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Shiv Sena ने सेंट्रल विस्टा परियोजना (Central Vista Project) पर BJP ने साधा निशाना

केंद्र सरकार की महत्त्वकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना (Central Vista Project) को लेकर शिवसेना ने भाजपा (BJP) पर निशाना साधा है. शिवसेना का कहना है कि जहाँ एक तरफ़ छोटे-छोटे देश भी Covid -19 से निपटने के लिए भारत की मदद कर रहे हैं तो वहीं मोदी सरकार कई करोड़ के सेंट्रल विस्टा परियोजना के काम को रोकने के लिए भी तैयार नहीं है.

शिवसेना की तरफ़ से कहा गया है कि पंडित जवाहरलाल नेहरू (Pandit Jawaharlal Nehru) , इंदिरा गांधी (Indira Gandhi) और मनमोहन सिंह (Manmohan Singh) समेत पूर्व प्रधानमंत्रियों द्वारा पिछले 70 वर्ष में बनाई गई व्यवस्था ने देश को कठिन समय से पार पाने में मदद की है जिसका सामना वह आज कर रहा है.

शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के एक संपादकीय में कहा, “यूनिसेफ (UNICEF) ने डर व्यक्त किया है कि भारत में जिस गति से कोरोना वायरस फैल रहा है उससे दुनिया को वायरस से खतरा है. इसने यह भी अपील की है कि अधिकतम देशों को Covid-19 के खिलाफ लड़ाई में भारत की मदद करनी चाहिए. बांग्लादेश ने रेमडेसिविर की 10,000 शीशियां भेजी हैं जबकि भूटान ने चिकित्सीय ऑक्सीजन. नेपाल, म्यांमा और श्रीलंका ने भी ‘आत्मनिर्भर’ भारत की मदद की पेशकश की है.”

इसमें कहा गया, “साफ तौर पर, भारत नेहरू-गांधी द्वारा बनाई गई व्यवस्था के सहारे है. कई गरीब देश भारत को मदद की पेशकश कर रहे हैं. इससे पहले, पाकिस्तान, रवांडा और कॉन्गो जैसे देश दूसरों से मदद लेते थे. लेकिन आज के शासकों की गलत नीतियों के चलते, भारत आज इस स्थिति से गुजर रहा है.”

शिवसेना ने कहा कि जहां गरीब देश अपने-अपने तरीके से भारत की मदद कर रहे हैं, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 20,000 करोड़ रुपये की महत्त्वकांक्षी सेंट्रल विस्टा परियोजना को रोकने के लिए तैयार नहीं है.

पार्टी ने इस बात पर आश्चर्य जताया कि किसी को भी इस बात का अफसोस नहीं है कि एक तरफ भारत बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान जैसे देशों से मदद ले रहा है वहीं दूसरी तरफ मोदी नये संसद भवन और प्रधानमंत्री आवास के निर्माण के लिए कई करोड़ की सेंट्रल विस्टा परियोजना का काम रोकने को तैयार नहीं हैं.

शिवसेना ने कहा कि दुनिया Covid -19 वैश्विक महामारी की दूसरी लहर से जूझ रही है और विशेषज्ञों का अनुमान है कि तीसरी लहर और खतरनाक होगी. लेकिन सत्तारूढ़ भाजपा को आज भी बस पश्चिम बंगाल ( West Bengal)  में ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) को कैसे भी घेरने की पड़ी है.

‘सामना’ के संपादकीय में कहा कि भाजपा सांसद सुब्रमण्यिन स्वामी (BJP MP Subramanian Swamy) ने स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry)केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Union minister Nitin Gadkari) को देने की मांग की है और यह इस बात का सबूत है कि मौजूदा स्वास्थ्य मंत्रालय पूरी तरह विफल रहा है.

अल-अक्सा मस्जिद में फलस्तीनियों और इजराइल पुलिस के बीच झड़प, कई लोग घायल

फलस्तीन श्रद्धालुओं की शुक्रवार देर रात अल-अक्सा मस्जिद परिसर में इजराइली पुलिस के साथ झड़प हो गई जिसमें कई लोगों के घायल होने की खबर है.

अल-अक्सा मुसलमानों और यहूदियों का पवित्र धार्मिक स्थल है. यरुशलम में हाल के हफ्तों में हिंसा बढ़ गई है.

फलस्तीनी रेड क्रीसेंट आपात सेवा ने बताया कि पुलिस के साथ झड़प में मस्जिद तथा यरुशलम में अन्य जगहों पर 136 लोग घायल हो गए जिनमें से 83 को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उसने बताया कि ज्यादातर लोगों को रबड़ की गोलियों और ग्रेनेड फटने से निकलने वाले टुकड़ों से चोटें लगी हैं.

इजराइल ने छह पुलिस अधिकारियों के घायल होने की जानकारी दी है.

इससे पहले शुक्रवार को इजराइली सेना ने दो फलस्तीनियों को गोली मार दी. उन्होंने यह कार्रवाई तब की है जब एक व्यक्ति ने इजराइल के अर्द्धसैन्य सीमा पुलिस बल के अड्डे पर गोलीबारी कर दी थी.

पूर्वी यरुशलम में हाल के हफ्तों में तनाव बढ़ गया है. इजराइल और फलस्तीन दोनों यरुशलम पर अपना दावा जताते हैं.

Kangana Ranaut Corona Positive : कंगना रनौत कोरोना संक्रमित, खुद को घर पर किया क्वारंटीन

फ़िल्म अभिनेत्री कंगना रनौत (Kangana Ranaut) कोरोना संक्रमित पाई गई हैं. उन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी दी हैं. मिली जानकारी के मुताबिक़ एक दिन पहले कोरोना टेस्ट करवाया था, जिसकी रिपोर्ट आज पॉजिटिव आई है. कंगना ने ख़ुद को घर में ही क्वारंटीन कर लिया है और डॉक्टर्स की सलाह ले रही हैं. 

Crona Crisis : पाबंदियों में ढील से गहरा सकता है महामारी का संकट – WHO की चेतावनी

विश्व स्वास्थ्य संगठन ( World Health Organisation-WTO ) के एक शीर्ष अधिकारी ने कहा कि कोरोना वायरस के विभिन्न स्वरूपों के कारण मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. साथ ही, देशों को आगाह किया कि प्रभावी कदम में जरा भी ढील से महामारी की स्थिति और गंभीर हो सकती है.

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के आपात सेवा प्रमुख डॉ माइकल रेयान ने कहा कि वायरस तेजी से एक से दूसरे देश में फैलता है और जो नेता सोचते हैं कि टीकाकरण से ही महामारी खत्म हो जाएगी तो वे गलती कर रहे हैं.

रेयान ने कहा, ‘‘यह मानवीय व्यवहार, वायरस के नए-नए स्वरूप के उभरने और कई अन्य पहलुओं पर निर्भर करता है. ’’ उन्होंने कुछ नेताओं से स्थिति की ‘‘भयावह वास्तविकता’’ को स्वीकार करने के लिए कहा.

भारत में भी संक्रमण और मौतों की संख्या बढ़ी है. रेयान ने कहा, ‘‘कुछ देश अच्छी स्थिति में नहीं हैं. आपको अपने स्वास्थ्य ढांचे की रक्षा करनी चाहिए. आपको ऑक्सीजन की आपूर्ति बहाल करनी चाहिए.’’

Pakistan में हिंदू महिला ने प्रतिष्ठित केन्द्रीय सर्वोच्च सेवा परीक्षा पास की

पाकिस्तान में पहली बार किसी हिंदू महिला ने देश की प्रतिष्ठित केन्द्रीय सर्वोच्च सेवा (सीएसएस) परीक्षा पास की है और उसका पाकिस्तान प्रशासनिक सेवा (पीएएस) में चयन हो गया है.

पाकिस्तान के सबसे अधिक हिंदू आबादी वाले सिंध प्रांत के शिकारपुर जिले के ग्रामीण इलाके की रहने वालीं सना रामचंद एमबीबीएस डॉक्टर हैं.

वह सीएसएस की परीक्षा पास करने वाले 221 अभ्यर्थियों में शामिल हैं. 18,553 परीक्षार्थियों ने यह लिखित परीक्षा दी थी. विस्तृत चिकित्सा, मनोवैज्ञानिक और मौखिक परीक्षा के बाद अंतिम परिणाम जारी किए गए हैं.

परिणाम घोषित होने के बाद रामचंद ने ट्वीट किया, ”वाहे गुरू जी का खालसा वाहे गुरू जी की फतेह”.

इसके साथ ही उन्होंने लिखा, ”मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है अल्लाह के फजल से मैंने सीएसएस 2020 की परीक्षा पास कर ली है और पीएएस के लिए मेरा चयन हो गया है. इसका पूरा श्रेय मेरे माता-पिता को जाता है.”

बीबीसी उर्दू की खबर के अनुसार रामचंद पहली हिंदू महिला हैं, जिनका सीएसएस परीक्षा के बाद पीएएस के लिए चयन हुआ है.

रामचंद ने सिंध प्रांत के चंदका मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस किया और सिविल अस्पताल कराची में हाउस जॉब पूरी की. फिलहाल वह सिंध इंस्टिट्यूट ऑफ यूरोलॉजी एंड ट्रांसपेरेंट से एफसीपीएस की पढ़ाई कर रही हैं और जल्द ही एक योग्य सर्जन बन जाएंगी.

आईएनएस विक्रमादित्य (INS Vikramaditya) में लगी आग, सभी कर्मी सुरक्षित : नौसेना

भारत के विमान वाहन पोत आईएनएस विक्रमादित्य (INS Vikramaditya) में शनिवार सुबह मामूली आग लग गई. नौसेना के एक प्रवक्ता ने यहां एक बयान में बताया कि आग बुझा दी गई है और पोत में सवार सभी कर्मी सुरक्षित हैं.

बयान में कहा गया है, ‘‘ड्यूटी पर तैनात कर्मियों ने युद्धक विमान में नौसैनिकों के रहने वाले हिस्से से धुआं उठते देखा.’’

इसमें कहा गया, ‘‘पोत के ड्यूटी कर्मियों ने आग को बुझाने के लिए तत्काल कार्रवाई की. पोत में सवार सभी कर्मियों की गिनती की गई और कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है.’’

नौसेना प्रवक्ता ने बताया कि इस घटना की जांच के आदेश दिए गए हैं. पोत बंदरगाह में खड़ा है.

कोरोना प्रबंधन में सरकार विफल, समाजवादी कार्यकर्ता पीड़ितों की मदद करें : अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर कोरोना प्रबंधन और नियंत्रण में पूरी विफल रहने का आरोप लगाते हुए समाजवादी कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों तथा नवनिर्वाचित पंचायत प्रतिनिधियों को निर्देश दिया कि वे अपने आप को सुरक्षित रखते हुए अपने गांव, आसपास की जनता की भरपूर सहायता का संकल्प लें और यथासंभव मदद करें.

अखिलेश ने शुक्रवार को बयान जारी कर कहा, ‘‘आज के हालात में कोरोना संक्रमण लगातार बढ़ता जा रहा है और अब शहरों, महानगरों के बाद ग्रामीण क्षेत्रों तक इसका विस्तार हो गया है, गांवों में तो स्वास्थ्य सेवायें नहीं के बराबर हैं और वहां संक्रमितों की जांच ही नहीं हो रही है, और उपचार तो दूर की बात है.’’

यादव ने कहा, ”यह बात जगजाहिर हो गई है कि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार के कुप्रबंधन तथा भ्रष्टाचार ने स्वास्थ्य सेवाओं को बर्बाद कर दिया है और दिन प्रतिदिन हालत बिगड़ती जा रही है.”

उन्होंने दावा किया, ”कोरोना से संक्रमित होने वालों की संख्या न कम हो रही है और न मौतों का सिलसिला थम रहा है, ऑक्सीजन की कमी से उखड़ती सांसों के दौर में भी भाजपा सरकार संवेदनशून्य बनी हुई है.”

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चाहे जो दावे करें हकीकत में कोरोना के मरीज अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं और एम्बुलेंस में या स्ट्रेचर में इलाज तथा ऑक्सीजन के अभाव में दम तोड़ रहे हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि दवाएं, इंजेक्शन, सर्जिकल उपकरण, बाजार से गायब हैं और इनकी कालाबाजारी को सरकार रोकने में अक्षम है तथा समाजवादी पार्टी ने अपनी सरकार के समय में जो स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की थी, उन्हें भाजपा सरकार ने आते ही बर्बाद कर दिया.

Covid-19 महज फेफड़े की बीमारी नहीं है, इससे खतरनाक तरीके से खून का थक्का भी जम सकता है : एक्स्पर्ट्स

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Covid-19 महज फेफड़े की बीमारी नहीं है जैसा कि पहले की अवधारणा थी, बल्कि इससे खतरनाक तरीके से खून का थक्का भी जम सकता है जिसे तुरंत हटाने की जरूरत होगी ताकि कुछ मामलों में अंगों को बचाया जा सके. यह बात विशेषज्ञों ने कही है.

वैश्विक स्तर पर किए गए शोध में बताया गया है कि अस्पताल में भर्ती Covid-19 के 14 से 28 फीसदी रोगियों में रक्त थक्का जमने की बात सामने आई है जिसे डीप वेन थ्रोम्बोसिस (Deep Vein Thrombosis-DVT) के नाम से जाना जाता है. वहीं दो से पांच फीसदी रोगियों में आर्टेरियल थ्रोम्बोसिस (Arterial Thrombosis) का मामला सामने आया.

विशेषज्ञों ने बताया कि संक्रमण फेफड़े के साथ रक्त कोशिकाओं से भी जुड़ा हुआ है. दिल्ली के सर गंगा राम अस्पताल के वाहिका एवं अंत:वाहिका सर्जन डॉ. अंबरीश सात्विक ने कहा, ‘‘हम औसतन हर हफ्ते इस तरह के पांच-छह मामलों को देख रहे हैं. इस हफ्ते प्रतिदिन इस तरह का एक मामला सामने आ रहा है.’’

दक्षिण पश्चिम द्वारका के आकाश हेल्थकेयर में हृदय विभाग के डॉ. अमरीश कुमार ने कहा कि Covid-19 के ऐसे रोगियों में रक्त थक्का जमने का मामला आ रहा है जिनमें टाईप-टू मधुमेह मिलेटस (Type-2 Diabetes Mellitus) है, हालांकि निश्चित कारण अभी तक पता नहीं चला है.

डीवीटी एक गंभीर स्थिति है जिसमें शरीर के अंदर स्थित नाड़ियों में रक्त थक्का जम जाता है. आर्टेरियल थ्रोम्बोसिस धमनियों में थक्का जमने से जुड़ा हुआ है.

सात्विक ने इस हफ्ते की शुरुआत में ट्वीट कर Covid-19 का रक्त थक्का बनने से संबंध की तरफ ध्यान आकर्षित किया था, जिसमें उन्होंने Covid-19 से पीड़ित एक रोगी के अंग की धमनी में बने रक्त थक्के की तस्वीर पोस्ट की थी.

Corona Crisis : आप खुद हैं कोरोना महामारी से बचने की दवा

आज पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। ऐसे हालात में आखिर मानवजाति करे तो क्या करे? डर का माहौल चारो तरफ फैला हुआ है। लाखो की तादाद में लोग मर रहे है ऐसे हालात में इन्सान को क्या करना चाहिए, क्या नहीं यह किसी को मालूम नहीं। हर कोई इस महामारी बीमारी से बचना चाहता है, लेकिन कैसे बचे मालूम नही। कुदरत ऐसा कोई चमत्कार नहीं दिखा रही है जिन चमत्कारों के जरिए मानवजाति बच सके। हजारों साल पहले जब भी दुनिया में ऐसी कोई महामारी या बीमारी आती थी तो मानवजाति अपने हाथों को उठा कर मन्दिर मस्जिद में दुआ और प्रार्थना किया करती थी जिससे हमारी जो भी मुश्किलें हुआ करती थीं वह दूर हो जाती थी।

लेकिन आज हमारा दुर्भाग्य है कि मंदिर मस्जिद और गिरजाघर जैसे पवित्र स्थानों पर भी ताले लग चुके हैं, खैर कोई बात नहीं, आपका और हमारा खुदा हमारे दिल मे है, आप को डरने की जरूरत नहीं है। कोरोना बीमारी से बचने की दवा हमारे अंदर भी मौजूद है। इस बीमारी से हम आज बहुत ज़्यादा डरे हुए हैं। ऐसे में अगर बचना है तो सब से पहले टीवी और समाचार को देखना, सुनना हमें बंद करना होगा। अगर देखना ही है तो मनोरंजन जैसी चीजों को देखना और सुनना चाहिए, ताकि हमारा दिमाग संतुलित रहे। हमें अपने दिमाग के अंदर डर को पैदा नहीं करना है जब तक टीवी हम देखना सुनना बंद नहीं करेंगे तब तक कोरोना हमारे अंदर फैलता रहेगा। डर ही एक ऐसी चीज है जो आप के शरीर को कमजोर करता है ऐसे में आप को समझने की कोशिश करनी चाहिए आप मजबूत कैसे बने?

मान लीजिए अंधेरी रात में किसी को जंगल में ले जा कर छोड दिया जाए तो सोचिए की उस इन्सान की सोच किस हद तक डर को पैदा करेगी? आप जानते हैं डर ही ज्यादातर हार्टअटैक का कारण बनता है, आपको पता है कि आपकी सोच ही आप के डर को जन्म देती हैं, एक कहावत है अगर आप डरे तो मरे।

आपने अपने जीवन में हो सकता है, एक कहानी सुनी होंगे कि किसी देश में डॉक्टरो ने एक प्रयोग किया था कि मानवजाति का दिमाग और उसकी सोच किस तरह काम करती है, डॉक्टरों ने ऐसे दो इंसानों को चुना था जिनको वहां की सरकार ने सजा-ए-मौत का हुक्म दिया था। डॉक्टरों ने उन दोनो कैदियों को बताया कि हम एक ऐसा प्रयोग करना चाहते है जिससे मानवजाति का विकास हो सके।

यह सुनकर उन दोनों कैदियों ने यह सोचा कि हमने कभी जीवन में कोई भी अच्छा काम नहीं किया हैं। जिसके जरिए लोग हमे याद रखे। ऐसा मौका इंसानों को बहुत कम मिलता है जो हम दोनों को मिला है क्यों ना हम आने वाली अपनी पीढ़ियों और मानवजाति के विकास के लिए कुछ कर गुजरे।

खैर दोनो कैदी राजी हो गए डाक्टर उन दोनों कैदियों को प्रयोगशाला लेकर गए और इनपर प्रयोग शुरू कर दिया। एक कैदी को कहा हम आपके सामने दूसरे कैदी को सांप से कटवाएंगे। फिर आपको भी उस सांप से आप की आंखों पर पट्टी बांधकर कटवाएंगे। ये देख कर दूसरे कैदी के होश उड़ गए।

दूसरे कैदी के आंखों पर पट्टी बांधकर सांप के बदले उस कैदी को चूहे से कटवाया गया, आपको पता है जब उन दोनो कैदियों का खून लेकर लैब मे जब जांच करवाया गया आप विश्वास नही करेंगे कि दोनों कैदियो के खून में सांप का ही जहर मिला। सोचिए आप का डर आप के शरीर के लिए कितना खतरनाक है आप अपनी सोच को मजबूत बनाइए। अफवाह से बचें और आज जो भी सोशल मीडिया पर दवाइयों के बारे में बताया जा रहा है आप उस पर ध्यान ना देकर किसी अच्छे डॉक्टर से सलाह मशविरा करके अपना इलाज करवाइएगा।

आपको मालूम है, ऐसा क्यों हुआ? डॉक्टरों ने एक कैदी के आंख पर पट्टी बांध दी और दूसरे कैदी को बोला तुम इसे बस देखो हम इसे सांप से कटवा रहे है और इसके बाद आप को इसी सांप से कटवाएंगे। यह देख कर कैदी बहुत ज्यादा डर गया। जैसे कि हमने आप को ऊपर बताया है इंसान की सोच ही इंसान के शरीर में जहर को पैदा करती है और इंसान की सोच ही उसके शरीर के जहर को खत्म भी करती है। दूसरे कैदी के आंख पर पट्टी बांधकर उसे चूहों से कटवाया गया और उसकी सोच पूरी तरह से मान लिया कि मुझे सांप ने काट लिया है उसकी सोच इतनी मजबूत हो गई कि उसके शरीर में जहर पाया गया।

आपको पता है इतना सब आप को समझाने का मतलब क्या है कि आप सभी लोग अपनी सोच की शक्ति को समझने की कोशिश करें ताकि आप अपने आप को भी बचा सकें और अपने परिवार को भी और इसे भी बड़ी बात है की हमारी सरकार ने जो वैक्सीन यानी जो टीका लेकर आई है हमारे जीवन के लिए सुरक्षित है। किसी के बहकावे में ना आए, टीका जरूर लगवाए। मास्क का इस्तेमाल करें और बिना जरूरत घर से बाहर ना निकलें।

आर राजवर्धन

मोदी सरकार ने जनता को निराशा किया, कोरोना के हालात को लेकर सर्वदलीय बैठक बुलाई जाए: सोनिया गांधी

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) को लेकर अपनी जिम्मेदारियों से पीछे हटने और जनता को निराश करने का आरोप लगाया और आग्रह किया कि मौजूदा हालात पर चर्चा के लिए तत्काल एक सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए.

कोरोना के हालात पर चर्चा के लिए हुई कांग्रेस सांसदों की डिजिटल बैठक में सोनिया ने यह भी कहा कि स्वास्थ्य संबंधी संसद की स्थायी समिति की बैठक बुलाई जाए ताकि महामारी से बेहतर ढंग से निपटने के लिए कदम उठाना और जवाबदेही तय करना सुनिश्चित हो सके.

उन्होंने कहा, ‘‘देश एक अप्रत्याशित स्थिति का सामना कर रहा है. हजारों लोगों की मौत हो गई है और लाखों लोग बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाएं पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. यह देखना दुखद है कि लोग अस्पतालों में और सड़कों पर अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं तथा किसी भी तरह चिकित्सा सुविधा चाहते हैं.’’

उन्होंने सवाल किया, ‘‘ मोदी सरकार क्या कर रही है? लोगों की पीड़ा और दर्द को कम करने की बजाय उसने जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों और कर्तव्यों से पल्ला झाड़ लिया है’’

सोनिया के मुताबिक, सरकार के खुद के विशेषाधिकार समूह और राष्ट्रीय कार्य बल ने मोदी सरकार को आगाह किया था कि कोरोना की दूसरी लहर आएगी और इसके लिए तैयारी करने का भी आग्रह किया था.

उन्होंने कहा, ‘‘स्वास्थ्य संबंधी संसद की स्थायी समिति और विपक्षी दलों ने हमारी तैयारियों को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की थी. इसके बावजूद प्रधानमंत्री ने इस साल अंहकार के साथ ऐलान कर दिया कि उन्होंने कोरोना महामारी पर जीत हासिल कर ली है तथा उनकी पार्टी ने इस तथाकथित सफलता के लिए उन्हें सम्मानित भी किया.’’

सोनिया ने दावा किया, ‘‘विशेषज्ञ की सलाह की उपेक्षा करते हुए मोदी सरकार ने ऑक्सीजन, दवाओं और वेंटिलेंटर की आपूर्ति को मजबूत नहीं किया. हमारे लोगों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार टीकों का समय पर ऑर्डर देने में विफल रही. इसके साथ ही, वह उन परियोजनाओं के लिए हजारों करोड़ रुपये आवंटित करती रही जिसका जनता के कल्याण से कोई लेना-देना नहीं है.’’

उन्होंने कांग्रेस सांसदों से कहा, ‘‘आपको पता है कि संसद ने कोरोना के मुफ्त टीकाकरण के लिए 35000 रुपये का प्रावधान किया, लेकिन मोदी सरकार इसका बोझ भी राज्य सरकारों पर पर डाल रही है. उसने टीकों की अलग अलग कीमत को मंजूर दी है तथा टीकों का निर्माण बढ़ाने के लिए जरूरी लाइसेंस भी नहीं दिए.’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया, ‘‘मोदी सरकार की गैरबराबरी वाली टीकाकरण नीति के कारण करोड़ों दलित, आदिवासी, ओबीसी, गरीब और कमजोर लोग टीके से उपेक्षित रह जाएंगे. यह हैरान करने वाली बात है कि मोदी सरकार लोगों के प्रति अपनी नैतिक प्रतिबद्धता और कर्तव्यों को छोड़ दिया है.’’

उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘यह स्पष्ट करने की जरूरत है कि व्यवस्था विफल नहीं हुई है. मोदी सरकार भारत की कई क्षमताओं और संसाधनों का उपयोग करने में अक्षम रही है. मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहती हूं कि आज भारत को उस राजनीतिक नेतृत्व ने निर्बल बना दिया है जिसे जनता के प्रति कोई सहानुभूति नहीं है। मोदी सरकार ने हमारे देश के लोगों को निराश किया है.’’

उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी और खुद की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्रों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने विपक्ष के सुझावों को अनसुना कर दिया.

सोनिया ने कहा, ‘‘कोविड का संकट ‘सरकार बनाम हम’ की लड़ाई नहीं है, ‘बल्कि हम बनाम कोरोना’ है. हम एक राष्ट्र के तौर पर इस लड़ाई को लड़ना होगा. मेरा मानना है कि मोदी सरकार को कोविड के हालात को लेकर तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए.’’

सोनिया ने कहा, ‘‘कांग्रेस की यह मांग भी है कि संसद की स्थायी समिति की बैठक भी बुलाई जाए ताकि महामारी से बेहतर ढंग से निपटने के लिए सामूहिक कार्रवाई और जवाबेदही सुनिश्चित की जा सके.

कांग्रेस अध्यक्ष ने संकट की इस घड़ी में लोगों की सहायता करने के लिए पार्टी और उसके विभिन्न संगठनों खासकर युवा कांग्रेस की तारीफ भी की.