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78 के हुए अमिताभ बच्चन, कोलकाता के मंदिर में इस बार बांटा जा रहा है सैनिटाइजर, मास्क और राशन

दक्षिण कोलकाता के बालीगंज फाड़ी के पास बॉन्डेल गेट इलाके में स्थित महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) के मंदिर में रविवार को 11 अक्टूबर के दिन वह रौनक देखने को नहीं मिल रही है, जो हर बार यहां देखने को मिलती है. कोरोनावायरस महामारी के चलते भक्त अपने प्रिय अभिनेता के जन्मदिन को धूमधाम से भले ही नहीं मना पा रहे हैं, लेकिन उनमें जोश-उत्साह की कोई कमी नहीं है.

बॉलीवुड अभिनेता आज अपना 78वां जन्मदिन मना रहे हैं, ऐसे में मंदिर के संस्थापकों ने एक वर्चुअल मीट का आयोजन किया है, जिसमें बिग बी द्वारा अपने इन्हीं चाहनेवालों के साथ मुखातिब होने की योजना है. अपने प्रशंसकों के इस श्रेणी को बिग बी ने एक्सटेंडेड फैमिली का नाम दिया है.

बिग बी के नाम से बने इस मंदिर में होम यज्ञ, पूजा-अर्चना का आयोजन किया जाता है. भोग प्रसाद का वितरण किया जाता है और केक भी काटे जाते हैं. साल 2011 में यह मंदिर बनकर तैयार हुआ था, तब से यह रिवाज बरकरार है.

हालांकि, इस बार कोविड-19 (COVID-19) के चलते स्थिति कुछ अलग है। संयमित तरीके से चीजों का पालन किया जाएगा. अभिनेता के जन्मदिन के सेलिब्रेशन में केवल मंदिर के मुख्य सदस्य ही भाग लेंगे और इस बार बाहर के किसी को भी मंदिर में आने की अनुमति नहीं दी जाएगी. कोविड-19 के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए यह व्यवस्था अपनाई गई है.

मंदिर के संस्थापक संजय पाटोदिया ने बताया, “हम उनके जन्मदिन पर एक वर्चुअल मीटिंग का आयोजन कर रहे हैं, जिसमें सर खुद भी शामिल होने वाले हैं. हमने उन्हें आमंत्रित किया था और उन्होंने इसके जवाब में कहा था कि वह कुछ समय के लिए इसमें भाग लेंगे. दुनिया भर से उनके एक्सटेंडेड फैमिली के साथ दोपहर के बारह बजे से दो बजे तक के बीच में यह मीटिंग रखी गई है. हम फिल्म निर्माता शूजीत सरकार, कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव और गायक सुदेश भोंसले को भी इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित करेंगे.”

उन्होंने आगे कहा, “इस बार गुरू (अमिताभ को प्यार व इज्जत से उनके प्रशंसक इसी नाम से बुलाते हैं) का जन्मदिन खास है क्योंकि उन्होंने कोरोनावायरस से जंग लड़ी है और इसे मात दी है. उन्होंने साबित किया है कि वह असल में एक वीर है.”

वह आगे कहते हैं, “इस बार कोविड-19 के चलते हम लोगों को नहीं बुला रहे हैं. मंदिर को सजाया जाएगा और 15-20 करोड़ सदस्यों के सामने केक कटिंग होगी. हर बार की तरह हम उन्हें भोग अर्पित करेंगे, सबसे पहले उनके माता-पिता की पूजा होगी और उनकी आराधना की जाएगी. इसके बाद अमिताभ चालीसा का पाठ किया जाएगा, इसके बाद हम बर्थडे केक काटेंगे.” इस साल, मंदिर के सदस्य बच्चन के नाम पर एक 1000 मास्क, 1000 सैनिटाइजर की बोतलें और 200 लोगों को सूखा राशन वितरित कर रहे हैं.

 

उत्तर प्रदेश में साधुओं के ख़िलाफ़ बढ़े अपराध, बागपत में यमुना नदी में तैरता मिला ‘साधु’ का शव

यमुना नदी में एक के बाद एक अब लगातार तीसरी बार एक साधु का शव तैरता हुआ मिला है. नेवादा गांव की यह घटना मेरठ और बागपत जिलों में हुई घटनाओं से मिलती-जुलती है, जहां दो साधुओं के शव ऐसे ही संदिग्ध परिस्थितियों में पाए गए थे.

पुलिस द्वारा शव को निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. मृतक की पहचान की कोशिश जारी है.भगवा रंग के पोशाक में बरामद किया गया यह शव मध्यम आयु वर्ग का मालूम पड़ता है. पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से उनकी मौत का कारण पता चलेगा.

24 सितंबर को जिले के टिकरी इलाके में स्थित एक तालाब में एक तपस्वी का शव पाया गया था. पुलिस की तरफ से मेरठ के सरधना क्षेत्र के ऊपरी गंगा नहर से एक और साधु के शव को बरामद किया गया. इन शवों की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है.

इन मौतों के लिए योगी आदित्यनाथ की सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने शनिवार को ट्वीट किया, “यमुना से एक साधु का शव मिला है. पिछले एक महीने में तीन ऐसे शव मिले हैं. उप्र में साधुओं पर अत्याचार खत्म नहीं हो रहे हैं, जंगल राज अपने सबसे बुरे स्तर पर है.”

साल 2000 में राकेश रोशन की हत्या की कोशिश में शामिल शार्प शूटर गिरफ्तार

फ़िल्म निर्देशक राकेश रोशन (Rakesh Roshan) पर साल 2000 में हुए हमले में कथित रूप से शामिल एक शातिर बदमाश एवं शार्प शूटर को पैरोल की अवधि पूरी होने के बाद भी जेल में नहीं लौटने के करीब तीन महीने बाद महाराष्ट्र के ठाणे जिले में गिरफ्तार किया गया है. एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को बताया कि सुनील वी गायकवाड को शुक्रवार रात नौ बजे कलवा के पारसिक सर्किल इलाके में पकड़ा गया. केंद्रीय अपराध इकाई के निरीक्षक अनिल होनराव ने कहा कि हमें जानकारी मिली थी कि गायकवाड पारसिक सर्किल इलाके में आ रहा है. हमने जाल बिछाया और उसे पकड़ लिया. उन्होंने कहा कि आरोपी के खिलाफ हत्या के 11 मामले और हत्या की कोशिश के सात मामले दर्ज हैं. इनमें से एक मामला 2000 में बॉलीवुड निर्देशक राकेश रोशन की हत्या की कोशिश का है. पुलिस ने बताया कि रोशन को जनवरी 2000 में मुंबई में उनके सांता क्रूज कार्यालय के बाहर गोली मारी गई थी. हमलावरों ने छह गोलियां चलाई थीं, जिनमें से दो गोलियां रोशन को लगी थीं. अधिकारी ने कहा कि गायकवाड को हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा मिली थी और वह नासिक केंद्रीय कारागार में बंद था. वह 28 दिन के पैरोल पर इस साल 26 जून को बाहर आया था. उन्होंने कहा कि पैरोल अवधि पूरी होने के बाद उसे जेल लौटना था. वह लौटा नहीं. उसे कल रात गिरफ्तार किया गया। तब तक वह फरार था. अधिकारी ने बताया कि आरोपी 1999 और 2000 में सक्रिय था और कई अपराधो में शामिल था. वह अली बुदेश और सुभाष सिंह ठाकुर के बदमाश गिरोहों में शामिल था. उन्होंने बताया कि इसी अवधि में वह नासिक में हुई एक डकैती में भी शामिल था, जहां उसने पुलिसकर्मियों पर गोलीबारी की थी. होनराव ने कहा कि गायकवाड को पंत नगर पुलिस को सौंपा जाएगा, जहां उसके फरार होने का मामला दर्ज किया गया है.

दुर्गा पूजा को लेकर बिहार सरकार ने जारी किया दिशा-निर्देश, सार्वजनिक आयोजनों पर लगी रोक

बिहार विधानसभा चुनाव एवं कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए गृह विभाग ने दुर्गा पूजा को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किया है. जिसके तहत किसी भी जिले में कोई पूजा पंडाल बनाकर दुर्गा पूजा का आयोजन नहीं किया जाएगा. कोराेना संक्रमण को देखते हुए इस बार सिर्फ घर व मंदिरों में हीं पूजा की जाएगी.   गृह विभाग ने जिला प्रशासन को सख्त आदेश दिया है कि मंदिरों में जहां माता की मुर्ति स्थापित है वहीं पूजा का आयोजन किया जाएगा. पूजा स्थल के पास किसी भी तरह का फूड स्टॉल नहीं लगाया जाएगा. पूजा के दौरान किसी भी सार्वजनिक आयोजन व मेला पर पूर्णरूप से प्रतिबंध लगाया गया है. गृह विभाग विभाग ने पूजा के दौरान जिला प्रशासन को आदेश दिया है कि किसी भी तरह से आर्दश आचार संहिता का उल्लंघन न हो. वहीं लाउडस्पीकर बजाने पर भी विभाग ने रोक लगा दी है.

Dussehra 2020 : जानिए कब है दशहरा? शुभ मुहूर्त और पूजा के फायदे

दशहरा बुराई पर अच्छाई की जीत का सबसे बड़ा प्रतीक है. हिंदू पचांग के अनुसार, आश्विन मास की शुक्ल पक्ष की दशमी को दशहरा मनाया जाता है. प्रभु श्रीराम के हाथों रावण का वध होने के बाद से ही इसे मनाने की परंपरा चली आ रही है. वहीं इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार भी किया था, इसलिए भी इसे विजय दशमी भी कहा जाता है.

इस साल विजय दशमी 5 अक्टूबर को मनाई जाएगी. 17 अक्टूबर से नवरात्रि का शुभारंभ होगा और 24 अक्टूबर को रामनवी के अगले ही दिन पूरे देश में दशहरे का पर्व मनाया जाएगा. इसके ठीक 20 दिन बाद यानी शनिवार, 14 नवंबर को दीवालीका पर्व मनाया जाएगा.

विजय दशमी 25 अक्टूबर को 7 बजकर 41 मिनट से 26 अक्टूबर को 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगी. इस बीच 01 बजकर 55 मिनट से 02 बजकर 40 तक विजय मुहूर्त रहेगा. जबकि 01 बजकर 11 मिनट से 03 बजकर 24 मिनट तक अपराह्न पूजा का समय रहेगा.

इस दिन महिषासुर मर्दिनी मां दुर्गा और भगवान राम की पूजा करनी चाहिए. इससे सम्पूर्ण बाधाओं का नाश होगा और जीवन में विजय श्री प्राप्त होगी. इस दिन अस्त्र-शस्त्र की पूजा करना बड़ा फायदेमंद होता है. नवग्रहों को नियंत्रित करने के लिए भी दशहरे की पूजा अद्भुत होती है.

Rhea chakraborty का ऐलान, मीडिया हाउस के खिलाफ लेंगी लीगल एक्शन

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रिया चक्रवर्ती ने मीडिया संस्थानों को दी चेतावनी. लीगल एक्शन के लिए रहो तैयार.

सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में ड्रग एंगल के तहत भायखला जेल में 28 दिन विदा कर जमानत पर बाहर आई एक्ट्रेस रिया चक्रवर्ती ने बड़ा ऐलान किया है. रिया के वकील सतीश मान शिंदे ने बताया कि रिया चक्रवर्ती अब मीडिया हाउसेस के खिलाफ लीगल एक्शन लेने का मन बना रही है. रिया के वकील सतीश मानशिंदे मीडिया हाउसेस पर आरोप लगाया है कि इस केस में कई मीडिया संस्थानों ने रिया चक्रवर्ती को बदनाम किया है.

आपको बता दें कि मुंबई हाई कोर्ट ने 7 अक्टूबर को रिया चक्रवर्ती को जमानत दे दी थी और यह बताया था कि वह सेक्शन 27a ऑफ एनडीपीएस एक्ट के लिए एप्लीकेबल नहीं है. इसके अलावा कोर्ट ने रिया चक्रवर्ती को अपना पासपोर्ट जांच एजेंसी के पास जमा करने को कहा है ताकि वह देश छोड़कर बाहर ना जा सके. रिया चक्रवर्ती को नजदीकी पुलिस स्टेशन में अगले 10 दिन तक हाजिरी भी लगानी होगी.

आपको बता दें पिछले महीने रिया चक्रवर्ती को ड्रग्स मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो द्वारा गिरफ्तार किया गया था.सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले में रिया चक्रवर्ती मुख्य आरोपी है इस मामले की जांच सीबीआई ईडी और एनसीबी मिलकर कर रहे हैं.

 

Bihar Legislative Assembly 2020:  बिहार के शीर्ष दलित नेता पासवान के निधन के बाद विधानसभा चुनाव में अनिश्चितता और बढ़ी

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केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के निधन के बाद बिहार विधानसभा चुनाव में अनिश्चितता का एक और तत्व शामिल हो गया है. वहीं, राजग के घटक दल जद(यू) के खिलाफ सभी सीटों पर लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा करने के बाद से ही यह चुनाव अनिश्चितताओं वाला हो गया था.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बहुत कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि लोजपा के निष्ठावान दलित मतदाता पासवान के बेटे तथा उनके वारिस चिराग पासवान के साथ किस तरह का जुड़ाव महसूस करते हैं. केंद्रीय मंत्री पासवान के निधन के कारण मतदाताओं के बीच हमदर्दी की भावना भी पैदा हो सकती है.

बिहार के एक नेता ने कहा कि लोजपा अध्यक्ष एवं लोकसभा सदस्य चिराग (37) के सामने ऐसा कोई युवा दलित नेता नहीं है, जिसकी पूरे राज्य में पहुंच हो.

उन्होंने नाम जाहिर नहीं होने की शर्त पर कहा, ‘‘इस बात पर बहुत कुछ निर्भर करेगा कि चिराग खुद को किस तरह से पेश करते हैं. उनके पिता जमीन से जुड़े व्यक्ति थे तथा आम लोगों की भाषा बोलते थे. अब मतदाता पहले के मुकाबले चिराग की तरफ और ध्यान देंगे.’’ पासवान के निधन के बाद अपने भविष्य पर संभावित प्रभाव को लेकर अगर कोई दल सबसे अधिक चौकन्ना है, तो वह है मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नीत जनता दल (यूनाटेड)। दोनों दलों के बीच कई मुद्दों को लेकर पहले से विवाद चल रहा है.

रामविलास पासवान के निधन से कुछ घंटे पहले, बृहस्पतिवार को लोजपा ने चिराग द्वारा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को लिखा पत्र जारी किया था, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि कुमार ने उनके पिता का ‘‘अपमान’’ किया और दावा किया कि बिहार के मतदाताओं के बीच उनके (नीतीश के) खिलाफ नाराजगी की लहर है. हालांकि, इन आरोपों पर जद(यू) की ओर से कोई जवाब नहीं आया है.

राज्य के दलितों से पासवान का जुड़ाव पांच दशक से भी पुराना है. अब, उनका निधन हो गया और विधानसभा चुनाव हो रहे हैं, तो ऐसे में कोई भी विरोधी दल लोजपा और उसके युवा तुर्क पर हमला करने का खतरा मोल नहीं लेना चाहेगा.

लोजपा खुद को चुनाव के बाद के परिदृश्य में भाजपा की सहयोगी तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मजबूत समर्थक के रूप में प्रस्तुत कर रही है, साथ ही वह जद(यू) पर लगातार निशाना साध रही है. सत्तारूढ़ राजग में भाजपा और जदयू सहयोगी दल हैं.

भाजपा ने राज्य में नीतीश कुमार के नेतृत्व पर विश्वास व्यक्त किया है, लेकिन अब वह लोजपा के साथ समीकरणों को लेकर दोगुनी सतर्कता बरतेगी. उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी सरकार का पक्ष रखने के लिए अक्सर रामविलास पासवान पर भरोसा करते थे और कई बार तो अनौपचारिक रूप से दलित मुद्दों पर उनके जरिये सरकार का संदेश जनता तक पहुंचाते थे.

भाजपा नेतृत्व पिछले कई वर्षों से रामविलास पासवान को अपना विश्वस्त सहयोगी बताता रहा है और वह उनकी पार्टी के साथ संबंधों में खटास नहीं लाना चाहेगा, जिसकी कमान अब पूरी तरह से चिराग के हाथ में है. स्वयं चिराग भी मोदी के पुरजोर समर्थक माने जाते हैं.

लोकसभा में जमुई का दूसरी बार प्रतिनिधित्व कर रहे चिराग जद(यू) से अलग होने का ऐलान करते हुए इस बात की भी घोषणा कर चुके हैं कि उनकी पार्टी उन सभी सीटों पर किस्मत आजमाएगी, जिन पर जद(यू) अपने उम्मीदवार उतार रही है। जबकि वह भाजपा के खिलाफ अपने उम्मीदवार नहीं उतारेगी.

 

Coronavirus Pandemic: दीपावली के दौरान फिर बढ़ सकती है COVID-19 के मामलों की संख्या-Experts

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महाराष्ट्र (Maharashtra) में पिछले कुछ दिनों में कोरोना वायरस (Coronavirus) के दैनिक मामले हालांकि 15 हजार या इससे कम हो गये हैं लेकिन एक चिकित्सा विशेषज्ञ ने शुक्रवार को चेताया कि दीपावली के दौरान इस महामारी के मामलों की संख्या फिर से बढ़ सकती है. एक अधिकारी ने बताया कि मामलों की संख्या में कमी आई है और प्रत्येक दिन होने वाली जांच की संख्या में भी कमी आई है. एक अधिकारी ने बताया कि गुरुवार की शाम तक इस महामारी के मामलों की संख्या 14,93,884 हो गई हैं और मृतक संख्या 39,430 पहुंच चुकी है. गुरुवार को इस महामारी के 13,395 मामले सामने आये थे.

कोविड-19 (COVID-19) पर राज्य की तकनीकी समिति के सदस्य डा. सुभाष सालुंखे (Dr Subhash Salunkhe) ने कहा, ‘मुझ सहित कई स्वास्थ्य अधिकारियों की राय है कि हमें दीपावली के त्योहार तक कोई राहत की उम्मीद नहीं करनी चाहिए. क्योंकि लोग इस अवधि के दौरान अधिक बाहर जाते हैं, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बढ़ जाती है.’ उन्होंने कहा, ‘पिछले कुछ दिनों में दैनिक मामलों में मामूली गिरावट को स्थिर स्थिति की तरह नहीं समझा जाना चाहिए. एक दूसरी लहर के बारे में भूल जाओ, पहली लहर दिवाली तक खत्म नहीं होगी.’

अधिक से अधिक प्रतिष्ठानों को फिर से खोले जाने के बारे में पूछे जाने पर हालांकि डा सालुंखे ने कहा, ‘हम लोगों को अब घरों पर रहने के लिए नहीं कह सकते. कई नौकरियां दांव पर हैं और अर्थव्यवस्था को भी आगे बढ़ने की जरूरत है.’ उन्होंने कहा, ‘अगर हम जांच बढ़ाते है तो इससे संक्रमण को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी.’

स्वास्थ्य विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘कुछ तकनीकी चुनौतियां हैं जो दैनिक जांच के आंकड़ों को नीचे ले आई हैं. हम सितंबर में लगभग 80,000 से 90,000 परीक्षण कर रहे थे लेकिन अब यह लगभग 70,000 है.’ राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार जांच को बढ़ाने में विफल रही है.

राहुल गांधी ने पवन ऊर्जा संयंत्रों से जुड़े सुझाव पर प्रधानमंत्री पर किया कटाक्ष, BJP का पलटवार

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कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पवन उर्जा संयंत्रों के इस्तेमाल से स्वच्छ पेयजल पैदा करने संबंधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुझाव को लेकर उन पर कटाक्ष किया जिसके बाद भाजपा नेताओं ने पलटवार करते हुए कहा कि कांग्रेस नेता को विज्ञान पत्रों को पढ़ने की जरूरत है.

राहुल गांधी ने एक पवन ऊर्जा कंपनी के सीईओ के साथ प्रधानमंत्री की बातचीत संबंधी वीडियो शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘‘भारत को असली खतरा यह नहीं है कि हमारे प्रधानमंत्री को समझ नहीं है, बल्कि यह है कि उनके ईद-गिर्द के लोगों में किसी में उन्हें इस बारे में बताने की हिम्मत नहीं है.’’

इस वीडियो में प्रधानमंत्री यह कहते सुने जा सकते हैं कि पवन ऊर्जा संयंत्र का इस्तेमाल करके न सिर्फ ऊर्जा, बल्कि ऑक्सीजन और स्वच्छ पेयजल पैदा किया जा सकता है.

राहुल गांधी के कटाक्ष को लेकर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘राहुल गांधी के ईद-गिर्द किसी को यह बताने की हिम्मत नहीं है कि उन्हें समझ नहीं है. उन्होंने उस विचार के लिए प्रधानमंत्री का मजाक बनाया जिसे दुनिया की एक बड़ी कंपनी के सीईओ ने समर्थन किया.’’

भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस नेता पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘राहुल जी, कल आप रात में उठ जाइए और दो विज्ञान पत्र पढ़िए जिन्हें मैंने यहां संलग्न किया है.’’ पात्रा ने दो खबरें शेयर की जिनमें कहा गया है कि पवन ऊर्जा संयंत्र के इस्तेमाल से पानी पैदा किया जा सकता है.

रेलवे ने बदला रिजर्वेशन से जुड़ा ये नियम, अब ट्रेन छूटने से 5 मिनट पहले तक मिल सकेगा कन्फ़र्म टिकट

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कोरोना संकट के दौर में यात्रियों को राहत देने के लिए रेलवे ने टिकटों के रिजर्वेशन को लेकर बड़ा बदलाव किया है. अब ट्रेनों में टिकट रिजर्वेशन का दूसरा चार्ट ट्रेन के स्टेशन से चलने के आधे घंटे पहले जारी किया जाएगा. ये बदलाव आज से लागू हो जाएगा. पिछले कुछ महीनों से कोरोना महामारी के मद्देनजर रेलवे ने ये समय दो घंटे कर दिया था.

एक बयान में रेलवे ने कहा, कोविड-19 से पूर्व के दिशानिर्देशों के तहत पहला रिजर्वेशन चार्ट ट्रेनों के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम चार घंटे पहले तैयार की जाती थी ताकि खाली बर्थ दूसरे रिजर्वेशन चार्ट के तैयार होने तक पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर पीआरएस काउंटरों और इंटरनेट के माध्यम से बुक किए जा सकें.

रेलवे ने कहा कि पहले दूसरा रिजर्वेशन चार्ट ट्रेनों के निर्धारित/ परिवर्तित प्रस्थान समय से 30 मिनट से लेकर पांच मिनट पहले तक तैयार किया जाता था. पहले से बुक टिकट भी रिफंड के प्रावधानों के अनुसार इस दौरान रद्द किए जा सकते थे. कोरोना महामारी के चलते दूसरा रिजर्वेशन चार्ट बनाने का समय ट्रेनों के निर्धारित प्रस्थान समय से आधा घंटा पहले से बढ़ाकर दो घंटा पहले करने का निर्देश दिया गया था.

रेल यात्रियों के लिए सुविधा सुनिश्चित करने के वास्ते जोनल रेलवे द्वारा किए गए अनुरोध के हिसाब से इस मामले पर विचार किया गया और तय किया गया कि दूसरा रिजर्वेशन चार्ट ट्रेनों के निर्धारित प्रस्थान समय से कम से कम आधा घंटा पहले तैयार कर लिया जाए.

रेलवे ने 25 मार्च से देशव्यापी लॉकडाउन के चलते सभी यात्री ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दी थी. हालांकि, बाद में चरणबद्ध तरीके से सेवाएं बहाल कर दी गई, जिसकी शुरुआत एक मई से प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाने के लिए श्रमिक स्पेशल शुरू करने से हुई.