Uttar Pradesh : बहराइच में तेंदुए ने मचाया आतंक, दारोगा सहित 6 लोगों को किया घायल
COVID-19 Crisis : ब्राजील-अमेरिका के बाद भारत में सबसे तेज़ी से बढ़े कोरोना के मामले, 24 घंटे में करीब 10 हजार मामले आए सामने
देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों की संख्या सवा दो लाख पहुंच गई है. शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 2 लाख 26 हजार 770 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसमें से 6348 की मौत हो चुकी है, जबकि एक लाख 9 हजार लोग ठीक भी हुए हैं. देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 9851 नए केस आए सामने आए हैं और 273 मौतें हुईं.
कोरोना ने पकड़ी रफ़्तार
भारत (India) में मामले बढ़ने की रफ्तार दुनिया में तीसरे नंबर पर आ गई है. बुधवार को ब्राजील(Brazil) में 27,312 और अमेरिका (America) में 20,578 नए मामले आए, जबकि रूस(Russia) में 8536 नए मामले आए. इसका सीधा मतलब है कि एक दिन में नए मामलों की बढ़ोतरी में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है. भारत में आज 9851 नए केस सामने आए हैं. अमेरिका, ब्राजील, रूस, ब्रिटेन (Britain), स्पेन (Spain) और इटली (Italy) के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में भारत सातवें स्थान पर है.
किस राज्य में कितनी मौतें हुईं?
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र (Maharashtra) में 2710, गुजरात (Gujarat) में 1155, दिल्ली (Delhi) में 650, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 377, पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 355, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 245, तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 220, राजस्थान (Rajsathan) में 213, तेलंगाना (Telangana ) में 105, आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में 71, कर्नाटक (Karnataka) में 57, पंजाब (Punjab) में 47, जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में 35, बिहार (Bihar) में 29, हरियाणा (Haryana) में 24, केरल (Kerala) में 14, झारखंड (Jharkhand) में 6, ओडिशा (Odisha) में 7, असम (Assam) में 4, हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में 5, मेघालय (Meghalaya) में 1 मौत हुई है.
आपको बता दें कि कोरोना महामारी के बीच बहुत कुछ बदल चुका है और बहुत कुछ अभी बदलने वाला है. अब आपकी आस्था और भक्ति का तौर-तरीका भी बदलने वाला है जिसकी शुरुआत 8 जून से हो रही है. आठ जून से कंटेनमेंट जोन से बाहर देश के धार्मिक स्थल खोले जाने की सरकार ने इजाजत दी है. लेकिन मंदिरों में अब न श्रद्धालुओं को प्रसाद मिलेगा और न चरणामृत बांटा जाएगा. 8 जून से धार्मिक स्थल खोले जाने को लेकर केंद्र सरकार की जो नई गाइडलाइन आई है, उसमें कई तरह की पाबंदियाँ लगाई गई हैं.
कर्नाटक(Karnataka) के हम्पी (Hampi) और झारखंड (Jharkhand) में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर इतनी थी तीव्रता
देश में एक बार फिर भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. कर्नाटक (Karnataka) के हम्पी (Hampi) में आज सुबह 06:55 पर रिक्टर स्केल पर 4.0 की तीव्रता का भूकंप आया. वहीं इसी समय पर झारखंड (Jharkhand) के जमशेदपुर (Jamshedpur) में रिक्टर स्केल पर 4.7 की तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. हालांकि अभी तक किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
भूकंप क्यों आता है, इसके लिए सबसे पहले ज़रूरी है धरती की बनावट को समझना. धरती की बनावट को मुख्य रूप से चार हिस्सों में बांटा जा सकता है. इनर कोर, आउटर कोर, मेटल और क्रस्ट. इसमें से भूकंप का लेना देना सिर्फ क्रस्ट से है. बाकी के तीन हिस्सों का इससे कोई लेना देना नहीं है. क्रस्ट धरती की सबसे ऊपरी परत होती है, जो हमें आपको नंगी आंखों दिखाई देती है. धरती पर मौजूद नदियां, समंदर, पर्वत, पहाड़, पठार सब इसी क्रस्ट का हिस्सा हैं. समंदर के नीचे की ज़मीन भी इसी क्रस्ट का हिस्सा है. मतलब ये है कि हम और आप जितना सोच सकते हैं, इस परत की गहराई उससे कई गुना ज्यादा है.
प्लेट टैक्टॉनिक थ्योरी के मुताबिक इस क्रस्ट में होती हैं प्लेट्स, जो आपस में जुड़ी होती हैं. इनको कहते हैं टेक्टॉनिक प्लेट्स. संख्या में ये एक दर्जन से ज्यादा हैं. ये प्लेट्स महाद्वीपों में हैं, महासागरों में हैं और महाद्वीप-महासागर जहां मिलते हैं, वहां भी हैं. ये अंदर ही अंदर हिलती डुलती रहती हैं. अब अगर ये थोड़ा बहुत हिलती हैं तो किसी को पता भी नहीं चलता है, लेकिन अगर ये ज्यादा हिल जाती हैं तो असर ऊपर तक दिखने लगता है. यही भूकंप होता. प्लेट्स जहां-जहां जुड़ी होती हैं, वहां-वहां टकराव ज्यादा होता है और उन्हीं इलाकों में भूकंप ज्यादा आता भी है.
धरती पर जो भी बड़े-बड़े पहाड़ दिख रहे हैं, वो सब के सब प्लेट्स के टकराने से ही बने हैं. ये प्लेट्स कभी आमने-सामने टकराती हैं तो कभी ऊपर नीचे टकराती हैं तो कभी आड़े-तिरछे भी टकरा जाती हैं. और जब-जब ये टकराती हैं, भूकंप आ जाता है. ये भूकंप आता है तो धरती हिलती है. और इस हिलने से कभी ज़मीन फट जाती है, तो कभी मकान गिर जाते हैं तो कभी पेड़-पौधे बर्बाद हो जाते हैं. वहीं अगर ये भूकंप समंदर के नीचे वाली प्लेट्स के हिलने से आते हैं तो फिर समंदर में सुनामी आती है और समंदर की लहरें अपने आस-पास के इलाके को बर्बाद कर देती हैं.
बासु चटर्जी (Basu Chatterjee) के निधन पर बॉलीवुड सितारों ने जताया शोक, अमितभ ने कहा – याद आता है ‘रिम झिम गिरे सावन…’
अपनी खट्टी-मीठी फिल्मों के जरिये सिने प्रेमियों के दिल पर अमिट छाप छोड़ने वाले प्रख्यात फिल्मकार बासु चटर्जी (Basu Chatterjee) के निधन पर बॉलीवुड के सितारों ने शोक व्यक्त किया है.
रोमांटिक और गुदगुदाती फिल्में बनाने वाले मशहूर निर्देशक बासु चटर्जी के निधन के बाद पूरे बॉलीवुड जगत में शोक का माहौल है. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने ट्वीट कर लिखा, “बासु चटर्जी के निधन पर मेरी सांत्वनाएं और सहानुभूति. एक शांत, मृदुभाषी, सज्जन व्यक्ति. उनकी फिल्में मध्य भारत को परिलक्षित करती थीं. उनके साथ मैंने मंजिल में काम किया था. बहुत दुख हो रहा है. इस माहौल में उनका गाना रिमझिम गिरे सावन याद आता था.”
T 3552 – Prayers and Condolences on the passing of Basu Chatterjee .. a quiet, soft spoken, gentle human .. his films reflected the lives of middle India .. did ‘MANZIL’ with him .. a sad loss .. 🙏
.. in these climes often remembered for ‘rim jhim gire saawan’— Amitabh Bachchan (@SrBachchan) June 4, 2020
बासु चटर्जी के निधन की खबर से शबाना आज़मी (Shabana Azmi) काफी दुखी हैं. अपना दुख जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा है, “अंदर से काफी दुखी हूं बासू चटर्जी के निधन की खबर से. कई फिल्में देने वाले फिल्ममेकर. मेरा सौभाग्य था उनके साथ तीन प्यारी फिल्में ‘स्वामी’, ‘अपने पराए’ और ‘जीना यहां’ की हैं. सभी जिंदगी से भरे किरदार.”
Deeply saddened to hear about Basu Chatterjee’s passing away.A prolific filmaker, he was the pioneer of what came to be regarded as middle of the road cinema. I was fortunate to have done 3 lovely films with him Swami Apne Paraye and Jeena Yahan. All lifelike characters .RIP pic.twitter.com/tAN5vaTZiY
— Azmi Shabana (@AzmiShabana) June 4, 2020
दिव्या दत्ता (Divya Dutta) ने अपने ट्वीट में लिखा, “हे भगवान, रेस्ट इन पीस बासु चटर्जी. शुक्रिया उन मुस्कुराहटों और उन फिल्मों के लिए जो हमें हमेशा अच्छा महसूस कराती थीं… और उस सिम्पलिसिटी के लिए भी. शुक्रिया फिल्मों में खट्टा-मीठा फ्लेवर डालने के लिए. आप बहुत याद आएंगे दादा.”
O god!! RIP #basuchatterji.. Thankyou for those smiles and amazingly feel good films.. and the simplicity..Thankyou for adding the #khattameetha flavour to movies! You will be missed dada!
— Divya Dutta (@divyadutta25) June 4, 2020
जिम्मी शेरगिल (Jimmy Sheirgill) ने भी बासु के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा, “आपकी रूह की सुकून मिले बासु दा. परिवार को मेरी सहानुभूति.” ये बहुत बुरा वक्त है. मधुर भंडारकर ने ट्वीट किया कि वेटरन फिल्ममेकर बासु चटर्जी की निधन की खबर सुनकर दुख हुआ. वह हमेशा अपनी लाइट हॉर्टेड कॉमेडी और सिंपल फिल्मों के लिए याद रखे जाएंगे. फिल्ममेकर सुजॉय घोष ने लिखा, “बासु चल गए. मेरे हिसाब से बहुत कम लोग जीवन के हल्के पक्ष को देखते हैं जैसे उन्होंने किया था. उनकी सभी फिल्मों में चेहरे पर मुस्कान होती है. मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं, इसे साबित करने के लिए मेरे पास ‘कहानी 2’ है.”
#RIPBasuchaterjee Rest in peace Basu Da .. condolences to the family .. sad times these
— Jimmy sheirgill (@jimmysheirgill) June 4, 2020
Gujarat में राज्यसभा चुनाव से पहले हाइवोल्टेज ड्रामा, Congress के दो और विधायकों का इस्तीफा
कोरोना नहीं, अत्यधिक गर्मी के कारण ब्रेन हेमरेज से हुई थी चमगादड़ों की मौत
COVID-19: देश में एक दिन में सबसे ज्यादा 9,304 नए मामले, मृतकों की संख्या 6,075 पहुंची
महाराष्ट्र : कोरोना संक्रमण के मामले 70,000 के पार, 24 घंटे में 2361 नए मामले, मुंबई में 40 की मौत
देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के कुल मामले बढ़कर सोमवार को 1.90 लाख से अधिक हो गए हैं. साथ ही देश में अब तक 5394 लोगों की मौत भी हो चुकी है. महाराष्ट्र (Maharashtra) कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित राज्य है. पिछले 24 घंटे में महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) के 2361 नए केस सामने आए हैं. इस दौरान 76 लोगों की मौत हुई है. इसके बाद राज्य में कोविड 19 के कुल मामले बढ़कर 70 हजार के पार हो गए हैं.
महाराष्ट्र (maharashtra covid 19) में अब तक कोरोना वायरस के कुल 70,013 केस सामने आ चुके हैं. साथ ही 2362 लोगों की मौत इस जानलेवा वायरस से हुई है. राज्य में कुल सक्रिय मामलों की संख्या 37,534 है.
Maharashtra’s COVID19 case count rises to 70,013 with
76 deaths & 2361 new cases reported today; total death toll 2362: State Health Department pic.twitter.com/JYKHtPbuoi— ANI (@ANI) June 1, 2020
मुंबई (Mumbai corona case) में स्थिति बेहद खराब है. मुंबई में कोरोना वायरस के कुल केस की संख्या बढ़कर अब 41099 हो गई है. इसके साथ ही शहर में अब तक 1319 लोगों की जान इससे गई है. राज्य में पिछले 24 घंटों में हुईं 76 लोगों की मौत में से 40 की जान सिर्फ मुंबई में ही गई है. वहीं महाराष्ट्र में कोरोना वायरस के कारण मृत्यु दर 3.37 फीसदी है.
अब रेहड़ी-पटरी वालों को भी मिलेगा लोन, ‘पीएम स्वनिधि’ योजना से 50 लाख लोगों को होगा फायदा
प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एमएसएमई (MSME) की परिभाषा तो बदली ही गई है, अब इसकी परिभाषा का दायरा भी बढ़ाया गया है. एमएसएमई में ये संशोधन 14 साल बाद हुए हैं. 20 हजार करोड़ रुपये के अधीनस्थ कर्ज के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसी के साथ 50 हजार करोड़ के इक्विटी निवेश को भी मंजूरी दी गई है. नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि एमएसएमई को लेकर दो फंड बनाए गए हैं. पहला डिस्ट्रेस एसेसमेंट फंड (Distress Assessment Fund) जिसमें 4 हजार करोड़ का प्रावधान है जबकि दूसरे को फंड ऑफ फंड्स (Fund of Funds ) कहा गया है जो 50 हजार करोड़ रुपये का है. इन दोनों शेयरों को बहुत जल्द शेयर मार्केट (Stock Market) में सूचीबद्ध (List) किया जाएगा. नितिन गडकरी ने कहा कि एमएसएमई अभी कठिन दौर से गुजर रहा है. देश में 6 करोड़ एमएसएमई हैं जिनमें 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी मिली है. उन्होंने कहा, एमएसएमई की मजबूती से निर्यात बढ़ेगा. 25 लाख एमएसएमई के पुनर्गठन की उम्मीद है. मजबूत एमएसएई के 15 फीसदी इक्विटी खरीदने की योजना है. कमजोर उद्योगों को उबारने के लिए 4 हजार करोड़ का फंड दिया गया है. गडकरी ने कहा कि एमएसएमई के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं. एमएसएमई से 6 करोड़ छोटे कारोबारी जुड़े हैं, जिन्हें इस योजना से बड़ा लाभ मिलेगा. 2 लाख एमएसएमई नए फंड से फिर शुरू हो जाएंगे.PM Street Vendor’s AtmaNirbhar Nidhi (PM SVANidhi) is a very special scheme. For the first time, our street vendors are a part of a livelihood programme. This scheme will ensure support for street vendors. It harnesses technology and emphasises on capacity building.
— Narendra Modi (@narendramodi) June 1, 2020
Coronavirus Lockdown: मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, 14 फसलों में 50-83% ज्यादा मिलेगा दाम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) की अध्यक्षता में सोमवार को केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक हुई. दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक थी. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिसमें कठिन दौर से गुजर रहे MSME सेक्टर की हालत दुरुस्त करने के लिए 20 हजार करोड़ लोन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली. वहीं, किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने 14 फसलों में 50 से 83 फीसदी तक ज्यादा दाम देने का फैसला किया है.
कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ( Narendra Tomar) ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में बड़ी बढ़ोतरी की गई है. किसानों के लिए सरकार की तरफ से यह बड़ा ऐलान है. मक्का के समर्थन मूल्य में 53 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. तूअर और मूंग में 58 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. तोमर ने कहा कि 14 फसल ऐसी हैं, जिसमें किसानों को 50 से 83 फीसदी तक ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जाएगा.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि ब्याज छूट योजना के तहत 31अगस्त तक जो किसान अपनी ऋण अदायगी करेगा, उसको 4% ब्याज पर ही कर्जा मिलेगा. अभी तक सरकार ने 360 लाख मिट्रिक टन गेहूं, 95 लाख मिट्रिक टन धान और 16.07 लाख मिट्रिक टन दाल खरीदा है.
#WATCH LIVE: Union Ministers Prakash Javadekar, Nitin Gadkari and Narendra Tomar address the media in Delhi on Union Cabinet’s decisions. https://t.co/dXb03vBuEJ
— ANI (@ANI) June 1, 2020
वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने कहा कि किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कुल लागत का डेढ़ गुना ज्यादा रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है. खरीफ फसल 20-21 के 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी कर दिया गया है. इन 14 फसलों पर किसानों को लागत का 50-83% तक ज्यादा दाम हासिल होगा
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि देश में 6 करोड़ MSME हैं. MSME से देश में 11 करोड़ से ज्यादा नौकरी मिली है. 25 लाख MSME के पुर्नगठन की उम्मीद है. छोटे सेक्टर में टर्नओवर सीमा 50 करोड़ किया है. गडकरी ने कहा कि MSME अभी कठिन दौर से गुजर रहा है. 2 लाख MSME नए फंड से शुरू किए जाएंगे. कमजोर उद्योगों को उभारने के लिए 4 हजार करोड़ के फंड को मंजूरी मिली है.

