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जानिए, सितंबर में जन्म लेने वालों का स्वभाव और कैसा रहेगा भाग्य?

ज्योतिषशास्त्र के अनुसार हर दिन हर माह का एक अलग महत्व होता है. आपका जन्म किस महीने में हुआ है इससे आपके बारे में बहुत कुछ पता चलता है. हर महीने की अलग विशेषता होती है. सितंबर के महीने में जन्म लेने वालों की कुछ खासियतें होती हैं. आइए जानते हैं-

  • सितंबर में जन्में व्यक्ति दिल से काफी उदार स्वभाव के होते हैं.
  • सितंबर माह में जन्मे लोग बेहतरीन सिंगर,राइटर ,एडिटर ,साइंटिस्ट होते हैं.
  • सितंबर में जिनका जन्म होता है वह धुन के बड़े पक्के होते हैं. एक बार जो ठान लेते हैं तो उसे फिर करके ही रहते हैं.
  • ये अपने को कुछ ज्यादा ही महत्व देते हैं. इनसे कोई अगर कुछ गलत कह दें तो यह सहन नहीं कर पाते.
  • इनमें सीखने समझने की बहुत ललक होती है. कैसे आगे बढ़ा जाए ये अच्छी तरह से जानते हैं.
  • इन्हें जानना थोड़ा मुश्किल होता है. इनके खास मित्र भी नहीं जान पाते हैं कि इनके दिमाग में क्या चल रहा है.
  • इन्हें गुस्सा बहुत आता है लेकिन इन्हें लगता है कि इनसे विनम्र कोई नहीं.
  • ये लोग अपने नजदीकी लोगों से कुछ ज्यादा ही अपेक्षाएं रखते हैं
  • ये लोग चाहते हैं इन्हें हर काम का क्रेडिट मिले, सभी इनकी प्रशंसा करें.
  • हालांकि इन्हें जीवन में सफलता तो मिल जाती है लेकिन संघर्ष भी खूब करना पड़ता है. जीवन के सभी मोर्चों पर एक साथ सफलता इनके हाथ कम ही लगती है.

चीनी सेना ने चुमार में आज फिर घुसपैठ की कोशिश की, भारतीय जवानों ने मंसूबों पर फेरा पानी

लद्दाख के चुमार में आज एक बार फिर चीन ने घुसपैठ की कोशिश की. हालांकि भारतीय सेना ने चीन के मंसूबों को नाकाम कर दिया. सूत्रों के मुताबिक, चीनी सेना सात से आठ बख्तरबंद गाड़ियों के साथ थी. सूत्रों के मुताबिक, चीनी सेना के लगभग 7 से 8 भारी वाहनों को उनके चेपुजी शिविर से एलएसी के भारतीय हिस्से की ओर आते हुए देखा गया. इसके बाद भारतीय जवानों ने घुसपैठ को रोकने के लिए उचित तैनाती की. भारत की ओर से गाड़ी आता देखकर चीनी वाहनों का काफिला वापस लौट गया.

बता दें कि चीनी सेना ने 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात पूर्वी लद्दाख में उकसावे की कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील के दक्षिण में एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने की कोशिश की थी. लेकिन भारतीय सैनिकों ने उसे नाकाम कर दिया. इसके बाद कल यानि 31 अगस्त को भी चीनी सेना ने घुसपैठ की कोशिश की.

इसे लेकर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी किया है. विदेश मंत्रालय ने कहा, ”29 और 30 अगस्त कि रात को चीन पैन्गौन्ग लेक के पास यथा स्थिति बदलने की कोशिश की थी और फिर दोबारा चीन ने 31 अगस्त को एक बार फिर से सीमा पर भारतीय फौज को उकसाने की कोशिश की थी, जबकि दोनों देशों के ग्रुप कमांडरों के बीच बात-चीत चल रही थी.”

गलवान घाटी में 15 जून को हुई झड़प के बाद हाल की ये घटनाएं सामने आई है. गलवान घाटी में हुई झड़प में भारत के 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए थे. इस झड़प में चीन के सैनिक भी मारे गए, लेकिन उसने इस संबंध में अब तक जानकारी साझा नहीं की है. अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में चीन के 35 सैनिक मारे गए थे.

Live Update : पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का 84 वर्ष की उम्र में निधन

आज पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का निधन हो गया है. प्रणब मुखर्जी के बेटे अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. मुखर्जी 84 वर्ष के थे. मुखर्जी को गत 10 अगस्त को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और आज सुबह जारी एक स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा गया कि वह गहरे कोमा में हैं और उन्हें वेंटीलेटर पर रखा गया है.

अभिजीत मुखर्जी ने ट्वीट किया, ‘‘भारी मन से आपको सूचित करना है कि मेरे पिता श्री प्रणब मुखर्जी का अभी कुछ समय पहले निधन हो गया. आरआर अस्पताल के डॉक्टरों के सर्वोत्तम प्रयासों और पूरे भारत के लोगों की प्रार्थनाओं और दुआओं के लिए मैं आप सभी को हाथ जोड़कर धन्यवाद देता हूं.’’

इससे पहले डॉक्टर ने बताया था कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का स्वास्थ्य और खराब हो गया क्योंकि फेफड़े में संक्रमण की वजह से उन्हें सेप्टिक शॉक लगा है. सेप्टिक शॉक एक ऐसी गंभीर स्थिति है, जिसमें रक्तचाप काम करना बंद कर देता है और शरीर के अंग पर्याप्त ऑक्सीजन प्राप्त करने में विफल हो जाते हैं.

सेना के अनुसंधान एवं रेफरल अस्पताल ने बताया कि 84 वर्षीय मुखर्जी का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने कहा कि वह गहरे कोमा में हैं और वेंटिलेटर पर हैं.मुखर्जी 2012 से 2017 के बीच 13वें राष्ट्रपति थे.

यूपी के 16 जिलों में करीब 700 गांव बाढ़ से प्रभावित, अन्य इलाकों से 299 गांवों का कटा संपर्क

उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति में सुधार हुआ है लेकिन 16 जिलों के करीब 700 गांव अब भी सैलाब से घिरे हैं. राहत आयुक्त संजय गोयल ने रविवार को बताया कि प्रदेश में बाढ़ की स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है और कहीं भी चिंताजनक स्थिति नहीं है. उन्होंने ये भी बताया कि इस वक्त राज्य के 16 जिलों अम्बेडकर नगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोंडा, गोरखपुर, लखीमपुर खीरी, कुशीनगर, मऊ, संत कबीर नगर तथा सीतापुर के 690 गांव बाढ़ से प्रभावित हैं. इनमें से 299 गांवों का संपर्क अन्य इलाकों से पूरी तरह कट गया है.

गोयल ने बताया कि बाढ़ के कारण सुरक्षित स्थानों पर जा रहे लोगों के ठहरने के लिए कुल 373 कैंप बनाए गए हैं. बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए 784 बाढ़ चौकियां स्थापित की गई हैं. राहत और बचाव कार्य के लिए 465 नौकाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है. राहत और बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ समेत पीएसी की कुल 29 टीमें तैनात की गई हैं.

गोयल ने बताया कि इस वक्त शारदा नदी पलियाकलां (लखीमपुर खीरी) में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. इसके अलावा एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), अयोध्या और तुर्तीपार (बलिया) में घाघरा का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर बना हुआ है. उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी बांधों की निगरानी और जरूरत पड़ने पर उनकी मरम्मत सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा सीएम ने जिला मुख्यालयों पर आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे संचालित रखने के निर्देश भी जारी किए हैं.

महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित 18,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया

पिछले दो दिनों से जारी बारिश के चलते बाढ़ की स्थिति पैदा होने के बाद महाराष्ट्र में विदर्भ क्षेत्र के कुछ जिलों और नागपुर के कई स्थानों से 18,000 से अधिक लोगों को निकाल कर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. अधिकारियों ने रविवार को जानकारी देते हुए कहा कि नागपुर के अलावा पूर्वी विदर्भ के गडचिरोली, चंद्रपुर, भंडारा और गोंदिया जिले में शुक्रवार और शनिवार को भी बारिश हुई.
नागपुर के संभागीय आयुक्त कार्यालय ने कहा कि रविवार शाम तक पांच जिलों के 148 प्रभावित गांवों के 18,261 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया. प्रभावित लोगों के लिए 83 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं. राज्य सरकार के मंत्री नितिन राउत ने प्रभावित इलाकों का दौरा किया. महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री बालासाहेब थोराट ने ट्वीट करके कहा कि वह पूर्वी विदर्भ में बाढ़ की स्थिति की करीबी निगरानी कर रहे हैं.

उद्घाटन से पहले ही तीन करोड़ की लागत के बना पुल बाढ़ में बहा, एक महीने पहले ही बना था

सिवनी जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर वैनगंगा नदी पर बना एक पुल रविवार को बाढ़ में बह गया. पुल का निर्माण एक महीने पहले ही करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत पूरा हुआ था और इसका लोकार्पण नहीं हुआ था. सिवनी के कलेक्टर डॉ. एफ राहुल हरिदास ने कहा कि पुल के बहने के मामले में जांच की जाएगी.

उन्होंने कहा कि बरबसपुर हरदुली-सुनवारा सड़क में इस साल जुलाई में यह पुल बनकर तैयार हुआ था. करीब डेढ़ सौ मीटर लंबा पुल जोरदार बारिश व भीमगढ़ बांध से पानी छोड़े जाने के बाद वैनगंगा नदी में आई बाढ़ में बह गया है. हरिदास ने बताया कि दो साल पहले इस पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ था, जिसका अभी लोकार्पण भी नहीं हुआ था.

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बांध से पानी छोड़े जाने के बाद नदी के निचले हिस्से में आई बाढ़ के कारण पुल के 10 फुट ऊपर तक पानी बहने लगा था. वैनगंगा नदी के प्रचंड वेग को पुल नहीं झेल सका. पुल का ऊपरी हिस्सा (स्लैब) बाढ़ के पानी के साथ बह गया. उन्होंने कहा कि इसके अलावा, इस पुल के नीचे खड़े किए गए टी गार्डर भी बाढ़ में ध्वस्त हो गए.

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को कहा कि पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश से प्रदेश में आठ लोगों की मौत हुई है और विनाशकारी बाढ़ की चपेट में आये 12 जिलों के 454 गांव के 7,000 से अधिक लोगों को बचाया गया है.

उन्होंने कहा कि बाढ़ में फंसे 40 गांवों के लगभग 1200 और लोगों को निकालने के प्रयास जारी हैं. एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और वायुसेना सहित अन्य बचाव दल कर्मियों ने इस बाढ़ में फंसे इन गांवों के 7,000 से अधिक लोगों को बाढ़ग्रस्त इलाके से सुरक्षित निकाला है.

 

देश में एक दिन में 80 हजार के करीब कोरोना मरीज, अमेरिका को छोड़ा पीछे

देश में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) का ग्राफ पिछले एक सप्ताह में तेजी से बढ़ रहा है. रविवार को कोरोना मामलों की संख्या 35 लाख के पार पहुंच गई है. इसके साथ ही भारत 24 घंटे में दर्ज सबसे ज्यादा कोरोना पॉजिटिव केस वाला दुनिया का पहला देश भी बन गया है. worldometer के मुताबिक भारत में एक दिन में 80 हजार के करीब कोरोना के नए केस सामने आए हैं. इससे पहले अमेरिका में 24 जुलाई को एक दिन में सबसे ज्यादा 78586 केस रिकॉर्ड हुए थे.

देश में पिछले कई दिनों से 76 हजार से अधिक नए केस सामने आ रहे हैं. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक देश में रविवार को रिकॉर्ड 78,761 केस सामने आए हैं. इससे पहले शनिवार को 24 घंटे में कोरोना के 76,472 नए केस जबकि शुक्रवार को 24 घंटे में 77,266 नए केस रिकॉर्ड हुए थे. आंकड़े बता रहे हैं कि देश में कोरोना का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है. लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच देश में 01 सितंबर से अनलॉक 4 की शुरुआत होने जा रही है.

देश की राजधानी दिल्ली में एक बार फिर कोरोना के मामले बढ़ने लगे हैं. राजधानी में रविवार को 2,024 नए केस सामने आए हैं, जबकि 22 कोरोना मरीजों की मौत हुई है. वहीं, 1249 कोरोना मरीज ठीक हुए हैं. 50 दिन में सबसे ज्यादा नए केस रिकॉर्ड हुए हैं. दिल्ली में कोरोना संक्रमितों का आंकड़ा अब 1,73,390 पहुंच गया है. वहीं, अब तक 1,54,171 कोरोना मरीज ठीक हो चुके हैं. दिल्ली में कोरोना से मरने वालों की कुल संख्या 4,426 हो गई है.

महाराष्ट्र में कोविड-19 के एक दिन में 16,408 नए मामले सामने आने के साथ रविवार को कुल आंकड़ा बढ़ कर 7,80,689 पहुंच गया है. वहीं, 296 और मरीजों की मौत के बाद राज्य में इस महामारी से मरने वालों की कुल संख्या बढ़ कर 24,399 हो गई है. समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक मुंबई में रविवार को 1,237 मामले सामने आए और 30 मरीजों की मौत हुई. इसके साथ ही मुंबई में संक्रमण के कुल मामले बढ़ कर 1,44,626 हो गए हैं.

गायिका लता मंगेशकर की बिल्डिंग को सील कर दिया गया है. दक्षिण मुंबई के पेडर रोड स्थित प्रभुकुंज बिल्डिंग में लता मंगेशकर रहती हैं, जिसे बीएमसी ने सील कर दिया है. जानकारी के मुताबिक, बिल्डिंग में रहने वाले कुछ लोग कोरोना से संक्रमित पाए गए हैं, जिसके बाद एहतियात के तौर पर बीएमसी ने बिल्डिंग को सील कर दिया है. हालांकि, लता के परिवार में सभी सुरक्षित हैं.

राजस्थान में कोरोना वायरस से रविवार को 13 और मरीजों की मौत के बाद राज्य में इस संक्रमण से मरने वालों की कुल संख्या 1,043 हो गई है. इसके साथ ही 1,450 नए मामलों के साथ राज्य में संक्रमितों की अब तक की कुल संख्या 80,227 हो गई है.

Unlock-4: स्कूल-कॉलेज 30 सितंबर तक बंद, ‘बार’ खोलने की मिली अनुमति, जानें क्या खुलेगा-क्या बंद रहेगा

गृह मंत्रालय ने अनलॉक-4 के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्कूल और कॉलेजों को फिलहाल 30 सितंबर 2020 तक बंद रखने का फैसला किया गया है. हालांकि कंटेनमेंट जोन से बाहर क्लास 9 से 12 के छात्र स्वेच्छा से शिक्षकों से गाइडेंस लेने के लिए अपने स्कूल जा स्कते हैं. सिनेमा हॉल, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थियेटर (ओपन एयर थियेटर को छोड़कर) और इस तरह की जगहों पर गतिविधियां प्रतिबंधित रहेंगी. सात सितंबर से देशभर में मेट्रो सेवा बहाल करने की इजाजत दे दी गई है. वहीं, 21 सितंबर से 100 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ सामाजिक, राजनीतिक और धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति होगी. मार्च से बंद ‘बार’ एक सितंबर से पुन: खोले जा सकेंगे.

गृह मंत्रालय ने एक निर्देश में कहा कि राज्य सरकारें केंद्र से परामर्श किए बगैर स्थानीय लॉकडाउन लागू नहीं करेंगी. ये निर्देश इसलिए अहम है क्योंकि देशभर में अनेक राज्य सरकारों ने कुछ जगहों पर और सप्ताहांत में लॉकडाउन लगा रखा है.

अनलॉक-4 के लिए जारी किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 21 सितंबर से 100 व्यक्तियों की अधिकतम सीमा के साथ सामाजिक, राजनीतिक, धार्मिक कार्यक्रमों की अनुमति दी जाएगी. इस तरह के कार्यक्रमों में मास्क पहनना, सामाजिक दूरी का पालन करना, थर्मल स्कैनिंग और हाथ धोना या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना आवश्यक होगा. राजनीतिक और अन्य कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति बिहार विधानसभा चुनावों से पहले दी गई है. बिहार में अक्टूबर-नवंबर में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं.

गृह मंत्रालय ने बताया कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से व्यापक चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया है कि 30 सितंबर तक छात्रों और नियमित कक्षा गतिविधि के लिए स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान बंद रहेंगे.

ऑनलाइन या दूरस्थ शिक्षा की अनुमति दी जाएगी और इसे प्रोत्साहित किया जाएगा. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 50 प्रतिशत तक शिक्षण, गैर-शिक्षण कर्मचारियों को ऑनलाइन शिक्षण, टेली-काउंसलिंग से संबंधित कार्य के लिए स्कूलों में बुलाया जा सकता है.

दिशा-निर्देशों के अनुसार निरुद्ध क्षेत्र के बाहर स्थित स्कूलों में नौवीं कक्षा से 12वीं कक्षा तक के छात्रों को अपने शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने के लिए स्वैच्छिक आधार पर स्कूल जाने की अनुमति दी जा सकती है. सिनेमा हॉल, स्विमिंग पूल, मनोरंजन पार्क, थिएटर और इसी तरह के स्थान बंद रहेंगे और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, गृह मंत्रालय द्वारा मंजूर यात्रा को छोड़कर, स्थगित रहेगी. दिशा-निर्देशों के अनुसार 21 सितंबर से ओपन-एयर थिएटरों को खोलने की अनुमति होगी.

अनलॉक 4 के दौरान व्यक्तियों और वस्तुओं के एक ही राज्य और एक राज्य से दूसरे राज्य आने जाने पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा. इस तरह की आवाजाही के लिए कोई अलग से अनुमति/अनुमोदन या ई-परमिट की आवश्यकता नहीं होगी. केंद्र सरकार के पूर्व परामर्श के बिना, राज्य/केंद्रशासित प्रदेश सरकारें प्रतिबंध क्षेत्रों से बाहर किसी भी स्थानीय लॉकडाउन (राज्य/जिला/उपखंड/शहर/गांव स्तर) को नहीं लगाएंगी.

दुकानों को ग्राहकों के बीच पर्याप्त शारीरिक दूरी बनाए रखने की आवश्यकता होगी. केंद्र ने आरोग्य सेतु मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग पर भी जोर दिया और लोगों से इसका उपयोग जारी रखने का आग्रह किया. 65 साल से अधिक उम्र के व्यक्तियों, गंभीर बीमारियों से ग्रस्त लोगों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को, आवश्यक जरूरतों को पूरा करने और स्वास्थ्य उद्देश्यों को छोड़कर, घरों में ही रहने की सलाह दी गई है.

कोरोना काल में TV पर छाए रहे PM मोदी, स्वतंत्रता दिवस पर बना एक बेहद अनोखा रिकॉर्ड

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लॉकडाउन के दौरान रेटिंग स्टार के रूप में उभरे हैं. नीलसन एंड ब्रॉडकास्ट ऑडियंस काउंसिल (बीएआरसी) के प्रजेंटेशन में स्वतंत्रता दिवस के दिन मोदी के कार्यक्रम को टेलीविजन पर 4.64 बिलियन यानि कि 4.64 अरब मिनट तक देखे जाने का रिकॉर्ड बना. जबकि 2018 में इसे 3.59 अरब मिनट और 2019 में 3.28 अरब मिनट देखा गया. मोदी के दर्शकों ने इस साल 152 मिनट के भाषण को देखा, जबकि यह 2018 के 150 मिनट से और 2019 के 126 मिनट से अधिक था.

यही नहीं, देखे जाने वाले समय (मिनट) को छोड़ भी दें तो इसे देखने वाले लोगों की संख्या भी बढ़ी है. इस साल इसे 13.3 करोड़ लोगों ने देखा, जबकि 2018 में 12.1 और 2019 में 10.9 करोड़ लोगों ने देखा था. आईएएनएस ने 27 अगस्त को बीएआरसी प्रमुख सुनील लुल्ला द्वारा पेश की गई इस रिपोर्ट के 11वें संस्करण की समीक्षा की, जिसमें कई रोचक जानकारियां सामने आईं.

इस रिपोर्ट से पता चला कि मोदी को लेकर यह उत्साह न केवल स्वतंत्रता दिवस के भाषण, बल्कि कोविड -19 के पहले संबोधन से लेकर 3 जुलाई को लेह में जवानों के शहीद होने के बाद दिए गए संबोधन और अन्य में भी देखा गया. कोविड-19 पर उनके 19 मार्च के पहले संबोधन को 1.275 अरब मिनट तक 8.3 करोड़ लोगों ने देखा. 24 मार्च को यह संख्या दोगुनी हुई लेकिन तीसरे संबोधन में ये आंकड़े गिर गए.

पीएम मोदी के संबोधनों की लोकप्रियता की यह कहानी यहीं खत्म नहीं होती. लॉकडाउन संबोधनों के अलावा यूपी में अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन ने तो पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए. जबकि अधिकांश कार्यक्रम में मोदी मौन बैठे थे और यह कार्यक्रम सबसे अधिक समय तक चला, इसके बाद भी इसे 198 टीवी चैनलों पर फैले 16.3 करोड़ दर्शकों ने 7.3 अरब मिनटों तक पहुंचाया.

हालांकि, 50 से अधिक चीनी ऐप्स के खिलाफ मोदी की दंडात्मक कार्रवाई ने उन्हें भारत के स्मार्टफोन वर्ग को लेकर जारी की गई संख्या में कोविड से पहले के 81 प्रतिशत से बाद में 25 प्रतिशत पर ला दिया. स्मार्टफोन पर स्ट्रीमिंग लॉकडाउन के पीक समय के बाद नीचे गिर रहा है. घर से काम करने के कारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का प्रतिशत इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या के मुकाबले 12 गुना बढ़ गया और इस पर खर्च किया गया समय 6 गुना बढ़ गया. होम डिलीवरी ऐप्स का उपयोग भी बहुत बढ़ा है.

दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत ने बिग बॉस को पीछे छोड़ दिया है, जब एमेजॉन प्राइम, हॉटस्टार, एमएक्स (प्लेयर ऑनलाइन), नेटफ्लिक्स, वूट और जी 5 पर डायरेक्ट रिलीज हुईं तमाम फिल्मों को उनकी डिजनी प्लस पर रिलीज हुई ‘दिल बेचारा’ ने पीछे छोड़ा.

अमेरिका को लेकर नीलसन ने बताया कि 2020 में वीडियो स्ट्रीमिंग घरों के बीच कुल टीवी उपयोग का 25 प्रतिशत रही, जो कि 2019 की 16 प्रतिशत से अधिक है. इस साल स्ट्रीमिंग का एक-चौथाई हिस्सा 55 साल से अधिक उम्र वाले लोगों का है.

‘तेजस’ में फाइटर पायलट के रोल में दिखेंगी कंगना रनौत, दिसंबर में शुरू होगी शूटिंग

बॉलीवुड स्टार कंगना रनौत पिछले कुछ वक्त से लगातार सुर्खियों में हैं. सुशांत सिंह राजपूत की मौत के बाद से ही वह फिल्म इंडस्ट्री के खिलाफ आक्रामक हैं. कंगना नए फिल्म प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही है और ऐसे ही एक नई फिल्म की झलक आज कंगना ने दिखाई. कंगना ने शुक्रवार 28 अगस्त को अपने ट्विटर अकाउंट से अपनी आने वाली फिल्म ‘तेजस’ की नई झलक दिखाई. कंगना इस फिल्म में भारतीय वायु सेना की पायलट के तौर पर दिखेंगी

‘तेजस’ की शूटिंग इस साल दिसंबर में शुरू होगी. कंगना ने फिल्म का पोस्टर शेयर किया, जिसमें वह वायु सेना के पायलट की वर्दी में दिख रही हैं और उनके पीछे इंडियन एयर फोर्स का फाइटर प्लेन तेजस खड़ा है.

इस पोस्टर के साथ कंगना ने अपने ट्वीट में लिखा, “#Tejas दिसंबर में उड़ान भरेगा. भारतीय वायु सेना के जांबाज पायलटों को समर्पित इस शानदार कहानी का हिस्सा बनकर गर्व महसूस कर रही हूं. जय हिंद.”

यह फिल्म मशहूर प्रोड्यूसर रॉनी स्क्रूवाला के RSVP प्रोडक्शन के बैनर तले बन रही है और सर्वेश मेवाड़ा फिल्म का निर्देशन करेंगे. लगभग 15 साल के अबतक के अपने करियर में कंगना बेहद अलग-अलग किरदारों में नजर आ चुकी हैं, लेकिन ये पहला मौका होगा, जब वह सुरक्षा बलों की वर्दी में दिखाई देंगी.

फिल्म का नाम और पोस्टर से इतना तो साफ है कि यह फिल्म न सिर्फ वायु सेना के जांबाज पायलटों की कहानी है, बल्कि भारत के इकलौते स्वदेशी एडवांस्ड लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (ALC) तेजस की भी कहानी है, जिसके जरिए इस स्वदेशी एयरक्राफ्ट को प्रचार मिलेगा.