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UPSC ने भर्ती परीक्षाओं के लिए ‘वन टाइम रजिस्ट्रेशन’ की सुविधा शुरू की, जानिए इस OTR के क्या होंगे फायदे

नयी दिल्लीः संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सरकारी नौकरियों के आकांक्षी अभ्यर्थियों के लिए ‘एकबार पंजीकरण (ONE TIME REGISTRATION) यानी ओटीआर  कराने की सुविधा शुरू की है. इसके जरिए अभ्यर्थियों को अब विभिन्न भर्ती परीक्षाओं के लिए आवेदन करते समय हर बार बुनियादी ब्यौरा नहीं भरना पड़ेगा.

यूपीएससी की आने वाले समय में होने वाली परीक्षा में आवेदन करने को इच्छुक अभ्यर्थियों को ओटीआर प्लेटफार्म पर पंजीकरण कराने के बाद बुनियादी व्यक्तिगत जानकारी देनी होगी.

ओटीआर प्लेटफार्म से समय की बचत होगी और आवेदन प्रक्रिया और सरल हो जायेगीएक वरिष्ठ अधिकारी ने बुधवार को बताया, यूपीएससी द्वारा हर वर्ष आयोजित होने वाली अनेक परीक्षाओं के लिए काफी संख्या में अभ्यर्थी आवेदन करते हैं. इन परीक्षाओं के माध्यम से केंद्र सरकार के विभागों/संगठनों के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता हैं. ओटीआर प्लेटफार्म से समय की बचत होगी और आवेदन प्रक्रिया और सरल हो जायेगी.

यूपीएससी के अनुसार, अभ्यर्थी का पंजीकरण पूरा होने पर उनकी सूचना आयोग के सर्वर पर सुरक्षित रूप से संग्रहित हो जायेगी. जब अभ्यर्थी परीक्षा के लिए आनलाइन आवेदन भरेंगे तब उनकी सूचना स्वत: रूप से वहां आ जायेगी.

ओटीआर आयोग की वेबसाइट पर 24 घंटे उपलब्ध होगाआयोग ने कहा है कि ओटीआर अभ्यर्थियों के लिए काफी उपयोगी होगी क्योंकि इससे परीक्षा के लिए आवेदन करते समय व्यक्तिगत जानकारी भरने में लगने वाला समय बचेगा, साथ ही ब्यौरा भरते समय गलत सूचना दर्ज करने से भी बचा जा सकेगा.

आयोग ने अपने बयान में कहा है कि अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया में सुविधा प्रदान करने की मकसद से संघ लोक सेवा आयोग ने एकबार पंजीकरण (ओटीआर) मंच की शुरुआत की है जो आयोग की वेबसाइट पर 24 घंटे उपलब्ध होगा.

ओटीआर के माध्यम से 70 प्रतिशत जानकारी स्वतः दर्ज हो जाएगीइसमें कहा गया है कि परीक्षा के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय 70 प्रतिशत जानकारी चूंकि स्वत: दर्ज हो जायेगी, ऐसे में समय की बचत होगी. यूपीएससी ने लोक सेवा परीक्षा को लेकर अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों की सूची एवं जानकारी भी जारी की है.

लोक सेवा परीक्षा हर वर्ष तीन चरणों में आयोजित की जाती हैलोक सेवा परीक्षा हर वर्ष तीन चरणों में आयोजित की जाती है जिसमें प्रारंभिक, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल है. इसके माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) आदि के लिए अधिकारियों का चयन किया जाता है.

जेल से जमानत पर छूटे कांग्रेस नेता का दूध से किया गया ‘अभिषेक’, BJP हुई आगबबूला

इंदौर में एक भाजपा नेता पर प्राणघातक हमले के मामले में जमानत पर जेल से छूटे कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया के स्वागत में उनके समर्थकों ने गाजे-बाजे के साथ जुलूस निकाला और उन्हें दूध से नहलाया. बुधवार के इस वाकये की तस्वीरें सोशल मीडिया पर फैलने के बाद नाराज भाजपा ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस एक गंभीर मामले के आरोपी का महिमांडन और राजनीति का अपराधीकरण कर रही है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शहर के वॉर्ड क्रमांक 22 के पार्षद राजू भदौरिया के खिलाफ छह जुलाई को नगर निगम चुनावों के मतदान के दौरान भाजपा के प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार चंदूराव शिंदे पर प्राणघातक हमला करने के आरोप में भारतीय दंड विधान की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था.

अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में राजस्थान के कोटा से 13 जुलाई को गिरफ्तारी के बाद भदौरिया को न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेजा गया था और अदालत से जमानत मिलने पर वह बुधवार (24 अगस्त) को जेल से रिहा हुए.

जेल से रिहाई के बाद भदौरिया के स्वागत में उनके समर्थकों द्वारा जुलूस निकाले जाने और दूध से उनका ‘अभिषेक’ किए जाने पर भाजपा ने तीखी आपत्ति जताई है. 

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता उमेश शर्मा ने कहा, ‘कांग्रेस इस तरह के आयोजनों से एक गंभीर मामले के आरोपी का महिमामंडन और राजनीति का अपराधीकरण कर रही है.’

उधर, प्रदेश कांग्रेस सचिव नीलाभ शुक्ला ने दावा किया कि सत्तारूढ़ भाजपा के इशारे पर भदौरिया के खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज की गई थी और भाजपा नेता शिंदे पर कथित हमले के वक्त वह मौके पर मौजूद ही नहीं थे.

गौरतलब है कि 17 जुलाई को नगर निगम चुनावों की मतगणना के दौरान भदौरिया को वॉर्ड 22 से जब विजयी पार्षद घोषित किया गया, तब वह जेल में बंद थे. भदौरिया से चुनाव हारने वाले शिंदे को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और स्थानीय विधायक रमेश मेंदोला का बेहद करीबी समर्थक माना जाता है.

Samir Kamat Appointed As New DRDO Chief: समीर कामत बने नए डीआरडीओ चीफ और सतीश रेड्डी बने साइंटिफिक एडवाइजर

नए तेज गति सुधारों की शुरुआत के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है, सरकार ने गुरुवार को समीर कामत को रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के नए प्रमुख के रूप में नियुक्त किया. जी सतीश रेड्डी (G Satheesh Reddy), जिनका चार साल का कार्यकाल आज समाप्त हो रहा था, उन्हें रक्षा मंत्री का वैज्ञानिक सलाहकार बनाया गया है. “समीर वी कामत (Samir V. Kamat), विशिष्ट वैज्ञानिक और महानिदेशक, नौसेना प्रणाली और कंटेंट की नियुक्ति, सचिव, रक्षा अनुसंधान और विकास विभाग और अध्यक्ष, रक्षा अनुसंधान विकास संगठन के रूप में उनके पदभार ग्रहण किया.

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद संगठन के प्रदर्शन की समीक्षा कर रहे हैं. सरकारी अधिकारियों ने कहा कि नई नियुक्ति से रक्षा अनुसंधान को अधिक उद्योग-अनुकूल बनाने और छोटे और मध्यम उद्योगों को विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ने में मदद करने जैसे नए सुधारों में मदद मिलेगी. कामत, जो नौसेना प्रणाली और मटेरियल, विशाखापत्तनम का नेतृत्व कर रहे थे, 60 वर्ष की आयु तक सेवा देंगे.

कामत एक प्रतिष्ठित वैज्ञानिक हैं, जो 1985 में आईआईटी खड़गपुर से मेटलर्जिकल इंजीनियरिंग में इंजीनियरिंग स्नातक हैं और 1988 में ओहियो स्टेट यूनिवर्सिटी, यूएसए से मैटेरियल्स साइंस एंड इंजीनियरिंग में पीएचडी हैं, जो मटेरियल्स के यांत्रिक व्यवहार के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखते हैं.

वह 1989 में डीएमआरएल, हैदराबाद में डीआरडीओ में वैज्ञानिक ‘सी’ के रूप में शामिल हुए थे और अक्टूबर 2013 में ओएस/एससी ‘एच’ के पद तक पहुंचे.

मराठी को शास्त्रीय भाषा का दर्जा देने का मामला: मुख्यमंत्री शिंदे ने प्रधानमंत्री को मंजूरी के लिए पत्र लिखा

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर मराठी को शास्त्रीय का दर्जा देने की मंजूरी प्रदान करने का अनुरोध किया. यह मामला केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के पास लंबित है.

प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में शिंदे ने कहा कि राज्य सरकार ने इस मुद्दे पर केंद्र को 16 नवंबर, 2013 को विस्तृत प्रस्ताव भेजा था. मुख्यमंत्री ने लिखा, ‘‘राज्य प्रस्ताव की स्थिति को लेकर नियमित रूप से केंद्र के संपर्क में है. इस मांग के समर्थन में राज्य के लोगों ने हस्ताक्षर अभियान चलाकर 1.20 लाख लोगों के हस्ताक्षर लिये थे, जिसे राष्ट्रपति के पास भेजा गया था.’’ 

केंद्रीय संस्कृति मंत्री जी. किशन रेड्डी ने इस साल तीन फरवरी को राज्यसभा को सूचित किया था कि प्रस्ताव विचाराधीन है.

शिंदे ने कहा, ‘‘ यह प्रस्ताव लंबे समय से विचाराधीन है. मैं जल्द से जल्द प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने का अनुरोध करता हूं.’’

BJP leader Sonali Phogat’s death: सोनाली फोगाट के परिजन पोस्टमॉर्टम के लिए तैयार, लेकिन रखी यह शर्त

गोवा में भारतीय जनता पार्टी की नेता सोनाली फोगाट की मौत के दो दिन बाद उनके परिवार के एक सदस्य ने बृहस्पतिवार को कहा कि उन्होंने पोस्ट मॉर्टम परीक्षण के लिए अपनी सहमति दे दी है लेकिन इस शर्त के साथ कि प्रक्रिया की विडियोग्राफी कराई जाए.

पोस्ट मॉर्टम की प्रक्रिया पहले बुधवार को गोवा मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) में होने वाली थी लेकिन फोगाट के भाई रिंकू ढाका ने बुधवार को दावा किया कि उसकी बहन के दो साथियों ने उसकी हत्या की है.

ढाका ने कहा कि परिवार पोस्ट मॉर्टम की अनुमति तभी देगा जब गोवा पुलिस दोनों व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करेगी.

सोनाली फोगाट के एक अन्य रिश्तेदार मोहिंदर फोगाट ने कहा कि परिवार ने इस शर्त पर पोस्ट मॉर्टम की अनुमति दी है कि पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी करवाई जाए. उन्होंने कहा, ‘पुलिस ने हमें बताया कि पोस्ट मॉर्टम करने के बाद हमारी शिकायत के संबंध में प्राथमिकी दर्ज की जाएगी.’

हरियाणा के हिसार की रहने वाली फोगाट भाजपा नेता और टिक टॉक स्टार थीं. पुलिस के अनुसार, उन्हें संदिग्ध रूप से दिल का दौरा पड़ा था जिसके बाद उन्हें मंगलवार की सुबह नार्थ गोवा जिले के अंजुना में सेंट एंथनी अस्पताल ले जाया गया. अस्पताल में उन्हें मृत अवस्था में लाया गया घोषित कर दिया गया.

इसके बाद पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया. फोगाट का शव फिलहाल जीएमसीएच के मुर्दाघर में रखा हुआ है. जीएमसीएच के अधिकारियों ने कहा कि वे पोस्ट मॉर्टम करने के लिए पुलिस की अनुमति का इंतजार कर रहे हैं.

अस्पताल ने पोस्ट मॉर्टम करने के लिए पहले ही दो फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक समिति बनाई है. फोगाट के भाई ढाका ने गोवा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है कि उनकी बहन के दो साथियों ने उनकी हत्या की.

ढाका ने कहा कि मौत से कुछ देर पहले, फोगाट ने अपनी मां, बहन और देवर से बात की थी. तब वह घबराई हुई थीं तथा अपने दो सहयोगियों के विरुद्ध शिकायत कर रही थीं.

ढाका ने दावा किया कि उसकी बहन की मौत के बाद उनके हरियाणा स्थित फार्महाउस से सीसीटीवी कैमरा, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण सामान गायब हो गया.

ढाका ने पुलिस शिकायत में यह भी कहा है कि तीन साल पहले फोगाट के एक सहयोगी ने उसके खाने में कुछ मिलाकर उसका यौन शोषण किया था और बाद में उसे ब्लैकमेल किया. इस शिकायत पर अभी कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है.

गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने बुधवार को कहा कि राज्य की पुलिस फोगाट की मौत की विस्तार से जांच कर रही है. सावंत ने कहा कि डॉक्टरों और गोवा के पुलिस महानिदेशक जसपाल सिंह के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता है कि दिल का दौरा पड़ने से फोगाट की मौत हुई.

राजस्थान में बारिश का क़हर : हजारों लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया, CM करेंगे बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा

राजस्थान के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत बृहस्पतिवार को राज्‍य के बाढ़ग्रस्त इलाकों का दौरा करेंगे और प्रभावित लोगों से म‍िलेंगे. आधिकारिक प्रवक्‍ता ने बताया कि गहलोत बृहस्पतिवार को बूंदी, कोटा, बारां एवं झालावाड़ जिलों के बाढ़ग्रस्त इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे. गहलोत कोटा, अंता (बारां) एवं झालावाड़ में प्रभावित लोगों से भी मिलेंगे.

भारी बारिश, नदियों में पानी की बढ़ी आवक एवं बांधों के द्वार खोले जाने के कारण इस सप्ताह कोटा संभाग में अनेक जगह बाढ़ के हालात बन गए. अनेक आवासीय इलाके पानी में डूब गए और दो दिन में चार हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना पड़ा. इससे कोटा, झालावाड़ और बूंदी जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं. प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य में मदद के लिए भारतीय सेना और वायु सेना की भी मदद ली गई है.

इन जिलों के कई इलाके अभी भी जलमग्न हैं. हालांकि, बुधवार को पानी की आवक में कमी होने से स्थिति कल की तुलना में बेहतर थी. कोटा, बूंदी और बारां में स्कूल फिर से खुल गए जबकि झालावाड़ में स्कूल बंद रहे.

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को कोटा और आसपास के क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण संपत्ति के नुकसान का आकलन करने के लिए सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया है.

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने बुधवार को झालावाड़,बारां, कोटा और टोंक जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया. उनके साथ सांसद दुष्यंत सिंह भी थे.

राज्य आपदा प्रबंधन एवं राहत विभाग के एक अधिकारी ने जयपुर में बताया कि जिला प्रशासन, सेना की टीम, वायु सेना, पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और नागरिक सुरक्षा की टीमों ने मंगलवार और बुधवार को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से 4,302 लोगों को सफलतापूर्वक बचाया है.

मंगलवार को बारां जिले के खुरई गांव से 13 लोगों को वायु सेना के विमान से एयरलिफ्ट किया गया था.

अधिकारी ने बताया, ‘‘मध्य प्रदेश और राजस्थान में भारी बारिश के कारण चंबल, कालीसिंध, परवन, पार्वती और मेज नदियों में अत्यधिक जल प्रवाह और कालीसिंध, कोटा बैराज, जवाहर सागर, पार्वती बांध से पानी छोड़े जाने से कोटा ,बूंदी, बारां, करौली, सवाई माधोपुर, झालावाड़ और धौलपुर जिलों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है.”

इससे इन जिलों के कई इलाके जलमग्न हो गए. लोग निचले इलाकों में फंस गए थे और 5-6 फीट तक जलजमाव हो गया था. कई गांव जिला मुख्यालयों से कट गए.

झालावाड की जिलाधिकारी भारती दीक्षित ने कहा कि ‘‘कल की तुलना में स्थिति बेहतर है. कल जिन लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया गया था, उनमें से कई अपने स्थानों पर लौटने लगे हैं क्योंकि पानी का स्तर अब घट रहा है.”

बूंदी के जिलाधिकारी रवींद्र गोस्वामी ने बताया कि आज लाखेरी उपखंड में करीब 600 लोगों को सुरक्षित निकाला गया. उन्होंने क्षेत्र का निरीक्षण किया. खेल मंत्री अशोक चांदना ने बूंदी में अधिकारियों की बैठक कर स्थिति की समीक्षा की.

मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को पिछले कुछ दिनों में भारी बारिश व जलभराव के कारण कुछ जिलों में हुए नुकसान का सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं.

एक सरकारी प्रवक्‍ता ने बताया कि मुख्‍यमंत्री ने बुधवार को राज्य में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं.

गहलोत ने कहा है कि बाढ़ से हुई जनहानि पर राज्‍य आपदा मोचन कोष (एसडीआरएफ) से मृतकों के परिजनों को मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने बाढ़ व जलभराव से संपत्ति और घरों के नुकसान के लिए सर्वेक्षण कराने के दिए निर्देश हैं. इसके साथ ही फसल के नुकसान के लिए गिरदावरी कराने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं.

आपदा प्रबंधन एवं सहायता विभाग द्वारा इस मद में सभी जिलों को पर्याप्त राशि का आवंटन भी किया गया है.

राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे ने बुधवार को झालावाड़,बारां कोटा और टोंक जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षेण किया.

बाद में राजे ने राज्य की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि गत वर्ष की बाढ़ से सबक लेकर राज्य सरकार चेत जाती तो यह स्थिति नहीं होती. जो हालात सामने है उनसे साफ है कि ‘प्रदेश में आपदा और गहलोत सरकार लापता’ है.

पूर्व मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि किसानों की सोयाबीन,उड़द,धान, मक्का,चवला सहित ख़रीफ़ की कई फसलों को बड़ा नुकसान हुआ है.

उन्होंने कहा कि बारां,झालावाड़,कोटा,धौलपुर,चितौड़गढ़, प्रतापगढ़ और भीलवाड़ा सहित कई ज़िलों में बाढ़ से लोगों का ज़न-जीवन प्रभावित हुआ है,लोग तीन-तीन दिन भूखे प्यासे फँसे रहे.

मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को सुबह 08.30 बजे तक पिछले 24 घंटों के दौरान जालोर के भीनमाल में अधिकतम 143 मिमी बारिश हुई वहीं सिरोही के डेलदार में 120 मिमी बारिश हुई. वहीं बुधवार सुबह से शाम साढ़े पांच बजे तक जालोर में 23.5 मिमी बारिश दर्ज की गई.

विभाग के अनुसार बारिश की गतिविधियां अब कम हो जाएंगी और अगले पांच दिनों तक राज्य में भारी बारिश की कोई चेतावनी नहीं है.

हैदराबाद की स्थिति सीधे तौर पर राजा सिंह के नफरत फैलाने वाले भाषण का नतीजा : असददुद्दीन ओवैसी

भारतीय जनता पार्टी (BJP) से निलंबित कर दिए गए विधायक टी राजा सिंह की गिरफ्तारी की मांग करते हुए अखिल भारतीय मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असददुद्दीन ओवैसी ने गुरुवार को कहा कि हैदराबाद के कुछ हिस्सों में हुआ प्रदर्शन सीधे तौर पर भाजपा नेता के कथित नफरत फैलाने वाले भाषण का नतीजा है.

ट्विटर पर ओवैसी ने कहा कि पुलिस ने बुधवार को शाह अली बांदा इलाके से 90 लोगों को हिरासत में लिया था और उनके दखल के बाद हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया गया.

हैदराबाद से सांसद ने ट्विटर पर कहा, ‘यह स्थिति राजा सिंह के नफरत फैलाने वाले भाषण का सीधा नतीजा है. उन्हें जल्द से जल्द जेल भेजा जाना चाहिए. मैं फिर से शांति बनाए रखने की अपनी अपील दोहराता हूं. हैदराबाद हमारा घर है, इसे सांप्रदायिकता का शिकार नहीं होना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि एआईएमआईएम विधायक अहमद बिन अब्दुल्ला बलाला और ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम में पार्टी के पार्षद तनाव कम करने के लिए पूरी रात काम करते रहे.

शहर के कुछ संवेदनशील इलाकों में राजा सिंह के खिलाफ प्रदर्शन की छिटपुट घटनाएं हुई हैं. सिंह को एक वीडियो में इस्लाम और पैगंबर मोहम्मद के बारे में कथित टिप्पणी करने के लिए 23 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था. इस वीडियो को बाद में सोशल मीडिया मंचों ने हटा दिया था.

सिंह को एक स्थानीय अदालत ने ज़मानत दे दी थी. अदालत से उन्हें ज़मानत मिलने के बाद शहर के कुछ हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हुए जो बुधवार दोपहर तक चले.

ओवैसी ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘डीसीपी दक्षिण को मेरे अभ्यावेदन पर, शाह अली बांदा और आशा टॉकीज के प्रदर्शनकारी 90 युवाओं को रिहा कर दिया गया है. एआईएमआईएम विधायक अहमद बिन अब्दुल्ला बलाला और हमारे पार्षद पूरी रात तनाव कम करने के लिए काम करते रहे. मैं उनके और पुलिस के भी संपर्क में रहा हूं.’

उनके अनुसार, एक मामले में पुलिस ने अधिक बल का प्रयोग किया और एक घर में घुसकर पांच युवकों को हिरासत में ले लिया.

हैदराबाद से सांसद ने ट्विटर पर कहा, ‘यह स्वीकार्य नहीं है. उन्हें मेरी दखल पर उन्हें रिहा कर दिया गया है. मैंने अपने पार्षदों से कहा कि वे युवकों को घर वापस छोड़ दें.’

वर्क फ्रॉम होम कल्चर के बीच पोर्न देखने की लत बढ़ी, 14-14 घंटे देखते हैं अश्लील फिल्में, रिपोर्ट में खुलासा

महामारी के कारण वर्क फ्रॉम होम कल्चर के बढ़ने के बीच, रिमोट वर्किंग ने यूके में पोर्न की लत में वृद्धि में योगदान दिया है.

डेली मेल की रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि महामारी के दौरान रिमोट वर्किं ग लोकप्रिय हो गई थी, इसलिए समस्या के लिए चिकित्सा सहायता प्राप्त करने वाले ब्रिटेन के नागरिकों की संख्या लगभग दोगुनी हो गई है.

विशेषज्ञों के अनुसार, इस कल्चर ने कुछ आकस्मिक पोर्न दर्शकों को व्यसनों को विकसित करने के लिए प्रेरित किया है और उन लोगों को भी बदतर बना दिया है जिनके पास पहले से ही समस्याएं थीं.पोर्न एडिक्शन एक प्रकार की सेक्स एडिक्शन है जिसमें उपयोगकर्ता आनंददायक सनसनी या यौन गतिविधि के लिए एक लत विकसित करते हैं.

लंदन में लॉरेल सेंटर, ब्रिटेन में सबसे बड़ा सेक्स और पोर्न एडिक्शन क्लिनिक, ने कहा कि वह अब कुछ ऐसे लोगों का इलाज कर रहे हैं जो एक दिन में 14 घंटे तक पोर्न देखते हैं. सेंटर के क्लिनिकल डायरेक्टर पाउला हॉल ने कहा कि डब्ल्यूएफएच का मतलब है कि लोग अब अपने कंप्यूटर के सामने पहले से कहीं ज्यादा अकेले समय बिता रहे हैं.

उन्होंने कहा, “इसका मतलब है कि आपको अधिक अवसर मिला है, आपको रात में घर आने तक इंतजार करने की आवश्यकता नहीं है, आप दिन के दौरान अधिक आवेगी हो सकते हैं।”रिपोर्ट में कहा गया है कि लॉरेल सेंटर ने अकेले 2022 के पहले छह महीनों में लगभग 750 पोर्न एडिक्ट देखे थे, जबकि पूरे 2019 में यह 950 था.

हॉल ने उल्लेख किया कि इस वर्ष क्लिनिक में आने वाले रोगियों को अधिक गहन उपचार की आवश्यकता।रिपोर्ट के अनुसार, लंदन क्लिनिक में चिकित्सक 2019 में प्रति माह केवल 360 घंटे की तुलना में अब पोर्न की लत वाले लोगों की मदद करने के लिए महीने में लगभग 600 घंटे खर्च करते हैं.

Uttar Pradesh: ‘छेड़छाड़’ से तंग आकर 4 बहनों ने मिलकर शख्स की पीटकर हत्या की, गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में छेड़छाड़ से तंग आकर चार बहनों ने 40 वर्षीय व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी. पुलिस ने चारों लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया है. मृतक की पहचान राम गोपाल बघेल के रूप में हुई है. मामला तब सामने आया, जब कुछ पड़ोसियों ने मंगलवार सुबह बघेल का शव खून से लथपथ देखा और पुलिस को सूचना दी.

कथित तौर पर इस मामले का एक वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हुआ, जिसमें बहनों और पुरुष सदस्यों समेत परिवार को बघेल पर लाठियों से वार करते हुए देखा गया है. एक पड़ोसी ने कहा, “परिवार के पुरुष और महिला सदस्यों ने उसे लाठियों से पीटा और बाद में उसकी खाट में आग लगा दी.”

फिरोजाबाद के पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) अखिलेश नारायण ने संवाददाताओं से कहा, “शिकोहाबाद पुलिस 40 वर्षीय राम गोपाल बघेल की अप्राकृतिक मौत की सूचना मिलने के बाद फोरेंसिक टीम के साथ खेड़ा गांव पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया.

घटना में शामिल पाई गई चार लड़कियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है, बाकी तीन की तलाश की जा रही है.” उन्होंने आगे कहा, “प्रारंभिक जांच के बाद हमने पाया कि मृतक किसी गलत कार्य में शामिल था, जिसका उसके पड़ोसी परिवार ने विरोध किया और उस पर हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई.”

आरोप लगाया जा रहा है कि मृतक कथित रूप से लड़कियों के साथ छेड़खानी करता था. बात तब और बिगड़ गई, जब बघेल ने उस कमरे के बाहर अपनी खाट रख दी और गाली-गलौज करने लगा, जिसमें चारों बहनें रहती थीं. इसके बाद गुस्साए परिवार के सदस्यों ने उस पर लाठियों से हमला कर दिया. पुलिस ने बताया कि परिवार के तीन अन्य सदस्यों को गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है, जो फरार हैं.