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नवरात्रि : जानें घटस्थापना का महत्व व शुभ मुहूर्त, लेकिन रखें इन बातों का ध्यान

17 अक्टूबर से शरद नवरात्रि शुरू हो रहे हैं. शरद नवरात्रि को धूमधाम से पूरे देश में मनाया जाता है. नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है. घर में माता की चौकी रखी जाती है. नौ दिनों तक मां की पूजा की जाती है. कहा जाता है कि जो लोग नौ दिनों तक मां की पूजा और व्रत रखते हैं, उनपर मां की कृपा बन जाती है. इसलिए मां की कृपा पाने के लिए आप शरद नवरात्रि के दौरान मां की चौकी जरूर रखें और रोज इनकी पूजा करें. हो सके तो व्रत भी करें.

17 अक्टूबर को पहला शरद नवरात्रि है और पहले नवरात्रि में ही माता की चौकी की स्थापना की जाती है. आखिरी नवरात्रि 26 अक्टूबर को है. दरअसल इस बार अधिकमास लगने के कारण नवरात्रि एक महीने की देरी से शुरू हुए हैं. हर साल पितृपक्ष समाप्ति होते ही नवरात्रि शुरू हो जाती है, लेकिन इस बार अधिक मास होने के कारण नवरात्रि देरी से आए हैं.

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना की जाती है. घटस्थापना शुभ मुहूर्त के दौरान ही करनी चाहिए. घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 17 अक्टूबर 2020 को सुबह 06:23:22 से 10:11:54 तक रहेगा. यानी घटस्थापना की अवधि 3 घंटे 48 मिनट तक की होगी.

  1. घटस्थापना करने से पहले खुद को अच्छे से स्वच्छ कर लें. उसके बाद पूजा घर की सफाई करें. पूजा घर में एक चौकी रख दें. इसपर आप लाल रंग का वस्त्र बिछा दें. अब चौकी पर नवग्रहों को बना दें. नवग्रहों को आप हल्दी और चावल की मदद से बना सकते हैं.
  2. नवग्रह बनाने के बाद चौकी के पास एक पात्र रख दें. इस पात्र के अंदर मिट्टी डाल दें और ऊपर से जौं डाल दें.
  3. अब एक कलश को मिट्टी के पात्र के अंदर रख दें. इस कलश के अंदर जल भर दें. अब इसके अंदर आम के पत्ते डाल दें और नारियल रख दें.
  4. कलश की स्थापना करने के बाद चौकी पर मां की मूर्ति रखें दें. मूर्ति के सामने एक घी का दीपक जला दें.
  5. मां को फूलों की माला पहनाएं और फल चढ़ा दें. अब आप पूजा करने का संकल्प लें. संकल्प करते हुए हाथ में जल लें और मन के अंदर अपनी मनोकामना बोल दें. साथ में मां से प्रार्थन करें कि वो आपकी पूजा को स्वीकार करें.
  6. संकल्प लेने के बाद जल को चौकी के पास धरती पर छोड़ दें. अब आप पूजा शुरू करें और दूर्गा मां का पाठ करें. आप चाहें तो दुर्गा स्तोत्र का पाठ भी कर सकते हैं.
  7. दुर्गा स्तोत्र का पाठ पूरा करने के बाद खड़े होकर मां की आरती करें. इसी प्रकार से शाम को भी आप पूजा करें.
  8. नौ दिनों तक मां की ऐसे ही मन लगाकर पूजा करते रहें. वहीं आखिर दिन आप कन्या पूजन करें और कन्याओं को भोजन करवाएं. हो सके तो आखिरी नवरात्रि के दिन घर में हवन भी जरूर करवा लें.नवरात्रि के हर दिन मां के नौ रूपों की पूजा की जाती है। मां के इन नौ रूपों के नाम इस प्रकार हैं
    1. शैलपुत्री
    2. ब्रह्मचारिणी
    3. चंद्रघंटा
    4. कूष्माण्डा
    5. स्कंदमाता
    6. कात्यायनी
    7. कालरात्रि
    8. महागौरी
    9. सिद्धिदात्री

    ना करें ये काम

    • नवरात्रि के नौ दिन आप प्याज व लहसुन का सेवन ना करें.
    • घर में चौकी रखने के बाद केवल जमीन पर ही सोएं.
    • कन्याओं का अपमान ना करें.
    • शराब का सेवन करने से बचें.

     

यूपी के बलरामपुर में दलित युवती के साथ हैवानियत, गैंगरेप के बाद तोड़ी कमर और पैर, घर लौटते ही हुई मौत

उत्तर प्रदेश के हाथरस के बाद अब बलरामपुर में भी इंसानियत को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. जहां सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपियों ने एक युवती की कमर और दोनों पैर तोड़ दिए. इसके बाद छात्रा को रिक्शे में बिठाकर घर भेज दिया गया, जहां कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई. मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. इस घटना के इलाक़े में काफ़ी रोष देखा जा रहा है.

घटना बलरामपुर के गैसड़ी कोतवाली क्षेत्र की है. युवती के परिजनों का आरोप है कि 22 साल की दलित छात्रा 29 सितंबर की सुबह करीब 10 बजे बीकाॅम में एडमिशन कराने घर से निकली थी लेकिन घर नहीं लौटी. शाम को करीब 5 बजे उसकी खोजबीन शुरू हुई। करीब 7 बजे शाम को पीड़ित युवती एक रिक्शे से बुरी तरह से घायल अवस्था में घर पहुंची. उसकी ये हालत देख घर वालों ने पूछताछ करने की कोशिश की तो वह दर्द से कराहने लगी. जिसके बाद परिजनों ने गांव के दो डॉक्टरों को दिखाया, लेकिन जब परिजन उसका इलाज करवाने के लिए जिला मुख्यालय रवाना हुए तो कुछ दूर जाते ही युवती ने दम तोड़ दिया.

मृतक युवती की मां का आरोप है कि उसकी बेटी को इंजेक्शन लगाकर हैवानियत की वारदात को अंजाम देने के बाद कमर और दोनों टांगों को तोड़कर रिक्शे पर बैठाकर घर भेज दिया गया जिसके बाद वो कुछ भी बोल नहीं पा रही थी. वह सिर्फ इतना कह पाई, ‘बहुत दर्द है अब मैं बचूंगी नहीं.’ हालांकि बलरामपुर एसपी देव रंजन वर्मा ने युवती के हाथ पैर और कमर तोड़ने की बात से इंकार किया है क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि नहीं हुई है.

सूत्रों की मानें तो गैगरेप के बाद युवती के आंतरिक और बाहरी अंगों में काफी चोटें आई हैं जिसके कारण उसकी मौत हो गई. घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक देव रंजन वर्मा ने बताया कि मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. घटना की जांच की जा रही है.

बताया जा रहा है कि जब छात्रा घर पहुंची तो कीचड़ से लथपथ थी और उसके हाथ में ग्लूकोज चढ़ाने वाला वीगो लगा था. परिजनों ने जब गांव में पता करने की कोशिश की तो पता चला की गांव के ही एक डॉक्टर को गांव के ही एक लड़के ने एक घर में युवती की इलाज के लिए बुलाया था.

परिजनों ने आरोप लगाया कि जब युवती पचपेड़वा के विमला विक्रम महाविद्यालय में एडमिशन कराकर लौट रही थी तो गांव के ही 5 से 6 लड़कों ने उनका अपहरण कर लिया और गांव के ही एक घर में ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया. जिस रिक्शे पर युवती को घर पहुंचाया गया उसपर खून के धब्बे और रास्ते में उसकी जूती भी पाई गई है.

जघन्य गैंगरेप की शिकार पीड़ित दलित छात्रा मेधावी थी. करीब दो साल वह एक संस्था के जरिए किसानों को आधुनिक खेती करने के लिए जागरूक करने का काम भी करती थी. घटना के बाद पुलिस ने युवती के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया.

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि संयुक्त जिला चिकित्सालय स्थित पोस्टमॉर्टम हाउस में करीब 6 घंटे तक युवती का पोस्टमार्टम 4 डाक्टरों के पैनल ने किया. बलरामपुर के सीएमओ को भी पोस्टमार्टम हाउस तक आना पड़ा. देर शाम युवती का शव परिजनों को सौंपा गया.

Unlock-5 की गाइडलाइंस जारी, जानें क्या खुलेगा और क्‍या रहेगा बंद

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है. रोजाना 80 हजार से ज्यादा नए मामले सामने आ रहे हैं. हालांकि अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए देशभर में अनलॉक (Unlock) की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. 1 अक्टूबर यानी कि कल से देशभर में अनलॉक 5.0 (Unlock 5.0) शुरू होगा. गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन जारी कर बताया है कि अनलॉक 5 में क्या खुलेगा और किन चीजों पर पाबंदी जारी रहेगी. गृह मंत्रालय की गाइडलाइन – सिनेमा/थिएटर/मल्टीप्लेक्स में उनकी बैठक क्षमता से 50% तक दर्शक को आने की अनुमति होगी. इसके लिए सूचना और प्रसारण मंत्रालय एसओपी जारी करेगा. – बिजनेस टू बिजनेस (बी 2 बी) एग्जिबिशंस लगाई जा सकेंगी. इनके लिए वाणिज्य विभाग एसओपी जारी करेगा. – खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए उपयोग होने वाले स्विमिंग पूल को खोलने की अनुमति होगी, जिनके लिए खेल मंत्रालय एसओपी जारी करेगा. – अम्‍यूजमेंट पार्क और इसी तरह के स्थानों को खोलने की भी अनुमति होगी और इन सभी के लिए स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय एसओपी जारी करेगा. – स्कूल, कॉलेज, शिक्षा संस्थान और कोचिंग संस्थान को चरणबद्ध तरीके से खोलने के लिए राज्य/केंद्र शासित प्रदेश की सरकारों को फ्लेक्जिबिलिटी दी गई है और वे स्थितियों को देखते हुए 15 अक्टूबर 2020 के बाद इन्‍हें फिर से खोलने के लिए निर्णय ले सकेंगे.हालांकि इसके लिए सरकारें स्कूलों/संस्थान प्रबंधनों के साथ परामर्श करेंगी और दी गई शर्तों का पालन करेंगी. – ऑनलाइन एजुकेशन/डिस्टेंस लर्निंग जारी रहेगा और इसे लगातार प्रोत्साहित किया जाएगा. – छात्रों की स्‍कूलों में उपस्थिति अभिभावकों की लिखित सहमति से ही लागू होगी. इनके लिए भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा जारी की जाने वाली SOP के आधार पर स्‍थानीय जरूरतों को ध्‍यान में रखते हुए राज्‍य/केंद्र शासित प्रदेश अपनी-अपनी SOP तैयार करेंगे. – जो स्कूल ऑनलाइन क्‍लासेस चला रहे हैं और उनके कुछ छात्र शारीरिक रूप से स्‍कूल में उपस्थित होने के बजाय ऑनलाइन ही पढ़ना चाहते हैं तो उन्‍हें ऐसा करने की अनुमति दी जाएगी. – वहीं उच्‍च शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्रालय कॉलेज/उच्‍च शिक्षा संस्‍थान खोलने के लिए गृह मंत्रालय की सलाह से निर्णय ले सकते हैं. यहां भी ऑनलाइन क्‍लास और डिस्‍टेंस लर्निंग को जारी रखा जाएगा और प्रोत्‍साहित भी किया जाएगा. – उच्च शिक्षा संस्थानों के पीएचडी स्‍टूडेंट्स और साइंस-टेक्‍नॉलॉजी वाले पोस्‍ट ग्रेजुएट के स्‍टूडेंट्स के लिए लैब शुरू करने और प्रायोगिक कक्षाएं शुरू करने की भी 15 अक्‍टूबर 2020 से अनुमति दी जाएगी. कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्यों में महाराष्ट्र टॉप पर है जिसके चलते राज्य में लॉकडाउन को 31 अक्टूबर तक बढ़ा दिया गया है. हालांकि इस बीच देश की आर्थिक राजधानी मुंबई समेत पूरे राज्य के रेस्टोरेंट और बार मालिकों के लिए राहत भरी खबर आई है. राज्य सरकार ने 5 अक्टूबर से पूरे महाराष्ट्र में बार और रेस्टोरेंट खोलने की इजाजत दे दी है. 50 प्रतिशत क्षमता के साथ बार और रेस्टोरेंट शुरू किए जा सकेंगे. बता दें कि मुंबई सहित पूरे महाराष्ट्र में मार्च महीने से ही रेस्टोरेंट और बार बंद हैं

Hathras Gangrape Case : प्रधानमंत्री मोदी ने की मुख्यमंत्री से बात, योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी गठित की

हाथरस में दलित लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और मौत के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की और दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस मामले में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया. एसआईटी को सात दिन में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए गए हैं. साथ ही मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में किए जाने के निर्देश दिए.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर जानकारी दी कि हाथरस मामले में प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात की है. ट्वीट में कहा ‘ आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने हाथरस की घटना पर वार्ता की है और कहा है कि दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए. ‘ इससे पहले कथित सामूहिक बलात्कार और पीड़िता की मौत के मामले में मुख्यमंत्री योगी ने उप्र शासन के गृह सचिव भगवान स्वरूप की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय विशेष जांच दल के गठन के आदेश दिए. एसआईटी अपनी रिपोर्ट सात दिन में पेश करेगी.

मुख्यमंत्री ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने के निर्देश दिये हैं.

मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा हाथरस की घटना की जांच हेतु तीन सदस्यीय एसआईटी गठित की गई है, जिसके अध्यक्ष सचिव गृह भगवान स्वरूप एवं चंद्रप्रकाश, पुलिस उप महानिरीक्षक व पूनम, सेनानायक पीएसी आगरा सदस्य होंगे.  एसआईटी अपनी रिपोर्ट सात दिन में पेश करेगी.

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा किये गये दूसरे ट्वीट में कहा गया कि ‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाथरस की घटना के लिये दोषी व्यक्तियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाने और प्रभावी पैरवी करने के स्पष्ट निर्देश दिये है.’  हाथरस के पुलिस अधीक्षक विक्रांत सिह ने बताया कि लड़की का अंतिम संस्कार बीती रात दो बजे परिजनों की सहमति से पुलिस बल की मौजूदगी में किया गया.

हालांकि लड़की के परिजनों का आरोप है कि अंतिम संस्कार के लिये उनकी सहमति नही ली गयी. लड़की के भाई ने कहा कि ‘पुलिस जबदरदस्ती शव को ले गयी’. इस बीच, रात में लड़की के अंतिम संस्कार किये जाने पर विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाया है . नेताओं का कहना है कि पुलिस का ऐसा करना संदेह के घेरे में है .

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने एक ट्वीट में कहा कि ‘ यूपी पुलिस द्वारा हाथरस की गैंगरेप पीड़िता के शव को उसके परिवार को न सौंपकर उनकी मर्जी के बिना व उनकी गैर-मौजूदगी में ही कल आधी रात को अन्तिम संस्कार कर देना लोगों में काफी संदेह व आक्रोश पैदा करता है. बीएसपी पुलिस के ऐसे गलत रवैये की कड़े शब्दों में निन्दा करती है.

मायावती ने दूसरे ट्वीट में कहा ‘अगर माननीय सुप्रीम कोर्ट इस संगीन प्रकरण का स्वयं ही संज्ञान लेकर उचित कार्रवाई करे तो यह बेहतर होगा, वरना इस जघन्य मामले में यूपी सरकार व पुलिस के रवैये से ऐसा कतई नहीं लगता है कि गैंगरेप पीड़िता की मौत के बाद भी उसके परिवार को न्याय व दोषियों को कड़ी सजा मिल पाएगी.

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि ‘हाथरस की बेटी बलात्कार-हत्याकांड’ में शासन के दबाव में, परिवार की अनुमति बिना, रात्रि में पुलिस द्वारा अंतिम संस्कार करवाना, संस्कारों के विरुद्ध है. ये सबूतों को मिटाने का घोर निंदनीय कृत्य है. भाजपा सरकार ने ऐसा करके पाप भी किया है और अपराध भी. ‘ हाथरस जिले में गत 14 सितम्बर को कथित रूप से सामूहिक बलात्कार और गला दबाये जाने की घटना की शिकार हुई 19 वर्षीय दलित लड़की ने मंगलवार सुबह दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था.

गौरतलब है कि गत 14 सितंबर को प्रदेश के हाथरस जिले के चंदपा थाना क्षेत्र स्थित एक गांव में 19 साल की एक दलित लड़की के साथ कथित तौर पर सामूहिक दुष्कर्म की वारदात हुई थी. पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

पुलिस अधीक्षक विक्रांतवीर के मुताबिक लड़की ने अपने साथ बलात्कार की वारदात के बारे में पुलिस को पहले कुछ नहीं बताया था मगर बाद में मजिस्ट्रेट को दिए गए बयान में उसने आरोप लगाया कि संदीप, रामू, लव कुश और रवि नामक युवकों ने उसे अपनी हवस का शिकार बनाया था. विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश करते हुए उसका गला दबाया था. चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

Bihar Assembly Election 2020: अपने ‘पुराने दिन’ फिर वापस लाने के लिए बेताब है कांग्रेस

बिहार विधानसभा चुनाव के लिए सीट बंटवारे में कांग्रेस अपने हिस्से अधिक से अधिक सीटों को लाने के प्रयास में जुटी है. महागठबंधन के प्रमुख घटक दल कांग्रेस में इसे लेकर पटना से दिल्ली तक मंथन जारी है. बिहार की सत्ता पर कई वर्षों तक एकछत्र राज कर चुकी कांग्रेस अब फिर से पुराने दिन लाने के लिए बेचैन है. हालाँकि यह आसान नहीं है.

बिहार में कांग्रेस के जनाधार घटने का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि आज कांग्रेस जैसी राष्ट्रीय और बड़ी पार्टी बिहार में अपेक्षाकृत काफी छोटी पार्टियों के साथ गठबंधन कर अपने पुराने रुतबे को तलाशने के प्रयास में जुटी है.बिहार में किसी जमाने में कांग्रेस का सामाजिक व राजनीतिक दबदबा पूरी तरह था, लेकिन बाद के दिनों में कांग्रेस इसे बनाए रखने में नाकाम रही और राजनीति में पिछड़ती चली गई. आज भी कहने को तो यहां प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं, लेकिन अब तक यहां कमिटि नहीं बनी. काम चलाने के लिए कार्यकारी अध्यक्षों की नियुक्ति जरूर कर दी गई.

कांग्रेस बिहार में जब वर्ष 1990 में (अकले दम पर) सत्ता से बाहर हुई तब से न केवल उसका सामाजिक आधार सिमटता गया बल्कि उसकी साख भी फीकी पड़ती चली गई. कांग्रेस के एक नेता नाम नहीं प्रकाशित करने की शर्त पर कहते हैं कि कांग्रेस जनता से दूर होती चली गई. मतदाताओं के अनुरूप कांग्रेस खुद को ढाल नहीं सकी. बिहार में आए सामाजिक बदलावों के साथ खुद को जोड़ नहीं पाई. सामाजिक स्तर पर राजनीतिक चेतना बढ़ी जिसे कांग्रेस आत्मसात नहीं कर सकी.

बिहार में वर्ष 1952 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को कुल मतों का 42.09 प्रतिशत वोट मिले थे जबकि वर्ष 1967 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के हिस्से 33.09 प्रतिशत मत आए.कांग्रेस के सत्ता से दूर होने का मुख्य कारण पारंपरिक वोटों का खिसकना माना जाता है. पूर्व में जहां कांग्रेस को अगड़ी, पिछड़ी, दलित जातियों और अल्पसंख्यक मतदाताओं का वोट मिलता था, कलांतर में वह विमुख हो गया. चुनाव दर चुनाव बिहार में कांग्रेस पार्टी सिमटती चली गई.

वर्ष 1990 में हुए विधानसभा चुनाव में जहां कांग्रेस के 71 प्रत्याशी जीते थे वहीं 1995 में हुए चुनाव में मात्र 29 प्रत्याशी ही विधानसभा पहुंच सके. वर्ष 2005 में हुए चुनाव में नौ जबकि 2010 में हुए चुनाव में कांग्रेस के चार प्रत्याशी ही विजयी पताका फहरा सके.

पिछले चुनाव में कांग्रेस, जदयू और राजद मिलकर चुनाव मैदान में उतरी और कांग्रेस को भारी सफ लता भी मिली. कांग्रेस 27 सीटों पर विजयी हुई और सरकार में भी शामिल हुई. बाद में हालांकि जदयू के अलग होने के बाद सरकार नहीं रही और जदयू ने भाजपा के साथ मिलकर सरकार बना ली. कांग्रेस एक बार फि र इसी सफलता को अब और सुधारना चाहती है.

कांग्रेस के प्रवक्ता हरखू झा कहते हैं कि कांग्रेस के जनाधार में आई कमी का सबसे बड़ा कारण उसके पारंपरिक वोटों का बिखराव था, हालांकि अब वह इतिहास की बात है. कांग्रेस एकबार फि र बिहार में मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतर रही है. उन्होंने कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की स्थिति में और सुधार संभव है.

 

RR vs KKR: हार के बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान स्टीव स्मिथ बोले- विकेट के अनुरूप खुद को ढाल नहीं सके बल्लेबाज

पिछले मैच में चमत्कारिक जीत दर्ज करने के बाद कोलकाता नाइट राइडर्स से मिली हार से मायूस राजस्थान रॉयल्स के कप्तान स्टीव स्मिथ ने कहा कि उनके बल्लेबाज विकेट के अनुरूप ढल नहीं सके और मैदान के आकार को भांपने में गलती की. अपने पिछले दोनों मैचों में शारजाह में 200 के पार रन बनाने वाली रॉयल्स 175 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए नौ विकेट पर 137 रन ही बना सकी.

हार के बाद स्मिथ ने कहा, ‘‘ टी20 क्रिकेट में ऐसा होता है. हमने शुरूआत में ही कई विकेट गंवा दिये और हमारे कई बल्लेबाजों को लगा कि अभी शारजाह में ही खेल रहे हैं. यह मैदान काफी बड़ा था और ज्यादा चौके छक्के नहीं लगे.’’ उन्होंने कहा ‘‘ हम विकेट के अनुरूप ढल नहीं सके और मैदान के आकार को आंकने में गलती की.’’

वहीं, दो अहम विकेट लेने के अलावा दो कैच लपकने वाले युवा गेंदबाज कमलेश नागरकोटी ने कहा कि उन्होंने अपनी रणनीति पर अमल करने पर फोकस किया. उन्होंने कहा ‘‘ विकेट लेना अहम था और चूंकि हम दबाव बना चुके थे तो मैने बस अपनी रणनीति पर अमल किया.’’

नागरकोटी ने कहा ,‘‘ मैं अपने परिवार और सहयोगी स्टाफ को धन्यवाद देना चाहता हूं. उनके अलावा द्रविड़ सर (राहुल द्रविड़) और अभिषेक भैया (शर्मा) को भी धन्यवाद दूंगा. यह शानदार अनुभव है. मैं पैट कमिंस से बहुत कुछ सीख रहा हूं और मैच में उस पर अमल करने की कोशिश करता हूं’’

Babri Demolition Case: आडवाणी,जोशी कल्याण सिह समेत सभी 32 आरोपी बरी

Babri Demolition Case में सीबीआई की विशेष अदालत ने अयोध्या में 6 दिसम्बर 1992 को विवादित ढांचा गिराये जाने के मामले में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ,मुरली मनोहर जोशी ,कल्याण सिंह ,उमा भारती समेत सभी 32 आरोपियों को आज बरी कर दिया गया.

सीबीआई के विशेष जज सुरेन्द्र कुमार यादव ने माना कि विवादित ढांचा गिराये जाने में कोई षडयंत्र नहीं था. कार सेवा के नाम पर लाखों लोग अयोध्या में जुटे थे और उन्होंने आक्रोश में विवादित ढांचा गिराया.  विशेष जज का यह भी कहना था कि आडियो टेप के साथ छेड़छाड़ की गयी. प्रस्तुत किये गये फोटाेग्राफ के निगेटिव नहीं दिये गये. इससे साबित होता है कि विवादित ढांचा गिराने के मामले में आरोपियों का कोई हाथ नहीं था.

सीबीआई जज ने कहा कि जो कुछ हुआ वो अचानक था और किसी भी तरह से पूर्व नियोजित नहीं था. मुस्लिम पक्ष की ओर से मुकदमा लड़ने वाले इकबाल अंसारी ने कहा कि अदालत के फैसले का वो सम्मान करते हैं. उच्चतम न्यायालय ने जब पिछले साल नौ नवम्बर को जब राम मंदिर के पक्ष में फैसला दे दिया तो इस मुकदमे का ऐसे भी कोई मतलब नहीं रह गया था.
आपको बता दें कि इस केस में लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, कल्याण सिंह, उमा भारती, विनय कटियार, साध्वी ऋतंभरा, महंत नृत्य गोपाल दास, डॉ. राम विलास वेदांती, चंपत राय, महंत धर्मदास, सतीश प्रधान, पवन कुमार पांडेय, लल्लू सिंह, प्रकाश शर्मा, विजय बहादुर सिंह, संतोष दुबे, गांधी यादव, रामजी गुप्ता, ब्रज भूषण शरण सिंह, कमलेश त्रिपाठी, रामचंद्र खत्री, जय भगवान गोयल, ओम प्रकाश पांडेय, अमर नाथ गोयल, जयभान सिंह पवैया, महाराज स्वामी साक्षी, विनय कुमार राय, नवीन भाई शुक्ला, आरएन श्रीवास्तव, आचार्य धर्मेंद्र देव, सुधीर कुमार कक्कड़ और धर्मेंद्र सिंह गुर्जर आरोपी बनाए गए थे.
ग़ौरतलब है कि नवंबर 2019 में सुप्रीम कोर्ट राम जन्मभूमि विवाद पर फैसला दे चुका है और मंदिर के हक में फैसला आने के बाद अयोध्या में राम मंदिर की नींव पड़ चुकी है.

Shani Margi 2020: बदल गई शनि देव की चाल, इन 8 राशियों के जातक होंगे मालामाल। जानिए क्या होता है ग्रहों का मार्गी या वक्री होना ?

शनि देव मंगलवार, 29 सितंबर को वक्री से मार्गी (Shani margi 2020)  हो गए हैं. जानकार बताते हैं कि शनि देव की चाल पलटते ही 8 राशियों के जातकों की झोली खुशियों से भर जाएगी और वे आर्थिक रूप से भी प्रबल हो जाएंगे. बताया जा रहा है शनि देव के मार्गी होने के बाद अगले 142 दिनों तक कई राशियों (Shani effects on rashi) को भरपूर लाभ मिलेगा.

दरअसल ज्योतिष में ग्रहों का वक्री या मार्गी होने का मतलब ग्रह सीधी चाल से चलते हैं या उल्टी चाल से. जब कोई ग्रह किसी राशि में रहते हुए सीधी चाल से चलता है तो उसे मार्गी कहते हैं. वहीं जब ग्रह उल्टी दिशा में चलते है तो उसे वक्री कहते हैं.

शनि 11 मई 2020 को वर्की हुए थे. इससे पहले 24 जनवरी को शनि ने धनु से मकर राशि में गोचर किया था. शनि के मार्गी होने से मिथुन, कन्या, कर्क, धनु और वृश्चिक राशि वालों का फायदा हो सकता है. शनि ढाई साल में एक राशि से दूसरी राशि में जाते हैं. इससे शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू होती है. तो चलिए आपको बताते हैं कि शनि देव के मार्गी होने से किन राशियों पर क्या प्रभाव पड़ने वाले हैं.

मेष- शनि आपके दसवें भाव में है. करियर से जुड़ी समस्याएं खत्म होंगी. अगले 6 महीने में रोजगार की तलाश खत्म हो सकती है. 10वां भाव कर्म का भाव होता है और शनि भी कर्म के देवता हैं. अक्टूबर से दिसंबर के बीच कई उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं. आपकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार आ सकता है. हालांकि जीवनसाथी की सेहत को लेकर चिंता बढ़ सकती है.

वृषभ- शनि वृषभ राशि के नौवें भाव में सीधी चाल चलेगा. ये भाव भाग्य का भाव है और शनि आपके कर्म का भी स्वामी है. लंबे समय से चल रही खराब स्थिति में सुधार हो सकता है. साल के आखिरी तीन महीनों में माता-पिता के साथ थोड़े विवाद उत्पन्न हो सकते हैं. भाई-बहन के साथ संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है. करियर और प्रोफेशन में थोड़ी दिक्कतें आ सकती हैं. वाणी पर कंट्रोल रखने से स्थिति बेहतर हो सकती है.

मिथुन- मिथुन राशि के आठवें भाव में शनि मार्गी होने जा रहे हैं. इस राशि में शनि की ढैय्या चल रही है. शनि का ज्यादा प्रभाव 10वें भाव यानी धन भाव पर रहेगा. समय बहुत अच्छा नहीं रहने वाला है. अगले 6 महीने काफी संघर्ष करना पड़ सकता है. लेकिन धन के मामले में स्थिति बेहतर हो सकती है. पिता की सेहत को नुकसान हो सकता है. प्रॉपर्टी से जुड़े विवाद सुलझ सकते हैं.

कर्क- शनि आपकी राशि के सातवें भाव में मार्गी होने जा रहे हैं. जीवन में आलस्य भरा रहेगा. सुस्त रहने की वजह से कई बड़े अवसर हाथ से निकल सकते हैं. अब तक चल रही पैसों की तंगी में कुछ हद तक कमी आ सकती है. तनाव ज्यादा ले रहे हैं तो शनि का छाया दान करने से लाभ होगा. शनि की दृष्टि में विष होता है, इसलिए सेहत का ध्यान रखें.

सिंह- सिंह राशि के छठे भाव में शनि मार्गी होने जा रहे हैं. शनि की पूरी दृष्टि 8वें और 12वें भाव पर होगी. शत्रुओं पर जीत हासिल करेंगे. खर्चों में कटौती होगी. किसी भी काम में बड़ी सफलता मिलने के योग बन रहे हैं. अगले छह महने में मेहनत का अच्छा फल आपको मिल सकता है. लंबे समय से चल रही बीमारियों से मुक्ति मिलेगी. नौकरी बदलने वालों के लिए दिसंबर से मार्च के बीच का समय काफी शुभ रहेगा.

कन्या- क्या राशि के पांचवें भाव में शनि मार्गी होंगे. पढ़ाई-लिखाई करने वाले विद्यार्धियों को बड़ा फायदा होगा. बच्चों की शिक्षा को लेकर समय बेहतर रहेगा. नए काम या व्यापार की शुरुआत होने की संभावना है. माता-पिता या रिश्तेदारों से आर्थिक मदद ले सकते हैं. किसी भी कार्य में हाथ डालने से पहले शुभचिंतकों की सलाह जरूर लें.

तुला- तुला राशि के चौथे भाव में शनि मार्गी होंगे. मानसिक स्थिति थोड़ी कमजोर रहेगी. आर्थिक रूप से भी थोड़े कमजोर रहेंगे. अगले 6 महीने में भाई-बहनों के साथ मतभेद हो सकते हैं. सेहत को लेकर भी चिंता हो सकती है. दिसंबर के बाद देश-विदेश में यात्रा के योग बन सकते हैं. चार शनिवार एक नारियल सिर से वारकर निर्धन व्यक्ति को देने से लाभ मिलेगा.

वृश्चिक- शनि आपकी राशि के तीसरे भाव में मार्गी होने जा रहे हैं. लंबे समय तक साढ़े साती झेलने के बाद शनि वक्री हो गए थे, जिससे आपको बड़ा नुकसान हुआ. लेकिन अब आपके सिर से बुरा समय टल गया है. दिक्कतें खत्म होने जा रही और निश्चित तौर पर आपको आर्थिक लाभ मिलने जा रहा है. अगले 6 महीने आपके लिए बेहद शुभ रहने वाले हैं.

धनु- धनु राशि के दूसरे भाव में शनि मार्गी होंगे. आपको मिलने वाले परिणाम मेहनत पर निर्भर करेंगे. मार्ग शनि से आपको लाभ मिल सकता है. पैसों की तंगी दूर हो सकती है. हालांकि बच्चों की शिक्षा, जमीन, जायदाद के मामले में खर्चे बढ़ सकते हैं. हालांकि यहां भी लाभ की स्थिति बनी रहेगी. पिता का पूरा सहयोग आपको मिलेगा.

मकर- मकर राशि में शनि की साढ़ी साती चल रही है. तीसरे, सातवें और कर्म भाव में शनि की दृष्टि होने से आपकी मुश्किलें अभी भी कम नहीं होंगी. साढ़े साती का दूसरा चरण है. सबसे ज्यादा सेहत को नुकसान होगा. हालांकि आर्थिक रूप से ज्यादा दिक्कतें नहीं देखने को मिलेंगी. ऑफिस में आपके काम की प्रशंसा भी होगी.

कुंभ- शनि आपकी राशि के 12वें भाव में मार्गी होंगे. शनि कुंभ राशि का ही स्वामी है. धन भाव, शत्रु भाव और भाग्य भाव पर शनि की दृष्टि है. ये समय वाद-विवादों से भरा रहेगा. निजी जीवन में उथल पुथल रहेगी. किसी भी बड़े खर्चे, निवेश या गाड़ी खरीदने से बचें. आर्थिक स्थिति भी बहुत अच्छी रहने की संभावना नहीं है.

मीन-मीन राशि के 11वें भाव में शनि मार्गी होंगे. शनि की सीधी चाल आपको लाभ और हानि दोनों देगी. करियर चमकने का समय आ गया है. सुस्ती का त्याग करने और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने से शनि बेहद लाभ देंगे. दाढ़ी-नाखुन बढ़ाने से बचें. सेहत के मामले में ज्यादा दिक्कतें नहीं रहेंगी. माता-पिता का सहयोग मिलेगा. दिसंबर के बाद आपके लिए समय काफी अच्छा रहेगा.

हाथरस गैंगरेप पर भड़की प्रियंका, कहा-यूपी में हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है कानून व्यवस्था 

उत्तर प्रदेश में महिलाओं के ख़िलाफ़ लगातार बढ़ रहे अपराध पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने योगी सरकार पर हल्ला बोला है.प्रियंका गांधी ने कहा यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है. महिलाओं की सुरक्षा का नाम-ओ-निशान नहीं है. अपराधी खुले आम अपराध कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्होंने उत्तर प्रदेश के हाथरस  में गैंगरेप (Hathras Gangrape) का शिकार युवती के लिए इंसाफ़ की माँग और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है. ग़ौरतलब है कि हाथरस  में गैंगरेप(Hathras Gangrape) का शिकार युवती का आज दिल्ली अस्पताल में उपचार के दौरान निधन हो गया है. इस घटना को लेकर पूरे देश में रोष देखा जा रहा है.

दरअसल प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक के बाद एक ट्वीट किए। अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा ‘हाथरस में हैवानियत झेलने वाली दलित बच्ची ने सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया. दो हफ्ते तक वह अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझती रही. हाथरस, शाहजहांपुर और गोरखपुर में एक के बाद एक रेप की घटनाओं ने राज्य को हिला दिया है.’

अपने दूसरे ट्वीट में प्रियंका लिखती हैं कि ‘यूपी में कानून व्यवस्था हद से ज्यादा बिगड़ चुकी है. महिलाओं की सुरक्षा का नाम-ओ-निशान नहीं है. अपराधी खुले आम अपराध कर रहे हैं. इस बच्ची के कातिलों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए. सीएम योगी यूपी की महिलाओं की सुरक्षा के प्रति आप जवाबदेह हैं.’

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस स्थित चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में एक युवती दुष्कर्म का शिकार हो गयी थी. वहशियों की दरिंदगी की शिकार पीड़िता की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई. पीड़िता पिछले दो हफ्ते से अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती थी. वहां हालत में कोई सुधार नहीं होने पर उसे दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था. इस मामले में चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है.

पीड़िता ने मजिस्ट्रेट को दिए अपने बयान में कहा था कि चार युवकों ने उनके साथ गैंगरेपकिया और विरोध करने पर उसका गला घोंटने की कोशिश की, जिसमें पीड़िता की जीभ कट गई थी. पीड़िता ने चारों आरोपियों की पहचान संदीप, रामू, लवकुश और रवि के रूप में की थी. पुलिस अधीक्षक ने बताया था कि संदीप को घटना के दिन ही गिरफ्तार कर लिया गया था. बाद में रामू और लवकुश को भी गिरफ्तार किया गया और शनिवार को चौथे आरोपी रवि को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. चारों आरोपियों के खिलाफ गैंगरेपऔर हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया गया है.

अधिकारियों ने कहा कि मुकदमा त्वरित अदालत में चलाया जाएगा. पीड़िता को घटना के दूसरे दिन अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था. वहां वह वेंटिलेटर पर थी और शुरूआत से ही उसकी हालत चिंताजनक थी. इस पर दो दिनों के मंथन के बाद सोमवार को ही उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया था, जहां उसकी मौत हो गई.

 

यूट्यूब पर तहलका मचा रहा खेसारी लाल यादव का ‘भतार रोवेला’ गाना, अबतक1,004,458 बार लोगों ने देखा

भोजपुरी अभिनेता एवं गायक खेसारी लाल यादव (Khesari Lal Yadav) पर फिल्माया गया एक वायरल हो रहा है. इस गाने के बोल है ‘भतार रोवेला'(Bhatar Rowela). इस गाने को गाया है खेसारी लाल यादव ने  और इसे संगीत दिया दिया है शंकर सिंह ने. इस गाने को लिखा है अजीत हलचल ने.

यू ट्यूब पर अब तक इस गाने को 1,004,458 बार देखा जा चुका है. खेसारी लाल का ये गाना यूट्यूब से लेकर सोशल मीडिया में धूम मचा रहा है. आप भी देखिए खेसारी लाल यादव का ये गाना..