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China gas blast: चीन में गैस पाइप विस्फोट में 11 लोगों की मौत, 37 घायल

मध्य चीन के हुबेई प्रांत में रविवार सुबह भीषण गैस विस्फोट में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और 37 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए.

यह विस्फोट झांगवान जिले के शियान शहर में सुबह करीब छह बजकर 30 मिनट पर हुआ. खबरों के मुताबिक जिले में एक बाजार सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है.

सरकारी चैनल ‘सीजीटीएन-टीवी’ ने खबर दी कि धमाके में कई इमारतें तबाह हो गईं और 11 लोगों की मौत हुई तथा 37 अन्य घायल हो गए.

हांगकांग के अखबार ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ के मुताबिक़ विस्फोट शियान के यान्हु बाजार में हुआ जहां कई लोग नाश्ता कर रहे थे या बाजार में सब्जी खरीद रहे थे।

शहर के नगरपालिका कार्यालय ने घटना के बाद शुरू में कहा था कि कई लोग मलबे के नीचे दब गए हैं.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘वीबो’ पर प्रसारित तस्वीरों और वीडियो फुटेज में कई घर जमींदोज दिखे और बचाव कर्मी इन तबाह हुए घरों से बड़े पैमाने पर मलबा हटाते दिख रहे हैं. घटना के कारणों की जांच की जा रही है.

Covid-19 : इंदौर में 5,000 पाकिस्तानी शरणार्थियों को भी लगाया जाएगा टीका

इंदौर जिला प्रशासन ने करीब 5,000 पाकिस्तानी शरणार्थियों को भी Covid-19 रोधी टीका लगाने का फैसला किया है.

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉक्टर प्रवीण जड़िया ने बताया कि सिंधी हिन्दू समुदाय के पाकिस्तानी शरणार्थियों के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से हाल ही में मांग की थी कि महामारी से बचाव के लिए उन्हें भी टीका लगाया जाए.प्रदेश सरकार की मंजूरी के बाद यह मांग मान ली गई है.

पाकिस्तानी शरणार्थी शहर के टीकाकरण केंद्रों पर पहचान पत्र के रूप में अपना पासपोर्ट दिखाकर Covid-19 रोधी टीका लगवा सकेंगे.

जड़िया ने एक अनुमान के हवाले से बताया कि इंदौर में करीब 5,000 पाकिस्तानी शरणार्थी रहते हैं और इनमें से ज्यादातर लोग शहर के सिंधी कॉलोनी क्षेत्र में बसे हैं. उन्होंने कहा, “हम मानवता के आधार पर सभी वयस्कों को Covid-19 रोधी टीका लगा रहे हैं. पिछले महीने हमने किसी काम से इंदौर आए नीदरलैंड के एक नागरिक को भी टीका लगाया था.

गौरतलब है कि इंदौर, राज्य में Covid-19 से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला है. अधिकारियों ने बताया कि अब तक जिले में महामारी के कुल 1.52 लाख मरीज मिले हैं. इनमें से 1,370 लोगों की इलाज के दौरान मौत हो चुकी है.

उन्होंने बताया कि करीब 35 लाख की आबादी वाले जिले में अब तक 13.53 लाख लोगों को Covid-19 रोधी टीके की पहली खुराक दी जा चुकी है. इनमें शामिल 2.35 लाख लोगों को इस टीके की दोनों खुराकें दी जा चुकी हैं.

दिल्ली में मॉल, बाजार खुलेंगे, 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रेस्तरां खोलने की अनुमति : मुख्यमंत्री केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में चरणबद्ध तरीके से ‘अनलॉक’ प्रक्रिया के तहत 14 जून से 50 प्रतिशत क्षमता के साथ रेस्तरां फिर से खुलेंगे और हर निकाय क्षेत्र में एक साप्ताहिक बाजार को खोलने की अनुमति दी जाएगी.

केजरीवाल ने कहा कि स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक और कोचिंग संस्थान जैसी कुछ सेवाएं एवं गतिविधियां बंद रहेंगी तथा राजनीतिक, सामाजिक एवं धार्मिक सभाएं प्रतिबंधित रहेंगी। सिनेमा, मल्टीप्लेक्स, स्विमिंग पूल, जिम और सार्वजनिक उद्यान भी बंद रहेंगे.

शहर में धार्मिक स्थल भी पुन: खुलेंगे, लेकिन उनमें श्रद्धालुओं को अनुमति नहीं होगी.उन्होंने बताया कि सुबह आठ बजे से रात 10 बजे तक हर रोज सम-विषम के आधार पर बाजार एवं मॉल खुल सकेंगे.

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में Covid-19 संबंधी स्थिति में काफी सुधार हुआ है और संक्रमण के नए मामले कम हुए हैं. उन्होंने साथ ही कहा कि यदि मामले बढ़ते हैं, तो प्रतिबंध फिर से लागू किए जाएंगे.

शरद पवार-प्रशांत की मुलाकात के बाद NCP नेता नवाब मालिक ने कहा- BJP-विरोधी दलों का महागठबंधन जरूरी

चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार के बीच मुलाकात के एक दिन बाद शनिवार को पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले सत्तारूढ़ भाजपा के खिलाफ रुख रखने वाली पार्टियों के ‘महागठबंधन’ की जरुरत है.

किशोर ने शुक्रवार को मुंबई स्थित पवार के आवास पर उनसे मुलाकात की. करीब तीन घंटे चली इस बैठक के बाद राजनीतिक हलके में अटकलों का बाजार गरम है. हालांकि, बैठक में क्या बात हुई, इस बारे में पता नहीं चला है.

राकांपा नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नवाब मलिक ने कहा, ‘अगले आम चुनाव से पहले भाजपा के खिलाफ रुख रखने वाली पार्टियों के महागठबंधन की जरुरत है. राकांपा अध्यक्ष शरद पवार ने भी भाजपा का मुकाबला करने के लिए सभी दलों के राष्ट्रीय गठबंधन की बात कही है. उन्होंने कहा है कि वह ऐसे बलों को साथ लाने का प्रयास करेंगे.’

उन्होंने कहा, ‘चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर को आंकड़ों और सूचनाओं की पूरी जानकारी है… तीन घंटे चली चर्चा में यह मुद्दा भी पक्का आया होगा.’

गौरतलब है कि पिछले महीने शिवसेना नेता संजय राउत ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के गठबंधन की जरुरत पर बल देते हुए कहा था उन्होंने इस मुद्दे पर शरद पवार से बात की है. इससे पहले उन्होंने यह भी कहा था कि संप्रग के पुन:गठन की आवश्यकता है ताकि वह भाजपा के मजबूत विकल्प के रूप में उभर सके और नये मोर्चे का नेतृत्व पवार जैसे वरिष्ठ नेताओं को करना चाहिए.

Covid-19 से मौत के आंकड़े ‘छिपाने’ के लिए इस्तीफा दें उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री: कांग्रेस

कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश, गुजरात और मध्य प्रदेश में Covid-19 से मौत के आंकड़े छिपाए जाने का आरोप लगाते हुए शनिवार को कहा कि इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों योगी आदित्यनाथ, विजय रुपाणी और शिवराज सिंह चौहान को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए.

मुख्य विपक्षी पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह आग्रह भी किया कि देश में Covid-19 से हुई मौतों का सही आंकड़ा पता करने और आंकड़े छिपाने वालों की जवाबदेही तय करने के लिए न्यायिक जांच कराई जाए.

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मध्य प्रदेश में Covid-19 से मौत के आंकड़ों से संबंधित एक खबर का हवाला देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को इस पर जवाब देना चाहिए.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘170000 मौत- अकेले मई माह में- सिर्फ़ मप्र में! जो न सोचा, न सुना, वो सत्य सामने है. मध्यप्रदेश में अकेले मई माह में छह महीने के बराबर मौतें हो गईं. इंसान की जान सबसे सस्ती कैसे हो गई? क्यों आत्मा मर गई? कैसे शासन पर बैठे हैं ‘शिवराज’? प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री सामने आएं, बताएं कि कौन जिम्मेदार ?’’

पार्टी प्रवक्ता पवन खेड़ा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘एनडीए का मतलब ही ‘नो डेटा अवेलेबल’ (कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं) है। अर्थव्यवस्था और नौकरियों के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं. अब लोगों की जान जाने के आंकड़े छिपाए जा रहे हैं, जो बहुत ही दुखद है. नए भारत में अब मरने वालों का सही आंकड़ा भी नहीं दिया जा रहा है.’’ उन्होंने कहा, ‘‘मई महीने में मध्य प्रदेश में 1.7 लाख लोगों की मौत हुई, जबकि सरकारी आंकड़े में सिर्फ 2451 लोगों की मौत Covid-19 से होने की बात की गई है. सच्चाई यह है आंकड़ा छिपाया गया है. गुजरात और उत्तर प्रदेश में भी आंकड़े छिपाए गए हैं. इन दोनों राज्यों के बारे में भी ऐसी खबरें आ चुकी हैं.’’

खेड़ा ने दावा किया, ‘‘ऐसा लगता है कि भाजपा शासित राज्यों में Covid-19 से मरने वालों का आंकड़ा छिपाने की होड़ लगी हुई है.’’

उन्होंने कहा, ‘‘क्या आंकड़े छिपाने वाले इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को कुर्सी पर बने रहने का नैतिक अधिकार है? मुख्यमंत्रियों की जिम्मेदारी बनती है. इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए.’’

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘हम प्रधानमंत्री से मांग करते हैं कि पूरे देश में Covid-19 से मरने वालों की संख्या का पता करने के लिए न्यायिक जांच कराई जाए. सही आंकड़े सामने आना चाहिए और आंकड़े छिपाने वालों की जवाबदेही तय होनी चाहिए.’’

सत्य वचन सीधी बात

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मेरा मकसद आपके विचारों को बदलना नहीं बल्कि उन्हें आपके अन्दर की शक्तियों तक पहुंचाना है। जिस शक्ति की मैं बात कर रहा हूँ वो या तो संतो और फकीरों के पास मिलेगी या फिर विज्ञान के पास। जैसे जैसे आप पढ़ते जाएंगे आप समझ जाएँगे कि मैं किन शक्तियों की बात कर रहा हूं? हर पंक्ति को दोबारा पढ़े ताकि आप इन्हें अच्छी तरह समझ सकें। मानवजाति को कामयाबी उसके अच्छे विचारों से ही मिलती रही है।

मानवजाति की कामयाबी के पीछे कोई आसमानी शक्ति या सुपर पावर जैसी चीज नहीं होती है, हम जो कुछ भी सोचते हैं वही बनते हैं। मानवजाति जिन आसमानी शक्तियों की बात करती है दरअसल वह आसमान में नहीं हमारे अन्दर ही मौजूद है। मानवजाति उन शक्तियों को कभी समझने या पहचानने की कोशिश करती ही नहीं है। जिन शक्तियों से हमें कामयाबी मिलती रही है वो शक्ति आसमान में नहीं बल्कि हमारे अन्दर ही मौजूद होती है, हमें जो दिखाया या बताया जाता है हम उसी पर ही विश्वास कर लेते हैं। हम समझने की कोशिश ही नहीं करते कि सच क्या है और झूठ क्या है? जैसे कि जब बचपन में हम रात को माता पिता से बाहर जाने की ज़िद करते थे तो हमें माता पिता या दादा दादी, डराया करते थे कि बेटा बाहर मत जाना। रात हो गई है नहीं तो सियार आएगा और तुम्हें उठा ले जाएगा। फिर हम डर और सिमट कर मां या दादी के गोद में ही सो जाया करते थे, खैर वो बचपना था, लेकिन मानवजाति को अंधेरे से आज भी डर लगता है, क्योंकि यह हमारा विचार ही तो है जो हमें अंधेरे से डराता है, हम अपने अन्दर की शक्तियों को अब तक समझ ही नहीं पाए हैं। यही वजह है कि हमें अंधेरे से डर लगता है और इस सच्चाई से भी कोई इन्कार नहीं कर सकता है कि मानवजाति की सोच विकास करती रही है, क्योंकि वो हम लोग ही हैं जो सदियों से ब्रम्हांड में विकास करते रहे हैं और हम लोग ही हैं जो कुदरत की शक्तियों से भरे हुए हैं, बस हमें मालुम नहीं है की वो शक्ति हमारे अन्दर कहां छुपी हुई है।

आप जानते ही हैं की हमारे भारत देश को अंग्रेजों से जिन महान शक्तियों ने आज़ादी दिलाई थी वो शक्ति आसमानी नहीं थी बल्कि दुनिया के महान इंसानों में से एक महात्मा गांधी के विचारों की शक्ति थी। जिन्होंने अहिंसा का रास्ता चुना और आगे बढ़ते रहें। जिसका परिणाम आज हम हिन्दुस्तानी भाई बहनों के सामने है। ऐसी शक्ति हर इंसान के पास होती है जो पूरी दुनिया को बदल सकती है। जिस शक्ति ने भारत को आजादी दिलाई है, जिसके कारण आज हम हिन्दुस्तानी भाई और बहन आजादी का जीवन गुजार रहे हैं, ऐसी महान शक्तियाँ ही दुनिया और मानवजाति को विकास की राह दिखाती है। इन्हीं शक्तियों से ही तो हम दुनिया में कामयाब होते हैं। यही तो इंसान के अन्दर की शक्ति है। बस हमें अपने अन्दर की उस शक्ति तक पहुंचने की जरूरत है, जिस दिन आप अपनी शक्तियों तक पहुंच गए। यकीन मानिए इतिहास में आपका भी नाम दर्ज हो सकता है, आप इससे भी अच्छी जिंदगी हम गुजार सकते हैं। हम इस दुनिया में एक अच्छे जीवन के साथ एक अच्छे विचार भी लेकर आए हैं। हमारा अच्छा विचार ही है जो पूरी दुनिया के विचारों को बदल सकता है। ताकि हमारा आने वाला कल भी अच्छा हो सके। मानवजाती के विचारो को प्यार मोहबत से बदलने की ज़रुरत है ना कि उनके मजहब या नाम से।

जो लोग कामयाबी की बुलंदियों को छूते आए हैं अगर वे दूसरे के कहने या सुनने से अपने जीवन का फैसला करते तो क्या आज वो कामयाबी की बुलंदियों को छू सकते थे ? नहीं न, इसलिए उन्होंने अपने विचारो के साथ चलते रहने का फैसला किया और कामयाब होते रहे। मैं भगवान या खुदा की शक्तियों की बात नहीं कर रहा हूं। वो अलग शक्ति है जो पूरी दुनिया को चलाती है, मैं उन शक्तियों की बात कर रहा हूं जो हमें कुदरत से मिली है और जिन शक्तियों की मैं बात कर रहा हूं उन शक्तियों तक पहुंचने के लिए आप को आसमान में देखने या ढूंढने की जरुरत नहीं है क्योंकि वो शक्ति आप के अन्दर ही मौजूद है। आप अगर विज्ञान की दुनिया में विश्वास करते हैं तो एक नाम सबसे ऊपर दिखाई देता है अल्बर्ट आइंस्टीन का। जिन्होंने अपनी अन्दर की शक्तियों को समझा और उन्हीं शक्तियों के जरिए दुनिया को और मानवजाति को आगे बढ़ने का एक रास्ता दिखाया। जिन रास्तों पर आज हम भी अपनें बच्चों को कामयाब होते देखना चाहते है।

अल्बर्ट आइंस्टीन के जीवन की कुछ बीती घटनाएं लिख रहा हूं ताकि आप के विचारों को मजबूती मिल सके और आप अपने अन्दर के विचारों की शक्तियों को समझे। आप के विचारों की शक्ति आपको दुनिया में कामयाब बना सकती है ना कि कोई आसमानी शक्ति, जैसे की हमारे अन्दर भगवान या खुदा की शक्ति मौजूद है तो बस उसी शक्तियो को आप अपने विचारों की शक्तियों से जोड़ दीजिए ताकि आपके विचारों की शक्ति भगवान की शक्तियो से जुड़ सके। यकीन मानिए जिस दिन आप ऐसा कर पाएंगे तो दुनिया आप के विचारो पर चलेगी, लेकिन याद रहें जब कुदरत आप को आपकी शक्तियों से मिलाती है तो उसका मकसद मानवजाति का विकास होता है न कि उन्हें गुमराह करने के लिए।

एक दिन की बात है अल्बर्ट आइंस्टीन रात के समय अपने घर के एक कमरे में तनहा बैठे हुए थे। वे किसी गहरी सोच में डूबे हुए थे अचानक उन्हें लगा कि जैसे घर के चारो तरफ की दीवार और छत गायब हो गई हो, लेकिन ऐसा नहीं हुआ था। चीजें अपनी अपनी जगह पर ही मौजूद थी, लेकिन उस वक़्त उनकी सोचने की शक्ति ने उनके ब्रेन के उस हिस्से को खोल दिया था जिस हिस्से में पहुंचना मानवजाति के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है।

मानवजाति में वे कई शक्तियाँ छुपी होती है, जिसके जरिए मानवजाति दुनिया के किसी भी हिस्से को घर में बैठे देख सकती है। जैसे कि ऋषि मुनियों में कुछ ऐसे महान ऋषि मुनि हुए हैं जो ब्रह्मांड के किसी भी हिस्से में आ जा सकते थे और देख भी सकते थे। वजह एक ही थी कि उनके ब्रेन की वे शक्तियां खुल चुकी थी जिसके कारण उनके आंखों में एक अदभूत चमत्कारी शक्ति आ जाती है जिन शक्तियों के जरिए दीवार के आर-पार की चीजें भी दिखना शुरु हो जाती है, सिर्फ यहां तक ही नहीं बल्कि आकाशगंगा के किसी भी ग्रह को या फिर किसी ग्रह के अंदर की बारीक से बारीक चीजें भी देखी जा सकती थी। अगर वे आसमान की तरफ अपनी नज़र उठाकर देखते तो उन्हें आकाशगंगा में ऊर्जाओं का तालमेल होता हुआ उन्हें नजर आने लगता था। जो यहां से लाखों, करोड़ों मील दूर हैं, जिन्हें हम बिना दूरबीनों के देख नहीं सकते। आकाशगंगा को उन्होंने अपनी सामान्य आखों से देखा था। उन्हें ये शक्तियां कुछ समय के लिए मिली थी। बस आप को भी अपनें अन्दर की शक्तियों को समझना होगा ताकि दुनिया में आप को भी कामयाबी मिल सके। अगर हम किसी धर्म गुरु के पास ज्ञान पाने के लिए जाते हैं भले ही वह किसी भी मजहब का हो। अगर वह गुरु आप को अपना शिष्य बनाता है तो यही ज्ञान देता है कि मेरे बच्चे तेरी तलाश अब खत्म हुई। उन आसमानी शक्तियों को दुनियां या ब्रह्मांड में अब तुम्हें ढूंढने की जरुरत नहीं है, क्योंकि जिन शक्तियों को ढूंढने के लिए मानवजाति बरसों से आसमान की तरफ़ देखती आई है वह हमारे अंदर ही मौजूद है। जिन शक्तियों की खोज में हमारे पूर्वजों ने हजारों साल बिता दिए हैं उन शक्तियों को पहचाने के लिए तुम्हे खुद में डूबना होग। जैसे कि हमने आपको बताया है कि वह शक्ति या तो किसी संत, फकीर के पास मिलेगी या फिर विज्ञान के पास।

आप के लिए एक छोटी सी कहानी लिख रहा हूं ताकि आपको अपने अंदर की शक्तियों का एहसास हो सके। एक राजा थे। जिनकी कोई संतान नहीं थी। वंश को चलाने के लिए संतान की जरुरी थी। एक दिन रानी ने उनसे कहा कि हे राजन, हमारी प्रजा में अफवाह फैली है कि एक महान संत हमारे राज्य में आए हैं क्यों ना हम उन्हें अपने महल में बुलाएं और अपनी समस्या बताएँ। राजा ने कहा हे रानी, संतों को बुलाया नहीं जाता है वो ईश्वर और खुदा के बहुत करीब होते हैं। ये हम लोगों का खुश-नशीबी है की वो हमारे राज्य में आए। उनके पास हमें जाना चाहिए। राजा रानी एक दिन संत के पास पहुंचते हैं और उन्हें अपनी तकलीफ सुनाते हैं। गुरु महाराज कहते हैं राजन, आप चिंता ना करे। आप को संतान अवश्य प्राप्त होगी। कुछ महीनों बाद राजा को एक संतान प्राप्त होती है। जिसके बाद राजा और रानी अपनी संतान को लेकर उस सन्त के पास जाते है और साथ ही कीमती वस्तुएं भी है उनमें पारस पत्थर भी थे। जिसके बारे में कहा जाता था कि पारस पत्थर के छूते ही कोई भी वस्तु सोने की हो जाती थी।

राजा ने पारस पत्थर को गुरू के कदमों में रखते हुए कहा कि गुरु देव पारस पत्थर को गुरू दक्षिणा के रुप में स्वीकार कीजिए। गुरु जी ने मुस्कुराते हुए राजा से कहा, हे राजन वो जो सामने छोटा पत्थर नजर आ रहा है उसे मेरे पास लेकर आईये। राजा उठे और उस पत्थर को लाकर गुरू के हाथ में रख दिया। जिसके बाद उस पत्थर को गुरू ने अपने मस्तक से लगाकर राजा के हाथ पर रख दिय। राजा इस चमत्कार को देखकर हैरान रह गए। वह पत्थर सोने का बन चुका था। राजा की परेशानी देखकर गुरू जी ने कहा, हे राजन जिसका शरीर ही एक पारस पत्थर है उसे दुनिया के पारस पत्थर की क्या ज़रूरत है ? आप खुद ही एक पारस पत्थर हैं। अपने आप को पहचानों। जैसे कि आप सभी लोग जानते हैं कि हिरन के शरीर में ही कस्तूरी छिपी रहती है, लेकिन उस कस्तूरी की तलाश में हिरन जंगलों मे भटकता रहता है यह सोचते हुए की आखिर ये खुशबू आ कहां से रही है ? बस उसी तरह हम भी पारस पत्थर हैं और शक्तियां हमारे अन्दर ही मौजूद है, लेकिन हम उसकी तलाश आसमान और जंगलों में करते हैं। मैं ये नही कह रहा हूं कि आप पारस बन जाइए। अपने विचारो को पारस बनाइए ताकि दुनिया में आप के विचारो की कद्र हो।

आप लोगों को समझाने का मक़सद बस इतना है कि आप अपने अंदर मौजूद शक्तियों को समझने की कोशिस करें। जो शक्ति हमें भगवान या खुदा की तरफ से मिली है हम उन शक्तियों के जरिए अपना, मानवजाति और आनेवाले भविष्य का विकास करने के साथ ही सतत आगे बढ़ते रहें। मैने जो भी अब तक लिखा है मेरी नजर में वह एक अच्छा विचार है। आप इन विचारो को किन नज़रों से देखते हैं यह आप पर निर्भर है। मेरा हर विचार आपकी कामयाबी के लिए होता है और मेरा हर एक शब्द आपके विचारों के लिए लिखा जाता है। जय हिन्द जय मातृभूमि।

मुंबई के मालवानी में बड़ा हादसा, 4 मंजिला इमारत गिरने से 11 की मौत, 7 जख्मी

मुंबई में मानसून की दस्तक से हादसों का दौर शुरू हो चुका है. बुधवार को हुई लगातार बारिश के बाद मुंबई के मलाड में स्थित मालवानी इलाक़े में एक एक चार मंजिला इमारत ढह गई. रात क़रीब 11.10 बजे हुए इस हादसे में अब तक 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 7 लोग घायल बताए जा रहे हैं. मृतकों में एक ही परिवार के 9 सदस्य शामिल हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक़ हादसे के तुरंत बाद घटना स्थल पर पहुँची फायर बिग्रेड की टीम ने मलबे से 18 लोगों को बाहर निकाला है. हालाँकि घनी आबादी और संकरा रास्ता होने के नाते रेस्क्यू ऑपरेशन में दिक़्क़त आ रही है. बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त इमारत में तीन परिवार रह रहे थे. इनमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं.

बीएमसी के अधिकारीयों के मुताबिक़ सबसे पहले एक चार मंजिला इमारत की दो मंजिले इसके ठीक बगल में मौजूद एक दो मंजिला घर पर गिरी हैं। इसमें भी कुछ लोगों की मौत हुई है. मृतकों में एक ही परिवार के 9 सदस्य शामिल हैं. साथ ही अधिकारियों का कहना है कि आसपास की तीन इमारतें खतरनाक स्थिति में हैं उन्हें भी खाली करा लिया गया है.

मुंबई पुलिस के जोन-11 के DCP विशाल ठाकुर ने बताया, ‘हमारी टीम रातभर से रेस्क्यू में जुटी है. अभी भी मलबे में कुछ लोग फंसे हो सकते हैं.’ एक चश्मदीद शाहनवाज खान ने बताया, ‘हमारे फोन करने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया.

आपको बता दे कि मुंबई और उसके आसपास के इलाकों में बुधवार को जमकर बारिश हुई. जिससे निचले इलाक़ों में पानी भर गया. पश्चिमी उपनगर सांताक्रूज में बुधवार सुबह साढ़े 8 बजे से दोपहर ढाई बजे तक छह घंटों में 164.8 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई. तो वहीं मौसम विभाग ने आज भी मुंबई के अलावा ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है.

दिलीप कुमार अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, डॉक्टर्स और फैंस का किया धन्यवाद

लीजेंड्री एक्टर दिलीप कुमार (Dilip Kumar) को अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. उन्होंने ट्वीट करके यह जानकारी दी.

दिलीप कुमार ने अपने ट्वीट में लिखा, ‘आप सभी के प्यार और प्राथर्ना से मैं अब स्वस्थ हूं और अस्पताल से डिस्चार्ज  हो घर के ओर रवाना हो रहा हूं.’

https://twitter.com/TheDilipKumar/status/1403235451809320963?

इस ट्वीट में उन्होंने अस्पताल की टीम और डॉक्टर्स की धन्यवाद किया है. उन्होंने आगे लिखा, ‘भगवान की कृपा और दया से ठीक हूं. दिलीप कुमार ने खास तौर पर डॉक्टर गोखले पारकर और डॉक्टर अरुण शाह के साथ हिंदुजा अस्पताल का धन्यवाद किया है.’

दिलीप कुमार को  सांस लेने में तकलीफ होने की वजह से उन्हें रविवार को मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. सूत्रों की मानें तो दिलीप कुमार के फेफड़ों में पानी भर गया था. डॉक्टर्स के मुताबिक वे बाइलिटरल प्ल्यूरल इफ्यूजन से पीड़ित थे.

पाकिस्तान में बस दुर्घटना में 18 लोगों की मौत

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में तेज गति से जा रही एक बस के पलटने से 18 लोगों की मौत हो गयी और 30 लोग घायल हो गए.

‘जियो न्यूज’ के मुताबिक, बस वाध से दादू की तरफ जा रही थी और यह घटना प्रांत के खुजदार जिले के खोरी में हुई. मौके पर ही 15 लोगों की मौत हो गयी. घटना के बाद बचाव कर्मी घटना स्थल पर पहुंचे और बचाव अभियान शुरू किया.

घायलों को टीचिंग हॉस्पिटल खुजदार ले जाया गया जहां तीन और लोगों की मौत हो गयी. घायलों में कुछ लोगों की हालत गंभीर हैं. यात्री बस के तेज गति से चलने के दौरान ड्राइवर का वाहन पर संतुलन नहीं रहा और इस कारण यह हादसा हुआ.

गुजरात सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए पोर्टल, मोबाइल ऐप शुरू किया

गुजरात सरकार ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के ऑनलाइन पंजीकरण के लिए एक वेब पोर्टल और एक मोबाइल ऐप शुरू किया है. जिससे असंगठित क्षेत्र के मजदूरों को कल्याण योजनाओं का लाभ उठाने की खातिर स्मार्ट कार्ड प्रदान किए जा सके.

गुजरात सरकार की एक विज्ञप्ति के अनुसार मु्ख्यमंत्री विजय रुपाणी ने ‘ई-निर्माण’ पोर्टल और उसका मोबाइल ऐप पेश किया. राज्य में असंगठित क्षेत्र के 9.20 लाख मजदूर पहले ही पंजीकरण करा चुके हैं और उन्हें यू-विन कार्ड दिए गए हैं.

मुख्यमंत्री ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये पोर्टल और ऐप का शुभारंभ करते हुए कहा कि पंजीकरण के लिए नामित कार्यालय जाने पर मजदूरों के कामकाज का एक दिन बेकार चला जाता था, इसलिए राज्य सरकार ने यह ऑनलाइन सेवा शुरू करने का फैसला किया.

उन्होंने कहा कि मजदूरों के पास अब दोनों ही विकल्प होंगे, वे इन ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल कर पंजीकरण करा सकते हैं या खुद सामान्य सेवा केंद्र जाकर ऐसा करा सकते हैं.

विज्ञप्ति के अनुसार यू-विन कार्ड धारक मजदूर बीमा, अस्पतालों की सेवा लेने के लिए ‘मां अमृतम’ योजना और ‘श्रमिक अन्नपूर्णा योजना’ के तहत सस्ते भोजन जैसी कई सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं.