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जानिए कौन है JNU का पूर्व छात्र उमर खालिद और क्यों है विवादों से पुराना नाता?

इस साल फरवरी में उत्तर पूर्वी दिल्ली में हुए दंगे में कथित भूमिका के आरोप में पुलिस ने रविवार देर रात जेएनयू के पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को गिरफ्तार किया है. खालिद की गिरफ्तारी अनलॉफुल एक्टिविटीज प्रिवेंशन एक्ट यानी यूएपीए के तहत हुई है. इससे पहले भी उमर खालिद के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधि निषेध कानून के तहत एक मामला दर्ज किया जा चुका है. आज उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा.

दरअसल, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के विरोधी और समर्थकों के बीच हिंसा के बाद 24 फरवरी को उत्तर पूर्वी दिल्ली में सांप्रदायिक दंगे भड़क गए थे. जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हुई थी जबकि 200 के करीब घायल हुए थे.

उमर खालिद महाराष्ट्र में अमरावती के तालेगांव का रहने वाला बताया जाता है. लगभग तीन दशक पहले खालिद का परिवार दिल्ली आकर बस गया था. उमर खालिद साल 2016 में उस समय चर्चा में आया, जब जेएनयू में हुई कथित देशविरोधी नारेबाजी में उसका नाम कन्हैया कुमार के साथ देशद्रोह के मामले में सामने आया था. 9 फरवरी 2016 को देश विरोधी और आतंकी अफजल गुरु के समर्थन में नारे लगाने के आरोप में उमर खालिद, कन्हैया कुमार और अनिर्बान के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दायर किया गया था. पुलिस ने इन तीनों को गिरफ्तार भी किया लेकिन बाद में कोर्ट से जमानत मिल गई थी.

यही नहीं, इससे पहले भी उमर का नाम कई तरह के विवादों में आ चुका है. जेएनयू कैंपस में अपने कुछ साथियों के साथ हिंदू देवी देवताओं की आपत्तिजनक तस्वीरें लगाकर नफरत फैलाने के मामले में आया था. उमर कई मौकों पर कश्मीर की आजादी की मांग भी उठा चुका है.

साल 2010 में छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ जवानों की हत्या के बाद जश्न मनाने वाले लोगों में उमर भी शामिल था. 26 जनवरी 2015 को ‘इंटरनेशनल फूड फेस्टिवल’ में उमर ने कश्मीर को एक अलग देश दिखाने की कोशिश की थी.

भारत में सबसे तेजी से बढ़ रहे कोरोना मामले, 24 घंटे में आए 92 हजार नए केस, 1136 संक्रमितों की मौत

भारत में कोरोना का आतंक जारी है. देश में पिछले 24 घंटों में 92,071 नए मामले सामने आए हैं. इससे पहले 11 सितंबर को रिकॉर्ड 97,570 संक्रमण के मामले दर्ज हुए थे. वहीं 24 घंटे में 1136 लोगों की जान चली गई है. देश में दो सितंबर से लगातार हर दिन एक हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो रही है. कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 48 लाख पार पहुंच गई है. दुनिया में अभी संक्रमण के सबसे ज्यादा मामले अमेरिका में है. लेकिन हर दिन अमेरिका से कई गुना कोरोना मामले भारत में मिल रहे हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में अब कुल कोरोना संक्रमितों की संख्या 48 लाख 46 हजार हो गई है. इनमें से 79,722 लोगों की मौत हो चुकी है. एक्टिव केस की संख्या 9 लाख 86 हजार हो गई और 37 लाख 80 हजार लोग ठीक हो चुके हैं. संक्रमण के सक्रिय मामलों की संख्या की तुलना में स्वस्थ हुए लोगों की संख्या करीब चार गुना अधिक है.
ICMR के मुताबिक, 13 सितंबर तक कोरोना वायरस के कुल 5 करोड़ 72 लाख सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 10 लाख सैंपल की टेस्टिंग कल की गई. पॉजिटिविटी रेट 7 प्रतिशत से कम है. कोरोना वायरस के 54% मामले 18 साल से 44 साल की उम्र के लोगों को हैं लेकिन कोरोना वायरस से होने वाली 51% मौतें 60 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों में हुईं हैं.

राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. मृत्यु दर गिरकर 1.64% हो गई. इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घटकर 21% हो गई है. इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 78% हो गई है. भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है.

देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. महाराष्ट्र में दो लाख से ज्यादा संक्रमितों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है. इसके बाद दूसरे नंबर पर तमिलनाडु, तीसरे नंबर पर दिल्ली, चौथे नंबर पर गुजरात और पांचवे नंबर पर पश्चिम बंगाल है. इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का दूसरा स्थान है. कोरोना संक्रमितों की संख्या के हिसाब से भारत दुनिया का दूसरा सबसे प्रभावित देश है. मौत के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत का नंबर है.

मुंबई से मनाली के लिए रवाना हुईं कंगना, उद्धव सरकार पर लगाया ‘लोकतंत्र के चीरहरण’ का आरोप

एक्ट्रेस कंगना रनौत लगभग 5 दिन मुंबई में बिताने के बाद आज मनाली के लिए रवाना हो गई हैं. उनके साथ उनकी बहन रंगोली चंदेल और उनका एक सहयोगी भी साथ रहा हैं. मुंबई से निकलने से पहले उन्होंने महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोशयारी से मुलाकात की. उन्होंने राज्यपाल से बीएमसी विवाद में न्याय दिलाने की अपील की. उन्होंने मुंबई से जाने के दौरान कहा कि वह मुंबई से जाने पर उन्हें दुख हो रहा है. इस दौरान उन्हें आतंकित किया गया.

कंगना रनौत ने ट्वीट पर लिखा,”भारी दिल के साथ मुंबई से जा रही हूं, जिस तरह से मैं इन दिनों लगातार आतंकित थी और मेरे काम की जगह के बाद मेरे घर को तोड़ने की कोशिश में लगातार हमले और गालियाँ पड़ीं, मेरे चारों ओर घातक हथियारों के साथ सतर्क सुरक्षा, कहना होगा कि यह पीओके के बराबर ही था.” इसी के साथ कंगना ने महाराष्ट्र सरकार पर लोकतंत्र के चीरहरण का भी आरोप लगाया.

उन्होंने ट्वीट में लिखा,”जब रक्षक ही भक्षक होने का एलान कर रहे हैं धड़ियाल बन लोकतंत्र का चीरहरण कर रहे हैं, मुझे कमज़ोर समझ कर, बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं! एक महिला को डरा कर उसे नीचा दिखाकर, अपनी इमेज को धूल कर रहे हैं!!” कंगना रनौत मुंबई से निकल गई हैं. वह अपनी बहन रंगोली चंदेल और एक सहयोगी के साथ 9 सितंबर को मुंबई आईं थीं. उन्होंने शिवसेना नेता संजय राउत को मुंबई आने की चुनौतीदी थी.

इससे पहले संजय राउत ने उन्हें मुंबई नहीं आने की धमकी दी थी. लेकिन कंगना ने उनकी धमकी का जवाब देने के लिए मुंबई आने की चुनौती दी थी. इस बीच कंगना रनौत की गैरमौजूदगी में बीएमसी ने उनके ऑफिस में हुए कथित अवैध निर्माण को गिरा दिया था. बीएमसी ने कंगना को मुंबई पहुंचने पर होम क्वारंटीन के नियमों छूट दी थी. कोरोना वायरस महामारी को देखते हुए मुंबई में नियम है कि बाहर से आने वाले प्रत्येक शख्स को 14 दिनों के लिए क्वांरटीन में रहना होता है.

एक अधिकारी ने बताया था कि बीएमसी ने कंगना को 14 दिनों के होम क्वारंटीन के नियमों से छूट दी है. राज्य से बाहर से आने वाले लोगों को नियमानुसार होम क्वारंटीन में रहना होता है. कंगना रनौत ने होम क्वांरटीन के नियम से छूट की मांग करते हुए ऑनलाइन आवेदन किया था क्योंकि वह मुंबई में एक छोटी जर्नी पर आई हैं. बीएमसी ने अधिकारी ने बताया कि कंगना यहा एक हफ्ते से भी कम वक्त के लिए रहने आईं थी. इसलिए उन्हें अल्पकालिक आगंतुक की श्रेणी के तहत छूट दी गई है.

हिंदी दिवस, जानिए दुनिया में चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा से जड़ी ख़ास बातें

आज 14 सितंबर के दिन देश में हिंदी दिवस मनाया जाता है. वर्तमान समय में हिंदी की पैठ वैश्विक बाजार तक हो चुकी है और इसका महत्व बढ़ता ही जा रहा है. हालांकि देश में ही इसे लेकर कई समस्याएं हैं जिनके चलते हिंदी को उसका वास्तविक सम्मान दिलाना जरूरी है. यहां तक कहा जाता है कि देश में ही हिंदी का अस्तित्व संकट में बना हुआ है और इसी को ध्यान में रखते हुए हिंदी दिवस का महत्व और बढ़ जाता है.
देश में सबसे पहले 14 सितंबर, 1949 के दिन हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिला था. इसके बाद से ही हिंदी दिवस को पूरे देश में मनाने का निर्णय किया गया और हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है.

हिंदी से जुड़ी कुछ रोचक बातें…

  • 14 सितंबर, 1949 में हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिलने के बाद 1953 से पूरे देश में हिंदी दिवस मनाया जाने लगा.
  • हिंदी भाषा के प्रचार के लिए नागपुर में 10 जनवरी 1975 को विश्व हिंदी सम्मेलन रखा गया था. इस सम्मेलन में 30 देशों के 122 प्रतिनिधि शामिल हुए थे.
  • हिंदी की बढ़ती लोकप्रियता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि आज दुनिया में हिंदी चौथी सबसे ज्यादा बोली जाने वाली भाषा बन चुकी है. दुनिया भर में हिंदी बोलने वालों की संख्या करीब 75-80 करोड़ है.
  • भारत में करीब 77 प्रतिशत लोग हिंदी लिखते, पढ़ते, बोलते और समझते हैं.
  • हिन्दी के प्रति दुनिया की बढ़ती चाहत का एक नमूना यही है कि आज विश्व के करीब 176 विश्वविद्यालयों में हिंदी एक विषय के तौर पर पढ़ाई जाती है.
  • हिंदी के प्रति लोगों की बढ़ती रुचि को देखते हुए साल 2006 के बाद से ही पूरी दुनिया में 10 जनवरी को हिंदी दिवस मनाया जाने लगा.
  • भारत के अलावा नेपाल, मॉरिशस, फिजी, सूरीनाम, यूगांडा, पाकिस्तान, बांग्लादेश, दक्षिण अफ्रीका और कनाडा जैसे तमाम देशों में हिंदी बोलने वालों की संख्या अच्छी-खासी है. इसके आलावा इंग्लैंड, अमेरिका, मध्य एशिया में भी इस भाषा को बोलने और समझने वाले अच्छे-खासे लोग हैं.
  • हिंदी का नाम फारसी भाषा के ‘हिंद’ शब्द से निकला है. जिसका अर्थ ‘सिंधु नदी की भूमि’ है.
  • हिंदी भाषा की बढ़ती महत्ता को इस बात से समझा जा सकता है कि ‘अच्छा’, ‘बड़ा दिन’, ‘बच्चा’, ‘सूर्य नमस्कार’
  • जैसे तमाम हिंदी शब्दों को ऑक्सफर्ड डिक्शनरी में शामिल कर लिया गया है.
  • फ़िजी एक ऐसा द्वीप देश है जहां हिंदी को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिया गया है. जिसके चलते इन्हें फ़िजियन हिन्दी या फ़िजियन हिन्दुस्तानी भी कहा जाता है.

NTA NEET 2020: जानें क्या है एग्जाम का ड्रेस कोड, कौन से कागजात ले जाने हैं साथ, ऐसे करें तैयारी

NEET 2020: इस साल नीट परीक्षा में देशभर से 15 लाख से अधिक उम्मीदवारों ने आवेदन किया है. बता दें कि NEET देश में एक स्नातक कार्यक्रम के लिए सबसे बड़ी प्रवेश परीक्षा है. कोरोना काल में आयोजित होने जा रही राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में परीक्षा केंद्र में इस साल कई दिशानिर्देश दिए गए हैं. क्या आपकी तैयारी पूरी हो गई है. एक बार चेक कर लें अपनी तैयारी.

NEET Exam SOP में ड्रेस कोड से लेकर उन वस्तुओं की सूची शामिल है जिन्हें कैंडिडेट परीक्षा केंद्रों में ले जा सकते हैं. बता दें कि NEET UG परीक्षा 13 सितंबर, 2020 को दोपहर 2 से 5 बजे के बीच आयोजित होगी. कोरोना के चलते परीक्षा सेंटरों में जरूरी एहतियात बरते जा रहे हैं. ऐसे में उम्मीदवारों से भी पूरी तैयारी से आने के लिए कहा गया है.

सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने और NEET 2020 परीक्षा के दिन अधिक भीड़ से बचने के लिए, उम्मीदवारों को टाइम-स्लॉट दिए गए हैं, उन्हें उसी के अनुसार पहुंचना होगा.

परीक्षा केंद्र देखें: परीक्षा के दिन भ्रम की स्थिति से बचने के लिए उम्मीदवारों को परीक्षा से एक दिन पहले NEET 2020 परीक्षा केंद्र पर जाने की सलाह दी गई है. बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय की नई गाइडलाइन के बाद परीक्षा केंद्र बदले भी गए हैं.

नीट परीक्षा हॉल के लिए आवश्यक दस्तावेज: 
उम्मीदवार को अपने एडमिट कार्ड के साथ आना होगा. इसके अलावा परीक्षा केंद्र के लिए जरूरी सभी पेजों को डाउनलोड और प्रिंट कराना होगा.

NEET परीक्षा हॉल के लिए आवश्यक दस्तावेज की सूची 

NEET 2020 एडमिट कार्ड के सभी पृष्ठ स्पष्ट रूप से A4 आकार की शीट पर छपे हों
NEET 2020 के लिए self-declaration form / undertaking / proforma NEET 2020 तीनों A4 आकार की शीट पर प्रिंट करके और भरकर लेकर जाएं.
वैलिड फोटो आईडी प्रमाण
अटेंडेंस शीट पर चिपकाने के लिए आवेदन पत्र में उपयोग की गई उसी फोटोग्राफ की कॉपी
PwD प्रमाण पत्र जहां लागू हो
जहां लागू हों, उससे संबंधित दस्तावेज

NEET परीक्षा हाल में ये भी ले जाएं :

पारदर्शी बोतल में पानी
मास्क और ग्लव्स
पर्सनल हैंड सैनिटाइजर

NEET 2020 के लिए वैलिड आईडी प्रूफ: 

पैन कार्ड
ड्राइविंग लाइसेंस
वोटर आई.डी.
12 वीं कक्षा का बोर्ड प्रवेश या पंजीकरण कार्ड
पासपोर्ट
आधार कार्ड (फोटोग्राफ के साथ) / ई-आधार
राशन कार्ड
फोटो के साथ आधार नंबर

NEET 2020 के लिए self declaration form कैसे भरें: 

self declaration form कोरोना संक्रमण को कंट्रोल करने के उद्देश्य से जरूरी रखा गया है. ये फॉर्म एडमिट कार्ड से जुड़ा हुआ है जिसे डाउनलोड करके प्रिंट करना होगा. यदि आप स्क्राइब की हेल्प ले रहे हैं तो उन्हें “अंडरटेकिंग” देनी होगी.

NEET परीक्षा हॉल में पहुंचने से पहले ये करें
NEET 2020 के एडमिट कार्ड में जुड़े  तीनों फॉर्म भरें
फोटोग्राफ चिपकाएं
बाएं हाथ के अंगूठे का निशान लगाएं और सुनिश्चित करें कि यह धब्बा नहीं है
माता-पिता के हस्ताक्षर
परीक्षा के दिन, उम्मीदवारों को पर्यवेक्षक की उपस्थिति में घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर करना होगा

NEET 2020 परीक्षा के लिए लड़कों और लड़कियों के लिए ड्रेस कोड: 

उम्मीदवारों को कम ऊंची एड़ी के जूते और चप्पल पहनने की अनुमति है.  NEET 2020 के लिए ड्रेस कोड के अनुसार क्लोज्ड फुटवियर की अनुमति नहीं है. बड़े बटन वाले मोटे तलवों और कपड़ों के जूते या अन्य जूते की अनुमति नहीं है. इसके अलावा आधी आस्तीन  के कपड़े पहनें, फुल आस्तीन वाले कपड़ों की अनुमति नहीं है.

“आइए हम सब मिलकर विजेता बनते हैं और चक्रवर्ती बिहार बनाते हैं”-पुष्पम प्रिया चौधरी

“बिहार सिर्फ़ मेरी ज़िम्मेदारी नहीं है, बिहार सिर्फ़ मेरा धम्म (ड्यूटी) नहीं है, आप सबकी ज़िम्मेदारी है. आपमें से हज़ारों मुझे अपने गाँव-शहर बुला रहे. मैं हज़ारों जगह पहुँच भी जाऊँगी लेकिन कुल 45000 गाँव हैं, 144 शहर हैं. हज़ारों रह जाएँगे. मैं अब आपको ज़िम्मेदारी दे रही. आप भी ‘मैं’ बनकर हर जगह जाइए. मेरा और आपका खून एक ही है, उसमें बिहार ही दौड़ता है. अपने क्षेत्र में जाइए, देखिए, खेती, उद्योग, धरोहर, शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों का क्या हाल है, क्या सम्भावनाएँ हैं, सूची बनाइए, मुझे भेजिए. सरकार बनाने के तुरंत बाद हम मिलकर सबसे पहले आपकी-मेरी सूची पर काम करेंगे. आप बाहर भी हैं – दिल्ली, बंगलोर, लंदन, न्यूयॉर्क, कहीं भी, तो सब कुछ छोड़ कर आईए, हमेशा के लिए नहीं तो चार महीने के लिए. आप किसी भी पार्टी से सहानुभूति रखते हैं, किसी भी जाति, धर्म के हैं, किसी भी विचारधारा से जुड़ें हैं – राइट, लेफ़्ट, सेंटर, कुछ भी, पहले बिहारी बनिए. बिहार ही अब विचारधारा है. अब किनारा पकड़ने का वक्त है, नहीं तो बिहार सहित हम सब डूबेंगे मँझधार में! हमारे पास चार महीने हैं और बिहार के पास मात्र दस साल हैं. चार महीने में बिहार और इसके 243 क्षेत्र और 72000 बूथ जीतने हैं. अभी नहीं तो फिर कभी नहीं. देश बाद में, पहले स्वदेश, हमारा बिहार, अपमान और जहालत को उखाड़ फेंक कर ‘देवों के प्रिय’ अशोक का बिहार. अपने गरम खून को पहचानिये, उसको बिहार की रगों में दौड़ाइए, मेरी तरह आप सब पे बिहार का क़र्ज़ है. अब क़र्ज़ उतारने का समय है. अब ड्यूटी का समय है, अब धम्म की जीत का समय है. आप सब अशोक बनिए और अपनी धम्म-यात्रा शुरू कीजिए, आज, अभी! मैं तो बिहार जीत रही हूँ, आइए हम सब मिलकर विजेता बनते हैं और चक्रवर्ती बिहार बनाते हैं, फिर से! ज़िंदा क़ौमें पाँच साल इंतज़ार नहीं करतीं!”

सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का हुआ निधन, लीवर संबंधी समस्यों से थे पीड़ित

सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्निवेश का निधन हो गया है. वह 80 वर्ष के थे और पिछले कई दिनों से गंभीर रूप से बीमार चल रहे थे. लिवर सिरोसिस से पीड़ित अग्निवेश के कई प्रमुख अंगों ने काम करना बंद कर दिया था. वह दिल्ली के इंस्टीट्यूट ऑफ लिवर एंड बायिलरी सांइसेज (Institute of Liver and Biliary Sciences) में इलाज करवा रहे थे.

ILBS ने स्वामी अग्निवेश के निधन की पुष्टि करते हुए कहा कि स्वामी अग्निवेश को शुक्रवार शाम 6 बजे कार्डियक अरेस्ट हुआ. उन्हें बचाने की भरपूर कोशिश की गई, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो सका. उन्होंने शाम 6.30 बजे अंतिम सांस ली.

स्वामी अग्निवेश हमेशा चर्चा में रहने वाले और समाजिक मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखने वालों में से थे. अग्निवेश ने 1970 में आर्य सभा नाम की एक राजनीति पार्टी बनाई थी. 1977 में वह हरियाणा विधासनभा में विधायक चुने गए और हरियाणा सरकार में शिक्षा मंत्री भी रहे थे. 1981 में उन्होंने बंधुआ मुक्ति मोर्चा नाम के संगठन की स्थापनी की थी.

वहीं, स्वामी अग्निवेश ने 2011 में अन्ना हजारे की अगुवाई वाले भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में भी हिस्सा लिया था. स्वामी अग्निवेश ने रियलिटी शो बिग बॉस में भी हिस्सा लिया था. वह 8 से 11 नवंबर के दौरान तीन दिन के लिए बिग बॉस के घर में भी रहे थे.

बैडमिंटन स्टार चिराग शेट्टी ने की ‘फिट इंडिया फ्रीडम रन’ में शामिल होने की अपील, कहा- मानसिक स्वास्थ के लिए है बेहद ज़रूरी

अर्जुन पुरस्कार विजेता बैडमिंटन स्टार चिराग शेट्टी  (Arjuna Awardee Badminton Star Chirag Shetty) ने देश्वाशियों से खेल एवं युवा मंत्रालय द्वारा आयोजित फिट इंडिया फ्रीडम रन (Fit India Freedom Run) को सफल बनाने की अपील की है.

भारतीय खेल प्राधिकरण ( Sports Authority of India -SAI) के मुंबई (Mumbai) स्थित क्षेत्रीय केंद्र आयोजित ऑनलाइन इन्टरैक्शन कार्यक्रम में चिराग शेट्टी ने फिट इंडिया फ्रीडम रन पर बात करते हुए कहा की दौड़ न सिर्फ़ शारीरिक बल्कि यह मानसिक स्वास्थ के लिए भी लाभप्रद है.

उन्होंने कहा की आमतौर पर लोगों की शिकायत होती है कि दौड़ने से वे थक जाते हैं, लेकिन मैं यहां बताना चाहता हूँ कि दौड़ने से व्यक्ति के शरीर में एक नई ऊर्जा का संचार होता है.जो लोग नियमित दौड़ते हैं वे अपने  वर्क प्लेस में भी ऊर्जावान बने रहते हैं. चिराग शेट्टी ने यह भी कहा कि रोज़ाना दौड़ लगाने से शारीरिक शक्ति का विकास तो होता ही है साथ ही मानसिक शांति की अनुभूति भी होती है.

बैडमिंटन कोर्ट  पर सात्विक रंकीरेड्डी के साथ एक अद्भुत साझेदारी करने वाले 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी ने कहा कि लोग आपको दौड़ने के लिए कुछ हद तक प्रेरित कर सकती हैं, लेकिन यह आप पर निर्भर करता हैं है कि आप अपने लक्ष्य में प्रति कितने समर्पित हैं. मसलन अगर आप दौड़ने की शुरुआत करते हैं तो कुछ दिनों के बाद वो ख़ुशी आपके चेहरे पर नज़र आनी चाहिए, लेकिन इस दौरान सही ड़ाईट और खान-पान का ध्यान रखें.

अर्जुन पुरस्कार विजेता चिराग शेट्टी मौजूदा समय में बैडमिंटन की विश्व रैंकिंग में 10 वें स्थान पर क़ाबिज़ हैं. गोल्ड कोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने मिश्रित टीम स्पर्धा में गोल्ड और पुरुष युगल में सिल्वर अपने नाम किया था. इसके अलावा चिराग शेट्टी ने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन वर्ल्ड टूर में दो खिताब जीतने के साथ ही एक टूर्नामेंट में दो बार रनर अप भी रह चुके हैं. इस 23 वर्षीय प्रतिभावान खिलाड़ी ने बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन इंटरनेशनल में 6 खिताब भी जीते हैं.

आपको बता दें केंद्रीय खेल एवं युवा मामले मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने फिट इंडिया फ्रीडम रन की शुरुआत की थी जो 2 अक्टूबर तक चलेगी. खिलाड़ियों के साथ ही अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग भी फिट इंडिया फ्रीडम रन की जमकर सराहना करते नज़र आ रहे हैं.

Video : खेसारी-अक्षरा का भोजपुरी गाना ‘गलिया के पिंपल’ वायरल

भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री के स्टार खेसारी लाल यादव और अक्षरा सिंह ने एक साथ कई गानों और फ‍िल्‍मों में काम किया है. इनकी ऑन स्क्रीन जोड़ी को दर्शक खूब पसंद भी करते हैं. इन दिनों खेसारी लाल और अक्षरा सिंह का एक रामांटिक गाना’गलिया के पिंपल’ यू-ट्यूब पर ट्रेंड हो रहा है.

गाने में खेसारी और अक्षरा जबरदस्त डांस करते नजर रहे हैं. इस गाने को यू-ट्यूबर पर 49 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.खेसारी लाल यादव और अक्षरा सिंह के वायरल हो रहे इस गाने के बोल हैं…’गलिया के पिंपल’ (Galia Ke Pimple). इस गाने के वीडियो को वर्ल्ड वाइड रिकॉर्ड भोजपुरी यूट्यूब चैनल पर अपलोड किया गया है.

इस गाने को खेसारी लाल यादव ने गाया है. वहीं, इसके बोल बोल श्याम देहाती ने लिखे हैं, जबकि म्यूजिक अविनाश झा ने दिया है. ये गाना भोजपुरी फिल्म ‘साजन चले ससुराल 2’ का है.

वहीं, सुपरस्टार खेसारी लाल यादव का एक नया गाना भी रिलीज हुआ है. 8 सितंबर को रिलीज हुए इस भोजपुरी वीडियो सॉन्ग ‘लभर से शादी’ (Lover Se Shadi) को दर्शक खूब पसंद कर रहे हैं. इस गाने को महज 2 दिन में 3.9 मिलियन से ज्यादा बार देखा जा चुका है.

गाने के लिए लीरिक्स अखिलेश कश्यप और म्यूजिक श्याम सुंदर ने दिए हैं. इस गाने को आदिशक्ति फिल्म के ऑफिशल यूट्यूब चैनल पर रिलीज किया गया है. गाने के बोल हैं, ‘लव मैरिज कई लेनी जा बियाह हो, तू हव यादव जी हम हई शाह हो…’

कल से चलेंगी शताब्दी, हमसफर और एसी सुपरफास्ट सहित कई ट्रेनें, तत्काल टिकट बुकिंग शुरू

रेलवे ने 80 नई ट्रेनों के लिए टिकटों की बुकिंग 10 सितंबर 2020 से शुरू कर दी है. इन नई ट्रेनों में शताब्दी, हमसफर और एसी सुपरफास्ट समेत कई पैसेंजर ट्रेनें शामिल हैं. इन ट्रेनों के लिए तत्काल टिकट की बुकिंग भी शुरू हो गई है. अगर आप यात्रा की योजना बना रहे हैं और अभी तक टिकट नहीं ले पाए हैं तो इन नई 80 पैसेंजर ट्रेनों में तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं.

आप रेलवे स्टेशन के पीआरएस काउंटर या IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट और ऐप से तत्काल टिकट बुक कर सकते हैं. तत्काल टिकट यात्रा की तारीख से एक दिन पहले ही बुक किया जा सकता है. यानी अगर आप कल ट्रेन में सफर करना चाहते हैं तो उसके लिए आप आज टिकट बुक कर सकते हैं. हालांकि, कुछ चुनिंदा गाड़ियों में तत्काल ई-टिकट यात्रा की तारीख से एक दिन पहले ट्रेन चार्ट के तैयार होने तक बुक किया जा सकता है.

तत्काल टिकट बुक करने का समय- तत्काल बुकिंग ट्रेन के प्रस्थान करने से एक दिन पहले, सुबह 10 बजे से बुक कर सकते हैं. इसमें एसी क्लास के लिए 10 बजे बुकिंग शुरू होती है और नॉन एसी क्लास के लिए 11:00 बजे शुरू होती है.

  • यात्रा से एक दिन पहले सुबह 10:00 बजे – एसी क्लास की बुकिंग (एग्जीक्यूटिव क्लास, एसी-2, एसी-3, एसी चेयर कार)
  • यात्रा से एक दिन पहले सुबह 11:00 बजे- नॉन-एसी क्लास की बुकिंग (स्लीपर क्लास, सेकंड सीटिंग )