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पायल देव के साथ फिर धमाल मचायेंगे पावर स्‍टार पवन सिंह

भोजपुरी सिनेमा के पावर स्‍टार पवन सिंह एक बार फिर बॉलीवुड पार्श्वगायिका पायल देव के साथ पार्श्वगायन करते नजर आयेंगे.

पवन सिंह और पायल देव का पिछला गाना कमरिया हिला रही है खूब वायरल हुआ था. इसमें दोनों की गायिकी को खूब पसंद किया गया था. उसके बाद एक बार फिर दोनों साथ नजर आने वाले हैं. दोनो का गाना जल्‍द ही आने वाला है. इस गाने की शूटिंग अभी हाल ही में पूरी हुई है.

बताया जा रहा है कि पवन– पायल का यह गाना हिंदी-भोजपुरी मिक्‍स होगा, जिसे एक नए प्रयोग के रूप में देखा जा र‍हा है. दोनों के नए गाने को लेकर चर्चाएं तेज हो चुकी हैं और लोगों को इनके आने वाले गाने का बेसब्री से इंतजार भी है. इस गाने के बाद पवन सिंह संगीतकार जोड़ी मीत ब्रदर्स के साथ भी गाना लेकर आ रहे हैं.

बिहार : पश्चिमी चंपारण में जहरीली शराब पीने से 16 की मौत

बिहार के पश्चिमी चंपारण में जहरीली शराब पीने की वजह से अब तक 16 लोगों की मौत हो गई. इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया है.

पश्चिमी चंपारण के डीएम कुंदन कुमार ने देउरवा, जोगिया, बगही और सबेया में 16 लोगों की मौत की पुष्टि की है. इन गांवों में मेडिकल टीमें तैनात कर दी गई है.

बिहार की उपमुख्यमंत्री रेणु देवी ने कहा कि अधिकारियों को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के आदेश दे दिए गए हैं. मामले की जांच जारी है. स्‍थानीय लोग इस पर बात करने को तैयार नहीं हैं. हम स्‍थ‍िति पर नजर बनाए हुए हैं.

उल्लेखनीय है कि बिहार के चंपारण में शुक्रवार को जहरीली शराब पीने से 8 लोगों की मृत्यु का मामला सामने आया था.

GSEB 12th Result 2021 : गुजरात बोर्ड का 12वीं साइंस का परीक्षा परिणाम घोषित

गुजरात सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड (GSEB) ने 12वीं कक्षा की साइंस स्ट्रीम का रिजल्ट जारी कर दिया. परीक्षा में कुल 1.40 लाख छात्र शामिल हुए थे.

परीक्षा परिणाम बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट result.gseb.org पर देखे जा सकते हैं. इस साल कोरोना महामारी की दूसरी लहर के मद्देनजर परीक्षा रद्द कर दी गई थी. गुजरात बोर्ड के नियमों के अनुसार, एक छात्र को अगले चरण के लिए योग्य माने जाने वाले सभी विषयों में न्यूनतम ग्रेड ‘D’ प्राप्त करना होगा.

परीक्षा रद्द होने के बाद बोर्ड द्वारा गठित 11 शिक्षाविदों की कमेटी ने गुजरात क्लास 12 इवैल्युएशन पॉलिसी 2021 तैयार की थी. इस साल गुजरात बोर्ड 12वीं की परीक्षा रद्द होने के बाद स्टूडेंट्स का रिजल्ट 1उनकी परफॉर्मेंस के आधार पर बना है.

गुजरात बोर्ड ने 12वीं के छात्रों की मार्किंग 50:25:25 के अनुपात में की है. यानी कुल 100 फीसदी में से 50 फीसदी मार्क्स स्टूडेंट के 10वीं बोर्ड एग्जाम के आधार पर दिए गए. 25 फीसदी 11वीं के यूनिट टेस्ट और बाकी के 25 फीसदी 12वीं में हुए यूनिट टेस्ट के आधार पर दिए गए.

DU Admissions 2021: 2 अगस्‍त से शुरू हो सकती है दिल्‍ली यूनिवर्सिटी में दाखिले की प्रक्र‍िया, रद्द हो सकती है CUCET परीक्षा

दिल्‍ली विश्‍वविद्यालय में मेरिट के आधार पर अंडर ग्रेजुएट कोर्स में दाखिले के लिये आवेदन की प्रक्र‍िया 2 अगस्‍त 2021 से शुरू हो सकती है. साथ ही यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी कॉमन एंट्रेंस टेस्‍ट, CUCET को इस बार कैंसल किया जा सकता है. छात्रों को यह सुझाव दिया जाता है कि वो दिल्‍ली यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट du.ac.in पर नजर रखें.

हाल ही में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमिशन, यूजीसी ने यूनिवर्सिटी में एडमिशन को लेकर होने वाली परीक्षाओं के लिये गाइडलाइन्‍स जारी की है. यह भी संभव है कि इसे लेकर दिल्‍ली यूनिवर्सिटी जल्‍द ही एक प्रेस कांफ्रेंस भी आयोजित कर सकती है, जिसमें DU Admissions 2021 की तारीखों की घोषणा हो सकती है. हालांकि दिल्‍ली यूनिवर्सिटी की तरफ से इसे लेकर कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है.

DU Admissions 2021: तारीख

अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिले की प्रक्र‍िया: 2 अगस्‍त 2021

मास्‍टर्स और डॉक्‍टोरेट कोर्स के लिये रजिस्‍ट्रेशन की प्रक्र‍िया: 26 जुलाई 2021 (संभावित)

CUCET परीक्षा हो सकती है कैंसल 

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस साल CUCET एग्‍जाम को कैंसल किया जा सकता है. हालांकि इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है. सरकार अगर इसे आयोजित करने की अनुमति देती है तो CUCET परीक्षा भी दिल्‍ली यूनिवर्सिटी ही आयोजित करेगी. और अगर ऐसा होता है तो दिल्‍ली यूनिवर्सिटी में दाखिले (DU Admissions 2021) की प्रक्र‍िया शुरू करने की तारीख में बदलाव हो सकता है. बता दें कि CUCET, विभिन्‍न अंडरग्रेजुएट कोर्स में दाखिले के लिये आयोजित की जाती है. इसका आयोजन देश भर में होता है.

कोरोना मरीजों में टीबी संक्रमण का मामला बढ़ा, सरकार ने जांच की जरूरत पर दिया जोर

देश में कोरोना वायरस महामारी के दौरान तपेदिक (टीबी) के मामलों में वृद्धि की रिपोर्ट के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार को सभी कोविड -19 पॉजिटिव मरीजों के लिए टीबी की जांच पर अपनी सिफारिशों को फिर से दोहराया है. मंत्रालय ने कोविड -19 से संक्रमित मरीजों में टीबी के बढ़ते मामलों की रिपोर्ट के बाद एडवायजरी जारी की है. आधिकारिक बयान के मुताबिक, ‘यह स्पष्ट किया जाता है कि स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय (MoHFW) द्वारा सभी कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों के लिए टीबी की जांच और टीबी से ठीक हुए सभी रोगियों के लिए कोरोना जांच की सिफारिश की गई है. अगस्त 2020 की शुरुआत में राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बेहतर निगरानी और टीबी एवं कोविड​​​​-19 के मामले को खोजने के प्रयासों में तेजी लाने के लिए कहा गया है.’

इसके अलावा, सरकार ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में टीबी-कोरोना ​​​​और टीबी-आईएलआई/एसएआरआई की द्वि-दिशात्मक जांच (Bi-Directional Screening) की जरूरत को दोहराने के लिए कई सलाह और मार्गदर्शन जारी किया है. मंत्रालय की तरफ से यह एडवाइजरी ऐसे वक्त में जारी की गई है जब कोविड-19 संबंधित प्रतिबंधों के कारण 2020 में टीबी के मामले में लगभग 25% की कमी आई है. केंद्र ने कहा कि ओपीडी सेटिंग्स में गहन मामलों की जांच के साथ-साथ सभी राज्यों द्वारा समुदाय में सक्रिय मामलों की जांच अभियानों के माध्यम से इस प्रभाव को कम करने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं.

हालांकि, सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बताने के लिए पर्याप्त सबूत नहीं हैं कि कोविड-19 के कारण टीबी के मामलों में वृद्धि हुई है. तपेदिक (टीबी) और कोविड -19 की दोहरी बीमारी पर प्रकाश डालते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि दोनों रोगों को संक्रामक माना जाता है और ये मुख्य रूप से फेफड़ों पर हमला करते हैं, इनमें खांसी, बुखार और सांस लेने में कठिनाई के समान लक्षण सामने आते हैं. हालांकि, टीबी के लक्षण आने में लंबा समय लगता है और बीमारी की शुरुआत धीमी होती है.

ब्लैक फंगस जैसे पोस्ट कोविड रोगों के खिलाफ एक चेतावनी में मंत्रालय ने कहा कि सार्स-कोव-2 का संक्रमण एक व्यक्ति को सक्रिय टीबी रोग विकसित करने के लिए अधिक संवेदनशील बना सकता है क्योंकि ब्लैक फंगस की तरह ही टीबी भी एक ऐसा संक्रमण है जो कमजोर शरीर पर वार करता है.

Source : News 18

शायर मुनव्वर राना की बेटी ने यूपी कांग्रेस अध्यक्ष पर लगाया दुर्व्यवहार का आरोप

उत्तर प्रदेश महिला कांग्रेस की मध्य जोन इकाई की उपाध्यक्ष और मशहूर शायर मुनव्वर राना की बेटी उरूसा राना ने पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा के लखनऊ में धरने के दौरान दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया.

उरूसा ने आरोप लगाया कि जब वह गांधी प्रतिमा के सामने धरना प्रदर्शन से पहले प्रियंका का अभिवादन करने उनके नजदीक पहुंचीं तो लल्लू ने उन्हें बेइज्जत करके वहां से चले जाने को कहा. लल्लू ने इन आरोपों को गलत बताया है।

उरूसा ने कहा कि जब लखनऊ में संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन की बारी थी तब लल्लू उनसे सहयोग मांगते थे. आज जिस तरह उन्होंने बर्ताव किया उससे वह बहुत आहत है.

उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने उरूसा के आरोपों को गलत बताते हुए कहा कि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ था. उरूसा पार्टी की सम्मानित पदाधिकारी हैं और उनका अपमान करने का कोई सवाल ही नहीं उठता. लल्लू ने कहा कि बल्कि खुद उन्होंने ही प्रियंका से उरूसा का परिचय कराया था.

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने साधा सोशल मीडिया मंच पर निशाना, कहा- गलत सूचना फैलने से जा रही ‘लोगों की जान’

अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि सोशल मीडिया कंपनियां कोविड-19 रोधी टीकों के बारे में अपने मंचों पर भ्रामक सूचना को फैलने से रोकने में नाकाम रहकर ‘‘लोगों की जान’’ ले रही हैं. बाइडन की ये टिप्पणियां तब आयी है जब एक दिन पहले अमेरिका के सर्जन जनरल विवेक मूर्ति ने टीकों के बारे में गलत सूचना को जन स्वास्थ्य के लिए खतरा बताया था. 

अमेरिकी अधिकारियों ने सलाह दी कि इन टीकों से वायरस से मौत और गंभीर रूप से बीमार पड़ने से लगभग पूरी तरह बचा जा सकता है. बाइडन से यह पूछा गया कि क्या उनके पास फेसबुक जैसे मंचों के लिए कोई संदेश है जहां कोरोना वायरस टीकों के बारे में गलत या भ्रामक सूचना फैल रही है, इस पर उन्होंने कहा, ‘‘वे लोगों की जान ले रहे हैं.’’ उन्होंने कहा, “हमारे यहां सिर्फ उन लोगों में महामारी है जिन्होंने टीका नहीं लगवाया है.”

विवेक मूर्ति ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 के बारे में गलत सूचना जानलेवा है, जिसे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ‘‘किसी समस्या के बारे में ऐसी अत्यधिक सूचनाएं बताया हैं जो आमतौर पर अविश्वसनीय होती है, तेजी से फैलती है और जिससे किसी समाधान पर पहुंचना और मुश्किल हो जाता है.’’

उन्होंने व्हाइट हाउस में कहा, ‘‘गलत सूचना से हमारे देश के स्वास्थ्य को घातक खतरा पहुंचता है. हमें एक देश के तौर पर गलत सूचना से लड़ना चाहिए. जिंदगियां इसके भरोसे हैं.’’ स्वास्थ्य पर गलत सूचनाएं फैलाने में इंटरनेट की भूमिका का जिक्र करते हुए मूर्ति ने कहा कि प्रौद्योगिकी कंपनियों और सोशल मीडिया मंचों को गलत सूचना फैलने से रोकने के लिए अपने उत्पादों और सॉफ्टवेयर में सार्थक बदलाव करने चाहिए.

इस बीच फेसबुक के प्रवक्ता डेनी लीवर ने जवाब दिया, ‘‘हम आरोपों से विचलित नहीं होंगे जो तथ्यों पर आधारित नहीं हैं. असल तथ्य यह है कि दो अरब से अधिक लोगों ने फेसबुक पर कोविड-19 और टीकों पर प्रामाणिक सूचना देखी जो इंटरनेट पर किसी भी अन्य मंच से अधिक है.’’

लीवर ने कहा, ‘‘अमेरिका के 33 लाख से अधिक लोगों ने हमारे उस वैक्सीन टूल का इस्तेमाल किया कि जिसमें यह जानकारी दी गयी कि कहां और कैसे टीका लगवाएं. तथ्य दिखाते हैं फेसबुक जिंदगियों को बचाने में मदद कर रहा है.’’ टि्वटर ने अपने मंच पर लिखा, ‘‘दुनियाभर में कोविड-19 महामारी फैलने के बीच हम प्रामाणिक स्वास्थ्य सूचना बढ़ाने के लिए अपना काम जारी रखेंगे.’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुनर्निर्मित वडनगर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया, कभी यहां चाय बेचा करते थे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को पुनर्निर्मित वडनगर रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया. वह कभी इस स्टेशन पर चाय बेचा करते थे. पुराने दिनों को याद करते हुए उन्होंने नये सिरे से तैयार किए गए वडनगर स्टेशन को देखने की इच्छा भी जताई. प्रधानमंत्री मोदी के पिता दामोदर दास मोदी गुजरात के महेसाणा जिले में स्थित वडनगर स्टेशन पर चाय बेचा करते थे. बचपन में मोदी चाय बेचने में अपने पिता का हाथ बंटवाते थे.

गुजरात में 1,100 करोड़ रुपये से ज्यादा की परियोजनाओं का उद्घाटन कर उन्हें राष्ट्र को समर्पित करने के बाद अपने संबोधन में मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि वडनगर भी रेलवे संसाधनों के विकास का आज हिस्सा बना।वडनगर गुजरात की राजधानी अहमदाबाद से करीब 100 किलोमीटर दूर स्थित है.

उन्होंने कहा, ‘‘आज वडनगर भी इस विस्तार का हिस्सा बन चुका है. मेरी तो वडनगर स्टेशन से कितनी ही यादें जुड़ी हैं. नया स्टेशन वाकई बहुत आकर्षक लग रहा है. इस नई ब्रॉडगेज लाइन के बनने से वडनगर-मोढेरा-पाटन हेरिटेज सर्किट अब बेहतर रेल सेवा से जुड़ जाएगा. इससे अहमदाबाद-जयपुर-दिल्ली मेन लाइन से सीधा संपर्क भी हो गया है.’’

उन्होंने कहा कि इस लाइन के शुरू होने से इस पूरे क्षेत्र में सुविधा के साथ-साथ रोज़गार और स्वरोजगार के नए अवसर भी खुल गए हैं. प्रधानमंत्री ने कहा कि जिन परियोजनाओं का उन्होंने उद्घाटन किया हैं वह प्रत्यक्ष देखना चाहते हैं. उन्होंने कहा, ‘‘इनको रूबरू देखने की उत्सुकता मैं बयान नहीं कर सकता. मैं मौका देखते ही खुद भी इसे देखने के लिए आऊंगा.’’

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर गांधीनगर और महेसाणा के बीच एक मेमू (मेनलाइन इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट) ट्रेन सेवा का भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. यह ट्रेन वड़नगर होकर गुजरेगी. उन्होंने 54 किलोमीटर लंबी विद्युतीकृत मेहसाना-वरेठा ब्रॉड गेज रेल लाइन को भी राष्ट्र को समर्पित किया.

लगभग 293 करोड़ रुपये की लागत से बने महेसाणा-वरेठा गेज परिवर्तन का काम और साथ-साथ 74 करोड़ रुपये की लागत से विद्युतीकरण का काम पूरा किया जा चुका है. इसमें वडनगर सहित कुल 10 स्टेशन हैं. वडनगर स्टेशन को वडनगर-मोढेरा-पाटन हेरिटेज सर्किट के अंतर्गत विकसित किया गया है.

वडनगर स्टेशन की इमारत को पत्थर की नक्काशी का इस्तेमाल करके सुंदर ढंग से डिजाइन किया गया है और आसपास आवाजाही के क्षेत्र में लैंडस्केप जैसी सजावट की गई है.

वडनगर अब एक ब्रॉड गेज लाइन से जुड़ गया है और अब इस सेक्शन पर यात्री और मालगाड़ियों को निर्बाध रूप से चलाया जा सकेगा.

भारतीय फोटो पत्रकार दानिश सिद्दीकी अफगानिस्तान में भीषण लड़ाई की कवरेज के दौरान मारे गये

अफ़ग़ानिस्तान में अपनी ज़िंदगी ख़तरे में डालकर दुनिया के सामने सच की तस्वीर पेश करने वाले भारतीय पत्रकार दानिश सिद्दीकी (Danish Siddiqui) की हत्या कर दी गई है. दानिश सिद्दीकी अफ़गानिस्तान में मौजूदा हालात को कवर करने के लिए पिछले कुछ दिनों से वहां डटे हुए थे.

दानिश सिद्दीकी दिल्ली के रहने वाले थे. अफ़ग़ानिस्तान के समाचार चैनल टोलो न्यूज ने सूत्रों के हवाले से इस बात की जानकारी दी है. दानिश सिद्दीकी की मौत कांधार प्रांत के स्पिन बोल्डक इलाके में हुई है जहां वह मौजूदा हालत को कवर कर रहे थे.

बता दें कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से ही यहां भीषण हिंसा जारी है. दानिश सिद्दीकी बीते कुछ दिनों से कंधार में जारी हालात की कवरेज के लिए वहां गए थे. दानिश ने अपने करियर की शुरुआत एक टीवी रिपोर्ट के रूप में की थी और बाद में वह फोटो जर्नलिस्ट बन गए थे.

भारत में अफ़ग़ानिस्तान के राजदूत फरीद मामुन्दजई ने  दानिश सिद्दीकी के बारे में लिखा, ”कल रात कंधार में एक दोस्त दानिश सिद्दीकी की हत्या की दुखद खबर से गहरा दुख हुआ. भारतीय पत्रकार और पुलित्जर पुरस्कार विजेता अफगान सुरक्षा बलों के साथ थे, जब उन पर आतंकवादियों ने हमला किया था. मैं उनसे 2 हफ्ते पहले काबुल के लिए रवाना होने से पहले मिला था. उन्होंने फोटो पत्रकारिता के लिए अपने जुनून और अफ़ग़ानिस्तान के लिए प्यार के बारे में बात की. उन्हें याद किया जाएगा. मैं उनके परिवार और रॉयटर्स के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं.”

दानिश सिद्दीकी साल 2018 में अपने सहयोगी अदनान आबिदी के साथ पुलित्जर पुरस्कार जीत चुके हैं. उस समय वह पुलित्जर पुरस्कार जीतने वाले पहले भारतीय बने थे. दानिश ने रोहिंग्या शरणार्थी संकट को भी कवर किया था. दानिश सिद्दीकी ने मास कम्युनिकेशन का कोर्स एमसीआरसी जामिया मिल्लिया इस्लामिया नई दिल्ली से किया था. उसके बाद वो टीवी रिपोर्टर के तौर पर वो अलग-अलग टीवी चैनलों से जुड़े. इसके बाद वो फोटोग्राफी के क्षेत्र में उतरे. दिल्ली में पैदा हुए और बढ़े हुए दानिश सिद्दीकी का परिवार जामिया यूनिवर्सिटी के पास के इलाके गफ्फार मंज़िल में रहता है. उनकी पत्नी जर्मन हैं और दो बच्चे हैं.

इससे पहले दानिश सिद्दीकी ने 13 जून को ट्वीट कर जानकारी दी थी कि वह जिस वाहन में सवार थे, उसपर हमला किया गया था. उन्होंने लिखा था, ”मेरी किस्मत अच्छी रही कि मैं सुरक्षित बच गया.” अफ़ग़ानिस्तान में जारी संकट को कवर करने गए दानिश सिद्दीकी लगातार वहां के हालत को कैमरे में कैद करके अपने ट्विटर हैंडल से शेयर भी कर रहे थे.

T- Series के प्रबंध निदेशक भूषण कुमार पर दुष्कर्म का मामला दर्ज, कंपनी ने आरोपों को ‘निराधार’ बताया

टी-सीरीज के प्रबंध निदेशक भूषण कुमार के खिलाफ मुंबई पुलिस ने नौकरी देने का झांसा देकर एक महिला से कथित तौर पर दुष्कर्म करने का मामला दर्ज किया है. वहीं, कंपनी ने दावा किया है कि आरोप ‘‘पूरी तरह निराधार और दुर्भावनापूर्ण’’ है.

एक अधिकारी ने बताया कि 30 वर्षीय एक महिला की ओर से दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर अंधेरी (पश्चिम) के डी एन नगर पुलिस थाने में मामला दर्ज कर लिया गया. शिकायतकर्ता महिला अभिनेत्री है.

अधिकारी ने बताया कि शिकायत के अनुसार भूषण कुमार ने अपनी कंपनी के किसी प्रोजेक्ट पर काम देने का झांसा देकर महिला से कथित तौर पर दुष्कर्म किया.

पुलिस विभाग के सूत्रों ने बताया कि शिकायतकर्ता महिला और कुमार के बीच बीते कुछ वर्षों से जान-पहचान थी. कुमार ने 2017 से 2020 के बीच महिला का कथित तौर पर कई बार यौन उत्पीड़न किया.

अधिकारी ने बताया कि महिला का कहना है कि कुमार ने उसके साथ धोखा किया इसलिए वह पुलिस के पास शिकायत लेकर आई है. अधिकारी के अनुसार, कुमार पर भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (दुष्कर्म), 420 (धोखाधड़ी), 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया.

मीडिया के लिए जारी बयान में टी-सीरीज ने आरोपों का खंडन किया है और कहा कि कंपनी अपने वकीलों से संपर्क की प्रक्रिया में है और ‘‘उचित कानूनी कार्रवाई करेगी.’’

प्रोडक्शन कंपनी ने एक बयान में कहा, ‘‘भूषण कुमार के खिलाफ दर्ज मामला पूरी तरह से झूठ और दुर्भावनापूर्ण है और हम उससे पूरी तरह इंकार करते हैं. यह आरोप झूठा है कि नौकरी देने का वादा करके 2017 से 2020 के बीच उक्त महिला का यौन शोषण किया गया.’’

उन्होंने कहा, ‘‘यह रिकॉर्ड में दर्ज है कि महिला ने टी-सीरीज के बैनर तले बनी फिल्म और म्यूजिक वीडियो में काम किया है.’’

टी-सीरीज द्वारा जारी बयान के अनुसार, महिला ने मार्च, 2021 में कुमार से संपर्क किया था और एक वेब-सीरीज बनाने के लिए उनसे निवेश की मांग की थी, ‘‘जिसे विनम्रता पूर्वक ठुकरा दिया गया था.’’

कंपनी का दावा है कि शिकायतकर्ता कंपनी से जबरन धन वसूली करना चाहती है, जिसके कारण बैनर ने उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करायी.

बयान के अनुसार, ‘‘घटना के बाद टी-सीरीज बैनर ने एक जुलाई, 2021 को अम्बोली पुलिस थाने में जबरन वसूली के प्रयास का मामला दर्ज कराया, जबरन वसूली के प्रयास के संबंध में हमारे पास ऑडियो क्लिप के रूप में साक्ष्य भी है. उसे जांच एजेंसी को मुहैया भी कराया जाएगा.’’

टी-सीरीज का कहना है कि अभिनेत्री द्वारा दर्ज करायी गयी यह शिकायत और कुछ नहीं बल्कि उनके खिलाफ ‘दर्ज हुए जबरन वसूली के मामले पर पलटवार है.’’

कंपनी ने बयान में कहा है, ‘‘हम इस संबंध में अपने वकीलों से संपर्क कर रहे हैं और उचित कानूनी कार्रवाई करेंगे.’’

टी-सीरीज संगीत और फिल्म निर्माण क्षेत्र की कंपनी है जिसकी स्थापना ‘कैसेट किंग’ के नाम से मशहूर गुलशन कुमार ने की थी. गुलशन कुमार की 1997 में मुंबई के अंधेरी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. (भाषा)