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महाराष्ट्र में कोविड-19 के 6,061 नये मामले, 128 मरीजों की मौत

महाराष्ट्र में शनिवार को कोविड-19 के 6,061 नये मामले सामने आने के साथ कुल संक्रमितों की संख्या बढ़कर 63,47,820 हो गयी जबकि 128 और मरीजों की मौत होने से मृतकों की तादाद 1,33,845 पर पहुंच गयी. राज्य के स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी के मुताबिक महाराष्ट्र में बीते 24 घंटे में कोविड-19 के 9,356 मरीज संक्रमण मुक्त भी हुए, जिससे राज्य में इस जानलेवा वायरस के संक्रमण को मात देने वालों की संख्या बढ़कर 61,39,493 हो गयी.

महाराष्ट्र में कोविड-19 के उपचाराधीन मरीजों की संख्या 71,050 हो गयी है. राज्य में संक्रमण से ठीक होने की दर 96.72 प्रतिशत हो गयी है जबकि मृत्यु दर 2.1 प्रतिशत बनी हुई है.

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक पुणे क्षेत्र में संक्रमण के सर्वाधिक 2,304 नये मामले सामने आए और इसी क्षेत्र में सबसे अधिक 45 मरीजों की मौत हुई. मुंबई क्षेत्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 851 नये मामले सामने आए और 12 मरीजों की मौत हुई.

Tokyo Olympics : नीरज चोपड़ा भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में, शिवपाल बाहर

भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा ने तोक्यो ओलंपिक की भाला फेंक प्रतियोगिता के क्वालीफाइंग में शीर्ष पर रहते हुए फाइनल में जगह बनाई, लेकिन शिवपाल सिंह लचर प्रदर्शन करते हुए पदक की दौड़ से बाहर हो गए.

ओलंपिक में पदार्पण कर रहे चोपड़ा ने अपने पहले ही प्रयास में भाले को 86.65 मीटर की दूरी तक फेंककर 83.50 मीटर का स्वत: क्वालीफिकेशन स्तर हासिल करते हुए फाइनल के लिए क्वालीफाई किया और भारत के लिए पदक की उम्मीद जगाई.

एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई चैंपियनशिप के स्वर्ण पदक विजेता चोपड़ा ने पहले ही प्रयास में फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के बाद अपने बाकी दो प्रयास नहीं करने का फैसला किया. क्वालीफिकेशन में तीन प्रयास का मौका मिलता है जिसमें से सर्वश्रेष्ठ प्रयास को गिना जाता है.

पूर्व विश्व जूनियर चैंपियन चोपड़ा ग्रुप ए और ग्रुप बी में 32 खिलाड़ियों में शीर्ष पर रहे. उनका निजी और सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 88.07 मीटर है जो उन्होंने मार्च 2021 में पटियाला में इंडियन ग्रां प्री 3 में बनाया था.

शिवपाल ने हालांकि निराश किया. वह अपने पहले प्रयास में 76.40 मीटर, दूसरे में 74.80 मीटर और तीसरे प्रयास में 74.81 मीटर की दूरी ही तय कर पाए और ग्रुप बी में 16 खिलाड़ियों के बीच 12वें और कुल 27वें स्थान पर रहे.

शिवपाल 86.23 मीटर के अपने निजी सर्वश्रेष्ठ और 81.63 मीटर के सत्र के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के आसपास भी नहीं पहुंच पाए.

Madhya Pradesh Floods : बाढ़ से 1250 से ज़्यादा गांव प्रभावित, 6 हजार लोगों को बचाया गया

मध्यप्रदेश में भारी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गयी है. जानकारी के मुताबिक़ 1250 से ज़्यादा गांव प्रभावित हुए हैं. जबकि करीब 6,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है. तो वहीं 1950 लोगों के बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे होने की बात सामने आ रही है.

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ने ग्वालियर एवं चंबल संभाग के ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, मुरैना और श्योपुर जिलों के लगभग चार दर्जन गाँवों का हवाई दौरा कर जायजा लिया. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि शिवपुरी और ग्वालियर के बीच रेल सेवा और मुरैना में दूरसंचार सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और बुधवार को हेलीकॉप्टरों से बचाव कार्य शुरु किया गया जबकि मंगलवार को खराब मौसम के कारण बचाव कार्य प्रभावित हुए थे.

उन्होंने ने कहा, ‘‘ प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बाढ़ की स्थिति गंभीर है. शिवपुरी, श्योपुर, दतिया, ग्वालियर, गुना, भिंड और मुरैना जिलों के 1125 गांव प्रभावित हुए हैं.’’ चौहान ने बताया कि एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल ने मिलकर बाढ़ में फंसे 240 गांवों से 5,950 लोगों को निकालने में सफलता हासिल की है. उन्होंने कहा कि 1950 लोग अब भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे हैं और उन्हें बचाने के प्रयास जारी हैं.

इसी बीच, मध्य प्रदेश गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश राजौरा ने बताया कि प्रदेश के कम से कम 1,281 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए हैं और बुधवार शाम तक बाढ़ में फंसे 6,220 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है.

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पानी घटते ही जल्द से जल्द क्षति का आंकलन करें, जिससे प्रभावित लोगों को राहत दी जा सके. उन्होंने अति वृष्टि एवं बाढ़ से अधोसंरचना को हुए नुकसान का आंकलन करने के निर्देश भी दिए. साथ ही, उन्होंने कहा कि यदि राहत और बचाव कार्यों के लिये किसी मदद की जरूरत हो तो बताएँ, सरकार द्वारा इसकी पूर्ति की जायेगी.

शिवराज चौहान ने कहा कि बचाव अभियान को संयुक्त रूप से जिला प्रशासन, पुलिस, थल सेना, वायुसेना, सीमा सुरक्षा बल, एनडीआरइएफ, एसडीआरइएफ, होमगार्ड और वायुसेना के हेलीकॉप्टर की मदद से अंजाम दिया जा रहा है. उन्होंने कहा,” हालांकि सिंध, पार्वती एवं कूनों नदी का जल स्तर घटा है, फिर भी जल भराव एवं बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है. मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी है. इसलिए विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. लोगों को फिर से निचले क्षेत्र में न जाने दें. साथ ही जिन घरों के आस-पास पिछले दिनों से पानी भरा है उन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाएँ.”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राहत शिविरों में अस्थायी रूप से जिन लोगों का पुनर्वास किया गया है वहाँ पर भोजन-पानी और आवास इत्यादि की बेहतर से बेहतर व्यवस्था रहे. उन्होंने कहा कि उन्होंने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से बात की और उन्हें प्रदेश में बाढ़ की स्थिति से अवगत कराया.

Tokyo Olympics : 41 साल का इंतजार खत्म, भारत ने जर्मनी को हराकर ब्रॉन्ज मेडल पर जमाया कब्जा

टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने एक रोमांचक मैच में जर्मनी को 5 . 4 से हराकर ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा जमाया है. भारत ने 41 साल बाद ओलंपिक में हॉकी का मेडल जीता है. इस से पहले भारत ने वासुदेवन भास्करन की कप्तानी में 1980 के मॉस्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था. भारत के लिए सिमरनजीत सिंह ने दो, हरमनप्रीत सिंह, रुपिंदर पाल सिंह और हार्दिक सिंह ने एक-एक गोल कर इस मैच में टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई.

जैसे ही आखिरी पलों में गोलकीपर पी आर श्रीजेश ने तीन बार की चैम्पियन जर्मनी को मिली पेनल्टी को रोका , भारतीय खिलाड़ियों के साथ टीवी पर इस ऐतिहासिक मुकाबले को देख रहे करोड़ों भारतीयों की भी आंखें नम हो गई. हॉकी के गौरवशाली इतिहास को नये सिरे से दोहराने के लिये मील का पत्थर साबित होने वाली इस जीत ने पूरे देश को भावुक कर दिया.

इस अहम मुक़ाबले में सिमरनजीत सिंह ने (17वें मिनट और 34वें मिनट) हार्दिक सिंह (27वां मिनट), हरमनप्रीत सिंह (29वां मिनट) और रूपिंदर पाल सिंह (31वां मिनट) में गोल दागे तो वहीं आखिरी पलों में पेनल्टी बचाकर गोलकीपर श्रीजेश ने भारतीय टीम को विजय श्री दिलाई.

टोक्यो ओलंपिक में यह भारत का पांचवां पदक होगा. इससे पहले भारोत्तोलन में मीराबाई चानू ने रजत जबकि बैडमिंटन में पीवी सिंधू और मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने कांस्य पदक जीते और कुश्ती में रवि दहिया ने फाइनल में पहुंचकर पदक पक्का किया.

आठ बार की ओलंपिक चैंपियन और दुनिया की तीसरे नंबर की भारतीय टीम एक समय 1-3 से पिछड़ रही थी लेकिन दबाव से उबरकर आठ मिनट में चार गोल दागकर जीत दर्ज करने में सफल रही.

दुनिया की चौथे नंबर की टीम जर्मनी की ओर से तिमूर ओरूज (दूसरे मिनट), निकलास वेलेन (24वें मिनट), बेनेडिक्ट फुर्क (25वें मिनट) और लुकास विंडफेडर (48वें मिनट) ने गोल दागे.

भारतीय टीम ने टूर्नामेंट में अपने प्रदर्शन ने ना सिर्फ कांस्य पदक जीता बल्कि सभी का दिल भी जीतने में सफल रही. आस्ट्रेलिया के खिलाफ दूसरे ग्रुप मैच में 1-7 की करारी हार के बावजूद भारतीय टीम अपने बाकी चारों ग्रुप मैच जीतकर दूसरे स्थान पर रही. टीम को सेमीफाइनल में विश्व चैंपियन बेल्जियम को शुरुआती तीन क्वार्टर में कड़ी चुनौती देने के बावजदू 2-5 से हार झेलनी पड़ी.

भारत के लिए मुकाबले की शुरुआत अच्छी नहीं रही. भारतीय रक्षापंक्ति ने कई गल्तियां की लेकिन अग्रिम पंक्ति और गोलकीपर पीआर श्रीजेश इसकी भरपाई करने में सफल रहे. जर्मनी ने बेहद तेज शुरुआत की लेकिन बाकी मैच में इस दमखम को बनाए रखने में विफल रही. जर्मनी ने पहले क्वार्टर में दबदबा बनाया तो भारतीय टीम बाकी तीन क्वार्टर में हावी रही.

जर्मनी ने शुरुआत में ही दोनों छोर से हमले करके भारतीय रक्षा पंक्ति को दबाव में डाला. टीम को इसका फायदा भी मिला जब दूसरे ही मिनट में भारतीय गोलमुख के सामने गफलत का फायदा उठाकर तिमूर ओरूज ने गेंद को गोलकीपर पीआर श्रीजेश के पैरों के नीचे से गोल में डाल दिया.

भारत ने तेजी दिखाते हुए पलटवार किया. टीम को पांचवें मिनट में मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन ड्रैग फ्लिकर रूपिंदर के शॉट में दम नहीं था.

जर्मनी ने लगातार हमले जारी रखे. पहले क्वार्टर में जर्मनी की टीम मनमाफिक तरीके से भारतीय डी में प्रवेश करने में सफल रही. श्रीजेश ने हालांकि शानदार प्रदर्शन करते हुए जर्मनी को बढ़त दोगुनी करने से रोका और उसके दो हमलों को नाकाम किया.

जर्मनी को अंतिम मिनट में लगातार चार पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन अमित रोहिदास ने विरोधी टीम को सफलता हासिल नहीं करने दी. दूसरे क्वार्टर में भारत की शुरुआत अच्छी रही. सिमरनजीत ने दूसरे ही मिनट में नीलकांता शर्मा से डी में मिले लंबे पास पर रिवर्स शॉट से जर्मनी के गोलकीपर एलेक्जेंडर स्टेडलर को छकाकर गोल किया और भारत को 1-1 से बराबरी दिला दी.

भारत ने इस बीच लगातार हमले किए लेकिन जर्मनी की रक्षापंक्ति को भेदने में नाकाम रहे. भारतीय रक्षापंक्ति ने इसके बाद लगातार गल्तियां की जिसका फायदा उठाकर जर्मनी ने दो मिनट में दो गोल दागकर 3-1 की बढ़त बना ली. पहले तो नीलकांता ने यान क्रिस्टोफर रूर के पास को वेलेन को आसानी से लेने दिया जिन्होंने श्रीजेश को छकाकर गोल दागा.

इसके बाद दायें छोर से जर्मनी के प्रयास पर भारतीय रक्षापंक्ति ने फिर गलती की और बेनेडिक्ट फुर्क ने गोल दाग दिया. भारतीय टीम ने 1-3 से पिछड़ने के बाद पलटवार किया और तीन मिनट में दो गोल दागकर बराबरी हासिल कर ली. टीम को 27वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर मिला. ड्रैगफ्लिकर हरमनप्रीत के प्रयास को गोलकीपर ने रोका लेकिन रिबाउंड पर हार्दिक ने गेंद को गोल में डाल दिया.

भारत को एक मिनट बाद एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार हरमनप्रीत ने अपनी दमदार ड्रैगफ्लिक से गेंद को गोल में पहुंचाकर भारत को बराबरी दिला दी.

तीसरे क्वार्टर में भारतीय टीम पूरी तरह हावी रही. पहले ही मिनट में जर्मनी के डिफेंडर ने गोलमुख के सामने मनदीप सिंह को गिराया जिससे भारत को पेनल्टी स्ट्रोक मिला. रूपिंदर ने स्टेंडलर के दायीं ओर से गेंद को गोल में डालकर भारत को पहली बार मैच में आगे कर दिया. तोक्यो ओलंपिक में रूपिंदर का यह चौथा गोल है.

भारत ने इसके बाद दायीं छोर से एक ओर मूव बनाया और इस बार डी के अंदर गुरजंत के पास पर सिमरनजीत ने गेंद को गोल में डालकर भारत को 5-3 से आगे कर दिया.

भारत को इसके बाद लगातार तीन और जर्मनी को भी लगातार तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले लेकिन दोनों ही टीमें गोल करने में नाकाम रही.

चौथे क्वार्टर के तीसरे मिनट में जर्मनी को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला और इस बार लुकास विंडफेडर ने श्रीजेश के पैरों के बीच से गेंद को गोल में डालकर स्कोर 4-5 कर दिया.

भारत को 51वें मिनट में गोल करने का स्वर्णिम मौका मिला। लंबे पास पर गेंद कब्जे में लेने के बाद मनदीप इसे डी में ले गए. मनदीप को सिर्फ गोलकीपर स्टेडलर को छकाना था लेकिन वह विफल रहे.

श्रीजेश ने इसके बाद जर्मनी के एक और पेनल्टी कॉर्नर को नाकाम किया. जर्मनी की टीम बराबरी की तलाश में अंतिम पांच मिनट में बिना गोलकीपर के खेली. टीम को 58वें और 60वें मिनट में पनेल्टी कॉर्नर मिले लेकिन भारतीय रक्षकों ने इन हमलों को विफल करके कांस्य पदक सुनिश्चित किया.

Covid-19 : कोरोना से थाईलैंड में बिगड़े हालात, हर दिन दर्ज हो रहे रिकॉर्ड नए केस


थाईलैंड कोविड-19 के डेल्टा वेरिएंट से जूझ रहा है. न्यूज़ एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से पता चला है कि थाईलैंड में कोविड-19 मामले पिछले 24 घंटों में 18,912 से बढ़कर 697,287 हो गए और मरने वालों की संख्या 178 से बढ़कर 4,857 हो गई.

सबसे ज्यादा प्रभावित प्रांतों में कर्फ्यू और आंशिक लॉकडाउन जैसे सख्त प्रतिबंध लगाने के बावजूद भी दक्षिण पूर्व एशियाई देश में दैनिक मामलों की संख्या जुलाई में तेजी से बढ़ी है. गंभीर स्थिति में और वेंटिलेटर पर मरीजों की संख्या भी क्रमश: 4,691 और 1,032 हो गई, जिससे राजधानी बैंकॉक जैसे कठिन क्षेत्रों में चिकित्सा प्रणाली पर दबाव बढ़ रहा है.

स्थानीय मीडिया ने बताया कि बढ़ते मामलों ने अधिकारियों को मौजूदा प्रतिबंधात्मक उपायों को और दो सप्ताह के लिए बढ़ाने पर विचार करने के लिए प्रेरित किया है. लगभग 5.5 प्रतिशत लोगों के पूर्ण टीकाकरण के साथ, थाईलैंड की टीकाकरण दर अपेक्षाकृत कम है. हालांकि, शुक्रवार को एकल-दिवसीय शॉट्स के एक नए रिकॉर्ड के साथ देश ने हाल ही में अपनी टीकाकरण प्रगति में तेजी लाई है.

केरल : दुष्कर्म की सजा काट रहे शख्स से शादी की जिद पर अड़ी पीड़िता, अनुमति के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुंची

केरल के कोट्टियूर की एक बलात्कार पीड़िता ने उस व्यक्ति से शादी करने की अनुमति के लिए उच्चतम न्यायालय का रुख किया है जिसने उससे दुष्कर्म किया था. व्यक्ति अभी 20 साल जेल की सजा काट रहा है. घटना के समय महिला नाबालिग थी और बाद में उसने एक बच्चे को जन्म दिया. उसने पूर्व पादरी को जमानत पर रिहा करने का अनुरोध किया है.

रोबिन वडक्कुमचेरी को 2019 में यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) कानून के तहत मामलों की सुनवाई करने वाली अदालत ने दोषी ठहराया था. इसके बाद महिला अपने बयान से पलट गयी और दावा किया कि दोनों के बीच सहमति से संबंध बने थे.

केरल उच्च न्यायालय ने वडक्कुमचेरी की एक याचिका को ठुकरा दिया जिसमें उसने पीड़िता से शादी करने के लिए जमानत का अनुरोध किया था. उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में कहा था कि निचली अदालत का यह निष्कर्ष कि बलात्कार के समय पीड़िता नाबालिग थी, अब भी लागू है और आरोपी की दोषसिद्धि के खिलाफ अपील अभी भी उसके समक्ष लंबित है. उच्च न्यायालय ने कहा था कि निचली अदालत के फैसले के बरकरार रहने पर पक्षकारों को शादी करने की इजाजत देने का मतलब शादी को न्यायिक मंजूरी देना होगा.

शीर्ष अदालत ने 13 जुलाई 2018 को कोट्टियूर बलात्कार मामले में नाबालिग और तत्कालीन कैथोलिक पादरी से जुड़े आरोपों को ‘‘बहुत गंभीर’’ करार दिया था. न्यायालय ने मामले की सुनवाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था.

वडक्कुमचेरी के अलावा पुलिस ने तब दो डॉक्टरों और अस्पताल के एक प्रशासक को पॉक्सो कानून के प्रावधानों के तहत अपराध को कथित रूप से छिपाने, नाबालिग बलात्कार पीड़िता के संपर्क में आने के बाद भी पुलिस को इसकी सूचना नहीं देने तथा सबूत नष्ट करने के लिए मामला दर्ज किया था. पीड़िता ने अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया था और वह उनकी देख रेख में थी.

Stock Market : छोटे शेयरों ने निवेशकों को बनाया मालामाल! 31 लाख करोड़ से ज्यादा का हुआ फायदा

शेयर बाजार में पैसा लगाने वाले निवेशकों को मालामाल किया है. चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीनों में शेयर बाजार के निवेशकों की पूंजी 31 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ी है. बाजार के पॉजिटिव संकेतों के बीच पहले चार महीने में निवेशकों की पूंजी में कुल मिलाकर 31,18,934.36 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है. चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-जुलाई के दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 3,077.69 अंक या 6.21 प्रतिशत चढ़ा है.

सेंसेक्स ने 16 जुलाई, 2021 को अपने रिकॉर्ड 53,290.81 अंकों के लेवल को छुआ है. 15 जुलाई को यह अपने सर्वकालिक उच्चस्तर 53,158.85 अंक पर बंद हुआ था.

निवेशकों की सकारात्मक धारणा की वजह से बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 31,18,394.36 करोड़ रुपये बढ़ा है. 30 जुलाई को बाजार पूंजीकरण 2,35,49,748.90 करोड़ रुपये के अपने सर्वकालिक उच्चस्तर पर पहुंचा. इक्विटी99 के सह-संस्थापक राहुल शर्मा ने कहा, ‘‘निवेशकों की सकारात्मक धारणा के पीछे धन का प्रवाह और तरलता प्रमुख वजह है.’’

उन्होंने कहा कि बाजार ने 2020 में बिकवाली के सिलसिले के बाद जबरदस्त प्रदर्शन किया है. बेंचमार्क सेंसेक्स मार्च, 2020 के अपने निचले स्तर से इस समय दोगुना से अधिक हो गया है. पूरे वित्त वर्ष 2020-21 में बीएसई की सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 90,82,057.95 करोड़ रुपये बढ़कर 2,04,30,814.54 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. कोविड-19 की वजह से पैदा हुई अड़चनों के बावजूद सेंसेक्स बीते वित्त वर्ष में 20,040.66 अंक या 68 प्रतिशत चढ़ा.

COVID-19: गुजरात में धार्मिक जुलूस में शामिल हुए 150 लोग, DJ पर डांस, तीन के खिलाफ मामला दर्ज

गुजरात के सुरेंद्रनगर जिले में कोविड-19 नियमों का उल्लंघन कर करीब 150 लोग एक धार्मिक जुलूस में शामिल हुए. इस मामले में पुलिस ने कार्यक्रम के दो आयोजकों और डीजे परिचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है. पटडी थाने के एक अधिकारी ने शनिवार को बताया कि यह जुलूस जिले के पटडी कस्बे में शुक्रवार को दोपहर के समय निकाला गया था.

उन्होंने कहा, ‘कस्बे में धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें करीब 150 लोग शामिल हुए. बाद में उन्होंने जुलूस निकाला और इस दौरान डीजे पर बज रहे संगीत पर नृत्य आदि किया. जुलूस के दौरान कार्यक्रम में शामिल लोगों ने सामाजिक दूरी के नियम का उल्लंघन किया. कार्यक्रम में शामिल कुछ लोगों ने ही मास्क पहना हुआ था.’

अधिकारी ने बताया कि सुरेंद्रनगर के जिलाधिकारी ने पहले ही दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन अधिनियम और गुजरात पुलिस अधिनियम के तहत अधिसूचना जारी कर रखी है जिसके तहत चार से अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक है. इसके बावजूद आयोजकों ने बडे़ स्तर पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया.

उन्होंने कहा कि पुलिस ने इस मामले में आयोजन से जुड़े दो लोगों और डीजे परिचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है. अधिकारी ने बताया कि डीजे को जब्त कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई जारी है.

महाराष्ट्र : बच्चों की अश्लील फिल्मों के निर्माण और प्रसार के लिए 18 माह में 105 गिरफ्तार

महाराष्ट्र पुलिस ने बच्चों की अश्लील फिल्मों का निर्माण करने और इंटरनेट पर उन्हें प्रसारित करने के सिलसिले में पिछले 18 महीनों में 105 लोगों को गिरफ्तार किया है और 213 मामले दर्ज किए हैं. महाराष्ट्र साइबर के पुलिस अधीक्षक संजय शिन्त्रे ने बताया कि ये मामले पिछले 18 महीनों में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) द्वारा साझा “टिपलाइन रिपोर्ट’ के आधार पर दर्ज किए गए.

बाल पोर्नोग्राफी की “टिपलाइन रिपोर्टें” अमेरिका स्थित राष्ट्रीय गुमशुदा एवं शोषित बच्चों के केंद्र (एनसीएमईसी) द्वारा वेबसाइटों, सर्च इंजनों और सोशल मीडिया मंचों की निगरानी के बाद तैयार की जाती है. यह बताया गया था कि एनसीएमईसी संघीय जांच ब्यूरो (एफबीआई) की मदद से नियमित रूप से भारत के एनसीआरबी के साथ रिपोर्ट साझा करता है, जो इसे सभी राज्यों की साइबर पुलिस के साथ साझा करता है.

रिपोर्टों में उन आईपी एड्रेस एवं स्थानों की जानकारी होती है जहां अश्लील सामग्रियों का उपयोग किया जाता है और इसके आधार पर फिर साइबर पुलिस आरोपियों का पता लगाती है.

पुलिस के अनुसार, महाराष्ट्र साइबर ने राज्य में बाल पोर्नोग्राफी पर नकेल कसने के लिए 2019-20 में ‘ऑपरेशन ब्लैकफेस’ शुरू किया था. 11,122 “टिपलाइन रिपोर्ट” में से, सबसे अधिक 5,699 रिपोर्ट पुणे को भेजी गई, उसके बाद 4,496 मुंबई, 364 ठाणे, 302 नागपुर और 90 औरंगाबाद तथा अन्य को भेजी गई.

अधिकारी ने बताया कि इन रिपोर्टों के आधार पर महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा नागपुर पुलिस ने 38 अपराध दर्ज किए हैं. ऑपरेशन ब्लैकफेस के तहत, महाराष्ट्र साइबर उन जिलों की पहचान कर रहा है, जहां से बाल पोर्नोग्राफी से संबंधित सामग्री प्रसारित की जा रही है.

पुलिस ने बताया कि पिछले 18 महीनों में यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम, भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के प्रावधानों के तहत कम से कम 213 अपराध दर्ज किए गए हैं और 105 लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

महाराष्ट्र पुलिस की चेतावनी, बाढ़ राहत के लिए दान देते समय फर्जी संगठनों से रहें सावधान

महाराष्ट्र पुलिस ने आगाह किया कि धोखाधड़ी करने वाले लोग फर्जी संगठन बनाकर बाढ़ पीड़ितों की मदद के नाम पर ऑनलाइन माध्यमों से दान एकत्र कर रहे हैं.

पुलिस की साइबर शाखा ने कहा कि ऑनलाइन माध्यम से किसी भी संगठन को दान देते समय पूरी तरह सावधानी बरतनी चाहिए. इसके मुताबिक, कई संगठन पिछले सप्ताह आई बाढ़ और भूस्खलन से पीड़ित लोगों की सहायता के लिए कार्य कर रहे हैं और लोगों से सोशल मीडिया के जरिए मदद मांग रहे हैं.

महाराष्ट्र पुलिस के मुताबिक, साइबर धोखाधड़ी करने वाले लोग इसका फायदा उठाकर फर्जी एनजीओ और धर्मार्थ ट्रस्ट बनाकर पैसे एकत्र कर रहे हैं. ऐसे लोगों द्वारा उपलब्ध कराए गए बैंक खाते उनके निजी अकांउट होते हैं, ऐसे में ऑनलाइन दान देने के दौरान सतर्कता बरतें. केंद्र सरकार ने महाराष्ट्र बाढ़ के मुआवजे के रूप में 70,100 लाख रुपये की सहायता प्रदान की.

(इनपुट भाषा)