बाद अगर आप पैन कार्ड का इस्तेमाल करते हैं तो इसे आयकर अधिनियम के तहत धारा 272बी का उल्लंघन माना जाएगा. ऐसे में पैन धारक को 1,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा.

जानें पैन को आधार से लिंक कैसे करें?
— अपने पैन कार्ड को आधार से लिंक करने के लिए आपको सबसे पहले www.incometaxindiaefiling.gov.in वेबसाइट पर विजिट करना होगा.
— इस वेबसाइट में आपको ‘Link Aadhaar’का ऑप्शन दिखाई पड़ेगा.
— इस लिंक पर क्लिक करते ही आपकी स्क्रीन पर एक नया पेज खुलकर सामने आ जाएगा.
— यहां पर आपको अपना आधार नंबर, पैन कार्ड नंबर और अपनी कुछ निजी जानकारी भरनी होगी.
— इसके बाद ‘Submit’ के बटन पर क्लिक करते ही आपका पैन कार्ड आपके आधार से लिंक हो जाएगा.

पाकिस्‍तान बोर्ड ने बताया, सुरक्षा कारणों से दौरा रद्द करने के बाद कैसे उनके देश से बाहर निकलेगी कीवी टीम?

पाकिस्‍तान और न्‍यूजीलैंड के बीच खेली जाने वाली वनडे सीरीज को ऐन मौके पर सुरक्षा कारणों से रद्द कर दिया गया. दरअसल सुरक्षा कारणों के चलते न्‍यूजीलैंड ने सीरीज नहीं खेलने का फैसला किया. अब खबर आ रही है कि कीवी टीम चार्टर्ड फ्लाइट में पाकिस्तान से रवाना होगी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी वसीम खान ने पुष्टि की है कि न्यूजीलैंड टीम को लेने के लिये एक चार्टर्ड फ्लाइट शनिवार को आ रहा है.

उन्‍होंने कहा कि जो हुआ, वह दुखद था. पिंडी स्‍टेडियम में दोनों टीमों के बीच शुक्रवार को पहला वनडे मैच खेला जाना था और मैच शुरू होने से कुछ मिनट पहले ही पूरा क्रिकेट जगत और पाकिस्‍तान उस समय हैरान रह गया, जब न्‍यूजीलैंड क्रिकेट सीईओ ड‍ेविड व्‍हाइट ने ऐलान किया कि वो सुरक्षा खतरे की सलाह मिलने के बाद अपनी टीम को वापस बुला रहे थे.

वहीं पीसीबी चेयरमैन रमीज राजा और संघीय आंतरिक मंत्री शेख रशीद दोनों का कहना है कि न्‍यूजीलैंड ने उनके साथ सुरक्षा खतरे की रिपोर्ट साझा नहीं की थी. न्यूजीलैंड टीम को साल 2003 के बाद से पाकिस्तान की धरती पर अपना पहला मैच खेलना था.

इस घटना से पाकिस्‍तान सरकार और सुरक्षा अधिकारी काफी परेशान है, क्‍योंकि रावलपिंडी में मैच के लिए पाकिस्‍तान सेना की स्‍पेशल सर्विस ग्रुप के कमांडो के अलावा 4 हजार पुलिसकर्मियों को भी तैनात किया गया था. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने भी सीरीज को आयोजित करने की कोशिश की और न्यूजीलैंड की पीएम से निजी तौर पर बात की लेकिन कोई हल नहीं निकल पाया.

Uttar Pradesh : फिरोजाबाद के दौरे पर आए वरिष्ठ अधिकारी, डेंगू और बुखार की रोकथाम के लिये दिये निर्देश

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में वायरल बुखार व डेंगू के प्रकोप के मद्देनजर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग हालात को काबू में करने के लिए जुटे हुए हैं, इसके अलावा केंद्र व राज्य सरकार के दल भी क्षेत्रों में लगातार दौरा कर स्थिति को नियंत्रित करने के प्रयास कर रहे हैं. जिले में शुक्रवार तक वायरल बुखार व डेंगू से 50 लोगों की मौत हो चुकी है जिनमें ज्यादातर बच्चे हैं.

उत्तर प्रदेश शासन के मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा आलोक कुमार शनिवार को फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज पहुंचे जहां उन्होंने वार्डों मे जाकर मरीजों का हाल जाना. इसके बाद वह सैलई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र गए तथा प्रभावित क्षेत्र अब्बास नगर में असलम नामक व्यक्ति के घर गए जहां बुखार से पीड़ित उनकी आठ वर्षीय पुत्री हाशमी और 11 वर्षीय जीनत को मौके पर ही एम्बुलेंस बुलाकर मेडिकल कॉलेज भेजा.

शासन द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारी सुधीर कुमार बोबडे ने भी शनिवार को मेडिकल कॉलेज और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया.

जिलाधिकारी चंद्र विजय सिंह ने नगर निगम के अधिकारियों, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को तत्काल कूलरों से जाली व पानी की निकासी को कहा है. उन्होंने सभी सरकारी एवं निजी कार्यालयों में भी इस आदेश को तत्काल लागू करने के निर्देश देते हुए गमलों, प्लास्टिक के बर्तनों में पानी भरकर न रखने के निर्देश दिए.

गौरतलब है कि पिछले लगभग दो सप्ताह से वायरल बुखार और डेंगू का प्रकोप फिरोजाबाद शहर से लेकर जिले के ग्रामीण इलाकों तक में जारी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 30 अगस्त को फिरोजाबाद पहुंचे थे और उन्होंने बीमारी से पीड़ित लोगों का हाल जानने के साथ-साथ इसे नियंत्रित करने के निर्देश दिए थे.

Narendra Dabholkar Murder : सीबीआई की पांच आरोपियों के खिलाफ यूएपीए के तहत मुकदमा चलाने की मांग

केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने एक अदालत में दलील दी कि तर्कशास्त्री डॉ. नरेन्द्र दाभोलकर की 2013 में हुई हत्या के मामले में पांच आरोपियों पर ‘‘लोगों के एक वर्ग के बीच आतंक’’ पैदा करने के लिए गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून (यूएपीए) के तहत मुकदमा चलाया जाए.

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (विशेष अदालत के न्यायाधीश) एस आर नावंदर के समक्ष शुक्रवार को यहां पांच आरोपियों डॉ. विरेन्द्र सिंह तावडे, शरद कलसकर, सचिन अंदुरे, वकील संजीव पुनालेकर और विक्रम भावे के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर दलीलें रखी गयी.

विशेष लोक अभियोजक प्रकाश सूर्यवंशी ने सीबीआई की ओर से मामले पर दलीलें रखते हुए कहा कि आरोपी पर आईपीसी की धारा 120 बी (आपराधिक षडयंत्र), 120 बी के साथ 302 (हत्या), शस्त्र कानून की संबंधित धाराओं और यूएपीए की धारा 16 (आतंकवादी कृत्य के लिए सजा) के तहत आरोप लगाए गए.

उन्होंने यूएपीए की धारा 16 पर जोर दिया और दलील दी कि इस मामले में इसे लागू करना कैसे न्यायोचित है. उन्होंने कहा, ‘‘यूएपीए की धारा 15 की परिभाषा समाज या समाज के एक वर्ग के बीच आतंक पैदा करना है. मौजूदा मामले में हमारी दलील है कि लोगों के एक वर्ग के बीच आतंक पैदा करने के लिए डॉ. दाभोलकर की हत्या के लिए आग्नेयास्त्रों का इस्तेमाल किया गया इसलिए यूएपीए की धारा 16 इस मामले में लगायी जानी चाहिए है.’’

उन्होंने कहा कि सीबीआई को यूएपीए की धारा 16 लगाने के लिए राज्य सरकार से मंजूरी मिली थी. बहरहाल, बचाव पक्ष के वकील वीरेंद्र इचलकरांजिकर ने यूएपीए की धारा 16 को लगाने की अभियोजन की मांग का विरोध किया.

उन्होंने कहा, ‘‘हम यूएपीए की धारा 16 लगाने का विरोध करते हैं क्योंकि अभियोजन विभिन्न दस्तावेजों के जरिए 2016 से यह कहता रहा है कि डॉ. तावडे दाभोलकर से घृणा करते थे और इसके कारण उन्होंने उनकी हत्या की. तो फिर आतंक का सवाल कहां से उठता है?’’

दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने मामले पर अगली सुनवाई के लिए सात सितंबर की तारीख तय कर दी.

अंधविश्वास के विरुद्ध अभियान चलाने के लिए पहचाने जाने वाले दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को पुणे में गोली मारकर हत्या कर दी गयी थी.

कर्नाटक में लगेगा लॉकडाउन? मुख्यमंत्री बोम्मई ने दिए और सख्ती के संकेत

कर्नाटक में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सीएम बसवराज बोम्मई ने सख्ती के और बढ़ने के निर्देश दिए हैं. सीएम बोम्मई ने शनिवार को कहा कि कोविड-19 प्रोटोकॉल के उल्लंघन को देखते हुए बड़े पैमाने पर होने वाले कार्यक्रमों और रैलियों को रोकने के लिए नए दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे. बोम्मई ने प्रतिबंधों के बावजूद बड़े पैमाने पर होने वाले राजनीतिक दलों से जुड़ी रैलियों के बारे में एक सवाल का जवाब देते हुए कहा, “हम इन सभी चीजों को गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि इस तरह के कुछ आयोजन हुए हैं, हम एक बार फिर ऐसे आयोजनों के लिए दिशानिर्देशों की घोषणा करेंगे.”

बता दें कि कर्नाटक में बीजेपी द्वारा जन आशीर्वाद रैली का आयोजन किया गया है. बीजेपी कि इस रैली में लगातार कोविड प्रोटोकॉल का उल्लंघन हो रहा है. बीजेपी की रैलियों में कोविड नियमों के उल्लंघन पर विपक्ष लगातार निशाना साध रहा है. मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने शनिवार को कहा कि सरकार ने अभी कक्षा 1 से 5 तक के लिए स्कूल फिर से खोलने पर विचार नहीं किया है और बड़े आयोजनों तथा रैलियों को रोकने के लिए एक बार फिर से दिशानिर्देश जारी किये जाएंगे.

राज्य में कब खुलेंगे स्कूल?
बोम्मई ने कक्षा 1 से 5 तक के लिए स्कूल पुन: खोलने के सवाल पर संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने इस बारे में अभी तक फैसला नहीं किया है. हम देखेंगे कि कक्षा 6, 7 और 8 को लेकर स्थिति कैसी रहती है और उसके आधार पर आगे का निर्णय किया जाएगा.’’ राज्य सरकार कक्षा 9 से 12 तक के लिए स्कूलों को 23 अगस्त से तथा 6-8 के लिए छह सितंबर से खोलने का निर्णय ले चुकी है.

देशभर में तेजी से बढ़ रहे हैं संक्रमण के मामले
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आज (शनिवार) यानी 04 सितंबर 2021 की सुबह जारी आंकड़ों के अनुसार, बीते 24 घंटे में कोरोना के 42,618 नए केस सामने आए हैं, जो कल यानी 03 सितंबर की तुलना में 6.0% कम हैं. वहीं, पिछले एक दिन में 330 कोरोना मरीजों की मौत के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर 4,40,225 हो गई है. भारत में कोरोना के नए मामलों (New Cases) की तुलना में कोविड मरीजों के ठीक होने की दर यानी रिकवरी रेट (Recovery Rate) घट रहा है.

उत्तर प्रदेश में ‘रहस्यमय बुखार’ ने ले ली 100 से ज्यादा बच्चों की जान, कई अब भी अस्पताल में

उत्तर प्रदेश में ‘रहस्यमय बुखार’ अबतक 100 से अधिक बच्चों की मौत होने की अनधिकारिक आंकड़े सामने आ रहे हैं. यूपी के कई जिलों में पिछले एक सप्ताह से बच्चों में ‘रहस्यमय बुखार’ का प्रकोप बढ़ गया है. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रभावित जिलों में राजधानी लखनऊ, आगरा, मथुरा, मैनपुरी, एटा, कासगंज और फिरोजाबाद के नाम शामिल हैं. फिरोजाबाद के कौशल्यानगर में बुखार से सबसे ज्यादा पीड़ित लोग हैं. पीड़ित लोगों में ज्यादातर बच्चे ही हैं. बताया जा रहा है कि 3 वयस्कों की अब तक मौत हो चुकी है, जबकि मरने वाले बच्चों की संख्या 50 तक पहुंच चुकी है. बुखार से प्रभावित फिरोजाबाद के अन्य मोहल्ले बिहारीपुरम, किशन नगर, आसफाबाद, जैन नगर, सत्यनगर टापा और सुदामानगर हैं. दो दिन पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सुदामानगर का दौरा किया था और अधिकारियों को निर्देश दिया था कि साफ-सफाई का खास ध्यान रखते हुए बीमार लोगों के इलाज की हरसंभव व्यवस्था की जाए.

डॉक्टर के मुताबिक, फिरोजाबाद में 32 बच्चों की मौत

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, फिरोजाबाद की वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नीता कुलश्रेष्ठ कहती हैं कि अस्पतालों में मरीजों, खासकर बच्चों की मौत बहुत तेजी से हो रही है. पिछले हफ्ते 32 बच्चों समेत 40 लोगों की मौत हुई है. हालांकि अनधिकारिक आंकड़े 100 से ज्यादा बताई जा रही है. उत्तर प्रदेश की राजधानी में भी वायरल फीवर का प्रकोप बढ़ने लगा है. इस बीमारी से लखनऊ में रोजाना करीब 100 से अधिक बच्चे अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए आ रहे हैं. इस बीमारी से सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र फैजुल्लागंज है. शुक्रवार को यहां 20 बच्चे वायरल बुखार की चपेट में आए हैं. बलरामपुर अस्पताल में रोजाना 30 से अधिक बच्चे, सिविल अस्पताल में रोजाना 30 से 40 केस आ रहे हैं. लोकबंधु अस्पताल में रोजाना 50 से ज्यादा केस आ रहे हैं. बलरामपुर, सिविल, लोहिया, रानी लक्ष्मीबाई, भाऊराव देवरस समेत अन्य अस्पतालों की ओपीडी में भी बुखार के मरीजों के आने का सिलसिला जारी है.

केंद्र से जांच टीम पहुंची फिरोजाबाद

फिरोजाबाद और मथुरा में बुखार के बाद हुई बच्चों की मौत के मामले की जांच के लिए केंद्र सरकार की टीम फिरोजोबाद के दौरे पर आई हुई है. राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) और राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम (NVBCDP) के 5 विशेषज्ञों का दल फिरोजोबाद में विभिन्न तरह के नमूने ले रहा है. पिछले 24 घंटे से नमूने कलेक्ट किए जा रहे हैं. इन नमूनों की गहन जांच के बाद ही कहा जा सकेगा कि इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत क्यों हुई.

गांव-गांव और अस्पतालों से सैंपल जुटा रही टीम

दल में 5 विशेषज्ञ शामिल हैं. न्यूज18 से एक विशेषज्ञ ने बताया कि हमारी टीम ने कई गांवों में और अस्पताल से बच्चों के सैंपल लिए हैं. इन सैंपलों की जांच की जाएगी और जो भी नतीजे आएंगे, उसके बारे में जिला प्रशासन को बताया जाएगा.

शुरुआती सैंपल नहीं लिए जा सके

डेंगू के वायरस के अभी तक चार वैरिएंट सामने आए हैं. डेन 1, 2, 3, 4. लेकिन, पेट में दर्द के साथ बुखार आने के दो-तीन दिनों के भीतर ही बच्चों की मौत से यह सवाल खड़ा हो गया है कि कहीं डेंगू का कोई नया वैरिएंट डेन 5 तो नहीं फैल रहा है. विशेषज्ञों की टीम के एक सदस्य ने कहा कि जब तक की सैंपलों की पूरी जांच नहीं हो जाती, तब तक इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता है. बता दें कि बुखार आने और मौतों के शुरुआती दिनों में पीड़ित बच्चों के सैंपल ही नहीं लिए जा सके थे, क्योंकि फिरोजोबाद मेडिकल कॉलेज की एलाइजा मशीन खराब पड़ी थी. 2 सितंबर से मशीन ठीक होने के बाद जांच शुरू हुई है.

प्रदेश में डेंगू के मामले बढ़े

प्रदेश में डेंगू से पीड़ित मरीजों की संख्या 587 हो गई है. 2 सितंबर के डेटा के मुताबिक, 44 नए मामले प्रदेश में सामने आए हैं. फिरोजोबाद में डेंगू के सबसे ज्यादा 38 नए मामले सामने आए हैं. मथुरा में 107, फिरोजोबाद में 87, लखनऊ में 84, कानपुर में 24, वाराणसी में 69 जबकि प्रयागराज में 39 कुल मामले सामने आ चुके हैं. कौशांबी, जालौन और बरेली को छोड़कर बाकी सभी 72 जिलों में डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं. बता दें कि फिरोजोबाद में 3 सितंबर तक कुल 50 लोगों की बुखार से मौत हो गई है. इनमें से 45 बच्चे शामिल हैं.

(Source : News18)

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 250 अंक की बढ़त के साथ 58,000 के पार, निफ्टी भी 17,300 से ऊपर

वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख एवं विदेशी कोषों के निरंतर प्रवाह के बीच और रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक बैंक और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में उछाल के सहारे शुक्रवार को सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में 250 अंक से अधिक की बढ़त के साथ 58,000 का आंकड़ा पार कर लिया.

इसी तरह, व्यापक एनएसई निफ्टी ने भी शुरुआती सत्र में 17,300 का आंकड़ा पार किया.

शुरुआती सत्र में 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 250.75 अंक या 0.43 प्रतिशत की तेजी के साथ अपने अब तक के उच्चतम स्तर 58,103.29 पर कारोबार कर रहा था और निफ्टी 67.65 अंक या 0.39 प्रतिशत बढ़कर 17,301.80 पर चल रहा था.

सेंसेक्स में टाइटन लगभग दो प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा, इसके बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज, कोटक बैंक, एसबीआई, एनटीपीसी और इंडसइंड बैंक का स्थान रहा.

दूसरी ओर, एचसीएल टेक, एचयूएल, एमएंडएम, टेक महिंद्रा और टीसीएस के शेयरों को नुकसान हुआ.

पिछले सत्र में, सेंसेक्स 514.33 अंक या 0.90 प्रतिशत की तेजी के साथ 57,852.54 के अपने नए सर्वकालिक उच्च स्तर पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 157.90 अंक या 0.92 प्रतिशत बढ़कर 17,234.15 पर बंद हुआ.

विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) पूंजी बाजार में शुद्ध खरीदार थे और अस्थायी विनिमय आंकड़ों के अनुसार उन्होंने बृहस्पतिवार को 348.52 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.03 प्रतिशत गिरकर 73.01 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया.