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दीपावली पर ऐसे करें लक्ष्मी पूजन, जानिए शुभ मुहूर्त

देश भर में  दीपावली का त्यौहार धूम धाम से मनाया जा रहा है। कहा जाता है कि कार्तिक कृष्ण अमावस्या को प्रदोष काल के स्थिर लग्न में  विधि विधान से माँ लक्ष्मी की पूजा करने से अन्न, धन एवं वैभव की प्राप्ति होती है। तो आईये जानतें हैं दीपावली में लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा- विधि और दिवाली से जुड़ी खास बातें। 

दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त : 
इस साल दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त शाम 06:12 से 08:10 तक यानि 1 घंटा 58 मिनट तक रहेगा। लक्ष्मी को धन, संपदा, समृद्धि और ऐश्वर्य की देवी  माना जाता है, ऐसे में दीपावली के दिन शुभ मुहूर्त में लक्ष्मी पूजन करने वाली व्यक्ति पर माँ लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। 

दीपावली के दिन लक्ष्‍मी पूजन की विधि : 
धनतेरस के दिन माता लक्ष्‍मी और भगवान गणेश की नई मूर्ति खरीदकर दीपावली की रात उसका पूजन किया जाता है। जानकारों के मुताबिक सबसे पहले गणेशजी, शंकर जी, श्रीनारायण, लक्ष्मीजी, काली जी, सरस्वतीजी, कुबेर का पूजन करें। लेकिन पूजन से पहले पीले अक्षत लेकर पूजन का संकल्प अवश्य करना चाहिए। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि पूजा के समय चौकी पर लक्ष्मी व गणेश की मूर्तियां इस प्रकार रखी जाएँ कि उनका मुख पूर्व या पश्चिम में रहे, साथ ही लक्ष्मीजी, गणेशजी की दाहिनी ओर रहें। 

दीपावली पर उल्लू पकड़ा तो खैर नहीं, वन अधिनियम के तहत होगी कार्यवाई

धन की अधिष्ठात्री देवी लक्ष्मी के वाहन उल्लू को अगर किसी ने दीपावली पर्व पर पकड़ा तो जानिए उसकी खिदमत बहुत अच्छे ढंग से सलाखों के पीछे होनी तय है।अगर किसी ने उल्लू के तरफ नजर उठाई तो उसकी खैर नहीं है,और उस बन्दे की खिदमत उसी तरह होनी तय है जिस तरह काले हिरण के शिकार मामले में सिनेस्टार सलमान खान की हुई थी।
 
वन विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए पुलिस कप्तान आरपी सिंह को भी पत्र लिखा है। वन विभाग के मुताबिक विशेष श्रेणी की सूची में शामिल बाघ,तेंदुआ,गैंडा की ही तरह उल्लू को भी शामिल कर संरक्षित पंक्षी घोषित किया गया है।दीपावली में उल्लू पकड़ कर दिखाने या फिर तंत्र – मंत्र के लिए शिकार करने पर शिकारी को सीने स्टार सलमान खान द्वारा किए गए काले हिरण मामले जैसी कार्यवाही होगी। 
 
दीपावली में उल्लू की जान खतरे में..
 
उल्लू सहित दूसरे वन्य जीवों की शिकार की आशंका पर पूरे वन विभाग के पेशानी पर बल ला दिया है।वास्तविकता की हकीकत में हर दीपावली संरक्षित श्रेणी में आने वाले उल्लू की जान खतरे में रहती है।
 
अंधविश्वास हावी है… 
अंधविश्वास की ही देन है की शिकारी दीपावली में उल्लू का शिकार बड़े पैमाने पर करते रहते हैं।इस लिहाज से सोहगीबरवा सेंकच्युरी जैसा संरक्षित क्षेत्र अति संवेदन शील है।इस जंगल में कई प्रजाति के बड़े बड़े उल्लू पाए जाते हैं।शितकाल और दीपावली में शिकारियों के सक्रियता होने की आशंका काफी बढ़ जाती है।वन विभाग ने सूबे में अलर्ट जारी कर रखा है।
 
उल्लू एक संरक्षित पंक्षी है,जो अंधविश्वास के कारण दीपावली में पकड़ कर इसको घर घर दिखाने की परम्परा है। तो कुछ लोग इसका धन के लालच में तंत्र मंत्र की भी सिद्धि करने के नियत से भी शिकार करते हैं। डीएफओ मनीष सिंह के मुताबिक कानून के नजर से यह विल्कुल गलत है।जिंदा या मुर्दा उल्लू के साथ जो भी पकड़ा जाएगा उसके खिलाफ वन अधिनियम के तहत कार्यवाई की जाएगी। 

दीपावली पर्व को लेकर पुलिस सतर्क, सुरक्षा के व्यापक इंतजाम

दीपावली पर्व के मद्देनजर किसी भी अप्रिय घटना से निबटने के लिए महराजगंज पुलिस सक्रिय दिखी। पुलिस अधीक्षक महराजगंज के नेतृत्व में पुलिस जिले की हर संवेदनशिल स्थलों का जायजा लिया। खुटहा बाजार पुलिस चौकी इंस्पेक्टर जे.बी.सिंह बघेल हमराहियों के साथ खुटहा बाजार के अतिसंवेदनशील इलाकों और मुख्य बाजार में पूरे दिन गस्त करते रहे।
देश इस वक्त दीपावली पर्व के जश्न में डूबा हुआ है।पूर्व में हुए कई अप्रिय घटनाओं से सबक लेते हुए जिले की पुलिस काफी चुस्त नजर आ रही है।इसी का परिणाम है की पुलिस अधीक्षक महराजगंज आरपी सिंह के नेतृत्व में हर थाना प्रभारी और चौकी प्रभारी अपने अपने क्षेत्रों के सम्वेदनशिल , अति सम्वेदनशिल स्थलों का निरीक्षण समय रहते किया।
चौकी प्रभारी जे.बी.सिंह बघेल से मिली जानकारी मुताबिक इस बार खुटहा बाजार पुलिस चौकी क्षेत्र में कुल 20 लक्ष्मी  गणेश एवं सरस्वती की प्रतिमाएं स्थापित किए गए हैं।श्री बघेल जी के मुताबिक क्षेत्र में पूरी तरह शांति कायम है,वैसे पुलिस बल लगातार लोगों के सम्पर्क में है,और लगातार गस्त जारी है।क्षेत्र के पचास सम्भावित अराजकतत्वों के खिलाफ 107/16 के तहत कार्यवाही की गई है।
टेराकोटा के बने सामानों की इस दिवाली खूब रही मांग 
इस दिवाली में टेराकोटा निर्मित सामानों की खूब बिक्री हुई। लोगों ने जरूरत मुताबिक सामानों की जमकर खरीदारी की। महराजगंज शहर में प्रमुख स्थानों पर लगे टेराकोटा के स्टालों पर लोग गणेश,लक्ष्मी,दुर्गा,शंकर आदि देवी देवताओं की मूर्तियों के आलावा सजावट की सामानों तथा दियों की खूब खरीदारी की।
पटाखों की दुकाने रहीं आबादी से दूर
दीपोत्सव का पर्व हर कोई अपने तरीके से सेलिब्रेट करने को आतुर रहता है।कहीं कोई पटाखों को फोड़ता है तो कहीं कोई गुज्जों को जलाता है,जिससे निकली चिंगारी अप्रिय समाचार बन अखबारों की सुर्खियां बन जाती हैं। इससे भी सबक लेते हुए जिले की पुलिस पटाखों की दुकानों को शहर,कस्बों और आबादी से दूर रखने की सख्त चेतावनी पहले ही जारी करते हुए पटाखा दुकानदारों को निर्देशित कर चुकी थी। तो दुकानदार भी अपनी पटाखों की दुकानों को आबादी से बाहर रखना ही मुनासिब समझा।

इकाना बना अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम, सीएम योगी ने बदला नाम

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए लखनऊ स्थित इकाना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदल दिया है। योगी सरकार ने यह निर्णय भारत-वेस्टइंडीज टी-20 मैच से एक दिन पहले लिया। योगी सरकार के फैसले के बाद अब लखनऊ का  इकाना अंतरराष्ट्रीय  क्रिकेट स्टेडियम अब भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के तौर पर जाना जाएगा।

भारत और वेस्टइंडीज के बीच आज टी-20 श्रृंखला का दूसरा मैच खेला जाना है। मैच से पहले ही योगी आदित्यनाथ की अगुवाई वाली सरकार ने इस स्टेडियम का नाम बदल दिया। स्टेडियम के इस नए नाम को उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक ने भी अपनी अनुमति दी है।

गौरतलब है कि योगी के गृह जनपद गोरखपुर में भी कुछ ऐसे मुहल्ले हैं जिनका नाम उन्होंने संसद सदस्य रहते जरूर बदला,लेकिन आज भी उन मुहल्लों को उसी नाम से जान पहचान है। जैसे की अली नगर का पुराना नाम आर्य नगर था,जो बाद में अली नगर हुआ। इसको बदल कर योगी ने पुनः आर्य नगर किया। मियां बाजार का पुराना नाम माया बाजार रहा,पुनः इसको माया बाजार और उर्दू बाजार का पुराना नाम हिन्दी बाजार रहा तो इसको भी संसद सदस्य रहते उन्होंने हिन्दी बाजार किया।  योगी आदित्यनाथ ने नाम तो बदला ,लेकिन अभी इन मुहल्लों को उसी नाम से जाना जाता है।अभी जाफ़रा बाजार का भी नाम बदलना बाकी है।

(शिवरतन कुमार गुप्ता)

अयोध्या में स्थापित होगी विश्व की सबसे ऊंची भगवान श्री राम की मूर्ति

देश के प्रथम गृह मंत्री एवं लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति अब तक विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति की श्रेणी में शुमार था,लेकिन अब उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री रामचन्द्र जी की मूर्ति लगाने की योजना पर मन्थन चल रहा है। जो विश्व  की सबसे ऊंची मूर्ति होगी जिसकी लम्बाई करीब 201 मीटर  होगी। इसकी आधिकारिक घोषणा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री गोरक्षपीठाधीश्वर महन्थ योगी आदित्यनाथ जी महाराज दीपावली के अवसर पर कर सकते हैं।

विश्वस्त सूत्रों से मिली खबर मुताबिक लौह पुरुष सरदार पटेल की मूर्ति पैडस्टल सहित 182 मीटर है।जो अभी तक विश्व की सबसे ऊंची मूर्ति है। सरदार पटेल जी की इस मूर्ति पर करीब ₹2989 करोड़ खर्च हुए हैं। लेकिन इससे भी ऊंची मूर्ति भगवान श्री रामचन्द्र  की अयोध्या में लगाने पर विचार हो रहा है। जो सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति की रिकॉर्ड तोड़ेगी।

-मूर्ति स्थापना का प्रस्ताव एक बैठक में रखा जा चुका है।
-सरदार पटेल की मूर्ति से भी ऊंचा होगा श्री राम की मूर्ति।
-सीएम योगी दीपावली के अवसर पर कर सकते हैं घोषणा।
-श्री रामचन्द्र की मूर्ति होगी 201  मीटर ऊँची।

भगवान श्री रामचन्द्र जी की मूर्ति स्थापना का प्रस्ताव एक अहम बैठक में रखा जा चुका है।हालांकि इसके शिलान्यास का अभी कार्यक्रम तय नहीं किया जा सका है।लेकिन बताया जा रहा है कि मूर्ति स्थापना की घोषणा  सीएम योगी आदित्यनाथ बहुत जल्द कर सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक भगवान श्री रामचन्द्र की मूर्ति की कुल ऊंचाईपैडस्टल सहित 201 मीटर होगी,जिसमें 151 मीटर की मूर्ति और 50 मीटर का पैडस्टल होगा। श्री रामचन्द्र की यह मूर्ति पूर्ण रूप से कांसे से बनाई जाएगी।

श्री राम के साथ भक्त हनुमान जी की भी मूर्ति बनकर तैयार 

भगवान श्री राम जी के साथ इनके भक्त हनुमान जी की भी मूर्ति बनकर लगभग तैयार है।अयोध्या आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के लिए इसे दर्शनीय बनाने की योजना है। श्री रामचन्द्र और हनुमान जी की मूर्तियों को स्वयं अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने उपलब्ध कराई है।

मूर्ति ईशान कोण में स्थापित होगी: ज्योतिषी

विश्वस्त सूत्रों से खबर मिली है की भगवान श्री रामचन्द्र जी की मूर्ति पहले अयोध्या के श्री राम लला मन्दिर के तरफ मुंह करके लगाने का प्रस्ताव था।लेकिन अब ज्योतिषियों के विशेष सलाहनुसार अब इसको ईशान कोण की ओर मुंह करके स्थापित किया जाएगा।ऐसा इसलिए क्योंकि वास्तु शास्त्र के मुताबिक ईशान कोण को ईश्वर का कोण कहा जाता है।यह कोण उत्तर-पूर्व की कोना को कहते हैंऔर वास्तु शास्त्र मुताबिक इस कोण पर ईश्वर का वास स्थान माना जाता है।

( शिवरतन कुमार गुप्ता  ) 

धनतेरस पर जुलजार रहे बाजार, लोगों ने जमकर की खरीदारी

धनतेरस पर श्री कुबेर एवं भगवान धन्वन्तरि की वैदिक पूजा कर लोगों ने परिवार की उत्तम स्वास्थ्य, सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। किसानों ने हल बैल से अपने खेतों की पारम्परिक जुताई करके खेतों में धनिया बोया, तो गृहणियों ने घर की मुण्डेर एवं दरवाजों की चौखट पर घी का दीपक जलाकर कुबेर तथा धन्वन्तरि का आँचल फैला कर स्वागत किया।

धनतेरस पर बाजारों की रौनक पूर्व से कहीं ज्यादा बदली दिखी। आभूषणों,बर्तनों ,कपड़ा, इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरणों की दुकानों पर जहां लोग जमकर खरीदारी करते नजर आये ,वहीं 2 व्हीलर एवं 4 व्हीलर की शोरूमों पर भी ग्राहकों की भीड़ देखने को मिली। उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में 2 व्हीलर एवं 4 व्हीलर के आलावा किसानी उपकरणों की खूब बिक्री हुई।  फरेंदा,कोल्हुई,नौतनवा, खुटहा बाजार,सिसवा,गांगी बाजार,सोनौली,निचलौल में शहरों की रौनक देखते ही बन रही थी।बाजारों में  सुबह से देर शाम तक लोग खरीदारी करते नजर आये ।

शशि थरूर की बढ़ी मुश्किलें, दर्ज हुआ आपराधिक मानहानि का केस

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर एक बार फिर सुर्ख़ियों में हैं। पीएम नरेंद्र मोदी पर कथित तौर पर ‘बिच्छू’ वाली टिप्पणी को लेकर दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में शशि थरूर पर आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज किया गया है। 

दिल्ली के बीजेपी नेता राजीव बब्बर ने शिकायत दर्ज कराते हुए कहा कि शशि थरूर के बयान से न केवल हिंदू देवता का अनादर हुआ है, बल्कि यह अपमानजनक भी है। साथ ही उन्होंने कहा कि शशि थरूर के बयान से उनकी धार्मिक भावनाएं भी आहत हुई हैं।

दरअसल शशि थरूर ने बेंगलुरू साहित्य महोत्सव में कहा था कि एक अज्ञात आरएसएस नेता ने मोदी की तुलना ‘‘शिवलिंग पर बैठे बिच्छू’’ से की थी। जिसके बाद मामले ने तूल पकड़ा और बीजेपी शशि थरूर पर हमलावर हो गई।

 

 

 

मजार-ए-पाक में सिद्दत एवं अकीदत से मनाया गया दादा मियां का सालाना उर्स

महराजगंज जिला स्थित खुटहा बाजार के मजार – ए – पाक में हजरत दाता मोजिबेपाक रहमतुल्लाह अलैह (दादा मियां) का सालाना उर्स अपनी परम्परानुसार पूरे अकीदत एवं सिद्दत से मनाया गया। उर्स का गागर जुलूस गद्दीनशीन अकरम शाह एवं आरीफुल आजम शाह के घर से निकल मुड़ीला बाजार स्थित जामा मस्जिद आया,जहाँ मस्जिद में गागर का पानी भर कर गागर महफ़िल – ए – जुलूस की रौनक में कौववालीयों के बीच मजार शरीफ लौटा।इस दौरान कौव्वाल नविश दादा मियां की खिदमत में कौव्वालियां,नात,कलाम आदि देर रात तक पेश करते रहे।

मजार – ए – पाक में  सुबह चादर पोशी कार्यक्रम पेश किया गया।जिसमें पहला चादर गद्दीनशिनों की ओर से दादा मियां और शाह मिना शाह को पेश किया गया। फिर आम आवाम ने चादर शिरनी और गुलाब चढ़ा कर परिवार की तरक्की और सुख शांति के लिए दुआ मांगी।उर्स के पाक मौके पर दादा मियां के पिर (गुरु) हजरत शाह मिना शाह रहमतुल्लाह अलैह (लखनवी) का परम्पानुसार फ़ातिहा भी पढ़ी गई।उर्स के मौके पर पूरे मजार शरीफ को करीने से सजाया गया था।जायरीनों एवं मुरीदैनों को रहने,खाने के बेहतर बन्दोबस्त किए गए थे।उर्स मेले में बच्चों एवं नौजवानों ने झूला चरखी स्लीपर आदि का खूब लुत्फ़ उठाया।मेले में शांति ब्यवस्था के लिए खुटहा बाजार चौकी प्रभारी जे.बी.सिंह बघेल मयफोर्स डटे रहे।यहॉ स्थानीय नागरिकों के आलावा देश प्रदेश के साथ पड़ोसी मित्र राष्ट्र नेपाल के भी जायरीन और मुरिदैन ज्यारत के लिए शिरकत किए।जो मजार ए शरीफ में पूरी रात ज्यारत करते दिखे गए।तो वहीं अन्य ने कौव्वा लियों का भरपूर लुत्फ़ लिया।

( शिवरतन कुमार गुप्ता की रिपोर्ट )

दीपावली पर तोहफ़े में नहीं देनी चाहिए ये चीजें वर्ना हो जायेंगे कंगाल

देश में दीपावली का त्यौहार धूम धाम से मनाया जाता है। इस मौके पर जहाँ लोग जम कर खरीददारी करतें है, वहीँ दीपवाली को यादगार बनाने के लिए एक दूसरे को तोहफे के साथ शुभ कामनाएं देते नजर आते हैं। अगर आप भी दीपावली पर अपने रिश्तेदारों और दोस्तों को तोहफा  देते हैं तो आपको कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए, वर्ना आप हो सकतें हैं कंगाल। तो चलिए जानतें हैं कि दीपावली पर किस तरह के तोहफे देने से आपको बचना चाहिए…

१. सोने चांदी के सिक्के : मान्यताओं के अनुसार दीपावली के मौके पर सोने चांदी के सिक्कों की खरीददारी शुभ मानी जाती है। लेकिन अगर आप इन  सिक्कों को किसी हो तोहफे में देना चाहतें हैं तो ध्यान रखें कि उन पर लक्ष्मी जी, गणेश जी या फिर कुबेर जी का चित्र न हो, क्योंकि जानकारों के मुताबिक ये सिक्के देने वाले के लिए शुभ साबित नहीं होते। 

२. माता लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति : ये तो आप सब जानतें  है कि दीपवाली के दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा होती है। ऐसे में माता लक्ष्मी और गणेश की प्रतिमा को भूलकर भी किसी को तोहफे में नहीं देना चाहिए। प्राचीन मान्यताओं के मुताबिक ऐसा करने से माता लक्ष्मी आपसे रूठ जाती हैं।

 

३. नुकीली वस्तुएं : दीपावली और धनतेरस के दिन लोग जम कर खरीददारी करतें हैं लेकिन आपको उन वस्तुओं को खरीदने से बचना चाहिए जो नुकीली हो या फिर जिनके किनारे काफी तीक्ष्ण हो और जिससे किसी के घायल हो जाने अथवा चोट पहुँचाने का डर हो। ऐसी वस्तुए भी किसी को तोहफे के रूप में भी नहीं देनी चाहिए। 

४. अष्टधातु से बनी चीजें : ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक दीपावली और धनतेरस पर अष्टधातु से निर्मित चीजों को भूलकर भी किसी को भेंट स्वरुप नहीं देनी चाहिए। इसके परिणाम अनिष्टकारी हो सकतें हैं।

५. पानी से जुड़ी  चीजें : शास्त्रों के मुताबिक माता लक्ष्मी जल में वास करती हैं और जल अस्थिरता का प्रतीक भी माना जाता है। ऐसे में आपको पानी से जुडी चीजों को तोहफे के रूप में देने से बचाना चाहिए, क्यों की इससे जीवन में अस्थितरा बढ़ती है। जिसका प्रभाव तोहफा लेने वाले और देने वाले दोनों  पर भी पड़ता है। 

बॉम्बे हाईकोर्ट ने छत्रपति शिवाजी स्मारक पर रोक लगाने से किया इनकार

मुंबई के अरब सागर में प्रस्तावित छत्रपति शिवाजी स्मारक मामले पर सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने रोक लगाने से इनकार कर दिया है। दरअसल याचिकाकर्ताओं ने बॉम्बे हाईकोर्ट से कहा था कि महाराष्ट्र में सूखे जैसे हालात हैं। ऐसे में सूखे की स्थिति से निपटने  के बजाय राज्य सरकार लगभग 3600 करोड़ रूपए स्मारक पर खर्च कर रही है, जिस पर रोक लगाई जानी चाहिए।याचिकाकर्ताओं की ओर से यह भी दलील दी गई  थी कि  प्रस्तावित क्षेत्र में मछली पकड़ना प्रतिबंधित करने से 16 हजार मछुआरे प्रभावित हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी। सरदार पटेल की ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ की तर्ज पर छत्रपति शिवाजी स्मारक को भी पर्यटक स्थल के तौर पर विकसित किया जायेगा। एक अनुमान के मुताबिक इस परियोजना पर लगभग 3600 करोड़ रूपए खर्च होंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक छत्रपति शिवाजी स्मारक की ऊंचाई 212 मीटर होगी, जो कि गुजरात में बने स्टैच्यू ऑफ यूनिटी 28 मीटर ऊंची है।