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Rajya Sabha Election 2022:- सीतारमण, सुरजेवाला और राउत निर्वाचित, BJP की बड़ी जीत

केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण और पीयूष गोयल, कांग्रेस के रणदीप सुरजेवाला और जयराम रमेश तथा शिवसेवा के संजय राउत चार राज्यों से राज्यसभा के लिए निर्वाचित हुए 16 उम्मीदवारों में शामिल हैं. महाराष्ट्र और हरियाणा में चुनाव नियमों के कथित उल्लंघन और ‘क्रॉस वोटिंग’ के आरोपों को लेकर खींचतान से शुक्रवार को मतगणना में करीब आठ घंटे की देरी हुई.

भाजपा के बेहतर चुनाव प्रबंधन के कारण पार्टी के दो उम्मीदवार और उसके समर्थन वाले एक निर्दलीय उम्मीदवार ने कर्नाटक, महाराष्ट्र और हरियाणा में जीत हासिल की जबकि उनके जीतने की संभावनाएं बेहद कम थीं.

महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना-राकांपा-कांग्रेस गठबंधन को तब झटका लगा जब मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने राज्य में छह राज्यसभा सीटों में से तीन पर जीत हासिल की. चुनाव नतीजे शनिवार तड़के घोषित किए गए.

भारतीय जनता पार्टी के विजयी उम्मीदवारों में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, प्रदेश के पूर्व मंत्री अनिल बोंडे और धनंजय महाडिक शामिल रहे. शिवसेना का राष्ट्रीय स्तर पर चेहरा रहे संजय राउत, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रफुल्ल पटेल और कांग्रेस के इमरान प्रतापगढ़ी ने भी जीत हासिल की.

भाजपा के पूर्व सांसद धनंजय महाडिक ने छठी सीट के लिए शिवसेना के संजय पवार को हरा दिया.

विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट किया, ‘‘चुनाव केवल लड़ने के लिए नहीं बल्कि जीतने के लिए लड़े जाते हैं.’’

उनके राज्यसभा के लिए आम सहमति से उम्मीदवार निर्वाचित करने से इनकार करने के कारण 24 साल बाद ऊपरी सदन के लिए राज्य में चुनाव कराने पड़े.

हरियाणा में कांग्रेस को झटका देते हुए भाजपा के कृष्ण लाल पंवार और पार्टी के समर्थन वाले निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा ने प्रदेश से राज्यसभा की दो सीटों पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस के अजय माकन हार गए.

निर्वाचन अधिकारी आर के नंदल ने बताया कि पंवार को 36 वोट मिले, जबकि शर्मा के खाते में प्रथम वरीयता के 23 मत गए और 6.6 वोट भाजपा से स्थानांतरित होकर आए, जिससे उनके मतों की कुल संख्या 29.6 हो गई. कांटे की टक्कर वाले इस मुकाबले में माकन को 29 वोट मिले लेकिन दूसरी वरीयता का कोई वोट न होने के कारण वह हार गए.

मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने शनिवार तड़के चार बजे विधानसभा परिसर में पत्रकारों से बातचीत में कहा, ‘‘मैं उन सभी विधायकों का आभार व्यक्त करता हूं जिन्होंने भाजपा उम्मीदवार और निर्दलीय उम्मीदवार के लिए वोट किया। यह एक तरह से हरियाणा के लोगों और लोकतंत्र की जीत है.’’

कांग्रेस के कुलदीप बिश्नोई के शर्मा के लिए मतदान करने के सवाल पर खट्टर ने कहा, ‘‘उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए वोट दिया. मैं कह सकता हूं कि उन्होंने मोदी सरकार की नीतियों और उपलब्धियों से प्रभावित होकर वोट दिया होगा. उन्होंने इसकी परवाह नहीं की कि कांग्रेस क्या कार्रवाई करेगी…मैं उन्हें बधाई देता हूं.’’

यह पूछने पर कि क्या भाजपा के दरवाजे उनके लिए खुले हैं, इस पर खट्टर ने कहा, ‘‘अगर वह शामिल होते हैं तो पार्टी उनका स्वागत करेगी। हुड्डा साहब का भी स्वागत है.’’

वहीं, कर्नाटक में भाजपा ने जोरदार समर्थन हासिल करते हुए राज्यसभा की उन सभी तीनों सीटों पर कब्जा जमाया, जिस पर उसने चुनाव लड़ा था. राज्य में संसद के उच्च सदन के लिए चार सीटों पर चुनाव हुआ.

मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने दो सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे लेकिन वह एक ही सीट जीत पायी जबकि जद(एस) के खाते में एक भी सीट नहीं आयी.

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, अभिनेता-नेता जग्गेश और विधान परिषद सदस्य लहर सिंह सिरोया भाजपा से उच्च सदन में पहुचेंगे तथा कांग्रेस के नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश को भी विजयी घोषित किया गया.

सीतारमण और रमेश को कर्नाटक से संसद के उच्च सदन के लिए फिर से चुना गया है.

चौथी सीट के लिए चुनाव परिणाम को लेकर रहस्य बना हुआ था, जिसमें तीनों राजनीतिक दलों के बीच कड़ी टक्कर देखी गई जिन्होंने जीतने के लिए पर्याप्त संख्या में वोट नहीं होने के बावजूद अपने उम्मीदवार खड़े किए थे.

हालांकि, चौथी सीट के लिए चुनाव में भाजपा के सिरोया ने मंसूर अली खान (कांग्रेस के दूसरे उम्मीदवार) और डी कुपेंद्र रेड्डी (जद-एस के एकमात्र उम्मीदवार) को हरा दिया. उन्हें संभवत: प्रतिद्वंद्वी दलों से क्रॉस वोटिंग और निर्दलीय उम्मीदवारों की मदद मिली.

राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने चार सीटों में से तीन पर आसानी से जीत दर्ज की और भाजपा के खाते में एक सीट गयी.

भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी और मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा हार गए. हरियाणा से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पिछला राज्यसभा चुनाव जीतने वाले चंद्रा ने इस बार राजस्थान से अपना भाग्य आजमाया था.

प्रदेश से कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला, मुकुल वासनिक और प्रमोद तिवारी तथा भाजपा के घनश्याम तिवाड़ी को निर्वाचित घोषित किया गया.

एक दिलचस्प घटनाक्रम में भाजपा विधायक शोभारानी कुशवाह ने कांग्रेस प्रत्याशी प्रमोद तिवारी के लिए ‘क्रॉस वोटिंग’ कर पार्टी की किरकिरी करवा दी. पार्टी ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया है.

जीत से उत्साहित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जयपुर में विधानसभा परिसर में पत्रकारों से कहा, ‘‘जब हर कोई जानता था कि हमारे पास 126 विधायक हैं तो उन्होंने (भाजपा) निर्दलीय उम्मीदवार क्यों खड़ा किया? वे खरीद-फरोख्त की कोशिश करना चाहते थे लेकिन यह हुआ नहीं.’’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस उम्मीदवारों की जीत ने देश में एक मजबूत संदेश भेजा है. पार्टी अगले साल विधानसभा चुनावों में फिर से सत्ता में आएगी.

कर्नाटक और राजस्थान में शुक्रवार रात को ही नतीजों की घोषणा कर दी गयी लेकिन महाराष्ट्र और हरियाणा में प्रतिद्वंद्वी दलों के मतदान नियमों के उल्लंघनों के आरोपों के कारण मतगणना में देरी हुई.

निर्वाचन आयोग ने वीडियो फुटेज समेत निर्वाचित अधिकारियों की विस्तृत रिपोर्टों पर गौर करने के बाद मतगणना की मंजूरी दी.

महाराष्ट्र में विपक्षी भाजपा ने सत्तारूढ़ महाविकास आघाड़ी (एमवीए) के तीन विधायकों – कैबिनेट मंत्री जितेंद्र आव्हाड (राकांपा) और यशोमती ठाकुर (कांग्रेस) तथा शिवसेना के विधायक सुहास कांडे पर आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया.

कांग्रेस ने जवाब देते हुए आयोग से भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार और निर्दलीय विधायक रवि राणा के वोट को अमान्य घोषित करने की मांग की.

कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष नाना पटोले ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त को लिखे एक पत्र में दावा किया कि मुनगंटीवार ने अपनी पार्टी के चुनाव एजेंट के अलावा अन्य लोगों को अपना मतपत्र दिखाकर ‘‘मतदान प्रक्रिया का उल्लंघन किया.’’

उन्होंने आरोप लगाया कि राणा ने खुले तौर पर एक धार्मिक पुस्तक ‘हनुमान चालीसा’ को प्रदर्शित किया और अन्य मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की. हरियाणा में भी इन्हीं कारणों से मतगणना रोकी गई थी, क्योंकि भाजपा प्रत्याशी कृष्ण लाल पंवार और निर्दलीय उम्मीदवार कार्तिकेय शर्मा ने आयोग को भेजे संदेश में आरोप लगाया कि कांग्रेस विधायक किरण चौधरी और बी बी बत्रा ने अनधिकृत व्यक्तियों को अपने मतपत्रों को दिखाया और प्रकरण कैमरे में रिकॉर्ड किया गया है.

लद्दाख में चीन के निर्माण को लेकर भड़के राहुल गांधी, कहा – चीन के कदम को नजरअंदाज कर देश के साथ ‘विश्वासघात’ कर रही है सरकार

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ‘भारत से लगी सीमा के निकट चीन द्वारा बुनियादी ढांचे का विकास किए जाने पर’ अमेरिका के एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के बयान की पृष्ठभूमि में शुक्रवार को आरोप लगाया कि बीजिंग के इस कदम को नजरअंदाज कर केंद्र सरकार भारत के साथ ‘विश्वासघात’ कर रही है.

उन्होंने ट्वीट किया, “चीन भविष्य में शत्रुतापूर्ण कार्रवाई के लिए बुनियाद तैयार कर रहा है. इसको नजरअंदाज करके सरकार भारत के साथ विश्वासघात कर रही है.”

गौरतलब है कि अमेरिकी सेना के प्रशांत क्षेत्र के कमांडिंग जनरल चार्ल्स ए. फ्लिन ने गत बुधवार को कहा था कि भारत से लगती सीमा के निकट चीन द्वारा कुछ रक्षा बुनियादी ढांचे स्थापित किया जाना चिंता की बात है.

इससे जुड़े सवाल पर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत चीन से उम्मीद करता है कि अगले दौर की सैन्य स्तर की वार्ता में वह पूर्वी लद्दाख से जुड़े मुद्दों का साझा रूप से स्वीकार्य समाधान निकालने के लिये काम करेगा, क्योंकि दोनों पक्षों का मानना है कि मौजूदा स्थिति का लम्बा खिंचना किसी के हित में नहीं है.

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार पश्चिमी क्षेत्र में चीन द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के निर्माण समेत सभी घटनाक्रम पर सावधानीपूर्वक नजर रखती है तथा क्षेत्रीय अखंडता एवं सम्प्रभुता की रक्षा के लिये सभी उपाय करने को प्रतिबद्ध है.

Rajya Sabha Election 2022: राज्यसभा की 16 सीटों के लिए 4 राज्यों में मतदान जारी

राज्यसभा की 16 सीटों के लिए चार राज्यों में मतदान (Rajya Sabha Election 2022) जारी है. कई प्रतिद्वंद्वी दलों ने खरीद-फरोख्त के प्रयासों के आरोपों के बीच अपने विधायकों को होटलों और रिजॉर्ट में ठहरा रखा है.

निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने चुनाव की निगरानी के लिए विशेष पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है और पूरी प्रक्रिया का वीडियो बनाया जाएगा.

मतदान सुबह नौ बजे शुरू हुआ और शाम चार बजे तक चलेगा. वोटों की गिनती शाम पांच बजे शुरू की जाएगी.

इस चुनाव में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल, कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सुरजेवाला, जयराम रमेश, मुकुल वासनिक और शिवसेना के संजय राउत की किस्मत का फैसला होगा. हालांकि, इनके आसानी से जीत दर्ज करने की उम्मीद है.

आयोग ने हाल ही में 57 राज्यसभा सीटों के लिए द्विवार्षिक चुनाव की घोषणा की थी. उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, बिहार, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़, पंजाब, तेलंगाना, झारखंड और उत्तराखंड में सभी 41 उम्मीदवारों को पिछले शुक्रवार को निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था.

वहीं, हरियाणा, राजस्थान, महाराष्ट्र और कर्नाटक की 16 सीटों के लिए शुक्रवार को मतदान हो रहा है, क्योंकि उम्मीदवारों की संख्या संबंधित राज्यों में मौजूद सीटों से अधिक है.

महाराष्ट्र में दो दशक से अधिक समय के बाद राज्यसभा चुनाव में मुकाबला देखने को मिल रहा है. राज्य की छह सीटों के लिए सात उम्मीदवार मैदान में हैं.

सूत्रों ने बताया कि महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महा विकास अघाडी (एमवीए) के घटक दल शिवसेना, राकांपा, कांग्रेस ने अपने विधायकों को मतदान प्रक्रिया शुरू होने तक मुंबई के विभिन्न होटल और रिजॉर्ट में ठहराया था.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, अनिल बोंडे, धनंजय महादिक, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) से प्रफुल्ल पटेल, शिवसेना से संजय राउत, संजय पवार और कांग्रे से इमरान प्रतापगढ़ी छह सीटों के लिए मैदान में हैं. मुकाबला छठी सीट पर भाजपा के महादिक और शिवसेना के पवार के बीच है.

महाराष्ट्र विधानसभा में शिवसेना के 55, राकांपा के 53, कांग्रेस के 44, भाजपा के 106, बहुजन विकास अघाडी (बीवीए) के तीन और समाजवादी पार्टी (सपा), एआईएमआईएम व प्रहार जनशक्ति पार्टी के दो-दो, जबकि मनसे, माकपा, पीडब्ल्यूपी, स्वाभिमानी पार्टी, राष्ट्रीय समाज पक्ष, जनसुराज्य शक्ति पार्टी तथा क्रांतिकारी शेतकारी पार्टी के एक-एक विधायक एवं 13 निर्दलीय सदस्य मौजूद हैं.

वहीं, हरियाणा में दो सीटों के लिए मतदान हो रहा है. सत्तारूढ़ भाजपा और उसके सहयोगी दल जननायक जनता पार्टी (जजपा) के विधायक चंडीगढ़ के पास एक रिजॉर्ट में रुके हुए थे. वहीं, हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक रिजॉर्ट में ठहराया गया था.

हरियाणा में भाजपा ने पूर्व मंत्री कृष्ण लाल पंवार को मैदान में उतारा है, जबकि अजय माकन कांग्रेस के उम्मीदवार हैं. हरियाणा की 90 सदस्यीय विधानसभा में 40 विधायकों वाली भाजपा के पास एक सीट जीतने के लिए पर्याप्त वोट हैं. वहीं दूसरी सीट के लिए मुकाबला मीडिया उद्योगपति कार्तिकेय शर्मा के मैदान में उतरने के कारण हो रहा है, जो एक निर्दलीय उम्मीदवार हैं। उन्हें भाजपा-जजपा गठबंधन का समर्थन प्राप्त है.

उधर, कर्नाटक में राज्यसभा की चार सीटों के लिए मतदान हो रहा है, लेकिन चौथी सीट के नतीजों को लेकर अब भी संशय की स्थिति बनी हुई है, जिस पर राज्य की तीनों प्रमुख पार्टियां किस्मत आजमा रही हैं, जबकि तीनों के पास ही जीत के लिए जरूरी मत नहीं हैं.

कर्नाटक की चार राज्यसभा सीटों के लिए जो उम्मीदवार मैदान में हैं, उनमें भाजपा की ओर से केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, निवर्तमान विपरिषद सदस्य लहर सिंह सिरोया और अभिनेता जग्गेश शामिल हैं. वहीं, कांग्रेस ने पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश और पार्टी की राज्य इकाई के महासचिव मंसूर अली खान को मैदान में उतारा है। जद(एस) की ओर से कुपेंद्र रेड्डी उच्च सदन पहुंचने की दौड़ में शामिल हैं.

कर्नाटक में विधानसभा के सदस्यों की संख्या के हिसाब से एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 45 विधायकों का समर्थन चाहिए. मौजूदा संख्याबल के हिसाब से भाजपा दो सीटों और कांग्रेस एक सीट पर जीत सकती है. भाजपा के पास अपने दम पर दो प्रत्याशियों (सीतारमण और जग्गेश) को जिताने के बाद अतिरिक्त 32 विधायक होंगे.

वहीं, जयराम रमेश को जिताने के लिए आवश्यक मतों के बाद कांग्रेस के पास 25 अतिरिक्त विधायकों का समर्थन है, जबकि जद(एस) के पास 32 विधायक हैं, जो इस चुनाव में अपने प्रत्याशी को जीत दिलाने के लिए पर्याप्त नहीं है.

राजस्थान में भी कांग्रेस विधायकों एवं पार्टी समर्थक निर्दलीय सदस्यों को राज्यसभा चुनाव से पहले खरीद-फरोख्त की आशंका के बीच उदयपुर के एक होटल में ठहराया गया था. कांग्रेस ने राज्यसभा चुनाव में तीन उम्मीदवार मुकुल वासनिक, प्रमोद तिवारी और रणदीप सुरजेवाला को चुनाव मैदान में उतारा है. वहीं, भाजपा ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आलोचक रहे पूर्व मंत्री घनश्याम तिवाड़ी को अपना उम्मीदवार बनाया है.

विधानसभा में संख्या बल के आधार पर कांग्रेस दो सीटों और भाजपा एक सीट पर आसानी से जीत दर्ज कर लेगी। हालांकि, दिलचस्प मुकाबला चौथी सीट के लिए है.

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) समर्थित मीडिया कारोबारी सुभाष चंद्रा के राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने से मुकाबला दिलचस्प हो गया है.

Coronavirus India Update : 24 घंटे में भारत में कोरोना के 7584 नए केस, 24 मरीजों की मौत, सक्रिय मामले 36 हजार के पार

भारत (India) में कोरोना (Coronavirus) के पिछले 24 घंटे में 7584 नए मामले सामने आए हैं. साथ ही 24 और मरीजों की मौत भी देश में कोरोना से हुई है. ये जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से शुक्रवार सुबह दी गई. इसी के साथ देश में कोरोना से मरने वालों की संख्या बढ़कर 5 लाख 24 हजार 747 हो गई है. भारत में ये लगातार तीसरा दिन है जब कोरोना के मामले में वृद्धि है.

इससे पहले कल सुबह के अपडेट में 7240 मामले सामने आने की बात कही गई थी. ऐसे में आज 344 अधिक केस आए हैं. वहीं, बुधवार को 5 हजार से अधिक केस आए थे. सक्रिय मामले भी अब बढ़कर 36 हजार 267 हो गए हैं. कल के मुकाबले नए सक्रिय मामलों में 3769 का इजाफा हुआ है.

इस बीच स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार देश में अभी तक 194 करोड़ (1,947,642,992) से ज्यादा कोविड टीके (Covid Vaccine) की डोज देश में दी जा चुकी है. पिछले 24 घंटे में 15 लाख 31 हजार 510 डोज लगाए गए. वहीं आईसीएमआर (ICMR) के अनुसार पिछले 24 घंटे में तीन लाख 35 हजार 50 कोरोना टेस्ट भी किए गए.

सामने आए नए मामलों में अकेले महाराष्ट्र (Maharashtra) से गुरुवार को कोविड-19 (Covid-19) के 2,813 नए केस मिले. यह पिछले करीब चार महीने में एक दिन में सामने आए मरीजों की सबसे अधिक संख्या है. वहीं, पिछले चौबीस घंटे में एक मरीज की संक्रमण से मौत हुई है. राज्य में एक्टिस केस बढ़कर 11,571 हो गई है.

राज्य में नए मामलों में से अकेले मुंबई (Mumbai) में 1,702 से आए हैं और राज्य में दर्ज एकमात्र मौत भी महानगर में ही हुई है. 15 फरवरी को आए 2,831 मामलों के बाद एक दिन में महाराष्ट्र में सबसे अधिक संक्रमितों की संख्या गुरुवार को दर्ज की गई थी. बुधवार को महाराष्ट्र में कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमण के 2,701 नए मामले आए थे.

महाराष्ट्र के बाद केरल (Kerala) में 2193, दिल्ली (Delhi) में 622, कर्नाटक (Karnataka) में 471 और हरियाणा (Haryana) में 348 नए केस मिले है. देश में मिले कुल केसों में से 85% इन्हीं 5 राज्यों में हैं. इसमें भी अकेले महाराष्ट्र से 37.09% केस हैं. इस बीच भारत में रिकवरी रेट (Recovery Rate) 98.7 प्रतिशत है”.

जेपी नड्डा ने BJP नेताओं को दी पश्चिम बंगाल के विभाजन के बारे में टिप्पणी करने से दूर रहने की दी नसीहत

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने बृहस्पतिवार को पार्टी के नेताओं से आग्रह किया कि वे पश्चिम बंगाल (West Bengal) के विभाजन के बारे में टिप्पणी करने से दूर रहें. भाजपा विधायकों (BJP MLA) के एक वर्ग द्वारा पश्चिम बंगाल के विभाजन की मांग दोहराने के चलते पार्टी को राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की आलोचना का सामना करना पड़ रहा है. नड्डा ने अपने पश्चिम बंगाल दौरे के अंतिम दिन दोपहर में भाजपा सांसदों और विधायकों के साथ बैठक की. 

भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘‘बैठक के दौरान, जेपी नड्डा जी ने सभी से अलग राज्य या बंगाल के विभाजन के बारे में बोलने से दूर रहने को कहा है. उन्होंने कहा है कि इससे जनता के बीच एक गलत संदेश जा रहा है और यह पार्टी के आधिकारिक रुख के अनुरूप भी नहीं है. यह स्पष्ट किया गया कि किसी को भी ऐसी कोई टिप्पणी नहीं करनी चाहिए जिससे पार्टी को शर्मिंदगी झेलनी पड़े.”

भाजपा के कई नेता उत्तर बंगाल क्षेत्र के जिलों को मिलाकर एक अलग राज्य या केंद्र शासित प्रदेश बनाने की मांग कर रहे हैं. 

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कुर्सियांग से भाजपा विधायक बिष्णु प्रसाद शर्मा ने बृहस्पतिवार को राज्य के बंटवारे की मांग उठाते हुए कहा कि दिन में पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ विधायकों की बैठक के दौरान वह इस मुद्दे को रखेंगे. 

Rajya Sabha Election 2022: राज्यसभा चुनाव के बीच राजस्थान के आमेर में इंटरनेट बंद, सुरक्षा का हवाला देकर लगाया बैन

राजस्थान के जयपुर की आमेर तहसील में बृहस्पतिवार रात नौ बजे से 12 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है. राजस्थान में शुक्रवार को राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान में भाग लेने के लिए उदयपुर से जयपुर लौटे कांग्रेस और उसे समर्थन दे रहे विधायकों को आमेर तहसील की एक होटल में ठहराया गया है. जयपुर के संभागीय आयुक्त की ओर से जारी आदेश में बताया गया कि तहसील आमेर क्षेत्र में प्रतिरक्षित व्यक्तियों का आवागमन और ठहराव है. विश्वस्त सूत्रों से प्राप्त सूचना के अनुसार उक्त प्रतिरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा को गंभीर खतरा है. ऐसी परिस्थिति में कानून व्यवस्था की स्थिति पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है.

ऐसे में आदेश के अनुसार समस्त क्षेत्र तहसील आमेर में इंटरनेट पर प्रतिबंध लगाया जाना अत्यावश्यक है. विधायक शाम से ही आमेर तहसील के लीला होटल में ठहरे हुए हैं. उन्हें उदयपुर से लाया गया है और शुक्रवार सुबह सभी विधायक होटल से राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान करने विधानसभा भवन जाएंगे. 

इधर, प्रशासन के इस कदम के बाद कांग्रेस पर तंज कसते हुए बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष और आमेर विधायक सतीश पूनियां ने ट्वीट में कहा ‘‘पर्चा लीक होने के डर से आमेर में इंटरनेट बंद”. बता दें कि राजस्थान में 10 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव में खरीद फरोख्त के भय से बचने के लिए उदयपुर के एक होटल में दो जून से रह रहे प्रदेश कांग्रेस और उनके समर्थक विधायक बृहस्पतिवार को जयपुर हवाई अड्डे पहुंचे, जहां से उन्हें आमेर के होटल में भेजा गया है. 

कांग्रेस और समर्थक विधायक के साथ उदयपुर से जयपुर पहुंचे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हवाई अड्डे पर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, ‘‘ये परंपरा जो भाजपा वाले डाल रहे हैं, हम चाहते हैं कि इस बार सबक ऐसा मिलना चाहिए कि भविष्य में ऐसी नौबत ही नहीं आये.. इस बार हम तीनों सीटें जीत रहे हैं. कोई दिक्कत नहीं आ रही है और हमारा कुनबा एकजुट है.” 

घर वापसी का दिखाया गया था सपना, लेकिन…’, घाटी में कश्मीरी पंडितों पर हो रहे हमलों पर बिफरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे

महाराष्ट्र (Maharashtra) के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Chief Minister Uddhav Thackeray) ने कश्मीर घाटी में ”हिंदुओं और कश्मीरी पंडितों की निशाना बनाकर हत्या की घटनाओं” पर शनिवार को चिंता व्यक्त की. शिवसेना प्रमुख ठाकरे ने यहां एक बयान में कहा कि कश्मीरी पंडित घाटी से भाग रहे हैं. उन्होंने कहा, ”कश्मीरी पंडितों को ‘घर वापसी’ (घाटी में पुनर्वास) का सपना दिखाया गया था, लेकिन उनकी निशाना बनाकर हत्याएं की जा रही हैं. पंडितों का पलायन स्तब्ध करने वाली घटना है.”

मुख्यमंत्री ने कश्मीरी पंडित समुदाय को आश्वासन दिया कि ”महाराष्ट्र उनके साथ मजबूती से खड़ा है.” उन्होंने कहा कि 1995 में, जब शिवसेना-भारतीय जनता पार्टी गठबंधन महाराष्ट्र में सत्ता में आया, तो शिवसेना के संस्थापक बाल ठाकरे ने कश्मीरी पंडितों के बच्चों के लिए राज्य के शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण सुनिश्चित किया था. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कश्मीरी पंडित नेताओं के संपर्क में है और उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कोशिश करेगी.

बता दें कि सैकड़ों कश्मीरी पंडितों (Kashmiri Pandits) ने हाल ही में श्रीनगर में टारगेट किलिंग (Target Killing) के विरोध में प्रदर्शन किया था. प्रदर्शन कर रहे कश्मीरी पंडितों ने घाटी छोड़ने की बात कही थी. उन्होंने कहा था कि कुलगाम में राजस्थान के एक बैंक मैनेजर की आतंकवादी ने गोली मारकर हत्या कर दी, ये पिछले तीन दिनों में हिंदुओं पर दूसरा टारगेट हमला है. 

वहीं कश्मीर में स्थिति की समीक्षा के लिए दिल्ली में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और गृह मंत्री अमित शाह ने मुलाकात की थी. शाह ने केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ भी इस मुद्दे पर चर्चा की थी.

Pakistan: इमरान खान ने गृहयुद्ध की चेतावनी दी, कहा- चुनाव की घोषणा नहीं की गई तो…

पाकिस्तान के अपदस्थ प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) ने आगाह किया है कि अगर नए सिरे से चुनाव की घोषणा नहीं की गई तो देश में गृहयुद्ध की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी.

समाचार पत्र ‘डॉन’ की खबर के अनुसार, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के प्रमुख खान ने ‘बोल न्यूज’ को बुधवार को दिए एक साक्षात्कार में कहा कि वह प्रदर्शनकारियों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए अपनी पार्टी द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि वह चुनाव की मांग को लेकर एक और मार्च निकालने की जल्द घोषणा करेंगे.

इमरान खान ने आगाह किया, ‘‘हम देखेंगे कि क्या वे हमें कानूनी और संवैधानिक तरीकों से चुनाव कराने की अनुमति देते हैं या नहीं. ऐसा नहीं हुआ तो देश में गृहयुद्ध की स्थिति उत्पन्न हो जाएगी.’’ खान ने कहा कि नेशनल असेंबली में लौटने का ‘‘कोई सवाल ही नहीं उठता’’ क्योंकि ऐसा करने का मतलब होगा कि उन्होंने ‘‘उस साजिश को स्वीकार कर लिया है’’ जिसके तहत उनकी सरकार को सत्ता से बाहर किया गया.

गौरतलब है कि खान को पिछले महीने विपक्षी पार्टियों ने संसद में अविश्वास प्रस्ताव के जरिए प्रधानमंत्री पद से हटा दिया था. हालांकि, उन्होंने इसे अस्वीकार करते हुए उनकी सरकार की बेदखली में अमेरिका का हाथ होने का आरोप लगाया था. इसके बाद से ही खान नए सिरे चुनाव कराने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. उनके शब्दों में, पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) पार्टी के शहबाज शरीफ के नेतृत्व वाली मौजूदा गठबंधन सरकार ‘‘आयातित’’ है और पाकिस्तानी लोगों को एक सच्चा प्रतिनिधि चाहिए.

इमरान खान ने देश की शक्तिशाली सेना पर हमला करते हुए यह स्वीकार किया है कि उनकी सरकार एक “कमजोर सरकार” थी, जिसे “हर तरफ से ब्लैकमेल किया” जाता था. उन्होंने कहा कि सत्ता की बागडोर उनके हाथ में नहीं थी और “सभी को पता था कि वह किसके पास है.

Jharkhand : पति को बंधक बनाकर पत्नी से किया गैंगरेप, कोर्ट ने अपराधियों को सुनाई 25-25 साल कैद की सज़ा

झारखंड (Jharkhand) के दुमका जिले (Dumka Disctrict) की एक अदालत ने पति को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म (Gang Rape) करने के डेढ़ साल पुराने मामले में दस अपराधियों को मंगलवार को 25-25 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनायी एवं सभी दोषियों के खिलाफ 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

दुमका के द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार मिश्र की अदालत ने आठ दिसम्बर 2020 को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के घासीपुर गांव में पति को बंधक बना कर पत्नी के साथ किये गये सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दसों आरोपियों को मंगलवार को 25-25 साल के सश्रम कारावास (imprisonment) की सजा सुनायी एवं 31-31 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया.

दुमका के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के घासीपुर गांव में आठ दिसम्बर 2020 को हुए सामूहिक दुष्कर्म के इस मामले का राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लेते हुए झारखण्ड के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक को समयबद्ध ढंग से इस मामले की जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिये . 

सरकारी वकील चंपा कुमारी ने बताया कि दुमका मुफस्सिल थाना क्षेत्र के घासीपुर निवासी मनोज मोहली 1, मनोज मोहली 2, मंगल मोहली उर्फ मामु, बोदी लाल मोहली, संतोष हेम्ब्रम, विकास मोहली, मिथुन टुडू उर्फ मोहली, नुनुलाल मोहली, उज्जवल मोहली और एगियास मोहली उर्फ बाबू को 25-25 साल के सश्रम कारावास के साथ जुर्माने की सजा सुनाई . उन्होंने बताया कि जुर्माने की राशि अदा नहीं करने पर सभी आरोपी को ढाई -ढाई साल अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. 

Singer KK’s Death Updates : कोलकाता पुलिस ने सिंगर KK की मौत की जांच शुरू की, BJP ने सुरक्षा व्यवस्था में चूक का आरोप लगाया

मशहूर गायक कृष्णकुमार कुन्नथ (Krishnakumar Kunnath) के निधन के एक दिन बाद आज कोलकाता पुलिस (Kolkata Police) ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है. कॉन्सर्ट के दौरान भीषण गर्मी के बीच वेंटिलेशन की कथित कमी को लेकर अब सवाल उठने लगे हैं. गौरतलब है कि कोलकाता पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. 

वहीं, विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पश्चिम बंगाल सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया जिस पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने कड़ी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा है कि भाजपा को इसका राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए. पुलिस ने कहा कि गायक का पोस्टमार्टम किया गया है और रिपोर्ट की प्रतीक्षा की जा रही है.

एक अधिकारी ने  बताया, ‘‘केके जिस होटल में ठहरे थे, उसके मैनेजर और अन्य कर्मचारियों से पुलिस ने बात की है. न्यू मार्केट पुलिस थाने में अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है.यह पांच-सितारा होटल इसी थाना क्षेत्र में आता है जिसमें केके ठहरे थे. अस्पताल ले जाने से पहले इसी होटल में उन्होंने अस्वस्थ होने की शिकायत की थी.”

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘हमने गायक केके की मौत की जांच शुरू कर दी है और न्यू मार्केट थाने में अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है.हम होटल अधिकारियों से बात कर रहे हैं और सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि उन्हें अस्पताल ले जाने से पहले क्या हुआ था.”

अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में दो लोगों से पूछताछ हुई है. शुरुआती जांच से पता चला है कि एक कॉलेज के दो कार्यक्रमों में प्रस्तुति देने के लिए कोलकाता के दो दिवसीय दौरे पर आए 53 वर्षीय गायक को उस होटल में प्रशंसकों की भीड़ ने ‘‘लगभग घेर” लिया था. कोलकाता के दक्षिणी भाग में स्थित नजरुल मंच सभागार में प्रदर्शन के बाद वह होटल लौटे थे.

अधिकारी ने कहा, ‘‘गायक ने कुछ प्रशंसकों को अपने साथ तस्वीरें लेने की अनुमति दी थी, लेकिन फिर उन्होंने सेल्फी सेशन को जारी रखने से इनकार कर दिया. वह लॉबी छोड़कर ऊपर चले गए जहां वह कथित तौर पर ठोकर खाकर फर्श पर गिर गए. उनके साथ मौजूद लोगों ने होटल अधिकारियों को सूचित किया.”

इसके बाद केके को शहर के दक्षिणी हिस्से में एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें ‘‘मृत लाया” हुआ घोषित कर दिया. उन्होंने कहा कि शायद गिरने के कारण गायक को दो जगह – एक उनके माथे पर बाईं ओर और दूसरा उनके होठों पर चोटें आईं. अस्पताल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘उन्हें रात करीब 10 बजे अस्पताल लाया गया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि हम उनका इलाज नहीं कर सके.” अस्पताल के डॉक्टरों ने कहा कि उन्हें संदेह है कि ‘‘दिल का दौरा” पड़ने से गायक का निधन हुआ.उन्होंने कहा कि केके की मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए दिन में पोस्टमार्टम किया जाएगा.

पुलिस अधिकारी ने कहा, ‘‘शव की अंत्य परीक्षण रिपोर्ट से मौत के सही कारण का पता चलेगा. हम इसका इंतजार कर रहे हैं.” इस बीच, गायक की पत्नी शहर पहुंचीं और अस्पताल गईं जहां उनका शव रखा गया है.इस बीच, पश्चिम बंगाल सरकार ने केके के पार्थिव शरीर को तोपों की सलामी देकर उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दी. कार्यवाही की निगरानी कर रहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिवंगत गायक को पुष्पांजलि अर्पित की, जिनका पार्थिव शरीर कुछ समय के लिए रवींद्र सदन में रखा गया था.

बनर्जी को केके की पत्नी और कार्यक्रम स्थल पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों को सांत्वना देते हुए देखा गया .एक अधिकारी ने बताया कि दिन में सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद गायक के शव को रवींद्र सदन लाया गया. उन्होंने कहा कि उनके पार्थिव शरीर को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर ले जाया गया और उनके परिवार को सौंप दिया गया, जो पार्थिव शरीर के साथ मुंबई के लिए रवाना होंगे. बनर्जी बांकुरा में अपना दौरा बीच में छोड़ कोलकाता पहुंचीं.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को केके के निधन पर शोक व्यक्त किया.उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘हिंदी फिल्मों के पार्श्व गायक केके के आकस्मिक और असामयिक निधन से हम सब स्तब्ध और दुखी हैं.मेरे सहयोगी कल रात से यह सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं कि आवश्यक औपचारिकताओं, उनके अंतिम संस्कार के लिए और उनके परिवार को सभी आवश्यक सहयोग दिया जाए.मेरी गहरी संवेदना.”

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘केके युवाओं के लिए प्रेरणा थे. हमने एक महान गायक खो दिया है. मैंने उनकी पत्नी से बात की है जो कोलकाता पहुंची हैं.मौसम की स्थिति के मुताबिक, मैं गायक को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए एनएससीबीआई हवाई अड्डे पर पहुंचने की कोशिश करूंगी. राज्य पुलिस उन्हें तोपों की सलामी देगी.”

इस बीच, घटना को लेकर भाजपा ने निष्पक्ष जांच की मांग की.इसके साथ ही राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया और टीएमसी ने भाजपा को गायक की मौत का राजनीतिकरण नहीं करने के लिए कहा है. भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए क्योंकि उचित सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से पूरी तरह से चूक हुई.” उन्होंने कहा, ‘‘कथित तौर पर कार्यक्रम स्थल पर करीब 7,000 लोग मौजूद थे, जहां करीब 3,000 लोगों के बैठने की क्षमता है.वहां बहुत भीड़ थी, जिसका मतलब है कि एक अति विशिष्ट व्यक्ति (वीआईपी) के लिए सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी.”

भाजपा के राष्ट्रीय सचिव अनुपम हाजरा ने भट्टाचार्य की बात को दोहराते हुए कहा कि आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.उन्होंने बंगाली में ट्वीट किया, ‘‘हॉल की क्षमता क्या थी और कितने लोगों को प्रवेश की अनुमति दी गई थी? क्या इस तरह की सभा के लिए एयर-कंडीशनिंग पर्याप्त थी? सभागार में ऑक्सीजन का स्तर क्या था? इन चीजों पर गौर करने की जरूरत है.”

पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने भी एक ‘‘सक्षम प्राधिकारी” से जांच की मांग की.उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘मैं एक सक्षम प्राधिकारी द्वारा गायक केके के दुखद निधन की गहन जांच की मांग करता हूं.उनके प्रदर्शन के दौरान नजरूल मंच के आस पास का माहौल, उक्त मंच के कुप्रबंधन सहित कई अहम सवालों का पता चलता है, जो उनकी मृत्यु का कारण हो सकते हैं.”

भाजपा की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तृणमूल कांग्रेस के प्रदेश महासचिव कुणाल घोष ने कहा कि भाजपा को अपनी ‘गंदी राजनीति’ बंद करनी चाहिए और किसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए.

उन्होंने कहा, ‘‘उनकी मृत्यु वास्तव में दुर्भाग्यपूर्ण है और हम सभी वास्तव में इसके बारे में दुखी हैं.लेकिन भाजपा जो कर रही है उसकी बिल्कुल भी उम्मीद नहीं है.भगवा खेमे को अपनी गंदी राजनीति को रोकना चाहिए.उन्हें मौत का राजनीतिकरण करना बंद कर देना चाहिए. हम नहीं करेंगे लेकिन भाजपा अगर यह दावा करना शुरू कर दे कि केके उनकी पार्टी के नेता थे, तो आश्चर्य नहीं होगा.” घोष ने कहा कि प्रशासन सभी कदम उठा रहा है और जांच जारी है.

राज्य के वरिष्ठ मंत्री और कोलकाता के महापौर फरहाद हकीम ने कहा कि एयर कंडीशनिंग काम कर रही थी लेकिन अत्यधिक भीड़ थी.उन्होंने कहा, ‘‘केके एक बहुत लोकप्रिय गायक थे और युवा पीढ़ी के बीच उनके बहुत बड़े प्रशंसक थे. मैंने सुना है कि क्षमता लगभग 2,800 थी, लेकिन लगभग 7,000 लोगों ने उनकी एक झलक पाने और उनके गीत को सुनने के लिए हॉल में प्रवेश करने की कोशिश की थी.”

उन्होंने कहा, ‘‘वहां मौजूद लोग उनका गाना सुनना चाहते थे और सिर्फ इस आधार पर आप पुलिस से भीड़ पर लाठीचार्ज करने के लिए नहीं कह सकते .एयर-कंडीशनिंग पूरी तरह से सही थी.मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि वे मौत का राजनीतिकरण न करें.”गायक ने सोमवार शाम को भी नजरूल मंच में विवेकानंद कॉलेज द्वारा आयोजित एक संगीत कार्यक्रम में प्रस्तुति दी थी.उनका बुधवार को नयी दिल्ली लौटने का कार्यक्रम था.

‘प्यार के पल’ और ‘यारों’ जैसी शुरुआती हिट एलबम ने केके को देश के युवाओं के बीच लोकप्रिय बना दिया.एक पार्श्व गायक के रूप में उन्होंने ‘आंखों में तेरी’ (ओम शांति ओम), ‘जरा सा’ (जन्नत), ‘खुदा जाने’ (बचना ऐ हसीनो) और ‘तड़प तड़प’ (हम दिल दे चुके सनम) जैसे गाने गाए .बहुमुखी गायक केके ने तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम, मराठी और बांग्ला सहित अन्य भाषाओं में भी गाने रिकॉर्ड किए .