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Bihar Assembly Election 2020 : पटना के बांकीपुर सीट से विधानसभा से चुनाव लडेंगी पुष्पम प्रिया चौधरी, 241 सीटों पर पार्टी उतारेगी उम्मीदवार

प्लुरल्स पार्टी की प्रेसिडेंट और पार्टी की मुख्यमंत्री उम्मीदवार पुष्पम प्रिया चौधरी पटना के बांकीपुर विधानसभा से चुनाव लडेंगी. आज उन्होंने घोषणा कि थी कि वह दो विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव लड़ेंगी, जिसमें एक क्षेत्र मगध और दूसरा मिथिला होगा.

मगध क्षेत्र के बांकीपुर ,पटना से आज उन्होंने चुनाव लड़ने की घोषणा की है. उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए लिखा कि “प्लुरल्स पोल कमिटी की अनुशंसा पर मैं पुष्पम प्रिया चौधरी बिहार की जीवनदायिनी गंगा के दक्षिण-तट अवस्थित मगध में सम्राट चंद्रगुप्त और ‘देवों के प्रिय’ अशोक की प्राचीन राजधानी पुष्पपुर-पाटलिपुत्र-पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र (182) से प्लुरल्स की उम्मीदवार होऊँगी.

मैं इंस्टिट्यूट ऑफ डेवेलपमेंट स्टडीज़, यूनिवर्सिटी ऑफ ससेक्स, से डेवेलपमेंट स्टडीज़ में और लंदन स्कूल ऑफ ईकोनोमिक्स एंड पोलिटिकल सायंस से पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में मास्टर्स हूँ और चाणक्य के कहे अनुसार एक शासक बनने के लिए आवश्यक विषयों – पॉलिटिक्स, फ़िलासफ़ी और ईकोनॉमिक्स की मैंने गहन पढ़ाई की है और विकसित समाज के लिए पॉलिसीमेकिंग का कार्य किया है.

बिहार के इस चुनाव में अपने 241 साथियों के साथ सफल होकर न सिर्फ़ पाटलिपुत्र और मगध के प्राचीन गौरव की वापसी बल्कि पूरे बिहार को 2025 तक भारत में नम्बर एक और 2030 तक विश्व के श्रेष्ठ जगहों में से एक बनाने को कृतसंकल्पित हूँ क्योंकि यह मेरे बिहार की वापसी का दशक है.

आपको बता दें कि बिहार में तीन फेज में विधानसभा चुनाव सम्पन्न होंगे. पहले चरण के लिए 28 अक्टूबर को वोटिंग होगी. दूसरे फेज का चुनाव 3 नवंबर को और तीसरे चरण का चुनाव 7 नवंबर को होगा. वोटों की गिनती 10 नवंबर को होगी. पहले चरण के लिए एक अक्टूबर को अधिसूचना जारी की जाएगी. पहले फेज में 16 जिलों की 71 सीटों पर मतदान होगा. दूसरे चरण में 17 जिले की 94 विधानसभा सीटों पर चुनाव होंगे. तीसरे चरण में बिहार की बाकी सभी 78 विधानसभा सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे.

चुनाव आयोग ने बताया कि राजनीतिक दल के कार्यकर्ता घर-घर जाकर चुनाव प्रचार कर सकेंगे, हालांकि, उनकी संख्या पांच से ज्यादा नहीं होगी. उम्मीदवार को नामांकन के दौरान दो वाहन ही ले जाने की इजाजत होगी. नामांकन पत्र ऑनलाइन भी भरे जा सकते हैं. चुनाव प्रचार सिर्फ वर्चुअल माध्यम से ही होगा.

इस बार मतदान का समय बढ़ाया गया है. सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान होंगे. कोरोना काल में नए सुरक्षा मानकों के साथ होंगे चुनाव. बिहार में मतदाता 7.79 करोड़ मतदाता है, इसमें महिला 3.39 करोड़ महिला मतदाता हैं. वोटिंग के अंतिम समय में कोरोना मरीज भी वोट डाल सकेंगे.

ऑनलाइन क्लास के लिए नहीं मिला स्मार्टफोन, किशोरी ने की आत्महत्या

महाराष्ट्र (Mahrashtra) के सतारा (Satara) जिले की कराड़ (Karad) तहसील में एक किशोरी ने ऑनलाइन कक्षा (Online Classes) के लिए स्मार्टफोन (Smarthphone) नहीं मिलने को लेकर कथित तौर पर आत्महत्या (Suicide) कर ली. पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि यह घटना कराड़ शहर से दस किलोमीटर दूर जिले के ओंद गांव में पिछले हफ्ते हुई. कराड़ ताल्लुका पुलिस थाने के निरीक्षक के एम धूमल ने कहा कि किशोरी की श्रमिक मां ने बताया कि वह नौवीं कक्षा में पढ़ती थी और ऑनलाइन कक्षाओं के लिये उसने स्मार्टफोन खरीदने के लिये कहा था. फोन दिलाने का वादा करने के बावजूद उसने घर में छत से फंदा लगा लिया. धूमल ने बताया कि पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और इस संबंध में हादसे से हुई मौत का मामला दर्ज किया गया है. बता दें कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते लगाए गए लॉकडाउन (Lockdown) के बाद से ही छात्र ऑनलाइन कक्षा में पढ़ रहे हैं. संक्रमण के प्रसार को कम करने के लिए सरकार के आदेश पर फिलहाल सभी स्कूल-कॉलेजों को बंद रखा गया है. ऐसे में छात्रों की पढ़ाई का जरिया स्मार्टफोन या फिर लैपटॉप है. बीते कुछ महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों से ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जहां स्मार्टफोन न होने के चलते छात्र-छात्राओं ने अपनी जान दे दी. शनिवार को ही तेलंगाना में एक इंटरमीडिएट की छात्रा ने स्मार्टफोन न होने के चलते सुसाइड कर लिया था. कुछ दिन पहले हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर से ऐसी ही घटना सामने आई थी जहां छात्रा ने मोबाइल फोन न होने के चलते जहरीले पदार्थ का सेवन किया जिसके बाद उसकी मौत हो गई. इससे पहले पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले में ऑनलाइन कक्षाओं के लिए स्मार्टफोन खरीदने में असमर्थ होने से दुखी होकर कॉलेज के 20 वर्षीय छात्रा ने आत्महत्या कर ली.

महाराष्ट्र : पुणे में रसायन निर्माण इकाई में लगी आग, 12 लोगों को सुरक्षित निकाला गया

महाराष्ट्र के पुणे जिले में गुरुवार तड़के एक रासायनिक उत्पाद विनिर्माण इकाई में भीषण आग लग गई. दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि पुणे-सोलापुर रोड पर कुरकुंभ औद्योगिक क्षेत्र स्थित संयंत्र में लगी आग में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है. घटना के समय संयंत्र बंद था.

दमकल अधिकारी सुधीर खांडेकर ने बताया कि संयंत्र से 12 कर्मचारियों को सुरक्षित निकाला गया. अधिकारी ने कहा, कुरकुंभ में महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) क्षेत्र स्थित ‘शिव शक्ति ऑक्सालेट प्राइवेट लिमिटेड’ में देर रात करीब डेढ़ बजे आग लग गई. संयंत्र में मिश्रित विलायक द्रव (साल्वेंट) से भरे ड्रम रखे थे और आग लगने के बाद उनमें विस्फोट होना शुरू हो गया.

उन्होंने बताया कि पानी के करीब आठ-नौ टैंकरों को तुरंत मौके पर भेजा गया और दमकल कर्मियों ने करीब साढ़े चार घंटे में आग को काबू किया. अधिकारी ने कहा, हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि आग लगने के कारण का अभी पता नहीं चल पाया है.पुणे के कलेक्टर राजेश देशमुख ने बताया कि उन्होंने मामले में स्थानीय अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी है.

देश में कोविड-19 के कुल मामलों में से 41.53% सिर्फ सितंबर में सामने आये

देश में कोविड-19 (Covid-19) के अब तक के कुल 60 लाख से अधिक मामलों में से 41.53 प्रतिशत केवल सितंबर में सामने आये. पिछले महीने संक्रमण के 26,21,418 मामले सामने आये, जबकि इस महामारी से 33,390 संक्रमित मरीजों की बीते महीने मौत भी हुई. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) द्वारा बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे अद्यतन किये गये आंकड़ों के मुताबिक कोविड-19 के 86,821 नये मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के कुल मामले बढ़ कर 63,12,584 हो गये. इनमें 26,21,418 मामले सितंबर में सामने आये. पिछले महीने इस रोग से 33,390 मरीजों की मौत भी हुई, जो अब तक इस बीमारी से हुई कुल मौतों का करीब 33.84 प्रतिशत है. सितंबर में 24,33,319 मरीज इस रोग से उबरे, जो देश में अब तक संक्रमण मुक्त हुए कुल 52,73,201 मरीजों का करीब 46.15 प्रतिशत है. अमेरिका स्थित जॉन हॉपकिंस यूनिवर्सिटी (John Hopkins University) के मुताबिक कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमित मरीजों के उबरने के दृष्टिकोण से भारत पहले स्थान पर है, जिसके बाद ब्राजील (Brazil) और अमेरिका (America) का नंबर आता है. जेएचयू (JHU) के आंकड़ों के मुताबिक हालांकि, कोविड-19 से प्रभावित देशों के लिहाज से अमेरिका के बाद भारत दूसरा सबसे प्रभावित देश है, जबकि इस रोग से हुई मौतों के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत तीसरे स्थान पर है. भारत में कोविड-19 के मामले सात अगस्त को 20 लाख, 23 अगस्त को 30 लाख और पांच सितंबर को 40 लाख की संख्या को पार कर गये थे. 16 सितंबर को यह संख्या बढ़ कर 50 लाख से अधिक, जबकि 28 सितंबर को बढ़ कर यह 60 लाख के आंकड़े को भी पार कर गई. देश में कोविड-19 के मामले को एक लाख के आंकड़े तक पहुंचने में 110 दिन लगे, 10 लाख को पार करने में और 59 दिन लगे थे. संक्रमण के मामले 21 दिनों में 10 लाख से सीधे 20 लाख पर पहुंच गये. इसके बाद इसे 30 लाख के आंकड़े को पार करने में और 16 दिन लगे. वहीं, 40 लाख को पार करने में और 13 दिन, 50 लाख को पार करने में और 11 दिन तथा 60 लाख के आंकड़े को पार करने में और 12 दिन लगे. मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत में कोविड-19 के 52,73,201 मरीज अब तक इस महामारी से स्वस्थ हो चुके हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे अद्यतन किए गए आंकड़ों के मुताबिक, मरीजों के ठीक होने की दर 83.53 फीसदी है. आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में संक्रमण से और 1,181 मरीजों की मौत हुई.

हाथरस जाने से रोके जाने पर बोले राहुल गांधी: ‘इतना मत डरो, मुख्यमंत्री महोदय’

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Former Congress President Rahul Gandhi) ने उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के हाथरस (Hathras) में सामूहिक बलात्कार (Gangrape) की पीड़िता के परिवार से मुलाकात के लिए जाने से राज्य की पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद आरोप लगाया कि प्रदेश में जंगलराज का यह आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है. उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) को इतना नहीं डरना चाहिए. राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दुख की घड़ी में अपनों को अकेला नहीं छोड़ा जाता. उप्र में जंगलराज का ये आलम है कि शोक में डूबे एक परिवार से मिलना भी सरकार को डरा देता है. इतना मत डरो, मुख्यमंत्री महोदय!’’

उत्तर प्रदेश के हाथरस कांड (Hathras Incident) के पीड़ित परिजनों से मुलाकात करने जा रहे राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के काफिले को ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने रोक लिया. उसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिये निकल गए. दोनों ने राज्य में जंगलराज होने एवं पुलिस द्वारा लाठियां चलाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ‘अहंकारी सरकार’ की लाठियां रोक नहीं सकतीं. इस बीच, पार्टी ने कुछ तस्वीरें जारी कर दावा किया है कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने राहुल गांधी को रोकने के लिए उनके साथ धक्का-मुक्की की जिस कारण वो जमीन पर गिर गए.

कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक, दोनों नेताओं के काफिले को ग्रेटर नोएडा पुलिस ने रोक लिया. उसके बाद वे पैदल ही हाथरस के लिये निकल गये. कुछ देर पैदल चलने के बाद पुलिस ने उन्हें फिर रोक दिया. कांग्रेस ने एक वीडियो जारी किया है जिसमें पार्टी के पूर्व अध्यक्ष पुलिस से यह पूछते नजर आ रहे हैं कि उन्हें किस धारा के तहत ‘गिरफ्तार किया जा रहा है.’

October 2020 Horoscopes : अक्टूबर महीना है इन राशियों के लिए खास, मिलेगी ख़ुशखबरी लेकिन रहना होगा सावधान

अक्टूबर महीने में ग्रहों की स्थिति में बदलने से कई राशियों के जातकों को सकारात्मक परिणाम मिलेंगे, तो वहीं ग्रहों की चाल में बदलाव के चलते आपको सतर्क रहने की भी ज़रूरत है. तो चलिए आपको बताते हैं की कैसा रहेगा आपके लिए ये महीना.

मेष – मेष राशि वालों के लिए अक्टूबर का महीना चुनौतियों भरा रहेगा. इस महीने कई ग्रहों का राशि परिवर्तन होने वाला है जिसका असर आपकी राशि पर पड़ेगा. इस महीने आपको सेहत पर भी विशेष ध्यान देना होगा. जरा सी लापरवाही आप पर भारी पड़ सकती है. व्यापार में पार्टनर के साथ कुछ वाद-विवाद हो सकता है जिसकी वजह से व्यापार में घाटा भी हो सकता है. इस महीने करियर और आर्थिक पक्ष के क्षेत्र में आपको संभलकर चलना होगा. हालांकि पारिवारिक जीवन के लिए ये महीना आपके लिए अच्छा रहने वाला है.

वृषभ- इस राशि के जातकों के लिए अक्टूबर का महीना सामान्य रहेगा. ग्रहों के गोचर का आपके शिक्षा और प्रेम संबंधों पर प्रभाव पड़ेगा. बड़े भाई-बहनों के साथ आपके संबंधों में सुधार होगा. वृषभ राशि वालों को करियर के क्षेत्र में इस महीने सफलता मिलने की उम्मीद है. आर्थिक पक्ष सामान्य रहेगा. इस माह अपने अलावा घर के बाकी सदस्यों की सेहत पर भी पर ध्यान देने की जरूरत है. इस राशि के छात्रों के लिए भी यह महीना अच्छा रहेगा. छात्रों को उनकी मेहनत का फल मिलेगा. प्रेम संबंधों में इस महीने कई तरह के उतार-चढ़ाव आ सकते हैं.

मिथुन- अक्टूबर का महीना मिथुन राशि के जातकों के लिए बहुत अच्छा रहने वाला है. इस महीने आप को निजी जिंदगी में अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी जिसके चलते आप अपने कार्यक्षेत्र में भी अच्छा प्रदर्शन कर पाने में सक्षम होंगे. आपके घर के दूसरे सदस्यों को भी इस महीने जॉब में तरक्की मिल सकती है जिससे घर का माहौल अच्छा हो सकता है. अगर आप छात्र हैं तो आपके घर वालों से शिक्षा के क्षेत्र में पूरी मदद मिलेगी. इस राशि के कुछ नौकरी पेशा लोगों को मनचाही जगह पर तबादला मिल सकता है जिसके चलते आपकी कई मानसिक परेशानियां दूर हो सकती हैं.

कर्क- ये महीना कर्क राशि वालों के लिए सुख का भाव लेकर आ रहा है. इस महीने आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी. माता के साथ संबंधों में सुधार होगा. इस महीने आपका रूझान धार्मिक कार्यों की तरफ भी बढ़ेगा. करियर के क्षेत्र में इस राशि के जातकों को इस महीने अच्छे फल मिलने की पूरी उम्मीद है. इस महीने आपका आर्थिक पक्ष भी अच्छा रहेगा. पारिवारिक जीवन में भी आपको सुखद अनुभव होंगे. इस राशि के जो जातक 50 की उम्र पार कर चुके हैं उन्हें अपने स्वास्थ्य को लेकर थोड़ा सावधान रहने की जरूरत है.

सिंह- एक अग्नि तत्व की राशि है और इस राशि के लोग दृढ़ इच्छाशक्ति के मालिक होते हैं. ये लोग अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर इस महीने कई तरह के सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं. इस महीने आपके कम्युनिकेशन स्किल्स, धन और परिवार के क्षेत्र में सुधार होगा. इस महीने आप अपनी वाणी के दम पर कार्यक्षेत्र में अच्छे फलों की प्राप्ति करेंगे. आमदनी में वृद्धि होने की भी संभावना है. पारिवारिक जीवन सामान्य रहेगा. करियर के क्षेत्र में जिस अच्छे बदलाव का इंतजार आपको था वो इस महीने हो सकता है. खर्चों पर नियंत्रण रखने की जरूरत है.

कन्या- अपनी सहनशीलता और धैर्य की वजह से आप इस महीने जीवन के कई क्षेत्रों में सफलता प्राप्त करेंगे. इस महीने आप शारीरिक रूप से फिट रहेंगे और कार्यक्षेत्र में भी अच्छे से काम कर पाएंगे. इस महीने आपकी आमदनी में भी वृद्धि हो सकती है. इस महीने आपका आर्थिक पक्ष अच्छा रहेगा. पारिवारिक जीवन में भी अच्छे फलों की प्राप्ति होगी. छात्रों को इस महीने जमकर पढ़ाई करनी होगी तभी उन्हें अच्छे फल प्राप्त होंगे. शादीशुदा लोगों को इस महीने जीवनसाथी का पूरा सहयोग मिलेगा. कारोबार में लाभ मिल सकता है.

तुला- तुला राशि के जातक बहुत कल्पनाशील होते हैं और बहुत सोच विचार कर कोई कदम उठाते हैं. हालांकि इस महीने आपको सोचने से ज्यादा काम करने पर ध्यान देना चाहिए तभी आप जीवन में आगे बढ़ पाएंगे. इस महीने आपको कार्यक्षेत्र में बहुत सोच समझकर चलना होगा. आपके शत्रु आपके खिलाफ साजिश कर सकते हैं. आपके परिवारिक जीवन में भी कुछ परेशानियां आ सकती हैं. हालांकि आर्थिक रूप से ये महीना आपके लिए अच्छा रहेगा. इस महीने सेहत पर खास ध्यान दें. कोई पुरानी बीमारी फिर से उभर सकती है.

वृश्चिक- राशि वालों के लिए यह महीना शुभ फलदायक रहने की पूरी उम्मीद है. इस महीने अपने कौशल के दम पर कार्यक्षेत्र में अच्छे फलों की प्राप्ति करेंगे. इसके साथ ही आप की आर्थिक स्थिति भी इस महीने अच्छी रहेगी. आपकी पारिवारिक जीवन की स्थिति भी इस महीने बेहतर हो सकती है. घर के सदस्यों के बीच तालमेल बढ़ेगा. घर के किसी सदस्य से चल रहा झगड़ा खत्म होगा. इस राशि के छात्रों के लिए भी यह महीना काफी अच्छा रहने वाला है. अगर आप किसी प्रतियोगिता में भाग ले रहे हैं तो अपनी एकाग्रता के दम पर सफलता प्राप्त कर सकते हैं.

धनु- इस राशि के लोग ऊर्जावान और नेतृत्व क्षमता वाले होते हैं. हालांकि कई बार ये लोग जल्दबाजी में फैसला कर पछताते भी हैं. इस महीने भी आपके कुछ ऐसे फैसले ले सकते हैं जिनका भविष्य में बुरा असर देखने को मिल सकता है. इस महीने बड़ों से सलाह मशवरा करने के बाद ही कोई फैसला लें. इस महीने करियर के क्षेत्र में आपको बहुत मेहनत करने की जरूरत पड़ेगी. आर्थिक क्षेत्र सामान्य रहेगा. पारिवारिक जीवन में भी आपको अच्छे फल मिल सकते हैं. सेहत के हिसाब से ये महीना अच्छा रहने वाला है. किसी पुरानी बीमारी से छुटकारा मिल सकता है.

मकर- इस महीने मकर राशि के लोगों का झुकाव अध्यात्म की तरफ होगा. साथ ही आपके साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी. कार्यक्षेत्र में इस महीने आप अच्छे फल पाएंगे. आपके काम की करने की शैली से आपके बॉस प्रभावित होंगे धार्मिक कामों में इस महीने आपका पैसा खर्च हो सकता है. शिक्षा के क्षेत्र में इस राशि के विद्यार्थियों को मेहनत करने की जरूरत है. इस महीने प्रेम और वैवाहिक जीवन सामान्य रहेगा. इस राशि के कुछ जातकों को इस महीने कंधे में दर्द की समस्या हो सकती है. काम के बीच कुछ समय निकालकर आराम भी करें.

कुंभ- इस राशि के लोग स्वभाव से बहुत मेहनती होते हैं. हालांकि इस महीने आपके अपनी मेहनत का पूरा फल नहीं मिलेगा. इस महीने करियर के क्षेत्र में आपको कुछ दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. इसके अलावा आपकी आर्थिक स्थिति भी इस महीने बहुत अच्छी नहीं रहेगी. आपको इस माह सोच समझ कर चलना होगा. पारिवारिक जीवन की बात की जाए तो इस महीने आपको अपने पिता के साथ आपको वक्त बिताना चाहिए. इस राशि के वो जातक जो किसी लंबी बीमारी से परेशान हैं उन्हें नियमित रूप से अपना चेकअप डॉक्टर से करवाना चाहिए.

मीन- इस राशि के लोग बहुत ही भावकु होते हैं और कई बार इनकी भावनाएं इनके लिए भी परेशानी का कारण बन जाती हैं. इस महीने आपको अपनी भावनाओं पर कंट्रोल करके जीवन के हर क्षेत्र में आगे बढ़ने की जरूरत है. करियर के क्षेत्र में इस महीने आपको सामान्य फल मिलने की उम्मीद है. आर्थिक पक्ष को मजबूत करने के लिए इस महीने आपको कड़ी मेहनत करनी होगी. इस महीने आप अपने जीवन साथी के साथ काफी अच्छा वक्त बिता सकते हैं. सेहत पर खास ध्यान दें.

COVID-19: BMC ने 72 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन का ऑर्डर दिया, मुंबई में 2654 नए केस

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को कहा कि उसने कोविड-19 के मरीजों के इलाज के लिए 72 हजार रेमडेसिविर इंजेक्शन का ऑर्डर दिया है. शहर में बुधवार को संक्रमण के एक दिन में सर्वाधिक 2654 नए मामले सामने आए. बीएमसी ने कहा कि उसने इंजेक्शन के प्रभाव को देखते हुए इसकी खरीद का फैसला किया है. मुंबई देश में कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित स्थानों में से एक है जहां अब तक संक्रमण के 2.05 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं और 8900 लोगों की मौत हुई है.

महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण के 18317 नये मामले सामने आये जिसके बाद यहां संक्रमितों की संख्या बुधवार को 13 लाख 84 हजार 446 हो गयी है. स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि प्रदेश में 481 लोगों की मौत हो गयी जिससे इस संक्रमण से अब तक मरने वालों की संख्या बढ़ कर 36,662 हो गयी है.

विभाग ने कहा कि 481 मौतों में से 237 लोगों की मौत पिछले 48 घंटो के दौरान हुयी हैं जबकि 115 संक्रमितों ने एक हफ्ता पहले दम तोड़ा है. विभाग ने बताया कि 129 अन्य लोगों की मौत इससे पहले हुयी है. इसमें कहा गया है कि बुधवार को इलाज के बाद कुल 19,163 मरीजों को अस्पतालों से छुट्टी दी गयी जिससे संक्रमणमुक्त होने वाले मरीजों की कुल संख्या 10,88,322 हो गयी है.

विभाग ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल 2 लाख 59 हजार 33 मरीजों का उपचार चल रहा है. विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मुंबई में कोविड-19 के 2654 नये मामले सामने आये जिससे यहां संक्रमितों की संख्या बढ़ कर 2 लाख 5 हजार 268 हो गयी है जबकि 46 और लोगों की मौत होने के साथ ही मुंबई में अब तक मरने वालों की संख्या 8,929 पर पहुंच गयी है. स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि इसी तरह मुंबई संभाग में कुल 5743 नये मामले सामने आये जिससे संक्रमितों की कुल संख्या 4 लाख 81 हजार 103 हो गयी है. क्षेत्र में अब तक 15 हजार 851 संक्रमितों की मौत हो गयी है.

पुणे शहर में कोरोना वायरस संक्रमण के 1370 नये मामले सामने आये जिससे जिले में संक्रमितों की कुल संख्या बढ़ कर 1 लाख 55 हजार 714 हो गयी है जबकि 28 संक्रमितों की मौत के साथ मरने वालों की कुल संख्या 3528 हो गयी है.विभाग की जानकारी के अनुसार पुणे संभाग में संक्रमितों की संख्या 3 लाख 66 हजार 92 जबकि मरने वालों की तादाद 7893 हो गयी है. इसी तरह नासिक संभाग में संक्रमितों एवं मरने वालों की संख्या क्रमश: 1 लाख 83 हजार 736 और 3678 है.

अधिकारियों ने बताया कि कोल्हापुर संभाग में 93 हजार 875 मामले सामने आ चुके हैं जबकि 2878 लोगों की मौत हो चुकी है. इसी प्रकार औरंगाबाद संभाग में 52 हजार 303 लोग संक्रमित हुये हैं और मरने वालों का आंकड़ा 1327 है.

विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 67 लाख 85 हजार 205 नमूनों की जांच की जा चुकी है. अधिकारी ने बताया कि प्रदेश में 21 लाख 61 हजार 448 लोग वर्तमान में अपने घर में पृथकवास में हैं जबकि 29,178 अन्य संस्थागत पृथकवास में हैं.

 

Zomato और Swiggy को गूगल ने भेजा प्ले स्टोर नियमों के उल्लंघन का नोटिस, जानें पूरा मामला

फूड डिलीवर करने वाली कंपनी जोमैटो और स्विगी को गूगल से प्ले स्टोर नियमों के उल्लंघन का नोटिस मिला है. दोनों कंपनियों को यह नोटिस उनके एप के भीतर खेल के फीचर जोड़ने के लिए मिला है.

जोमैटो और स्विगी से कुछ दिन पहले ही 18 सितंबर को गूगल ने डिजिटल भुगतान कंपनी पेटीएम को प्ले स्टोर से हटा दिया था. गूगल ने पेटीएम पर उसकी खेल के सट्टे से जुड़ी गतिविधियों की नीति के उल्लंघन का आरोप लगाया था. हालांकि, कुछ घंटे बाद ही पेटीएम को प्ले स्टोर पर बहाल कर दिया गया था.

जोमैटो ने नोटिस मिलने की पुष्टि की है और इसे ‘अन्यायपूर्ण’ बताया है. जोमैटो के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘ हां हमें गूगल से नोटिस मिला है. हमारा मानना है कि यह अनुचित नोटिस है, लेकिन हम एक छोटी कंपनी हैं और गूगल के दिशा-निर्देशों के अनुरूप हमने अपनी कारोबार रणनीति को पुनर्भाषित किया है.’’ प्रवक्ता ने कहा कि कंपनी ‘जोमैटो प्रीमियर लीग’ के फीचर को इस सप्ताहांत तक दूसरे कार्यक्रम से बदल देगी.

हालांकि, स्विगी की ओर से इस घटनाक्रम पर कोई टिप्पणी हासिल नहीं हो सकी. कंपनी ने एप के भीतर अपने फीचर को रोक दिया है और इस मसले पर गूगल से बातचीत कर रही है. गूगल ने इस पर कोई कमेंट नहीं किया है. कई कंपनियां मौजूदा इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के मौके को भुनाना चाहती हैं. ऐसे में ग्राहकों को लुभाने और बिक्री बढ़ाने के लिए वे अपनी एप में खेल फीचर जोड़ रही हैं.

जानिए आखिर क्या है मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद ? क्या है 1968 का वह समझौता

मथुरा (Mathura) के कृष्ण जन्मभूमि-ईदगाह मामले (Krishna Janmabhoomi) की सुनवाई को कोर्ट तैयार हो गया है. मथुरा की एक अदालत हिंदू समूह की याचिका की 30 सितंबर को सुनवाई करेगी. याचिका में मंदिर के पास बनी ईदगाह (Mathura Idgah) को हटाने की मांग की गई है.

याचिका में जमीन (Krishna Janmabhoomi) को लेकर 1968 में हुए समझौते को गलत बताया गया है. हालांकि इस याचिका को लेकर श्रीकृष्ण जन्मस्थान संस्थान ट्रस्ट का कहना है कि इस केस से उनका कोई लेना देना नहीं है. जानिए क्या है पूरा विवाद और किसने दाखिल की याचिका-

याचिका में क्या कहा गया है?

यह मुकदमा भगवान श्रीकृष्ण विराजमान कटरा केशव देव खेवट, मौजा मथुरा बाजार शहर की ओर से उनकी अंतरंग सखी के रूप में अधिवक्ता रंजना अग्निहोत्री, विष्णु शंकर जैन, हरिशंकर जैन और तीन अन्य ने दाखिल किया है. याचिका में कहा गया है कि मुसलमानों की मदद से शाही ईदगाह ट्रस्ट ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि (Krishna Janmabhoomi) पर कब्जा कर लिया और ईश्वर के स्थान पर एक ढांचे का निर्माण कर दिया. भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्मस्थान उसी ढांचे के नीचे स्थित है.

यह था 1968 का समझौता

मथुरा में शादी ईदगाह मस्जिद कृष्ण जन्मभूमि से लगी हुई बनी है. इतिहासकार मानते हैं कि औरंगजेब ने प्राचीन केशवनाथ मंदिर को नष्ट कर दिया था और शाही ईदगाह मस्जिद का निर्माण कराया था. 1935 में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने वाराणसी के हिंदू राजा को जमीन के कानूनी अधिकार सौंप दिए थे जिस पर मस्जिद खड़ी थी.

बता दें कि 1951 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट बनाकर यह तय किया गया कि वहां दोबारा भव्य मंदिर का निर्माण होगा और ट्रस्ट उसका प्रबंधन करेगा. इसके बाद 1958 में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संघ नाम की संस्था का गठन किया गया था. कानूनी तौर पर इस संस्था को जमीन पर मालिकाना हक हासिल नहीं था, लेकिन इसने ट्रस्ट के लिए तय सारी भूमिकाएं निभानी शुरू कर दीं.

इस संस्था ने 1964 में पूरी जमीन पर नियंत्रण के लिए एक सिविल केस दायर किया, लेकिन 1968 में खुद ही मुस्लिम पक्ष के साथ समझौता कर लिया. इसके तहत मुस्लिम पक्ष ने मंदिर के लिए अपने कब्जे की कुछ जगह छोड़ी और उन्हें (मुस्लिम पक्ष को) उसके बदले पास की जगह दे दी गई. जिस जमीन पर मस्जिद बनी है, वह श्रीकृष्ण जन्मस्थान ट्रस्ट के नाम पर है. याचिका में कहा गया कि ऐसे में सेवा संघ द्वारा किया गया समझौता गलत है.

पहले कब पहुंचा था कोर्ट में मामला?

इससे पहले मथुरा के सिविल जज की अदालत में एक और वाद दाखिल हुआ था जिसे श्रीकृष्‍ण जन्‍म सेवा संस्‍थान और ट्रस्‍ट के बीच समझौते के आधार पर बंद कर दिया गया. 20 जुलाई 1973 को इस संबंध में कोर्ट ने एक निर्णय दिया था. अभी के वाद में अदालत के उस फैसले को रद्द करने की मांग की गई है. इसके साथ ही यह भी मांग की गई है कि विवादित स्‍थल को बाल श्रीकृष्‍ण का जन्‍मस्‍थान घोषित किया जाए.

ट्रस्ट का क्या है तर्क?

वहीं श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान ट्रस्ट (श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास) के सचिव कपिल शर्मा ने कहा कि ट्रस्ट से इस याचिका या इससे जुड़े लोगों से कोई लेना-देना नहीं है. इन लोगों ने अपनी तरफ से याचिका दायर की है. हमें इससे कोई मतलब नहीं है.

यह ऐक्ट बन सकता है रुकावट

हालांकि इस केस में Place of worship Act 1991 की रुकावट है. इस ऐक्ट के मुताबिक, आजादी के दिन 15 अगस्त 1947 को जो धार्मिक स्थल जिस संप्रदाय का था, उसी का रहेगा. इस ऐक्ट के तहत सिर्फ रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद को छूट दी गई थी.

ये हैं अक्टूबर में पड़ने वाले व्रत और त्योहार : जानिए कब है नवरात्रि, दशहरा, शरद पूर्णिमा और वाल्मीकि जयंती

नवरात्रि मां दुर्गा का पर्व अक्टूबर से शुरू हो रहा है. 17 अक्टूबर से नवरात्रि प्रारंभ, घट स्थापना या कलश स्थापना होगी. इस महीने ही दशहरा, गांधी जयंती, शरद पूर्णिमा के त्योहार भी हैं. आइए नज़र डालतें हैं अक्टूबर में पड़ने वाले व्रत और त्योहारों पर..

01 अक्टूबर, दिन: गुरुवार: अश्विन अधिक पूर्णिमा

02 अक्टूबर, दिन: शुक्रवार: गांधी जयंती, लाल बहादुर शास्त्री जयंती

05 अक्टूबर, दिन: सोमवार: संकष्टी चतुर्थी

13 अक्टूबर, दिन: मंगलवार: परम एकादशी

14 अक्टूबर, दिन: बुधवार: प्रदोष व्रत

15 अक्टूबर, दिन: गुरुवार: मासिक शिवरात्रि

16 अक्टूबर, दिन: शुक्रवार: आश्विन अधिक अमावस्या

17 अक्टूबर, दिन: शनिवार: नवरात्रि प्रारंभ, घट स्थापना या कलश स्थापना, दुर्गा पूजा और महाराजा अग्रसेन जयंती

18 अक्टूबर- मां ब्रह्मचारिणी पूजा

19 अक्टूबर- मां चंद्रघंटा पूजा

20 अक्टूबर- मां कुष्मांडा पूजा

21 अक्टूबर- मां स्कंदमाता पूजा

22 अक्टूबर- षष्ठी मां कात्यायनी पूजा

23 अक्टूबर- मां कालरात्रि पूजा

24 अक्टूबर- मां महागौरी दुर्गा पूजा,  शनिवार: दुर्गा अष्टमी और महानवमी

25 अक्टूबर- मां सिद्धिदात्री पूजा,  रविवार: दशहरा, विजयादशमी, नवरात्रि पारण

26 अक्टूबर, दिन: सोमवार: दुर्गा विसर्जन

27 अक्टूबर, दिन: मंगलवार: पापांकुशा एकादशी

28 अक्टूबर, दिन: बुधवार: प्रदोष व्रत, ईद ए मिलाद

30 अक्टूबर, दिन: शुक्रवार: शरद पूर्णिमा, कोजागरी पूजा

31 अक्टूबर, दिन: शनिवार: वाल्मीकि जयंती