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मीडिया कर्मियों पर हमले से चिंतित राज्यपाल राम नाईक, योगी आदित्यनाथ को लिखा पत्र

देश का चौथा स्तम्भ कहे जाने वाला मीडिया आज खतरे में है। जगह जगह किसी न किसी मीडियाकर्मी का दर्द सुनने को मिलता है लेकिन इसकी आवाज को हमेशा दबाने की कोशिश की जाती है। देश का चौथा स्तंभ आज के बदलते युग में पूरी तरह आधुनिक हो चुका है वहीं मीडियाकर्मियों पर हो रहे हमले भी लगातार बढ़ते जा रहे हैं। लेकिन आज भी मीडियाकर्मी खतरों के बीच जूझते हुए भी आमजनमानस की आवाज को अपने कलम से एक दूसरे तक पहुंचाने का काम करता रहता है। पत्रकारों पर लगातार उत्पीड़न के मामले सामने आते रहे हैं ,जो एक स्वस्थ समाज को दूषित करने के लिए पर्याप्त है।
पत्रकारों के लगातार उत्पीड़न, पुलिस द्वारा फर्जी मामलो में फसाये जाने एवं नौकरशाहों द्वारा प्रताड़ित किये जाने पर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने गहरी चिंता व्यक्त की है। नाईक ने उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी को पत्र लिखकर कहा है कि विधान सभा सदस्य ब्रजेश कुमार प्रजापति द्वारा 13 अक्टूबर 018 को एक पत्र संख्या 214 B प्रेषित किया गया है , जिसमें पत्रकारों के ऊपर हो रहे हमले ,मारपीट ,धक्का मुक्की, और उनके ऊपर माफियाओं द्वारा मुकदमे पंजिकृत कराये जा रहे हैं। फर्जी मुकदमे एवम अधिकारियों द्वारा कुचक्र रचने की ओर ध्यानाकर्षण कराते हुये दोषियों पर कार्यवाही का अनुरोध किया गया है। पत्र में सीधे सीधे मुख्यमंत्री से इस मामले में समुचित कार्यवाही की बात कही गयी है ।
उत्तर प्रदेश के राज्यपाल श्री नाईक ने स्पष्ट तौर से मुख्यमंत्री श्री योगी से इस समस्या को रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है,जिससे देश का चौथा स्तम्भ निर्भीक होकर काम कर सके।
(शिवरतन कुमार गुप्ता )

अब डेबिट कार्ड के बिना एटीएम से मिलेगा कैश, जानिए कैसे?

अगर आप एटीएम से कैश निकालना चाहतें है तो आपके पास एटीएम कार्ड होना जरुरी है। लेकिन जल्द ही आपको डेबिट कार्ड से निजात मिलने वाली है, क्योंकि आने वाले दिनों में एटीएम से  कैश निकालने के लिए एटीएम कार्ड नहीं बल्कि स्मार्ट फ़ोन साथ रखना होगा।

सूत्रों  के मुताबिक देश में जल्द क्यूआर कोड की मदद से एटीएम से कैश निकालने की सुविधा शुरू होने जा रही है । इसके लिए आपको अपने फोन में उस बैंक का ऐप डाउनलोड करना होगा, जिसमे आपका अकाउंट है। फिर इस एप की मदद से आपको  QR कोड जैनेरेट करना होगा, जिसे एटीएम मशीन पर स्कैन करने के बाद आप कुछ ही सेकेंड में  एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक डेबिट कार्ड से जहाँ  पैसे निकालने में 30 से 40 सेकेंड का समय लगता है वहीँ इस तकनीक से महज 10 सेकेंड में आप  एटीएम मशीन से पैसे निकाल सकेंगे।

बताया जा रहा है कि QR कोड की मदद से एटीएम मशीन से पैसे  निकालने के दौरान आप 100, 200, 500 , 2000 रुपये के नोटों का चुनाव भी कर सकते हैं।
 

यूपी एसटीएफ ने “खून चुसवा गिरोह” का किया पर्दाफास, 5 लोग हुए गिरफ्तार

जल्द धनवान बनने और हाई प्रोफाईल स्टेट्स की जिंदगी जीने के चक्कर में पैसे कमाने के लिए कई तरह के हथकण्डे जहां अपनाए जाते रहे हैं वहीं तमाम लोग इसके लिए कई अपराध भी करते रहते हैं। लेकिन इसके लिये किसी के मासूम जिंदगी के साथ खिलवाड़ कर खून का कारोबार करना कितना सही है,जरा आप खुद सोंचें। लेकिन ऐसे काले व्यवसाय करना वास्तव में काफी चौकाने वाला है। यूपी एसटीएफ ने एक ऐसे ही मामले का पर्दाफाश करते हुए काले व्यवसाय से जुड़े मौत के पांच सौदागरों को गिरफ्तार किया है। आइए जानते हैं कि आखिर कैसे चलता है यह काला धंधा…

यूपी एसटीएफ ने खून का काला कारोबार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मौत के पांच सौदागरों  को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किये गये आरोपियों के कब्जे से यूपी एसटीएफ ने अवैध ब्लड व कूट रचित दस्तावेज भी बरामद किये हैं। गिरफ्तार किये गये पांचों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। उम्मीद जताई जा रही है कि इस मामले में कुछ सफेदपोशों के साथ अन्य आरोपियों के भी शामिल होने की आशंका है।

खून का अवैध कारोबार करने के आरोप में गिरफ्तार किए गए नसीम ने यूपी एसटीएफ को पूछताछ में बताया है कि वह अपने घर पर ही प्रोफेशनल ब्लड डोनर, जिनमें नशा करने वाले लोग शामिल हैं, उन्हें कुछ पैसों का लालच देकर ब्लड खुद ही निकाल लेता है। जिसके बाद वह एक यूनिट ब्लड से दो यूनिट ब्लड बनाता है। जिसमें ब्लड पूरा करने के लिए सलाइन वॉटर मिलाता था। आरोपी इसे होल ह्यूमन ब्लड (Whole human blood) कहकर  PRBC (Packed Red Blood Cell) के नाम से बेचता था, क्योंकि PRBC यूनिट में ब्लड की मात्रा कम होती है, जिससे आसानी से दो यूनिट तैयार हो जाती है।

आरोपी नसीम ने यूपी एसटीएफ को पूछताछ में यह भी बताया है कि वह उससे जुड़े कुछ सफेदपोशों के साथ अन्य लोगों के जरिये शहर के प्रमुख हॉस्पिटलों में मरीजों के परिजनों को झांसे में लेकर उनको यह ब्लड बैचता था। इसके अलावा जरूरतमंदों को उचित दाम में खून दिलाने का पूरा भरोसा देकर उनको बिश्वास में लेकर यह अवैध रक्त रु 2000 से रु 3000 प्रति यूनिट बेचता था।

आरोपी नसीम ने एक और  सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया है कि वह पैसा बचाने के लिए इस ब्लड का किसी भी तरह का कोई टेस्ट जैसे एचआईवी, हेपिटाइटिस बी, हेपिटाइटिस सी,वायरस वीडीआरएल, मलेरियल, पैरासाइट आदि की कोई टेस्ट न तो करता था और न ही कराता था।

गिरफ्तार किये गये आरोपी और उनके कारनामे…

1:- इस मामले में गिरफ्तार किये गये अन्य आरोपियों में राशिद अली उर्फ आतिफ पुत्र स्वर्गीय शौकत अली (लखनऊ सहादतगंज)  शामिल है। राशिद का काम मुख्य रूप से अवैध ब्लड डोनर को सेंटर तक लाना तथा मिलावटी खून बेचने का काम करता था।

2:- राघवेंद्र प्रताप सिंह पुत्र राम देव वर्मा  (नवाबगंज बाराबंकी) है। राघवेंद्र अपने आपको ब्लड बैंक का लैब टेकनीशियन बताता है,यह ब्लड बैग की अवैध सप्लाई मुख्य रूप से करता है।

3:- मोहम्मद नसीम पुत्र स्वर्गीय जाकिर अली (हसनगंज लखनऊ) को भी यूपी एसटीएफ ने गिरफ्तार किया है।  मोहम्मद ही इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी है, जो अवैध ब्लड बैंक को अपने घर से संचालित करता था।जो अपनी घर को पूरी तरह से वीवीआईपी बना रखा है।

4:- पंकज कुमार त्रिपाठी पुत्र पारस नाथ त्रिपाठी (त्रिवेणी नगर लखनऊ) इस गैंग का मुख्य आरोपी है।पंकज ब्लड बैंक में लैब अटेंडेंट है, जो ब्लड बैंक से प्रोफेशनल डोनर से ब्लड निकाल कर नसीम को फौरन सप्लाई करता था।

5:- गिरफ्तार किए गए अंतिम आरोपियों में हनी निगम उर्फ रजनीश निगम पुत्र स्वर्गीय अमरेश कुमार  (निशातगंज लखनऊ) शामिल है। हनी निगम ब्लड बैंक के फर्जी स्टीकर एवं अन्य पेपर प्रिंट कराता था, साथ ही ब्लड निकालना एवं ब्लड डोनर का इंतजाम भी करता था।

( शिवरतन कुमार गुप्ता की रिपोर्ट )

करवा चौथ के दिन अस्त रहेगा शुक्र तारा, सुहागिनें ना करें ये काम

27 अक्टूबर 2018 को देश के लगभग तमाम हिस्सों में करवा चौथ का त्यौहर स्थानीय परम्परानुसार मनाया जाएगा। यह पर्व सुहागिन महिलाओं के लिए काफी खास माना जाता है। इस दिन सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र की कामना के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को सुहागिनें करवा चौथ का व्रत करती हैं। सुहागिनें शाम को चंद्रमा उदय होने के बाद अर्ध्य देती हैं तथा चलनी में चन्द्रमा के साथ पति को देखने के पश्चात पति के हाथों जल ग्रहण कर व्रत खोलती हैं। इस साल शुक्र तारा अस्त होने के कारण महिलाएं व्रत का उद्यापन नहीं कर पाएंगी क्योंकि शुक्र तारा 16 अक्टूबर 5 बजकर 53 मिनट पर पश्चिम हो गया है। पूजा पर कोई असर नहीं पड़ेगा किंतु उद्यापन करना शुभ नहीं माना जाएगा। शुक्र अस्त के दौरान सभी शुभ कार्य वर्जित होते हैं।
    
 
इस बार करवा चौथ का शुभ मुहूर्त 17.40 से 18.47 बजे तक है। चांद की पूजा करने के लिए महिलाओं को करीब 1 घंटे 7 मिनट का समय मिलेगा। ज्योतिषीय गणना के मुताबिक करवा चौथ का चंद्रोदय समय 19.55 बजे है। वैसे इस दिन शिव, पार्वती और कार्तिक की पूजा की जाती है। शाम को देवी की पूजा में पति की लंबी उम्र की कामना की जाती है। चंद्रमा दिखने पर महिलाएं छलनी से पति और चंद्रमा की छवि देखती हैं। पति इसके बाद पत्नी को पानी पिलाकर व्रत तुड़वाता है।
 
 
करवा चौथ व्रत कथा
 
करवा चौथ व्रत कथा बहुत समय पहले की बात है, एक साहूकार के सात बेटे और उनकी एक बहन करवा थी। सभी सातों भाई अपनी बहन से बहुत प्यार करते थे। यहां तक कि वे पहले उसे खाना खिलाते और बाद में स्वयं खाते थे। एक बार उनकी बहन ससुराल से मायके आई हुई थी, शाम को भाई जब अपना व्यापार-व्यवसाय बंद कर घर आए तो देखा उनकी बहन बहुत व्याकुल थी। सभी भाई खाना खाने बैठे और अपनी बहन से भी खाने का आग्रह करने लगे लेकिन बहन ने बताया कि उसका आज करवा चौथ का निर्जल व्रत है और वह खाना सिर्फ चंद्रमा को देखकर उसे अर्घ्य देकर ही खा सकती है। चूंकि चंद्रमा अभी तक नहीं निकला है, इसलिए वह भूख-प्यास से व्याकुल हो उठी है।
 
सबसे छोटे भाई को अपनी बहन की हालत देखी नहीं जाती और वह दूर पीपल के पेड़ पर एक दीपक जलाकर चलनी की ओट में रख देता है। दूर से देखने पर वह ऐसा प्रतीत होता है कि जैसे चतुर्थी का चांद उदित हो रहा हो, इसके बाद भाई अपनी बहन को बताता है कि चांद निकल आया है, तुम उसे अर्घ्य देने के बाद भोजन कर सकती हो। बहन खुशी के मारे सीढ़ियों पर चढ़कर चांद को देखती है, उसे अर्घ्य देकर खाना खाने बैठ जाती है। वह पहला टुकड़ा मुंह में डालती है तो उसे छींक आ जाती है। दूसरा टुकड़ा डालती है तो उसमें बाल निकल आता है और जैसे ही तीसरा टुकड़ा मुंह में डालने की कोशिश करती है तो उसके पति की मृत्यु का समाचार उसे मिलता है, वह बौखला जाती है।
 
उसकी भाभी उसे सच्चाई से अवगत कराती है कि उसके साथ ऐसा क्यों हुआ। करवा चौथ का व्रत गलत तरीके से टूटने के कारण देवता उससे नाराज हो गए हैं और उन्होंने ऐसा किया है। सच्चाई जानने के बाद करवा निश्चय करती है कि वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं होने देगी और अपने सतीत्व से उन्हें पुनर्जीवन दिलाकर रहेगी। वह पूरे एक साल तक अपने पति के शव के पास बैठी रहती है। उसकी देखभाल करती है। उसके ऊपर उगने वाली सूईनुमा घास को वह एकत्रित करती जाती है।
 
एक साल बाद फिर करवा चौथ का दिन आता है। उसकी सभी भाभियां करवा चौथ का व्रत रखती हैं। जब भाभियां उससे आशीर्वाद लेने आती हैं तो वह प्रत्येक भाभी से “यम सूई ले लो, पिय सूई दे दो, मुझे भी अपनी जैसी सुहागिन बना दो” ऐसा आग्रह करती है, लेकिन हर बार भाभी उसे अगली भाभी से आग्रह करने का कह चली जाती है। इस प्रकार जब छठे नंबर की भाभी आती है तो करवा उससे भी यही बात दोहराती है। यह भाभी उसे बताती है कि चूंकि सबसे छोटे भाई की वजह से उसका व्रत टूटा था अतः उसकी पत्नी में ही शक्ति है कि वह तुम्हारे पति को दोबारा जीवित कर सकती है, इसलिए जब वह आए तो तुम उसे पकड़ लेना और जब तक वह तुम्हारे पति को जिंदा न कर दे, उसे नहीं छोड़ना। ऐसा कह कर वह चली जाती है।
 
सबसे अंत में छोटी भाभी आती है। करवा उनसे भी सुहागिन बनने का आग्रह करती है, लेकिन वह टालमटोल करने लगती है। इसे देख करवा उन्हें जोर से पकड़ लेती है और अपने सुहाग को जिंदा करने के लिए कहती है। भाभी उससे छुड़ाने के लिए नोचती है, खसोटती है, लेकिन करवा नहीं छोड़ती है। अंत में उसकी तपस्या को देख भाभी पसीज जाती है और अपनी छोटी अंगुली को चीरकर उसमें से अमृत उसके पति के मुंह में डाल देती है। करवा का पति तुरंत श्रीगणेश-श्रीगणेश कहता हुआ उठ बैठता है। इस प्रकार प्रभु कृपा से उसकी छोटी भाभी के माध्यम से करवा को अपना सुहाग वापस मिल जाता है। हे श्री गणेश- मां गौरी जिस प्रकार करवा को चिर सुहागन का वरदान आपसे मिला है, वैसा ही सब सुहागिनों को मिलें।
( शिवरतन कुमार गुप्ता । महराजगंज )

जानिए कौन हैं एम. नागेश्वर राव, जिन्हें बनाया गया है सीबीआई का अंतरिम निदेशक

सीबीआई में चल रहे घमासान के बीच एम. नागेश्वर राव को सीबीआई के अंतरिम निदेशक का कार्यभार सौंपा गया है। वहीँ सीबीआई चीफ आलोक वर्मा और स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना को छुट्टी पर भेज दिया गया है। एम. नागेश्वर राव सीबीआई में ज्वाइंट डायरेक्टर के पद पर कार्यरत हैं। 

1986 बैच के भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी एम. नागेश्वर राव तेलंगाना के वारंगल जिले के रहने वाले हैं। एम. नागेश्वर राव को तेज-तर्रार और शख्त अधिकारी माना जाता है। ओडिशा में अपनी पहली पोस्टिंग के दौरान ही उन्होंने अवैध खनन के लिए बदनाम तलचर में अपराध पर लगाम लगाकर पहचान बनाई थी। नागेश्वर राव को मणिपुर में विद्रोही गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए भी जाना जाता है। सीआरपीएफ के डीआईजी (ऑपरेशंस) के रूप में उन्होंने विद्रोहियों की कमर तोड़ दी थी। पश्चिम बंगाल और ओडिशा में चिटफंड घोटाले की जांच करने वाले नागेश्वर राव को कई पुरस्कार भी मिल चुके हैं। जिनमें राष्ट्रपति पुरस्कार, ओडिशा राज्यपाल मेडल और स्पेशल ड्यूटी मेडल शामिल है। 

एम. नागेशवर राव की सबसे बड़ी खासियत है कि वो क्राइम के अनुसंधान में तकनीक का इस्तेमाल बखूबी करते हैं।  साल 1996 में एक बलात्कार मामले में उन्होंने डीएनए फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल करके आरोपी को सजा दिलाई थी। नागेश्वर राव सीआरपीएफ में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं। आईजी के पद पर  रहते हुए उन्होंने  कई नक्सली ऑपरेशन का नेतृत्व भी किया है। 

नेपाल :₹ 37 लाख नकली नेपाली करेंसी और प्रिंटर के साथ पांच युवक गिरफ्तार

देश की अर्थव्यवस्था को चौपट करने की एक बार फिर कोशिश की गई। लेकिन नेपाली पुलिस की सक्रियता एवं मजबूत गुप्त सूचना को आधार बना कर पुलिस ने नकली नोट के पांच सौदागरों को गिरफ्तार कर पूछताछ कर रही है। इन नकली नोट के सौदागरों के पास से नेपाली पुलिस ने ₹-37 लाख मूल्य के नेपाली नकली करेंसी,स्मार्ट मोबाइल फोन,कम्प्यूटर,लैपटॉप, प्रिंटर आदि सामान बरामद किया है।

   

अभी तक यह माना जाता रहा है की नकली नोट के कारोबार से भारत की अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने की पूरी कोशिश की जा रही है।लेकिन इस कारोबार के खेल में अब पड़ोसी मुल्क नेपाल भी उलझता नजर आ रहा है। भारतीय नकली नोटों के कारोबारी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पिछले वर्ष भारतीय प्रधानमन्त्री  नरेंद्र मोदी ने नोट बन्दी कर नोटों की शक्ल सूरत में बड़ा बदलाव किया। भारतीय नोटों में हुए बदलाव से सीख लेते हुए नेपाली सरकार भी काम कर रही थी। लेकिन यहां भी उसके अपने ही दगाबाज निकले। नेपाल के काठमाण्डू में ₹-37 लाख नेपाली नकली करेंसी, प्रिंटर, कम्प्यूटर, स्मार्ट मोबाइल फोन,करेंसी प्रिंटर पेपर 2 बण्डल सहित पांच युवकों को गुप्त सूचना के आधार पर काठमाण्डू और ललितपुर से नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गये अभियुक्तों की पहचान इंद्रबहादुर श्रेष्ठ, नारायण श्रेष्ठ,राज श्रेष्ठ,विकाश दोचे ,साहिल थापा के रूप में हुई है। आरोपी युवक काठमांडो के आसपास इलाके के ही रहने वाले बताए जाते हैं।नेपाली पुलिस इन्हें सुरक्षित स्थान पर ले जाकर कड़ाई से पूछ ताछ कर रही है ।

अयोध्या में तोगड़िया समर्थकों और पुलिस में भिड़ंत,दर्जनों हुए घायल, बढ़ा तनाव

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण तोगडिय़ा निषेधाज्ञा तोड़कर रामकोट की परिक्रमा पर निकल पड़े। इस दौरान तोगड़िया के समर्थकों और पुलिस के बीच भिड़ंत हो गयी। जिसके चलते अयोध्या में भारी तनाव का माहौल है।
 
अयोध्या करोड़ों हिंदुओं के आस्था का केंद्र है,जो लोगों के हृदय में बसती है। रामनगरी वैसे भी दशकों पूर्व से चर्चा में रही,जिस पर समय समय पर सियासत की आंच भी कभी कम नहीं हुई। राम मंदिर निर्माण की मांग को लेकर अयोध्या पहुंचे अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद प्रमुख डा.प्रवीण तोगड़िया और उनके समर्थकों ने 23 अक्टूबर 2018 को प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दीं। जिससे जहाँ जिले की तासीर धीरे धीरे गर्म होती रही तो वहीं आला अधिकारियों के पसीने छूटते रहे। डा.प्रवीण भाई तोगड़िया मंगलवार को अपने समर्थकों के साथ रामकोट की परिक्रमा पर निकल पड़े,इस दौरान उन्होंने निषेधाज्ञा भी तोड़ा और हाई अलर्ट को भी नजरन्दाज किया। मुकामी पुलिस द्वारा डा. प्रवीण  तोगड़िया समेत समर्थकों को रोकने और समझाने की पूरी कोशिश की गई।लेकिन डा.तोगड़िया और उनके समर्थक रामकोट परिक्रमा करने समेत पवित्र सरयु नदी तट पर सभा करने के लिये अड़े हुए हैं। इस बीच डा. प्रवीण तोगड़िया के समर्थकों और पुलिस के बीच भिड़ंत होने की खबर है, जिस कारण दर्जनों समर्थकों के घायल होने की खबर है,अयोध्या भले ही शांतपूर्ण है,लेकिन इसकी तासीर अंदर ही अंदर गर्म ज्यादा है।
 
 
डा.प्रवीण  तोगड़िया के रामकोट परिक्रमा के ऐलान को लेकर अयोध्या में भारी तनाव का माहौल है। पुलिस लगातार डा.प्रवीण तोगड़िया और उनके समर्थकों को समझाने के प्रयास में जुटी हुई है लेकिन वे लोग रामकोट परिक्रमा करने के फैसले पर अडिग हैं। रामकोट वही स्थान है, जहां विवादित राम जन्मभूमि स्थल है।
 
इससे पहले  तोगड़िया ने जिला प्रशासन से अनुमति लिए बिना ही सरयू तट पर सभा भी की थी, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट हो गया था। मंगलवार को उनकी रामकोट परिक्रमा और सरयू तट पर संकल्प सभा की तैयारी को देखते हुए अयोध्या में निषेधाज्ञा लागू की गयी थी इसके बावजूद भी तोगड़िया और उनके समर्थक रामकोट की परिक्रमा पर अड़े हुए है।
 
अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के अध्यक्ष डा.प्रवीण भाई तोगड़िया ने 23अक्टूबर 2018 को राजनितिक पार्टी बनाने की घोषणा करते हुए खुद को प्रधानमन्त्री पद का दावेदार बताया।उन्होंने पार्टी का नामकरण तो अभी नहीं किया है,लेकिन इतना जरूर कहा है की बहुत ही जल्द पार्टी का नामकरण कर पार्टी का घोषणा पत्र भी जारी कर दिया जाएगा। यह पार्टी हिन्दू मतों का विभाजन करने के लिए नहीं बनाई जा रही है,बल्कि भारत में हिंदुओं की सरकार बनाने के लिए नई पार्टी का गठन किया जा रहा है।
 
सरयू तट पर मन्दिर आंदोलन के पुरोधा स्वर्गीय महंत रामचन्द्र दास परमहंस के समाधिस्थल के पास आयोजित सभा में उन्होंने कहा की सरकार बनते ही वे भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने का सपना और संकल्प पूरा करेंगे। हिन्दू सरकार बनते ही काशी,मथुरा और अयोध्या मन्दिर तीनों एक साथ पूरा कराएंगे।
 
(शिवरतन कुमार गुप्ता)
 

पटाखों की बिक्री पर सख्त हुआ सुप्रीमकोर्ट, दिवाली पर सिर्फ 2 घंटे चला सकेंगे पटाखे

सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालाँकि कोर्ट ने पटाखों की बिक्री पर कुछ शर्तें जरुर रखीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसलें में कहा कि केवल वही ट्रेडर्स पटाखे बेंच सकतें हैं जिनके पास पटाखे बेंचने सम्बंधित लाईसेंस है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक अब ई कामर्स पोर्टल्स ऑनलाइन पटाखे नहीं बेंच सकेंगे।

दरअसल वायु प्रदुषण  का हवाला देते हुए सुप्रीमकोर्ट में पटाखों के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगाने संबंधी याचिका दायर की गई थी। याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने जहाँ  कम आवाज वाले पटाखे जलाने का आदेश दिया, वहीँ दिवाली पर पटाखे फोड़ने के लिए शाम 8 से 10 बजे तक की समय सीमा भी तय कर दी है।

जानिए प्रेगनेंसी के बाद स्ट्रेच मार्क्स हटाने के आसन तरीके

प्रेग्नेंसी के बाद हर महिला को स्ट्रेच मार्क्स की समस्या का सामना करना पड़ता है। लेकिन कुछ घरेलु उपाय आजमा कर आप भी डिलीवरी के बाद होने वाली इस समस्या से निजात पा सकती हैं।तो आईये जानतें है स्ट्रेच मार्क्स हटाने के कुछ घरेलू उपाय ..
 
एलोवेरा से मसाज-
 
नियमित रूप से रात को सोने से पहले एलोवेरा जैल से मसाज करें जहा पर भी आपके स्ट्रेच मार्क्स है, और सो जाएँ और सुबह उठाकर नहा लें, इससे आपको अपनी समस्या से लाभ मिलेगा ।
 
 
सेब जूस से मसाज
 
 
सेब के सिरके में थोड़ा सा पानी मिलाएं और इसे रुई की मदद से अपने स्ट्रेचमार्क्स पर लगाएं और सूखने के लिए छोड़ दें ऐसा नियमित करने से आपको लाभ होगा।
 
 
निम्बू का इस्तेमाल करें
 
 
इसके लिए निम्बू को दो हिस्सों में काटकर अच्छे से अपने स्ट्रेचमार्क्स पर मसाज करें और उसे सूखने दे जब तक की निम्बू का रस आपकी स्किन अच्छे से सोख नहीं लेती है ऐसा करने से आपको फायदा मिलेगा।
 
 
बेबी आयल से करें मसाज
 
 
रोजाना नहाने के बाद ब्रैस्ट को साफ़ करके बेबी ऑयल से मसाज करें, ऐसा नियमित करने से आपको इस समस्या से राहत मिलती है।
 
(शिवरतन कुमार गुप्ता)
 
सुझाव : कोई भी टिप्स आजमाने के लिए आप अपने अनुभवी चिकित्सक से सलाह जरूर कर लें। हम यह दावा नहीं करते है यह प्रयोग और परिणाम हर किसी पर भिन्न भिन्न हो सकता है।किसी दिक्कत के लिए भारतीय समाचार किसी भी प्रकार से जिम्मेदार नहीं होगा।

गर्भावस्था में महिलाओं के लिए फायदेमंद है तुलसी का पत्ता

गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिलाओं को अपने खान-पान को लेकर विशेष सावधानी बरतनी होती है। दरअसल प्रेग्नेंसी के दौरान अगर गर्भवती महिलाएं कुछ भी ऐसा-वैसा खा लेती है तो इसका सीधा उनके पेट में पल गर्भस्थ शिशु पर होता है ऐसे में जरुरी है की वह प्रेग्नेंसी के दौरान हेल्दी खाना खाए तो ही बेहतर होगा। ऐसे में आयुर्वद में गर्भवती महिलाओं को प्रेग्नेंसी के दौरान तुलसी का सेवन करना बेहद ही फायदेमंद बताया गया है तुलसी एक औषधि है जिसका एक पत्ता गर्भवती महिला अपनी प्रेग्नेंसी के दौरान खाएगी तो कई तरह की बीमारियों से उन्हे छुटकारा मिलेगा। यह एक प्राकृतिक औषधि है, जिसका कोई भी साइड एफेक्ट आप पर नही होगा। इसकी पत्तियां में एंटी-बैक्टीरियल गुण पाए जाते है साथ ही यह रोग-प्रतिरोधक क्षमता को भी दुरुस्त रखने का काम करती है।

 

आइए जानते है की तुलसी के पत्तें प्रेग्नेंसी के दौरान गर्भवती महिलाओं को कैसे फायदा पहुंचाते है…

तुलसी की पत्त‍ियों में हीलिंग क्वालिटी होती है। इसकी पत्तियों में एंटी-बैक्‍टीरियल, एंटी-वायरल और एंटी-फंगल गुण जो गर्भवती महिलाओ के लिए बेहद फायदेमंद है।

तुलसी की पत्तियां मैग्‍नीशियम का अच्छा स्त्रोत हैं। ये गर्भ में पल रहे शिशु की हड्डियों का विकास करते है साथ गर्भवती महिला की टेंशन को भी खत्म करने का काम करते है कई महिलाए अपनी प्रेग्नेंसी को लेकर टेंशन में होती है ऐसे में इसकी दो-तीन पत्तियां प्रतिदिन खाएगी तो आपकी सेहत को बेहतरीन लाभ होगा।

तुलसी के पत्ते गर्भवती महिला के पेट में पल रहे शिशु को संक्रमण से बचाते है ।तुलसी की पत्ति‍यों में ‘विटामिन ए’ पाया जाता है, जो गर्भ में पल रहे शिशु के विकास के लिए आवश्यक तत्व है। जिन बच्चों की ग्रोथ कम होती है, यदि वो गर्भवती महिलाए तुलसी के पत्तों का सेवन करेगी तो उन्हे बेहतर लाभ होगा।

रोजाना तुलसी की दो पत्तियां खाने से शरीर में खून की कमी नहीं होती है। अक्सर देखा जाता है की गर्भवस्था के दौरान अधिकर गर्भवती महिलाओं को एनिमिया की शिकायत होती है यदि आप भी एनेमिक हैं, तो हर रोज तुलसी की दो पत्ति‍यां खाने से आपकी सेहत को भी लाभ होगा।

प्रेग्नेसी के दौरान अक्सर गर्भवती महिलाओं को खुजली की परेशानी होती है। जैसे किसी भी तरह का इन्फेक्शन या इचिंग होने जैसी ऐसे में तुलसी का अर्क अगर आप उस जगह पर लगाएगी तो आपको उस जगह पर बेहद फायदा होगा।

(शिवरतन कुमार गुप्ता )