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केरल के पंचायत कार्यालय में अब कोई नहीं कहेगा ‘सर’ या ‘मैडम’

उत्तर केरल के पलक्कड़ जिले में माथुर गांव पंचायत ने एक अनूठी पहल के तहत अपने कार्यालय परिसर में ‘सर’ और ‘मैडम’ जैसे औपनिवेशिक काल के आदरसूचक शब्दों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसका मकसद आम जनता, जन प्रतिनिधियों और नगर निकाय अधिकारियों के बीच खाई को भरना और एक-दूसरे के बीच प्यार तथा विश्वास बढ़ाना है.

इसके साथ ही माथुर इस तरह की सलामी के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाला देश का पहला नगर निकाय बन गया है.

पंचायत परिषद की हाल की एक बैठक में सर्वसम्मति से ऐतिहासिक फैसला लिया गया और नए नियम का क्रियान्वयन शुरू किया गया.

राजनीतिक मतभेदों को भूलकर 16 सदस्यीय कांग्रेस शासित गांव में माकपा के सात सदस्यों और भाजपा के एक सदस्य ने इस हफ्ते की शुरुआत में इस संबंध में प्रस्ताव पारित किया था.

माथुर पंचायत के उपाध्यक्ष पी आर प्रसाद ने कहा कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य पंचायत कार्यालय आने वाले आम लोगों और जन प्रतिनिधियों तथा अधिकारियों के बीच खाई को भरना है.

पंचायत सदस्यों का यह भी मानना था कि ये सम्मान सूचक शब्द औपनिवेशिक काल के अवशेष थे. उन्होंने कहा, ‘‘लोकतंत्र में लोग सबसे ऊपर हैं और जन प्रतिनिधि और अधिकारी उनकी सेवा करते हैं. उन्हें अपने लिए कुछ कराने के लिए हमसे कोई अनुरोध करने की आवश्यकता नहीं है लेकिन वे सेवा की मांग कर सकते हैं क्योंकि यह उनका अधिकार है.’’

पंचायत सदस्यों ने शासकीय भाषा विभाग से ‘‘सर’’ और ‘‘मैडम’’ शब्दों के विकल्प मुहैया कराने का भी अनुरोध किया.

प्रियंका ने उठाए सवाल, पूछा- हर महीने बढ़ रही है रसोई गैस की कीमत, गन्ने का रेट 3 साल से क्यों नहीं बढ़ा?

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने किसानों से गन्ने की खरीद का मूल्य बढ़ाने का सरकार से आग्रह करते हुए गुरुवार को कहा कि पिछले तीन सालों में इन कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है जबकि रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं.

कांग्रेस महासचिव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार हर महीने एलपीजी के दाम बढ़ा रही है और पेट्रोल व डीजल की कीमतें तीन-चार महीनों में 60 से 70 बार बढ़ चुकी हैं. प्रियंका गांधी ने हैशटैग ‘महंगे दिन’ और ‘गन्ने के दाम बढ़ाओ’ के साथ ट्वीट किया, ”लेकिन तीन सालों से किसानों के लिए गन्ने की कीमतें नहीं बढ़ीं.”

कांग्रेस नेता ने पिछले हफ्ते भी यह मुद्दा उठाया था और कहा था कि किसानों के लिए डीजल और बिजली की कीमतों में नियमित बढ़ोत्तरी के बावजूद गन्ने की कीमत में पिछले तीन सालों में कोई वृद्धि नहीं की गई है.

इससे पहले कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने एक ट्वीट में कहा, ”प्रधानमंत्री जी, आपके राज में दो ही तरह का ‘विकास’ हो रहा है: एक तरफ आपके खरबपति मित्रों की आय बढ़ती जा रही है. दूसरी तरफ आमजनों के लिए आवश्यक वस्तुओं के दाम बढ़ते जा रहे हैं.” उन्होंने कहा, ”अगर यही ‘विकास’ है तो इस ‘विकास’ को अवकाश (छुट्टी) पर भेजने का वक्त आ गया है.”

Uttar Pradesh : यूपी चुनाव के बाद केंद्रीय नेतृत्व और विधायक करेंगे मुख्यमंत्री का फैसला – केशव प्रसाद मौर्य

केशव प्रसाद मौर्य ने उत्तर प्रदेश के चुनाव मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ही लड़े जाने की बात कहते हुए उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव बाद मुख्यमंत्री का फैसला केंद्रीय नेतृत्व और निर्वाचित विधायक करेंगे.

उत्तर प्रदेश के उप मुख्‍यमंत्री ने अगले साल की शुरुआत में राज्य में होने वाले विधानसभा चुनाव में 2017 की तरह बीजेपी के पक्ष में चुनाव परिणाम आने का दावा किया. उन्होंने कहा है कि 2022 के विधानसभा चुनाव में 2024 के लोकसभा चुनाव की लड़ाई होने वाली है क्योंकि ‘दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर जाता है.’

उप मुख्‍यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने 2017 के विधानसभा चुनाव के मुकाबले में 2022 में उनकी भूमिका को लेकर पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि वह अध्यक्ष नहीं हैं लेकिन 2022 में उनका दायित्व अध्यक्ष से कम नहीं रहेगा. उन्होंने कहा, ”हम उप-मुख्‍यमंत्री हैं, योगी जी मुख्‍यमंत्री, स्‍वतंत्रदेव सिंह प्रदेश अध्यक्ष और डॉक्टर दिनेश शर्मा उप-मुख्‍यमंत्री के रूप में हैं. इस लिहाज से बीजेपी की टीम 2017 की तुलना में ज्यादा समर्थ है.”

मौर्य ने दावा किया कि बीजेपी 2022 में 300 का आंकड़ा पार करेगी. उन्होंने कहा, ”इस आंकड़े को पार करने में मुझे कोई संशय दिखाई नहीं देता है. हम यह मानते हैं कि 2022 के चुनाव और 2024 के चुनाव एक दूसरे के सहायक सिद्ध होंगे. इसलिए 2022 के चुनाव में बीजेपी का कार्यकर्ता जी जान लगाकर लड़ेगा और बीजेपी को जिताएगा.” उन्होंने कहा, ”जैसे जनता ने हमें 2014, 2017 और 2019 में आशीर्वाद दिया उसी तरह 2022 में भी किसी विरोधी दल के बहकावे में आए बगैर फैसला करेगी. जब चुनावी मौसम आता है तो ये (विपक्षी दल) सक्रिय हो जाते हैं. किसी की परिवार की सीमा है, किसी की जाति की सीमा है, किसी की तुष्टीकरण की सीमा है और किसी की अपराधियों और गुंडे को साथ लेकर चलने की सीमा है लेकिन सबके विकास का जो लक्ष्य है वह भारतीय जनता पार्टी का है. बीजेपी विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है और सबसे बड़े नेता का मार्गदर्शन हमारे पास है. बाकी दलों में इसका अभाव है.”

विधानसभा चुनाव में नेतृत्व के सवाल पर मौर्य ने कहा कि, जब सरकार नहीं होती तो स्वाभाविक रूप से लोग मानने लगते हैं कि जो अध्यक्ष होगा वही सरकार बनने पर मुख्यमंत्री बनेगा. लेकिन वर्तमान में ”योगी आदित्यनाथ मुख्‍यमंत्री हैं. अभी तो हम भी मान रहे हैं और बाकी भी सभी मान रहे हैं कि 2022 के जब परिणाम आएंगे तो योगी जी ही मुख्यमंत्री होंगे. लेकिन, यह मेरे द्वारा नहीं कहा जा सकता है. उत्तर प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री कौन हो, यह फैसला जो केंद्रीय नेतृत्व है, केंद्रीय संसदीय बोर्ड है और जो केंद्रीय पर्यवेक्षक आएंगे उनके जरिये उस समय जो विधायक दल होगा उसके द्वारा तय किया जाएगा.”

Covid-19 : भारत में अब तक डेल्टा प्लस वेरिएंट के 300 केस मिले, सरकार ने दी जानकारी

सरकार ने कहा कि भारत में कोविड-19 के डेल्टा प्लस वेरिएंट के करीब 300 मामले मिले हैं और वैक्सीन इस वेरिएंट के खिलाफ प्रभावी पाया गया है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के महानिदेशक बलराम भार्गव ने प्रेस ब्रीफिंग में एक सवाल के जवाब में कहा कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के खिलाफ वैक्सीन की प्रभावशीलता की जांच की गयी है.

बलराम भार्गव ने कहा कि डेल्टा प्लस वेरिएंट के सामने आने के कुछ महीने हो गए हैं. पहले 60-70 मामले मिले थे, अब डेल्टा प्लस के करीब 300 मामले हैं. उन्होंने कहा कि डेल्टा प्लस के खिलाफ भी टीके को प्रभावी पाया गया है. कोरोना वायरस के डेल्टा प्लस वेरिएंट की पहचान 11 जून को की गयी थी और इसे चिंता पैदा करने वाली श्रेणी में शामिल किया गया था.

देश में गुरुवार तक लोगों को कोविड-19 टीके की 67 करोड़ से अधिक खुराक दी जा चुकी है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी. शाम सात बजे की प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को टीके की 64.70 लाख से अधिक (64,70,901) खुराक दी गईं. मंत्रालय ने कहा कि दिन की अंतिम रिपोर्ट देर रात संकलित किए जाने के बाद दैनिक टीकाकरण आंकड़े में वृद्धि की उम्मीद है. मंत्रालय ने रेखांकित किया कि जिन लोगों में कोरोना वायरस संक्रमण के कारण गंभीर रूप से बीमार होने का अधिक खतरा है, उनके बचाव के उपकरण के रूप में टीकाकरण की उच्चतम स्तर पर नियमित रूप से समीक्षा और निगरानी की जाती है.

देश में पिछले 24 घंटे के दौरान कोविड-19 के 47,092 नए मामले आने के बाद संक्रमण की चपेट में अब तक आए लोगों की संख्या बढ़कर 3,28,57,937 हो गई है. वहीं, इलाज करा रहे मरीजों की संख्या बढ़कर अब 3,89,583 हो गई है. केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से गुरुवार को सुबह आठ बजे जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, संक्रमण से 509 और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 4,39,529 हो गई. देश में उपचाराधीन मरीजों की संख्या बढ़कर 3,89,583 हो गई है, जो कुल मामलों का 1.19 प्रतिशत है. पिछले 24 घंटे में उपचाराधीन मामलों में कुल 11,402 की बढ़ोतरी दर्ज की गई. मरीजों के ठीक होने की राष्ट्रीय दर 97.48 फीसदी है.

LPG के बढ़ते दामों पर राहुल गांधी का सरकार पर निशाना, ट्वीट में कही ये बात

देश में एलपीजी के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार पर एक बार भी निशाना साधा है. उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश अन्याय के खिलाफ एकजुट हो रहा है’.

बता दें कि कांग्रेस पार्टी पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमतों में वृद्धि को लेकर सरकार पर लगातार हमला करती रही है और केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए कुछ करों को हटाकर इन उत्पादों के दाम कम करने की मांग कर रही है.

रसोई गैस के दामों में वृद्धि को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘जनता को भूखे पेट सोने पर मजबूर करने वाला ख़ुद मित्र-छाया में सो रहा है…लेकिन अन्याय के खिलाफ देश एकजुट हो रहा है’.

बता दें कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने हैशटैग ‘भाजपा की लूट के खिलाफ भारत’ लिखते हुए चार महानगरों में इस साल जनवरी से लेकर अभी तक, एलपीजी गैस सिलेंडर के दामों में हुई वृद्धि की एक सूची भी साझा की है. बता दें कि साल 2021 में लगातार रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल के दामों में बढ़ोत्तरी हुई है. दिल्ली में साल की शुरूआत में रसोई गैस 694 रूपए में मिल रहा था जबकि सितंबर के महीने तक इसका दाम बढ़कर 884 रूपए हो चुका है. इसके अलावा पेट्रोल और डीजल के दामों में भी लगातार वृद्धी देखी जा रही है. 

Covid-19 : मुंबई में सार्वजनिक स्थलों पर लगातार बढ़ रही है भीड़, हाईकोर्ट ने भी जताई चिंता

मुंबई में सार्वजनिक स्थानों पर लगातार बढ़ रही भीड़ पर मुंबई हाई कोर्ट ने चिंता जताई है। साथ ही कोर्ट का कहना है कि अगर स्थिति को नियंत्रित या फिर सीमित नहीं किया गया तो मुंबई को एक बार फिर इस साल भी कोविड-19 (Covid 19) के मामले बढ़ने के दौरान उत्पन्न स्थिति जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है.

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता, न्यायमूर्ति एए सयैद, न्यायमूर्ति केके ताडेद और न्यायमूर्ति पीबी वरले की एक पूर्ण पीठ ने कहा कि सरकार, अधिकारी और नागरिकों को पूर्व के अनुभवों से सीखना चाहिए और ध्यान रखें कि विशषज्ञों के अनुसार कोविड-19 वैश्विक महामारी की तीसरी लहर बस दस्तक ही देने वाली है.

मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता ने कहा, ‘उच्च न्यायालय की हमारी प्रशासनिक समिति, वकीलों और विशेषज्ञों की सोमवार को हुई बैठक में उच्चतम न्यायाल द्वारा विशेष कार्यबल के प्रमुख नियुक्त किए गए डॉ. राहुल पंडित ने बताया कि वैश्विक महामारी की तीसरी लहर बस दस्तक देने ही वाली है. अगर सभी सुरक्षा नियमों का पालन नहीं किया गया तो राज्य को एक आसन्न खतरे का सामना करना पड़ेगा. डॉ. पंडित ने यह भी कहा कि कम से कम अप्रैल 2022 तक तो राष्ट्र को कोविड-19 से निजात नहीं मिलेगी.’

उच्च न्यायालय ने कहा कि विभिन्न समाचार पत्रों में मुंबई के जुहू चौपाटी, गिरगांव चौपाटी और मरीन ड्राइव पर लोगों के बढ़ी संख्या में एकत्रित होने की तस्वीरें प्रकाशित हुई हैं.

अदालत ने कहा, ‘अगर आप (सरकार) इसे नियंत्रित या सीमित नहीं करेंगे तो, एक बार फिर वही स्थिति उत्पन्न हो जाएगी. हमें अपने अनुभव से सीखने की जरूरत है.’ पीठ ने उच्च न्यायालय के साथ-साथ महाराष्ट्र और गोवा में सभी अधीनस्थ अदालतों और न्यायाधिकरणों द्वारा पारित सभी अंतरिम आदेशों को 30 सितम्बर तक बढ़ा दिया.

अदालत ने कहा, ‘विशेषज्ञों की राय पर गौर करते हुए, अनिश्चितता की स्थिति और आने वाले उत्सव, जो लोगों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं, हमारी राय है कि यदि सुरक्षात्मक अंतरिम आदेश 30 सितम्बर तक बढ़ाए जाते हैं तो वह न्यायसंगत होगा.’

उच्च न्यायालय ने कहा कि स्थिति का आकलन करने के लिए अब 24 सितम्बर को पूर्ण पीठ फिर मिलेगी. गौरतलब है कि मुंबई में सोमवार को लगातार छठे दिन कोविड-19 के 300 से अधिक मामले सामने आए. कोविड-19 के 334 नए मामले सामने आने के बाद शहर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 7,43,832 हो गई. वहीं, दो और लोगों की मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 15,976 हो गई.

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मुंबई में फिर हुई मानसून की भारी बारिश, भूस्‍खलन होने से कई घायल

मुंबई दक्षिण-पश्चिम मानसून (Monsoon) एक बार फिर सक्रिय होने के साथ ही शहर में भारी बारिश हुई, जिससे एक जगह भूस्खलन होने से कुछ लोग घायल हो गए. अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि रात भर भारी बारिश होने के कारण कुछ निचले इलाकों में पानी भर गया.

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार रात से, महानगर, पड़ोसी नवी मुंबई, ठाणे और आसपास के अन्य क्षेत्रों में 20 मिमी से 70 मिमी तक बारिश हुई.

मंगलवार को सुबह साढ़े आठ बजे तक पिछले 24 घंटे में आईएमडी की सांताक्रूज वेधशाला में 49 मिमी, जबकि कोलाबा वेधशाला में 29.8 मिमी बारिश दर्ज की गई.

अधिकारियों ने बताया कि मूसलाधार बारिश के कारण मुंबई के असल्फा इलाके में भूस्खलन हुआ, जिससे कुछ लोग घायल हो गए. बारिश के कारण अंधेरी, परेल, भांडुप और कुछ अन्य इलाकों में जलजमाव के कारण यातायात प्रभावित हुआ.

वहीं दिल्ली में मंगलवार को कुछ इलाकों में बारिश हुई और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.  भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे हवा में नमी का स्तर 84 फीसदी दर्ज किया गया. सोमवार को न्यूनतम तापमान 25.2 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 34.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.  मौसम विभाग ने सोमवार को अनुमान जताया था कि मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में हल्की बारिश हो सकती है और आसमान में बादल छाये रह सकते हैं.

Covid-19 : क्या पैसे देकर कोविशील्ड की दूसरी खुराक चार सप्ताह बाद लगवाई जा सकती है : फैसला दो सितंबर को

केरल उच्च न्यायालय ने इस सवाल पर मंगलवार को अपना आदेश सुरक्षित रख लिया कि क्या कोरोना वायरस रोधी टीके ‘कोविशील्ड’ की दूसरी खुराक पैसे देकर पहली खुराक के चार सप्ताह बाद लगवाई जा सकती है या इसके लिए 84 दिन का इंतजार करना ही पड़ेगा.

यह सवाल तब खड़ा हुआ जब किटेक्स गारमेंट्स लिमिटेड ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर 84 दिन का इंतजार किए बिना अपने कर्मियों को कोविशील्ड की दूसरी खुराक लगाने की अनुमति मांगी.

कंपनी ने अपनी याचिका में कहा कि वह पांच हजार से अधिक अपने कर्मियों को पहले ही पहली खुराक दिलवा चुकी है और लगभग 93 लाख रुपये में दूसरी खुराक का भी प्रबंध कर लिया है, लेकिन मौजूदा प्रतिबंधों के चलते वह अपने कर्मियों को दूसरी खुराक नहीं दे पा रही है.

न्यायमूर्ति पी बी सुरेश कुमार ने केंद्र, राज्य सरकार और किटेक्स की दलीलें सुनने के बाद कहा कि वह अपना निर्णय दो सितंबर को सुनाएंगे.

किटेक्स की ओर से पेश हुए अधिवक्ता ब्लेज के. जोस ने दलील दी कि यदि कोई सरकार के माध्यम से टीका लगवा रहा है तो सरकार 84 दिन के अंतराल की व्यवस्था पर कायम रह सकती है, लेकिन यदि कोई व्यक्ति अपनी जेब से पैसे खर्च कर रहा है तो उसे दूसरी खुराक चार सप्ताह बाद लगवाने की अनुमति मिलनी चाहिए जो दो खुराकों के बीच की न्यूनतम अंतर अवधि है.

उन्होंने कहा कि विदेश जाने वाले लोगों और ओलंपिक खेलों में शामिल हुए खिलाड़ियों को टीके की दूसरी खुराक चार सप्ताह बाद लगाई गई तथा उन्हें 84 दिन तक इंतजार नहीं करना पड़ा.

केंद्र ने याचिका का यह कहकर विरोध किया है कि कोविशील्ड का प्रभाव बढ़ाने के लिए दो खुराकों के बीच 84 दिन का अंतर निर्धारित किया गया है.

Covid-19: कोरोना वायरस के खिलाफ अभी खत्म नहीं हुई लड़ाई, सतर्कता और सावधानी जरूरी – राष्ट्रपति कोविंद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने कहा कि कोरोना वायरस जैसी महामारी ने स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के महत्व को रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि दूरदराज के क्षेत्रों और कम सुविधा सम्पन्न लोगों तक चिकित्सा और स्वास्थ्य सुविधाओं को पहुंचाना होगा. कोरोना काल के दौरान चिकित्सकों, नर्सों, स्वास्थ्यकर्मियों के कार्यों की सराहना करते हुए कोविंद ने कहा कि कोरोना के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. मास्क, सामाजिक दूरी सहित सतर्कता और सावधानी ही कोरोना वायरस से बचाव के उपाय हैं.

संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआई) के 26वें दीक्षांत समारोह में राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ये बातें कहीं. उन्होंने राज्य सरकार के सहयोग से नमूनों के परीक्षण और 20 लाख आरटीपीसीआर जांच के लिए संस्थान की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान से जुड़े चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ आदि ने कोरोना की चुनौतियों का सामना किया. इन सभी ने अपने जीवन को खतरे में डालते हुए कोरोना पीड़ितों का उपचार किया. इसके लिए समाज और राष्ट्र कृतज्ञ हैं.

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में उत्कृष्ट और सराहनीय स्वास्थ्य और चिकित्सा सेवाएं प्रदान कीं.

कोविंद ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है. मास्क, सामाजिक दूरी सहित सतर्कता और सावधानी ही कोरोना वायरस से बचाव है. टीका भी कोरोना वायरस से बचाव में सहायक है. आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के तहत भारत ने ‘मेड इन इंडिया’ टीका विकसित किया. उन्होंने कहा कि आज भारत में व्यापक पैमाने पर टीकाकरण अभियान संचालित है. इसके लिए उन्होंने इस कार्य से जुड़े सभी कर्मियों की सराहना की.

राष्ट्रपति ने कहा कि उपाधि प्राप्त नवचिकित्सक पूरी संवेदनशीलता के साथ मानवता की सेवा में ज्ञान और कौशल का उपयोग करें. चिकित्सा महान और पवित्र सेवा का क्षेत्र है. उन्होंने चिकित्सकों से बिना किसी भेदभाव के सेवा कार्य के लिए अपना बहुमूल्य योगदान देने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से जीवनशैली से संबंधित रोगों को नियंत्रित किया जा सकता है. रोगों के उपचार और निदान में आयुर्वेद और योग सहायक हैं. इन्हें जीवन पद्धति के रूप में अपनाकर आरोग्यता पाई जा सकती है. इनके माध्यम से प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है, जिसका उदाहरण हमें कोरोना कालखंड में दिखाई दिया.

न रोज़गार है, न आने वाले सालों में होगा तो आरक्षण का क्या मतलब? – राहुल गांधी

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने एक बार फिर राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनएमपी) को लेकर मोदी सरकार पर निशाना है. उन्होंने आज #IndiaOnSale ट्वीट कर कहा, ”‘मित्रि’करण की सूनामी- न रोज़गार है, न आने वाले सालों में होगा तो आरक्षण का क्या मतलब?”

बता दें कि 24 अगस्त को राहुल गांधी ने एनएमपी को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मोदी सरकार पर निशाना साधा था. उन्होंने कहा था कि नरेंद्र मोदी और बीजेपी का नारा था कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ. लेकिन वित्त मंत्री ने कल 70 सल में जो पूंजी बनी थी, उसे बेचने का फैसला किया.

उन्होंने एनएमपी को लेकर आरोप लगाया, कि इन संपत्तियों को बनाने में 70 साल लगे हैं और इनमें देश की जनता का लाखों करोड़ों रुपये लगा है. अब इन्हें तीन-चार उद्योगपतियों को उपहार में दिया जा रहा है.

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को छह लाख करोड़ रुपये की राष्ट्रीय मौद्रिकरण पाइपलाइन (एनएमपी) की घोषणा की. इसके तहत यात्री ट्रेन, रेलवे स्टेशन से लेकर हवाई अड्डे, सड़कें और स्टेडियम का मौद्रिकरण शामिल हैं. इन बुनियादी ढांचा क्षेत्रों में निजी कंपनियों को शामिल करते हुए संसाधन जुटाये जायेंगे और संपत्तियों का विकास किया जायेगा.

निजी निवेश हासिल करने के लिए चेन्नई, भोपाल, वाराणसी एवं वडोदरा सहित भारतीय हवाई अड्डा प्राधिकरण (एएआई) के करीब 25 हवाई अड्डे, 40 रेलवे स्टेशनों, 15 रेलवे स्टेडियम और कई रेलवे कॉलोनियों की पहचान की गयी है. इन्हें निजी क्षेत्र के निवेश से विकसित किया जायेगा.