Home Blog Page 142

संसद पर हुए कायराना हमले को हम कभी नहीं भूलेंगे : प्रधानमंत्री मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकवादी हमले में शहीद हुए सुरक्षाकर्मियों को रविवार को श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत अपनी संसद पर हुए कायराना हमले को कभी नहीं भूलेगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘हम हमारी संसद पर आज ही की तारीख में 2001 में हुए कायराना हमले को कभी नहीं भुलाएंगे. हम हमारी संसद की रक्षा करते हुए अपनी जान गंवाने वालों के बलिदान एवं बहादुरी को याद करते हैं. हम हमेशा उनके शुक्रगुजार रहेंगे.’’

पाकिस्तानी आतंकवादी संगठनों के आतंकियों के हमले में आठ सुरक्षाकर्मियों समेत नौ लोगों ने जान गंवाई थी. सुरक्षा बलों ने सभी पांच आतंकवादियों को मार गिराया था. इस घटना के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बहुत बढ़ गया था.

सुप्रीम कोर्ट ने RT-PCR Test का अधिकतम मूल्य तय करने की संबंधी याचिका पर केन्द्र से मांगा जवाब

0

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने भारत में कोविड-19 ( COVID-19) के लिए आरटी-पीसीआर जांच (RT-PCR Test) का अधिकतम मूल्य तय करने के लिए दायर जनहित याचिका पर मंगलवार को केन्द्र को नोटिस जारी किया.

प्रधान न्यायाधीश एस. ए. बोबडे, न्यायमूर्ति ए. एस. बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी. रामासुब्रमणियन की एक पीठ ने स्वास्थ्य मंत्रालय को एक नोटिस जारी किया. स्वास्थ्य मंत्रालय को दो सप्ताह के भीतर नोटिस का जवाब देना है। मामले में अब दो सप्ताह बाद आगे सुनवाई होगी.

यह जनहित याचिका भाजपा नेता और अधिवक्ता अजय अग्रवाल ने दायर की है. पीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए मामले की सुनवाई करते हुए कहा कि कोविड-19 के इलाज के खर्च के संबंध में लंबित अन्य याचिकाओं के साथ ही इस पर भी सुनवाई की जाएगी.

याचिका में सरकारों से आरटी-पीसीआर (रीयल-टाइम रिवर्स ट्रांसक्रिप्शन पोलीमरेज़ चेन रिएक्शन) जांच का अधिकतम मूल्य 400 रुपये तय करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है, जिसके लिए विभिन्न राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा 900 से 2800 रुपये लिए जा रहे हैं.

याचिका में कहा गया, ‘‘ प्रयोगशालाओं द्वारा बड़ी लूट की जा रही है….. लाभ का मार्जिन काफी अधिक है, यह आंध्र प्रदेश में 1400 प्रतिशत और दिल्ली में 1200 प्रतिशत है. ’’आरोप है कि निजी प्रयोगशालाओं और अस्पतालों के मालिक आपदा के समय का इस्तेमाल करोड़ों रुपये का गबन करने के लिए कर रहे हैं.

Delhi में Coronavirus की तीसरी लहर अधिक गंभीर होने की एक अहम वजह प्रदूषण है: मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) के साथ बैठक में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ( Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal) ने मंगलवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 (COVID-19) की तीसरी लहर की अधिक गंभीरता के कई कारण है तथा इनमें से एक महत्वपूर्ण कारण प्रदूषण है.

सूत्रों ने बताया कि केजरीवाल ने प्रधानमंत्री से कहा कि तीसरी लहर में 10 नवंबर को दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 8,600 नए मामले सामने आए थे और उसके बाद से संक्रमण के मामलों की संख्या तथा संक्रमण की दर दोनों में तेजी से कमी आ रही है.

मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि राष्ट्रीय राजधानी में यह रूझान जारी रहेगा. सूत्रों के मुताबिक़ मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर के अधिक गंभीर होने के अनेक कारण हैं. इनमें एक महत्वपूर्ण कारण प्रदूषण है. इसके साथ उन्होंने हाल ही में आई बायो-डिकम्पोजर तकनीक का उल्लेख करते हुए पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के कारण उत्पन्न होने वाले प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया.’’

सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री के साथ बैठक में केजरीवाल ने अनुरोध किया कि जब तक शहर में संक्रमण की तीसरी लहर का कहर जारी है तब तक दिल्ली स्थित केंद्र सरकार द्वारा संचालित अस्पतालों में कोरोना वायरस के मरीजों के लिए अतिरिक्त एक हजार आईसीयू बिस्तर आरक्षित किए जाएं.

प्रधानमंत्री ने मंगलवार को उन राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर कोविड-19 की ताजा स्थिति की समीक्षा की जहां हाल के दिनों में संक्रमण के मामलों में तेजी आई है.

#CycloneNivar: तमिलनाडु में 25 नवंबर को गंभीर चक्रवाती तूफान आने की संभावना, नगापट्टिनम में हाई अलर्ट जारी

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 25 नवंबर को गंभीर चक्रवाती तूफान निवार (Cyclone Nivar) आने की संभावना है. इस बीच तमिलनाडु सरकार ने सोमवार को हालात की समीक्षा की और जिला प्रशासनों को सतर्क रहने को कहा. मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि दक्षिण पश्चिम और निकटवर्ती दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर दबाव का क्षेत्र 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तरपश्चिमी दिशा की ओर बढ़ा और सोमवार सुबह 11 बजकर 30 मिनट पर इसी क्षेत्र पर केंद्रित रहा. यह पुडुचेरी से करीब 520 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व और चेन्नई से 560 किलोमीटर दक्षिणपूर्व में केंद्रित रहा.

आईएमडी ने एक बुलेटिन में बताया कि इस कम दबाव के क्षेत्र के आगामी 24 घंटे में एक चक्रवाती तूफान के रूप में बदलने की संभावना है. उसने कहा, ‘‘यह संभवत: पूर्वपश्चिमी दिशा की ओर बढ़ेगा और इसके 100 से 110 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में 25 नवंबर के पास कराईकल और मामल्लापुरम के बीच तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटों से गुजरने का पूर्वानुमान है.’’

आईएमडी ने चेतावनी दी कि इसके कारण 24 नवंबर से 26 नवंबर के दौरान तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ने की बहुत संभावना है. इसके अलावा पुडुकोट्टई, तंजावुर, तिरुवरुर, कराइकल, नगापट्टिनम, कुड्डालोर, अरियालुर और पेरम्बलुर, कल्लाकुरीची, पुडुचेरी, विल्लुपुरम, तिरुवन्नमलाई और चेंगलपट्टू में बुधवार और बृहस्पतिवार के बीच अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका है. इसकी वजह से नगापट्टिनम में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और मछुआरों को 26 नवंबर तक समुद्र में नहीं जाने को कहा गया है.

इस बीच, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी (Tamil Nadu Chief Minister K. Palaniswami ) ने एक समीक्षा बैठक की और अपने कैबिनेट सहयोगियों और अधिकारियों को पूरी तरह सतर्क रहने और मौसम प्रणाली के कारण हो सकने वाले नुकसान को न्यूनतम करने के लिए उचित एहतियातन कदम उठाने को कहा. राजस्व मंत्री आर बी उदयकुमार और विद्युत मंत्री पी थंगामणि ने कहा कि उनके मंत्रालय चक्रवात के कारण पैदा होने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए तैयार हैं.

राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरफ) के छह दल कुड्डालूर जिले के लिए रवाना हो गए हैं और सभी जिलाधिकारियों को भारी बारिश से निपटने के लिए एहतियातन कदम उठाने का निर्देश दिया गया है.

उदयकुमार ने कहा कि निचले इलाकों में रह रहे लोगों को तत्काल राहत शिविरों में चले जाना चाहिए और जिन इलाकों में भारी बारिश होने की आशंका है, वहां लोगों को आवश्यक वस्तुओं का स्टॉक रखना चाहिए.

दिल्ली : मुफ्त में होगी COVID-19 की जांच, गृह मंत्री अमित शाह ने किया टेस्ट लैब का उद्घाटन

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) ने सोमवार को राजधानी दिल्‍ली में सचल आरटी-पीसीआर जांच प्रयोगशाला (RT-PCR Testing Lab) का उद्घाटन किया, जिसके जरिए सिर्फ 499 रुपये में कोविड-19 की जांच (Covid-19 Testing) कराई जा सकेगी और छह घंटे में परिणाम प्राप्त किए जा सकेंगे. सचल आरटी-पीसीआर जांच प्रयोगशाला की शुरुआत सरकार और ‘स्पाइस हेल्थ’ के संयुक्त प्रयास से की गई है.

ग़ौरतलब है कि दिल्ली में कोविड-19 के मामलों (Covid-19 Cases) की अचानक हुई वृद्धि के बाद केंद्र सरकार (Central Government) को हस्तक्षेप करना पड़ा था. गृह मंत्रालय ने बताया कि इस टेस्ट की कीमत 499 है जिसका खर्च आईसीएमआर उठाएगा. दिल्ली के लोगों को जांच के लिए कोई भी शुल्क नहीं देना होगा.

स्पाइस हेल्थ विमानन कंपनी स्पाइस जेट (Spice Jet) का हिस्सा है. एक बयान में स्पाइस हेल्थ ने कहा कि इस सचल प्रयोगशाला के जरिए एक दिन में 3000 लोगों की जांच की जा सकेगी. बयान में कहा गया कि स्पाइस हेल्थ ने इस सिलसिले में भारतीय चिकित्सा शोध संस्थान (Indian Council of Medical Research) के साथ एक समझौता ज्ञापन किया है. एक अधिकारी ने बताया कि प्रयोगशाला का उद्घाटन शाह ने किया और 499 रुपये में लोग कोविड-19 की जांच करा सकेंगे और सिर्फ छह घंटे में परिणाम हासिल कर सकेंगे.

आपको बता दें कि आरटी-पीसीआर जांच को विश्व भर में कोविड-19 की सबसे सटीक जांच माना जाता है. अन्य प्रयोगशालाओं में सरकार द्वारा नियुक्त एक समिति ने इसकी जांच की कीमत 2400 रुपये तय की है. सामान्यत: 24 से 48 घंटों में इसकी रिपोर्ट आती है.

12 घंटे हो सकती है जॉब की शिफ्ट, हफ्ते में इतने घंटे करना पड़ेगा काम

केंद्र सरकार वर्किंग ऑवर को 8 घंटे प्रतिदिन से बढ़ाकर 12 करने पर विचार कर रही है. दरअसल, श्रम मंत्रालय (Labour Ministry) ने संसद में हाल ही में वर्किंग ऑवर को बढ़ाकर अधिकतम 12 घंटे प्रतिदिन करने का प्रस्ताव दिया है. अभी मौजूदा कार्य दिवस अधिकतम 8 घंटे का होता है.

मंत्रालय ने व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं कार्य शर्तें ( Occupational Safety, Health and Working Conditions/OSH) कोड 2020 के ड्राफ्ट रूल के तहत अधिकतम 12 घंटे के कार्य दिवस का प्रस्ताव दिया है. इसमें बीच में इंटरवल भी शामिल हैं. हालांकि 19 नवंबर 2020 को नोटिफाइड इस ड्राफ्ट रूल में वीकली वर्किंग ऑवर को 48 घंटे पर बरकरार रखा गया है. मौजूदा प्रवाधानों के तहत आठ घंटे के कार्यदिवस में कार्य सप्ताह छह दिन का होता है और एक दिन अवकाश का होता है.

श्रम मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ”यह भारत की विषम जलवायु परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जहां काम पूरे दिन में बंटा हुआ होता है. इससे श्रमिकों को ओवरटाइम भत्ता के माध्यम से अधिक कमाई करने की सुविधा मिलेगी.” अधिकारी ने कहा, “हमने ड्राफ्ट रूल  में आवश्यक प्रावधान किया है ताकि आठ घंटे से अधिक काम करने वाले सभी श्रमिकों को ओवरटाइम मिल सके.”

ओएसएच कोड के ड्राफ्ट रूल के अनुसार, किसी भी दिन ओवरटाइम की गणना में 15 से 30 मिनट के समय को 30 मिनट गिना जाएगा. मौजूदा व्यवस्था के तहत 30 मिनट से कम समय की गिनती ओवरटाइम के रूप में नहीं की जाती है.

ड्राफ्ट रूल में कहा गया है, ”किसी भी श्रमिक को एक सप्ताह में 48 घंटे से अधिक समय तक किसी प्रतिष्ठान में काम करने की आवश्यक्ता नहीं होगी और न ही ऐसा करने की अनुमति दी जायेगी। काम के घंटे को इस तरीके से व्यवस्थित करना होगा कि बीच में आराम के लिये इंटरवल के समय समेत किसी भी दिन कार्य के घंटे 12 से अधिक नहीं होने चाहिए.”

मसौदे के अनुसार, कोई भी व्यक्ति कम से कम आधे घंटे के इंटरवल के बिना पांच घंटे से अधिक लगातार काम नहीं करेगा. सप्ताह के हिसाब से हर रोज कार्य के घंटे इस तरह से तय करने होंगे कि पूरे सप्ताह में ये 48 घंटे से अधिक न हो पाएं.

सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का जादू बरकार, रिपोर्ट ने किया दावा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) देश में सोशल मीडिया (Social Media) पर सबसे लोकप्रिय नेता बने हुए हैं, क्योंकि अगस्त से अक्टूबर के दौरान ट्विटर (Twitter), गूगल सर्च (Google Search) और यूट्यूब (Youbtube) जैसे मंचों पर सर्वाधिक ट्रेंड उनसे जुड़े रहे. चेकब्रांड की एक रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई है. एक ऑनलाइन सेंटिमेंट एनालिसिस कंपनी चेकब्रांड ने इस साल अगस्त से अक्टूबर के बीच सोशल मीडिया पर शीर्ष 95 राजनीतिक नेताओं के साथ-साथ शीर्ष 500 प्रभावशाली व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन विश्लेषण किया. इसने रिपोर्ट के प्रथम संस्करण के लिए 10 करोड़ से अधिक ऑनलाइन मतों का विश्लेषण किया.

रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘पिछली तिमाही में ट्विटर, गूगल सर्च और यूट्यूब जैसे मंचों पर सर्वाधिक 2,171 ट्रेंड प्रधानमंत्री मोदी से जुड़े रहे और इसके बाद आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई एस जगनमोहन रेड्डी (Andhra Pradesh’s CM Jagan Mohan Reddy) से 2,137 ट्रेंड जुड़े रहे.’’ इसमें कहा गया है कि कई महत्वपूर्ण ट्रेंड पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal’s CM Mamata Banerjee), कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी (Congress President Sonia Gandhi) से भी जुड़े रहे.

रिपोर्ट के अनुसार, मोदी के पास 70 का समेकित ब्रांड स्कोर था, जो निकटतम राजनीतिक नेता की तुलना में लगभग दोगुना है. ब्रांड स्कोर पांच मापदंडों पर आधारित है – फॉलोअर्स (20), ट्रेंड (10), सेंटिमेंट (30), इंगेजमेंट (20) और मेन्संस(20).

गृह मंत्री अमित शाह (Home Minister Amit Shah) का स्कोर 36.43 था जबकि असम के दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगाई (Tarun Gogoi) का 31.89, अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू (Arunachal Pradesh’s CM Pema Khandu) का 31.89 और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (UP’s CM Yogi Adityanath) का 27.03 था.

COVID-19 के बढ़ते मामलों पर बोले महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, कहा- दूसरी लहर हो सकती है ‘सुनामी’

देश में तेज़ी से बढ़ रहे कोरोनावायरस (Coronavirus) के मामलों के बीच महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Maharashtra CM Uddhav Thackeray) ने कहा है कि कोरोनावायरस की दूसरी लहर ‘सुनामी’ (Tsunami) हो सकती है. ठाकरे और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार (Deputy Chief Minister Ajit Pawar) दोनों ने लोगों से कोविड-19 (Covid-19) प्रोटोकॉल का पालन करने का आग्रह किया.

रविवार शाम राज्य को संबोधित करते हुए ठाकरे ने फिर से दोहराया कि कोरोनावायरस से बचने का सबसे अच्छा उपाय मास्क का उपयोग, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना है.

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, “हमारे पास अभी तक वैक्सीन नहीं है, न ही इसका कोई इलाज है. इसलिए हमें तब तक सावधानी बरतनी होगी जब तक इस इलाज नहीं मिल जाता. ऐसी कोई भी गलती न करें जिससे आप कोरोना पॉजिटिव (Corona Positive) हो जाएं.”

दिल्ली, गुजरात में कोविड-19 संबंधी हालत हुए बदतर, केंद्र और राज्य सरकारें रिपोर्ट दें: सुप्रीम कोर्ट

उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi) और गुजरात (Gujarat) जैसे स्थानों पर कोविड-19 (Covid-19) संबंधी हालात बदतर हो गए हैं. इसके साथ ही न्यायालय ने केंद्र सरकार और सभी राज्य सरकारों को दो दिन के भीतर स्थिति रिपोर्ट पेश कर यह विस्तार से बताने को कहा है कि वर्तमान के कोरोना वायरस (Coronavirus) संबंधी हालत से निपटने के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं.

न्यायालय ने कहा कि कोविड-19 की स्थिति गुजरात में भी बदतर हुई और नियंत्रण से बाहर हो रही है.न्यायमूर्ति अशोक भूषण की अध्यक्षता वाली पीठ ने दिल्ली सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल संजय जैन से कहा,”दिल्ली में हालत काफी बिगड़ गए, खासकर नवंबर के महीने में. आप स्थिति रिपोर्ट पेश करें और बताएं कि इस बाबत क्या कदम उठाए गए हैं.

न्यायमूर्ति आर. एस. रेड्डी और न्यायमूर्ति एम. आर. शाह भी पीठ का हिस्सा हैं. पीठ ने केंद्र और राज्यों से कहा कि कोविड-19 के बढ़ते मामलों से निपटने और हालात को सुधारने के लिए वे हर संभव प्रयास करें. शीर्ष अदालत एक मामले की सुनवाई कर रही थी जिसमें उसने कोविड-19 के मरीजों को उचित उपचार देने और अस्पतालों में शवों को सम्मानजनक तरीके से रखने के बारे में संज्ञान लिया. इसके साथ ही न्यायालय ने मामले की सुनवाई 27 नवंबर तक के लिए स्थगित कर दी.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसद सदस्यों के लिए किया बहुमंजिला फ्लैटों का उद्घाटन, मिलेंगी ये सुविधाएँ

0

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने राजधानी दिल्ली में संसद सदस्यों के लिए डॉ बीडी मार्ग पर बनाए गए बहुमंजिला फ्लैटों का उद्घाटन किया. वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित इस उद्घाटन समारोह में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Lok Sabha Speaker Om Birla) और संसद की आवास समिति के अध्यक्ष सी आर पाटिल भी शामिल हुए.

लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि इसके निर्माण में 27 माह लगे और इसमें कुल लागत 188 करोड रुपये की आई. उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में अनुमानित लागत से 30 करोड़ की बचत की गई. बिरला ने कहा कि लोकसभा के गठन के बाद सांसदों के आवास की अक्सर दिक्कतें आया करती थी और उन्हें होटलों में ठहराया जाता था जिससे सरकार पर आर्थिक बोझ भी पड़ता था. उन्होंने उम्मीद जताई कि 18 वीं लोकसभा की जब शुरुआत होगी तो किसी भी सांसद को होटल में ठहरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.

लोकसभा सचिवालय के मुताबिक 80 वर्ष से अधिक पुराने आठ बंगलों के स्थान पर 76 फ्लैटों का निर्माण किया गया है. कोविड-19 के संक्रमण के बावजूद इन फ्लैटों का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर किया गया और इनके निर्माण में स्वीकृत लागत से करीब 14 प्रतिशत बचत की गई है.

इन फ्लैटों के निर्माण में कई हरित निर्माण तकनीकों का इस्तेमाल किया गया है. ये सभी आवास ग्रीन बिल्डिंग के कांसेप्ट पर आधारित हैं. हर टावर में चार लिफ्ट लगाई गई हैं. इसके अलावा दोनों तरफ सीढ़ियां भी बनाई गई हैं. गंगा यमुना सरस्वती के नाम से तैयार यह तीनों टावर सुरक्षा के लिहाज से फुलप्रूफ हैं. हर जगह सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं.

आग से बचाव के भी सारे प्रबंध किए गए हैं. CPWD इनका निर्माण किया है हर टावर के ऊपर सोलर पैनल लगाए गए हैं. हर टावर के बेसमेंट और ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है. हर फ्लैट में पंखा एसी सोलर लैंप और पूरी तरह से साज-सज्जा की गई है मॉड्यूलर किचन तैयार किए गए हैं.

सांसदों के फ्लैट में 4 बेडरूम के अलावा ऑफिस अलग से बनाया गया है. इसके साथ ही उनके दो स्टाफ के लिए अलग स्टाफ क्वार्टर बनाए गए हैं. इसमें दो बालकनी दो हॉल 4 टॉयलेट भी शामिल हैं. इसके साथ ही सांसदों के आवास में पूजा घर अलग से बनाया गया है