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तेजस्वी यादव का BJP पर तंज, बोले-पहले महंगाई ‘डायन’ थी, अब ‘भौजाई’ बन गई

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बिहार चुनाव (Bihar Election) में विपक्षी दलों के गठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने प्याज और आलू की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जबरदस्त सियासी हमला बोला है. उन्होंने भाजपा के नेताओं पार कटाक्ष करते हुए कहा कि महंगाई पहले इनके लिए ‘डायन’ थी लेकिन अब ‘भौजाई’ बन गई है.


तेजस्वी ने शुक्रवार को अपन सभी चुनावी सभाओं में प्याज की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर भाजपा और जदयू को घेरने की कोशिश की. समस्तीपुर के हसनपुर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा कि प्याज का दाम अब शतक लगा रहा है जबकि आलू अर्द्धशतक बना चुका है. भाजपा के लोग पहले प्याज की बढ़ी कीमत पर प्याज का माला पहनकर ‘महंगाई डायन खाए जात है’ गाते थे, लेकिन अब लगता है कि महंगाई इनकी ‘भौजाई’ हो गई है.

बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी लिखा, “महंगाई ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है. प्याज ने शतक लगा दिया है. भाजपा वालों के लिए पहले महंगाई डायन थी, अब भौजाई है. डबल इंजन सरकार महंगाई, बेरोजगारी और गरीबी पर विमर्श ही नहीं करना चाहती.”

 

Bihar Assembly Elections 2020 : मुजफ्फरपुर में चुनावी मंच से गिरे पप्पू यादव, टूटा हाथ-Watch Video

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मुजफ्फरपुर के मिनापुर विधानसभा क्षेत्र में जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव की प्रचार रैली में मंच गिरने से उनका हाथ टूट गया. हादसा उस समय हुआ जबपप्पू यादव मुजफ्फरपुर के मिनापुर विधानसभा क्षेत्र में लोगों को संबोधित कर रहे थे.

मिली जानकरी के मुताबिक़ जन अधिकार पार्टी के नेता पप्पू यादव की प्रचार रैली के लिए मंच और टेंट लगाया गया था. लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण मच टूट गया और सभी लोग एक-दूसरे पर गिर गए. इस हादसे में पूर्व सांसद का हाथ टूट गया. कई कार्यकर्ताओं को चोट आई हैं. सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है. बताया जा रहा है कि इस हादसे में पप्पू यादव के हाथ में काफी चोट आयी है दर्द से परेशान पप्पु को आनन-फानन में तत्काल हेलीकॉप्टर से पटना ले जाया गया है.


आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव में जन अधिकार पार्टी (लो) के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव प्रगतिशील लोकतांत्रिक गठबंधन (पीडीए) के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं. इस गठबंधन में शामिल सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी आफ इंडिया (एसडीपीआई) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एम के फैजी, आजाद समाज पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद हैं.

पप्पू यादव ने वादा किया कि अगर वह मुख्यमंत्री बनते हैं तो बिहार से पलायन रूकेगा और ऐसा नहीं हुआ तो वे इस्तीफा दे देंगे. उन्होंने लालू प्रसाद और नीतीश कुमार पर परोक्ष निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछले 30 सालों में दोनों ने बिहार के किसानों की जिंदगी बर्बाद कर दी और बाजार समिति खत्म कर दी गयी. उन्होंने दावा किया कि भाजपा नीतीश कुमार को और नीतीश कुमार भाजपा को हराने में लगे हैं.

तेजस्वी यादव पर बरसे सुशील कुमार मोदी, पूछा- चमकी बुखार, बाढ़ और लॉकडाउन कितने गरीबों को पहुंचाई मदद ?

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बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि जंगलराज के युवराज अपने माता-पिता के भयावह शासनकाल के बारे में बात नहीं करना चाहते लेकिन कम से कम वे यह तो बतायें कि विपक्ष के नेता एवं मंत्री की हैसियत से चमकी बुखार, बाढ़ और लॉकडाउन के समय वे कितने गरीब परिवारों के साथ खड़े हुए ?

सुशील मोदी ने अपने ट्वीट के माध्यम से तेजस्वी यादव से छह सवाल पूछे और उन पर ढपोरशंखी वादे करने का आरोप लगाया. मोदी ने कहा, ‘‘ जंगलराज के युवराज यदि अपने माता-पिता के भयावह जंगलराज पर बात नहीं करना चाहते, तो कम से कम यही बता दें कि विधायक, मंत्री और विपक्ष के नेता की हैसियत से वे चमकी बुखार, बाढ़ और लॉकडाउन के समय कितने गरीब परिवारों के साथ खड़े हुए?’’

भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा कि लॉकडाउन के समय विभिन्न राज्यों में फंसे 22 लाख मजदूरों को सुरक्षित वापस लाने के लिए राजग सरकार ने 1600 स्पेशल ट्रेन चलायीं, लेकिन किसी से किराया नहीं लिया.

सुशील मोदी ने कहा कि उस समय युवराज (तेजस्वी) ने 1000 बसें चलाने का झूठा वादा क्यों किया था और एक मजदूर को भी घर पहुँचाने का खर्च क्यों नहीं उठाया? उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने लॉकडाउन के दौरान 1 करोड़ 40 लाख राशनकार्डधारक गरीबों के खाते में 1-1 हजार रुपये डाले.

राजद नेता पर निशाना साधते हुए सुशील मोदी ने पूछा कि जो युवराज आज बड़े-बड़े ढपोरशंखी वादे करते घूम रहे हैं, उन्होंने अपनी करोड़ों की सम्पत्ति में से किसी की एक रुपये की भी मदद क्यों नहीं की?बिहार के उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमारी सरकार ने 2 करोड़ 38 लाख गरीब महिलाओं के खाते में 15-15 सौ रुपये डाले लेकिन उस समय युवराज किसी गरीब महिला की मदद के लिए क्यों नहीं आये?’’

उत्तर प्रदेश: अलीगढ़ में AMU छात्रों ने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के रुख की निंदा की, मुस्लिम भावनाओं को भड़काने का लगाया आरोप

फ्रांस में पैगंबर मुहम्मद के कार्टून के प्रकाशन के खिलाफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में छात्रों के एक समूह ने प्रदर्शन किया. साथ ही फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के रुख की निंदा की.

छात्रों और कुछ स्थानीय निवासियों ने एएमयू परिसर में बृहस्पतिवार को एक जुलूस निकाला, जिसमें मैक्रों के खिलाफ नारे लगाए गए और फ्रांसीसी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया गया. गौरतलब है कि फ्रांस के एक चर्च में गुरुवार को तीन लोगों की हत्या कर दी गई. उससे पहले एक शिक्षक की हत्या कर दी गयी थी, जिन्होंने अभिव्यक्ति की आजादी को लेकर एक कक्षा में पैगंबर के कार्टून दिखाए थे.

मैक्रों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अंतर्गत इस तरह के चित्रण का बचाव किया है. एएमयू प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए छात्र नेता फरहान जुबैरी ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में इस तरह के कार्टूनों से दुनिया भर के मुसलमानों को उकसाया गया है. उन्होंने कहा, ‘‘किसी भी धर्म का कोई अनुयायी अपने पैगंबर का जानबूझकर किया गया अपमान सहन नहीं करता है. उन्होंने मुस्लिम भावनाओं को और भड़काया है.

फ्रांस के राष्ट्रपति ने मुसलमानों के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए इस तरह के एजेंडे को सही ठहराने की खातिर अभिव्यक्ति की आजादी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने कहा, ‘‘हम अपने विरोध को और तेज करेंगे और सभी फ्रांसीसी उत्पादों का बहिष्कार करेंगे क्योंकि इस तरह के परेशान करने वाले मुद्दे पर गुस्से और पीड़ा को व्यक्त करने का यह सबसे शक्तिशाली तरीका है.’’ आपको बता दें कि  कोरोना वायरस महामारी के कारण एएमयू अभी बंद है.

राजस्थान : Coronavirus से बचाव के लिए अब मास्क पहनना होगा जरूरी, सरकार लाई विधेयक

राजस्थान में राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों के साथ-साथ सार्वजनिक और निजी परिवहन साधनों का इस्तेमाल करते समय मास्क पहनना अनिवार्य होगा. राज्य सरकार ने इसके लिए एक संशोधन विधेयक शनिवार को विधानसभा में पेश किया. संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने शनिवार को सदन में राजस्थान महामारी (संशोधन) विधेयक 2020 पेश किया.

विधेयक की धारा चार में संशोधन कर नया प्रावधान जोड़ा गया है. इसके तहत राज्य में लोकस्थान, लोक परिवहन, निजी परिवहन, कार्यस्थल या किसी सामाजिक, राजनीतिक, आम समारोह या लोगों में ऐसे व्यक्ति को प्रवेश की अनुमति नहीं होगी जिसने अपना मुंह और नाक फेस मास्क या किसी फेस कवर से समुचित रूप से ढका न हो.

विधेयक में कहा गया है कि स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय है कि मास्क का उपयोग कोरोना वायरस संक्रमण के फैलाव को नियंत्रित करने में बड़े पैमाने पर सहायक हो सकता है और लाखों जीवन बचा सकता है. इसी के मद्देनजर राज्य सरकार का ये भी विचार है कि सार्वजनिक स्थलों, सार्वजनिक और निजी परिवहन साधनों, कार्यस्थलों, सामाजिक, राजनीतिक समेत अन्य समारोह में ऐसे व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए जिसने मास्क न पहना हो.

गौरतलब है कि, विधानसभा के सत्र की कार्यवाही शनिवार को फिर शुरू हुई जिसमें राज्य सरकार ने कृषि संबंधी केंद्रीय कानूनों के राज्य के किसानों पर असर को ‘निष्प्रभावी’ करने के लिए तीन संशोधन विधेयक भी पेश किए.

IPL 2020, KXIP vs RR: बल्ला फेंककर गुस्सा जताने वाले क्रिस गेल पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना

राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच में 99 रन पर आउट होने के बाद गुस्से में अपना बल्ला फेंकने वाले किंग्स् इलेवन पंजाब के बल्लेबाज क्रिस गेल पर मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है .आईपीएल ने उस घटना के बारे में नहीं बताया जिसके लिये उन पर जुर्माना लगाया गया है लेकिन समझा जाता है कि 99 रन पर आउट होने के बाद बल्ला फेंकने के कारण ही उन्हें दंडित किया गया .

उसने अपराध स्वीकार करके सजा भी कबूल कर ली है . गेल को जोफ्रा आर्चर ने आखिरी ओवर में 99 रन पर बोल्ड किया था.

आईपीएल ने एक बयान में कहा ,‘‘ किंग्स इलेवन पंजाब के बल्लेबाज क्रिस गेल पर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ मैच के दौरान आईपीएल आचार संहिता के उल्लंघन के कारण मैच फीस का 10 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है .’’

इसमें कहा गया ,‘‘ उन्होंने अपराध और सजा स्वीकार कर ली है.  इस तरह के अपराध में मैच रैफरी का फैसला अंतिम और सर्वमान्य होता है.’’

COVID-19 का टीका मुफ्त देने का वादा चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन नहीं : Election Commission

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निर्वाचन आयोग ने कहा है कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा द्वारा जारी घोषणा पत्र में कोविड-19 का टीका मुफ्त देने का वादा करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है.

आरटीआई कार्यकर्ता साकेत गोखले की शिकायत पर जवाब देते हुए आयोग ने कहा कि उसने पाया कि इस मामले में आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं हुआ है. आयोग ने कहा, ‘‘ … आदर्श आचार संहिता के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं पाया गया है.’’

उल्लेखनीय है कि गोखले ने दावा किया था कि मुफ्त टीके का वादा पक्षपातपूर्ण और चुनाव के दौरान केंद्र सरकार द्वारा सत्ता का दुरुपयोग है.

सूत्रों ने बताया कि आयोग ने आचार संहिता के आठवें खंड में चुनाव घोषणा पत्र को लेकर जारी दिशानिर्देशों का हवाला देते हुए निष्कर्ष निकाला कि मुफ्त टीके का वादा नियमों का उल्लंघन नहीं करता है.

निर्वाचन आयोग ने एक प्रावधान का उल्लेख करते हुए कहा, ‘‘संविधान में राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांतों में कहा गया है कि राज्य नागरिकों के कल्याण के लिए योजनाएं बनाएगा और ऐसे में चुनाव घोषणा पत्र में ऐसी कल्याणकारी योजना को लागू करने के वादे पर कोई आपत्ति नहीं हो सकती.’’

आयोग ने एक अन्य प्रावधान को रेखांकित करते हुए कहा कि मतदाताओं का भरोसा केवल उन्हीं वादों के भरोसे हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए, जिन्हें पूरा किया जा सकता है.

निर्वाचन आयोग ने अपने जवाब में कहा, ‘‘यह साफ किया जाता है कि चुनावी घोषणा पत्र पार्टियों और उम्मीदवारों द्वारा किसी खास चुनाव के संदर्भ में जारी किए जाते हैं.’’

गोखले ने शुक्रवार को ट्वीट किया, ‘‘भारत के निर्वाचन आयोग ने इस तथ्य को आश्चर्यजनक रूप से नजरअंदाज किया कि केंद्र सरकार ने यह घोषणा एक राज्य विशेष के लिए की और उक्त कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब चुनावी माहौल बिगड़ रहा है।.’’

उल्लेखनीय है कि इस महीने की शुरुआत में केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने बिहार विधानसभा चुनाव के लिए घोषणा पत्र जारी किया था, जिसमें भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) से टीके की मंजूरी मिलने के बाद बिहार के लोगों को मुफ्त टीका देने का वादा किया गया था.

 

पुलवामा हमले का सच पाकिस्तान की संसद में स्वीकार किया गया: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि पिछले साल पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के सच को पाकिस्तान की संसद में स्वीकार किया गया. इस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवान शहीद हो गए थे.

प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जब पूरा देश पुलवामा हमले के बाद दुखी था कुछ लोग ‘‘स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति’’ कर रहे थे.

मोदी का यह बयान ऐसे समय में आया है कुछ दिनों पहले ही पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री फवाद चौधरी ने पाकिस्तान की संसद में स्वीकार किया कि 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकवादी हमले के लिये उनका देश जिम्मेदार है.

इस हमले के बाद दोनों देश जंग के मुहाने पर आकर खड़े हो गए थे. प्रधानमंत्री मोदी यहां देश के पहले गृह मंत्री सरदार बल्‍लभ भाई पटेल की 145वीं जयंती पर ‘स्‍टैचयू ऑफ यूनिटी’ पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद उपस्थित जनसमूह को संबोधित कर रहे थे.

मोदी ने कहा, ‘‘आज यहां जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था तो मन में एक और तस्वीर थी. यह तस्वीर थी पुलवामा हमले की. देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे.’’

उन्होंने कहा कि देश कभी भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं और कैसे-कैसे बयान दिए गए थे.

उन्होंने कहा, ‘‘देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी.’’

मोदी ने कहा, ‘‘पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आईं हैं, जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है. अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं. पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है.’’

प्रधानमंत्री ने इस प्रकार की राजनीति करने वाले दलों से आग्रह किया कि देश की सुरक्षा के हित में और सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए इस प्रकार की राजनीति ना करें. उन्होंने कहा, ‘‘अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देशविरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का.’’

उन्होंने कहा कि देश हित ही सर्वोच्च हित है. ‘‘जब हम सबका हित सोचेंगे, तभी हमारी भी प्रगति होगी, उन्नति होगी.’’

Diwali 2020 : तो इसलिए तमिलनाडु में एक दिन पहले मनाई जाती है दिवाली

भारतीय त्योहारों में दिवाली का काफी महत्व है. लोग इस त्योहार को बड़े ही धूमधान के साथ मनाते हैं. दिवाली पर लोग अपने घरों को अच्छे से सजाते हैं और दियों और लाइट से रोशनी भी करते हैं. मान्यता है कि इस दिन रावण पर भगवान राम विजय हासिल कर अयोध्या वापस लौटे थे. जिसके बाद लोगों ने भगवान राम के आने की खुशी में दीप जलाकर स्वागत किया गया. कार्तिक अमावस्या की रात काफी अंधेरी होती है. वहीं दीप जलाकर चारों तरफ रोशनी कर इस अंधकार में भी खुशहाली ला दी जाती है.

दीपावली हिंदुओं का काफी बड़ा पर्व माना जाता है. इस बार दिवाली 14 नवंबर को है. हालांकि तमिल लोग अपनी दिवाली मुख्य दिवाली से एक दिन पहले मनाते हैं. छोटी दिवाली या रूप चौदस के दिन ही तमिल दिवाली मनाई जाती है. तमिलनाडु में इस बार 13 नवंबर को दिवाली मनाई जाएगी.

दरअसल, प्रदोष के महीने में अमावस्या तिथि प्रचलित होती है तो पूरे भारत में दीपावली मनाई जाती है यानी सूर्यास्त के ठीक बाद. हालांकि तमिलनाडु में दीपावली चतुर्दशी तिथि ब्रह्म मुहूर्त के दौरान प्रचलित होती है. जिसके कारण तमिलनाडु में सूर्योदय से ठीक पहले दिवाली मनाई जाती है. वह भी मुख्य दिवाली से एक दिन पहले यानी चौदस के दिन दिवाली मनाई जाती है.

दिवाली पर तमिलनाडु राज्य में लोग जल्दी उठते हैं. सूर्योदय से पहले स्नान किया जाता है और नए कपड़े पहने जाते हैं. इसके साथ ही मिट्टी के दीपक भी जलाए जाते हैं. पूजा होती है और पटाखे जलाए जाते हैं. तमिलनाडु में चतुर्दशी तिथि को सुबह ही दीपावली मनाई जाती है. पूरे भारत में जहां दीपावली अयोध्या में भगवान राम के आगमन के रूप में मनाई जाती है. वहीं मान्यतानुसार तमिलनाडु में भगवान कृष्ण और देवी सत्यभामा के जरिए राक्षस नरकासुर के वध के उपलक्ष्य में दिवाली का त्योहार चतुर्दशी के दिन मनाई जाती है.

 

 

Source : First Post

Naraka Chaturdashi 2020: मृत्यु के भय से चाहिए मुक्ति तो जरूर करें ये उपाय

रूप चतुर्दशी को नरक चतुर्दशी, नरक चौदस, रूप चौदस के नामों से जाना जाता है. इस दिन कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी पर मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का विधान है. इसे छोटी दीपावली के रूप में भी मनाया जाता है इस दिन संध्या के बाद दीपक जलाए जाते हैं और चारों ओर रोशनी की जाती है. नरक चतुर्दशी का पूजन अकाल मृत्यु से मुक्ति और स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए किया जाता है. आइए जानते हैं नरक चतुर्दशी पर किए जाने वाले उन उपायों के बारे में जिससे अकाल मृत्यु से मुक्ति और भय को दूर किया जा सकता है…

1. ऐसी मान्यता है कि इस दिन आलस्य और बुराई को हटाकर जिंदगी में सच्चाई की रोशनी का आगमन होता है. रात को घर के बाहर दिए जलाकर रखने से यमराज प्रसन्न होते हैं और अकाल मृत्यु की संभावना टल जाती है. एक कथा के मुताबिक इस दिन भगवान श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध किया था.

2. नरक चतुर्दशी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर तिल के तेल की मालिश और पानी में चिरचिरी के पत्ते डालकर नहाना चाहिए. इसके बाद भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण के दर्शन करने चाहिए. ऐसा करने से पापों का नाश होता है और सौंदर्य हासिल होता है.

3. नरक चतुर्दशी की रात मान्यतानुसार घर का सबसे बुजुर्ग पूरे घर में एक दिया जलाकर घुमाता है और फिर उसे घर से बाहर कहीं दूर जाकर रख देता है. इस दीए को यम दीया कहा जाता है. इस दौरान घर के बाकी सदस्य अपने घर में ही रहते हैं. ऐसा माना जाता है कि इस दीए को पूरे घर में घुमाकर बाहर ले जाने से सभी बुरी शक्तियां घर से बाहर चली जाती है.

4. इस दिन दीए जलाकर घर के बाहर रखते हैं. ऐसी मान्यता है की दीप की रोशनी से प‌ितरों को अपने लोक जाने का रास्ता द‌िखता है. इससे प‌ितर प्रसन्न होते हैं और प‌ितरों की प्रसन्नता से देवता और देवी लक्ष्मी भी प्रसन्न होती हैं. दीप दान से संतान सुख में आने वाली बाधा दूर होती है. इससे वंश की वृद्ध‌ि होती है.

Source : First Post