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ब्रिटेन ने रूसी एजेंटों पर चुनाव प्रभावित करने का लगाया आरोप, Covid-19 टीका का डेटा चुराने पर की निंदा

ब्रिटिश सरकार ने गुरुवार को आरोप लगाया कि रूसी एजेंटों ने अवैध तरीके से दस्तावेज हासिल कर दिसंबर 2019 के आम चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की थी. साथ ही, कोविड-19 टीका का डेटा चुराने के लिए मास्को से कथित साइबर हमले किये जाने को लेकर लेकर भी उसकी निंदा की.

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डोमिनिक राब ने एक बयान में ब्रिटिश संसद के निचले सदन ‘हाउस ऑफ कॉमंस’ में कहा कि व्यापक पड़ताल के बाद सरकार को लगभग यह यकीन हो गया है कि रूसियों ने अवैध रूप से हासिल किये गये और लीक सरकारी दस्तावेजों के जरिये ब्रिटेन के आम चुनाव में ऑनलाइन हस्तक्षेप करने की कोशिश की थी. इस चुनाव में प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को शानदार जीत मिली थी.

राब ने कहा, ‘‘2019 के आम चुनाव से पहले ब्रिटेन-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौता से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज अवैध तरीके से हासिल कर लिये गये और इन्हें सोशल मीडिया मंच रेडीट के मार्फत ऑनलाइन फैलाया गया… हमारी लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने की कोई भी कोशिश अस्वीकार्य है. इसकी आपराधिक जांच चल रही है और अभी इस बारे में कुछ कहना उपयुक्त नहीं होगा.’’

ब्रिटेन-अमेरिका व्यापार समझौता के बारे में लीक दस्तावेज राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा पर विपक्षी लेबर पार्टी के चुनाव प्रचार का एक अहम चुनावी संदेश था. राब ने बाद में एक बयान जारी कर रूसी खुफिया सेवाओं द्वारा किये गये गैर-जिम्मेदाराना साइबर हमलों की भी निंदा की. उन्होंने दावा किया कि इन हमलों का उद्देश्य कोविड-19 टीके पर अनुसंधान से जुड़ी सूचना चुराना है.

राब ने कहा, ‘‘यह पूरी तरह से अस्वीकार्य है कि रूसी खुफिया सेवाएं कोरोना वायरस महामारी से लड़ने पर काम कर रहे लोगों को निशाना बना रही हैं. जब अन्य (देश) लापरवाह बर्ताव के साथ अपना स्वार्थ पूरा करने में लगे हुए हैं, ऐसे में ब्रिटेन अपने सहयोगियों के साथ एक टीका विकसित करने और वैश्विक स्वास्थ्य की सुरक्षा करने में जुटा हुआ है. ’’

राजस्थान में पायलट खेमे की याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई आज, विधानसभा अध्यक्ष की नोटिस को दी है चुनौती

सचिन पायलट और 18 अन्य बागी कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष की नोटिस को चुनौती दी है. मामले में राजस्थान उच्च न्यायालय की एक खंडपीठ आज दोपहर एक बजे सुनवाई कर सकती है. गौरतलब है कि पायलट खेमे को आज दोपहर एक बजे तक ही नोटिस का जवाब देने का समय है.

गुरुवार को बागी खेमे के वकील हरीश साल्वे ने नए सिरे से याचिका दाखिल करने के लिए समय मांगा. शाम करीब पांच बजे असंतुष्ट खेमे ने संशोधित याचिका दाखिल की. उसके बाद अदालत ने इसे दो न्यायाधीशों की पीठ की नियुक्ति के लिए मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया. दोनों पक्षों की ओर से अदालत में जानेमाने अधिवक्ता पेश हुए. विधानसभा अध्यक्ष कार्यालय की ओर से कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी थे तो दूसरी तरफ हरीश साल्वे और मुकुल रोहतगी पायलट खेमे की पैरवी कर रहे थे.

विधानसभा अध्यक्ष से असंतुष्ट कांग्रेस विधायकों को अयोग्य करार देने की मांग करने वाले कांग्रेस के मुख्य सचेतक महेश जोशी भी एक पक्ष हैं जिन्होंने अदालत से किसी आदेश को जारी करने से पहले उनका पक्ष सुने जाने की मांग की. विधानसभा सचिवालय ने मंगलवार को 19 विधायकों को नोटिस जारी कर शुक्रवार तक जवाब देने का आदेश दिया है. नोटिस में कहा गया है कि विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी शुक्रवार को मामले में दोपहर एक बजे सुनवाई करेंगे. कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत की थी कि विधायक दल की दो बैठकों में भाग लेने के लिए जारी पार्टी व्हिप का विधायकों ने उल्लंघन किया. हालांकि पायलट खेमे ने पार्टी का व्हिप विधानसभा सत्र के दौरान लागू होने की दलील दी.

विधानसभा अध्यक्ष को भेजी गयी शिकायत में कांग्रेस ने पायलट और अन्य बागी विधायकों के खिलाफ संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत कार्यवाही करने की अपील की है. प्रावधान के तहत अगर पार्टी टिकट पर विधानसभा पहुंचनेवाला कोई विधायक अपनी मर्जी से पार्टी की सदस्यता छोड़ता है तो उसे सदन की सदस्यता के लिए अयोग्य ठहराया जा सकता है. 2018 विधानसभा चुनाव के बाद अशोक गहलोत को मुख्यमंत्री बनाए जाने से सचिन पायलट नाराज चल रहे थे. राजस्थान की 200 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास 107 और बीजेपी के पास 72 विधायक हैं. अगर 19 बागी विधायकों को अयोग्य करार दिया जाता है तो राज्य विधानसभा की मौजूदा प्रभावी संख्या घटकर 181 हो जाएगी. जिससे बहुमत का जादुई आंकड़ा 91 पर पहुंच जाएगा और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए बहुमत कायम रखना आसान होगा.

कुशीनगर: शौचालय नहीं होने से महिलाओं ने छोड़ा घर, शादी से पहले निर्माण की रखी थी शर्त

ससुराल में शौचालय न होने पर कई विवाहिताओं ने घर छोड़ दिया है. मामला कुशीनगर में पडरौना ब्लॉक के जगदीशपुर गांव का है. जहां छह महिलाएं बड़ा कदम उठाते हुए अपने मायके चली गईं.

महिलाओं का ससुराल निचले इलाके में होने की वजह से बारिश के पानी से भर गया है. साथ ही घर में शौचालय न होने के कारण उन्हें खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था. लोगों के मुताबिक सभी विवाहिताओं की शादी दो साल के अंदर ही हुई है. महिलाओं ने शादी से पहले ससुराल वालों के सामने शौचालय निर्माण की शर्त रखी थी, मगर ऐसा नहीं हुआ. उन्होंने बताया कि भारी वर्षा में उन्हें शौच के लिए बाहर जाना पड़ता था. इसलिए अपने मायके जाने का फैसला किया.

मुख्य विकास अधिकारी आनंद कुमार से जब इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, “जगदीशपुर गांव की महिलाओं का ससुराल में शौचालय न होने के कारण घर छोड़ने की बात संज्ञान में आई है. जिला पंचायती राज अधिकारी ने गांव का दौरा कर महिलाओं के ससुराल पक्ष से बात की है.” उन्होंने कहा कि जिन लोगों का नाम सरकारी सूची में था, उनके यहां शौचालय पहले ही बनाए जा चुके हैं. जिनके यहां नहीं बने हैं, उनके लिए शौचालयों का बंदोबस्त किया जा रहा है. उन्होंने गांव में एक सार्वजनिक शौचालय का निर्माण शुरू होने का दावा किया. ग्राम प्रधान राम नरेश यादव ने भी कहा कि सूची में नाम न होने के कारण कुछ घरों में शौचालय नहीं बनवाए गए हैं.

Sushant Singh Rajput Suicide Case: गृह मंत्री अमित शाह ने CBI जांच की मांग वाली चिट्ठी कार्रवाई के लिए आगे बढ़ाई

सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस (Sushant Singh Rajput Suicide Case) में नया मोड़ आ गया है. लगातार उठ रही सीबीआई जांच की मांग के बीच अब गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने खुद इस मामले में दखल दिया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अमित शाह ने सीबीआई जांच की मांग वाली चिट्ठी को कार्रवाई के लिए आगे बढ़ा दिया है. यह जानकारी पूर्व सांसद पप्पू यादव ने दी है.

पप्पू यादव (Pappu Yadav) ने ट्वीट कर लिखा, ‘बिहार के गौरव फिल्म अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत (sushant singh rajput)  जी की संदिग्ध मृत्यु की सीबीआई जांच (cbi inquiry) के लिए केंद्रीय मंत्री जी को पत्र लिख आग्रह किया था. उन्होंने कार्रवाई के लिए पत्र अग्रसारित कर दिया है’. पप्पू यादव ने अपने ट्विटर हैंडल पर गृह मंत्री को भेजे पत्र की कॉपी भी शेयर की है.
आपको बता दें कि सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस में लगातार सीबीआई जांच की मांग उठ रही है. भाजपा सांसद सुब्रमण्यम स्वामी (BJP MP Subramanian Swamy) ने इस मामले को लेकर सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) को पत्र लिखा है.

स्वामी ने पीएम को लिखे पत्र में कहा- मेरे एसोशिएट इन लॉ ईशकरण भंडारी ने सुशांत सिंह राजपूत की कथित सुसाइड पर कुछ रिसर्च की है. हालांकि पुलिस एफआईआर दर्ज़ करने के बाद अभी भी मामले की जांच कर रही है, मैंने मुंबई में स्थित अपने सूत्रों से सुना है कि इस मामले में बॉलीवुड के कई बड़े नाम, जिनके दुबई के डॉन से संबंध हैं, इसे पुलिस जांच के ज़रिए कवर-अप करना चाहते हैं, ताकि इसे अपनी मर्ज़ी से की गयी ख़ुदकुशी साबित किया जा सके.

चूंकि महाराष्ट्र सरकार के पास ऐसे कई बड़ी लोगों की राय हैं, जिनसे यह साबित हो जाए कि मिस्टर राजपूत ने ख़ुदकुशी की है. इसलिए जनता के भरोसे के लिए मैं यह मांग करता हूं कि मुंबई पुलिस इसकी निष्पक्ष जांच करे. इसलिए इस देश के मुखिया होने के नाते और मासूम लोगों के लिए आपके झुकाव को देखते हुए, मैं आपसे गुज़ारिश करता हूं कि आप महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को सीधे या राज्यपाल के ज़रिए सीबीआई जांच के लिए सहमत कर सकते हैं.

प्रियंका का योगी सरकार वार, कहा- झूठे प्रचार से अलग है कोरोना से निपटने की जमीनी स्थिति

उत्तर प्रदेश में कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी  ने योगी सरकार पर निशाना साधा है. प्रियंका ने बुधवार को दावा किया कि प्रदेश में कोरोना वायरस से निपटने से जुड़ी जमीनी स्थिति सरकार के झूठे प्रचार से अलग है. उन्होंने गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में कोरोना वार्ड की स्थिति से संबंधित खबर का हवाला देते हुए ट्वीट किया कि, ‘उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के गृह क्षेत्र के मेडिकल कालेज के कोरोना वार्ड की हालत देखकर आपको पता लग जाएगा कि उप्र सरकार के झूठे प्रचार से जमीनी हकीकत कितनी जुदा है.’

कांग्रेस की उत्तर प्रदेश प्रभारी ने कहा कि, ‘मेडिकल कालेज के कोविड वार्ड में नाले का पानी भरा है. मरीज परेशान हैं और पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं है.’ उन्होंने यह दावा भी किया कि, ‘आज गोरखपुर से ही कोरोना संक्रमित मरीज के शव ले जाने के लिए 16 घंटे तक एम्बुलेंस न भेजे जाने की भी खबर भी आई थी’

हाल ही में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश में हर शनिवार और रविवार को लॉकडाउन की घोषणा को ‘वीकेंड बेबी पैक’ बताया था. उन्होंने कहा था कि, ‘लॉकडाउन के वीकेंड ‘बेबी पैक’ का तर्क अब तक किसी को समझ नहीं आया. अपनी असफलता छिपाने के लिए खिलवाड़ जारी है’. प्रियंका ने तंज कसते हुए कहा था कि, ‘मर्ज बढ़ता गया ज्यों ज्यों दवा की’

महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटे में 233 लोगों की मौत, कोरोना के 7975 नए केस सामने आए

देश में कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित महाराष्ट्र में संक्रमण के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं. पिछले 24 घंटे में राज्य में कोरोना वायरस के 7975 नए केस सामने आए हैं और 233 लोगों की मौत हुई है. नए मामलों के सामने आने के साथ ही राज्य में संक्रमित केस की संख्या बढ़कर 2 लाख 75 हजार 640 हो गई है.

राज्य के स्वास्थ्य विभाग की तरफ से जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटे में 3606 मरीजों को इलाज के बाद ठीक हो जाने के बाद डिस्चार्ज किया गया. बुधवार तक राज्य में 1 लाख 52 हजार 613 लोग ठीक हो चुके हैं. स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि महाराष्ट्र में रिकवरी रेट 55.37 फीसदी है. राज्य में अब तक वायरस की वजह से 10 हजार 928 लोगों की मौत हो चुकी है.

राजधानी मुंबई में कोरोना संक्रमण के 1390 नए केस सामने आए हैं और 62 लोगों की मौत हुई है. अब तक शहर में कोरोना वायरस के 96253 केस दर्ज किए जा चुके हैं. इसमें से 67830 मरीज डिस्चार्ज किए जा चुके हैं. मुंबई में कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़कर 5464 हो गया है और मौजूदा समय में 22959 एक्टिव केस हैं.

उधर मुंबई की झुग्गी-बस्ती इलाके धारावी में बुधवार को कोरोना वायरस संक्रमण के 23 नए मामले सामने आने के साथ ही संक्रमितों की कुल संख्या 2415 हो गई. बृह्न्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, धारावी में पिछले करीब एक महीने के बाद एक ही दिन में 20 से अधिक मामले अब सामने आए हैं. 18 जून के बाद से धारावी में एक दिन में संक्रमण के 20 से कम ही मामले सामने आ रहे थे. सात जुलाई को तो केवल एकल संख्या में ही मामले सामने आए थे.

हालांकि, बीएमसी ने धारावी से संबंधित यदि कोई मौत का मामला है तो इस बारे में पिछले एक महीने से जानकारी साझा नहीं की है. अधिकारी ने कहा कि धारावी में केवल 99 मरीजों का इलाज चल रहा है. पिछले सप्ताह विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी कभी कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बनकर उभरी इस झुग्गी-बस्ती क्षेत्र में वायरस के प्रसार की रोकथाम को लेकर उठाए गए कदमों की सराहना की थी.

इसके साथ ही बीएमसी ने बताया कि मौजूदा समय में 1053 वेंटिलेटर एक्टिव कंडीशन में हैं और 125 इस्तेमाल में नहीं है क्योंकि मुंबई में उतने मरीज नहीं है जिन्हें वेंटिलेर पर रखा जाए. इसलिए ये इंस्टॉल तो किए गए हैं लेकिन इस्तेमाल में नहीं हैं. इसका ये मतलब नहीं हुआ कि वेंटीलेटर धूल खाने के लिए पड़े हैं, ये इस बात का संकेत है कि मुंबई में कोरोना वायरस की स्थिति बेहतर होती जा रही है. बीएमसी ने कहा कि मुंबई में रिकवरी रेट सत्तर फीसदी है और ये बेहतर संकेत हैं.

वहीं कोरोना के संक्रमण को देखते हुए पुणे में लगाए गए लॉकडाउन का दूसरा चरण 18 जुलाई से 23 जुलाई तक जारी रहेगा. इस दौरान मेडिकल स्टोर्स, डेयरी, हॉस्पिटल और दूसरी जरूरी सेवाएं खुली रहेंगी.

World Youth Skills Day:92 लाख से ज्यादा युवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया- BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा

बीजेपी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने आज कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत अब तक 92 लाख से अधिक लोग प्रशिक्षित किए जा चुके हैं. नड्डा ने ‘स्किल इंडिया मिशन’ की तारीफ करते हुए कहा कि ‘स्किल इंडिया मिशन’ भारत की जनसांख्यिकी को फायदे में बदल रहा है.

नड्डा ने ट्वीट कर कहा, ‘‘विश्व युवा कौशल दिवस के अवसर पर आज हम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रमुख कार्यक्रम स्किल इंडिया मिशन का पांचवां साल मना रहे हैं. यह मिशन न सिर्फ भारत की जनसांख्यिकी को फायदे में बदल रहा है बल्कि कोरोना वायरस संकट से उबरने के बाद के आत्मनिर्भर भारत के लिए भी यह बेहद अहम है. ’’

उन्होंने कहा, ‘‘खुशी की बात है कि स्किल इंडिया मिशन के तहत 37 विभिन्न क्षेत्रों में 92 लाख से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है.’’उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने कि युवा रोजगार योग्य बने और वैश्विक स्तर पर भारत को उसका उचित स्थान मिले, इसके लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करता हूं।’’

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने पांच वर्ष पहले आर्थिक विकास को गति देने के लिए कुशल कार्यबल की आवश्यकता के मद्देनजर स्किल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी.  कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय द्वारा इस मौके पर एक डिजिटल सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है. कौशल भारत केंद्र सरकार की एक पहल है जो युवाओं को कौशल के साथ सशक्त बनाने के लिए शुरू की गई थी जो उन्हें अपने काम के माहौल में अधिक रोजगारपरक बनाती है.

Assam Flood : 20 जिले बाढ़ की चपेट में, छह लाख से अधिक लोग प्रभावित

असम (Assam) के 20 जिले बाढ़ की चपेट में आ गये हैं जिससे राज्य में 6.02 लाख लोग प्रभावित हुए हैं एवं दो और व्यक्तियों की जान चली गयी है.असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (Assam State Disaster Management Authority)  ने यह जानकारी दी. असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने एक बुलेटिन में बताया कि कोकराझार में एक व्यक्ति की और धुबरी में एक व्यक्ति की मौत हो गयी फलस्वरूप बाढ़ के चलते जान गंवाने वालों की संख्या 66 हो गयी है.

प्राधिकरण के अनुसार बाढ़ की सबसे अधिक मार धेमाजी जिले पर पड़ी है, उसके बाद बारपेटा और लखीमपुर हैं. बाढ़ से प्रभावित अन्य जिले चराईदेव, विश्वनाथ, बक्सा, नलबारी,चिरांग, बोंगाईगांव, कोकराझार, ग्वालपारा, मोरीगांव, नगांव, गोलाघाट और तिनसुकिया हैं.

बारिश के कारण ब्रह्मपुत्र नदी का स्तर बढ़ने से डिब्रूगढ़ के मोहना घाट क्षेत्र के गांव जलमग्न हो गए हैं और सामान्य जीवन भी अस्त-व्यस्त हो गया है. राज्य में 1,109 गांव जलमग्न हो गये हैं और 46,082 हेक्टेयर क्षेत्र में फसल डूब गयी है. ब्रह्मपुत्र कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है.

फिर बढ़े डीजल के दाम, दिल्ली में अबतक का सबसे ऊंचा भाव, जानें- क्या है नया रेट?

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में चार दिन के अंतराल के बाद डीजल के खुदरा भाव में रविवार को 16 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि की गयी. इसके बाद अब डीजल 81 रुपये प्रति लीटर के पास पहुंच गया है. सरकारी तेल विपणन कंपनियों ने एक अधिसूचना में इसकी जानकारी दी. अब राष्ट्रीय राजधानी में डीजल की दर 80.94 रुपये प्रति लीटर हो गयी है. यह डीजल का अब तक का सबसे ऊंचा भाव है.

तेल कंपनियों ने पेट्रोल का भाव नहीं बढ़ाया हैऔर यह 80.43 रुपये प्रति लीटर पर कायम है. प्रत्येक राज्य पेट्रोल व डीजल पर अलग-अलग स्थानीय बिक्री कर अथवा मूल्य वर्धित कर लगाते हैं. इस कारण उपभोक्ताओं के लिए राज्यों के हिसाब से डीजल और पेट्रोल की दरें बदल जाती हैं.

डीजल के भाव में इससे पहले सात जुलाई को वृद्धि की गयी थी. पेट्रोल के दाम में आखिरी बार 29 जून को बदलाव हुआ था. पिछले पांच सप्ताह में डीजल के दाम 24 बार और पेट्रोल के दाम 21 बार बढ़े हैं. सात जून से अब तक पेट्रोल 9.17 रुपये और डीजल 11.55 रुपये महंगा हुआ है. मुंबई में पेट्रोल 29 जून से 87.19 रुपये प्रति लीटर पर बना हुआ है. डीजल बढ़कर 79.17 रुपये प्रति लीटर हो गया है.

राजस्थान (Rajasthan) के सियासी संकट पर कपिल सिब्बल ने कहा- कांग्रेस को लेकर चिंतित हूं

राजस्थान (Rajasthan) के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (Chief Minister Ashok Gehlot) द्वारा भाजपा (BJP) पर अपनी सरकार गिराने की कोशिश करने का आरोप लगाने के बाद कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल (Kapil Sibal) ने रविवार को कहा कि वह पार्टी को लेकर चिंतित हैं.सिब्बल ने इस ‘संकट’ से तुरंत निपटने की अपील करते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व कब ‘जागेगा’.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘पार्टी को लेकर चिंतित हूं. क्या हम तब जागेंगे जब हमारे हाथ से सब कुछ निकल जाएगा.’सूत्रों ने कहा कि राजस्थान कांग्रेस संकट में घिरी है. उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Deputy CM Sachin Pilot) और उनके समर्थक विधायकों के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से रिश्ते अच्छे नहीं हैं.

दोनों शीर्ष नेताओं के बीच तकरार की वजह राज्य की पुलिस द्वारा विधायकों की ‘खरीद-फरोख्त’ मामले की जांच का आदेश देना और पायलट को नोटिस भेजना है, जिसे लेकर पायलट नाराज हैं.सूत्रों ने शनिवार को कहा था कि राजस्थान पुलिस ने गहलोत और पायलट को भी नोटिस जारी कर कांग्रेस सरकार गिराने की कथित कोशिशों के संबंध में बयान दर्ज कराने के लिये कहा है.

पुलिस के विशेष कार्यबल (SOG) ने सरकार के मुख्य सचेतक महेश जोशी को भी बयान देने के लिए बुलाया है.एसओजी ने शुक्रवार को हिरासत में लिये गए दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, जो गहलोत सरकार गिराने के लिये कांग्रेस विधायकों की खरीद-फरोख्त में कथित रूप से शामिल थे.

गहलोत ने शनिवार को विपक्षी भाजपा पर आरोप लगाया था कि वह उनके विधायकों को बड़ी रकम देकर सरकार गिराने की कोशिश कर रही है.उन्होंने कहा था कि उनकी सरकार न केवल स्थिर है बल्कि वह अपना पांच साल का कार्यकाल भी पूरा करेगी.वहीं भाजपा ने गहलोत से इन आरोपों को साबित करने के लिये कहा है.