







शिवरतन कुमार गुप्ता
महराजगंज : एसएसबी 50वीं वाहिनी की बीओपी बढ़नी की इंटरेक्शन टीम द्वारा जांच के दौरान एक नेपाली महिला के पास से तीन लाख पच्चीस हजार भारतीय मुद्रा बरामद की गई। महिला द्वारा रुपयों से संबंधित कोई वैध कागजात न दिखाए जाने पर उसके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पूरा मामला कस्टम विभाग को सौंप दिया गया।

बताया जा रहा है कि महिला के पास दो हजार रुपये के 20 नोट व पांच सौ के 570 नोट सहित कुल तीन लाख पच्चीस हजार रूपये भारतीय मुद्रा बरामद हुई। जांच टीम ने जब महिला से पैसों के संबंध में जरूरी कागजात दिखाने के लिए कहा तो वह इस संबंध में कोई कागज नहीं दिखा सकी। जिसके बाद उसके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
एसएसबी सहायक सेनानायक गौरव कुमार सिंह के मुताबिक एसएसबी 50वीं वाहिनी की इंटरेक्शन टीम बढनी सीमा से होकर नेपाल तथा नेपाल से भारत की तरफ आने वाले लोगों की सामान्य जांच कर रही थी। इसी बीच एक महिला भारत से नेपाल की तरफ जा रही थी रोकर उसके सामानों की तलाशी ली गई तो उसके पास से यह नकदी मिली। एसएसबी जवानों द्वारा पूछताछ करने पर उस महिला ने अपना नाम शांति पत्नी कृष्णा निवासी थाती वार्ड नं.3 वाणगंगा, थाना पिपरा जिला कपिलवस्तु नेपाल बताया। उसके पास से जयपुर राजस्थान के पते का आधार कार्ड भी मिला। पूछताछ में पकड़ी गई महिला ने बताया कि उसके पति राजस्थान के जयपुर में नौकरी करते हैं और उन्होंने ही इन पैसों को उसे दिया है। इस कार्रवाई में एसएसबी की महिला कांस्टेबल ललिता, विजय कुमार, श्याम सुंदर, प्रीतम जगदाले आदि शामिल रहे।
मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने बिहार में शराबबंदी से संबंधित नया विधेयक पेश किया है। नए विधेयक में कुछ अहम बदलाव किए गए हैं। सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि पहले के नियम के आधार पर नए विधेयक में थोड़ी रियायत दी गई है।

विधानसभा सत्र के दौरान में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शराबबंदी का नया विधेयक पेश करते हुए कहा कि, हमनें गरीबों के लिए शराबबंदी लागू की क्यों की बिहार में गरीब परिवारों की कमाई का बड़ा हिस्सा शराब में जा रहा था और घेरलू हिंसा बढ़ रही थी और शराब बंदी ने इससे राहत दिलाने का काम किया है।

बताया जा रहा है कि इस नए विधेयक में कई संसोधन किए गए हैं। जैसे कि पहली बार शराब पीते पकड़े जाने पर 50 हजार रुपए जुर्माना या तीन माह की सजा का प्रावधान था तो वहीं दूसरी बार पकड़े जाने पर 5 साल की सजा और 5 लाख तक का जुर्माना का प्रवाधान है। लेकिन अब नए विधेयक में होटल में शराब पीते पकड़े जाने पर पूरा परिसर नहीं सील किया जाएगा। सिर्फ वही कमरा सील होगा जिसमें शराब मिलेगी। इसके लिए आवश्यक कार्रवाई का अधिकार जिलाधिकारी को दिया गया है ।
दरअसल बिहार में शराबबंदी 5 अप्रैल 2016 से लागू है। जबकि बिहार में मद्य निषेध और उत्पाद अधिनियम 2016 लागू है। वहीँ शराबबंदी के बाद बिहार में घरेलू हिंसा के मामलों में काफी कमी दर्ज की गई थी। वहीँ 12 जुलाई 2018 के आकड़ों के मुताबिक शराब से जुड़े मामलों के चलते बिहार में लगभग 6932 लोग जेलों में बंद हैं।




शिवरतन कुमार गुप्ता
महराजगंज: दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के तत्वाधान में विकास भवन में कृत्रिम अंग एवम उपकरण वितरण शिविर का विधिवत उद्घाटन सांसद पंकज चौधरी, सदर विधायक जयमंगल कन्नौज्जिया व जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यर्पण कर व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विभाग के अधिकारियों ने बैज लगाकर व माला पहनाकर अतिथियों का स्वागत किया।

इस मौके पर मुख्य अतिथि सांसद पंकज चौधरी ने कहा कि “दिव्यांग लोग भी आम लोगों की तरह अपना जीवन जीते है उन्हें हींन भावना से नही देखा जाना चाहिए।” दिव्यांगजनो को शिविर के माध्यम से सभी दिव्यांगों को उनके जरूरत के हिसाब से उपकरण देने की योजना हमारी सरकार चला रही है। एक वर्ष पूर्व हम लोगो ने कैम्प लगाकर दिव्यांग जनों का परीक्षण कराया था और पंजीकरण कराया था ,जल्द ही एक बड़े कार्यक्रम में दिव्यांगजनो को कृत्रिम उपकरण उपलब्ध कराया जाएगा।

वहीँ सदर विधायक जयमंगल कन्नौज्जिया ने बतौर विशिष्ट अतिथि कहा कि हमारे प्रधानमंत्री जी ने विकलांग शब्द को बदल कर दिव्यांग क्यो किया क्योंकि हमारे यह भाई हर मामले में हमारे बराबर है। अभी कुछ दिन पूर्व हमारी दिव्यांग बहन ने एवरेशट फतह किया है। दिव्यांगजनो के लिए हमारी सरकार भी गंभीर है। साथ ही जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय ने भी उपस्थित दिव्यांगजनो व उपस्थित जनसमुदाय को सबोधित किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी राम सिंघासन प्रेम, उप मुख्य चिकित्साधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी के अलावा तंमाम दिव्यांग व उनके परिजन मौजूद रहे। इस अवसर पर भाजपा नेता ओम प्रकाश वर्मा, भाजयुमो जिला महामंत्री दिनेश जायसवाल, सांसद प्रतिनिधि जगदीश मिश्रा, रविंदर चौबे आदि लोग उपस्थित रहे।
कर्नाटक की राजनीति इन दिनों सुर्ख़ियों में है। बीते दिनों राज्य में संपन्न हुए चुनावों के बाद पहले तो सरकार बनाने को लेकर बीजेपी और कांग्रेस के बीच जबरदस्त जंग देखने को मिली, फिर मंत्रिमंडल में पद को लेकर खींचतान और अब आगामी बजट को लेकर कांग्रेस और जेडी (एस) आमने सामने हैं।

सूत्रों के मुताबिक कर्नाटक में गठबंधन सरकार को मंत्रियों और विधायकों की नाराजगी झेलनी पड़ रही है,क्योंकि राज्य में मौजूदा एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली सरकार को लेकर कांग्रेसी नेता असंतुष्ट नजर आ रहें हैं। ऐसे में कांग्रेस के ज्यादातर नाराज विधायकों के बीजेपी के संपर्क में आने से एचडी कुमारस्वामी सरकार के लिए बड़ा संकट पैदा हो गया है। अटकलें लगाई जा रहीं हैं कि आगामी 5 जुलाई को एचडी कुमारस्वामी सरकार के बजट पेश करने से पहले सरकार गिराने के प्रयास किये जा सकतें हैं।

एक तरफ जहाँ कांग्रेस राज्य के लिए पूरक बजट की बात कह रही है, वहीँ दूसरी तरफ जेडी (एस) का कहना है कि नई सरकार के आगे की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए नए बजट की जरूरत है। दरअसल बीते दिनों कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस-जेडी (एस) समन्वय समिति के अध्यक्ष सिद्धारमैया ने नया पूर्ण बजट पेश करने पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि इसकी कोई जरूरत नहीं है, क्योंकि वे कुछ महीने पहले बतौर मुख्यमंत्री के रूप में बजट पेश कर चुके हैं। ऐसे में उन्होंने कुमारस्वामी को सलाह दी है कि अगर वह कुछ परियोजनाएं लाना चाहते हैं और कुछ नए कार्यक्रम शुरू करना चाहते हैं तो वे पूरक बजट ला सकते हैं।

वहीँ दूसरी तरफ सिद्धरमैया के सुझाव पर मौजूदा मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि नई सरकार को लोगों को अपना लक्ष्य प्रदर्शित करना होता है। वह इस मामले को लेकर जल्द ही राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे। साथ ही कुमारस्वामी का ये भी कहना है जब नई सरकार आती है तो उसे जनता को अपने लक्ष्य प्रदर्शित करने होते हैं। ऐसे में हम पूरक बजट पेश करके खुद को दायरे में नहीं रख सकते, क्योंकि सरकार के सामने काफी चुनौतियां हैं। साथ ही कुमारस्वामी ने सिद्धारमैया के एक बयान का जिक्र करते हुए कहा कि अगर चुनाव के बाद कोई नई सरकार बनती है तो नया बजट पेश होना चाहिए।
उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही सूबे में भगवा रंग सुर्ख़ियों में है। ताजा मामला हरदोई का है जहाँ पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे से ही पहले वहां टॉयलेट की टाइल्स तक को ही भगवा रंग दे दिया गया। लेकिन जैसे ही मामला सुर्ख़ियों में आया तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जमकर फटकार लगाई। जिसके बाद प्रशासन ने फुर्ती दिखाते हुए तुरंत ही भगवा टाइल्स को हटा कर दुबारा सफेद टाइल्स लगवा दी।

दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हरदोई दौरे के मध्येनजर अधिकारीयों द्वारा कार्यक्रम स्थल पर तो भगवा पर्दे लगाए ही गए हैं, लेकिन टॉयलेट में लगी टाइल्स तक को भगवा रंग दे दिया गया था।

वैसे यह कोई पहला मामाला नहीं है जब भगवा रंग को लेकर बवाल मचा हो। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद से ही नई कवायद के तहत लखनऊ में सचिवालय के साथ-साथ तमाम सरकारी इमारतों को भगवा रंग से रंग से रंग गया था। यहाँ तक की विद्यालय की इमारतें भी इससे अछूती नहीं रहे, सरकारी स्कूल भी भगवा रंग में पुते नजर आये। जिसके बाद योगी सरकार की जमकर फजीहत हुई थी। हालाकिं विपक्ष द्वारा मुद्दे को तूल देने के बाद गलती स्वीकार करते हुए प्रशासन ने फिर से इन इमारतों को पुराना स्वरुप लौटा दिया था।
पुरी का जगन्नाथ मंदिर एक बार फिर सुर्ख़ियों में है। लेकिन इस बार वजह खजाना नहीं बल्कि खजाने की चाबी है। कथित तौर पर बताया जा रहा है कि यहां के खजाने की चाबी गायब हो गई है। जिसके चलते पुरी के शंकराचार्य और राज्य में विपक्षी दल बीजेपी ने कड़ा विरोध जताया है।

सूत्रों के मुताबिक कहा जा रहा है कि यह चाबी तब से गायब है जब ओडिशा उच्च न्यायालय के आदेश पर 4 अप्रैल को 34 साल बाद जांच के लिए टीम यहां आई थी है। वहीँ श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य रामचंद्र दास महापात्रा ने भी रत्न भंडार के आंतरिक कक्ष की चाभी गायब होने की बात कही है। रामचंद्र दास महापात्रा के अनुसार चाबी ना तो श्री जगन्नाथ मंदिर प्रबंधन के पास है और ना ही पुरी जिला कोषागार को इसके बारे में पता है ।

वहीँ दूसरी तरफ मंदिर की चाबी को लेकर सियासत भी शुरू हो गई है. पुरी के शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने इस घटना के लिए ओडिशा सरकार की आलोचना की है। जबकि वहीं बीजेपी ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से इस घटना पर स्पष्टीकरण माँगा है। उड़ीसा बीजेपी के प्रवक्ता पीतांबर आचार्य का कहना है कि, ‘मुख्यमंत्री को स्पष्टीकरण देना चाहिए कि चाबी कैसे गायब हुई और इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

दरअसल पुरी का जगन्नाथ मंदिर हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। ऐसा माना जाता है कि 12 वीं शताब्दी से इस खजाने को लूटने 18 बार मंदिर पर हमला किया गया, लेकिन कोई लूट नहीं पाया। इस मंदिर में 7 कक्ष हैं, जिनमें से केवल 3 मंदिर द्वार खोले गए हैं।
मैक्सिकों के टलाक्सकाला में एक ट्रक और बस की टक्कर में 10 लोगों की मौत हो गई हैं। साथ ही न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने इस दुर्घटना में कम से कम 11 लोगों के घायल होने की खबर दी है।
वहीँ इस भीषण दुर्घटना पर का कहना है कि ट्रक के ब्रेक फेल होने से वह बस से जा टकराई, जिसमें से आठ यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि दो लोगों ने अस्पताल के रास्ते में दम तोड़ दिया। बताया जा रहा हैं कि इस ट्रक में निर्माणाधीन सामग्री रखी हुई थी।