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केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने किया दावा- कहा कभी भी गिर सकती है राजस्थान की अशोक गहलोत सरकार

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केंद्रीय संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने गुरुवार को कहा कि राजस्थान की कांग्रेस सरकार ‘अस्थिर’ है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के मतभेदों के कारण यह सरकार किसी भी वक्त गिर सकती है. मेघवाल ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच इसी तरह के मनमुटाव के कारण नौ महीने पहले कांग्रेस की सरकार गिर गई थी.

मेघवाल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब पायलट ने विद्रोह किया था (गहलोत सरकार पर आए पिछले संकट के दौरान) तो गहलोत ने नाराज विधायकों को समझाने के लिए उनके बाड़ेबंदी की थी. इस दौरान राजस्थान के मुख्यमंत्री ने इन विधायकों को आश्वासन दिया था कि वह उन्हें या तो मंत्री बना देंगे या निगम-मंडल में जगह दे देंगे.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब गहलोत अपना यह आश्वासन पूरा नहीं कर पा रहे हैं. इसलिए अपनी सरकार की स्थिरता को लेकर खुद उनके मन में डर बैठा हुआ है.’

मेघवाल ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश में कांग्रेस की सरकार कमलनाथ और सिंधिया के बीच मनमुटाव से गिरी थी. राजस्थान में भी गहलोत और पायलट के बीच ऐसे ही मतभेद हैं.’’ गुरुवार को अपने कार्यकाल के दो साल पूरे करने वाली गहलोत सरकार के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘राजस्थान में कांग्रेस की सरकार पिछले दो साल से अस्थिर है. अस्थिर सरकार अब कभी भी गिर सकती है.’’ उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, ‘‘भाजपा किसी भी दल की सरकार गिराने में विश्वास करती ही नहीं है. अब कोई सरकार अपने ही भार से गिर जाए, तो इसमें हम भला क्या कर सकते हैं?’’

मेघवाल ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार के नये कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन से कुछ ऐसे लोग जुड़ गए हैं जिनका अन्नदाताओं से कोई संबंध नहीं है और इस कारण आंदोलन के लोग ‘भ्रमित’ हो रहे हैं.उन्होंने हालांकि जोर देकर कहा, ‘‘मेरा मानना है कि सरकार से संवाद के माध्यम से किसानों की समस्याओं का निश्चित रूप से समाधान होगा.’’

एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने इंदौर आए मेघवाल ने यह भी कहा कि कोविड-19 संकट के मद्देनजर आधारभूत संरचना और अन्य क्षेत्रों में सरकार की ओर से उठाए कदमों से देश की अर्थव्यवस्था तेजी से पटरी पर लौट रही है, खासकर वाहन उद्योग में बड़ा सुधार दर्ज किया गया है.

पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय को बेचने के लिए OLX पर डाला, चार गिरफ्तार

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय को बेचने के लिए ओएलएक्स पर पोस्ट करने वाले चार लोगों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. वाराणसी के एसएसपी के मुताबिक, सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. ग़ौरतलब है कि शरारती तत्वों ने ओएलएक्स पर पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय की कीमत साढ़े सात करोड़ रुपये लगाई है. हालांकि यह विज्ञापन सोशल मीडिया पर गुरुवार को वायरल होने लगा तो उसे ओएलएक्स से हटा दिया गया.

विज्ञापन में में लिखा है कि हाउसेज एंड विला, चार बेडरूम बाथरूम के साथ, बिल्डअप एरिया 6500 वर्ग फुट, दो मंजिल भवन में दो कार पार्किंग के साथ ही नार्थ ईस्ट फेसिंग है. ओएलएक्स पर बेचे जा रहे जवाहरनगर एक्सटेंशन में पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय कार्यालय की कीमत करीब साढ़े सात करोड़ लगाई गई है. ओएलएक्स पर विज्ञापन में जानकारी दी गई.

इसके साथ ही प्रोजेक्ट का नाम पीएमओ कार्यालय वाराणसी लिखा गया है. हालांकि विक्रेता लक्ष्मीकांत ओझा द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर कई बार फोन करने के बाद भी कॉल रिसीव नहीं हुई. वहीं ओएलएक्स के इस विज्ञापन से देर शाम तक भेलूपुर थाने की पुलिस भी अनजान बनी रही.

सोमालिया के प्रधानमंत्री के पहुंचने से पहले स्टेडियम में हुआ विस्फोट, आत्मघाती हमले में मारे गए 15 लोग, कई हुए घायल

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सोमालिया के मध्य शहर गलकायो में शुक्रवार को एक आत्मघाती हमलावर ने एक स्टेडियम पर हमला किया, जिसमें 15 लोग मारे गए। यह घटना देश के नए प्रधानमंत्री मोहम्मद हुसैन रोबल के वहां पहुंचने से कुछ देर पहले हुई.

गलकायो के एक पुलिस अधिकारी अली हसन ने कहा कि विस्फोट स्टेडियम के प्रवेश द्वार पर हुआ. इसमें कई लोग घायल भी हुए हैं. स्थानीय खबरों के मुताबिक, विस्फोट में मारे गए लोगों में सोमाली सेना के कुछ उच्च रैंक वाले सदस्य भी शामिल हैं.

सोमालिया के अल-शबाब जिहादी विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को कोविड-19 अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा जांच करने का दिया निर्देश

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सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को शुक्रवार को निर्देश दिया कि वे कोविड-19 (Covid-19) समर्पित अस्पतालों में आग से सुरक्षा की व्यवस्था की जांच करें ताकि देश में अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं को रोका जा सके.

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 समर्पित अस्पतालों को चार सप्ताह के अंदर अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र का नवीकरण कराने का निर्देश देते हुए कहा कि ऐसा ना करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

न्यायमूर्ति अशोक भूषण के नेतृत्व वाली एक पीठ ने कहा कि जिन अस्पतालों के अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र की समय सीमा खत्म हो चुकी है, उन्हें चार सप्ताह के अंदर इसे हासिल करना होगा.

न्यायमूर्ति आर एस रेड्डी और न्यायमूर्ति एम आर शाह भी इस पीठ में शामिल थे. पीठ ने कहा कि राजनीतिक रैलियों और कोविड-19 से जुड़े निर्देशों के पालन के मुद्दे को निर्वाचन आयोग देखेगा.

सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के राजकोट के एक कोविड-19 अस्पताल में आग लगने की घटना के बाद संज्ञान लिया था. इस घटना में कई मरीजों की मौत हो गई थी. न्यायालय ने कहा कि जिन अस्पतालों ने अब तक अग्नि अनापत्ति प्रमाण पत्र हासिल नहीं किया है, वे जल्द से जल्द इसे हासिल करें.

कोर्ट ने कहा कि राजकोट और अहमदाबाद के अस्पताल में आग लगने की जो घटना हुई, वह कहीं और न हो, इसे सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक राज्य इस संबंध में नोडल अधिकारी नियुक्त करने के लिए बाध्य है.

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को निर्देश दिया है कि वे चार सप्ताह के भीतर अनुपालन का हलफनामा दाखिल करें. पीठ ने कहा कि अगर कोविड-19 अस्पतालों में आग से संबंधित सुरक्षा नहीं है तो राज्य सरकार इस पर कार्रवाई करेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 मरीजों के उचित इलाज और अस्पतालों में कोविड-19 से मरने वाले मरीजों के शवों के सम्मानजनक तरीके से रखे जाने के मामले में स्वत: संज्ञान लिया था और इसकी सुनवाई के दौरान ही राजकोट अस्पताल में आग का मामला भी आया.

15 दिसंबर को इस मामले की सुनवाई करते हुए पीठ ने केंद्र सरकार से कहा था कि पिछले सात-आठ महीने से कोविड-19 ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों को छुट्टी की मंजूरी पर विचार करें. अदालत का कहना था कि लगातार काम करने से डॉक्टरों के मानसिक स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है.

अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर कोलकाता पहुंचे, पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले लेंगे BJP की तैयारियों का जायजा

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले BJP की तैयारियों का जायजा लेने के लिए केंद्रीय गृहमंत्री एवं पार्टी के पूर्व अध्यक्ष अमित शाह शुक्रवार देर रात करीब एक बजे के बाद कोलकाता के अपने दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे.

कोलकाता पहुंचने के बाद उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं गुरुदेव टेगौर, ईश्वर चंद्र विद्यासागर और श्यामा प्रसाद मुखर्जी की इस पावन धरती को नमन करता हूं.’’

कयास लगाए जा रहे हैं कि तृणमूल कांग्रेस और राज्य मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री का पद छोड़ने वाले प्रभावशाली नेता शुभेंदु अधिकारी और शीलभद्र दत्ता तथा जितेंद्र तिवारी जैसे तृणमूल कांग्रेस के कुछ असंतुष्ट नेता, शाह के बंगाल दौरे के दौरान भाजपा में शामिल होंगे.

शाह शनिवार को मिदनापुर में एक जनसभा को संबोधित करेंगे जहां तृणमूल कांग्रेस के कई नेता भाजपा में शामिल हो सकते हैं.

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा कि शाह और पार्टी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा विधानसभा चुनाव होने तक हर महीने प्रदेश के दौरे पर आएंगे.

BJP ने केजरीवाल का कृषि कानूनों की प्रतियों के फाड़ने को बताया ‘राजनीतिक स्टंट’

दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की आलोचना की, जिन्होंने गुरुवार को विधानसभा में तीन कृषि कानूनों की प्रतियां फाड़ते हुए इन्हें किसानों के हितों के खिलाफ बताया.

गुप्ता ने कहा कि यह पंजाब की राजनीति के मद्देनजर एक ‘राजनीतिक स्टंट’ और ‘नौटंकी’ है.

केजरीवाल ने दिल्ली विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान हाल ही में लाए गए कृषि कानूनों को लेकर भाजपा शासित केंद्र की आलोचना की और कहा कि वह किसानों को धोखा नहीं दे सकते.

गुप्ता ने कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख ने विधानसभा में कृषि कानूनों की प्रतियों को फाड़कर संवैधानिक गरिमा को ‘नौटंकी’ में बदल दिया.

उन्होंने कहा, ‘कृषि कानूनों का केजरीवाल का विरोध सिर्फ एक राजनीतिक स्टंट है. जब उन्हें पता चला कि पंजाब के किसानों का एक वर्ग नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहा है, तो राज्य में राजनीतिक जमीन बचाने के लिए, उन्होंने इसका विरोध करने का नाटक करना शुरू कर दिया.’

बता दें कि गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में केंद्र के कृषि से संबंधित तीनों नए कानूनों की प्रतियों को फाड़ते हुए कहा कि वह देश के किसानों के साथ छल नहीं कर सकते.

दिल्ली विधानसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कानूनों को भाजपा के चुनावी ‘फंडिंग’ के लिए बनाया गया है और यह किसानों के लिए नहीं है.

अब तक इस आंदोलन में 20 प्रदर्शनकारी किसानों की मौत हो चुकी है. किसानों की मौत पर केजरीवाल ने कहा अब केंद्र को अब ‘जाग’ जाना चाहिए.

केजरीवाल ने तीनों कानूनों की प्रतियों को फाड़ते हुए कहा, ‘मुझे ऐसा करते हुए दुख हो रहा है. मैं ऐसा नहीं करना चाहता था लेकिन मैं देश के किसानों के साथ छल नहीं कर सकता…जो ठंड में सड़कों पर सो रहे हैं..जब तापमान दो डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है.’

उन्होंने कहा, ‘मैं सबसे पहले इस देश का नागरिक हूं, मुख्यमंत्री बाद में. विधानसभा तीनों कानूनों को खारिज करती है और केंद्र सरकार को किसानों की मांगों को स्वीकार करना चाहिए.’

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढकर 2,45,398 हुए

बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के 588 नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या 2,45,398 हो गयी, वहीं पांच और लोगों की मौत हो जाने से बृहस्पतिवार को मृतक संख्या 1337 हो गई.

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान कोरोना वायरस संक्रमण से पटना में चार एवं अरवल जिले में एक-एक मरीज की मौत हो जाने से मृतक संख्या बढ़कर 1337 हो गयी.

बिहार में संक्रमण के 588 नए मामले सामने आने से संक्रमितों की संख्या 2,45,398 हो गयी है.

मॉर्डना के Covid-19 टीके के आपात इस्तेमाल की इजाजत, एक सप्ताह पहले फाइजर- बायोएनटेक की वैक्सीन को दी थी मंजूरी

अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) की सलाहकार समिति ने मॉर्डना द्वारा विकसित कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल की मंजूरी दे दी. लगभग एक सप्ताह पहले फाइजर के कोविड-19 टीके के आपात इस्तेमाल को मंजूरी दी गई थी.

स्वतंत्र वैज्ञानिकों एवं लोक स्वास्थ्य विशेषज्ञों वाली एफडीए की वैक्सिन ऐंड रिलेटड बायोलॉजिकल प्रोडक्ट्स एडवाइजरी कमेटी ने बृहस्पतिवार को एक बैठक में मॉर्डना के कोविड-19 टीके ‘एमआरएनए-1273’ के आपात इस्तेमाल की सिफारिश करते हुए इसके पक्ष में मतदान किया.

एफडीए ने अमेरिकी दवा कंपनी फाइजर और उसके जर्मनी के सहयोगी बायोएनटेक द्वारा विकसित कोविड-19 के टीके के आपात इस्तेमाल की मंजूरी शुक्रवार को दी थी। अमेरिका में अब तक 3,10,000 से ज्यादा लोगों की मौत इस खतरनाक वायरस की वजह से हो चुकी है.

खाद्य एवं औषधि आयुक्त स्टीफन हान ने कहा कि मॉर्डना के कोविड-19 टीके को लेकर सलाहकार समिति की बैठक से निकले निष्कर्ष के अनुरूप एफडीए ने कंपनी को सूचित किया है कि टीके के आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी संबंधी आगे की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी.

उन्होंने कहा कि एजेंसी ने अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र तथा ऑपरेशन वार्प स्पीड को भी इस संबंध में सूचित किया है ताकि वे टीका वितरण संबंधी अपनी योजनाओं पर काम शुरू कर सकें.

गणतंत्र दिवस के दिन रखी जाएगी अयोध्या मस्जिद की नींव, इस सप्ताह सामने आएगा खाका

बाबरी मस्जिद के स्थान पर बनने वाली मस्जिद का खाका इस शनिवार को सामने रखा जाएगा और इसके लिए यहां आवंटित पांच एकड़ जमीन पर इसकी आधारशिला गणतंत्र दिवस पर रखी जाएगी. मस्जिद निर्माण के लिए बनाये गए ट्रस्ट के एक सदस्य ने इस बारे में बताया.

इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (आईआईसीएफ) के सचिव अतहर हुसैन ने बताया, ‘‘ट्रस्ट ने 26 जनवरी 2021 को अयोध्या मस्जिद की आधारशिला रखने का फैसला किया है क्योंकि सात दशक पहले इसी दिन हमारा संविधान अस्तित्व में आया था. हमारा संविधान बहुलवाद पर आधारित है जो कि हमारी मस्जिद परियोजना का मूलमंत्र है.’’

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने मस्जिद के निर्माण के लिए छह महीने पहले आईआईसीएफ का गठन किया था.

परियोजना के मुख्य वास्तुकार प्रोफेसर एस एम अख्तर ने इसे अंतिम रूप दे दिया है जिसके बाद आईआईसीएफ ने 19 दिसंबर को मस्जिद परिसर का खाका सार्वजनिक करने का फैसला किया है. इस परिसर में एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल, एक सामुदायिक रसोई और एक पुस्तकालय होगा.

अख्तर ने बताया, ‘‘मस्जिद में एक समय में 2,000 लोग नमाज अदा कर सकेंगे और इसका ढांचा गोलाकार होगा.’’

उच्चतम न्यायालय ने पिछले साल नौ नवंबर को अयोध्या में विवादित रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद स्थल पर राम मंदिर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त कर दिया था और केंद्र को मस्जिद निर्माण के लिए सुन्नी वक्फ बोर्ड को पांच एकड़ जमीन मुहैया कराने का निर्देश दिया था.

राज्य सरकार ने अयोध्या की सोहावाल तहसील के धन्नीपुर गांव में पांच एकड़ जमीन आवंटित की थी.

अख्तर ने कहा, ‘‘नयी मस्जिद बाबरी मस्जिद से बड़ी होगी लेकिन उसी तरह का ढांचा नहीं होगा. परिसर के मध्य में अस्पताल होगा. पैगंबर ने 1400 साल पहले जो सीख दी थी उसी भावना के अनुरूप मानवता की सेवा की जाएगी.’’

उन्होंने कहा, ‘‘अस्पताल महज कंक्रीट का ढांचा नहीं होगा बल्कि मस्जिद की वास्तुकला के अनुरूप इसे तैयार किया जाएगा. इसमें 300 बेड की स्पेशलिटी इकाई होगी जहां डॉक्टर बीमार लोगों का मुफ्त इलाज करेंगे.’’ उन्होंने कहा कि मस्जिद का निर्माण इस तरह से होगा कि इसमें सौर ऊर्जा के निर्माण की भी व्यवस्था की जाएगी.

हुसैन ने कहा, ‘‘जब हम धन्नीपुर में अस्पताल परियोजना के बारे में बात करते हैं तो एक चीज निश्चित है कि यह मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल होगा.’’ सामुदायिक रसोई में आसपास के गरीबों के लिए दिन में दो बार भोजन परोसा जाएगा.’’

आईआईसीएफ के सचिव ने कहा, ‘‘अस्पताल के लिए हम कॉरपोरेट घरानों से भी मदद की उम्मीद कर रहे हैं. दान के संबंध में मंजूरी मिलने पर कई लोग सहायता करना चाहेंगे. हम विदेशी अंशदान विनियमन कानून (एफसीआरए) के तहत आवेदन करेंगे और विदेशों में भारतीय मूल के मुस्लिमों से धनराशि की मदद देने का अनुरोध करेंगे.’’

‘कार सेवकों’ ने 1992 में दिसंबर में बाबरी मस्जिद को गिरा दिया था. उनका दावा था कि अयोध्या में मस्जिद को प्राचीन राम मंदिर के स्थान पर बनाया गया था.

भारत, बांग्लादेश ने सात समझौते किये, सीमापार रेल सम्पर्क किया बहाल

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बांग्लादेश को ‘पड़ोस प्रथम’ नीति का प्रमुख स्तम्भ बताते हुए कहा कि बांग्लादेश के साथ संबंधों में मजबूती और गहराई लाना उनकी विशेष प्राथमिकता रही है तथा Covid-19 के कठिन समय में दोनों देशों के बीच अच्छा सहयोग रहा है.

मोदी ने बांग्लोदश की समकक्ष शेख हसीना के साथ ऑनलाइन शिखर वार्ता में यह बात कही. दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ते सहयोग के अनुरूप भारत और बांग्लादेश ने हाइड्रोकार्बन, कृषि, कपड़ा और सामुदायिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों में सात समझौतों पर हस्ताक्षर किये. इसके साथ ही सीमापार चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी रेल सम्पर्क को बहाल किया गया जो 1965 तक परिचालन में था.

चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी रेल सम्पर्क को बहाल करने से असम और पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश के लिये सम्पर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. यह कोलकाता से सिलीगुड़ी के बीच 1965 तक मुख्य ब्राडगेज सम्पर्क का एक हिस्सा था.

मोदी और हसीना ने संयुक्त रूप से बांग्लादेश के संस्थापक मुजीबुर रहमान और महात्मा गांधी पर एक डिजिटल प्रदशर्नी का उद्घाटन किया.

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, ‘‘ बांग्लादेश हमारी ‘पड़ोस प्रथम’ नीति का एक प्रमुख स्तम्भ है. बांग्लादेश के साथ संबंधों में मजबूती और गहराई लाना मेरे लिए पहले दिन से ही विशेष प्राथमिकता रही है.’’ उन्होंने कहा कि यह बात सही है कि वैश्विक महामारी के कारण यह वर्ष चुनौतीपूर्ण रहा है. लेकिन संतोष की बात है कि इस कठिन समय में भारत और बांग्लादेश के बीच अच्छा सहयोग रहा.

मोदी ने कहा कि चाहे वो दवाइयों या चिकित्सा उपकरण या फिर चिकित्सा पेशेवरों का एक साथ काम करने का विषय हो, हमारा सहयोग अच्छा रहा है. टीका के क्षेत्र में भी हमारे बीच अच्छा सहयोग चल रहा है. इस सिलसिले में हम आपकी आवश्यकताओं का भी विशेष ध्यान रखेंगे.

वहीं, बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा, ‘‘ भारत एक सच्चा दोस्त है.’’ हसीना ने कहा, ‘‘ मैं भारत के कोविड-19 से निपटने के तरीके की सराहना करना चाहती हूं, उम्मीद है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में भारत महत्वपूर्ण योगदान देगा.’’

दूसरी ओर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘ भूमि सीमा कारोबार में बाधाओं को हमने कम किया. दोनों देशों के बीच सम्पर्क का विस्तार किया गया तथा नए साधनों को जोड़ा गया. यह सब हमारे संबंधों को और मजबूत करने के हमारे इरादों को दर्शाता है.’’

मोदी ने कहा, ‘‘ यह मेरे लिए गर्व की बात है कि आज आपके साथ बंगबंधु के सम्मान में एक डाक टिकट का विमोचन, और बापू और बंगबंधु के ऊपर एक डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन करने का मौका मिल रहा है. मैं आशा करता हूँ कि बापू और बंगबंधु की प्रदर्शनी हमारे युवाओं को प्रेरणा देगी, इसमें विशेष खंड को कस्तुरबा गाँधी जी और पूजनीय बंगमाता जी को भी समर्पित किया गया है. ’’