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भारत में कोरोना की रफ्तार पड़ी धीमी, अब 17.4 दिन में दोगुने हो रहे COVID-19 के मामले : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) फैलने के बाद से भारत में पहली बार एक दिन में संक्रमण के 10,000 से अधिक नये मामले सामने आये हैं और इसी अवधि में 396 लोगों की मौत हुई है. वहीं, केंद्र ने शुक्रवार को राज्यों से कोविड-19 के उभरते केंद्रों (अत्यधिक मामलों वाले नये स्थानों) पर विशेष ध्यान देने और कोरोना वायरस संक्रमण रोकने के लिये सख्त कदम उठाने को कहा. मंत्रालय ने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के मामलों के दोगुना होने में लगने वाला समय बढ़ कर अब 17.4 हो गया है, जो कुछ हफ्ते पहले 15.4 दिन था. मंत्रालय ने कहा कि लॉकडाउन लागू किये जाने के समय, 25 मार्च को कोविड-19 (COVID-19) मामलों के दोगुना होने में लगने वाला समय 3.4 दिन था.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, शुक्रवार सुबह आठ बजे तक (इससे 24 घंटे पहले से) संक्रमण के 10,956 मामले सामने आने के साथ देश में कोविड-19 के कुल मामले बढ़कर 2,97,535 पहुंच गये हैं. वहीं, इस महामारी से एक दिन में सर्वाधिक 396 लोगों की मौत होने के साथ कुल मृतक संख्या बढ़ कर 8,498 हो गई है.

सूत्रों ने बताया कि सरकार खाने-पीने की चीजों का स्वाद नहीं आने और गंध पहचाने की क्षमता अचानक खत्म होने को भी कोविड-19 जांच के लिये मानदंडो में शामिल करने पर भी विचार कर रही है. इस मुद्दे पर पिछले रविवार को कोविड-19 पर राष्ट्रीय कार्य बल की बैठक में चर्चा हुई थी, लेकिन अभी तक कोई आम सहमति नहीं बन पाई है.

संक्रमण और इससे होने वाली मौतों के मामले का रिकार्ड दर्ज करने वाली वेबसाइट वर्ल्डमीटर और अमेरिका स्थित जॉन हॉपकिंस विश्वविद्यालय के आंकड़ों के मुताबिक भारत बृहस्पतिवार को ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए कोविड-19 से सर्वाधिक प्रभावित होने वाला चौथा देश बन गया है.

मंत्रालय ने कहा, ‘‘जिन मरीजों की कोविड-19 की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई हैं, उनके इस रोग से उबरने की दर बढ़ी है और यह फिलहाल 49.47 प्रतिशत है.” मंत्रालय ने कहा कि कुल 1,47,194 मरीज इस रोग से उबर चुके हैं, जबकि 1,41,842 मरीज मेडिकल निगरानी में हैं.

स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ने के बीच कैबिनेट सचिव ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों, स्वास्थ्य एवं शहरी विकास सचिवों से वीडियो लिंक के जरिये एक बैठक की. इसमें इन शीर्ष अधिकारियों को कोविड-19 के उभरते केंद्रों (अत्यधिक मामलों वाले स्थानों) पर विशेष ध्यान देने और इस रोग का संक्रमण रोकने के लिये सख्त कदम उठाने को कहा गया.



कैबिनेट सचिव के साथ बैठक के दौरान राज्यों को सलाह दी गई कि वे कोविड-19 के प्रभावी प्रबंधन के लिये संक्रमण रोकने, संदिग्ध मरीजों की कोविड-19 जांच करने, संक्रमितों के संपर्क में आये लोगों का पता लगाने, स्वास्थ्य ढांचे को उन्नत करने, क्लीनिकल प्रबंधन और सामुदायिक भागीदारी पर ध्यान करें. निषिद्ध स्थानों पर घर-घर जाकर सक्रिय निगरानी करने पर भी जोर देते हुए इस बात का जिक्र किया गया कि मामलों का समय रहते या शीघ्र पता लगाने के लिये यह जरूरी है. राज्यों से संक्रमण के मामलों के अनुमान के मुताबिक अस्पतालों में सुविधाएं बढ़ाने के कार्य में तेजी लाने के साथ-साथ पर्याप्त उपकरणों और प्रशिक्षत कर्मियों की व्यवस्था करने का अनुरोध किया गया.

बैठक में संदिग्ध मरीजों में (कोविड-19 के) लक्षण के आधार पर समय पर उसे उपयुक्त अस्पताल या स्वास्थ्य सुविधा केंद्र भेजना और एम्स, दिल्ली के सहयोग से उत्कृष्टता केंद्रों की मदद से क्लीनिकल गतिविधियों को बेहतर करने पर भी जोर दिया गया।. राज्यों से समुदाय स्तर पर व्यापक पहुंच स्थापित करने का अनुरोध किया गया, ताकि समुदाय में हर वक्त सामजिक दूरी और उपयुक्त व्यवहार को प्रोत्साहन मिले. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 1,50,305 नमूनों की जांच की गई.

स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह दिशानिर्देश भी जारी किया है कि कोविड-19 उपयुक्त व्यवहार का रेस्तरां, होटल, धार्मिक स्थल, शॉपिंग मॉल और कार्यालयों में अनुपालन किया जाए. शुक्रवार सुबह आठ बजे तक (इसके पहले के 24 घंटे के दौरान) हुई 396 मौतों में 152 मौतें महाराष्ट्र में, दिल्ली में 101, गुजरात में 38, उत्तर प्रदेश में 24, तमिलनाडु में 23, हरियाणा में 12 और पश्चिम बंगाल में एक मरीज की मौत हुई. वहीं, इस अवधि में तेलंगाना में नौ, राजस्थान (6), मध्य प्रदेश और पंजाब में चार-चार, बिहार और कर्नाटक में तीन-तीन, आंध्र प्रदेश, असम और पुडुचेरी में दो-दो तथा जम्मू कश्मीर में एक मरीज की मौत हुई.




Gulabo Sitabo: अमिताभ बच्चन की ‘गुलाबो सिताबो’ ने कमाए इतने करोड़, एक बार में ही बंपर कमाई

‘गुलाबो सिताबो (Gulabo Sitabo)’ अमेजन प्राइम वीडियो पर रिलीज हो गई है. फिल्म में अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) और आयुष्मान खुराना लीड रोल में हैं. ‘गुलाबो सिताबो’ को शूजित सरकार ने डायरेक्ट किया है जबकि जूही चतुर्वेदी ने फिल्म की कहानी लिखी है. लॉकडाउन की वजह से सारे सिनेमा हॉल बंद हैं, इसलिए OTT प्लेटफॉर्म पर फिल्में रिलीज होने जा रही हैं. लेकिन हर तरफ यही चर्चा थी कि ‘गुलाबो सिताबो (Gulabo Sitabo)’ ने कितने पैसे कमाए हैं. अब बॉक्स ऑफिस कलेक्शन रिपोर्ट तो आ नहीं रही है क्योंकि सिनेमाघरों में फिल्म रिलीज नहीं हो रही है. इसलिए इसकी अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) से हुई कमाई के बारे में जानते हैं.

फिल्म विश्लेषकों का मानना है कि ‘गुलाबो सिताबो (Gulabo Sitabo)’ के प्रोड्यूसर्स को अमेजन प्राइम वीडियो (Amazon Prime Video) पर बेचने से निर्मताओं को अच्छा-खासा फायदा हुआ है. फिल्म का बजट 25-30 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. फिल्म के प्रमोशन में कोई खास खर्च हुआ नहीं है. सूत्रों ने बताया कि अमेजन प्राइम वीडियो ने फिल्म को लगभग 61 करोड़ रुपये में खरीदा है. इस तरह फिल्म अच्छे-खासे फायदे में गई हैं.

यही नहीं, फिल्म विश्लेषक मान रहे हैं कि ओटीटी प्लेटफॉर्म को भारत में पांव जमाने के लिए बड़े नाम चाहिए, इसलिए वह अच्छी खासी रकम इन्वेस्ट करने को तैयार हैं. ऐसे में लॉकडाउन में भी कई प्रोड्यूसर्स की चांदी होने वाली है. इस तरह ‘गुलाबो सिताबो (Gulabo Sitabo)’ दर्शकोंके लिए आ चुकी है, और लॉकडाउन के दौरान भी वीकेंड पर ढेर सारी मनोरंजन की डोज मौजूद है.




भारत, लाओ पीडीआर (Lao PDR) ने कोविड-19 (COVID-19) के बाद की दुनिया में वैश्विक सहयोग पर बल दिया

भारत और लाओ पीडीआर (Lao PDR) ने शुक्रवार को इस बात पर सहमति जताई कि कोविड-19 (COVID-19) के बाद की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग की जरूरत है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) और लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक (Lao People’s Democratic Republic ) के उनके समकक्ष थोंगलुन सिसोलिथ ( Thongloun Sisoulith) के बीच शुक्रवार को टेलीफोन पर हुई बातचीत में महामारी के कारण उत्पन्न स्वास्थ्य और आर्थिक चुनौतियों पर चर्चा हुई आधिकारिक बयान में कहा गया कि लाओ पीडीआर में महामारी को फैलने से रोकने के लिए सरकार की तरफ से किए गए प्रभावी उपायों की मोदी ने प्रशंसा की.

बयान में कहा गया, ‘‘दोनों नेताओं ने कोविड-19 के बाद की दुनिया में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और बेहतर कार्यों एवं अनुभवों को साझा करने की आवश्यकता पर जोर दिया.’’ प्रधानमंत्री मोदी ने लाओ पीडीआर के साथ भारत के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों को उजागर किया और वाट फोउ स्थित विश्व धरोहर स्थल के पुनरुद्धार पर संतोष जताया.

प्रधानमंत्री थोंगलुन सिसोलिथ ने लाओ पीडीआर के विकास कार्यक्रमों, क्षमता निर्माण और छात्रवृति में भारत के सहयोग के लिए मोदी को धन्यवाद दिया. बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री ने लाओ पीडीआर को विकास कार्यों में सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता जताई.

हिंदी सिनेमा का छोटे शहरों की ओर फिर से रुख करना स्वागतयोग्य चलन है: अमिताभ बच्चन

अभिनेता अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का कहना है कि हिंदी सिनेमा का छोटे शहरों की ओर फिर से रुख करना ‘‘बहुत स्वागतयोग्य’’ चल है और यह चलन उन फिल्म निर्माताओं के कारण शुरू हुआ है जो उन स्थानों की कहानियां पर्दे पर दिखाना चाहते हैं, जहां वे पले-बढ़े हैं.

‘अमेजॉन प्राइम’ (Amazon Prime) पर शु्क्रवार को रिलीज हुई बच्चन अभिनीत फिल्म ‘गुलाबो सिताबो’ (Gulabo Sitabo) लखनऊ (Lucknow) में फिल्माई गई है. यह पहली बड़ी फिल्म है, जिसका प्रीमियर किसी ओटीटी (ओवर-द-टॉप) मंच पर हुआ है। इस फिल्म का निर्देशन शूजित सरकार ने किया है.

ओटीटी इंटरनेट (OTT Internet) के माध्यम से दर्शकों को सीधे पहुंचाई जाने वाली स्ट्रीमिंग मीडिया सेवा है.फिल्म की कहानी बच्चन के किरदार मिर्जा और उसके किराएदार बांके (आयुष्मान खुराना) के बीच चूहे-बिल्ली की लड़ाई के इर्द-गिर्द घूमती है.

हालिया वर्षों में हिंदी फिल्मों के छोटे शहरों की ओर फिर से रुख करने के संबंध में सवाल पूछे जाने पर, बच्चन ने से कहा, ‘‘हां, यह स्वागतयोग्य चलन है. शहरी क्षेत्रों में रह रहे और वहां काम कर रहे हममें से अधिक लोग उन छोटे शहरों से आए हैं या उनसे जुड़े हुए है, जिनकी आप बात कर रहे हैं.’’

अभिनेता ने ईमेल के जरिए दिए साक्षात्कार में कहा, ‘‘इसलिए इन छोटे शहरों में बड़े होने के दौरान के शुरुआती वर्षों को पुन: जीने से कई लोगों, निर्माताओं और सिनेप्रेमियों की यादें ताजी हो जाती हैं.’’77 वर्षीय बच्चन ने कहा कि वह उन्हें दी गई भूमिकाओं को लेकर अपने निर्देशकों से सवाल नहीं करते और इसीलिए उन्होंने ‘‘गुलाबो सिताबो’’ में मिर्जा की भूमिका को लेकर शूजित सरकार से सवाल नहीं किए.

बच्चन और सरकार ‘शूबाइट’, ‘पीकू’ और ‘पिंक’ जैसी फिल्मों में भी साथ काम कर चुके हैं। ‘शूबाइट’ अभी रिलीज नहीं हुई है.बच्चन ने कहा कि लखनऊ में शूटिंग के दौरान प्राधिकारियों और लोगों ने पूरा सहयोग दिया, जो उनके लिए सुखद अनुभव रहा.

‘गुलाबो-सिताबो’ के किरदार के मेकअप के लिए चार से पांच घंटे तक बैठे रहने के बारे में बच्चन ने कहा, ‘‘यह मुश्किल था. इसमें बहुत समय लगता था. हर दिन चार-पांच घंटे मेकअप में लगते थे. मई की गर्मी ने इसे और कठिन बना दिया, लेकिन अंतत: सबसे दक्ष मेकअप कलाकारों के विशेषज्ञ हाथों के जरिए जो अंत परिणाम निकला, वह मिसाल पेश करने वाला है.’’

COVID-19 से कर्मियों का बचाव, उनका मनोबल बनाए रखना हमारी प्राथमिकता : दिल्ली पुलिस आयुक्त

दिल्ली पुलिस (Delhi Police) प्रमुख एस एन श्रीवास्तव (SN Shrivastava) ने बृहस्पतिवार को कहा कि कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पुलिस कर्मी, कोरोना वायरस (Coronavirus) से खुद का बचाव करते हुए दिल्ली के लोगों की सुरक्षा के लिए भी काम कर रहे हैं. श्रीवास्तव ने कहा कि पुलिस बल ने जवानों के लिए कई तरह की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को लागू किया है. इसके तहत संक्रमित होने की स्थिति में इलाज के लिए भी कर्मियों का मार्गदर्शन किया जा रहा है.

दिल्ली पुलिस के 800 से ज्यादा कर्मी कोविड-19 (COVID-19) से संक्रमित पाए गए हैं, जबकि पांच कर्मियों की मौत हुई है. दिल्ली पुलिस आयुक्त ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में संक्रमण के बढ़ते मामलों के कारण संक्रमित पुलिसकर्मियों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है. हालांकि, उन्होंने जोर दिया कि ‘‘ज्यादा महत्वपूर्ण यह है कि बल की मनोदशा पर असर नहीं पड़े और यह प्राणघातक ना हो. ’’

श्रीवास्तव ने कहा कि दिल्ली पुलिस अपने जवानों का ठीक से ख्याल रख रही है और मानवीय कार्यों के लिए उनकी सराहना भी की जाती है. उन्होंने कहा, ‘‘अपने पुलिसकर्मियों की सही देखभाल के लिए हम तमाम कदम उठा रहे हैं. सभी पुलिसकर्मियों को लगता है कि उनके वरिष्ठ उनका ख्याल रख रहे हैं.’’

उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने का कितना खतरा रहता है , इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पृथक-वास केंद्र, निजी और सरकारी अस्पतालों, निषिद्ध क्षेत्र से लेकर हर महत्वपूर्ण स्थानों पर उनकी तैनाती होती है. इन सबके साथ कानून-व्यवस्था भी बनाए रखना पड़ता है.

पुलिसकर्मी उन लोगों पर भी नजर रखते हैं जिन्हें घर में पृथक-वास रहने के लिए कहा जाता है.उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मी यह महसूस करें कि उनका भी ख्याल रखा जा रहा है, इसके लिए विशेष आयुक्त स्तर के कई अधिकारियों को कर्मियों के कल्याण संबंधी विभिन्न पहलुओं पर गौर करने का जिम्मा सौंपा गया है.

दिल्ली पुलिस में 81,000 से अधिक कर्मी हैं. उन्होंने कहा कि पुलिसबल का मनोबल बनाए रखने के लिए उनके स्वास्थ्य की देखभाल पर जोर देना महत्वपूर्ण है.श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘खुद को कोरोना वायरस से बचाते हुए दिल्ली पुलिस दूसरों के लिए भी लड़ रही है. इसके साथ ही कानून-व्यवस्था भी बनाए रखना है, अपराध को रोकना तथा और दूसरे काम भी हैं.’’

इस साल फरवरी में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के दंगे को याद करते हुए आयुक्त ने कहा कि अतीत को देखते हुए सांप्रदायिक तनाव की आशंका हमेशा बनी रहती है. श्रीवास्तव ने फोन पर बताया, ‘‘फरवरी में दंगे हुए थे इसलिए हम करीबी नजर रखते हैं और कानूनी कदम उठा रहे हैं. बदल रहे घटनाक्रम पर भी करीब नजर रखी जाती है.’’

अपने विभाग के बारे में श्रीवास्तव ने कहा, ‘‘हमें खास तौर पर बुजुर्ग लोगों का ध्यान रखने की जरूरत है जिनका स्वास्थ्य उतना ठीक नहीं रहता है या, अगर उन्हें मधुमेह जैसी कोई बीमारी हो….. इसलिए हम ऐसे लोगों पर खास ध्यान देते हैं. अगर कोई बीमार पड़ता है और अस्पताल जाता है तो हम यह सुनिश्चित करते हैं कि उनका ठीक से इलाज हो. यह हमारा पहला लक्ष्य है. ’’

अपने कर्मियों की प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस ने 81,000 कर्मियों में से प्रत्येक को आयुष की आयुर्वेदिक दवाइयां दी है और दूसरे चरण में 15,000 कर्मियों को आयुर्वेदिक दवा दी गयी.

पुलिस आयुक्त ने प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए अपने कर्मियों को होम्योपैथी की दवा भी लेने और व्यायाम तथा योग करने की सलाह दी .पुलिसकर्मियों को कार्यस्थल पर सामाजिक दूरी का पालन करने को भी कहा गया है.

उन्होंने कहा कि थाना, पीसीआर, यातायात और सशस्त्र पुलिस में तैनात कर्मियों के संबंध में विस्तृत एसओपी तैयार की गयी है .श्रीवास्तव ने कहा कि विभिन्न ऑनलाइन तरीके से भी वह अपने कर्मियों के साथ संपर्क में हैं.

उन्होंने कहा, ‘‘मैं खुद भी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए जमीनी स्तर पर पुलिसकर्मियों से बात करता रहता हूं. मैं अपने सभी अधिकारियों को अपने कर्मियों से संपर्क में रहने को कहता हूं.’’

BJP और AAP ने दिल्ली का बंटाधार किया, हालात बेकाबू: कांग्रेस

कांग्रेस ने दिल्ली में कोरोना वायरस (Coronavirus) के संकट से जुड़े हालात के नियंत्रण से बाहर होने का दावा करते हुए बृहस्पतिवार को भाजपा एवं आम आदमी पार्टी (आप) पर निशाना साधा और आरोप लगाया कि इस बड़े संकट के समय दोनों ने मिलकर दिल्ली (Delhi) का बंटाधार कर दिया है. पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Singhvi ) ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्वास्थ्य आपात स्थिति है और ऐेसे में केंद्र व अरविंद केजरीवाल सरकार दोनों को अस्पतालों में बेड, वेंटिलेटर और जांच की सुविधाएं बढ़ाने के लिए युद्धस्तर पर काम करना चाहिए.

उन्होंने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन (Ajay Maken) द्वारा राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (National Human Rights Commission -NHRC)  के समक्ष दिल्ली की स्थिति पर दी गई याचिका का उल्लेख करते हुए दावा किया कि भाजपा और आप ने मिलकर दिल्ली को कोविड के समय ‘कुशासन’ का एक उदाहरण बना दिया है.

गौरतलब है कि बुधवार को दिल्ली में कोविड-19 (COVID-19) के 1501 नये मरीज सामने आने के साथ ही यहां इस महामारी के मामले बढ़कर 32000 हो गये. यहां अब तक 984 लोग इस संक्रमण से अपनी जान गंवा चुके हैं. सिंघवी ने कहा, ‘‘ आज की स्थिति में अस्पतालों में बेड उपलब्ध नहीं है. पर्याप्त स्तर पर कोविड जांच नहीं हो रही है. शवों के अंतिम संस्कार के लिए कतार लगी हुई है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘ हमारी मांग है कि अस्पतालों के 70 फीसदी बेड कोविड मरीजों के लिए आरक्षित होने चाहिए क्योंकि दिल्ली सरकार खुद कह रही है कि इस महीने और जुलाई में मामले बहुत बढ़ने वाले हैं.’’ सिंघवी के मुताबिक अगर हर 100 लोगों में से जांच में औसतन 27 के संक्रमित होने की पुष्टि हो रही है तो आप जांच कम कैसे कर सकते हैं? अगर मामले बढ़ रहे हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि आप जांच सीमित करके स्थिति को झुठला देंगे. कई लैब को धमकी दी गई कि ज्यादा जांच नहीं की जाएं.

उन्होंने कहा, ‘‘अगर लोगों को अपने प्रियजनों के अंतिम संस्कार के लिए कतार लगानी पड़ेगी तो यह दुर्भाग्यपूर्ण और शर्मनाक है. हमारी मांग है कि अंतिम संस्कार के लिए अतिरिक्त जगह एवं सुविधाएं बढ़ाई जाए.’’

कांग्रेस नेता ने कहा कि महेश वर्मा समिति ने सिफारिश की है कि जुलाई के मध्य तक 42 हजार बेड की जरूरत होगी और इनमें से 20 फीसदी बेड वेंटिलेटर के साथ चाहिए. दूसरी तरफ दिल्ली में फिलहाल 8600 बेड हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार को एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बजाय इस वक्त स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए.

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौधरी अनिल कुमार ने दिल्ली में कोरोना संकट से जुड़ी स्थिति बेकाबू होने का दावा किया और आरोप लगाया कि केंद्र और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल आपसी लड़ाई से दिल्ली के लोगों को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा, ‘‘स्थिति सरकार के हाथ से बाहर हो चुकी है. दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल स्थिति पर चिंता प्रकट करते हैं, लेकिन समाधान की बात नहीं करते हैं. केजरीवाल सरकार पूरी तरफ विफल रही है.’’ अनिल कुमार ने दावा किया, ‘‘दिल्ली के लोगों ने अपना बेटा मानकर केजरीवाल को बड़ा बहुमत दिया था, लेकिन वह इस संकट के समय जीरो साबित हुए हैं.’’

विमान से घर पहुंचे प्रवासी कामगारों ने कहा कि’अल्लाह के बाद अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) का शुक्रिया’

सुपरस्टार अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) की पहल पर मुंबई (Mumbai) में फंसे 180 प्रवासी कामगारों (Migrant Labours) को लेकर बृहस्पतिवार की सुबह एक विशेष विमान लखनऊ (Lucknow) पहुंचा. पहली बार विमान में बैठने वाले प्रवासी कामगार सुबह लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरे तो उनके चेहरे पर घर वापसी का सुकून साफ झलक रहा था.

हवाई अड्डे के बाहर आए सभी कामगारों और उनके परिजनों ने सिने अभिनेता अमिताभ बच्‍चन का दिल से शुक्रिया अदा किया और कुछ ने उनके लंबे जीवन की कामना भी की. मुंबई से आये इन प्रवासियों में अधिकतर गोंडा, अंबेडकर नगर, उन्नाव के रहने वाले हैं. विमान सुबह करीब दस बजे स्थानीय हवाई अड्डे पर उतरा और जांच आदि के बाद सभी यात्री बाहर निकले.

मुंबई के बांद्रा इलाके में एक मस्जिद में बतौर इमाम काम करने वाले अब्दुल जलील खान ने बताया कि ‘हम लॉकडाउन के बाद से ही परिवार समेत वहां फंसे थे.  ट्रेन से आने के लिये रजिस्ट्रेशन भी कराया, लेकिन कभी नंबर ही नही आया . ’’ खान नेबताया, जब उसे पता चला कि माहिम ट्रस्ट और हाजी अली दरगाह की तरफ से अमिताभ बच्चन साहब लोगों को घर भेजने का इंतजाम कर रहे हैं तो उन्होंने भी वहां फॉर्म भरा और अब मैं परिवार सहित यहां पहुंच गया हूं, मैं मस्जिद का इमाम हूं और हर नमाज में अमिताभ जी की लंबी सेहत के लिये खुदा से दुआ करूंगा.’

यहां पहुंचने के के बाद दर्जी का काम करने वाले उन्नाव जिले के इलियास ने बताया, ‘‘लॉकडाउन में खाने के लाले पड़ गये थे.  न ट्रेन में जगह मिल रही थी और न ही पैसे बचे थे. किसी दोस्त के जरिये बच्चन साहब के इंतजाम बारे में मालूम हुआ. हमने भी दरख्वास्त लगवायी और हवाई जहाज में पहली बार बैठ कर हम यहां आ गये. अल्लाह के शुक के साथ साथ अमिताभ साहब का भी शुक्रिया जो उन्होंने मुझे मेरे घर पहुंचा दिया. अब मैं अपने परिवार से मिल सकूंगा.’  इसी प्रकार की कहानी गोंडा के तारिक सलमानी, उन्नाव के मोहम्मद जाफर, गोंडा के मोहम्मद अच्छन, गोंडा ही के आरिफ सलमानी, मौलाना इजलास आदि ने भी सुनाई.  इन सब लोगों के चेहरे पर घर आने के साथ साथ हवाई यात्रा करने की भी खुशी थी. इन लोगों ने बिना किसी खर्च के हवाई चप्पल में हवाई यात्रा की.

मुंबई से प्रवासी मजदूरों को लेकर गुरुवार सुबह 10 बजे इंडिगो एयरलांइस का एक विशेष विमान चौधरी चरण सिंह हवाई अड्डे पर उतरा. एयरपोर्ट निदेशक ए के शर्मा ने बताया कि इस विशेष विमान में 180 यात्री और पांच विमान चालक दल के सदस्य सवार थे.

गौरतलब है कि बिग बी (Big B) मुंबई से प्रवासियों के लिए स्पेशल ट्रेनें चलवाने का प्रयास कर रहे थे, लेकिन उनके प्रस्ताव को इजाजत नहीं मिली. जिसके बाद बच्चन ने पूरा विमान बुक कर प्रवासियों को उनके घर भेजने का जिम्मा उठाया.इससे पहले बुधवार को मुंबई से गोरखपुर और प्रयागराज में भी एक एक विमान प्रवासी मजदूरों को लेकर आया.

COVID-19 : दिहाड़ी मजदूरों की मदद के लिए आगे आयी कैटरीना कैफ (katrina kaif), किया ये ऐलान

कोरोना वायरस (Coronavirus) के चलते देशभर में लॉकडाउन की स्थिति है. ऐसे में दिहाड़ी मज़दूरों का बुरा हाल है। जो काम धंधा बंद होने के कारण बेहद परेशान हैं, उनके सामने भुखमरी की नौबत आ गयी है. इस मुश्किल घड़ी में बॉलीवुड अभिनेत्री  कैटरीना कैफ (katrina kaif) ने इन दिहाड़ी मजदूरों की सहायता का बीड़ा उठाया है. हाल ही कैटरीना ने सोशल मीडिया अकाउंट पर ऐलान किया कि वे अपने ब्यूटी ब्रांड के जरिए डेली वेज वर्कर्स की मदद करेंगी.

कैटरीना ने ऐलान किया कि वह महाराष्ट्र के भंडारा जिले के दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों की मदद करेंगी. इसमें भोजन और सेनेटरी से जुड़ी सामग्रियां शामिल हैं. कैटरीना ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर इस बात की जानकारी दी. साथ ही उन्होंने अपने फैंस से यह आग्रह किया कि जरूरत के समय हर मदद मायने रखती है.

आपको बता दें कि बॉलीवुड अभिनेता शाहिद कपूर भी बैकग्राउंड डासर्स की मदद के लिए आगे आए हैं. उन्होंने उनके साथ काम कर चुके सभी डासर्स के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर करवाए हैं. साथ ही उन्होंने करीब 40 डासर्स से 2—3 महीने तक उनका समर्थन और उन्हें सहारा देने का वादा किया है. वहीं  इससे पहले प्रियंका चोपड़ा ने भी कोरोनो वायरस महामारी के बीच हेल्थकेयर कार्यकर्ताओं को 10000 फुटवियर देने का संकल्प लिया था. एक प्रेस स्टेटमेंट में उन्होंने कहा था कि, “देश भर में हेल्थकेयर पेशेवर हमारे सच्चे सुपरहीरो हैं, हमारी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर दिन वे काम कर रहे हैं और हमारे लिए लड़ रहे हैं. उनकी हिम्मत, प्रतिबद्धता और बलिदान के चलते ही इस वैश्विक महामारी से असंख्य जीवन बच रहे हैं. प्रियंका ने कहा कि, हालांकि हम कल्पना भी नहीं कर सकते हैं कि उन्हें अपने जूते में क्या पंसद है, कम से कम उन्हें कुछ ऐसा दे सकते हैं जिसमें वह सहज महसूस करें. उनके वर्क नेचर को देखते हुए उनके पास अपने लिए आसान से साफ-सुथरे जूते और परिधान होने चाहिए.

Palghar Lynching Case: केंद्र, महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) का नोटिस 

उच्चतम न्यायालय(Supreme Court) ने महाराष्ट्र (Maharashtra) के पालघर (Palghar) में भीड़ की हिंसा में दो साधुओं की मौत की केंद्रीय जांच ब्यूरो – सीबीआई (Central Bureau of Investigation -CBI)) या राष्ट्रीय जांच एजेंसी -एनआईए (National Investigation Agency -NIA) से जांच कराये जाने संबंधी याचिका पर केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra government) से गुरुवार को जवाब तलब किया.

न्यायमूर्ति अशोक भूषण, न्यायमूर्ति एम आर शाह और न्यायमूर्ति वी. रमासुब्रमण्यन की खंडपीठ ने महंत श्रद्धानन्द सरस्वती एवं अन्य तथा घनश्याम उपाध्याय की अलग-अलग याचिकाओं की संयुक्त सुनवाई करते हुए केंद्र, राज्य सरकार एवं अन्य पक्षकारों को भी नोटिस जारी किये.
खंडपीठ ने सभी पक्षकारों को नोटिस के जवाब के लिए दो सप्ताह का समय दिया है. न्यायालय ने हालांकि मामले की अगली सुनवाई के लिए जुलाई के दूसरे सप्ताह की तारीख मुकर्रर की है. गौरतलब है कि 20 जून से पांच जुलाई तक ग्रीष्मावकाश है.
महंत श्रद्धानंद सरस्वती ने जहां महाराष्ट्र सरकार को मुख्य प्रतिवादी बनाया है और घटना की सीबीआई जांच की मांग की है वहीं दूसरे याचिकाकर्ता घनश्याम उपाध्याय ने केंद्र सरकार को प्रथम पक्षकार बनाया है तथा एनआईए जांच की गुहार लगायी है.
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्हें राज्य सरकार की पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है, इसलिए सीबीआई या एनआईए जांच कराये जाने के निर्देश दिये जायें. याचिका में कहा गया है कि इस हत्या के मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है, इसलिए मामले की जांच महाराष्ट्र पुलिस सही से करेगी यह संदेह है, इसलिए सीबीआई को इसकी जांच सौंपी जाए.

सुनवाई के शुरू में महंत स्वामी श्रद्धानंद सरस्वती एवं छह अन्य संतों की ओर से पेश वकील बालाजी श्रीनिवासन ने मामले की गंभीरता का हवाला देते हुए त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया. श्री श्रीनिवासन ने दलील दी कि इस घटना के गवाहों की या तो हत्या की जा रही है या ये लापता होते जा रहे हैं इसलिए शीर्ष अदालत को सुनवाई के लिए जल्दी कोई तारीख मुकर्रर करनी चाहिए.
महाराष्ट्र सरकार के वकील ने इन दलीलों का पुरजोर विरोध किया और कहा कि मामले की जांच हस्तांतरित करने संबंधी इन याचिकाओं पर शीर्ष अदालत द्वारा सुनवाई किये जाने की कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि बॉम्बे उच्च न्यायालय में ऐसी ही याचिका लंबित है.
इस पर न्यायमूर्ति भूषण ने कहा, “आपको (महाराष्ट्र सरकार को) जो भी कहना है, हलफनामा में कहिए. हम नोटिस जारी कर रहे हैं और इसके जवाब के लिए दो सप्ताह का समय देते हैं.”
गौरतलब है कि इससे पहले एक मई को इस मामले में अन्य याचिका पर सुनवाई हुई थी, जिसमें न्यायालय ने महाराष्ट्र पुलिस को जांच की स्थिति रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था. न्यायमूर्ति भूषण और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की पीठ ने इस मामले में महाराष्ट्र सरकार को चार हफ्ते में जवाब देने के लिए कहा था. पालघर में भीड़ ने दो साधुओं- कल्पवृक्षगिरी (Chikne Maharaj Kalpavrukshagiri), सुशीलगिरी महाराज (Sushil Giri Maharaj) और उनके ड्राइवर की पीट-पीट कर नृशंस हत्या कर दी थी.

देश में एक दिन में Coronavirus से करीब 10 हजार लोग संक्रमित, 357 की मौत

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के दैनिक आंकड़ों में लगातार वृद्धि हो रही है और पिछले 24 घंटों के दौरान करीब 10 हजार नये मामले सामने आये हैं जिससे संक्रमितों की संख्या बढ़कर 286579 हो गयी तथा इस महामारी से अब तक करीब 8102 लोगों की मौत हो गयी है.

केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से गुरुवार को जारी आंकड़ों के मुताबिक 9996 नये मामलों को मिलाकर देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 286579 हो गयी है जबकि इस बीमारी से 357 लोगों की मौत होने से मृतकों का आंकड़ा 8102 पर पहुंच गया है. देश में इस समय कोरोना के 137448 सक्रिय मामले हैं, जबकि 141029 लोग इस महामारी से निजात पाने में कामयाब हुए हैं.

महाराष्ट्र (Maharashtra) इस महामारी से देश में सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. राज्य में पिछले 24 घंटों में 3254 नये मामले दर्ज किये गये हैं और 149 लोगों की मौत हुई है जिसके साथ ही राज्य में इससे प्रभावित होने वाले लोगों की कुल संख्या बढ़कर 94041 तथा इस जानलेवा विषाणु से मरने वालों की संख्या बढ़कर 3438 हो गयी है. इस दौरान राज्य में 1879 लोग रोगमुक्त हुए है जिससे स्वस्थ होने वालों की कुल संख्या 44517 हो गयी है.

कोरोना वायरस से प्रभावित होने के मामले में तमिलनाडु दूसरे पायदान पर है, जहां संक्रमितों की संख्या 36841 पर पहुंच गयी है तथा 326 लोगों की मृत्यु हुई है जबकि 19333 लोगों को उपचार के बाद विभिन्न अस्पतालों से छुट्टी दी जा चुकी है.

कोरोना के कारण राष्ट्रीय राजधानी की लगातार बिगड़ती जा रही है और देश में यह संक्रमितों की संख्या के मामले में तीसरे स्थान पर है. दिल्ली में 32810 लोग संक्रमित हुए हैं तथा 984 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 12245 मरीजों को उपचार के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई है.

देश का पश्चिमी राज्य गुजरात कोविड-19 से प्रभावित होने के मामले में चौथे स्थान पर है, लेकिन मृतकों की संख्या के मामले में राज्य महाराष्ट्र के बाद दूसरे स्थान पर है. गुजरात में अब तक 21521 लोग इससे संक्रमित हुए हैं तथा 1347 लोगों ने जान गंवाई है. इसके अलावा 14735 लोग इस बीमारी से उबरने में कामयाब हुए हैं.

आबादी के हिसाब से देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में अब तक 11610 कोरोना वायरस की चपेट में आए हैं तथा 321 लोगों की मौत हुई है जबकि 6871 लोग इससे ठीक हुए हैं.राजस्थान में भी कोरोना का प्रकोप जोरों पर है और यहां संक्रमितों की संख्या 11600 हो गयी है तथा 259 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 8569 लोग पूरी तरह ठीक हुए हैं.

मध्य प्रदेश में 10049 लोग कोरोना संक्रमित हुए हैं तथा 427 लोगों की इससे मौत हो गयी है जबकि 6892 लोग संक्रमणमुक्त हुए हैं.पश्चिम बंगाल में 9328 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हुए हैं तथा 432 लोगों की मौत हो चुकी है और अब तक 3779 लोग ठीक हुए है.

दक्षिण भारतीय राज्य आंध्र प्रदेश में 5269 और कर्नाटक में 6041 लोग संक्रमित हुए हैं तथा इन राज्यों में इससे मरने वालों की संख्या क्रमश: 78 और 69 है. केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में संक्रमितों की संख्या बढ़कर 4507 हो गई है और 51 लोगों की मृत्यु हुई है. पंजाब में 55, हरियाणा में 52 , बिहार में 33 , केरल में 18, उत्तराखंड में 15, ओडिशा में नौ, झारखंड में आठ, छत्तीसगढ़ और हिमाचल प्रदेश में छह, चंडीगढ़ में पांच, असम में चार तथा त्रिपुरा, लद्दाख और मेघालय में इस महामारी से एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है.