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सावन में 19 साल बाद बनाअद्भुत संयोग, मिलेगा शुभ फल

साल 2018 का श्रावण मास  28 जुलाई शनिवार को श्रवण नक्षत्र (चंद्र नक्षत्र) में आरंभ हो रहा है। शनि इस संवत्सर का मंत्री और भगवान शंकर के गण भी हैं। चंद्रमा भगवान शंकर को अति प्रिय है और मानसिक शांति देने वाला है। इसलिए श्रावण मास शुभ रहेगा। श्रावण पूरे तीस दिन का है और पूर्णिमा की गणना के अनुसार चार सोमवार रहेंगे।
हरि ज्योतिष संस्थान के ज्योतिर्विद पंडित सुरेंद्र शर्मा ने बताया कि संक्रांति की गणना के अनुसार श्रावण माह सोलह जुलाई से आरंभ हो चुका है। यानि पहला सोमवार बीत चुका है। उत्तराखंड, नेपाल और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में लोग संक्रांति की गणना को मानते हैं। उनके अनुसार यह अटारी योग है। इस तरह पांच सोमवार होंगे। लेकिन श्रावण में चार ही सोमवार रहेंगे। संक्रांति की गणना के अनुसार इस वर्ष श्रावण के महीने में रोटक व्रत लग रहा है। जिस साल यह पांच सोमवार होते हैं उसी साल यह व्रत लगता है।
पूरे तीस दिन का सावन
इस साल श्रावण के पहले सोमवार को 5-30 जुलाई को सौभाग्य योग बन रहा है। धनिष्ठा नक्षत्र है और द्विपुष्कर योग का भी संयोग बन रहा है। इस लिए यह माह अतिशुभ फलदायी रहेगा।
शिव भक्तों के लिए रहेगा लाभकारी
मेरठ के ज्योतिर्विद विभोर इंद्रसुत ने बताया कि इस वर्ष श्रावण माह का श्रवण नक्षत्र में और शनिवार के दिन से आरंभ होना शिव भक्तों के लिए लाभकारी रहेगा। माह में चार ही सोमवार रहेंगे। मगर धनिष्ठा नक्षत्र है और द्विपुष्कर योग एक अद्भुत संयोग है। यह उन्नीस वर्ष बाद बन रहा है।
श्रावण मास की महत्वपूर्ण तिथियां
28 जुलाई से श्रावण माह शुरू, 30 जुलाई को पहला श्रावण सोमवार, 6 अगस्त को दूसरा सोमवार,11 अगस्त को हरियाली अमावस्या, 13 अगस्त को तीसरा सोमवार एवं हरियाली तीज,20 अगस्त को चौथा सोमवार, 26 अगस्त को पूर्णिमा। पिछले साल सावन 29 दिन का हुआ था।
रुद्राभिषेक संग महामृंत्जय का करें जप
स्थानीय पंडित विष्णु दत्त शास्त्री ने बताया कि पूरे तीस दिन का श्रावण मास होने के साथ ही दुर्लभ संयोग बनने के कारण शुभफलदायी रहेगा। उन्होंने बताया कि इस माह में मंगलवार का व्रत देवी पार्वती के लिए किया जाता है। इसे गौरी मंगला व्रत भी कहते हैं। इसके साथ श्रावण का व्रत रखने से भी सुख शांति कर प्राप्ति होती है। रुद्राभिषेक संग महामृत्युंजय का जप करने से कई गुना फल मिलता है।
इनसे करें भगवान शिव की पूजा
भांग, धतूरा, वेलपत्ती, वेल दाना, पीला चंदन, दूध, दही, घी, शहद, इत्र, सफेद फूल और फल से नियमित पूजा करने से भगवान शिव अति प्रसन्न होते हैं।

नेपाली महिला के पास मिली लाखों की भारतीय करेंसी

शिवरतन कुमार गुप्ता

महराजगंज : एसएसबी 50वीं वाहिनी की बीओपी बढ़नी की इंटरेक्शन टीम द्वारा जांच के दौरान एक नेपाली महिला के पास से तीन लाख पच्चीस हजार भारतीय मुद्रा बरामद की गई। महिला द्वारा रुपयों से संबंधित कोई वैध कागजात न दिखाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरा मामला कस्टम विभाग को सौंप दिया गया।

बताया जा रहा है कि महिला के पास दो हजार रुपये के 20 नोट व पांच सौ के 570 नोट सहित कुल तीन लाख पच्चीस हजार रूपये भारतीय मुद्रा बरामद हुई। जांच टीम ने जब ​महिला से पैसों के संबंध में जरूरी कागजात दिखाने के लिए कहा ​तो वह इस संबंध में कोई कागज नहीं दिखा सकी। जिसके बाद उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

एसएसबी सहायक सेनानायक गौरव कुमार सिंह के मुताबिक एसएसबी 50वीं वाहिनी की इंटरेक्शन टीम बढनी सीमा से होकर नेपाल तथा नेपाल से भारत की तरफ आने वाले लोगों की सामान्य जांच कर रही थी। इसी बीच एक महिला भारत से नेपाल की तरफ जा रही थी रोकर उसके सामानों की तलाशी ली गई तो उसके पास से यह नकदी मिली। एसएसबी जवानों द्वारा पूछताछ करने पर उस महिला ने अपना नाम शांति पत्नी कृष्णा निवासी थाती वार्ड नं.3 वाणगंगा, थाना पिपरा जिला कपिलवस्तु नेपाल बताया। उसके पास से जयपुर राजस्थान के पते का आधार कार्ड भी मिला। पूछताछ में पकड़ी गई महिला ने बताया कि उसके पति राजस्थान के जयपुर में नौकरी करते हैं और उन्होंने ही इन पैसों को उसे दिया है। इस कार्रवाई में एसएसबी की महिला कांस्टेबल ललिता, विजय कुमार, श्याम सुंदर, प्रीतम जगदाले आदि शामिल रहे।

कौन है योगी अजयनाथ ? जो बना रहता है सुर्खियों में

महराजगंज जिले के पनियरा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा विशुनपुरा के अजय यादव उर्फ योगीअजय नाथ का गोरखनाथ मंदिर से संबध रहे ना रहे, लेकिन गोरखपुर के सांसद रहे योगी आदित्य नाथ के विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लेना और उनसे आशीर्वाद लेते हुए फोटो खींचवां कर क्षेत्र में जलवा बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी गई है।

यूपी सीएम का हमशक्ल दिखता है अजयनाथ योगी

सीएम योगी की तर्ज पर जनता होती है श्रद्धावनत

क्षेत्र में यूपी के सीएम का (गोरक्षपीठाधीश्वर) उत्तराधिकारी होने का करता है दावा

गोरखपुर के सांसद रहे योगी आदित्य नाथ जैसे ही यूपी के मुख्यमंत्री बने, वैसे  ही योगी अजय नाथ द्वारा चर्चा में आने के लिए समाज सेवा से लेकर तरह- तरह के हत्थकंडे अपनाया गया। स्थानीय लोगों के कथित आरोपों के अनुसार योगी अजय नाथ द्वारा क्षेत्र के तमाम युवाओं को नौकरी दिलाने का झांसा भी दिया गया है। जिसमें कुछ युवा वर्ग नौकरी की लालच में उनके सम्पर्क में आये। जो आज अपने आप को कोष रहे हैं। इसी तरह से योगी अजय नाथ के गांव की कमलावती देवी के आरोपों की माने तो योगी अजय नाथ अपने पिता से जमीन दिलाने के नाम पर 417500 रूपये ले लिया। जिसके बदले आज तक ना तो जमीन दी और ना ही रूपये लौटाया तो महिला योगी अजय नाथ के खिलाफ जगह- जगह शिकायत करने लगी।

वहीँ पीड़ित महिला की माने तो उंची पहुंच का धौंस जमातें हुए योगी अजय नाथ जब गांव में पहुंचे तो कहा सूनी के दौरान मार पीट हो गयी। इस मामले में जहां पनियरा पुलिस ने दोनों पक्ष से एनसीआर दर्ज कर कार्रवाई का इतिश्री कर दिया वही योगी अजय नाथ का गोरखनाथ मंदिर से संबध है या नही यह जांच का विषय बना हुआ है।

लेकिन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से आशीर्वाद लेते हुए योगी अजय नाथ का फोटो सोशल मीडिया में बहुत तेजी से वायरल हो रहा है और उन तस्वीरों के आधार पर गोरखनाथ मंदिर से और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ से समबन्ध जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

नितीश कुमार ने पेश किया शराबबंदी का नया विधेयक, जानिए क्या हैं नए नियम

मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी से संबंधित नया विधेयक पेश किया है। नए विधेयक में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पहले के नियम के आधार पर नए विधेयक में थोड़ी रियायत दी गई है।

 

विधानसभा सत्र के दौरान में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी का नया विधेयक पेश करते हुए कहा कि, हमनें गरीबों के लिए शराबबंदी लागू की क्यों की बिहार में गरीब परिवारों  की कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में जा रहा था और घेरलू हिंसा बढ़ रही थी और शराब बंदी ने इससे राहत दिलाने का काम किया है।

बताया जा रहा है कि इस नए विधेयक में कई संसोधन किए गए हैं। जैसे कि पहली बार शराब पीते पकड़े जाने पर 50 हजार रुपए जुर्माना या तीन माह की सजा का प्रावधान था तो वहीं दूसरी बार पकड़े जाने पर 5 साल की सजा और 5 लाख तक का जुर्माना का प्रवाधान है। लेकिन अब नए विधेयक में होटल में शराब पीते पकड़े जाने पर पूरा परिसर नहीं सील किया जाएगा। सिर्फ वही कमरा सील होगा जिसमें शराब मिलेगी। इसके  लिए आवश्यक कार्रवाई का अधिकार जिलाधिकारी को दिया गया है ।

दरअसल बिहार में शराबबंदी 5 अप्रैल 2016 से लागू है। जबकि बिहार में मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 लागू है। वहीँ शराबबंदी के बाद बिहार में घरेलू हिंसा के मामलों में काफी कमी दर्ज की गई थी। वहीँ 12 जुलाई 2018 के आकड़ों के मुताबिक शराब से जुड़े मामलों के चलते बिहार में लगभग 6932 लोग जेलों में बंद हैं।

देव भाषा संस्कृत में बसती है हमारी सभ्यता- डा. सत्यप्रकाश मिश्र

शिवरतन कुमार गुप्ता
महराजगंज
१.आदि काल में संस्कृत हमारी मातृ भाषा रही,किन्तु पाश्चात्य सभ्यता ने इसकी विशेषता को छिन्न-भिन्न कर दिया।
२.हिन्दू धर्म ग्रन्थ की रचना संस्कृत में ही हुई हैं।
३.संस्कृत भाषा में सनातन धर्म की संस्कृति,सभ्यता एवं परम्परा खुद ब खुद बसती है।
४.पूरे भारत में यू.पी.ही इसके उत्थान के लिए किया सराहनीय पहल।
५.आज भी थोड़ी सी अध्ययन कर (मात्र 20 घण्टे) हम अच्छी तरह से संस्कृत को सिख सकते है।
६.संस्कृत सदियों पूर्व से हमारी सभ्यता एवं मातृ भाषा रही है।हमारे सभी धर्म ग्रन्थ की रचना संस्कृत में ही की गई है।जिस कारण इसको देव भाषा भी कहते हैं।लेकिन आज भारत में तेजी से पाँव पसार रहा पाश्चात्य देशों की सभ्यता ने संस्कृत को हम सबसे कोसों दूर करता जा रहा है।आज इनके बचाव,विकास एवं पुनरुत्थान की अहम जरूरत है।वरना हम सबकी सभ्यता का भी लोप हो सकता है….।
उक्त बातें  उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् लखनऊ के महराजगंज जिला प्रमुख डा. सत्यप्रकाश मिश्र ने खुटहा बाजार स्थित टैगोर इण्टरमीडिएट कॉलेज में संस्कृत की विशिष्टता,इसके स्वरूप एवं पहचान पर आयोजित कार्यक्रम में अपनी ब्याख्यान प्रस्तुत कर रहे थे।
डा. सत्यप्रकाश मिश्र  ने कहा की संस्कृत आदि काल से हमारी मातृ भाषा/देव भाषा ही नही रही है,बल्कि इसकी एक एक शब्द कोष में हमारी सभ्यता झलकती है।आज कोई संस्कृत को पढ़ना नहीं चाहता,लेकिन जबकि उसको यह नहीं पता की हमारे चार वेद (यजुर्वेद,अथर्वेद,सामवेद और ऋग्वेद) सहित छः शास्त्र और अट्ठारह महापुराणों की भी रचना इसी देव भाषा में ही की गई।श्रीमद्भगवद्गीता और महाभारत के आलावा रामायण जैसे काब्य ग्रन्थ की भी रचना इसी भाषा में लिखी गई है।महाराज विक्रमादित्य के शासन काल में सभी कार्य एवं बोलचाल संस्कृत में ही रही है।लेकिन आज हम सब पर पाश्चात्य देशों की सभ्यता हावी होने की वजह से जहां हम अपनी मातृ भाषा भूलते जा रहे हैं वहीं सभ्यता भी पीछे छूटती जा रही है।
संतकबीरनगर के मुख्य प्रशिक्षक श्री यज्ञनारायण पाण्डेय ने कहा की हमारे धर्मग्रन्थों में जन्मभूमि की जिस तरह से माता का दर्जा दिया गया है उसी तरह संस्कृत को देव वाणी कहा गया है।इसको संरक्षित करने के लिए विद्यार्थियों को उत्सुक होना होगा।आज भारत में करीब करीब 17 भाषाएँ बोली जाती हैं,लेकिन लोग देववाणी से दूर होते जा रहे हैं।जिस कारण हम सबके बीच से सभ्यता भी बिलुप्त होती ज रही है।इसके मात्र 20 घण्टे के परिश्रम मात्र से शुद्ध संस्कृत का अध्ययन आसानी से किया जा सकता है।किन्तु इसके लिए एकाग्रता और जिज्ञासा की अहम जरूरत है।सहायक प्रमुख  दिवाकर मणि त्रिपाठी  ने कॉलेज प्रशासन को संस्कृत की अध्यापन कराए जाने पर जोर दिया।और कहा की सुबह शाम की ईश प्रार्थना और दोपहर  (भोजनावकाश) की प्रार्थना भी संस्कृत में करायी जाए।यह कार्यक्रम (उत्तर प्रदेश संस्कृत संस्थानम् लखनऊ) उत्तरप्रदेश सरकार द्वारा संस्कृत भाषा को विकास देने एवं इसके संरक्षण पर संचालित किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारम्भ खुटहा बाजार के ग्रामप्रधान प्रतिनिधि मुख्यअतिथि श्री मख्खु प्रसाद ने  माँ सरस्वती के चित्र के सम्मुख दिप प्रज्वलन एवं माल्यार्पण कर किया तथा संचालन  टैगोर इंटरमीडिएट कॉलेज खुटहा बाजार के डायरेक्टर सतीशचन्द्र मिश्रा ने किया।जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज के चीफ मैनेजर  कौशल किशोर चौरसिया ने किया।
इस मौके पर फुलेश्वर प्रसाद,घनश्याम राव,दिलीप कुमार,सुरेश प्रसाद,सत्यनारायण वर्मा,तृषणा शाही,नीलम,रामनरायन सपन सहित कॉलेज के सभी अध्यापक बन्धु एवं छात्र छात्राएं मौजूद रहे।यह कार्यक्रम कॉलेज में पूरे एक पखवारे तक चलेगा।कार्यक्रम के अंत में कौशल किशोर चौरसिया ने प्रशिक्षक बंधुओं एवं मुख्य अतिथि को हार्दिक आभार प्रकट किया।

सांसद पंकज चौधरी ने महराजगंज में किया कृत्रिम अंग वितरण शिविर का उद्घाटन

शिवरतन कुमार गुप्ता  

महराजगंज: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तत्वाधान में विकास भवन में कृत्रिम अंग एवम उपकरण वितरण शिविर का विधिवत उद्घाटन सांसद पंकज चौधरी, सदर विधायक जयमंगल कन्नौज्जिया व जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यर्पण कर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विभाग के अधिकारियों ने बैज लगाकर व माला पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया।

इस मौके पर मुख्य अतिथि सांसद पंकज चौधरी ने कहा कि “दिव्यांग लोग भी आम लोगों की तरह अपना जीवन जीते है उन्हें हींन भावना से नही देखा जाना चाहिए।” दिव्यांगजनो को शिविर के माध्यम से सभी दिव्यांगों को उनके जरूरत के हिसाब से उपकरण देने की योजना हमारी सरकार चला रही है। एक वर्ष पूर्व हम लोगो ने कैम्प लगाकर दिव्यांग जनों का परीक्षण कराया था और पंजीकरण कराया था ,जल्द ही एक बड़े कार्यक्रम में दिव्यांगजनो को कृत्रिम उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा।

वहीँ सदर विधायक जयमंगल कन्नौज्जिया ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने विकलांग शब्द को बदल कर दिव्यांग क्यो किया क्योंकि हमारे यह भाई हर मामले में हमारे बराबर है। अभी कुछ दिन पूर्व हमारी दिव्यांग बहन ने एवरेशट फतह किया है। दिव्यांगजनो के  लिए  हमारी सरकार भी गंभीर है। साथ ही जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने भी उपस्थित दिव्यांगजनो व उपस्थित जनसमुदाय को सबोधित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राम सिंघासन प्रेम, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी के अलावा तंमाम दिव्यांग व उनके परिजन मौजूद रहे। इस अवसर पर भाजपा नेता ओम प्रकाश वर्मा, भाजयुमो जिला महामंत्री दिनेश जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि जगदीश मिश्रा, रविंदर चौबे आदि लोग उपस्थित रहे।

कर्नाटक की गठबंधन सरकार पर छाया संकट, बढ़ी एचडी कुमारस्वामी की मुश्किलें

कर्नाटक की राजनीति इन दिनों सुर्ख़ियों में है। बीते दिनों राज्य में संपन्न हुए चुनावों के बाद पहले तो सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जबरदस्त जंग देखने को मिली, फिर मंत्रिमंडल में पद को लेकर खींचतान और अब आगामी बजट को लेकर कांग्रेस और जेडी (एस) आमने सामने हैं।

सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक में गठबंधन सरकार को मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है,क्योंकि राज्य में मौजूदा एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली सरकार को लेकर कांग्रेसी नेता असंतुष्ट नजर आ रहें हैं। ऐसे में कांग्रेस के ज्यादातर नाराज विधायकों के बीजेपी के संपर्क में आने से एचडी कुमारस्वामी सरकार के लिए बड़ा संकट पैदा हो गया है। अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि आगामी 5 जुलाई को एचडी कुमारस्वामी सरकार के बजट पेश करने से पहले सरकार गिराने के प्रयास किये जा सकतें हैं। 

एक तरफ जहाँ कांग्रेस राज्य के लिए पूरक बजट की बात कह रही है, वहीँ दूसरी तरफ जेडी (एस) का कहना है कि नई सरकार के आगे की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए नए बजट की जरूरत है। दरअसल बीते दिनों कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस-जेडी (एस) समन्वय समिति के अध्यक्ष सिद्धारमैया ने नया पूर्ण बजट पेश करने पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसकी कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वे कुछ महीने पहले बतौर मुख्यमंत्री के रूप में बजट पेश कर चुके हैं। ऐसे में उन्होंने कुमारस्वामी को सलाह दी है कि अगर वह कुछ परियोजनाएं लाना चाहते हैं और कुछ नए कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं तो वे पूरक बजट ला सकते हैं। 


वहीँ दूसरी तरफ सिद्धरमैया के सुझाव पर मौजूदा मुख्यमंत्री  कुमारस्वामी ने कहा कि नई सरकार को लोगों को अपना लक्ष्य प्रदर्शित करना होता है। वह इस मामले को लेकर जल्द ही राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। साथ ही कुमारस्वामी का ये भी कहना है जब नई सरकार आती है तो उसे जनता को अपने लक्ष्य प्रदर्शित करने होते हैं। ऐसे में हम पूरक बजट पेश करके खुद को दायरे में नहीं रख सकते, क्योंकि सरकार के सामने काफी चुनौतियां हैं। साथ ही कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चुनाव के बाद कोई नई सरकार बनती है तो नया बजट पेश होना चाहिए। 

भगवा टाइल्स पर भड़के योगी, अधिकारियों को लगाई फटकार

उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही सूबे में भगवा रंग सुर्ख़ियों में है। ताजा मामला हरदोई का है जहाँ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से ही पहले वहां टॉयलेट की टाइल्स तक को ही भगवा रंग दे दिया गया। लेकिन जैसे ही मामला सुर्ख़ियों में आया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जिसके बाद प्रशासन ने फुर्ती दिखाते हुए तुरंत ही भगवा टाइल्स को हटा कर  दुबारा सफेद टाइल्स लगवा दी।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरदोई दौरे के मध्येनजर अधिकारीयों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर तो भगवा पर्दे लगाए ही गए हैं, लेकिन टॉयलेट में लगी टाइल्स तक को भगवा रंग दे दिया गया था।

वैसे यह कोई पहला मामाला नहीं है जब भगवा रंग को लेकर बवाल मचा हो। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से ही नई कवायद के तहत लखनऊ में सचिवालय के साथ-साथ तमाम सरकारी इमारतों को भगवा रंग से रंग से रंग गया था। यहाँ तक की विद्यालय की इमारतें भी इससे अछूती नहीं रहे, सरकारी स्कूल भी भगवा रंग में पुते नजर आये। जिसके बाद योगी सरकार की जमकर फजीहत हुई थी। हालाकिं विपक्ष द्वारा मुद्दे को तूल देने के बाद गलती स्वीकार करते हुए प्रशासन ने फिर से इन इमारतों को पुराना स्वरुप लौटा दिया था।

जगन्नाथ मंदिर के खजाने की चाबी हुई गायब, मचा हड़कम

पुरी का जगन्नाथ मंदिर एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। लेकिन इस बार वजह खजाना नहीं बल्कि खजाने की चाबी है। कथित तौर पर बताया जा रहा है कि यहां के खजाने की चाबी गायब हो गई है। जिसके चलते पुरी के शंकराचार्य और राज्य में विपक्षी दल बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है।

सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि यह चाबी तब से गायब है जब ओडिशा उच्च न्यायालय के आदेश पर 4 अप्रैल को 34 साल बाद जांच के लिए टीम यहां आई थी है। वहीँ श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य रामचंद्र दास महापात्रा ने भी रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष की चाभी गायब होने की बात कही है। रामचंद्र दास महापात्रा के अनुसार चाबी ना तो श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन के पास है और ना ही पुरी जिला कोषागार को इसके बारे में पता है ।

वहीँ दूसरी तरफ मंदिर की चाबी को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने इस घटना के लिए ओडिशा सरकार की आलोचना की है। जबकि  वहीं बीजेपी ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इस घटना पर स्पष्टीकरण माँगा है। उड़ीसा बीजेपी के प्रवक्ता पीतांबर आचार्य का कहना है कि, ‘मुख्यमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि चाबी कैसे गायब हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

दरअसल पुरी का जगन्नाथ मंदिर हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि 12 वीं शताब्दी से इस खजाने को लूटने 18 बार मंदिर पर हमला किया गया, लेकिन कोई लूट नहीं पाया। इस मंदिर में 7 कक्ष हैं, जिनमें से केवल 3 मंदिर द्वार खोले गए हैं।

मैक्सिकों में हुई ट्रक और बस की टक्कर, 10 लोगों की मौत

मैक्सिकों के टलाक्सकाला में एक ट्रक और बस की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई हैं। साथ ही न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने इस दुर्घटना में कम से कम 11 लोगों के घायल होने की खबर दी है।

वहीँ इस भीषण दुर्घटना पर का कहना है कि ट्रक के ब्रेक फेल होने से  वह बस से जा टकराई, जिसमें से आठ यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो लोगों ने अस्पताल के रास्ते में दम तोड़ दिया। बताया जा रहा हैं कि इस ट्रक में निर्माणाधीन सामग्री रखी हुई थी।