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महाराष्ट्र: अमरावती मंडल में मार्च-मई के दौरान 206 किसानों ने की आत्महत्या

कोरोना वायरस (Coronavirus) के कारण देशभर में लगे लॉकडाउन के बीच महाराष्ट्र  (Maharashtra) के अमरावती मंडल (Amravati Division) में मार्च से मई के बीच कम से कम 206 किसानों ने आत्महत्या की. आरटीआई (Right to Information) के जरिये पूछे गए एक सवाल के जवाब में यह जानकारी मिली है.इनमें से आधी आत्महत्याएं सिर्फ मई में हुईं.

आरटीआई कार्यकर्ता अभय कोलारकर (RTI Activist Abhay Kolarkar)द्वारा दायर एक आरटीआई आवेदन के जवाब में अमरावती मंडल आयुक्तालय ने बताया कि 2017 से 2019 तक 3,171 किसानों ने आत्महत्या की हैं. कार्यकर्ता ने जनवरी 2017 से मई 2020 तक मंडल में किसानों की आत्महत्याओं और मृतकों के परिजनों को प्राप्त वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी मांगी थी.

महाराष्ट्र में किसानों की आत्महत्या को लेकर आंकड़े चौकाने वाले आते रहे हैं.  नवंबर 2019 में राज्य में चली राजनीतिक उठापटक के बीच बेमौसम बारिश हुई, बारिश ने खेतों में खड़ी कपास तो खराब की ही, साथ ही साथ कर्ज में किसानों की कमर भी तोड़ दी.

अकेले नवंबर 2019 में 300 किसानों ने मौत को गले लगाया. 112 किसानों ने विदर्भ में आत्महत्या की. मराठवाड़ा में 120 किसानों ने आत्महत्या की है. 2019 में कुल 2532 किसानों ने आत्महत्या की, 2015 में भी एक महीने में 300 किसानों ने आत्महत्या की थी.

Bhabhiji gahr par hain: Soumya Tandon की जगह शेफाली जरीवाला बनेंगी अनीता भाभी 

टीवी का पॉपुलर सीरियल भाभी जी घर पर है  (Bhabhiji Gahr Par Hain)लंबे समय से लोगों का मनोरंजन कर रहा है 13 जुलाई से इस शो के नए एपिसोड भी टेलीकास्ट हो रहे हैं सीरियल के लिए लगातार शूटिंग भी हो रही है। लेकिन इन सबके बीच खबर यह है कि सीरियल में अनिता भाभी का किरदार निभाने वाली सौम्या टंडन कि शो में वापसी नहीं हुई है. दरअसल लॉकडाउन के बाद से ही सौम्या टंडन (Soumya Tandon) घर पर हैं और कोरोनावायरस से बचने के लिए उन्होंने शो से भी दूरी बना ली है क्योंकि उनका बेटा मिरान अभी 1 साल का है और ऐसे में सौम्या टंडन किसी भी प्रकार का जोखिम नहीं लेना चाहती है

लेकिन शो के दर्शकों को सीरियल में अनिता भाभी की कमी खल रही है वहीं मेकर्स भी जल्दी सीरियल में अनिता भाभी की वापसी चाहते हैं ऐसे में मेकर्स सौम्या टंडन की जगह सीरियल में अनिता भाभी के किरदार में किसी और अभिनेत्री को लाने की कोशिश में जुट गए हैं.

खबर यह भी है कि बिग बॉस 13 कंटेंस्टेंट शेफाली जरीवाला  (Shefali Zariwala)से इस बारे में संपर्क किया गया है. कांटा लगा फेम गर्ल शेफाली जरीवाला ने अभी इस बात को लेकर पुष्टि नहीं की है और ना ही जो केमिकल्स की तरफ से कोई फेशियल स्टेटमेंट दिया गया है, लेकिन चर्चाओं का बाजार गर्म है कि शेफाली जरीवाला जल्द ही अनिता भाभी के किरदार में नजर आ सकती हैं

Ishq Mein Marjawan 2 ऐक्ट्रेस Helly Shah हुई आत्मनिर्भर, सेट पर खुद ही किया हेयरकट

लॉक डाउन के बाद टीवी सीरियल्स की शूटिंग भले ही शुरू हो गई है, लेकिन शूटिंग के दौरान अब भी कलाकारों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

देश में बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी लोगों से आत्मनिर्भर होने की अपील की है. ऐसे में सीरियल इश्क में मरजावा 2 के सेट पर एक्ट्रेस हेली शाह के आत्मनिर्भर होने का उदाहरण मिला है. दरअसल सीरियल के डायरेक्टर एक्ट्रेस के लुक में थोड़ा सा बदलाव चाहते थे. जिसके लिए एक्ट्रेस का हेयर कट करना था, लेकिन कोरोनावायरस की वजह से हेयरड्रेसर सेट पर मौजूद नहीं था. जिसके बाद एक्ट्रेस हेली शाह ने जो किया उसे देखकर आप भी हैरान रह जाएंगे.

 

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जी हां दोस्तों हेयर ड्रेसर की गैरमौजूदगी में खुद ही निशान है अपने हेयर कट किए पर प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर होने की अपील को सफल बनाया हेयर कट के बाद हेली शाह का लुक काफी अट्रैक्टिव दिख रहा है जो उनके फैंस को काफी पसंद आएगा.

‘ध्रुवास्त्र’ मिसाइल का सफल परीक्षण, दुश्मन देश के टैंक को ध्वस्त करने में सक्षम   

भारतीय सशस्त्र सेना की ताकत बढ़ाने के लिए अब जल्द ही एंटी टैंक ‘ध्रुवास्त्र’ मिसाइल को सेना के बड़े में शामिल किया जाएगा. ‘ध्रुवास्त्र’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया है, ये मिसाइल मेक इन इंडिया मुहीम के तहत बनाई गई है. और दुश्मन देश के टैंक को पूरी तरह से ध्वस्त करने का माद्दा रखती है.

बालासोर में 15-16 जुलाई को इसका टेस्ट हुआ, जिसके बाद अब इसे सेना को सौंप दिया जाएगा. इसका इस्तेमाल भारतीय सेना के ध्रुव हेलिकॉप्टर के साथ किया जाएगा. यानी अटैक हेलिकॉप्टर ध्रुव पर इसे तैनात किया जाएगा, ताकि वक्त आने पर दुश्मन को सबक सिखाया जा सके.

हालांकि, अभी जो टेस्ट किया गया है वो बिना हेलिकॉप्टर के किया गया है. पहले इस मिसाइल का नाम नाग था, जिसे अब बदलकर ध्रुवास्त्र किया गया है.ये मिसाइल स्वदेशी है और इसकी क्षमता 4 किमी. तक है, ये किसी भी टैंक को खत्म कर सकती है. ध्रुव हेलिकॉप्टर भी पूरी तरह से स्वदेशी हेलिकॉप्टर है. ऐसे में DRDO और सेना के लिए इसे बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है क्योंकि अब किसी दूसरे देश पर ऐसी मिसाइलों के लिए निर्भरता नहीं रहेगी.

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की वेबसाइट पर मौजूद जानकारी के मुताबिक, ध्रुवास्त्र एक तीसरी पीढ़ी की ‘दागो और भूल जाओ’ टैंक रोधी मिसाइल (ATGM) प्रणाली है, जिसे आधुनिक हल्के हेलीकॉप्टर पर स्थापित किया गया है.

यह प्रणाली, सभी मौसम में दिन और रात के समय सक्षम है तथा पारंपरिक कवच के साथ ही साथ विस्फोटक प्रतिक्रियाशील कवच के साथ युद्धक टैंकों को नष्ट कर सकती है. गौरतलब है कि चीन के साथ बॉर्डर पर लगातार तनाव की स्थिति है. ऐसे में सेना पूरी तरह सतर्क है, दूसरी ओर मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए DRDO स्वदेशी मिसाइलें बना रहा है.

राहुल गांधी का कटाक्ष: ‘नमस्ते ट्रंप’ और सरकार गिराने की कोशिश से देश कोरोना के खिलाफ ‘आत्मनिर्भर’ हुआ

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों में लगातार हो रही बढ़ोतरी को लेकर मंगलवार को सरकार पर निशाना साधा और कटाक्ष करते हुए कहा कि ‘नमस्ते ट्रंप’ कार्यक्रम, राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश तथा कई अन्य कदमों से आज देश कोरोना के खिलाफ लड़ाई में ‘आत्मनिर्भर’ हो गया है.

राहुल गांधी ने ट्वीट किया, ‘‘ कोरोना काल में सरकार की उपलब्धियां: फरवरी में नमस्ते ट्रंप, मार्च में मध्य प्रदेश में सरकार गिराई, अप्रैल में मोमबत्ती जलवाई, मई में सरकार की 6वीं सालगिरह, जून में बिहार में वर्चुअल रैली और जुलाई में राजस्थान सरकार गिराने की कोशिश.’’

कांग्रेस नेता ने तंज कसते हुए कहा, ‘‘इसीलिए देश कोरोना की लड़ाई में ‘आत्मनिर्भर’ है.’’

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, मंगलवार को कोविड-19 के 37,148 नए मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमण के मामले बढ़कर 11,55,191 हो गए. वहीं 587 और लोगों की जान जाने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 28,084 हो गई.

ICA Chief ने BCCI से कहा, ‘पूर्व खिलाड़ी हमेशा इंतजार नहीं कर सकते’

भारतीय क्रिकेटर्स संघ (आईसीए) के अध्यक्ष अशोक मल्होत्रा ने सोमवार को भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) से संस्था की लंबे समय से की जा रही मांगों पर ध्यान देने का आग्रह करते हुए कहा कि उम्रदराज पूर्व खिलाड़ी हमेशा के लिये इंतजार नहीं कर सकते हैं.

मल्होत्रा पर आईसीए निदेशकों ने आरोप लगाया था कि वह उनसे सलाह मशविरा किये बिना सार्वजनिक बयान देते हैं और खिलाड़ियों की संस्था से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर बीसीसीआई से बात करते हैं.आईसीए ने जो मांगे बीसीसीआई के सामने रखी हैं उनमें 25 से कम प्रथम श्रेणी मैच खेलने वाले पूर्व खिलाड़ियों के लिये पेंशन, पूर्व क्रिकेटरों की विधवाओं के लिये पेंशन, चिकित्सा बीमा पांच लाख से बढ़ाकर दस लाख करना तथा मनोज प्रभाकर को हितकारी निधि का पैसा सौंपना शामिल है. प्रभाकर पर मैच फिक्सिंग के लिये लगाया गया प्रतिबंध 2005 में समाप्त हो गया था.

मल्होत्रा ने कहा कि अब समय आ गया है जबकि बीसीसीआई को उनकी मांगों पर गौर करना चाहिए.मल्होत्रा ने कहा, ‘‘लगभग दस महीने (सौरव गांगुली की अगुवाई वाले बीसीसीआई के पदभार संभालने के बाद) हो गये लेकिन पूर्व खिलाड़ियों के लिये कुछ नहीं किया गया. आईसीए का गठन पूर्व क्रिकेटरों के कल्याण के लिये किया गया है तथा इनमें से कई 70 साल के हो गये हैं। वे हमेशा इंतजार नहीं कर सकते. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं बीसीसीआई से फिर से मांगों पर गौर करने का अनुरोध करता हूं. बीसीसीआई शीर्ष परिषद में तीन पूर्व क्रिकेटर (गांगुली तथा आईसीए प्रतिनिधि शांता रंगास्वामी और अंशुमन गायकवाड़) शामिल हैं. मुझे विश्वास है कि वे पूर्व क्रिकेटरों की परेशानियों को समझते हैं. चार बैठक (शीर्ष परिषद की) हो चुकी हैं लेकिन अभी तक कुछ नहीं किया गया. ’’

मल्होत्रा के आईसीए सदस्यों को भेज गये नये वीडियो से विवाद पैदा हो गया है जिसमें उन्होंने कहा था कि उन्हें घरेलू क्रिकेट और बिहार क्रिकेट में वर्तमान की प्रशासनिक गड़बड़ियों को लेकर चिंता नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने केवल इतना कहा था कि उनकी चिंता आईसीए व पूर्व क्रिकेटरों के कल्याण को लेकर है. आईसीए अध्यक्ष होने के नाते यह स्वाभाविक है. पिछले दस महीनों में हमने क्या किया. कोविड-19 से प्रभावित पूर्व क्रिकेटरों के लिये पैसा जुटाने के सिवाय कुछ नहीं किया.’’

उच्चतम न्यायालय से नियुक्त लोढ़ा समिति की सिफारिशों के अनुसार भारत में पहली बार खिलाड़ियों के संघ आईसीए का गठन किया गया है. उसे इस साल के शुरू में अपने कार्यों के संचालन के लिये बीसीसीआई ने दो करोड़ रुपये का अनुदान दिया था.

आंध्र प्रदेश में कोरोना के मामले 50 हजार के पार, अब तक 696 लोगों की मौत

आंध्र प्रदेश में सोमवार तक 50 हजार से ज्यादा लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं. राज्य में पिछले 24 घंटे में 4,074 और लोग के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. ताजा बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में संक्रमण से 54 और लोग की मौत होने के साथ ही राज्य में अभी तक कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 696 पहुंच गई है. इलाज के बाद संक्रमण मुक्त होकर आज 1,335 लोग अस्पताल से घर लौटे हैं.

राज्य में अभी तक 53,726  लोग के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है, फिलहाल 28,800 लोग उपचाराधीन हैं और 24,228 लोग संक्रमण मुक्त हो चुके हैं.बुलेटिन के अनुसार, पिछले 24 घंटे में सोमवार सुबह नौ बजे तक 33, 580 नमूनों की जांच हुई है जिनमें से 16,195 लोगों की त्वरित एंटीजन जांच हुई है.

इधर, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में करीब 50 दिनों में पहली बार सोमवार को कोरोना वायरस के नए मामलों की संख्या 1,000 से कम रही.दिल्ली स्वास्थ्य बुलेटिन के अनुसार सोमवार को कोरोना वायरस के 954 नए मामले दर्ज किए गए. परीक्षणों की संख्या भी कम रही. बुलेटिन के अनुसार 11,470 परीक्षण किए गए थे जिनमें 4,177 आरटी-पीसीआर और 7,293 रैपिड एंटीजन परीक्षण थे. पिछले दिनों परीक्षणों की संख्या 19,000 से 22,000 के बीच थी.

ताजा बुलेटिन के अनुसार कोरोना वायरस संक्रमण से 35 और मरीजों की मौत हो गयी और इसके साथ ही मृतकों की संख्या बढ़कर 3,663 हो गयी. वहीं कुल मामलों की संख्या बढ़कर 1,23,747 हो गयी.

उत्तर प्रदेश : गाजियाबाद में अगर अब से मास्क पहनने नहीं दिखे लोग, तो देना होगा 500 रुपये का जुर्माना

यूपी के गाजियाबाद जिले में अगर अब से कोई मास्क लगाए नहीं दिखता है, तो उसे जुर्माने के तौर पर 500 रुपये का भुगतान करना पड़ेगा. गाजियाबाद जिला प्रशासन ने घर से बाहर निकलने के दौरान मास्क नहीं पहनने वाले व्यक्तियों पर 500 रुपये का जुर्माना लगाने का निर्णय किया है.

जिलाधिकारी अजय शंकर पांडेय ने बताया कि सभी पुलिस थानों के प्रभारी और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि विशेष टीमें गठित करें और कोविड-19 प्रोटोकॉल का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें.

 इसके साथ ही, पुलिस ने उल्लंघन करने वाले 1,763 चालकों के चालान भी काटे हैं और 20 वाहन जब्त किए हैं. वाहन चालकों से 86,700 रुपये का जुर्माना वसूला गया है. जिलाधिकारी ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा.

महमूद मदनी समूह ने दिल्ली दंगा पीड़ितों को दिए जाने वाले मुआवजे का बताया कम, केजरीवाल से राशि बढ़ाए जाने की मांग

देश में मुसलमानों के प्रमुख संगठन जमीयत उलेमा-ए-हिंद (महमूद मदनी समूह) ने दिल्ली के दंगा पीड़ितों को राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले मुआवज़े को “नाकाफी” बताते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से इसे बढ़ाने की मांग की है.

जमीयत महासचिव मौलाना महमूद मदनी ने केजरीवाल को लिखे पत्र में कहा कि मुआवज़े की अदायगी में तेज़ी लाने की भी ज़रूरत है. संगठन की ओर जारी बयान के मुताबिक, मदनी ने पत्र में केजरीवाल से कहा, ‘दंगा पीड़ितों के पुनर्वास के लिए घोषित की गई मुआवज़ा राशि अपर्याप्त है. मुआवज़ा पीड़ितों को हुए नुकसान के अनुपात में कम है.’ उन्होंने कहा, ‘इस संबंध में 1984 के सिख विरोधी दंगों के प्रभावितों के मुआवज़े से संबंधित दिल्ली उच्च न्यायालय के निर्णय को आधार बनाया जाए और मुआवज़े में उचित बढ़ोतरी की जाए.’

दिल्ली सरकार ने दंगों में जान गंवाने वालों के परिवारों को 10-10 लाख रुपए देने की घोषणा की है. इसी तरह जिनके मकान दंगे में नष्ट हो गए हैं, उनको हर मंजिल के लिए पांच लाख रुपये दिए जाएंगे. जिनके मकान में काफी नुकसान हुआ है उनको सिर्फ दो लाख रुपये और हल्के फुल्के नुकसान के लिए 15 से 25 हजार रुपये दिए जाएंगे.

मदनी ने कहा ‘जाहिर सी बात है कि दिल्ली जैसे महंगे शहर में नष्ट हुई हर मंजिल के लिए पांच लाख रुपये और मकानों की मरम्मत के लिए 15, 000 रुपये अपर्याप्त हैं जबकि आज से सात साल पहले मुजफ्फरनगर दंगों में जान गंवाने वालों के परिवारों को 13-13 लाख रुपए दिए गए थे. वहां मुआवज़ा पाने वाले गांव के रहने वाले थे.’ उन्होंने कहा, ‘इस संबंध में दिल्ली के मुख्यमंत्री को तुरंत कदम उठाते हुए मुआवज़े में उचित बढ़ोतरी करनी चाहिए. साथ ही मुआवज़े की अदाएगी में तेज़ी लाने की ज़रूरत है.’

उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी के अंत में संशोधित नागरिकता कानून को लेकर हुई सांप्रदायिक हिंसा में 53 लोगों की मौत हो गई थी और 500 से ज्यादा लोग जख्मी हुए थे. इसके साथी ही सैकड़ों दुकान व मकान भी दंगाइयों ने जला दिए थे. इसके बाद मुख्यमंत्री केजरीवाल ने पीड़ितों के लिए मुआवज़ा राशि का ऐलान किया था. वहीं 2013 में उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में सांप्रदायिक हिंसा में करीब 66 लोगों की मौत हुई थी.

शिवसेना विधायक की मांग- अयोध्या में उद्धव ठाकरे को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित करें, पीएम मोदी करेंगे भूमि पूजन

शिवसेना के विधायक प्रताप सरनाइक ने सोमवार को मांग की कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए भूमि पूजन समारोह में पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाए. संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अगले महीने होने वाले कार्यक्रम में भाग लेंगे.

सरइनाइक ठाणे में ओवला-माजीवाड़ा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं. उन्होंने इस संबंध में श्री राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र के मुख्य ट्रस्टी को एक पत्र लिखा है. इससे पहले दिन में शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का ‘मार्ग प्रशस्त किया’ और रास्ते की मुख्य रुकावटों को “राजनीति के लिए नहीं” बल्कि आस्था और हिन्दुत्व के लिए दूर किया.

सरनाइक ने पत्र में कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण अयोध्या में समारोह में कुछ लोगों को ही आमंत्रित किया जाएगा. समझा जाता है कि उन संगठनों और राजनीतिक दलों को समारोह के लिए आमंत्रित किया जा सकता है जिन्होंने प्रत्यक्ष रूप से या परोक्ष रूप से (मंदिर निर्माण के लिए) प्रयास किए हैं. उनके पत्र की प्रति मीडिया को उपलब्ध करायी गयी है.

उन्होंने कहा कि शिवसेना संस्थापक दिवंगत बाल ठाकरे मंदिर निर्माण आंदोलन में आगे आगे थे. विधायक ने कहा कि उद्धव ठाकरे बार-बार राम मंदिर निर्माण की मांग करते रहे हैं, जब किसी अन्य नेता ने इस मुद्दे को नहीं उठाया था. उन्होंने दावा किया कि शिवसेना ने ही मंदिर निर्माण की नींव रखी थी.