सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा फ़ैसला लेते यूपी के पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला खाली करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने अखिलेश यादव सरकार के उस आदेश को रद्द कर दिया है जिसमे राज्य के सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले की सुविधा देने की बात कही थी।

सुप्रीम कोर्ट ने साल 2016 में एक एनजीओ की याचिका पर सुनवाई करते हुए पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला छोड़ने का निर्देश दिया था लेकिन तब अखिलेश सरकार ने पुराने कानून में संशोधन कर यूपी मिनिस्टर सैलरी अलॉटमेंट एंड फैसिलिटी अमेंडमेंट एक्ट 2016 विधानसभा से पास करा लिया था और सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगले की सुविधा दिलाई थी।

जिसके बाद यूपी सरकार के इस संशोधन को भी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से चार हफ्तों में जवाब मांगा था। 2 साल बाद सुप्रीम कोर्ट ने इस संशोधन को खारिज कर दिया है और सभी पूर्व मुख्यमंत्रियों को सरकारी बंगला छोड़ने को कहा है।
आईये जानतें हैं कि कोर्ट के फैसले का असर किन बड़े नेताओं पर पड़ेगा?
अखिलेश यादव : वर्तमान में समाजवादी पार्टी के मुखिया हैं। CM योगी आदित्यनाथ से पहले अखिलेश ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे। यही वजह है कि उनका नाम भी इस फेहरिस्त में दर्ज है, जिनके नाम सरकारी बंगला आवंटित है।अखिलेश यादव साल 2012 से लेकर 2017 तक UP के मुख्यमंत्री रहे।
मुलायम सिंह यादव : मुलायम सिंह यादव सपा के संस्थापक हैं और यूपी के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। मुलायम सिंह एक बार नहीं, बल्कि तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रहे हैं। मुलायम सिंह यादव 5 दिसम्बर, 1989 से 24 जनवरी, 1991 तक, 5 दिसम्बर, 1993 से 3 जून, 1996 तक और 29 अगस्त, 2003 से 11 मई, 2007 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री रहे।
राजनाथ सिंह : राजनाथ सिंह वर्तमान मोदी सरकार में गृहमंत्री हैं। राजनाथ सिंह 28 अक्टूबर, 2000 से 8 मार्च, 2002 तक वह भी यूपी के मुख्यमंत्री रह चुके हैं।
कल्याण सिंह : राजस्थान के गवर्नर वर्तमान में कल्याण सिंह दो बार यूपी के मुख्यमंत्री रहे हैं। पहली बार वे 24 जून, 1991 से 6 दिसम्बर, 1992 तक मुख्यमंत्री रहे और दूसरी बार वह 21 सितम्बर, 1997 से 12 नवम्बर, 1999 तक सूबे के मुख्यमंत्री रहे।
मायावती : बहुजन समाजवादी पार्टी की मुखिया मायावती चार बार यूपी की सीएम रह चुकी हैं। उनका आखिरी कार्यकाल 13 मई, 2007 से 15 मार्च, 2012 रहा है।
नारायणदत्त तिवारी : नारायणदत्त तिवारी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ उत्तराखंड के भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ये तीन बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे। इन्हें भी अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सरकारी बंगला खाली करना पड़ेगा।












(Image Source: India Today)













