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TRP Racket: मुंबई पुलिस ने पूछताछ के लिए रिपब्लिक टीवी के CFO को जारी किया समन

मुंबई पुलिस ने TRP हेरफेर रैकेट के सिलसिले में रिपब्लिक टीवी के मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) को एक समन जारी किया है. एक अधिकारी ने कहा कि रिपब्लिक टीवी के सीएफओ शिव सुब्रमण्यम सुंदरम को शनिवार सुबह जांच में उपस्थित होने के लिए कहा गया है. उनके अलावा, पुलिस ने मराठी चैनलों `फक्त मराठी’ और `बॉक्स सिनेमा`के एकाउंटेंट और कुछ विज्ञापन एजेंसियों के लोगों को भी तलब किया.

संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) मिलिंद भारम्बे ने पुष्टि की कि रिपब्लिक टीवी के सीएफओ को बुलाया गया है. एक अधिकारी ने बताया कि उन्हें सुबह करीब 11 बजे पुलिस मुख्यालय में आने के लिए कहा गया है.

मुंबई अपराध शाखा की अपराध खुफिया इकाई (सीआईयू) फर्जी टेलीविजन रेटिंग पॉइंट्स (टीआरपी) रैकेट की जांच कर रही है. मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने फक्त मराठी और बॉक्स सिनेमा के मालिकों सहित चार लोगों को गिरफ्तार किया.

मुंबई पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह ने दावा किया कि रिपब्लिक टीवी सहित तीन चैनलों ने टीआरपी में हेरफेर किया है. पुलिस ने बताया कि यह रैकेट तब सामने आई जब टीआरपी को मापने वाले संगठन बार्क ने हंसा रिसर्च ग्रुप प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई.

 

 

यहां 17 अक्टूबर से शुरू होगी ऑफर और डिस्‍काउंट की बारिश, 50% तक सस्‍ता मिलेगा TV-फ्रिज और दूसरे इलेक्‍ट्रॉनिक सामान

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Amazon इंडिया का ग्रेट इंडियन फेस्टिवल (GIF) 17 अक्टूबर से शुरू हो रहा है. जबकि Flipkart ने अपने बिग बिलियन डेज (Big Billion days) की शुरुआत के लिए 16 अक्टूबर की तारीख तय की है. इस सेल में TV, फ्रिज और दूसरे साजोसामान पर हजारों रुपए की बचत हो सकती है.

Amazon के मुताबिक जो लोग HDFC बैंक डेबिट या फिर क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करेंगे उन्हें अतिरिक्त 10 फीसदी की छूट मिलेगी. ग्रेट इंडियन फेस्टिवल के दौरान 6.5 लाख से अधिक सेलर्स amazon.in पर अपने प्रॉडक्ट्स की पेशकश करेंगे और ग्राहकों को 4 करोड़ से अधिक प्रोडक्ट्स खरीदने का मौका मिलेगा. Amazon के मुता‍बिक 100 से अधिक शहरों की 20 हजार से अधिक दुकानें भी इस ग्रेट इंडियन फेस्टिवल में शामिल होंगी.

ईकॉमर्स मार्केटप्लेस Flipkart ने फेस्टिव सीजन को खास बनाने के लिए इस साल 850 शहरों में 50 हजार से अधिक किराना स्टोर्स को अपने साथ जोड़ा है. इस महासेल के दौरान स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) अपने डेबिट और क्रेडिट कार्ड से खरीदारी करने वाले ग्राहकों को 10 फीसदी का डिस्काउंट देगा. फ्लिपकार्ट ने नो कास्ट Emi के लिए बजाज फिनसर्व और कैशबैक्स के लिए Paytm के साथ करार किया है.

LG, Whirlpool के AC
त्‍योहारी सीजन में AC पर भी बड़ा डिस्‍काउंट है. Amazon पर 16000 रुपये में AC मिल रहे हैं. Daikin, Godrej, LG, Whirlpool के मॉडल साइट पर मिलेंगे. ज‍बकि Flipkart पर इस प्रोडक्‍ट पर 60 फीसदी तक की छूट रहेगी.

इन प्रोडक्‍ट पर छूट
अगर आप नया Television (TV) खरीदना चाहते हैं तो Amazon पर सेल में 50 फीसदी तक छूट मिलेगी. साइट पर Samsung, Sony, Mi, Oneplus और LG समेत कई नामचीन ब्रांड अपना प्रोडक्‍ट बेच रहे हैं. Flipkart पर सेल में 60 फीसदी तक की छूट रहेगी.

55% फ्रिज पर छूट
Amazon पर फ्रिज 666 रुपये के डाउनपेमेंट पर खरीदा जा सकता है. इनमें Whirlpool, Haier, Samsung जैसे ब्रांड्स शामिल हैं. वहीं, Flipkart की सेल में इस पर 55 फीसदी तक छूट ऑफर हो रही है.

 

माता वैष्णोदेवी के भक्तों के लिए ख़ुश खबरी, जल्द शुरू होगी दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन

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देश में कोरोना वायरस के कारण मार्च में रेल सेवाएं बाधित हो गई थीं, जिन्हें अब धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है. अनलॉक 5.0 (Unlock 5.0) में जहां तमाम आर्थिक गतिविधियां सामान्य हो रही हैं, वहीं भारतीय रेल सेवा भी धीरे-धीरे पटरी पर लौट रही है. विशेष रेलगाड़ियों के साथ-साथ भारतीय रेल (Indian Railways)ने धार्मिक स्थलों से जुड़ी अपने रेल सेवा भी बहाल करने का फैसला किया है. इस कड़ी में इंडियन रेलवे माता वैष्णोदेवी (Mata Vaishno Devi) के लिए दिल्ली-कटरा वंदे भारत ट्रेन (Delhi-Katra Vande Bharat Express) सर्विस जल्द ही शुरू करने जा रहा है.

केन्द्रीय मंत्री जितेन्द्र सिंह (Union Minister Jitendra Singh) ने बताया कि दिल्ली से कटरा जाने वाली वंदे भारत ट्रेन सेवा जल्द बहाल की जाएगी. उन्होंने कहा कि नवरात्रि से पहले जम्मू-कश्मीर में कटरा के लिए ट्रेन सेवा बहाल करने पर रेल मंत्री पीयूष गोयल के साथ चर्चा की गई.

केंद्रीय मंत्री ने ट्वीट करके बताया कि, ‘रेल मंत्री पीयूष गोयल से दिल्ली-कटरा (वैष्णो देवी) वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा बहाल करने को लेकर चर्चा की. नवरात्रि में पवित्र स्थल जाने की योजना बना रहे देशभर के श्रद्धालुओं के लिए यह जानकारी आश्वस्त करने वाली होगी.’कार्मिक राज्य मंत्री सिंह जम्मू-कश्मीर की ऊधमपुर सीट से लोकसभा सांसद हैं.

बता दें कि पिछले साल अक्टूबर के महीने में ही माता वैष्णोदेवी के लिए दिल्ली-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन सर्विस शुरू की गई थी. 3 अक्टूबर, 2019 को गृह मंत्री अमित शाह ने इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई थी.

वंदे भारत एक्स्प्रेस ट्रेन हाई स्पीड ट्रेन है और इससे दिल्ली और कटरा के बीच की दूरी 12 घंटे से कम होकर 8 घंटे रह गई है. नई दिल्ली और श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा के बीच चेयर कार (सीसी) का न्यूनतम किराया 1630 रुपये है, जबकि एग्जीक्यूटिव चेयर कार का किराया 3015 रुपये है.

यह ट्रेन नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से सुबह 6 बजे रवाना होकर दोपहर दो बजे कटरा पहुंचती है. फिर कटरा से यह ट्रेन दोपहर 3 बजे रवाना होकर रात 11 बजे नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचती है. इंडियन रेलवे (Indian Railways) त्योहारी सीजन को देखते हुए 39 नई वाताकुलित ट्रेन (AC Train) चलाने का फैसला किया है. ये ट्रेन अलग-अलग ज़ोन में चलाई जाएंगी.

जम्मू-कश्मीर में 11 केंद्रीय कानून होंगे लागू, राज्य के 10 कानूनों में हुआ बदलाव

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केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में 11 केंद्रीय कानूनों को लागू करने और राज्य के 10 कानूनों में बदलाव के लिए केंद्र सरकार ने दो आदेशों के जरिए मंगलवार को अधिसूचना जारी की है. ये अधिसूचनाएं तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं. जम्मू व कश्मीर पहले राज्य था और उसके केंद्र शासित प्रदेश के रूप में सामने आने के बाद इन 11 कानूनों को लागू किया गया है जबकि 10 में बदलाव किया गया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 136 पृष्ठों की अधिसूचना में कहा कि दोनों आदेशों को ‘केंद्र शासित जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (केंद्रीय कानूनों का संयोजन) दूसरा और तीसरा आदेश 2020’ कहा जाएगा. पिछले वर्ष केंद्र ने अनुच्छेद 370 को समाप्त करने की घोषणा की थी. इसके बाद जम्मूऔर कश्मीर को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित किया गया.

31 अक्टूबर 2019 को जम्मू-कश्मीर और लद्दाख नए केंद्र शासित प्रदेश के रूप में सामने आए. इससे पहले, जम्मू और कश्मीर में केंद्रीय कानून तब तक लागू नहीं होते थे जब तक कि उन्हें राज्य विधानसभा की मंजूरी नहीं मिलती थी. इसके अलावा राज्य सरकार के कई ऐसे कानून थे जो सिर्फ जम्मू और कश्मीर में ही लागू थे.

केंद्रीय गृह सचिव अजय कुमार भल्ला के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना में कहा गया, ‘जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 (2019 के 34) की धारा 92 द्वारा प्रदत्त शक्तियों के अनुरूप केंद्र सरकार केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर के संदर्भ में निम्नलिखित आदेश जारी करती है.’

जम्मू और कश्मीर में अब जो केंद्रीय कानून प्रभावी हुए हैं उनमें अनियंत्रित जमा योजना पाबंदी विधेयक, 2019, भवन औरअन्य संनिर्माण कर्मकार (नियोजन और सेवा शर्तो का विनियमन) अधिनियम 1996, ठेका श्रम (विनियमन और उत्सादन) अधिनियम, 1970, कारखाना अधिनियम, 1948, औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947 और औद्योगिक नियोजन (स्थायी आदेश) अधिनियम, 194 शामिल हैं.इनके अलावा जो अन्य कानून लागू होंगे उनमें मोटर परिवहन कर्मचारी अधिनियम, 1961, फार्मेसी एक्ट 1948, विक्रय संवर्द्धन कर्मचारी (सेवा शर्त) अधिनियम, 1976, पथ विक्रेता (जीविका सुरक्षा और पथ विक्रय विनियमन) अधिनियम, 2014 और व्यवसाय संघ अधिनियम, 1926 भी शामिल हैं. अधिसूचना में कहा गया कि एक आदेश जारी कर तत्कालीन जम्मू और कश्मीर राज्य की विधानसभा द्वारा लागू किए गए कुछ कानूनों में नामों और कुछ शब्दों में बदलाव किया गया है.

महाराष्ट्र: TRP से छेड़छाड़ करने वाले गिरोह का पर्दाफाश, बार्क ने कहा-जांच में पुलिस का सहयोग करेंगे

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मुंबई पुलिस (Mumbai Police) ने ‘टेलीविजन रेटिंग पॉइंट’ (Telivision Rating Point) से छेड़छाड़ करने वाले एक गिरोह का गुरुवार को पर्दाफाश किया और कहा कि इस मामले के संबंध में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है. टीआरपी (TRP) के आधार पर यह फैसला किया जाता है कि कौन सा टीवी कार्यक्रम सबसे ज्यादा देखा गया. यह दर्शकों की पसंद और किसी चैनल की लोकप्रियता भी इंगित करती है.

मुंबई पुलिस आयुक्त परम बीर सिंह (Mumbai Police Commisioner Parambir Singh) ने संवाददाताओं से कहा कि एक राष्ट्रीय टीवी चैनल रिपब्लिक टीवी (National Channel Republic TV) भी टीआरपी गिरोह में शामिल है. इस चैनल द्वारा सुशांत सिंह राजपूत के मामले (Sushant Singh Rajput Death Case) में मुंबई पुलिस (Mumbai Police) और महाराष्ट्र सरकार (Maharshtra Govenment) की आलोचना की गई थी.

टीआरपी गिरोह का पर्दाफाश करने वाली मुंबई पुलिस की अपराध शाखा ने दो मराठी चैनलों के मालिकों को दर्शकों की संख्या की रेटिंग से छेड़छाड़ करने के लिए गिरफ्तार किया है. पुलिस आयुक्त ने कहा कि टीआरपी गिरोह में एक राष्ट्रीय समाचार चैनल भी शामिल है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों को भी गिरफ्तार किया जाएगा चाहे वह निदेशक, प्रवर्तक हो या चैनल का कोई अन्य कर्मचारी.चैनल की ओर से दिए गए एक वक्तव्य में सिंह के दावों को खारिज किया गया है.

सिंह ने कहा कि इन चैनलों के बैंक खातों की जांच भी की जा रही है और टीआरपी गिरोह के लिए जिम्मेदार लोगों को पुलिस पूछताछ के लिए तलब कर रही है. उन्होंने कहा, “विज्ञापन देने वाले इन टीआरपी रेटिंग के आधार पर इन चैनलों पर विज्ञापन प्रसारित करने के लिए पैसे देते थे और यह खेल हजारों करोड़ रुपये का है.” उन्होंने कहा कि छेड़छाड़ की हुई टीआरपी रेटिंग से विज्ञापन देने वालों को दर्शकों की गलत संख्या बताई जाती थी.

सिंह ने कहा कि इस प्रकार टीआरपी के गलत आंकड़े दिखाकर सैकड़ों करोड़ रुपये का चूना लगाया जा रहा था.कुछ घरों के गोपनीय समूह में टीवी चैनल देखे जाने के आधार पर टीआरपी की गणना की जाती है.

सिंह ने कहा कि गिरोह में शामिल लोग इन घरों के लोगों को घूस देकर उनसे कहते थे कि वे टीवी पर कुछ चैनल चलाकर छोड़ दें, भले ही वह उसे देख न रहे हों. उन्होंने कहा कि ब्रॉडकास्ट ऑडिएंस रिसर्च कॉउंसिल (बीएआरसी) भारत में टीवी चैनलों के लिए साप्ताहिक रेटिंग जारी करता है और इस मामले के संबंध में उनके अधिकारियों से भी पूछताछ की जा रही है. उन्होंने कहा कि टीआरपी को मापने के लिए मुंबई में दो हजार मापक इकाई स्थापित हैं.

सिंह ने कहा कि बीएआरसी ने ‘हंसा’ नामक एजेंसी को इन इकाइयों पर नजर रखने का ठेका दिया था. पुलिस आयुक्त ने कहा कि दोनों चैनल के मालिकों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया और वे मुंबई पुलिस की हिरासत में हैं. उन्होंने कहा कि दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 409 और 420 के तहत गिरफ्तार किया गया है. सिंह ने कहा, “हमें शक है कि यदि यह मुंबई में हो सकता है तो देश के अन्य भागों में भी हो सकता है.”

बीएआरसी, टीवी के दर्शकों की संख्या बताने के लिए सटीक, विश्वसनीय और समयबद्ध प्रणाली के गठन और निगरानी का काम करता है और भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण के दिशा निर्देशों से बंधा होता है.

सिंह ने कहा कि हंसा ने टीआरपी गिरोह के विरुद्ध एक शिकायत दर्ज की जिसके बाद मामला दर्ज किया गया. उन्होंने कहा, “जांच के दौरान पाया गया कि एजेंसी के कुछ पूर्व कर्मचारी कुछ टेलीविजन कंपनियों को आकंड़े उपलब्ध कराने के खेल में शामिल थे.” उन्होंने कहा कि जिन लोगों के घरों पर इकाइयां लगीं थीं उनमें से बहुत से लोगों ने यह स्वीकार किया है कि उन्हें अपने टीवी ऑन रखने के लिए पैसे दिए गए थे.

राष्ट्रीय टीवी चैनल रिपब्लिक के प्रधान संपादक की ओर से आए वक्तव्य मे आरोप लगाया गया है कि मुंबई पुलिस ने उनके विरुद्ध गलत दावे किए हैं क्योंकि उनके चैनल ने सुशांत सिंह राजपूत के मामले की जांच में पुलिस पर सवाल खड़े किए थे.

सर्दियों में रोज आ सकते हैं COVID-19 के 15 हजार नए केस, दिल्ली को तैयार रहने की जरूरत- रिपोर्ट

आगामी सर्दी के मौसम में सांस की समस्याओं, बाहर से आने वाले मरीजों की बड़ी तादाद और बड़े उत्सव समारोहों को ध्यान में रखते हुए, रोजाना कोविड-19 के लगभग 15 हजार नए मामलों के लिए दिल्ली को तैयार करने की आवश्यकता है. एनसीडीसी की रिपोर्ट में इसको लेकर आगाह किया गया है.

नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ. वीके पॉल की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समूह के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में दिल्ली सरकार से इसके लिए व्यवस्था करने की सिफारिश की गई है.

एनसीडीसी ने अपनी ‘कोविड-19 के नियंत्रण के लिए संशोधित रणनीति के संस्करण 3.0’ में यह भी बताया कि दिल्ली में समग्र कोविड-19 मामले में मृत्यु दर 1.9 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत 1.5 प्रतिशत से अधिक है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जहां तक संभव हो मृत्यु दर को कम करना महामारी के प्रबंधन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक होना चाहिए.

पिछले 24 घंटे के दौरान दिल्ली में कोरोना संक्रमण के 2726 नए मामले सामने आए हैं. वहीं  37 और लोगों की मौत हो गई है. इसी के साथ दिल्ली में कोरोना संक्रमण से मौत का आंकड़ा 5653 तक पहुंच गया है. दिल्ली में अभीतक 3 लाख से ज्यादा कोरोना संक्रमित सामने आए हैं. पिछले 24 घंटे में 2643 लोग इलाज के बाद ठीक भी हुए हैं.

वर्तमान में दिल्ली में 22 हजार 232 कोरोना संक्रमितों का इलाज हो रहा है. शहर में रिकवरी रेट 90.73 प्रतिशत तक पहुंच गया है. राज्य में वर्तमान में 12 हजार 890 लोग होम आइसोलेशन में रह रहे हैं. वहीं 6,616 संक्रमितों का अस्पताल में इलाज चल रहा है.

गोरखपुर को 122 करोड़ की 177 परियोजनाओं की सौगात, योगी बोले- विकास की रोशनी से रोशन होगी हर गली

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया. योगी ने गुरुवार को गोरखपुर को 122 करोड़ की 177 परियोजनाओं की सौगात दी. मुख्यमंत्री ने गुरुवार को लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इन परियोजनाओं का शिलान्यास किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जिस नए गोरखपुर को आकार दे रही है, उसमें हर गली विकास की रोशनी से रोशन होगी.

उन्होंने कहा, “एम्स जैसे अत्याधुनिक सुविधायुक्त चिकित्सा संस्थान के बाद अब इस साल चिड़ियाघर की सौगात मिलेगी. जबकि अगले साल की शुरुआत में खाद कारखाने की बहुप्रतीक्षित आस पूरी होगी. कला, संस्कृति, आध्यात्म के महत्वपूर्ण केंद्र गोरखपुर में विकास की हर आस पूरी होगी. विकास की रोशनी से गोरखपुर की हर गली को रोशन किया जाएगा.”

योगी ने कहा कि शिलान्यास की गईं परियोजनाएं जिले के सदर, ग्रामीण और सहजनवा विधानसभा क्षेत्र में अच्छी सड़कों, व्यवस्थित नालियों के निर्माण से जुड़ीं थीं. याद कीजिये आज से 20-25 साल पहले गोरखपुर के बारे में लोगों की धारणा क्या थी. अराजकता और बदहाली यहां की पहचान बन गई थी, लेकिन आज जनसहयोग से जन आकांक्षाओं के अनुरूप नए गोरखपुर का निर्माण हो रहा है.

इसके अलावा सीएम ने कहा कि बायोफ्यूल प्लांट, वॉटर स्पोर्टस पार्क, आयुष विश्वविद्यालय, वेलनेस सेंटर, वेटनरी कॉलेज, पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज, महिला पीएसी की एक वाहिनी की स्थापना नए गोरखपुर को और समृद्ध करेगी.

 

कोविड-19: मोदी ने ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं का’ मंत्र दिया, ट्विटर पर शुरू किया ‘जन आंदोलन’

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) ने आगामी त्योहारों और ठंड के मौसम के मद्देनजर बृहस्पतिवार को कोविड-19 (COVID-19)  से निपटने के लिए लोगों को ‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं ‘ का मंत्र देते हुए ट्विटर पर एक ‘‘जन आंदोलन’’ की शुरुआत की.

उन्होंने लोगों से कोरोना संक्रमण के खिलाफ संघर्ष में एकजुट होने की अपील करते हुए कहा कि जब तक कोरोना वायरस (Coronavirus) की रोकथाम के लिए कोई टीका नहीं बन जाता तब तक उन्हें हर सावधानी बरतनी है और तनिक भी ढिलाई नहीं करनी है.

प्रधानमंत्री ने हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में ट्वीट कर कहा, ‘‘आइए, कोरोना से लड़ने के लिए एकजुट हों! हमेशा याद रखें: मास्क जरूर पहनें. हाथ साफ करते रहें. सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें.‘दो गज की दूरी’ रखें.’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब तक दवाई नहीं, तब तक ढिलाई नहीं.’’

मोदी ने कोरोना वायरस से बचाव संबंधी संदेशों के साथ तस्वीरें भी साझा कीं. इनमें वह मास्क के बजाय गमछा बांधे हुए हैं और हाथ जोड़कर लोगों से बचाव का आग्रह करते दिख रहे हैं. अभियान को धार देने के लिए उन्होंने ‘‘यूनाइट टू फाइट कोरोना’’ हैशटैग का भी उपयोग किया. कुछ ही घंटों बाद यह हैशटैग टॉप पांच में ट्रेंड करने लगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर कोरोना वायरस के खिलाफ सफलता हासिल करेंगे और इस लड़ाई को जीतेंगे.उन्होंने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई लोगों द्वारा लड़ी जा रही है जिसे कोरोना योद्धाओं से मजबूती मिली है.

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे सामूहिक प्रयासों ने कई जिंदगियां बचाने में मदद की है. हमें इस गति को बरकरार रखना है और इस वायरस से नागरिकों की रक्षा करनी है.’’

मालूम हो कि सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने बुधवार को घोषणा की थी कि प्रधानमंत्री मोदी कोविड-19 से निपटने के लिए समुचित व्‍यवहार के बारे में बृहस्पतिवार को ट्विटर पर ‘‘जन आंदोलन’’ अभियान शुरू करेंगे.

प्रधानमंत्री के ट्वीट करने के तुरंत बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, सूचना और प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सहित कई केंद्रीय मंत्रियों और भाजपा अध्यक्ष जे पी नड्डा सहित पार्टी के अन्य नेताओं ने इस अभियान से जुड़ते हुए लोगों से कोरोना से बचाव के लिए मास्क पहनने, उचित दूरी का पालन करने और लगातार हाथ धोने की अपील की.

राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, ‘‘कोरोना से लड़ने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एकजुट करते हुए हमेशा प्रेरणा दी है. आज उन्होंने पुनः यह याद दिलाया है कि नियमित रूप से हाथ की सफ़ाई का ध्यान रखना है, मुंह को ढंक कर रखना है और दो गज की दूरी, है बहुत ज़रूरी. इनका अवश्य पालन करें.’’

शाह ने कहा कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से तभी लड़ा जा सकता है जब समस्त देशवासी एक साथ आयें. उन्होंने अपील की, ‘‘आइए हम सब मिलकर नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोना के विरुद्ध चलाए जा रहे इस जनआंदोलन से जुड़े और सभी को इस महामारी के प्रति जागरूक कर कोरोना मुक्त भारत बनाने में एक अहम भूमिका निभाए.’’

जावड़ेकर ने एक के बाद एक अलग-अलग भाषाओं में ट्वीट कर लोगों से इस जन आंदोलन से जुड़ने और सुरक्षा के उपायों का पालन करने की अपील की.

भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने इस आहृवान के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया और कहा, ‘‘ हम सभी आपके द्वारा शुरू किए आंदोलन को सफल बनाने में पूरी तन्मयता से साथ हैं और इसे अपनी जिम्मेदारी समझते हुए इन आवश्यक बातों का पालन कर भारत की जीत के भागीदार बनेंगे.’’

केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्वीट कर कहा कि कोरोना महामारी से लड़ाई अभी जारी रखना है. ‘‘जब तक दवाई नहीं तब तक ढिलाई नहीं. मास्क पहने दो गज की दूरी रखें हाथ को धोना न भूलें.’’

उन्होंने इस ट्वीट के साथ ही एक वीडियो संदेश भी जारी किया और लोगों से बचाव के उपायों का पालन करने का आग्रह किया.

गौरतलब है कि कोविड-19 के 78,524 नए मामले सामने आने के बाद बृहस्पतिवार को देश में संक्रमितों की कुल संख्या 68 लाख से अधिक हो गई. वहीं, संक्रमण से अब तक 58,27,704 लोग उबर चुके हैं. इसके साथ देश में मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर 85.25 प्रतिशत पर पहुंच गई है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सुबह आठ बजे जारी अद्यतन आंकड़ों के अनुसार देश में अभी तक कोविड-19 के 68,35,655 मामले सामने आ चुके हैं. वहीं पिछले 24 घंटे में 971 और लोगों की संक्रमण से मौत के बाद मृतक संख्या बढ़कर 1,05,526 हो गई है.

University Grants Commission (UGC) ने इन शैक्षणिक संस्थानों को घोषित किया फर्जी, देखें पूरी लिस्ट

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission-UGC) ने बुधवार को देश में 24 स्वयंभू, गैर मान्यताप्राप्त संस्थानों की घोषणा की और उन्हें फर्जी करार दिया. इनमें से अधिकतर संस्थान उत्तरप्रदेश (Uttar Pradesh) और दिल्ली (Delhi) में चल रहे हैं. यूजीसी के सचिव रजनीश जैन (UGC Secretary Rajnish Jain) ने कहा, ‘छात्रों और लोगों को सूचित किया जाता है कि देश में वर्तमान में 24 स्वयंभू गैर मान्यता प्राप्त संस्थान हैं जो यूजीसी कानून के विपरीत संचालित हो रहे हैं, जिन्हें फर्जी विश्वविद्यालय करार दिया गया है और इन्हें कोई भी डिग्री देने का अधिकार नहीं है.’

इन विश्वविद्यालयों में से अधिकतर उत्तरपदेश से हैं. इनमें वाराणसी संस्कृत विश्वविद्यालय-वाराणसी(Varanaseya Sanskrit Vishwavidyalaya, Varanasi (UP) Jagatpuri, Delhi), महिला ग्राम विद्यापीठ-इलाहाबाद (Mahila Gram Vidyapith/Vishwavidyalaya, (Women’s University) Prayag, Allahabad), गांधी हिंदी विद्यपीठ-इलाहाबाद (Gandhi Hindi Vidyapith-Allahabad), नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ इलेक्ट्रो कंप्लेक्स होम्योपैथी- कानपुर(National University of Electro Complex Homeopathy-Kanpur), नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी-अलीगढ़ (Netaji Subhash Chandra Bose University (Open University-Aligarh), उत्तरप्रदेश विश्वविद्यालय-मथुरा (Uttar Pradesh Vishwavidyalaya-Mathura), महाराणा प्रताप शिक्षा निकेतन विश्वविद्यालय -प्रतापगढ़ (Maharana Pratap Shiksha Niketan Vishwavidyalaya-Pratapgarh) और इंद्रप्रस्थ शिक्षा परिषद् – नोएडा (Indraprastha Shiksha Parishad, Institutional Area,Khoda,Makanpur,Noida Phase-II, Uttar Pradesh) शामिल हैं.

अगर दिल्ली की बात करें तो यहां सात फर्जी विश्वविद्यालय हैं. इनमें कॉमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड (Commercial University Ltd., Daryaganj, Delhi), यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी (United Nations University, Delhi), इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग (Indian Institute of Science and Engineering, New Delhi), विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ इंप्लायमेंट (Viswakarma Open University for Self-Employment) और आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (Adhyatmik Vishwavidyalaya-Spiritual University) हैं.

ओडिशा और पश्चिम बंगाल में इस तरह के दो विश्विवद्यालय हैं. वे हैं, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन-कोलकाता(Indian Institute of Alternative Medicine), इंस्टीट्यूट ऑफ अल्टरनेटिव मेडिसिन एंड रिसर्च -कोलकाता (Institute of Alternative Medicine and Research-Kolkata), नवभारत शिक्षा परिषद्रा-उरकेला (Nababharat Shiksha Parishad) और नॉर्थ ओडिशा यूनिवर्सिटी ऑफ एग्रीकल्चर एंड टेक्नोलॉजी (North Orissa University of Agriculture & Technology-Odisha).

कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी और महाराष्ट्र में एक-एक फर्जी विश्वविद्यालय हैं. वे हैं, श्री बोधि एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन -पुडुचेरी (Sree Bodhi Academy of Higher Education-Puducherry) क्राइस्ट न्यू टेस्टामेंट डीम्ड यूनिवर्सिटी-आंध्रप्रदेश (Christ New Testament Deemed University), राजा अरबिक यूनिर्सिटी -नागपुर (Raja Arabic University, Nagpur, Maharashtra), सेंट जॉन यूनिवर्सिटी-केरल (St. John’s University-Kerala) और बादगनवी सरकार वर्ल्ड ओपन यूनिवर्सिटी एजुकेशन सोसायटी -कर्नाटक (Badaganvi Sarkar World Open University Education Society-Karnataka)

जैन ने कहा, ‘यूजीसी अधिनियम, 1956 (UGC Act 1956) के मुताबिक केवल वही विश्वविद्यालय डिग्री दे सकता है जो केंद्र, राज्य, प्रांत कानून के तहत गठित है या ऐसे संस्थान जिसे संसद ने कानून बनाकर डिग्री देने के लिए अधिकृत किया है.’

देखें पूरी लिस्ट : 

प्रोविडेंट फंड (Provident fund ) से पैसे निकालने पर हो सकता बड़ा नुकसान, भूलकर कभी ना करें ऐसी गलती

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Provident Fund (PF) का पैसा रिटायरमेंट के बाद मिलत है, लेकिन अगर आप रिटायरमेंट पहले प्रोविडेंट फंड का पैसे निकालते हैं तो रिटायरमेंट के समय आपको बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में कोशिश यही करनी चाहिए कि नौकरी के दौरान PF से पैसा न निकालना पड़े. हालांकि आप मकान खरीदने से लेकर बच्चों की पढ़ाई, शादी विवाह के खर्च के लिए PF से पैसे निकाल सकते हैं.

कुछ लोग नौकरी बदलने पर PF का पैसा निकाल लेते हैं. लेकिन ऐसा करने से सबसे बड़ा नुक़सान ये है कि रिटायरमेंट के बाद फंड में कमी आ जाती है, जिससे पेंशन पर भी इसका असर पड़ता है. वहीं  अगर आप रिटायरमेंट के बाद भी फ़ंड नहीं निकालते हैं तो 3 साल तक इसमें इंट्रेस्ट मिलता है.

अगर आप प्रोविडेंट फंड अकाउंट में कोई जनाकरी अपडेट कराना चाहते हैं तो इसका तरीका बिल्कुल आसान है. आप आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन जाकर सारी जानकारी अपडेट कर सकते हैं. इतना ही नहीं आप UAN क्रिएट करने और उसे एक्टीवेट करने का काम भी ऑनलाइन कर सकते हैं. सरकार ने किसी भी तरह की शिकायत दर्ज करने की सुविधा भी मुहैया कराई है. आपको किसी समस्या का समाधान चाहिए इसके लिए आपको epfigms.gov.in पर विजिट करना होगा.