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West Bengal : BJP विधायकों को सुरक्षा देंगे केंद्रीय अर्धसैनिक बल

पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए नवनिर्वाचित सभी 77 भाजपा विधायकों के समक्ष खतरे की आशंका को देखते हुए केंद्रीय अर्धसैनिक बल के जवान उन्हें सुरक्षा मुहैया कराएंगे. आधिकारिक सूत्रों ने सोमवार को यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि विधानसभा के भाजपा सदस्यों की सुरक्षा केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के सशस्त्र कमांडों करेंगे.

उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इसकी मंजूरी केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों द्वारा तैयार रिपोर्ट और मंत्रालय द्वारा चुनाव बाद भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हुई हिंसा की पृष्ठभूमि में वहां भेजी गई उच्च स्तरीय अधिकारियों की टीम की ओर से मुहैया कराई जानकारी को संज्ञान में लेते हुए दी.

सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय के आदेश के मुताबिक 77 में से 61 विधायकों को न्यूनतम ‘एक्स’ श्रेणी की सुरक्षा दी जाएगी और सीआईएसएफ के कमांडो तैनात किए जाएंगे.

उन्होंने बताया कि बाकी को या तो केंद्रीय सुरक्षा प्राप्त है अथवा उन्हें उच्च ‘वाई ’ श्रेणी की सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी. नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी को पहले ही सीआरपीएफ के जवानों द्वारा ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा दी जा रही है।

वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘ राज्य में चुनाव के बाद उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर ये लोग संभावित खतरे का सामना कर रहे हैं और इसलिए उनकी सुरक्षा की जरूरत है.’’

उन्होंने बताया कि भाजपा के कई प्रत्याशियों, जिनमें दल बदलकर भगवा पार्टी में आने वाले शामिल हैं को कुछ और समय के लिए केंद्रीय सुरक्षा मिलती रहेगी.

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए हुए चुनाव में भाजपा 77 सीटों के साथ मुख्य विपक्षी पार्टी बनकर उभरी है. वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व में तृणमूल कांग्रेस ने एक बार फिर सरकार बनाई है.

अधिकारियों के मुताबिक ‘एक्स’ श्रेणी की सुरक्षा में तीन से चार कमांडों होते हैं जबकि ‘वाई’ श्रेणी में यह संख्या छह से सात कमांडों की हो जाती है. वहीं, ‘जेड’ श्रेणी में व्यक्ति की सुरक्षा के लिए छह से नौ कमांडों तैनात रहते हैं.

Maharashtra: आईपीएस परमबीर सिंह पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पुलिसकर्मी ने बताया जान को खतरा

मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह एवं अन्य अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले पुलिस अधिकारी भीमराव घडगे ने जान को खतरा होने का दावा करते हुए स्वयं के लिए और अपने परिवार के लिए सुरक्षा मांगी है.

अकोला में तैनात घडगे ने सुरक्षा मुहैया कराए जाने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, राज्य के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल और राज्य के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजा है.

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे और मेरे परिवार को आरोपियों से जान का खतरा है. मैंने स्वयं के लिए और अपने परिवार के सदस्यों के लिए सशस्त्र पुलिसकर्मियों की सुरक्षा प्रदान करने की मांग की है. मेरे परिवार के सदस्य मुंबई के पास कल्याण में रहते हैं.

घडगे ने दावा किया, मैं यहां अकोला में तैनात हूं जबकि मेरा परिवार कल्याण में रहता है. मैं उनको लेकर चिंतित हूं क्योंकि वे लोग कुछ भी कर सकते हैं.

पुलिस निरीक्षक घडगे ने कहा कि उन्हें कोई धमकी भरा फोन कॉल या संदेश प्राप्त नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन कोई आपको हमला करने से पहले सूचना नहीं देगा.

Chhatrasal Brawl : पहलवान सुशील कुमार के खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी

दिल्ली पुलिस ने छत्रसाल स्टेडियम में झगड़े के बाद एक पहलवान की मौत के सिलसिले में ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुके सुशील कुमार के खिलाफ ‘लुक आउट नोटिस’ जारी किया है.

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को बताया कि रविवार देर शाम नोटिस जारी किया गया है. पुलिस झगड़े के पीड़ितों का बयान पहले ही दर्ज कर चुकी है.

उन्होंने कहा कि झगड़ा मॉडल टाउन इलाके में एक फ्लैट को खाली कराने को लेकर हुआ था. एक वरिष्ठ अधिकारी ने पहले बताया था कि इस मामले में कुमार का नाम प्राथमिकी में है और वह फरार है और उनका पता लगाने की कोशिशें की जा रही हैं।

उन्होंने बताया था कि उन्हें पकड़ने के लिए दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में छापेमारी की जा रही है.

अधिकारी ने बताया कि पीड़ितों ने आरोप लगाया है कि जब झगड़ा हुआ तब मौके पर कुमार मौजूद थे. पिछले मंगलवार की रात को छत्रसाल स्टेडियम में झगड़े में 23 वर्षीय पहलवान की मौत हो गई थी. स्टेडियम में उन्हें और उनके दो दोस्तों पर अन्य पहलवानों ने कथित रूप से बर्बर हमला किया था.

पुलिस के मुताबिक, झगड़े में कुमार, अजय, प्रिंस दलाल, सोनू, सागर, अमित और अन्य शामिल हैं. मॉडल टाउन थाने में भारतीय दंड संहिता की धाराओं और सशस्त्र अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

हरियाणा के झज्जर निवासी दलाल को पकड़ लिया गया है.दिल्ली पुलिस ने छत्रसाल स्टेडियम में झगड़े के बाद एक पहलवान की मौत के सिलसिले में ओलंपिक में दो बार पदक जीत चुके सुशील कुमार के खिलाफ ‘लुक आउट नोटिस’ जारी किया है.

महाराष्ट्र : मुंबई में लगातार दूसरे दिन लोगों को नहीं मिली कोवैक्सीन की खुराक

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में लगातार दूसरे दिन सोमवार को Covid-19 रोधी टीके कोवैक्सीन की खुराक उपलब्ध न होने के कारण टीकाकरण केन्द्रों से लोगों को निराश लौटना पड़ा. यह लोग टीके की दूसरी खुराक लेने के लिए टीकाकरण केन्द्रों पर आए थे.

बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने सोमवार को हालांकि टि्वटर पर उन 105 टीकाकरण केन्द्रों की सूची साझा की जहां टीके की खुराक उपलब्ध रहीं, लेकिन इन केन्द्रों पर केवल कोविशील्ड टीके की खुराक ही उपलब्ध थीं.

इससे पहले कोवैक्सीन टीके की खुराक नहीं उपलब्ध होने के कारण रविवार को भी टीकाकरण अभियान प्रभावित रहा था.

कोवैक्सीन टीके की दूसरी खुराक लेने आए कई लोगों ने गुस्से और नाराज़गी का इजहार किया. कई लोगों ने कहा कि वह 42 दिन पहले टीके की पहली खुराक ले चुके हैं.

टीकाकरण को लेकर सरकार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक कोवैक्सीन टीके की पहली और दूसरी खुराक के बीच में चार से छह सप्ताह का अंतराल होना चाहिए जबकि कोविशील्ड टीके की दोनों खुराकों में चार से आठ सप्ताह का अंतराल हो सकता है.

बीएमसी की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में 1,76,505 लोगों ने कोवैक्सीन टीके की खुराक ली है जिनमें से 1,20,167 लोग टीके की पहली खुराक जबकि 56,338 लोग दोनों खुराक ले चुके हैं.

रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में अब तक 27,00,431 लोग कोविड-19 का टीका लगवा चुके हैं जिनमें से 20,52,963 लोग टीके की पहली खुराक जबकि 6,47,468 लोग टीके की दोनों खुराक ले चुके हैं.

मौजूदा समय में मुंबई में कुल 175 टीकाकरण केन्द्र हैं जिनमें से 81 का संचालन बीएमसी की ओर से किया जाता है जबकि 20 राज्य सरकार और 74 निजी टीकाकरण केन्द्र हैं.

Covid- 19 : अमिताभ बच्चन ने दिल्ली के गुरुद्वारा फैसिलिटी को दान दिए 2 करोड़ रुपए

फ़िल्म अभिनेता अमिताभ बच्चन ने गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में शुरू किए गए श्री गुरु तेग बहादुर कोविड देखभाल केन्द्र को वैश्विक महामारी कोरोना वायरस से निपटने के लिए दो करोड़ रुपये दान दिए हैं.

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मंजिंदर सिंह सिरसा ने ट्विटर पर यह जानकारी दी. सिरसा ने ट्वीट किया, ‘‘ ‘सिख महान है, उनक सेवा को सलाम,’ अमिताभ बच्चन जी ने श्री गुरु तेग बहादुर कोविड देखभाल केन्द्र को दो करोड़ रुपये का योगदान देते समय यह शब्द कहे.’’

उन्होंने कहा कि दिल्ली में ऑक्सीजन की कमी है, बच्चन हर दिन केन्द्र में चल रहे काम के बारे में पूछते थे. मध्य दिल्ली के गुरुद्वारा रकाब गंज साहिब में सोमवार दोपहर से 300 बिस्तर वाले गुरु तेग बहादुर कोविड देखभाल केन्द्र को खोला गया है.

अन्य एक ट्वीट में सिरसा ने बताया कि 78 वर्षीय अभिनेता ने इस केन्द्र के लिए विदेश से ऑक्सीजन सिलेन्डर भी मंगवाए हैं. उन्होंने कहा, ‘‘ वह केवल बड़े पर्दे के ही नहीं असल जिंदगी में भी एक नायक हैं.’’

बच्चन ने रविवार को प्रसारित किए गए ‘वैक्स लाइव: द कंसर्ट टू रियुनाइट द वर्ल्ड’ के दौरान वैश्विक समुदाय से वैश्विक महामारी की दूसरी लहर की मार झेल रहे भारत की मदद करने की अपील की थी. दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में रविवार को कोविड-19 के 13,336 नए मामले सामने आए और संक्रमण से 273 और लोगों की मौत हुई.

कोरोना की जंग में सेना ने कसी कमर, 400 रिटायर्ड डॉक्टर देश भर में होंगे तैनात

देश कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से जूझ रहा है. अस्पतालों में ऑक्‍सीजन, मेडिकल उपकरणों और बेड्स की कमी के चलते बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है. तो वहीं बढ़ते संक्रमण के बीच सेना पूरी तरह से एक्शन मोड़ में आ गई है. देश में डॉक्टर्स की कमी को देखते हुए रक्षा मंत्रालय ने थलसेना, वायुसेना और नौसेना के सेवानिवृत्त डॉक्टरों को रीकॉल किया है.जिन्हें अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया जाएगा.

मिली जानकारी के मुताबिक़ सेना मेडिकल कोर के स्थायी कमीशन और शार्ट सर्विस कमीशन के सेवानिवृत्त डॉक्टरों की कॉन्ट्रैक्ट पर ज्वाइन करा रही है. इन डॉक्टर्स की तैनाती का 11 महीनों के लिए होगी. शनिवार को रक्षा मंत्रालय ने महानिदेशक एएफएमएस को आदेश जारी किया था, जिसके बाद साल 2017-2019 के बीच रिटायर हुए डॉक्टर्स को ज्वाइनिंग दी जा रही है. डॉक्टरों को वेतन उनकी अंतिम सैलरी के बेसिक पे और स्पेशलिस्ट अलाउंसेज को जोड़कर दिया जाएगा.

आपको बता दें कि पिछले दिनों ही सीडीएस जनरल बिपिन रावक्त ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान ये बात कही थी कि Covid -19 से उपजे हालात को देखते हुए सेना के रिटायर्ड डॉक्टर्स को दोबारा तैनात किया जाएगा और मिलिट्री अस्पतालों को भी आम लोगों के लिए खोला जाएगा. सीडीएस ने महानिदेशक एएफएमएस को सेवानिवृत डॉक्टरों की भर्ती का प्रस्ताव बनाने का आदेश दिया. जिसे राष्ट्रपति से अनुमति मिलने के बाद अब इन डॉक्टर्स की भर्ती की जा रही है. इससे देश भर के मिलिट्री और नॉन मिलिट्री अस्पतालों में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज किया जा सके .

ग़ौरतलब है कि मेकशिफ्ट कोविड अस्पताल बनाने से लेकर सेना ऑक्सीजन टैंकर पहुंचाने तक के कामों में जुटी हुई है. तो वहीं अब मिलिट्री अस्पतालों में आम लोगों के इलाज और सेवानिवृत्त डॉक्टर्स को रीकॉल करने का फ़ैसला कोरोना के खिलाफ जंग में अहम क़दम साबित होगा.

हिमंत बिस्व सरमा होंगे असम के अगले मुख्यमंत्री, सोमवार को हो सकता है शपथग्रहण

सर्वसम्मति से भाजपा विधायक दल और फिर बाद में राजग विधायक दल का रविवार को नेता चुने जाने के बाद नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक एलायंस (NEDA) के संयोजक हिमंत बिस्व सरमा (Himanta Biswa Sarma) के असम का अगला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है. केंद्रीय पर्यवेक्षक और केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने यह जानकारी दी.

हाल में हुए चुनावों में सत्ताधारी राजग के प्रदेश में लगातार दूसरी बार स्पष्ट बहुमत हासिल करने के एक हफ्ते बाद तक शीर्ष पद पर कौन होगा इसे लेकर अटकलें चल रही थीं क्योंकि सरमा और निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल (Sarbananda Sonowal) दोनों ही दावेदार थे, हालांकि एनईडीए संयोजक के पार्टी विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद स्थिति साफ हो गई.

सूत्रों ने कहा कि सरमा के रविवार शाम को राज्यपाल जगदीश मुखी (Governor Jagdish Mukhi) से मिलकर अगली सरकार बनाने का दावा पेश करने की उम्मीद है.

श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में सोमवार को नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण होने की संभावना है.

निवर्तमान मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सरमा के नाम का प्रस्ताव रखा और भाजपा के प्रदेश पार्टी अध्यक्ष रंजीत कुमार दास और हाफलांग से नव निर्वाचित विधायक नंदिता गार्लोसा ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया.

तोमर ने कहा क्योंकि और किसी के नाम का प्रस्ताव नहीं रखा गया तो ‘‘सरमा को भाजपा विधायक दल का नेता सर्वसम्मति से चुन लिया गया है.’’

असम विधानसभा में भाजपा के सम्मेलन कक्ष में कोविड दिशानिर्देशों का पालन करते हुए बैठक हुई। इस दौरान केंद्रीय पर्यवेक्षक के तौर पर तोमर और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह मौजूद थे.

राजग से साझेदारों- भाजपा, अगप और यूपीपीएल की एक बैठक भी बाद में हुई और सरमा को सर्वसम्मति से राजग विधायक दल का नेता चुन लिया गया जिससे उनके प्रदेश का अगला मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया.

इससे पहले दिन में असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने राज्यपाल जगदीश मुखी को अपना इस्तीफा सौंप दिया जिन्होंने अगली सरकार के गठन तक उन्हें पद पर बने रहने को कहा.

बैठक से पहले सरमा ने सोनोवाल से भी मुलाकत की और दोनों विधायक दल की बैठक में एक साथ एक गाड़ी में पहुंचे.

निवर्तमान मुख्यमंत्री ने सरमा को पारंपरिक ‘गामोसा’ भेंट किया और पत्रकारों को तस्वीर के लिये पोज देने से पहले उनकी पीठ थपथपाई.

इससे पहले असम के नए मुख्यमंत्री को लेकर लगाई जा रही अटकलों के बीच, राज्य में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं सोनोवाल और हिमंत बिस्व सरमा ने पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से दिल्ली में शनिवार को मुलाकात की थी.

सत्ताधारी भाजपा गठबंधन राज्य की पहली गैर कांग्रेसी सरकार होगी जिसने लगातार दूसरी बार चुनाव जीता है.

भाजपा ने 126 सदस्यीय असम विधानसभा में 60 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि उसकी गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद से नौ और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल ने छह सीटें जीतीं.

देश में Covid-19 से रिकॉर्ड 4,187 मौत, संक्रमण के 4,01,078 नये मामले आए सामने

देश में एक दिन में Covid-19 से रिकॉर्ड 4,187 मरीजों की मौत होने के बाद मृतक संख्या 2,38,270 पर पहुंच गई है जबकि 4,01,078 नये मामले सामने आने के बाद संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 2,18,92,676 हो गए हैं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के सुबह आठ बजे तक के आंकड़ों के मुताबिक 37,23,446 मरीजों का अब भी इलाज चल रहा है जो कुल मामलों का 17.01 प्रतिशत है जबकि कोविड-19 से स्वस्थ होने की राष्ट्रीय दर घटकर 81.90 प्रतिशत हो गई है.

आंकड़ों के मुताबिक बीमारी से स्वस्थ होने वाले लोगों की संख्या 1,79,30,960 हो गई है जबकि संक्रमण से मृत्यु दर 1.09 फीसदी दर्ज की गई है.

देश में Covid-19 के मरीजों की संख्या पिछले साल सात अगस्त को 20 लाख को पार कर गई थी. वहीं Covid-19 मरीजों की संख्या 23 अगस्त को 30 लाख, पांच सितंबर को 40 लाख और 16 सितंबर को 50 लाख के आंकड़े को पार कर गई थी.

इसके बाद 28 सितंबर को Covid-19 के मामले 60 लाख, 11 अक्टूबर को 70 लाख, 29 अक्टूबर को 80 लाख, 20 नवंबर को 90 लाख, 19 दिसंबर को एक करोड़ के पार हो गए थे. भारत ने चार मई को गंभीर स्थिति में पहुंचते हुए दो करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया था.

भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research-ICMR) के मुताबिक सात मई तक 30,04,10,043 नमूनों की जांच की गई है जिनमें से 18,08,344 नमूनों की शुक्रवार को जांच की गई.

मौत के नये मामलों में, सर्वाधिक 898 मौत महाराष्ट्र में, कर्नाटक में 592, उत्तर प्रदेश में 372, दिल्ली में 341, छत्तीसगढ़ में 208, तमिलनाडु में 197, पंजाब में 165, राजस्थान में 164, हरियाणा में 162, उत्तराखंड में 137, झारखंड में 136, गुजरात में 119 और पश्चिम बंगाल में 112 लोगों की मौत हो गई.

देश में अबतक हुई कुल 2,38,270 मौत में से 74,413 महाराष्ट्र में, 18,739 दिल्ली में, 17,804 लोगों की कर्नाटक में, 15,171 की तमिलनाडु में, 14,873 उत्तर प्रदेश में, 12,076 लोगों की पश्चिम बंगाल में, 10,158 की पंजाब में, 10,158 की छत्तीसगढ़ में और 10,144 लोगों की पंजाब में मौत हुई है.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 70 प्रतिशत से अधिक मरीजों की मौत अन्य गंभीर बीमारियों के कारण हुई है.

महाराष्ट्र : मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस ने BMC पर लगाया Covid-19 से हुई मौतों के आंकड़े छिपाने का आरोप

भाजपा नेता देवेन्द्र फड़णवीस (Devendra Fadnavis) ने आरोप लगाया है कि शिवसेना शासित मुंबई महानगर पालिका (Brihanmumbai Municipal Corporation-BMC) Covid -19 से हुई मौत के मामलों को छिपा रहा है और मुंबई में संक्रमण की दर से ”छेड़छाड़” कर रहा है.

उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra Chief Minister Uddhav Thackeray) को लिखे पत्र में कहा कि मुंबई महानगर पालिका कुछ Covid -19 रोगियों की मौत के अन्य कारण बताकर संक्रमण से हुई मृत्यु के मामलों को कम करके बता रहा है.

फड़णवीस ने कहा, ”अन्य कारणों से हुई मौत की श्रेणी में कुछ विशिष्ट मामलों को रखा जाता है, जैसे कि Covid -19 रोगी का आत्महत्या कर लेना, दुर्घटना में मृत्यु, हत्या, ब्रेन डेड घोषित किया जाना या रोगी के कैंसर की चौथी स्टेज में पहुंच जाना.”

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि बीएमसी Covid -19 से हुई कुछ मौतों के संदिग्ध तरीके से इस श्रेणी में रख रही है.

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने महामारी की दूसरी लहर से प्रभावी ढंग से निपटने के लिये हाल ही में बीएमसी की प्रशंसा की थी.

फड़णवीस ने कहा कि बीएमसी ने फरवरी से अप्रैल के बीच 683 Covid-19 रोगियों की मौत के मामलों को ‘अन्य कारणों से हुई मौत’ की ”संदिग्ध श्रेणी” में रखा.

उन्होंने दावा किया कि यह इस अवधि के दौरान हुई कुल 1,773 मौतों का 39.4 प्रतिशत है.

भाजपा नेता ने अपने पत्र में कहा, ”इसी अवधि के दौरान राज्य के शेष हिस्सों में कम से कम 15,958 लोगों की मौत हुई, जिसमें से 199 यानी 0.7 प्रतिशत मौतों को ‘अन्य कारणों से हुई मौत’ बताया गया.”

महाराष्ट्र विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष फड़णवीस ने आरोप लगाया कि बीएमसी रैपिड एंटीजन (Rapid Antigen Tests -RAT) जांच पर अधिक निर्भर होकर संक्रमण की दर से भी छेड़छाड़ कर रही है.

उन्होंने कहा, ”शहर में एक दिन में एक लाख आरटी-पीसीआर जांच करने की क्षमता है, लेकिन बीते 10 दिन का औसत 34,191 है। इनमें से 30 प्रतिशत रैपिड एंटीजन . जांच की गईं.”

फडणवीस ने कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research) आरटी-पीसीआर (RT-PCR) क्षमता कम होने पर 30 प्रतिशत रैपिड-एंटीजेन जांच करने की सलाह देता है. वरना रैपिड-एंटीजेन जांचों की संख्या 10 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिये.

उन्होंने कहा कि रैपिड-एंटीजेन जांच की विश्वसनीयता 50 प्रतिशत होती है, लिहाजा ऐसी जांचों से भ्रम पैदा होता है.

फड़णवीस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की राज्य इकाई के प्रवक्ता सचिन सावंत ने कहा कि यह बीएमसी के अच्छे काम के चलते पैदा हुई ईर्ष्या है.

Ghaziabad : Covid-19 रोगियों को आईसीयू बिस्तर दिलाने के बहाने धोखाधड़ी करने के आरोप में दो गिरफ्तार

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के अस्पतालों में Covid-19 रोगियों को वेंटिलेटर वाले आईसीयू बिस्तर दिलाने के बहाने पैसे लेकर धोखाधड़ी करने के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

पुलिस ने शनिवार को बताया कि जीटी रोड कोतवाली पुलिस और स्वाट कर्मियों ने दोनों आरोपियों को पकड़ा.

इस संबंध में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान मयंक (24) और प्रदीप (28) के रूप में हुई है. पुलिस ने उनके पास से 1.95 लाख रुपये बरामद किए हैं.

पुलिस ने कहा कि मयंक ठगी गिरोह का सरगना था और उसने स्वीकार किया है कि वह अपने साथियों चिराग और अमित के साथ लोगों को ठगता था.

उन्होंने कहा चिराग और अमित अस्पताल के डॉक्टर बनकर रोगियों के स्वास्थ्य के बारे में पूछते थे.

पुलिस ने कहा कि एक और व्यक्ति गौतम वार्ष्णेय रोगी को भर्ती करने के लिए, अस्पतालों के नाम पर बनाए गए फर्जी खातों में अग्रिम भुगतान लेता था.

उन्होंने कहा कि चिराग, अमित और वार्ष्णेय को 30 प्रतिशत कमीशन मिलता था. उन्हें भी जल्द पकड़ लिया जाएगा.