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Uttar Pradesh : बहराइच में तेंदुए ने मचाया आतंक, दारोगा सहित 6 लोगों को किया घायल

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh)  के बहराइच जिले (Bahraich District) के कतर्नियाघाट वन्यजीव रेंज क्षेत्र में तेंदुए और बाघ राहगीरों और ग्रामीणों को अपना शिकार बना रहे हैं.ताजा मामला के मुर्तिहा इलाके का है. जहां पर गश्त पर निकले दारोगा और वनकर्मी समेत 6 लोगों को तेंदुए ने घायल कर दिया.
वहीं जब वनकर्मियों के चीखने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे अन्य राहगीरों को भी तेंदुए ने घायल किया है. सभी घायलों का इलाज नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है. बताया जा रहा है कि इलाकाई दारोगा राजकुमार हमराही के साथ गश्त पर थे, तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे तेंदुए ने हमला कर दिया. अचानक हुए तेंदुए के हमले में छह लोग जख्मी हो गए हैं. मिली जानकारी के मुताबिक, सभी घायलों को 10-10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि दी गई है.
सूचना पाने के बाद मौके पर पहुंचे डब्लूडब्लूएफ (WWF) के कर्मचारी और वनकर्मी तेंदुए को पकड़ने की कोशिश में जुट गए. हालांकि काफी देर तक ये मामला बहराइच और लखीमपुर के बीच सीमा विवाद को लेकर भी फंसा रहा, लेकिन आखिरकार अब कतर्नियाघाट वन्यजीव की टीम और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के अधिकारी मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पिंजरे में कैद करने की कवायद की.

COVID-19 Crisis : ब्राजील-अमेरिका के बाद भारत में सबसे तेज़ी से बढ़े कोरोना के मामले, 24 घंटे में करीब 10 हजार मामले आए सामने

देश में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों की संख्या सवा दो लाख पहुंच गई है. शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अबतक 2 लाख 26 हजार 770 लोग कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं. इसमें से 6348 की मौत हो चुकी है, जबकि एक लाख 9 हजार लोग ठीक भी हुए हैं. देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना वायरस के 9851 नए केस आए सामने आए हैं और 273 मौतें हुईं.

कोरोना ने पकड़ी रफ़्तार 
भारत (India) में मामले बढ़ने की रफ्तार दुनिया में तीसरे नंबर पर आ गई है. बुधवार को ब्राजील(Brazil) में 27,312 और अमेरिका (America) में 20,578 नए मामले आए, जबकि रूस(Russia) में 8536 नए मामले आए. इसका सीधा मतलब है कि एक दिन में नए मामलों की बढ़ोतरी में भारत दुनिया में तीसरे नंबर पर पहुंच गया है. भारत में आज 9851 नए केस सामने आए हैं. अमेरिका, ब्राजील, रूस, ब्रिटेन (Britain), स्पेन (Spain) और इटली (Italy) के बाद कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित देशों में भारत सातवें स्थान पर है.

किस राज्य में कितनी मौतें हुईं?
स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, महाराष्ट्र (Maharashtra) में 2710, गुजरात (Gujarat) में 1155, दिल्ली (Delhi) में 650, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में 377, पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 355, उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में 245, तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 220, राजस्थान (Rajsathan) में 213, तेलंगाना (Telangana ) में 105, आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में 71, कर्नाटक (Karnataka) में 57, पंजाब (Punjab) में 47, जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir) में 35, बिहार (Bihar) में 29, हरियाणा (Haryana) में 24, केरल (Kerala) में 14, झारखंड (Jharkhand) में 6, ओडिशा (Odisha) में 7, असम (Assam) में 4, हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में 5, मेघालय (Meghalaya) में 1 मौत हुई है.

आपको बता दें कि कोरोना महामारी के बीच बहुत कुछ बदल चुका है और बहुत कुछ अभी बदलने वाला है. अब आपकी आस्था और भक्ति का तौर-तरीका भी बदलने वाला है जिसकी शुरुआत 8 जून से हो रही है. आठ जून से कंटेनमेंट जोन से बाहर देश के धार्मिक स्थल खोले जाने की सरकार ने इजाजत दी है. लेकिन मंदिरों में अब न श्रद्धालुओं को  प्रसाद मिलेगा और न  चरणामृत बांटा जाएगा. 8 जून से धार्मिक स्थल खोले जाने को लेकर केंद्र सरकार की जो नई गाइडलाइन आई है, उसमें कई तरह की पाबंदियाँ लगाई गई हैं.

कर्नाटक(Karnataka) के हम्पी (Hampi) और झारखंड (Jharkhand) में महसूस किए गए भूकंप के झटके, रिक्टर स्केल पर इतनी थी तीव्रता

देश में एक बार फिर भूकंप (Earthquake) के झटके महसूस किए गए हैं. कर्नाटक (Karnataka) के हम्पी (Hampi) में आज सुबह 06:55 पर रिक्टर स्केल पर 4.0 की तीव्रता का भूकंप आया. वहीं इसी समय पर झारखंड (Jharkhand) के जमशेदपुर (Jamshedpur) में रिक्टर स्केल पर 4.7 की तीव्रता का भूकंप महसूस किया गया. हालांकि अभी तक किसी तरह के नुकसान की कोई खबर नहीं है.

भूकंप क्यों आता है, इसके लिए सबसे पहले ज़रूरी है धरती की बनावट को समझना. धरती की बनावट को मुख्य रूप से चार हिस्सों में बांटा जा सकता है. इनर कोर, आउटर कोर, मेटल और क्रस्ट. इसमें से भूकंप का लेना देना सिर्फ क्रस्ट से है. बाकी के तीन हिस्सों का इससे कोई लेना देना नहीं है. क्रस्ट धरती की सबसे ऊपरी परत होती है, जो हमें आपको नंगी आंखों दिखाई देती है. धरती पर मौजूद नदियां, समंदर, पर्वत, पहाड़, पठार सब इसी क्रस्ट का हिस्सा हैं. समंदर के नीचे की ज़मीन भी इसी क्रस्ट का हिस्सा है. मतलब ये है कि हम और आप जितना सोच सकते हैं, इस परत की गहराई उससे कई गुना ज्यादा है.

प्लेट टैक्टॉनिक थ्योरी के मुताबिक इस क्रस्ट में होती हैं प्लेट्स, जो आपस में जुड़ी होती हैं. इनको कहते हैं टेक्टॉनिक प्लेट्स. संख्या में ये एक दर्जन से ज्यादा हैं. ये प्लेट्स महाद्वीपों में हैं, महासागरों में हैं और महाद्वीप-महासागर जहां मिलते हैं, वहां भी हैं. ये अंदर ही अंदर हिलती डुलती रहती हैं. अब अगर ये थोड़ा बहुत हिलती हैं तो किसी को पता भी नहीं चलता है, लेकिन अगर ये ज्यादा हिल जाती हैं तो असर ऊपर तक दिखने लगता है. यही भूकंप होता. प्लेट्स जहां-जहां जुड़ी होती हैं, वहां-वहां टकराव ज्यादा होता है और उन्हीं इलाकों में भूकंप ज्यादा आता भी है.

धरती पर जो भी बड़े-बड़े पहाड़ दिख रहे हैं, वो सब के सब प्लेट्स के टकराने से ही बने हैं. ये प्लेट्स कभी आमने-सामने टकराती हैं तो कभी ऊपर नीचे टकराती हैं तो कभी आड़े-तिरछे भी टकरा जाती हैं. और जब-जब ये टकराती हैं, भूकंप आ जाता है. ये भूकंप आता है तो धरती हिलती है. और इस हिलने से कभी ज़मीन फट जाती है, तो कभी मकान गिर जाते हैं तो कभी पेड़-पौधे बर्बाद हो जाते हैं. वहीं अगर ये भूकंप समंदर के नीचे वाली प्लेट्स के हिलने से आते हैं तो फिर समंदर में सुनामी आती है और समंदर की लहरें अपने आस-पास के इलाके को बर्बाद कर देती हैं.

 

बासु चटर्जी (Basu Chatterjee) के निधन पर बॉलीवुड सितारों ने जताया शोक, अमितभ ने कहा – याद आता है ‘रिम झिम गिरे सावन…’

अपनी खट्टी-मीठी फिल्मों के जरिये सिने प्रेमियों के दिल पर अमिट छाप छोड़ने वाले प्रख्यात फिल्मकार बासु चटर्जी (Basu Chatterjee) के निधन पर बॉलीवुड के सितारों ने शोक व्यक्त किया है.

रोमांटिक और गुदगुदाती फिल्में बनाने वाले मशहूर निर्देशक बासु चटर्जी के निधन के बाद पूरे बॉलीवुड जगत में शोक का माहौल है. बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने ट्वीट कर लिखा, “बासु चटर्जी के निधन पर मेरी सांत्वनाएं और सहानुभूति. एक शांत, मृदुभाषी, सज्जन व्यक्ति. उनकी फिल्में मध्य भारत को परिलक्षित करती थीं. उनके साथ मैंने मंजिल में काम किया था. बहुत दुख हो रहा है. इस माहौल में उनका गाना रिमझिम गिरे सावन याद आता था.”

बासु चटर्जी के निधन की खबर से शबाना आज़मी (Shabana Azmi) काफी दुखी हैं. अपना दुख जाहिर करते हुए उन्होंने लिखा है, “अंदर से काफी दुखी हूं बासू चटर्जी के निधन की खबर से. कई फिल्में देने वाले फिल्ममेकर. मेरा सौभाग्य था उनके साथ तीन प्यारी फिल्में ‘स्वामी’, ‘अपने पराए’ और ‘जीना यहां’ की हैं. सभी जिंदगी से भरे किरदार.”

दिव्या दत्ता (Divya Dutta) ने अपने ट्वीट में लिखा, “हे भगवान, रेस्ट इन पीस बासु चटर्जी. शुक्रिया उन मुस्कुराहटों और उन फिल्मों के लिए जो हमें हमेशा अच्छा महसूस कराती थीं… और उस सिम्पलिसिटी के लिए भी. शुक्रिया फिल्मों में खट्टा-मीठा फ्लेवर डालने के लिए. आप बहुत याद आएंगे दादा.”

जिम्मी शेरगिल (Jimmy Sheirgill) ने भी बासु के निधन पर शोक व्यक्त किया है. उन्होंने लिखा, “आपकी रूह की सुकून मिले बासु दा. परिवार को मेरी सहानुभूति.” ये बहुत बुरा वक्त है. मधुर भंडारकर ने ट्वीट किया कि वेटरन फिल्ममेकर बासु चटर्जी की निधन की खबर सुनकर दुख हुआ. वह हमेशा अपनी लाइट हॉर्टेड कॉमेडी और सिंपल फिल्मों के लिए याद रखे जाएंगे. फिल्ममेकर सुजॉय घोष ने लिखा, “बासु चल गए. मेरे हिसाब से बहुत कम लोग जीवन के हल्के पक्ष को देखते हैं जैसे उन्होंने किया था. उनकी सभी फिल्मों में चेहरे पर मुस्कान होती है. मैं उनका बहुत बड़ा फैन हूं, इसे साबित करने के लिए मेरे पास ‘कहानी 2’ है.”

Gujarat में राज्यसभा चुनाव से पहले हाइवोल्टेज ड्रामा, Congress के दो और विधायकों का इस्तीफा

गुजरात (Gujarat) में राज्यसभा की चार सीटों के लिए 19 जून को होने वाले चुनाव से पूर्व मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस (Congress) को बड़ा झटका देते हुए इसके दो और विधायकों ने विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है. यह चुनाव पहले 26 मार्च को होने थे पर कोरोना संकट (Corona Crisis) के कारण इन्हें टाल दिया गया था और अब इन्हे 19 जून को कराने की घोषणा की गयी है. इससे पहले मार्च माह में भी कांग्रेस के पांच विधायकों ने इस्तीफा दे दिया था जिसके बाद पार्टी ने बाकी विधायकों को राजस्थान के एक रिसॉर्ट में रखा था. इन सीटों के लिए सत्तारूढ़ भाजपा के तीन और कांग्रेस के दो प्रत्याशियों ने नामांकन किया है. सामान्य अंकगणित के लिहाज से भाजपा केवल दो सीटें ही जीत सकती थी पर अब तीसरी सीट पर भी इसका पलड़ा भारी होता दिख रहा है. विधानसभा अध्यक्ष राजेन्द्र त्रिवेदी ने आज बताया कि करजन सीट के कांग्रेस विधायक अक्षय पटेल और कपराडा के जीतू चौधरी ने कल शाम व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित होकर उन्हें अपने इस्तीफे दिये थे जिन्हें स्वीकार कर लिया गया है. त्रिवेदी ने कहा कि उन्होंने दोनो विधायकों के चेहरे से मास्क हटवा कर उनकी पहचान खुद की थी. दोनो ने स्वेच्छा से त्यागपत्र देने की बात की थी. मजेदार बात है कि जब कांग्रेस विधायकों को मार्च में राजस्थान ले जाया गया था तो उस समय भी श्री चौधरी कुछ समय तक वहां नहीं गये थे और कांग्रेस आलाकमान के लिए संपर्कविहिन हो गये थे हालांकि बाद में वह वहां पहुंच गये थे. 182 सदस्यीय विधानसभा में अभी भाजपा के 103 और कांग्रेस के 66 विधायक (दो नये और मार्च के पांच विधायकों के इस्तीफे के बाद) हैं. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी का एक विधायक है, कांग्रेस समर्थित निर्दलीय एक (जिग्नेश मेवाणी) और इसके सहयोगी दल भारतीय ट्राइबल पार्टी यानी बीटीपी के दो हैं. जीत के लिए एक उम्मीदवार को प्रथम वरीयता के 35 मतों या कुछ कम की जरूरत होगी. राजनीतिक प्रेक्षकों ने अभी भी कुछ और कांग्रेसी विधायकों के इस्तीफे की संभावना से इंकार नहीं किया है. भाजपा ने यह भी दावा किया है बीटीपी के विधायक भी उसके उम्मीदवारों का समर्थन करेंगे. ज्ञातव्य है कि इससे पहले मार्च में कांग्रेस विधायकों सर्वश्री मंगल गामित (सीट – डांग), प्रवीण मारू (गढड़ा), प्रद्युम्न सिंह जाडेजा (अब्डासा), सोमा कोली पटेल (लींबडी) और जे वी काकड़िया (धारी) ने सदन की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था. बदली हुई परिस्थितियों में होने वाले रोमांचक राज्यसभा चुनाव में अब भाजपा का पलड़ा खासा भारी लग रहा है. कांग्रेस विधायकों के इस्तीफे से अब जीत के लिए जरूरी अंकगणित बदल गया है. इन चार सीटों में से तीन भाजपा तथा एक कांग्रेस के पास थीं पर पिछले विधानसभा चुनाव के दौरान सदन के बदले अंकगणित और कांग्रेस की बढ़ी हुई संख्या के चलते शुरूआत में दोनो पार्टियों ने दो दो प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की थी पर भाजपा ने नामांकन के अंतिम दिन यानी 13 मार्च की सुबह तीसरे प्रत्याशी के नाम की भी घोषणा कर चुनाव को बेहद रोचक बना दिया. भाजपा ने पहले रमिला बारा और अभय भारद्वाज को अपना प्रत्याशी बनाया था, पर बाद में राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री नरहरि अमीन को अपना तीसरा उम्मीदवार घोषित कर दिया. अमीन पाटीदार समुदाय के हैं और पहले कांग्रेस में थे. कांग्रेस पार्टी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री भरतसिंह सोलंकी और राज्य के मंत्री तथा पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शक्तिसिंह गोहिल को उम्मीदवार बनाया है. ज्ञातव्य है कि कल त्यागपत्र देने वाले चौधरी भी कथित तौर पर पार्टी से नाराज थे और पिछले मार्च में जब सभी विधायकों को जयपुर ले जाया गया था तब संपर्क विहिन हो गये थे. वह तब जयपुर जाने के लिए अन्य विधायकों के साथ हवाई अड्उे पर ही नहीं पहुंचे थे और तभी उनके इस्तीफे की अटकले लगायी गयी थीं. हालांकि वह बाद में जयपुर पहुंच गये थे.

कोरोना नहीं, अत्यधिक गर्मी के कारण ब्रेन हेमरेज से हुई थी चमगादड़ों की मौत

पूर्वी उत्तर प्रदेश (East Uttar Pradesh) के कई हिस्सों में कुछ दिन पहले रहस्यमय परिस्थितियों में मरे चमगादड़ों (Bats) की मौत कोरोना के कारण नहीं दरअसल अत्यधिक गर्मी के चलते ब्रेन हैमरेज (Brain Haemorrhage) के कारण हुई थी. चमगादड़ों की मौत के कारणों की जांच के लिये उनके शव बरेली के भारतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (Indian Veterinary Research Institute-IVRI) को भेजे गए थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि सभी चमगादड़ों की मौत अत्यधिक गर्मी होने के कारण ब्रेन हैमरेज से हुई थी. आईवीआरआई के निदेशक डॉक्टर आर. के. सिंह ने बृहस्पतिवार को बताया कि चमगादड़ों की मौत का कोरोना से कोई लेना-देना नहीं था और उनकी मौत अत्यधिक गर्मी के कारण ब्रेन हेमरेज के चलते हुई थी. चमगादड़ों की रेबीज और कोरोना की भी जाँच आईवीआरआई में करायी गयी, दोनों ही रिपोर्ट निगेटिव आई हैं. उन्होंने बताया कि पिछले दिनों तापमान 45 डिग्री पार कर गया था और गर्मी की प्रचंडता तथा पानी की कमी पशु और पक्षियों के लिए जानलेवा साबित हो रही है. तापमान अधिक होने से पशुओं और पक्षियों में डिहाइड्रेशन की समस्या जाती है. समय से पानी ना मिले तो यह जानलेवा भी हो सकता है. सिंह ने बताया कि गोरखपुर के खजनी रेंज के बेलघाट स्थित एक बाग में पिछले महीने 300 से अधिक चमगादड़ों के मरने की घटना प्रकाश में आयी थी. इसके अलावा पूर्वी उत्तर प्रदेश के बलिया में भी चमगादड़ों की मौत हो गई थी. चालीस डिग्री सेल्सियस के ऊपर का तापमान बर्दाश्त करना चमगादड़ों के लिए आसान नहीं होता. मालूम हो कि पिछले दिनों गोरखपुर और बलिया में बड़ी संख्या में चमगादड़ों की मौत हो गई थी. लोग इसे कोरोना से जोड़कर देख रहे थे. इसकी वजह से इलाके में भय व्याप्त हो गया था.

COVID-19: देश में एक दिन में सबसे ज्यादा 9,304 नए मामले, मृतकों की संख्या 6,075 पहुंची

देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना वायरस (Coronavirus) संक्रमण के अब तक के सबसे ज्यादा नए 9,304 मामले सामने आए हैं जबकि 260 लागों की मौत हो गयी है. इसके साथ ही बृहस्पतिवार तक देश में संक्रमितों एवं इस घातक वायरस से मरने वालों की संख्या बढ़कर क्रमश: 2,16,919 और 6,075 हो गयी है. अमेरिका, ब्राजील, रूस, ब्रिटेन, स्पेन और इटली के बाद भारत अब कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित देशों की सूची में सातवें स्थान पर है.केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि देश में 1,06,737 संक्रमित मरीजों का उपचार चल रहा है और 1,04,106 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और एक मरीज देश से बाहर जा चुका है.एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘ इसलिए अब तक करीब 47.99 फीसदी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं.’’ बुधवार सुबह से इस घातक वायरस से अब तक 260 लोगों की मौत हुई. इनमें से सबसे ज्यादा 122 मौत महाराष्ट्र (Maharashtra) में, दिल्ली (Delhi) में 50, गुजरात (Gujarat) में 30, तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 11, पश्चिम बंगाल (West Bengal) में 10, मध्य प्रदेश (Uttar Pradesh), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) और तेलंगाना (Telangana) में सात-सात लोगों की मौत हुई. इसके बाद राजस्थान (Rajasthan) में छह, आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh) में चार, बिहार (Bihar), छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh), जम्मू-कश्मीर (Jammu Kashmir), कर्नाटक (Karanataka), पंजाब (Punjab)और उत्तराखंड (Uttrakhand) में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई. महाराष्ट्र में अब तक यह वायरस 2,587 लोगों की जान ले चुका है. इसके बाद गुजरात में 1,122, मध्य प्रदेश में 371, पश्चिम बंगाल में 345, उत्तर प्रदेश में 229, राजस्थान में 209, तमिलनाडु में 208, तेलंगाना में 99 और आंध्र प्रदेश में 68 लोगों की मौत हुई. कर्नाटक में 53, पंजाब में 47, जम्मू-कश्मीर में 34, बिहार में 25, हरियाणा में 23, केरल (Kerala) में 11, उत्तराखंड में आठ और ओडिशा (Odisha) में सात लोगों की मौत हुई. हिमाचल प्रदेश ( Himachal Pradesh), चंडीगढ़( Chandigarh), झारखंड (Jharkhand) में पांच-पांच लोगों की मौत हुई.असम (Assam) में चार, छत्तीसगढ़ में दो, मेघालय (Meghalaya) और लद्दाख (Ladakh) में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई. मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार मृतकों में से 70 फीसदी पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियों से ग्रसित थे.संक्रमण के सबसे ज्यादा 74,860 मामले महाराष्ट्र से सामने आए हैं. इसके बाद तमिलनाडु से 25,872, दिल्ली में 23,645, गुजरात में 18,100, राजस्थान में 9,652, मध्य प्रदेश में 8,588 और उत्तर प्रदेश में 8,729 मामले हैं. पश्चिम बंगाल में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या बढ़कर 6,508 हो गई है. इसके बाद बिहार में 4,390, आंध्र प्रदेश में 4,080, कर्नाटक में 4,063, तेलंगाना में 3,020, हरियाणा (Haryana) में 2,954, जम्मू-कश्मीर में 2,857 और ओडिशा में 2,388 मामले हैं.पंजाब में 2,376, असम में 1,672, केरल में 1,494 और उत्तराखंड में 1,085 लोग संक्रमित हैं. झारखंड में 752 मामले, छत्तीसगढ़ में 668, त्रिपुरा में 468, हिमाचल प्रदेश में 359, चंडीगढ़ में 301, मणिपुर में 118, लद्दाख में 90, पुडुचेरी में 82, गोवा (Goa) में 79, नगालैंड (Nagaland) में 58, अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh) में 38, अंडमान-निकोबार (Andaman Nicobar) द्वीप समूह और मेघालय (Meghayala) में 33-33 लोग इस वायरस से संक्रमित हैं. मिजोरम (Mizoram) में 14, दादरा नागर हवेली (Dadra Nagar Haveli) में आठ जबकि सिक्किम (Sikkim) में संक्रमण के दो मामले हैं.मंत्रालय ने कहा कि वह अपने आंकड़ों का मिलान भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद(ICMR) से कर रहे हैं और राज्यवार आंकड़े मिलान एवं पुष्टि का विषय हैं.

महाराष्‍ट्र : कोरोना संक्रमण के मामले 70,000 के पार, 24 घंटे में 2361 नए मामले, मुंबई में 40 की मौत

देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के कुल मामले बढ़कर सोमवार को 1.90 लाख से अधिक हो गए हैं. साथ ही देश में अब तक 5394 लोगों की मौत भी हो चुकी है. महाराष्‍ट्र (Maharashtra) कोरोना वायरस से सर्वाधिक प्रभावित राज्‍य है. पिछले 24 घंटे में महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण (Covid 19) के 2361 नए केस सामने आए हैं. इस दौरान 76 लोगों की मौत हुई है. इसके बाद राज्‍य में कोविड 19 के कुल मामले बढ़कर 70 हजार के पार हो गए हैं.

महाराष्‍ट्र (maharashtra covid 19) में अब तक कोरोना वायरस के कुल 70,013 केस सामने आ चुके हैं. साथ ही 2362 लोगों की मौत इस जानलेवा वायरस से हुई है. राज्‍य में कुल सक्रिय मामलों की संख्‍या 37,534 है.

मुंबई (Mumbai corona case) में स्थिति बेहद खराब है. मुंबई में कोरोना वायरस के कुल केस की संख्‍या बढ़कर अब 41099 हो गई है. इसके साथ ही शहर में अब तक 1319 लोगों की जान इससे गई है. राज्‍य में पिछले 24 घंटों में हुईं 76 लोगों की मौत में से 40 की जान सिर्फ मुंबई में ही गई है. वहीं महाराष्‍ट्र में कोरोना वायरस के कारण मृत्‍यु दर 3.37 फीसदी है.



अब रेहड़ी-पटरी वालों को भी मिलेगा लोन, ‘पीएम स्वनिधि’ योजना से 50 लाख लोगों को होगा फायदा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( Minister Narendra Modi) ने ट्वीट ( Tweet) कर जानकारी दी है.कि ‘देश में पहली बार सरकार ने रेहड़ी-पटरी वालों और ठेले पर सामान बेचने वालों के रोजगार के लिए लोन की व्यवस्था की है. ‘पीएम स्वनिधि’ (PM Svanidhi) योजना से 50 लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा. इससे ये लोग कोरोना संकट (Corona Crissis) के समय अपने कारोबार (Business) को नए सिरे से खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत (AtmaNirbhar Bharat) अभियान को गति देंगे.’ दरअसल, सोमवार की कैबिनेट बैठक ( Cabinet Meeting) में कई अहम फैसले लिए गए. इसमें कृषि, मजदूरी से लेकर छोटे उद्योगों के लिए कई बड़े फैसले हुए. बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने कहा कि रेहड़ी पटरी वालों की योजना को एक नया नाम दिया गया है. अब यह योजना पीएम स्वनिधि योजना के नाम से जानी जाएगी जो मुख्य रूप से रेहड़ी पटरी वालों के लिए समर्पित होगी. प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि एमएसएमई (MSME) की परिभाषा तो बदली ही गई है, अब इसकी परिभाषा का दायरा भी बढ़ाया गया है. एमएसएमई में ये संशोधन 14 साल बाद हुए हैं. 20 हजार करोड़ रुपये के अधीनस्थ कर्ज के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसी के साथ 50 हजार करोड़ के इक्विटी निवेश को भी मंजूरी दी गई है. नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि एमएसएमई को लेकर दो फंड बनाए गए हैं. पहला डिस्ट्रेस एसेसमेंट फंड (Distress Assessment Fund) जिसमें 4 हजार करोड़ का प्रावधान है जबकि दूसरे को फंड ऑफ फंड्स (Fund of Funds ) कहा गया है जो 50 हजार करोड़ रुपये का है. इन दोनों शेयरों को बहुत जल्द शेयर मार्केट (Stock Market) में सूचीबद्ध (List) किया जाएगा. नितिन गडकरी ने कहा कि एमएसएमई अभी कठिन दौर से गुजर रहा है. देश में 6 करोड़ एमएसएमई हैं जिनमें 11 करोड़ से ज्यादा लोगों को नौकरी मिली है. उन्होंने कहा, एमएसएमई की मजबूती से निर्यात बढ़ेगा. 25 लाख एमएसएमई के पुनर्गठन की उम्मीद है. मजबूत एमएसएई के 15 फीसदी इक्विटी खरीदने की योजना है. कमजोर उद्योगों को उबारने के लिए 4 हजार करोड़ का फंड दिया गया है. गडकरी ने कहा कि एमएसएमई के लिए ऐतिहासिक फैसले लिए गए हैं. एमएसएमई से 6 करोड़ छोटे कारोबारी जुड़े हैं, जिन्हें इस योजना से बड़ा लाभ मिलेगा. 2 लाख एमएसएमई नए फंड से फिर शुरू हो जाएंगे.  

Coronavirus Lockdown: मोदी सरकार का किसानों को तोहफा, 14 फसलों में 50-83% ज्यादा मिलेगा दाम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi)  की अध्यक्षता में सोमवार को केंद्रीय मंत्रीमंडल की बैठक हुई. दूसरे कार्यकाल के एक साल पूरे होने के बाद यह पहली कैबिनेट बैठक थी. इस बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए, जिसमें कठिन दौर से गुजर रहे MSME सेक्टर की हालत दुरुस्त करने के लिए 20 हजार करोड़ लोन के प्रस्ताव को मंजूरी मिली. वहीं, किसानों को राहत पहुंचाने के लिए सरकार ने 14 फसलों में 50 से 83 फीसदी तक ज्यादा दाम देने का फैसला किया है.

कैबिनेट बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर ( Narendra Tomar) ने कहा कि न्यूनतम समर्थन मूल्य में बड़ी बढ़ोतरी की गई है. किसानों के लिए सरकार की तरफ से यह बड़ा ऐलान है. मक्का के समर्थन मूल्य में 53 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. तूअर और मूंग में 58 फीसदी की बढ़ोतरी की गई है. तोमर ने कहा कि 14 फसल ऐसी हैं, जिसमें किसानों को 50 से 83 फीसदी तक ज्यादा समर्थन मूल्य दिया जाएगा.

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि ब्याज छूट योजना के तहत 31अगस्त तक जो किसान अपनी ऋण अदायगी करेगा, उसको 4% ब्याज पर ही कर्जा मिलेगा. अभी तक सरकार ने 360 लाख मिट्रिक टन गेहूं, 95 लाख मिट्रिक टन धान और 16.07 लाख मिट्रिक टन दाल खरीदा है.

वहीं, केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javdekar) ने कहा कि किसानों की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य की कुल लागत का डेढ़ गुना ज्यादा रखने का वादा सरकार पूरा कर रही है. खरीफ फसल 20-21 के 14 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य जारी कर दिया गया है. इन 14 फसलों पर किसानों को लागत का 50-83% तक ज्यादा दाम हासिल होगा

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी (Nitin Gadkari) ने कहा कि देश में 6 करोड़ MSME हैं. MSME से देश में 11 करोड़ से ज्यादा नौकरी मिली है. 25 लाख MSME के पुर्नगठन की उम्मीद है. छोटे सेक्टर में टर्नओवर सीमा 50 करोड़ किया है. गडकरी ने कहा कि MSME अभी कठिन दौर से गुजर रहा है. 2 लाख MSME नए फंड से शुरू किए जाएंगे. कमजोर उद्योगों को उभारने के लिए 4 हजार करोड़ के फंड को मंजूरी मिली है.