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गाजियाबाद: 236 लोगों के बौद्ध धर्म अपनाने के बाद पुलिस ने दर्ज की FIR

गाजियाबाद (Ghaziabad) में वाल्मीकि समुदाय के 236 सदस्यों द्वारा बौद्ध धर्म अपनाए जाने के बाद जिला पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धार्मिक परिवर्तन के लिए अफवाहें फैलाकर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है. इसी समुदाय से जुड़े एक सदस्य ने इन आरोपों के संबंध में पुलिस से संपर्क किया था. शिकायतकर्ता मोंटू चंदेल वाल्मीकि ने आरोप लगाया कि जाति आधारित हिंसा को उकसाने और विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने के लिए एक आपराधिक साजिश के रूप में यह धर्मांतरण किया गया.

पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. चंदेल ने एफआईआर में दावा किया है कि धर्मातरण के प्रमाणपत्र में बौद्ध धर्म अपनाने वाले सदस्यों का नाम, तारीख, पता और पंजीकरण संख्या शामिल नहीं है.

यह घटना हाथरस मामले के बाद सामने आई है. गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में 14 सितंबर को चार ऊंची जाति के लोगों द्वारा वाल्मीकि समुदाय की एक किशोरी से कथित तौर पर दुष्कर्म करने की घटना समाने आई थी. घटना के 15 दिनों के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में युवती ने दम तोड़ दिया था, जिसके बाद हाथरस जिला प्रशासन ने परिवार को बताए बिना उसका दाह संस्कार कर दिया था.

पुलिस ने आईपीसी की धारा 153-ए (धर्म, नस्ल, जन्म स्थान, निवास, भाषा, आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देने और सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने) और 505 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस अधीक्षक (सिटी) 2, गाजियाबाद, ज्ञानेंद्र सिंह ने आईएएनएस को बताया कि पुलिस ने अभी जांच शुरू नहीं की है.

उन्होंने कहा, “हमने शिकायत के आधार पर आज प्राथमिकी दर्ज की है. शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप, जिसमें उन्होंने प्रमाण पत्र के सत्यापन, उल्लिखित विवरण के बारे में कहा है, उसे लेकर आगे की जांच जारी है.”

यह धर्मातरण 14 अक्टूबर को राजरतन अशोक राव अंबेडकर की उपस्थिति में किया गया था, जो बाबा साहेब अंबेडकर के परपोते हैं. इसके बाद बौद्ध सोसायटी ऑफ इंडिया ने परिवर्तित सदस्यों को प्रमाण पत्र वितरित किए.

अब रेलवे नहीं चलाएगी संसद की कैंटीन, 52 साल बाद बदली गई कंपनी

उत्तर रेलवे (North Railway) संसद कैंटीन (Parliament Canteen) की बागडोर 15 नवम्बर को आईटीडीसी (ITDC) को सौंप देगा. रेलवे 52 वर्षों से सांसदों को भोजन को उपलब्ध करा रहा है और अब कैंटीन को भारत पर्यटन विकास निगम (आईटीडीसी) को सौंपे जाने से यह सिलसिला थम जायेगा.

लोकसभा सचिवालय के एक पत्र के माध्यम से उत्तर रेलवे से उस समय तक संसद परिसर से जाने को कहा गया है. रेलवे 1968 से कैंटीन में भोजन उपलब्ध करा रहा था. पत्र में कहा गया है, ‘सक्षम प्राधिकारी चाहता है कि संसद भवन एस्टेट (संसदीय सौंध एवं संसद पुस्तकालय भवन और पीएचई के बाहर गणमान्य व्यक्तियों को सेवाएं प्रदान करने वाली) में खानपान इकाइयों का संचालन आईटीडीसी द्वारा 15 नवम्बर, 2020 तक अपने हाथों में ले लिया जाए.’

इसमें कहा गया है, ‘उत्तर रेलवे इसी के अनुसार लोकसभा सचिवालय द्वारा उपलब्ध कराये गये इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, कंप्यूटर, प्रिंटर इत्यादि आईटीडीसी को सौंप सकता है और फर्नीचर, उपकरण गैजेट्स आदि आईटीडीसी को सौंपने के लिए सीपीडब्ल्यूडी को दे दें.’

आईटीडीसी के अधिकारियों ने कहा कि उन्हें ‘भोजन की गुणवत्ता’ पर विशेष ध्यान रखने का निर्देश दिया गया है, जो ‘आम लोगों के साथ-साथ गणमान्य व्यक्तियों’ के लिए उपयुक्त होना चाहिए. एक नया विक्रेता खोजने की प्रक्रिया पिछले साल शुरू हुई थी और इस साल जुलाई में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पर्यटन मंत्री प्रहलाद पटेल और आईटीडीसी के अधिकारियों से मुलाकात की थी.

Weather Update: बंगाल की खाड़ी के ऊपर दबाव का क्षेत्र आगे बढ़ा, भारी बारिश की आशंका नहीं

बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र शुक्रवार दोपहर पश्चिम बंगाल (West Bengal) के तट से आगे बढ़ गया, जिससे महानगर और आसपास के जिलों में दुर्गा पूजा के दिनों में भारी बारिश (Heavy Rain) की आशंका कम हो गयी है. मौसम विभाग ने कहा है कि कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान है. मौसम विभाग (IMD) के एक अधिकारी ने बताया, ‘ओडिशा तट के पास उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव का क्षेत्र 22 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है. अब यह सागर द्वीप (पश्चिम बंगाल) के करीब 50 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल-बांग्लादेश तट के पास उत्तरपश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित हो गया है.’

दबाव के इस क्षेत्र के उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने तथा बांग्लादेश और पश्चिम बंगाल के तटवर्ती हिस्से को पार करने की संभावना है जिससे बंगाल के दक्षिणी हिस्से में मूसलाधार बारिश की आशंका कमजोर हो गयी है. हालांकि मछुआरों को शुक्रवार को भी समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी. मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार के बीच दक्षिण बंगाल के कई जिलों और शहरों में भारी बारिश का अनुमान जताया था.

वहीं दिल्ली में गुरुवार की शाम प्रदूषण (Delhi air quality) का स्तर ‘बेहद खराब’ श्रेणी में पहुंच गया और आगामी दो दिनों में इसके और खराब होने की संभावना है. यह जानकारी सरकारी एजेंसियों ने दी . दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 302 रिकॉर्ड किया गया जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अनुमान जताया है कि पार्टिकुलेट मैटर (पीएम) 10 और पीएम 2.5 में बढ़ोतरी के साथ वायु गुणवत्ता और खराब होगी.

0 और 50 के बीच एक्यूआई को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 और 500 ‘गंभीर’ माना जाता है. आईएमडी के अतिरिक्त महानिदेशक आनंद शर्मा ने कहा, ‘वायु गुणवत्ता आगामी दो दिनों में यानी 24 अक्टूबर तक और खराब होगी. पराली जलाने के अलावा अन्य कारक भी हैं, जिससे वायु गुणवत्ता खराब हो रही है. इनमें वाहन प्रदूषण और अपशिष्टों को जलाना भी शामिल है.’

उन्होंने कहा, ‘24 अक्टूबर तक पीएम 2.5 में बढ़ोतरी होगी और पीएम 10 जो अभी ‘खराब’ श्रेणी में है वह ‘काफी खराब’ श्रेणी में चली जाएगी.’ पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में वायु गुणवत्ता पर नजर रखने वाली एजेंसी ‘सफर’ ने कहा कि हरियाणा, पंजाब और पड़ोसी क्षेत्रों में पराली जलाने की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है. बुधवार को यह संख्या 1428 थी.

राहुल गांधी का PM से सवाल- चीनी सैनिकों को हिंदुस्तान की जमीन से कब भगाया जाएगा?

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कांग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में चीन (China) के साथ जारी गतिरोध के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से शुक्रवार को सवाल किया कि हिंदुस्तान की जमीन से चीनी सैनिकों को कब भगाया जाएगा? साथ ही कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि किसी चीनी सैनिक के हिंदुस्तान की जमीन पर मौजूद नहीं होने की बात कहकर प्रधानमंत्री ने हमारे सैनिकों का ‘अपमान’ किया है.

राहुल गांधी ने बिहार के नवादा और कहलगांव में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए हाल ही में बनाए गए कृषि संबंधी तीन कानून, जीएसटी, लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों का पलायन और नोटबंदी सहित विभिन्न मुद्दों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव के साथ नवादा की रैली को संबोधित कर रहे राहुल ने बिहार में बेरोजगारी का मुद्दा भी उठाया. इस मुद्दे पर केंद्र और बिहार की राजग सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नोटबंदी, जीएसटी और कोरोना वायरस संकट के समय लोगों की आर्थिक मदद नहीं कर किसानों, छोटे कारोबारियों, मजदूरों, छोटे उद्यमियों की कमर तोड़ दी है.

राहुल गांधी ने अपने भाषण की शुरुआत में ही लोगों से पूछा, ‘नीतीश जी की सरकार कैसी लगी आप लोगों को? मोदी जी के भाषण कैसे लगे?’ कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मोदी जी ने कहा है कि बिहार के जो हमारे सैनिक शहीद हुए, उनके सामने वह अपना सिर झुकाते हैं…… पूरा देश बिहार के शहीदों के सामने सिर झुकाता है.’ उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी ने यह नहीं कहा कि वे चीन को भारत की शक्ति दिखाने जा रहे हैं. उन्होंने दावा किया कि चीन ने हिंदुस्तान की ‘1200 वर्ग किलोमीटर’ जमीन अपने कब्जे में ले रखी है.

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को घेरने का प्रयास करते हुए आरोप लगाया, ‘चीन की सेना हिंदुस्तान की सीमा के अंदर है. सवाल ये है कि जब चीनी सैनिक हमारी जमीन के अंदर आए, तो हमारे प्रधानमंत्री ने हमारे वीरों का अपमान करते हुए यह क्यों बोला कि हिंदुस्तान के अंदर कोई नहीं आया?’ कांग्रेस नेता ने लोगों से कहा कि वे (प्रधानमंत्री) आज कहते हैं कि वे सिर झुकाते हैं ‘लेकिन तब हिंदुस्तान की सेना का अपमान नरेंद्र मोदी जी ने किया, जब उन्होंने देश को झूठ बोला कि चीन का कोई भी सैनिक हिंदुस्तान के अंदर नहीं आया.’

उन्होंने सवाल किया, ‘बतायें कि चीन के सैनिकों को हिंदुस्तान की धरती से कब भगाया जाएगा? सवाल यह है कि हमारे पवित्र देश के भीतर चीन की सेना क्यों?’ इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में पहली चुनावी रैली में, गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हुए संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा था, ‘भारत का स्वाभिमान है बिहार और बिहार के जवानों ने गलवान घाटी और पुलवामा में बलिदान दिया लेकिन भारत माता का शीश नहीं झुकने दिया…. हम उनको श्रद्धांजलि देते हैं.’

राहुल ने लोगों से पूछा, ‘नोटबंदी का क्या फायदा हुआ?’ उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब का पैसा हिंदुस्तान के अमीरों के खाते में गया और अंबानी और अडानी के लिए नरेंद्र मोदी रास्ता साफ कर रहे हैं. राहुल गांधी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने पिछले चुनाव में कहा था कि दो करोड़ लोगों को नौकरियां देंगे, क्या नौकरियां मिलीं? किसी को नहीं मिली. जीरो.’

कांग्रेस नेता ने कहा कि नरेंद्र मोदी सैनिकों, किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापरियों आदि के सामने सिर झुकाने की बात करते हैं लेकिन काम तो वह अडाणी जैसे व्‍यापारियों का करते हैं. उन्होंने लोगों से कहा, ‘भाषण आपको देंगे, सिर झुकाएंगे आपके सामने, मगर जब काम करने का समय आएगा, तब फिर काम किसी और का करेंगे.’ कांग्रेस के शासन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, ‘हमारी सरकार ने 70 हजार करोड़ रुपये का किसानों का कर्ज माफ किया और जब सरकार बनी तब मध्यप्रदेश, पंजाब, छत्तीसगढ़ में भी कर्ज माफ किया है.’

राहुल गांधी ने कहा, ‘हमारी सरकार (संप्रग) थी, 70 हजार करोड़ रुपये का किसानों का कर्जा माफ किया गया था. पंजाब में हमारी सरकार है, पंजाब में किसानों का कर्जा माफ किया गया. मध्यप्रदेश में सरकार बनी, वहां कर्जा माफ किया, छत्तीसगढ़ में कर्जा माफ किया गया.’ नोटबंदी और जीएसटी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने कहा कि बड़े व्‍यापारियों के लिए नरेंद्र मोदी रास्ता साफ कर रहे हैं और किसानों को, मज़दूरों, दुकानदारों को दूर कर रहे हैं.

न्होंने आरोप लगाया कि आने वाले समय में आपका पूरा का पूरा धन हिंदुस्तान के दो-तीन पूंजीपतियों के हाथ में चला जाएगा. हाल ही में बनाये गए कृषि संबंधी तीन कानूनों का जिक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मंडियां खत्म की जा रही हैं, न्यूनतम समर्थन मूल्य समाप्त किए जा रहे हैं और आने वाले दिनों में आपके खेत भी छीन लिये जायेंगे. उन्होंने आरोप लगाया कि इससे लाखों लोग बेरोजगार होंगे. प्रवासी मजदूरों के पलायन का मसला उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पलायन कर रहे प्रवासी मजदूरों की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मदद नहीं की और यही सच्चाई है.

कोरोना वायरस संकट पर राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 22 दिनों में कोरोना वायरस महामारी ठीक होने की बात की थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने कहा, ‘नरेंद्र मोदी जी ने कहा था कि 22 दिन में कोरोना की लड़ाई जीती जाएगी लेकिन जब बिहार के मज़दूरों को दिल्ली से और बाकी प्रदेशों से भगा कर बिहार भेजा गया…, वे जब भूखे प्यासे पैदल आ रहे थे, तो नरेंद्र मोदी जी क्या कह रहे थे?’ कांग्रेस नेता ने सवाल किया, ‘देश के प्रधानमंत्री ने इन्हें एक दिन भी क्यों नहीं दिया?’

 

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नवरात्रि में पान के पत्तों से करें मां की आराधना, शीघ्र होगा विवाह, मिलेगा धन वैभव और ऐश्वर्य

नवरात्रि में माता के सभी रूपों की पूजा की जाती है. भक्तगण विधि विधान से मां दुर्गा की उपासना करते हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि पान के पत्तों से देवी की पूजा करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती है. जी हाँ, दरअसल प्राचीनकाल से ही पान का पत्ता काफी पवित्र माना गया है. शरीर को विषमुक्त बनाने और औषधीय गुणों के कारण आयुर्वेद में भी इसका उल्लेख मिलता है.

जानकार बताते हैं कि नवरात्रि के दौरान पान के पत्ते से देवी की पूजा करने से भक्तों की सभी मुरादें पूरी होती हैं, लेकिन पान के पत्तों का प्रयोग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए. जैसे कि पान का पत्ता पूरा होना चाहिए और इसमें डंठल लगी होनी चाहिए. पान का पत्ता कहीं से भी कटा-फटा न हो. पूजा और प्रयोग के लिए हरे पान का पत्ता ही प्रयोग करें.

वहीं अगर विवाह में देरी हो रही है तो पान के पत्तों से देवी की उपासना विशेष फल देता है। इसके लिए सिन्दूर को घी में मिलाकर पेस्ट बना लें. पान के पत्ते पर चिकनी तरह इस पेस्ट से अपना नाम लिखें. इसको चिकनी तरफ से ही देवी को अर्पित करें. ये प्रयोग नवरात्रि में लगातार तीन दिन करें.

धन-संपदा और वैभव की प्राप्ति के लिए नवरात्रि में रोज शाम को मां लक्ष्मी की कपूर से आरती करें. इसके बाद पान के पत्ते पर गुलाब की पंखुड़ियां रखकर उन्हें अर्पित करें. नवरात्रि के बाद ये प्रयोग हर पूर्णिमा की रात्रि को करते रहें.

Dussehra 2020 : इस जगह से है रावण का ख़ास रिश्ता, संतान प्राप्ति के लिए होती है पूजा

25 अक्टूबर को देश में धूमधाम से दशहरा मनाया जायेगा. बुराई पर अच्छाई की जीत के प्रतीक के रूप में दशहरे के दिन रावण दहन किया जाता है, लेकिन कुछ जगहें ऐसी भी हैं जहां रावण को पूजा जाता है. इनमें सबसे खास है मध्य प्रदेश का मंदसौर. मंदसौर से रावण का एक खास रिश्ता बताया जाता है.

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मंदसौर रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था और यही वजह कि यहां के लोग रावण को अपना दामाद मानते हैं. बताया जाता है कि मंदसौर में नामदेव समाज के लोग मंदोदरी को अपने वंश की बेटी बताते हैं और इस वजह से ही रावण को वहां आज भी जमाई जैसा सम्मान दिया जाता है.

मंदसौर में रावण की एक विशाल प्रतिमा भी है जो 41 फीट ऊंची है. रावण की ये प्रतिमा चार सौ साल पुरानी बताई जाती है. जहां हर दिन लोग पूजा करने आते हैं. महिलाएं रावण की पूजा करने के दौरान घूंघट करती हैं और विशेष रूप से संतान प्राप्ति की कामना करती है.

यहां के लोग दशहरा के दिन सुबह-सुबह ढोल-बाजे के साथ जाकर रावण की प्रतिमा की पूजा-अर्चना करते हैं. इसके बाद राम और रावण की सेनाएं निकलती हैं और शाम के समय रावण दहन किया जाता है. दहन से पहले लोग रावण से क्षमा याचना भी की जाती है.

फ्री कोरोना वैक्सीन के वादे पर राहुल गांधी का तंज, बोले COVID-19 पर राजनीति कर रही है BJP

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राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने बिहार (Bihar) के लोगों को कोरोना वायरस का टीका मुफ्त उपलब्ध कराने के भाजपा (BJP) के चुनावी वादे को लेकर तंज कसा है. राहुल गांधी ने कहा कि भारत सरकार ने कोविड के टीके तक पहुंच की रणनीति की घोषणा कर दी है और अब लोग इसे हासिल करने की जानकारी के लिए राज्यवार चुनाव कार्यक्रमों पर गौर कर सकते हैं.

राहुल गांधी ने अपने ट्वीट में लिखा- भारत सरकार ने कोविड वैक्सीन वितरण की घोषणा कर दी है. ये जानने के लिए कि वैक्सीन और झूठे वादे आपको कब मिलेंगे, कृपया अपने राज्य के चुनाव की तारीख़ देखें. अर्थात कृपया यह जानने के लिए राज्यवार चुनाव कार्यक्रमों का सहारा लें कि यह आपको दूसरे फर्जी वादों के पिटारे के साथ कब मिलेगा.

वहीं, पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने ट्वीट कर दावा किया कि मोदी सरकार ने तो कोरोना की वैक्सीन नहीं ढूंढी, पर बिहार की जनता ने बिहार बचाने की ‘वैक्सीन’ ज़रूर ढूंढ ली है. जद(यू)-भाजपा भगाओ, महागठबंधन सरकार लाओ.

आपको बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा का ‘संकल्प पत्र’ जारी करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नेपटना में कहा कि कि जब तक कोरोना वायरस का टीका नहीं आता है, तब तक मास्क ही टीका है, लेकिन जैसे ही टीका आ जाएगा तो भारत में उसका उत्पादन बड़े स्तर पर किया जाएगा.

निर्मला सीतारमण ने यह भी कहा कि हमारा संकल्प है कि जब टीका तैयार हो जाएगा तब हर बिहारवासी को कोरोना वायरस का टीका मुफ्त में उपलब्ध कराया जाएगा.

 

बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी कोरोना से संक्रमित हुए

बिहार के उपमुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए हैं. जिसके बाद उन्हें पटना एम्स में भर्ती करवाया गया है. सुशील मोदी ने खुद कोरोना पॉजिटिव पाए जाने के बाद ट्वीट करके यह जानकारी दी है.

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ट्वीट करके बताया, ‘कोरोना वायरस की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है. सभी मापदंड पूरी तरह से सामान्य हैं. फेफड़ों का सीटी स्कैन भी सामान्य है. अभी बेहतर निगरानी के लिए पटना एम्स में भर्ती हूं. जल्द ही चुनाव प्रचार के लिए वापस लौटकर आऊंगा.’

इससे पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता सैयद शाहनवाज हुसैन का बुधवार को कोविड-19 टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आया. हुसैन आगामी बिहार विधानसभा चुनावों के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के स्टार प्रचारक हैं. उन्होंने ट्विटर के माध्यम से टेस्ट रिपोर्ट पॉजीटिव आने की जानकारी साझा की. हुसैन भाजपा का मुस्लिम चेहरा हैं. वह बुधवार को अररिया जिले के मुस्लिम बहुल फारबिसगंज में चुनाव प्रचार में शामिल हुए थे.

गौरतलब है कि पिछले कुछ महीनों में बिहार में कोविड-19 के कारण दो कैबिनेट मंत्री और आईजी रैंक के अधिकारी की मृत्यु हो गई थी. वहीं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि कोविड-19 से 1.96 लाख मरीज ठीक हुए हैं. इनमें से पिछले 24 घंटों में विभिन्न अस्पतालों और होम क्वारंटाइन केंद्र से 1,319 मरीजों को छुट्टी दी गई है. राज्य में रिकवरी दर 94 प्रतिशत है और बिहार में इस समय सक्रिय मामले 11,010 हैं.

 

 

BJP नेता बिसाहूलाल का रिवॉल्वर लहराते वीडियो हुआ वायरल, कार्यकर्ता को दी गोली मारने की धमकी

मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री और अनूपपुर सीट से बीजेपी प्रत्याशी बिसाहूलाल सिंह का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वो एक कार्यकर्ता को रिवॉल्वर दिखाकर गालियां देते नजर आ रहे हैं. इस वीडियो को कांग्रेस ने अपने ट्वीटर अकाउंट से शेयर किया है.

इस वीडियो में BJP नेता वे पैसे मांगने पर एक कार्यकर्ता से गाली-गलौज करते नज़र आ रहे हैं. वीडियो में बिसाहूलाल को ‘अगर ज्यादा बोले तो गोली मार दूंगा’ कहते हुए सुना जा सकता है.


भारतीय समाचार इस वीडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं करता है. इस वीडियो को शेयर करते हुए एमपी कांग्रेस ने लिखा, ‘बीजेपी प्रत्याशी बिसाहू लाल का एक और वीडियो वायरल, पैसे मांगने पर कार्यकर्ता को रिवॉल्वर दिखाकर दे रहे गालियां. शिवराज जी- ये आदमी आपकी पार्टी के लिये बिल्कुल फ़िट है, अगला प्रदेश अध्यक्ष इसी को बनाना.’

 

 

172 हजार साल पहले थार मरूस्थल में बहती थी नदी, रिसर्च में हुआ ख़ुलासा 

रिसर्च में ख़ुलासा हुआ है कि 172 हजार साल पहले राजस्थान (Rajasthan) में बीकानेर (Bikaner) के पास थार रेगिस्तान (Thar Desert) में बहती थी और संभव है कि वह नदी आसपास के क्षेत्रों में मानव आबादी के लिए जीवन-रेखा (Life Line) रही हो ताकि लोग वहां निवास कर सकें. ये तथ्य ‘क्वाटर्नेरी साइंस रिव्यूज़’ नामक पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं. इसमें थार रेगिस्तान क्षेत्र में नाल गांव के पास नदी के बारे में जानकारी दी गयी है.

जर्मनी (Germany) के द मैक्स प्लांक इंस्टीट्यूट फॉर द साइंस ऑफ ह्यूमन हिस्ट्री (The Max Plank Institure for the science of human history), तमिलनाडु (Tamilnadu) के अन्ना विश्वविद्यालय (Anna University) और कोलकाता (Kolkata) के आईआईएसईआर (IISER) जैसे संस्थानों के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन से संकेत मिलता है कि पाषाण युग में उस क्षेत्र में आबादी थी जो अब थार रेगिस्तान बन चुका है.

अध्ययन में मिले साक्ष्य से संकेत मिलता है कि लगभग 172 हजार साल पहले राजस्थान के बीकानेर में एक नदी बहती थी जो निकटतम आधुनिक नदी से करीब 200 किलोमीटर की दूरी पर है. शोधकर्ताओं ने कहा कि ये निष्कर्ष थार रेगिस्तान क्षेत्र में आधुनिक नदी और सूख चुकी घग्गर-हकरा नदी के रास्ते के बारे में सबूत पेश करते हैं. उन्होंने कहा कि मध्य थार रेगिस्तान में बहने वाली नदी उस युग में आबादी के लिए जीवन-रेखा रही होगी.

शोधकर्ताओं ने रेखांकित किया कि थार रेगिस्तान के पहले के निवासियों के लिए ‘सूख चुकी’ नदियों के संभावित महत्व की अनदेखी की गयी है. मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट के जिम्बोब ब्लिंकहॉर्न ने कहा कि थार रेगिस्तान का एक एक समृद्ध प्रागितिहास रहा है और हम सबूतों की एक विस्तृत श्रृंखला पेश कर रहे हैं कि कैसे पाषाण युग में लोग वहां रहते थे और उनकी बस्तियां विकसित हुयीं.

उन्होंने कहा, “हम जानते हैं कि इस क्षेत्र में रहने वालों के लिए नदियां कितनी महत्वपूर्ण हो सकती हैं लेकिन प्रागितिहास जैसी प्रमुख अवधि के दौरान नदियों की प्रणाली के बारे में हमें बहुत कम जानकारी है.’’