Home Blog Page 178

अर्जुन पुरस्कार विजेता मधुरिका पाटकर की लोगों से अपील, Fit India Freedom Run में शामिल हों

अर्जुन पुरस्कार विजेता भारतीय टेबिल टेनिस खिलाड़ी मधुरिका पाटकर (Arjuna Awardee Indian table tennis star Madhurika Patkar) ने लोगों से फिट इंडिया फ्रीडम रन (Fit India Freedom Run) में शामिल होने की अपील की है.

भारतीय खेल प्राधिकरण ( Sports Authority of India -SAI) के मुंबई (Mumbai) स्थित क्षेत्रीय केंद्र आयोजित ऑनलाइन इन्टरैक्शन कार्यक्रम में मधुरिका पाटकर ने फिट इंडिया फ्रीडम रन की शुरुआत के लिए खेल एवं युवा मामले मंत्री श्री किरेन रिजिजू (Union Minister of Sports and Youth Affairs Kiren Rijiju) की जमकर तारीफ़ करने के साथ ही लोगों से फिट इंडिया फ्रीडम रन भाग लेने को कहा.

मधुरिका ने कहा, यह हमारे देश को और अधिक फिट बनाने की दिशा में एक कदम है. हम सभी भारत को एक फिट देश बनाने के लिए प्रतिभागी बन सकते हैं. लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान हम सभी अपने घरों में ही सीमित रहे हैं, लेकिन अब हम धीरे-धीरे बाहर निकल सकते हैं, दौड़ के साथ जुड़ने का यह बिल्कुल उपयुक्त समय है. यह एक मूलभूत व्यायाम है. मैं खेल मंत्रालय और विशेष रूप से माननीय खेल एवं युवा मामले मंत्री श्री किरेन रिजिजू को इस अवधि के दौरान फिट इंडिया फ्रीडम रन शुरू करने के लिए धन्यवाद देती हूं. मैं सभी लोगों से फिट इंडिया फ्रीडम रन में भाग लेने की अपील करना चाहती हूं.

33 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा, ‘जब मैं बाहर दौड़ने के लिए जाती हूं,तो ख़ुद को प्रकृति के साथ जुड़ा महसूस करती हूं. साथ ही मधुरिका ने बताया कि पहल हमें ख़ुद करनी होती है जिसके बाद हम दूसरों को इससे जुड़ने के लिए प्रोत्साहित कर सकते हैं. हमें अपने मित्रों को आमंत्रित करने की आवश्यकता है, भले ही वे टालमटोल करें. जैसे ही एक व्यक्ति दौड़ना आरंभ करेगा, वे इसे पसंद करने लगेंगे.

वहीं इस मौक़े पर भारतीय खेल प्राधिकरण (मुंबई) क्षेत्रीय निदेशक सुष्मिता आर जुत्शी (Susmita R Jyotsi) ने कहा कि हमें दूसरों को हमेशा चार गुना अधिक प्रोत्साहित करना चाहिए. उन्होंने कहा ‘मधुरिका, आपके शब्द काफी प्रेरणादायी हैं. आपको देख कर बहुत से लोग प्रेरित होंगे. मौजूदा हालत में स्वस्थ रहने और महामारी से लड़ने का एकमात्र रास्ता फिट बने रहना है.

सुष्मिता आर जुत्शी ने कहा एथलीट हमारे राष्ट्रीय आइकान हैं और प्रत्येक व्यक्ति को चार अन्य लोगों को इस अनूठी दौड़ में शामिल होने के लिए प्रेरित करना चाहिए. यह एक बड़ी उपलब्धि होगी. अगर 100 लोगों को प्रेरित किया जाता है तो वे 400 और लोगों को प्रेरित करेंगे.

आपको बता दें केंद्रीय खेल एवं युवा मामले मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने फिट इंडिया फ्रीडम रन की शुरुआत की थी जो 2 अक्टूबर तक चलेगी. खिलाड़ियों के साथ ही अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग भी फिट इंडिया फ्रीडम रन की जमकर सराहना करते नज़र आ रहे हैं.

मुंबई में महसूस किए गए भूकंप के झटके, घरों से बाहर निकले लोग

आज सुबह मुंबई में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. भूकंप के झटके महसूस होते लोग घरों से बाहर निकल आये. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक आज सुबह आठ बजे मुंबई में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं.

रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 3.5 मापी गयी है. भूकंप का केंद्र उत्तर मुंबई में 102 किलोमीटर दूर था. हालांकि, मुंबई में आये भूकंप से किसी भी तरह के जान माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आयी है.

बता दें कि मुंबई में इससे पहले 5 सितंबर को भूकंप के झटके महसूस किए गए थे. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 2.7 मापी गई थी. भूकंप का केंद्र मुंबई की उत्तर दिशा में 98 किलोमीटर दूर बताया गया था.

जानें, क्या हैं मांगलिक दोष? ये 5 चमत्कारी वस्तुएं संवार देगी किस्मत होगा लाभ ही लाभ

कहते हैं कि मंगल अगर मेहरबान हो तो जीवन में हर ओर मंगल ही मंगल होता है, लेकिन कमजोर या अशुभ मंगल जिंदगी में अमंगल का विष घोल देता है. अशुभ मंगल (Mangal dosh) को शुभ और मंगलकारी बनाने के लिए कुछ उपाय करने से समस्याएं दूर हो जाती हैं.तो चलिए आपको बताते हैं मांगलिक दोष दूर करने के उपाय…

तांबा- तांबा मंगल की प्रमुख धातु है. यह धातु औषधीय मानी जाती है और तमाम रोगों के निवारण में इसका प्रयोग होता है. इस धातु को इतना पवित्र मानते हैं की इसको धारण करने के बाद मांसाहार नहीं करते. मंगल के लिए दान में मंगल के रत्न धारण करने में इस धातु का ही प्रयोग होता है. अगर आत्मविश्वास की कमी हो तो तांबे का एक कड़ा धारण करना लाभदायक होगा. रक्त संबंधी समस्याओं के मामले में तांबे का एक छल्ला अनामिका अंगुली में धारण करना चाहिए. तांबे के लोटे से कभी भी शिव जी को दूध अर्पित न करें.

लाल रंग- लाल रंग मंगल का प्रमुख रंग है. मंगल को शक्तिशाली करने के लिए लाल रंग का प्रयोग किया जाता है. लेकिन अगर मंगल नकारात्मक हो लाल रंग खतरनाक होता है. अगर ठंडक या सर्दी जुकाम की समस्या हो तो लाल रंग का प्रयोग ज्यादा करना चाहिए. साथ ही अगर जोड़ों के दर्द की समस्या हो तो पैरों और हाथों के जोड़ों पर लाल धागा बांधना चाहिए.

मिट्टी– मंगल को भूमिपुत्र भी कहा जाता है. भूमि और भूमि से निकलने वाली सारी चीजें मंगल के अधिकार क्षेत्र में आती हैं. मिटटी भी मंगल से ही सम्बंधित चीज है. मिटटी के बने हुए पात्र से जल पीने से क्रोध की मात्र में कमी आती है. साथ ही घर में मिटटी के गमलों में पौधे लगाने से घर में सुख शांति आती है. घर में थोड़ी सी जगह कच्ची छोड़ दी जाए (मिटटी वाली) तो बीमारियों से रक्षा होती है.

गुड़- गुड़ को मंगल से संबंधित माना जाता है. इस के नियमित सेवन से शक्ति मिलती है और रक्त बढ़ता है. अगर शरीर में रक्त की कमी हो तो नियमित रूप से भुना चना और गुड़ खाना चाहिए. अगर शल्य चिकित्सा की सम्भावना या चोट चपेट की संभावना हो तो हर मंगलवार को गुड का दान करना चाहिए.

जौ– यह शुद्ध रूप से मंगल का अनाज माना जाता है. शरीर को शुद्ध करता है और विषमुक्त करता है. शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है और रक्त को शुद्ध भी करता है. अगर मुकदमे परेशान कर रहे हों तो जौ को घर में भारी चीज से दबा देना चाहिए. अगर कर्ज बढ़ते जा रहे हों तो मंगलवार को बहते हुए पानी में जौ बहाना चाहिए. अगर मंगल की वजह से स्वास्थ्य की समस्या हो तो जौ की रोटी खानी चाहिए.

LGBT समुदाय के लोगों ने कहा- धारा-377 रद्द होने से हम अपराधी तो नहीं रहे, पर समाज की सोच न बदली

ऋषभ सिंह 6 सितंबर 2018 के दिन को याद करते हैं जिसने उनकी जिंदगी बदल दी. दो साल पहले इसी दिन उच्चतम न्यायालय ने समलैंगिक संबंधों को अपराध करार देने वाली धारा-377 को निरस्त कर दिया था. उसी दिन सिंह ने अपने माता-पिता को अपनी यौन रुचि की जानकारी दी थी.

उन्होंने कहा, ‘मेरे जेहन में यह बात थी कि देश की शीर्ष अदालत भी मानती है कि मैं अपराधी नहीं हूं और इसने मुझे बाहर निकलकर अपने माता-पिता को अपनी यौन रुचि के बारे में बताने का आत्मविश्वास दिया.’

उच्चतम न्यायालय के फैसले के बाद सिंह कहते हैं कि वह इसे अपना दूसरा जन्मदिन मानते हैं जब उनका दोबारा ऐसे व्यक्ति के तौर पर जन्म हुआ जो अधिक स्वतंत्र और आत्मविश्वास से लबरेज है और सुकून में है.

मुंबई में प्रौद्योगिकी के पेशवर सिंह ने कहा, ‘यह पहला कदम है और मेरा मानना है कि अगले कदम का समय आ गया है. समाज की मानसिकता में हमारे प्रति अब भी असमानता है, चाहे फिर वह विरासत कानून के मामले में हो या फिर सेरोगेसी कानून हो. अभी हमें बहुत लंबा रास्ता तय करना है.’

हालांकि, पेशे से इंटीरियर डिजाइनर सुनैना (बदला हुआ नाम) कहती हैं कि इस फैसले से उनके जीवन में खास बदलाव नहीं आया है.

उन्होंने कहा, ‘सार्वजनिक रूप से मैं अपनी पहचान जाहिर नहीं कर सकती क्योंकि समाज द्वारा स्वीकार करना बहुत मुश्किल है. मैं मध्यम वर्गीय परिवार से आती हूं, जहां पर समलैंगिकता के बारे में चर्चा करने की भी मनाही है. इस फैसले ने हमारे लिए यह अच्छा किया कि कम से कम हम अपराधी नहीं माने जाते, लेकिन समाज की मानसिकता वही है.’

उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने छह सितंबर 2018 को ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए सर्वसम्मति से भारतीय दंड संहिता की धारा-377 के कई हिस्सों को रद्द करते हुए कहा था कि यह संविधान में मिले समानता और सम्मान के अधिकार का हनन करता है.

धारा-377 के तहत कथित अप्राकृतिक यौन संबंध स्थापित करने पर उम्र कैद की सजा का प्रावधान था.इस फैसले का समाज के अधिकतर धड़ों ने स्वागत किया, खासतौर पर युवाओं ने इसे प्यार की जीत करार दिया.

बेंगलुरू के रहने वाले पेशे से लेखक शुभांकर चक्रवर्ती ने कहा कि अगले चरण में एलजीबीटी समुदाय को भी उसी तरह के नागरिक अधिकार दिए जाने चाहिए जैसा सामान्य आबादी को हासिल है.

उन्होंने कहा, ‘एलजीबीटी समुदाय के लोग भी कर देते हैं. वे भी कानून का पालन करते हैं और उन्हें भी समान विशेषाधिकारों का हक है.’

चक्रवर्ती ने कहा, ‘निश्चित तौर पर स्थितियां बदली हैं. एलजीबीटी लोग अब अधिक आत्मविश्वास के साथ खुद को व्यक्त कर रहे हैं. व्यक्तिगत रूप से बढ़ रहे हैं और अब भेदभाव या उत्पीड़न के डर के बिना रिश्ते में रह रहे हैं. हालांकि, यह प्राथमिक बदलाव शहरों में और कुछ लोगों तक सीमित है. ट्रांसजेंडर लोगों की हालत में सुधार नहीं हुआ है.’

ट्रांसजेडर बिट्टू कोंडैया ने चक्रवर्ती के विचार से सहमति जताई और कहा कि उच्चतम न्यायालय के फैसले से समुदाय को बहुत लाभ नहीं हुआ है.

धारा-377 के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाले गैर सरकारी संगठन नाज फाउंडेशन की सदस्य अंजली गोपालन ने कहा कि फैसले के बाद एलजीबीटी (लेस्बियन, गे, बाइसेक्सुअल, ट्रांसजेंडर) समुदाय बहुत मजबूत हुआ है लेकिन उन्हें और अधिकार दिए जाने की जरूरत है.

ड्रग्स केस की जांच के लिए NCB ने बनाई SIT, हो सकती है रिया चक्रवर्ती की गिरफ़्तारी

एनसीबी ऑफिस में आज रिया से दूसरे दिन की पूछताछ जारी है. सूत्र के मुताबिक, रिया को आज एनसीबी गिरफ्तार भी कर सकती है. रिया के जवाबों पर ही ये निर्भर करेगा कि वे गिरफ्तार होती हैं या नहीं.जैद, सैमुअल मिरांडा, शोविक को मेडिकल टेस्ट के लिए ले जाया गया है. इसके बाद उन तीनों को रिया के सामने बैठाकर पूछताछ होगी.

सुशांत केस में उनके दोस्त संदीप सिंह पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे. अब संदीप सिंह ने उनपर चुप्पी तोड़ी है. संदीप सिंह ने सुशांत और उनकी बहन मीतू संग अपनी व्हाट्सएप चैट का खुलासा किया है. उन्होंने इंस्टा पर इन चैट्स को पब्लिक कर अपनी सफाई दी है कि क्यों वे सुशांत की मौत के बाद अस्पताल से लेकर श्मशान घाट तक सबसे आगे नजर आए थे.

सुशांत केस में ड्रग्स कनेक्शन मामले में रिया से रविवार को भी एनसीबी ने तीखे सवालों की बौछार की थी. कहा जा रहा है कि रिया की आज गिरफ्तारी भी हो सकती है. देखना होगा कि एनसीबी उनके जवाबों से कितना संतुष्ट हो पाती है या नहीं. आज रिया-शोविक-मिरांडा तीनों को एकसाथ बैठाकर पूछताछ होगी.

रिया चक्रवर्ती पर कसा एनसीबी का सिकंजा, जानिए ड्रग कनेक्शन में कौन-कौन से चेहरे हैं शामिल

सुशांत सिंह राजपूत मामले में ड्रग एंगल काफी बड़ा बन गया है. एनसीबी ने रिया के भाई शोविक चक्रवर्ती को तो अपनी रिमांड में पहले ही ले लिया है, अब रिया पर भी गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है.  बताया जा रहा है रिया के खिलाफ दीपेश सावंत ने कुछ ऐसी गवाही दी है जिस वजह से एनसीबी को एक्ट्रेस के खिलाफ और पुख्ता सबूत मिले हैं.

जब से ये ड्रग एंगल सामने आया है, रिया का नाम पूरे मामले में देखने को मिला है. एक्ट्रेस ने जरूर खुद को इस विवाद से दूर रखने की कवायद की है, लेकिन हर बार कुछ ना कुछ कनेक्शन सामने आया है. ऐसे में अगर एनसीबी रविवार को ही रिया को गिरफ्तार कर ले तो हैरानी नहीं होगी. वैसे एनसीबी ने पूरी जांच करने के बाद रिया पर शिकंजा कसा है. उनके फोन के जरिए कई ऐसी चैट मिली हैं, जिन्हें देख समझ आता है कि वे लगातार ड्रग्स की दुनिया से जुड़ी हुई थीं. कुछ ऐसे शख्स भी सामने आए हैं जिनके संपर्क में रिया लगातार थीं-

दीपेश सावंत

सुशांत सिंह राजपूत का हेल्पर दीपेश सावंत ने ड्रग विवाद में एनसीबी के सामने ऐसे खुलासे किए हैं जिसकी वजह से रिया पर कई तरह के सवाल उठे हैं. दीपेश ने माना है कि रिया ड्रग मंगवाया करती थीं और दीपेश वो ड्रग लाया करता था. ऐसे में ड्रग विवाद में रिया और दीपेश का भी सीधा संपर्क सामने आया है.

शोविक

रिया का भाई शोविक चक्रवर्ती तो इस ड्रग एंगल में एक मास्टमाइंड के रूप में सामने आया है. शोविक ना सिर्फ ड्रग पैडलर्स के संपर्क में था, बल्कि सुशांत के लिए ड्रग्स भी मंगवाया करता था. वहीं रिया की शोविक संग ऐसी वाट्सऐप चैट भी सामने आई हैं जो दिखाता है कि रिया, अपने भाई के जरिए सुशांत के लिए ड्रग्स का इंतजाम किया करती थीं.

गौरव आर्या

होटलों की दुनिया में जाना-माना नाम हैं गौरव आर्या. सुशांत केस में गौरव को भी एक अहम कड़ी माना गया है. गौरव संग रिया चक्रवर्ती की बातचीत भी सामने आई है. गौरव ने ईडी को बताया था कि साल 2017 में उनकी रिया से गोवा में मुलाकात हुई थी. गौरव ने इस बात का जिक्र तो किया है कि रिया ने उनसे एक बार ड्रग्स को लेकर बातचीत की थी, लेकिन उन्होंने ये मानने से इनकार कर दिया है वे ड्रग्स की खरीद-फरोख्त में शामिल थे. अब गौरव आर्या ने जरूर खुद को इस विवाद से दूर रखा है, लेकिन एक ऐसा वाट्सऐप ग्रुप मिला है, जिसमे रिया के दोस्त और गौरव शामिल हैं. उस ग्रुप में ड्रग्स को लेकर भी चर्चा हुई है.

जया साहा

टैलेंट मैंनेजर जया साहा का नाम भी कई बार सामने आया है. सुशांत के ड्रग्स एंगल में ये अहम कड़ी हैं. शुरूआती जांच के समय में सबसे पहले इन्ही की रिया संग बातचीत ने ड्रग्स एंगल को बड़ा बना दिया था. 25 नवंबर 2019 को रिया की जया से बातचीत हुई थी. उस चैट में जया, रिया से कह रही थीं- चाय या फिर कॉफी में बस 4 बूंद डालो और उसे पी लो. 30 से 40 मिनट में किक मिलेगी. उनकी इस चैट से अंदाजा लगाया गया था कि रिया का भी ड्रग विवाद से कनेक्शन था.

श्रुति मोदी

सुशांत सिंह राजपूत की मैनेजर रह चुकीं श्रुति मोदी ने भी ड्रग मामले में कई खुलासे किए हैं. उन्होंने पूछताछ के दौरान माना है कि सुशांत के घर ड्रग्स का माहौल बना रहता था और पार्टियां काफी आम थीं. वहीं श्रुति के वकील ने यहां तक कहा है कि उनकी क्लाइंट तो 10 दिन बाद ही सुशांत के यहां से जॉब छोड़ना चाहती थीं. उन्हें वो ड्रग कल्चर नहीं पसंद था.

Unlock 4: दिल्ली सरकार ने होटल, रेस्तरां और क्लबों में 9 सितंबर से शराब परोसने की दी अनुमति

राष्ट्रीय राजधानी में होटल, रेस्तरां और क्लब को नौ सितंबर से शराब परोसने की अनुमति दे दी गई है. दिल्ली सरकार के सूत्रों ने यह जानकारी दी.

उन्होंने बताया कि इन प्रतिष्ठानों को केंद्र सरकार द्वारा जारी कोविड-19 दिशानिर्देशों का अनुपालन करना होगा.दिल्ली सरकार के एक सूत्र ने कहा, ‘अधिकारियों ने होटल, रेस्तरां और क्लब को नौ सितंबर से शराब परोसने की अनुमति दे दी है.’

कन्नड़ फिल्म अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी सैंडलवुड ड्रग मामले में गिरफ्तार

कन्नड़ फिल्म उद्योग में मादक पदार्थ के कथित सेवन और कारोबार की जांच कर रही बेंगलुरू की केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी को शुक्रवार को दो और लोगों के साथ गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने यह जानकारी दी.

बेंगलुरु के संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध) संदीप पाटिल ने एक बयान में कहा, ‘रागिनी द्विवेदी को गिरफ्तार कर लिया गया है और हिरासत में रखा गया है.’बयान में कहा गया है कि अभिनेत्री के अलावा राहुल और विरेन खन्ना नामक दो लोगों को भी गिरफ्तार किया गया है.पुलिस ने एक अन्य व्यक्ति रविशंकर को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था.

इस तरह इस मामले में अब चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.पुलिस सूत्रों ने बताया कि इससे पहले सीसीबी ने अभिनेत्री के यहां स्थित आवास पर शुक्रवार की सुबह छापेमारी की थी.

सूत्रों ने बताया कि दोपहर में अभिनेत्री को सीसीबी कार्यालय ले जाया गया और इस सिलसिले में पूछताछ की गई.पाटिल ने बताया, ‘वह (खन्ना) मुख्य शख्स है जो बड़ी पार्टियों का आयोजन करता था और मादक पदार्थ उपलब्ध कराता था. वह दिल्ली में है और सीसीबी पुलिस के दो निरीक्षक दिल्ली गये थे और उसे गिरफ्तार कर लिया.’

 उन्होंने बताया कि उसे चार दिन की पुलिस हिरासत में लिया गया है.एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘सीसीबी ने अदालत से इस संबंध में तलाशी वारंट हासिल किया है.’ पुलिस सूत्रों के अनुसार, सीसीबी का एक दल सुबह करीब छह बजे द्विवेदी के आवास पर पहुंचा.

सीसीबी ने बुधवार को अभिनेत्री को नोटिस जारी करके पेश होने को कहा था लेकिन द्विवेदी ने वकीलों की एक टीम भेजकर सोमवार तक का समय मांगा था. पुलिस ने इसके बाद अभिनेत्री को निर्देश दिया था कि वह शुक्रवार को उनके समक्ष उपस्थित हो जाएं.

बेंगलुरू के पुलिस आयुक्त कमल पंत ने पत्रकारों को बताया, ‘अब तक इस (मादक पदार्थ) मामले में दो लोगों… रवि और राहुल को गिरफ्तार किया गया है. हमने कोटनपेट पुलिस थाने में एक मामला दर्ज किया है.’

शहर पुलिस आयुक्त ने बताया कि सड़क परिवहन कार्यालय में एक क्लर्क रवि को बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया जबकि दूसरे व्यक्ति राहुल को आज हिरासत में लिया गया.

 पुलिस प्रमुख ने बताया कि अभिनेत्री रवि के संपर्क में थी.रागिनी द्विवेदी के आवास पर छापेमारी के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में पंत ने कहा कि मामले की जांच चल रही है.इसी बीच पुलिस ने बताया कि एक अदालत ने रवि को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया.

मादक पदार्थ नियंत्रण ब्यूरो (एनसीबी) ने बेंगलुरू से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर कन्नड़ फिल्म उद्योग (कन्नड़ फिल्म उद्योग को ‘सैंडलवुड’ भी कहा जाता है) के गायकों और कलाकारों को मादक पदार्थ की आपूर्ति करने का आरोप है. इसके बाद सीसीबी ने इस मामले में गहन जांच शुरू कर दी थी.

फिल्म निर्माता और पत्रकार इंद्रजीत लंकेश ने सैंडलवुड में मादक पदार्थ के इस्तेमाल को लेकर सीसीबी के पास अपना बयान दर्ज कराया है. उन्होंने बताया कि यहां के फिल्म उद्योग के कम से कम 15 लोग मादक पदार्थ से जुड़े कारोबार में शामिल हैं.

द्विवेदी का जन्म बेंगलुरू में हुआ है जबकि उनके परिवार का ताल्लुक हरियाणा के रेवाड़ी से है. वह 2009 में ‘वीरा मदाकरी’ फिल्म से सैंडलवुड में आईं थीं. वहीं उन्हें केम्पे गौड़ा, रागिनी आईपीएस, बंगारी और शिवा जैसी फिल्मों से प्रसिद्धि मिली.

ऑस्ट्रिया : बर्फ के बक्से में रहकर शख्स ने बनाया नया कीर्तिमान, पिछला रिकॉर्ड तोड़ने में लगे 30 मिनट

ऑस्ट्रिया के एक व्यक्ति ने शनिवार को हैरतअंगेज कारनामा अंजाम दिया है. उसने बर्फ के टुकड़ों से भरे एक बक्से में ढाई घंटे का समय बिताकर नया वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया. बक्से में दो घंटे 30 मिनट और 57 सेकेंड का समय बिताकर उसने अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड दिया.

जोसेफ कोएबेरी नामी शख्स ने बताया कि असंभव को संभव बनाने के लिए उसे सकारात्मक विचारों पर ध्यान केंद्रित करना पड़ा. उन्होंने कहा, “जमा देने वाले तापमान की ‘गलन’ बर्दाश्त करने के लिए उनके पास यही विकल्प बचा था.” पिछले साल भी जोसेफ ने ऑस्ट्रिया के मेल्क शहर में बर्फ के बने बक्से में करीब दो घंटे का समय बिताया था. अब एक बार फिर बर्फ के टुकड़ों के बक्से में 30 मिनट ज्यादा रहकर उन्होंने पिछला कीर्तिमान तोड़ दिया. बक्से को भरने के लिए 200 किलो से ज्यादा बर्फ के टुकड़ों की जरूरत पड़ी.

बक्स के अंदर जोसेफ कोएबेरी ने सिर्फ स्विट ट्रंक पहनकर 2 घंटे से ज्यादा का समय गुजारा. कोएबेरी के हैरतअंगेज कारनामे देखने के लिए लोगों की भीड़ मौजूद रही है. उन्होंने बर्फ के बक्से से बाहर आने के बाद कहा, “सूरज की ताकत का बक्से के अंदर रहते हुए बहुत ज्यादा एहसास हुआ.”  कोएबेरी एक बार फिर खुद का रिकॉर्ड तोड़कर लॉस एंजेल्स में अगले साल नई ऊंचाई पर पहुंचना चाहते हैं. उनकी टीम का कहना है कि कोएबेरी का निजी रिकॉर्ड शरीर को बर्फ के संपर्क में लाने का वर्तमान वर्ल्ड रिकॉर्ड भी है. 2019 में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने से पहले कोएबेरी टीवी शो के दौरान बर्क के बक्से में करीब एक घंटा का समय बिताया था. उस चुनौती को मात देने के बाद ही उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का फैसला किया.