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झारखंड में गर्भवती महिला के गले में टूटकर फंसा कोरोना का टेस्ट किट, फिर जानें क्या हुआ

झारखंड के सरकारी अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए सैंपल लेते वक्त एक गर्भवती महिला के गले में किट टूटकर गिर गया. इसके बाद अस्पताल में अफरा-तफरी मच गयी. इस महिला को बोकारो से धनबाद रेफर करना पड़ा. कोरोना जांच के दौरान हुआ यह हादसा अपनी तरह का संभवत: देश का पहला मामला है.

मामला बोकारो जिला के बोकारो सदर अस्पताल का है. यहां कोविड-19 सेंटर में आयी गर्भवती महिला की कोरोना जांच के लिए उसका सैंपल लिया जा रहा था. इसी दौरान टेस्ट किट महिला के गले में टूटकर फंस गया. इसके बाद अस्पताल के कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गये.

पूरे सदर अस्पताल में अफरा-तफरी मच गयी. सभी चिकित्साकर्मी परेशान हो गये. इसकी सूचना बोकारो के सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार पाठक को दी गयी. डॉक्टर पाठक आनन-फानन में सदर अस्पताल पहुंचे. सिविल सर्जन ने पीड़ित महिला को बेहतर इलाज के लिए धनबाद के पीएमसीएच भेज दिया.

सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार पाठक ने इस मामले में किसी भी तरह की लापरवाही से इनकार किया है. दूसरी तरफ, इस मामले के बाद महिला और उसका परिवार काफी परेशान हो गया. जैसे ही किट टूटकर गले में फंसने की जानकारी मिली, अस्पताल में चिकित्साकर्मियों और चिकित्सकों का जमावड़ा लग गया.

महिला के गले से टूटा हुआ किट निकालने का बहुत प्रयास किया गया, लेकिन किट को निकाला नहीं जा सका. बताया जा रहा है कि पीड़ित महिला उमा देवी चास फल मंडी की रहने वाली है.

सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार पाठक ने कहा है कि इसे लापरवाही नहीं मान सकते. हां, टेक्नीशियन को सावधानी से काम करना चाहिए था. उन्होंने कहा कि यह कोई बड़ी गंभीर बात नहीं है. ऐसा नहीं है कि किट को निकलाने के लिए कोई ऑपरेशन ही करना पड़े.

उन्होंने कहा कि गर्भवती महिला को बेहतर इलाज के लिए धनबाद के पाटलिपुत्र मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल भेज दिया गया है. वहां उपलब्ध उपकरणों के जरिये आसानी से टूटे हुए किट को महिला के गले से निकाल लिया जायेगा.

Source : Prabhat Khabar

झुग्गी वालों को विस्थापित नहीं होने देंगे, उन्हें घर देने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करेंगे: केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि वह दिल्ली में रेलवे लाइन के आसपास बनी झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को विस्थापित नहीं होने देंगे और उनकी सरकार उन्हें घर मुहैया कराने के लिए केंद्र के साथ मिलकर काम करेगी.

दिल्ली में रेलवे लाइन के आसपास बनी झुग्गी बस्तियों को सोमवार को उस समय बड़ी राहत मिली जब केन्द्र ने उच्चतम न्यायालय को यह आश्वासन दिया कि सरकार द्वारा इस मामले में अंतिम निर्णय लिये जाने तक इन झुग्गियों को नहीं हटाया जायेगा.

शीर्ष अदालत ने 31 अगस्त को एक फैसले में दिल्ली में रेलवे लाइन के किनारे बनी 48,000 झुग्गियों को तीन महीने के अंदर हटाने का निर्देश दिया था.इस मुद्दे पर दिल्ली विधानसभा के एक दिवसीय सत्र के दौरान बहस हुई और इस दौरान सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी और विपक्षी दल भाजपा ने एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाया.

नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारेबाजी करते हुए 2022 तक सभी को घर उपलब्ध कराने के उनके अभियान की प्रशंसा की.

केजरीवाल ने कहा, ‘मेरा मानना है कि महामारी के इस दौर में 48,000 झुग्गियों को हटाना सही नहीं है. यदि वह स्थान कोरोनावायरस हॉटस्पॉट बन गया तो क्या होगा? कानून कहता है कि पुनर्वास से पहले उन्हें हटाया नहीं जाना चाहिए. हर झुग्गी वाले का यह कानूनी अधिकार है कि उसका एक घर हो.’

Sarkari Naukri:बैंक क्लर्क-PO के पदों पर भर्ती, आज आवेदन की आखिरी तारीख, जानें डिटेल्स

Nainital Bank Clerk PO Recruitment 2020: सरकारी नौकरी के लिए वैकेंसी का इंतजार कर रहे युवाओं के लिए बैंक में नौकरी पाने का शानदार मौका है. नैनीताल बैंक में बैंक पीओ और क्लर्क के पदों पर भर्ती निकली है. हालांकि, इन पदों के लिए आवेदन की आज आखिरी तारीख है. यानी योग्य उम्मीदवारों को 15 सितंबर 2020 तक इस पद के लिए आवेदन करना होगा. इस भर्ती के लिए उम्मीदवार ऑनलाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं. आइए जानते हैं क्या है भर्ती से जुड़ी पूरी जानकारी…

पदों का विवरण

  • क्लर्क – 80 पद
  • प्रोबेशनरी ऑफिसर – 75 पद
  • कुल पदों की संख्या – 155

आवेदन शुल्क
प्रोबेशनरी ऑफिसर के पद पर निकली भर्ती के लिए आवेदन करने हेतु उम्मीदवारों को 2,000 रुपये आवेदन शुल्क के रूप में जमा करने होंगे. वहीं नैनीताल बैंक क्लर्क के पद पर आवेदन करने वाले युवाओं को आवेदन शुल्क के रूप में 1500 रुपये का भुगतान करना होगा. आवेदन शुल्क का भुगतान आप डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, IMPS और मोबाइल वॉलेट के माध्यम से कर सकते हैं.

महत्वपूर्ण तारीखें…

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख: 15 सितंबर 2020
  • ऑनलाइन शुल्क भुगतान के लिए आखिरी तारीख: 15 सितंबर 2020

पात्रता मानदंड
नैनीताल बैंक में पीओ और क्लर्क के पदों पर निकली भर्ती के लिए उम्मीदवार के पास किसी भी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से कम से कम 50% अंकों के साथ ग्रेजुएशन/ पोस्ट ग्रेजुएशन का होना और कंप्यूटर का ज्ञान आवश्यक है.

आयु सीमा

  • प्रोबेशनरी ऑफिसर के लिए 21 वर्ष से लेकर 30 वर्ष तक की आयु के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.
  • क्लर्क के पदों पर 21 वर्ष से लेकर 28 वर्ष तक की आयु के उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं.
  • आयु की गिनती 31 जुलाई 2020 तक के आधार पर की जाएगी.

वेतनमान

  • प्रोबेशनरी ऑफिसर – पे स्केल  23700 रुपये से 40020 रुपये प्रति माह. करीब 7.00 लाख रुपये सालाना CTC होगा.
  • क्लर्क – पे स्केल  11765 रुपये से 31540 रुपये प्रति माह. इसके अलावा उम्मीदवार स्पेशल अलाउंस पाने के भी हकदार होंगे.

चयन प्रक्रिया
इस भर्ती के तहत उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के आधार पर किया जाएगा.

कोरोना की वजह से अब ना करें ये छोटी-छोटी गलतियां, होगा बड़ा नुकसान

कोरोना संकट की वजह से मार्च से अगस्त तक किसी भी तरह के लोन की EMI या फिर क्रेडिट कार्ड के पेमेंट नहीं करने क्रेडिट स्कोर पर कोई असर नहीं पड़ा. लेकिन अब सितंबर से अगर पेमेंट में लापरवाही होने पर फाइन के साथ-साथ क्रेडिट स्कोर पर निगेटिव असर पड़ने वाला है. क्योंकि 31 अगस्त को मोरेटोरियम की अवधि खत्म हो चुकी है.

दरअसल, कोरोना संकट के बीच बड़े पैमाने पर लोगों ने बैंकों से लोन ले रखे हैं. इसके अलावा क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल भी जमकर हुआ है. खासकर लॉकडाउन और फिर उसके बाद घर बैठे-बैठे क्रेडिट कार्ड से खूब शॉपिंग हुई है.

अक्सर ऐसा होता है कि हमें कोई ऐसी चीज पसंद आ जाती है जिसे तुरंत खरीदना हमारे बजट से बाहर होता है. ऐसे समय में हमारा साथ देता है क्रेडिट कार्ड जिससे हम कैश न होने पर भी मनचाही चीज खरीद लेते हैं. लेकिन सही समय पर क्रेडिट कार्ड का पेमेंट नहीं होने से भारी ब्याज का भुगतान करना पड़ता है.

देर से EMI भरना, क्रेडिट कार्ड का सही समय पर भुगतान नहीं करना, ऐसे कदम से सिबिल स्कोर पर प्रतिकूल असर पड़ता है. इसके अलावा लोन के विषय में बहुत ज्यादा पूछताछ करने करने से भी सिबिल स्कोर पर नकारात्मक असर पड़ता है, क्योंकि आप जितने बैंक से संपर्क करेंगे सभी बैंक सिबिल स्कोर चेक करेंगे. लगातार सिबिल चेक होने से उसपर निगेटिव असर पड़ता है.

सही वक्त पर करें पेमेंट: क्रेडिट स्कोर अच्छा रहे इसके लिए यह बेहद जरूरी है कि वह अपने सभी तरह के लोन की EMI और क्रेडिट कार्ड के बिल को अंतिम तिथि से पहले पेमेंट कर दें. समय पर पेमेंट करने से क्रेडिट स्कोर अच्छा रहता है. लेकिन जब कोई समय पर नहीं चुकाते हैं तो उसका स्कोर खराब हो जाता है और फिर आगे किसी भी तरह के लोन लेने में परेशानी होती है. साथ लेट से पेमेंट करने पर फाइन भी भरना पड़ता है.

क्रेडिट लिमिट का पूरा इस्तेमाल ना करें: क्रेडिट कार्ड की पूरी लिमिट का इस्तेमाल करने से हमेशा बचना चाहिए. ऐसा करने से क्रेडिट प्रोफाइल लॉन्ग टर्म में निगेटिव हो सकती है. अगर कोई यूजर्स क्रेडिट लिमिट का पूरा इस्तेमाल कर लेते हैं तो उसे बैंक क्रेडिट हंग्री की कैटेगरी में डाल देता है. आमतौर पर कुल लिमिट के 40 फीसद तक का ही इस्तेमाल करना चाहिए.

 कैसे सुधारें सिबिल स्कोर: एक लाइन में कहें तो किसी भी तरह के लोन का भुगतान समय पर करें. होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन और क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल में बैलेंस बनाकर रखें. किसी एक तरीके के क्रेडिट पर ज्यादा निर्भरता से आपका स्कोर खराब हो सकता है.

राजस्थान: मुर्दों को जिंदा करने के लिए 36 घंटे चला अंधविश्वास का खेल, तांत्रिक ने नहीं जलने दी चिता

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राजस्थान के धौलपुर जिले के सदर थाना क्षेत्र के गांव दरियापुर में बीते रविवार को पिता-पुत्र की जहरीले सांप के काटने से मौत हो गई थी. लेकिन परिजन उन दोनों को मृत नहीं मान रहे थे. तांत्रिक और नीम हकीमों की मदद से झाड़- फूंक का सहारा लेकर उन्हें जीवत करने की कोशिश करते रहे.और मौत के 36 घंटे बाद तक मृतकों को जिंदा करने के लिए अंधविश्वास का खेल चलता रहा.

परिजन एक उम्मीद के साथ पिता-पुत्र के शव को तांत्रिक और नीम हकीमों के पास ले गए और मौत के 36 घंटे बाद तक मृतकों को जिंदा करने के लिए अंधविश्वास का खेल चलता रहा. शवों के साथ तरह-तरह की टोटके बाजी चलती रही. लोग खड़े होकर तमाशा देखते रहे.

पिता-पुत्र के शवों को अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट लाया गया. गांव वालों ने सांप को पकड़ कर एक बोतल में बंद कर दिया. इसी दौरान फिर नीम हकीम, तांत्रिक श्मशान घाट पर पहुंचे और मृतक पिता पुत्र को जीवित करने के दावे करने लगे. इनके दावों को देख परिजनों की उम्मीद बंधी और अंतिम संस्कार के लिए चिता पर लेटे पिता पुत्र का उपचार शुरू कर दिया.

इसी दौरान वन विभाग की टीम सांप को लेने के लिए मौके पर पहुंच गई. लेकिन ग्रामीणों ने सांप को मार कर फेंक दिया. उधर इस मामले की भनक पड़ते ही सदर थाना पुलिस श्मशान घाट पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी. मृतकों के परिजनों को समझाया और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में भेज दिया.

इस मामले में एक्शन लेते हुए पुलिस ने करीब आधा दर्जन तांत्रिक और नीम हकीमों को भी हिरासत में लिया. अब उनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुदकमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी.

ड्रग्स मामला: NCB ने 6 और लोगों को किया गिरफ्तार, रिया समेत अब तक 16 लोग पहुंचे सलाखों के पीछे

अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की मौत से जुड़े ड्रग्स के मामले में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने छह और लोगों की गिरफ्तारी के साथ अब तक 16 लोगों को गिरफ्तार की जा चुकी है.

एक अधिकारी ने बताया कि छह आरोपियों की पहचान करमजीत सिंह आनंद, ड्वैन फर्नांडिस, संकेत पटेल, अंकुश अनरेजा, संदीप गुप्ता और आफताब फतेह अंसारी के तौर पर हुई है. जांच के दौरान इन सभी के नाम सामने आने के बाद उन्हें पकड़ा गया है. उन्होंने बताया कि ड्रग्स पर नियंत्रण संबंधी एनडीपीएस कानून के तहत सभी के खिलाफ मामले दर्ज किए गए हैं.

अधिकारी ने बताया कि आनंद ड्रग्स की आपूर्ति करता था, जिसका जुड़ाव फिल्म उद्योग से है. फर्नांडिस गांजा और चरस का सौदा करता था और वह अभिनेत्री रिया चक्रवर्ती के भाई शौविक चक्रवर्ती का सहयोगी है. अधिकारी ने बताया कि एनसीबी को संदेह है कि फर्नांडिस ने ड्रग्स की आपूर्ति की थी जिसकी व्यवस्था अभिनेता के लिये की गई थी.

अधिकारी ने बताया कि पटेल, आनंद के अंतर्गत काम करता था और वह नामी हस्तियों को मादक द्रव्य पहुंचाता था. गुप्ता की भूमिका के बारे में उन्होंने कहा कि वह रिक्शा चालक है लेकिन वह फर्नांडिस जैसे खुदरा डीलरों को ड्रग्स पहुंचाता था. उन्होंने कहा कि अंसारी, गुप्ता का सहयोगी है.

एनसीबी का विशेष जांच दल (एसआईटी) ड्रग्स मामले की जांच कर रहा है, जिसमें रिया चक्रवर्ती, शौविक, राजपूत के प्रबंधक सैमुअल मिरांडा, घरेलू सहायक दिपेश सावंत और अन्य को गिरफ्तार किया सगया है.

मध्य प्रदेश: शिवराज के मंत्री की जुबान फिसली, BJP की कर दी आलोचना

मध्यप्रदेश में शिवराज सरकार के परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत की जुबान फिसल गई और वह बीजेपी  को ही कोस गए. राजपूत पिछले दिनों कांग्रेस छोड़कर पूर्व कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे.

सागर जिले के सुरखी विधानसभा से विधायक रहे राजपूत ने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी का दामन थामा था. उन्हें आगामी समय में होने वाले उपचुनाव में सुरखी से बतौर बीजेपी उम्मीदवार चुनाव लड़ना है. इससे पहले उन्होंने यहां रामशिला पूजन यात्रा निकाली गई. इस यात्रा का सोमवार को समापन हुआ.

समापन मौके पर मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए राजपूत बीजेपी के पक्ष में कशीदे पढ़ते रहे, मगर अचानक उनकी जुबान फिसल गई और बीजेपी को ही कोसने लगे.

सोशल मीडिया पर जो वीडियो वायरल हो रहा है, उसमें राजपूत कह रहे हैं कि “कांग्रेस वर्तमान में बीजेपी  के काम से डरी हुई थी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सूझबूझ से राम मंदिर का भूमि पूजन हुआ, पूरे देश में कोई दंगा-फसाद नहीं हुआ. इस समय पूरा मध्यप्रदेश राममय है, सुरखी राममय है, बीजेपी  को नकली राम नाम, भगवा झंडे को धारण करना पड़ रहा है, लेकिन जनता जानती है कि मुंह में राम बगल में छुरी, बीजेपी का हमेशा यही काम रहा है.”

पश्चिम बंगाल: TMC के वोट में सेंध लगाने की तैयारी में बीजेपी, दिसंबर तक 20 लाख मुस्लिमों को पार्टी में शामिल करने का लक्ष्य

बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा की पश्चिम बंगाल इकाई ने इस साल दिसंबर तक 20 लाख मुस्लिमों को पार्टी के साथ जोड़ने का लक्ष्य रखा है ताकि अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के वोट प्रतिशत में सेंध लगायी जा सके. अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष अली हुसैन के मुताबिक, करीब चार लाख मुस्लिम पहले ही बीजेपी में शामिल हो चुके हैं.

अली हुसैन ने कहा, ‘ हमने दिसंबर तक 20 लाख अल्पसंख्यकों को शामिल करने का लक्ष्य रखा है. उसमें से चार लाख पहले ही शामिल किए जा चुके हैं. अगले चार महीनों में लक्ष्य हासिल कर लिया जाएगा.’ राज्य में मुस्लिमों का कुल वोट में से 28-30 फीसदी हिस्सा है और राज्य की 294 सीटों में से 120 पर इनकी निर्णायक भूमिका है.

अली ने आरोप लगाया कि पिछले कई सालों से विपक्षी दलों ने समुदाय के लोगों को बीजेपी के इरादों के बारे में गुमराह किया और उनके बीच डर का माहौल बनाया. उन्होंने कहा, ‘ अल्पसंख्यक समुदाय के कई बुद्धिजीवी और शिक्षित युवा अब बीजेपी में शामिल हो गए हैं क्योंकि उन्होंने महसूस किया है कि पार्टी ‘सबका विकास’ में भरोसा करती है.’

बीजेपी के मुताबिक, सदस्यता अभियान के दौरान वह अल्पसंख्यक बहुल आबादी वाले जिलों जैसे उत्तरी दिनाजपुर, दक्षिणी दिनाजपुर, कूच बिहार, जलपाईगुड़ी, मालदा और मुर्शिदाबाद पर अधिक ध्यान केंद्रित करेगी.

विश्वकर्मा पूजा : इन राशियों के जातक करें ये उपाय, कारोबार में होगी वृद्धि बरसेगा धन 

विश्वकर्मा पूजा के दिन ऋषि विश्वकर्मा की पूजा की जाती है. इस साल विश्वकर्मा पूजा 16 सितंबर, बुधवार को मनाया जाएगा. हिन्दू कैलेंडर के मुताबिक हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को विश्वकर्मा पूजा की जाती है. कहते हैं कि इस दिन भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने से व्यापार में उन्नति मिलती है.

मेष राशि : मेष राशि के जातकों को विश्वकर्मा पूजा के दिन आठ साल से छोटे बच्चों को खट्टी-मीठी गोलियां और गुड़-चना बांटने चाहिए. इससे व्यापार में लाभ के योग बनना शुरू हो जाएंगे.

वृष राशि : इस राशि के जातकों को इस दिन श्यामा तुलसी के पौधे में आई खरपतवार (Weed) को तोड़कर पीले धांगे में बांधकर गले में धारण करना चाहिए. ईश्वरीय कृपा से कारोबार में वृद्धि के योग बनेंगे.

मिथुन राशि : आपकी राशि वालों को विश्वकर्मा पूजा की शाम कुष्ठ रोगियों को काले रंग का पेय पदार्थ बांटना चाहिए, इससे आपके कारोबार में आने वाली सभी परेशानियों का अंत होगा.

कर्क राशि : कर्क राशि वालों को विश्वकर्मा पूजा की दोपहर 12 बजे अपने सिर से नमक की थैली को सात बार घुमाकर किसी जरूरतमंद को दान करनी चाहिए. व्यापार में लाभ मिलने की संभावनाएं बनेंगी.

सिंह राशि : आपकी राशि के लिए विश्वकर्मा पूजा की सुबह मशीनों की पूजा करने के बाद नारियल बांटना बहुत शुभ रहेगा. इस दिन अपने सभी कर्मचारियों को नारियल का प्रसाद जरूर दें.

कन्या राशि : कन्या राशि के जातकों के लिए विश्वकर्मा पूजा के दिन लड्डूओं का दान करना शुभ रहेगा. यह दान किसी कुंवारी कन्या को दें. व्यापार में तरक्की मिलेगी.

तुला राशि : घर के किसी बुजुर्ग सदस्य को तांबे की अंगुठी दान करें. अगर यह न कर पाएं तो सात प्रकार का अनाज पक्षियों के लिए डालें. ईश्वर ने चाहा तो जल्द ही व्यापार में लाभ मिलना शुरू हो जाएगा.

वृश्चिक राशि : विश्वकर्मा पूजा के दिन गाय के लिए ढाई किलो हरा चारा दान करें. इसे मंदिर में रख कर न आएं. संभव हो तो अपने हाथ से ही गाय को खिलाएं. कारोबार में वृद्धि के योग बनेंगे.

धनु राशि : धनु राशि के जातकों को इस दिन गरीबों में हरा अनाज दान करना चाहिए. इस दान को गुप्त रखें. ईश्वर की कृपा से जल्द ही कारोबार में वृद्धि होने के योग बनेंगे.

मकर राशि : मकर राशि वाले अपने छोटे भाई-बहनों को खट्टी-मीठी गोलियां खिलाएं. संभव हो तो जरूरतमंदों को हरा अनाज दान करें. व्यवसाय में उन्नति के योग बनना शुरू होंगे.

कुंभ राशि : इस राशि के जातकों को विश्वकर्मा पूजा के दिन स्नानादि कर पवित्र हो किसी श्रेष्ठ ब्राह्मण को भोजन करवाना चाहिए. अगर संभव न हो तो फल-मिठाई का दान भी कर सकते हैं. ईश्वर की कृपा से व्यापार में लाभ मिलेगा.

मीन राशि : मीन राशि के जातकों को विश्वकर्मा पूजा की शाम कुष्ठ रोगियों को दान करने से लाभ मिलेगा. ध्यान रहे कि यह उपाय करते समय आपको कोई न टोके वरना इसका फल आपको नहीं मिल पाएगा.

Pitra Dosh Nivaran : सर्वपितृ अमावस्या के दिन करें ये उपाय, पितृ दोष से मिलेगी मुक्ति

पितृ पक्ष के अंतिम दिन को सर्वपितृ अमावस्या कहा जाता है. इस साल सर्वपितृ अमावस्या 17 सितंबर, बृहस्पतिवार की है. हिन्दू पंचांग के मुताबिक हर साल आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या होती है. इसे पितृ विसर्जन अमावस्या भी कहा जाता है.

15 दिन पहले आए पितरों को इस दिन विदा किया जाता है इसलिए इसे पितृ विसर्जन अमावस्या कहा जाता है. इस दिन से पितृ पक्ष समाप्त होता है. माना जाता है कि पितृ विसर्जन अमावस्या के दिन अगर पितृ दोष  से मुक्ति पाने के उपाय किए जाए तो यह बहुत कारगर साबित होते हैं.

पितृदोष से मुक्ति के उपाय :- एक पीतल का दीपक लें. उसमें सरसों का तेल डालकर जलाएं. यह दीपक दक्षिण दिशा में रखें. सर्वपितृ अमावस्या की शाम को ही यह उपाय करें. संभव हो तो प्रयास करें कि यह दीपक पितृ विसर्जन अमावस्या की पूरी रात जलता रहे. इसे पितृ दोष हटाने के उपायों में सबसे सरल माना गया है.

सर्वपितृ अमावस्या की शाम गजेन्द्र मोक्ष का पाठ करें। एक दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुख कर यह पाठ करें. पाठ पूरा होने के बाद भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए उनसे और अपने घर से पितरों से प्रार्थना करें कि वह आपके घर से पितृ दोष को दूर करें. इसके बाद पितरों को जलेबी का भोग लगाएं.

पितृ विसर्जन अमावस्या की शाम को पितरों के निमित्त भोजन बनाकर एक पत्तल में रखें फिर इस भोजन को किसी वृद्ध को खिलाएं अन्यथा बबूल या पीपल के पेड़ की जड़ में उस भोजन को रख दें. भोजन रखते समय यह प्रार्थना करें कि हे पितृ देव आप यह भोजन खाकर तृप्त हो जाएं और हमारे घर से पितृ दोष को दूर करें. यह उपाय  करने के बाद पीछे मुड़कर न देखें.

पितरों को विदा करने से पहले उन्हें जलेबी का भोग लगाएं. फिर शाम को घर में उस स्थान पर पितरों के निमित्त जलेबी रखें जहां आप पीने के पानी का बर्तन रखते हों. साथ ही कुत्तों को जलेबी खिलाएं. यह उपाय बहुत सरल है. इसका असर बहुत जल्दी देखने को मिलता है. ‘ओम श्री सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशम् हं हं सुख शांतिम् देहि फट: स्वाहा’ का जाप करें.